कपिल मुनि ने दिया अपनी माता को शास्त्र का उपदेश

[object Promise]
कुशीनगर : पडरौना नगर के बेलवा बेलवा चुंगी स्थित सायरी माता के प्रांगण में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन वृंदावन से पधारे कथा वाचिका साध्वी श्यामलता जी ने कहा कि कन्याओं के जन्म के बाद भगवान कपिल मुनि का जन्म हुआ। अपनी माता देहुति को शास्त्र का उपदेश दिया और आचार्य ऋषि जी ने मनु पुत्र उत्तानपाद जिनकी पुत्र ध्रुव की कथा सुनाई जो ध्रुव ने भगवान को 5 वर्ष की आयु में 6 महीने के अंदर भगवन के दर्शन प्राप्त कर लिए।
उसका मुख्य कारण ध्रुव की माता सुनिती का उपदेश था,जिन्होंने अपने पुत्र को धर्म और संस्कार की रक्षा करते हुए सौतेली मां से ईश्या-द्वेष न करने की शिक्षा दी। उन्होंने ने कहा कि मनुष्य को अच्छे कर्म करना चाहिए जिससे भगवान का सानिध्य प्राप्त हो सकें। कथा शुरू होने से बतौर मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए मुख्य अतिथि पूर्वांचल ब्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सैनी ने पुष्प अर्पित करके नमन किया।
इस अवसर पर  पूर्वांचल व्यापार मंडल के महामंत्री पप्पू सोनी,कथा आयोजक दयानन्द वर्मा,अजय बहादुर सिंह,गेना गुप्ता,हेमंत लाल श्रीवास्तव,देवेश मिश्र,छोटेलाल चौहान,सोना जायसवाल,अरूण मिश्र,पूर्वांचल व्यापार मंडल के मीडिया प्रभारी जीवन देव बर्मा आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *