
रिपोर्ट:हर्ष यादव
मुसाफिरखाना/अमेठी। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुसाफिरखाना अमेठी में नई शिक्षा नीति-2020के अधीन ऑनलाइन एवं डिज़िटल शिक्षा का न्याय संगत उपयोग और विस्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने हेतु सुझाव विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसकी संरक्षक डॉ. वंदना शर्मा शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा उतर प्रदेश प्रयागराज रही।मुख्य अतिथि डॉ. हीरेन्द्र प्रताप सिंह एवं डॉ. राजीव पांडेयसंयुक्त शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा थे।इस वेबिनार के विशिष्ट अतिथि प्रो.के.एन. एस. यादव पूर्व कुलपति उत्तर भारत राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी रीवा मध्य प्रदेश ने मुख्य वक्ता का निर्वाहन किया। कोविद-19 के इस युग मे नई शिक्षा नीति में ऑनलाइन एवं डिजिटल शिक्षा को छात्र-छात्राओं के लिए कैसे उपयोगी और व्यवहारिक बनाया जाय इस बिंदु पर आप केंद्रित रहे।इस वेबिनार में डॉ.रमेशधर द्विवेदी डीन फैकेल्टी ऑफ एजुकेशन, यूपी कॉलेज वाराणसी ने आटा और डाटा उक्ति के माध्यम से गरीब बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा की दुर्लभता पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा तभी सार्थक हो सकती है जब ऑफलाइन शिक्षा तैयारी पूरी निष्ठा से की जाये। इस तरह एक दिवसीय वेबिनार में डॉक्टर आरके श्रीवास्तव एसोसिएट प्रोफेसर एंड हेड डिपार्मेंट ऑफ इंग्लिस राजकीय महाविद्यालय धारा कुशीनगर, डॉ धर्मेंद्र शर्राफा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मध्यप्रदेश डॉ. सीताराम पाल असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस वेबिनार में प्राचार्य प्रधानाध्यापक शोध छात्र प्रोफेशनल तथा सैकड़ो विद्यार्थी शामिल हुए वेबिनार के आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर के सी वर्मा वेबिनार संयोजक डॉ नीलम मौर्य सहसंयोजक डॉक्टर आर एस यादव डॉ जे पी पटेल एवं प्रोफेसर केएल भारती रहे आयोजन सचिव प्रोफेसर रवि राज वर्मा एचआर यादव प्रोफेसर नवीन तिवारी एवं डॉ मनोज कुमार ने विशेष योगदान प्रदान किया। वेबिनार के तकनीकी सहायक श्री राधेश्याम सिंह कुशवाहा एवं श्री रवि प्रकाश रहे इस वेबिनार के सचिव प्रोफेसर एचआर यादव ने बताया कि वेबिनार का सारांश तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। जिससे सरकार को नई शिक्षा नीति लागू किए जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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