नई दिल्ली: एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने अपनी चंद हसरतों को पूरा करने के लिए एयरफोर्स के नाम को बदनाम कर रहा था. दरअसल, यह मामला कानपुर के चकेरी एयरफोर्स स्टेशन का है. यह अधिकारी चकेरी एयरफोर्स स्टेशन के लैंड डिपार्टमेंट में बतौर एलडीसी तैनात था. चकेरी एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात इस अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक फैक्टरी के मालिक से लाखों रुपए की रिश्वत मांगी थी. रिश्वत न देने पर कानपुर विकास प्राधिकरण की मदद से फैक्टरी को गिराने की धमकी दे रहा था. सीआईएसएफ ने चकेरी एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात इस अधिकारी को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है. चकेरी एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात इस अधिकारी के साथ सीबीआई ने कानपुर विकास प्राधिकरण के एक असिस्टेंट इंजीनियर को भी गिरफ्तार किया है.
लेदर एक्सपोर्ट फैक्टरी के मालिक से मांगी थी 15 लाख की रिश्वत
सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सेंट्रल ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन (सीबीआई) ने इंडियन एयरफोर्स स्टेशन चकेरी में बतौर एलडीसी तैनात अधिकारी सहित कानपुर विकास प्राधिकरण के असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ एक लाख रुपए की रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि इनके खिलाफ पीसी एक्ट 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि कानपुर में लेदर एक्सपोर्ट फैक्टरी चलाने वाले एक शख्स ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात यह अधिकारी उससे 15 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा है. उसने बताया कि उसने एयरफोर्स स्टेशन के लैंड डिपार्टमेंट में अपनी फैक्टरी के लिए नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन दिया था.
जांच में मिली केडीए के इंजीनियर की संलिप्तता
इस आवेदन को पास करने के एवज में एयरफोर्स स्टेशन में तैनात यह अधिकारी उससे 15 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा है. रिश्वत नहीं देने पर उसने धमकी दी है कि वह कानपुर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी की मदद से उसकी फैक्टरी को तुड़वा देगा. सीबीआई ने शिकायत के आधार पर अपना जाल बिछाया और एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए एयरफोर्स स्टेशन के इस अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान कानपुर विकास प्राधिकरण के असिस्टेंट इंजीनियर का इस मामले में संलिप्तता पाई गई. जिसके बाद इस असिस्टेट इंजीनियर को भी गिरफ्तार कर लिया गया. सीबीआई ने दोनों आरोपियों को आज लखनऊ की कोर्ट समक्ष पेश किया है.
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