नई दिल्ली । दिल्ली के निजी स्कूलों में दाखिला की दौड़ शनिवार से शुरू होने जा रही है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की तरफ से बुधवार तक राजधानी के 1700 निजी स्कूलों को अपने दाखिले के पाइंट एवं दाखिला से जुड़ी तमाम जानकारियों को निदेशालय की वेबसाइट में अपलोड कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार तक केवल 25 स्कूलों ने ही अपनी वेबसाइट पर पाइंड क्राइटेरिया अपलोड किए हैं। 17 फरवरी तक सभी स्कूलों को शिक्षा निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दाखिला मानदंड अपलोड करने होंगे। वहीं, आवेदन प्रक्रिया 18 फरवरी से शुरू हो जाएगी।
शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निदेशालय ने 9 फरवरी को नर्सरी दाखिले से संबंधित जानकारी साझा की थी। जिसके बाद से स्कूलों ने अपनी वेबसाइट पर दाखिला मानदंड अपलोड करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह निदेशालय ने जिन 50 दाखिला मापदंडो को लेकर मनाही की है वो इस बार भी जारी रहेगी। निदेशालय द्वारा तय किए गए ये पाइंट दाखिले में शामिल नहीं होंगे।
नेबरहुड, सिबलिंग और एल्युमनाई को मिले ज्यादा अंक
एडमिशन नर्सरी डाट काम के संस्थापक सुमित वोहरा ने बताया कि इस बार जिन स्कूलों ने अपनी वेबसाइट पर दाखिले से जुड़ा पाइंट क्राइटेरिया अपलोड किया है उसमें सबसे ज्यादा अंक नेबरहूड (स्कूल से घर की दूरी), सिबलिंग (भाई-बहन यदि कोई स्कूल में पढ़ रहा है तो) और एल्युमिनाई को दिए हैं। ऐसे में उम्मीद है बाकि स्कूल भी इसी पाइंट पर ज्यादा अंक तय करें। उन्होंने कहा कि इन पाइंट क्राइटेरिया का अभिभावक दाखिले के लिए ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।
तैयार कर लें सूची
इस बार दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। इसमें अभिभावकों को 18 फरवरी से पूरी तरह से दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भरकर ऑनलाइन ही जमा कराना है। लेकिन फिर भी कई स्कूलों ने दाखिला फार्म तो ऑनलाइन उपलब्ध कराने को कहा है लेकिन अभिभावकों को उस फार्म को घर पर प्रिंट कर पेन से भरकर स्कूल में जमा करने को कहा है। ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक सभी स्कूलों के दाखिला मानदंड अपलोड हो जाने के बाद दो अलग-अलग सूची तैयार कर लें।
पहली सूची में अपने घर से आसपास के उन सभी स्कूलों का नाम लिख ले जो ऑफलाइन माध्यम से दाखिला फार्म जमा कराने को कह रहे हो। वहीं, दूसरी सूची में उन स्कूलों का नाम रखे जो आनलाइन ही दाखिला फार्म जमा कर रहे हों। इसमें अभिभावक प्राथमिकता पर पहली सूची को रखे जिसमें स्कूल जाकर फार्म जमा करने हो। सबसे पहले इन स्कूलों का फार्म प्रिंट निकाल कर भर ले और फिर माता-पिता एक या दो दिन की छुट्टी लेकर इन स्कूलों में जाकर फार्म जमा कर दे। इसके बाद घर बैठकर ऑनलाइन माध्यम से दाखिला फार्म जमा करने वाले स्कूलों का फार्म भर दे। अभिभावक चार मार्च तक अपने पसंद के एक या एक से ज्यादा स्कूलों में दाखिला फार्म भर सकते हैं।
स्कूल करें मनमानी तो जिला उप शिक्षा निदेशक से करें शिकायत
अभिभावकों की दाखिले से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया गया है। इसमें स्कूलों के नर्सरी दाखिला से जुड़े पाइंट सिस्टम को लेकर जिला स्तर पर निगरानी होगी। निगरानी समिति की अध्यक्षता डीडीई (जिला उपशिक्षा निदेशक) करेंगे। इस समिति के पास कार्रवाई के लिए पूरे अधिकार हैं। जिसमें जिला उपशिक्षा निदेशकों के पास अभिभावक फीस में बढ़ोतरी, डोनेशन, विभाग के निर्देशों को ना मानने जैसी शिकायत यहां पर दर्ज करा सकते हैं। स्कूल अगर दाखिला प्रक्रिया से जुड़ी कोई मनमानी करे या शिक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों का पालन न करे तो अभिभावक इस समिति को सूचित कर सकते हैं। इसके साथ ही अभिभावक अपनी समस्याओं के लिए दिल्ली के अभिभावक संघ से भी संपर्क कर सकते हैं।
इन दस्तावेजों को रखें तैयार
जन्म प्रमाण पत्र (निगम या किसी भी समकक्ष मान्यता की अथॉरिटी से जारी प्रमाण पत्र)।
- रिहायशी प्रमाण पत्र (पासपोर्ट, बिजली का बिल, आधार कार्ड, टेलीफोन का बिल, पानी का बिल, वोटर आइडी)
- लड़की है या पहला बच्चा है तो इस स्थिति में अभिभावकों की ओर से सर्टिफिकेट तैयार करें या इनका हलफनामा
- अकेले ही अभिभावक हैं तो इसका देना होगा हलफनामा
- सगे भाई-बहन मामले में पहले से स्कूल में पढ़ रहे बच्चे के आइडी कार्ड की फोटोकापी
- विशेष छात्र होने पर संबंधित प्रमाणपत्र
- स्थानांतरण मामले के संबंधित दस्तावेज
- छात्र के साथ अभिभावकों के पासपोर्ट साइज फोटो
- एल्युमनाई के मामले में एल्युमनाई कार्ड
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के अभिभावकों का आय प्रमाण पत्र (ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर व ओबीसी)
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (सरकारी अस्पताल का) व टीकाकरण कार्ड।
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