एक मंच से विपक्ष ने ‘नोटबंदी’ को बताया अब तक का सबसे बड़ा SCAM, जारी किया वीडियो

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नई दिल्ली । नोटबंदी को सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को एक वीडियो जारी की. इस वीडियो में दिखाया गया है कि 31 दिसंबर के बाद भी नोट बदले जा रहे थे । हालांकि, विपक्षी पार्टियों ने इस वीडियो की पुष्टि नहीं की. नोटबंदी के खिलाफ आज समूचे विपक्ष ने सांझा प्रैस कांफ्रेंस की।

इस प्रैस कांफ्रेंस में विपक्षी नेताओं को नोटबंदी को अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए एक वीडियो जारी किया। विपक्ष द्वारा जारी वीडियो में दावा किया जा रहा है कि 31 दिसंबर 2016 के बाद भी बीजेपी के कई कार्यकर्ताओं की मदद से नोट बदले जा रहे थे। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, रणदीप सुरजेवाला, अहमद पटेल, गुलाम नबी आज़ाद, मल्लिकार्जुन खडग़े, राजद के मनोज झा, शरद यादव शामिल रहे।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि कुछ चौकीदारों ने देश के साथ गद्दारी की है और आम आदमी की जेब से पैसा छीन लिया है। नोटबंदी से देश की जीडीपी पीछे चली गई, किसानों को नुकसान हुआ, छोटे कारोबारियों को नुकसान झेलना पड़। वीडियो में दिखाया गया कि 5 करोड़ के 500 के नोट आए और 3 करोड़ के 2000 के नोट दे दिए गए, ये सभी 31 दिसंबर 2016 के बाद हुआ है।

मालूम हो कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां पहले भी केंद्र की एनडीए सरकार पर नोटबंदी को लेकर कई तरह के गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। हालांकि, पहले भी लगाए गए किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले स्टिंग वीडियो जारी कर एक बार फिर सरकार को घेरने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस का दावा है कि 31 मिनट का ये स्टिंग गुजरात का है। इस वीडियो में एक व्यक्ति को नोट बदलवाने के संबंध में फोन पर बात करते हुए दिखाया गया है।

विपक्ष का दावा है कि ये बातचीत नोटबंदी के बाद हो रही थी। वीडियो में नोटों के बंडल भी दिखाए गए हैं। ये भी आरोप लगाया गया है कि नोटबंदी के दौरान कुछ भाजपा नेताओं ने नोट बदलवाए हैं। हालांकि, विपक्ष के पास इन आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।

कपिल सिब्बल ने अंत में कहा कि वह इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर सकते हैं, ना ही वह कह रहे हैं कि ये वीडियो उनका है। उन्होंने कहा कि ये वीडियो उन्हें एक वेबसाइट से मिला है, जिसमें कुछ चौंकाने वाली बात सामने आई हैं. हम चाहते हैं कि इस वीडियो में जो दिखाया गया है, उसकी जांच हो। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ओर से 8 नवंबर, 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया गया था।

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