इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई फेंक न्यूज फैलाने के आरोप में प्रबंधन ने 2 हफ्ते आफ एयर, 1 महीने की सैलरी काटी

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इंडिया टुडे प्रबंधन ने वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के खिलाफ चैनल ने एक ट्वीट को लेकर कार्रवाई की है। राजदीप के ट्वीट्स को ग्रुप की सोशल मीडिया पॉलिसी से अलग माना है। चैनल ने उन्हें दो सप्ताह के लिए ऑफ एयर करने का फैसला किया है। इसीलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 2 हफ्ते के लिए ऑफ एयर कर दिया। साथ ही 1 महीने सैलरी न देने का निर्णय लिया।

खबर है कि इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई को लेकर प्रबंधन ने उन्हें ऑफ एयर कर दिया है। इसके अलावा उनकी एक माह की सैलरी भी काटे जाने की सूचना है। जानकारी के मुताबिक सरदेसाई पर यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर उनके कुछ कथित फेंक पोस्ट्स को लेकर की गई है।

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इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई फेंक न्यूज फैलाने के आरोप में प्रबंधन ने 2 हफ्ते आफ एयर, 1 महीने की सैलरी काटी

कथित तौर उनके ट्विट्स राष्ट्रपति कोविंद व 26 जनवरी के दिन मारे गए किसान से संबंधित थे। उन पर फर्जी खबर फैलाने का भी आरोप है। प्रबंधन ने राजदीप के ट्वीट्स को ग्रुप की सोशल मीडिया पॉलिसी से अलग माना है। इसीलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 2 हफ्ते के लिए ऑफ एयर कर दिया। साथ ही 1 महीने सैलरी न देने का निर्णय लिया।

आपको बता दें कि इससे पहले राजदीप के बयानों के कारण उनका विरोध सोशल मीडिया पर खूब हंगामा हुआ था। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव ने उन्हें लेकर लिखा था, “राजदीप भारत के विरोध में उकसाने के लिए जाने जाते हैं।”

उन्होंने इंडिया टुडे से सरदेसाई की बातचीच का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “यह वीडियो स्पष्ट रूप से भारत सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने के अपराध को स्थापित करता है जो आईपीसी धारा 121 के तहत दंडनीय है जिसकी सजा मौत या आजीवन कारावास होती है। दिल्ली पुलिस को इसे हिरासत में लेना चाहिए।”

गौरतलब है कि इससे पहले भी वह अपने ट्विटर अकाउंट से फर्जी खबरें फैलाने में अव्वल माने जाते रहे हैं। इससे लोगों में राजदीप सरदेसाई को लेकर नाराजगी देखी जाती है। गणतंत्र दिवस की सुबह से ही किसानों के प्रदर्शन के बीच, दिल्ली के आईटीओ मार्ग पर एक व्यक्ति तेज ट्रैक्टर चलाने बैरियर तोड़ने के कारण ट्रैक्टर पलट गया और इस कारण उस व्यक्ति की घटनास्थल पर मौत हो गई थी।

आईटीओ के पास पूरे चैक पर सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर खड़े रहे। जिसे लेकर समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक और फेक न्यूज फैला दी और पोल खुलने पर अपना ट्वीट चुपके से डिलीट भी कर दिया।

दरअसल, राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है। राजदीप ने ट्विटर पर लिखा, “पुलिस फायरिंग में आईटीओ पर 45 साल के नवनीत की मौत हो गई है। किसानों ने मुझे बताया कि उसका ‘बलिदान’ व्यर्थ नहीं जाएगा।”

लेकिन हकीकत ये है कि ट्रैक्टर रैली और उपद्रव के दौरान जिस व्यक्ति की मौत हुई, वह पुलिस फायरिंग में नहीं, बल्कि ट्रैक्टर पलटने से मारा गया था। दरअसल, ड्राइवर ने काफी तेज रफ्तार से चल रहे ट्रैक्टर को अचानक से मोड़ दिया, जिसकी वजह से संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर पलट गया। इस दौरान किसान की मौत हो गई।

सोशल मीडिया पर लोग ‘ट्विटर’ से सवाल कर रहे हैं कि क्या फेक न्यूज फैलाने और राजधानी में दंगे भड़काने का प्रयास कर रहे राजदीप सरदेसाई का अकाउंट प्रतिबंधित किया जाएगा या नहीं?

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