अहमदाबाद : आश्रम में आने वाले अपने ही साधक की किशोर पुत्री से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कैद की सजा सुनाई है। इधर, सूरत में उनके बेटे नारायण साईं को भी साधिका के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में जल्द सजा सुनाई जा सकती है।
सूरत की दो बहनें आसाराम के अहमदाबाद मोटेरा आश्रम में साधिका के रूप में सेवा देती थी। दोनों बहनों ने सूरत में आसाराम व नारायण के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। बड़ी बहन के आसाराम के खिलाफ दर्ज केस को गांधीनगर स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन छोटी बहन की ओर से नारायण पर लगे मामले में उनकी 4 साल पहले धरपकड़ की गई थी। नारायण चार साल से सूरत की लाजपोर जेल में ही बंद है। उसे गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसके वकील बचाव के लिए अपनी दलील पेश करेंगे।
फरियादी पक्ष की ओर से दलील पूरी हो चुकी है। इसमें नारायण पर अपनी ही साधिका के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। पीड़िता का परिवार आसाराम का भक्त था तथा उनके कहने पर ही परिजनों ने दोनों युवतियों को आश्रम में सेवादार के रूप में छोड़ने का फैसला किया था, लेकिन आसाराम व नारायण दोनों ने मिलकर उनके साथ दुष्कर्म किया था।
नारायण को सूरत पुलिस ने बड़ी मुश्किल से हरियाणा-दिल्ली बार्डर से गिरफ्तार किया था। उसे पकड़ने के लिए गुजरात पुलिस की 58 टीमें जुटी थीं। सूरत के इस पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा दी गई है। उन्हें कई बार आसाराम आश्रम व सेवादारों की ओर से धमकियां मिल चुकी हैं।
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