आज कड़कड़डूमा कोर्ट में तीस हजारी हिंसा के बाद भिड़े, वकील-पुलिसकर्मी

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नई दिल्ली। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसा के विरोध में आज वकील हड़ताल कर रहे हैं। इस बीच कड़कड़डूमा कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच सोमवार को झड़प हो गई है। वकीलों ने एक पुलिसकर्मी को पीट दिया है। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंच रहे हैं। तीस हजारी कोर्ट में पुलिस के साथ झड़प में घायल हुए वकीलों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे की मांग सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बाहर वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।

मिली जानकारी के अनुसार, मामूली सी बात पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद वकीलों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी को पीटना प्रारंभ कर दिया। पिटाई से पुलिसकर्मी को काफी गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि कुछ लोगों के बीच-बचाव करने के बाद पुलिसकर्मी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
आपको बताते जाए कि दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को वकीलों और पुलिस के बीच हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) संजय सिंह को हटा दिया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसा मामले को लेकर देश के कई राज्यों के वकीलों का विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है।

दक्षिण दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त आर.एस. कृष्णा को उत्तरी दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है। तीस हजारी कोर्ट में हुई घटना के बाद 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय सिंह को फिलहाल अस्थायी अवधि के लिए कोई तैनाती नहीं दी गई है।

राजस्थान बार काउंसिल ने बयान जारी कर कहा कि दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में वकीलों के खिलाफ जिस तरह की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की, उसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम वकीलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैंद्ध दिल्ली पुलिस की फायरिंग में वकीलों को गंभीर चोट आने की घटना दिल्ली पुलिस के क्रिमिनल व्यवहार का सबूत है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। यह जांच रिटायर जस्टिस एसपी गर्ग के नेतृत्व में की जाएगी और 6 सप्ताह में रिपोर्ट देनी होगी। इस जांच में सीबीआई के डायरेक्टर, आईबी के डायरेक्टर, विजिलेंस डायरेक्टर या सीनियर अधिकारी सहायता करेंगे। हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को घायल वकीलों के बयान दर्ज करने और आरोपी पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि पुलिस कमिश्नर तीस हजारी हिंसा मामले की आंतरिक जांच के लिए स्वतंत्र कमीशन का भी गठन करें। यह आंतरिक जांच 6 सप्ताह में पूरी की जाए और रिपोर्ट सौंपी जाए।

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