अमेरिका और ब्रिटेन ने ISIS से की थी ये ‘सीक्रेट डील’!
एक डॉक्यूमेंट्री ‘‘रक्काज डर्टी सीक्रेट’’के अनुसार अमेरिकी, ब्रिटिश और कुर्द बलों ने आतंकवादियों की वास्तविक राजधानी से आईएसआईएस लड़ाकों को गोपनीय तरीके से बाहर निकाल लिया था. उसके पहले वहां अक्टूबर में हवाई हमले किए गए थे. उन लोगों को सीरिया और अन्य स्थानों पर छोड़ दिया गया था.
आईएसआईएस में शामिल हुए ऐसे विदेशी लड़ाके, जो सीरिया और इराक से नहीं थे, वे भी बचकर निकलने वालों के काफिले में कथित तौर पर शामिल थे.
डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक, रक्का में बड़ी संख्या में विदेशी थे. फ्रांस से लेकर तुर्की, अजरबैजान, पाकिस्तान, यमन, सऊदी, चीन, ट्यूनीशिया, मिस्र तक के लोग इसमें शामिल थे. रिपोर्ट में बताया गया कि किस तरह बैठकों में स्थानीय अधिकारियों ने उनके ट्रकों के काफिले की 12 अक्टूबर को व्यवस्था की.बैठकों में एक पश्चिमी अधिकारी भी शामिल थे. काफिले में 250 लड़ाके, उनके परिवारों के 3500 सदस्य, हथियार थे. इसका मकसद हमलावर बलों की जान को बचाना और रक्का को लेकर चार महीने की लड़ाई को खत्म करना था.
बता दें कि रक्का आतंकवादी नेटवर्क का एक खास केंद्र रहा है. कुर्द नीत सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज ने पहले ही रक्का को मीडिया से मुक्त करा लिया था, ताकि आईएसआईएस के बचने का टेलीविजन पर प्रसारण नहीं हो सके.
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