नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि मोदी जी ने विदेश नीति और सुरक्षा नीति के घालमेल को समाप्त करने का काम किया है। 2014 से पहले इस देश की कोई सुरक्षा नीति ही नहीं थी, विदेश नीति ही सुरक्षा नीति को Overlap कर गयी थी। यह बात गृहमंत्री शाह ने कर्मयोद्धा ग्रंथ का विमोचन के दौरान कही।
गृहमंत्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने स्पष्ट कर दिया कि हम पर कोई हमला करेगा तो उसे सीधा जवाब दिया जाएगा। नरेन्द्र भाई के साथ काम करने का ईश्वर ने मुझे बहुत मौका दिया है।
जब गुजरात में मोदी जी को संगठन की जिम्मेदारी मिली तब वो कालखंड भाजपा के लिए बहुत कठिन समय था। उस समय मोदी जी ने गुजरात के संगठन को फिर से खड़ा करने का काम किया।
अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र के अंदर शासन की सफलता का सबसे बड़ा सर्टिफिकेट जन स्वीकृति होती है, जनता का आशीर्वाद होता है और ये लोकत्रांत्रिक जनादेश बार-बार नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चाहे राज्य हो या केंद्र हो मिलते गए और उसने बताया की मोदी जी जन स्वीकृति क्या है।
अमित शाह ने कहा कि देश की विदेश नीति को एक लंबे समय के बाद गढ़ने का काम भी मोदी जी ने किया है। समानता के आधार पर विदेश नीति को लाने का काम किया। जब वो भूटान जाते हैं तो बड़े भाई का व्यवहार नहीं करते और जब अमेरिका जाते हैं तो आंख में आंख डालकर बात करने का साहस मोदी जी ने ही किया है। अब तक घोषणा पत्र केवल एक कागज़ का टुकड़ा बनकर रह जाते थे। लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आप हमारा 2014 का घोषणा पत्र उठाकर देख लीजिये, भाजपा 90 प्रतिशत कार्य पूरे कर चुकी है।
गृहमंत्री ने कहा कि वर्षों से लंबित मुद्दों को छूते हुए सब लोग डरते थें, चाहे वो अनुच्छेद 370, 35A हो, शरणार्थियों को नागरिकता और राम जन्मभूमि पर स्पष्ट स्टैंड लेना हो या तीन तलाक हो। मोदी जी ने आज देश में 70-70 साल से लंबित समस्याओं को समाप्त करने का काम किया है। 1967 से लेकर 2014 तक हमारे देश की राजनीति को तीन नासूरों ने क्षीण-विक्षीण कर दिया है। तुष्टिकरण, जातिवाद, परिवारवाद तीनों नासूरों को मोदी जी ने 2014 के बाद इन तीनों नासूरों को समाप्त करने का काम किया है।
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