नई दिल्ली । पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में BJP (Central govt) ने सोमवार को लोकसभा से नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) पास करा लिया। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में सवालों का जवाब दे दिया है।अब उसके बाद वोटिंग की प्रक्रिया खत्म हो गई है। इस बिल के पक्ष में 125 वोट पड़े तो विरोध में 105 वोट ही पड़े। इससे पहले 9 दिसंबर को लोकसभा में बिल के समर्थन में 311 वोट, जबकि 80 वोट बिल के विरोध में डाले गए। इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार की बहुत बड़ी जीत मानी जा रही है। अब संसद से मोहर लगने के बाद इस बिल को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा।
इससे पहले बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने के लिये भी वोटिंग हुई थी। सेलेक्ट कमेटी को भेजने के खिलाफ 124 वोट पड़े साथ ही इस बिल को सेलेक्ट बिल को भेजने के समर्थन में 99 वोट पड़े।
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इस बीच शिवसेना सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया। शिवसेना के 3 राज्यसभा में सांसद है। जबकि तृणमूल पार्टी के 13 राज्यसभा सांसद है। नागरिकता संशोधन बिल के14 प्रस्ताव भी दिये गए। तृणमूल सांसद के संशोधन प्रस्ताव को सदन ने खारिज कर दिया है। इस संशोधित प्रस्ताव के विरोध में 124 वोट पड़े। जबकि तृणमूल के समर्थन में 98 वोट पड़े। इसके साथ ही तृणमूल सांसद का प्रस्ताव गिर गया है। जो मोदी सरकार के लिये बड़ी राहत है।
इससे पहले गृह मंत्री ने अमित शाह ने कहा कि अगर बंटवारा नहीं हुआ होता तो यह बिल की आवश्यकता ही नहीं होती। उन्होंने कहा कि कभी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी कहा था कि अगर पाकिस्तान गए हिंदू और सिख वापस भारत आना चाहें तो उसे देश में स्वागत किया जाना चाहिये।
गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में दलितों के साथ अत्याचार हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि आज पाकिस्तान के 418 मंदिरों में से महज 20 मंदिर ही बचा है। गृह मंत्री ने कहा कि बामियान में बुद्ध की मूर्ति को तोप से उड़ाकर गिरा दिया गया। पाकिस्तान में ईसाईयों को भी प्रताड़ित किया गया है। उन्होंने कहा कि करोड़ो लोगों के जीवन में नया सवेरा आएगा। गृह मंत्री ने कहा कि अगर नेहरु लियाकत खां के समझौते को लागू किया गया होता तो इस बिल की जरुरत ही नहीं होती।
उन्होंने कांग्रेस को यह बिल बहुत पहले लाना चाहिये था। गृह मंत्री ने आश्चर्य प्रकट किया कि आखिर कैसे पाकिस्तान और कांग्रेस के सुर एक समान होते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धारा 370 का भी विरोध किया था और पाकिस्तान ने भी विरोध किया था। उन्होंने कहा कि शत्रु संपत्ति बिल का भी कांग्रेस ने विरोध किया था। जो मन में कई सवाल खड़े करते है। पिछले 5 साल में 566 मुसलमानों को भारत की नागरिकता मोदी सरकार ने दी है। गृह मंत्री ने कहा मुसलमान भी नागरिकता के लिये apply कर सकते है। अमित शाह ने यह भी कहा कि पाकिस्तान,अफगानिस्तान और बांग्लादेश एक इस्मामिक स्टेट है इसलिये वहां रह रहे अल्पसंख्यकों को यह बिल में जगह दिया गया है।
गृह मंत्री के ऐसा कहने से सदन में हंगामा शुरु हो गया है। असम की भाषा, संस्कृति की मोदी सरकार रक्षा करेगी। असम में क्लॉज 6 के लिये कमेटी बनाई जाएगी। पू्र्वोत्तर के राज्यों को भरोसा देता हूं कि धारा 371 में छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा कि यह बिल नागरिकता देने का है जबकि ऐसा प्रचारित किया जा रहा है कि मुसलमानों का नागरिकता लेने का प्रयास किया जा रहा है। जो बहुत गलत है। उन्होंने कांग्रेस पर मुसलमानों में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सांसद चिदंबरम और कपिल सिब्बल कोर्ट का डर दिखा रहे है कि वहां यह मामला उलझ जाएगा। जो बिल्कुल सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि 3 देशों का सीमा भारत से जुड़ता है इसलिये अभी इन देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता बिल का फायदा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तमिल की चिंता करेंगे तो उस समय भी विचार करेंगे।
गृह मंत्री ने शिवसेना पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोग सत्ता के लिये कैसे-कैसे रंग बदलते है। उन्होंने कहा कि कभी यह नहीं कहा कि जो विरोध करते है वो देशद्रोही हो जाते है। गृह मंत्री ने पूछा कि अगर जिन्ना ने देश का बंटवारा धर्म के आधार पर मांग की तो कांग्रेस ने क्यों समर्थन किया। जिस पर कांग्रेस के सांसदों ने हंगामा किया है।
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अमित शाह ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जब मुसलमान अगर देश में आएंगे तो तभी देश धर्मनिरपेक्ष कहा जाएगा। उन्होंने कांग्रेस के सोच पर ही सवाल उठाया है। उन्होंने भरोसा दिया कि देश को मुसलमानों को डरने की कोई जरुरत नहीं है। यह भ्रम जानबूझकर फैलाया जा रहा है। जिसकी हम निंदा करते है। गृह मंत्री ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार ने 2 धर्मों के 13,000 लोगों को नागरिकता दी थी।
आज सुबह इस बिल को राज्यसभा के पटल पर चर्चा के लिये रखा गया था। लोकसभा में हताश हुए विपक्ष ने राज्यसभा में सीएबी के कड़े विरोध की तैयारी कर ली है और जोरदार बहस के लिए तैयार है, तो वहीं बीजेपी भी हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने मोदी सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है।
इस बीच शिवसेना ने घोषणा किया है कि वो राज्यसभा में वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेगी। मोदी सरकार को तब बड़ी राहत मिली जब उड़ीसा से बीजेडी ने इस बिल का समर्थन करने की घोषणा की है।
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