अब लीज पर देगा जीडीए शैक्षणिक और हॉस्पिटल की जमीन

अब लीज पर देगा जीडीए शैक्षणिक और हॉस्पिटल की जमीन

गाजियाबाद : शैक्षणिक संस्थानों और हॉस्पिटल के लिए चिह्नित जमीन को जीडीए अब लीज पर ही देगा। अभी तक जीडीए जमीन फ्री होल्ड देता था, लेकिन सोमवार को प्राधिकरण ने नियमों में बदलाव कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि नए नियम के तहत अब जमीन को 90 साल की लीज पर ही बेचा जाएगा। इससे जीडीए के पास पावर रहेगी, ताकि कोई भी आवंटी नियम और शर्तों का उल्लंघन न कर सके। यह नियम नए बेचे जाने वाले भूखंडों पर ही लागू होगा। इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, कोयल एन्क्लेव, इंद्रप्रस्थ और मधुबन बापूधाम में शिक्षण संस्थाओं और चिकित्सा संस्थाओं के लिए भूखंड नियोजित किए गए हैं। अभी तक आरक्षित भूखंडों को टू बिड के माध्यम से फ्री होल्ड बेचा जा रहा था।

2011 के शासनादेश किए गए लागू

भूखंडों के आवंटन की शर्तों को तय करने के लिए जीडीए वीसी ने 13 फरवरी 2020 को सचिव संतोष कुमार राय की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय कमिटी बनाई थी। कमिटी ने प्रदेश के अलग-अलग प्राधिकरण की शर्तों का अध्ययन किया। इसके आधार पर 2011 के शासनादेश को लागू करते हुए ऐसे सभी भूखंड को फ्री होल्ड पर नहीं बेचने का फैसला किया गया। जीडीए ने पहले इसके विपरीत फ्री होल्ड किए जाने की नियमावली बना ली थी।

टर्नओवर, नेटवर्थ और अनुभव की जरूरत नहीं

अभी तक शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थाओं को यदि जीडीए से भूखंड खरीदना होता था तो उन्हें टर्नओवर, नेटवर्थ और अनुभव की जरूरत होती थी, लेकिन नए नियम के तहत इसकी जरूरत को खत्म कर दिया गया है। अब कोई भी ऐसे भूखंडों के लिए आवेदन कर सकता है।

खरीदना होगा आसान

अधिकारियों की मानें तो अब कोई भी जीडीए से हॉस्पिटल और स्कूल खोलने के लिए भूखंड खरीद सकता है, क्योंकि शर्तों को बहुत सरल किया गया है। पहले की शर्तें कठिन होने की वजह से लोग तकनीकी बिड की शर्तों का पालन नहीं कर पाते थे। इससे उनकी बोली रद्द हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

ये होंगी कुछ अन्य शर्तें

-सीबीएसई, यूपी बोर्ड, आईसीएससी और आईएमसी से एनओसी एक साल के भीतर देनी होगी। पहले आवंटन से पहले ही देनी पड़ती थी।

-3 साल के भीतर कराना होगा निर्माण

-3 साल में निर्माण नहीं हुआ तो 2 साल का ग्रेस पीरियड 2 फीसदी \Bलेवी \Bके साथ मिलेगा

-यदि 2 किस्त का डिफॉल्टर हुआ तो जीडीए इस भूखंड को निरस्त कर देगा

कोट

शैक्षणिक और चिकित्सा के लिए आरक्षित भूखंडों के नियम और शर्तों में बदलाव किया गया है। अब ऐसे भूखंड को लीज पर ही दिया जाएगा। -संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए

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