नई दिल्ली। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल ने जिन लोगों को घूस दिए उनके नाम उगलने लगे हैं. सूत्रों की मानें तो जल्द कई प्रभावशाली लोगों से पूछताछ हो सकती है. मिशेल ने घूस लेने वालों के नाम एक पेज पर पीओएल एपी, डीएस, सीवीसी, डीजी एसीक्यू, एएफ, पीडीएसआर ये शब्द दरअसल वो कोडवर्ड हैं जो मिशेल ने लिखे थे। कोड वर्ड में घूस की राशि भारतीय करेंसी यानी रुपये और यूके करंसी (पौंड) के साइन से अंकित की गई थी। पेज में 10 लाख, 50 लाख, दो करोड़, 250 यूएस व 70 यूरो आदि शब्द लिखे हैं। इसके अलावा जिन लोगों को घूस की राशि मिली है, उनके नाम भी कोड वर्ड में हैं।
कोड वर्ड में लिखे थे. जांच एजेंसी के विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि क्रिश्चियन मिशेल ने उनमें से कुछ कोड वड्र्स को परिभाषित कर दिया है. इनमें यूपीए सरकार में प्रभावशाली भूमिका में रहे एक बड़े नेता का नाम सामने आ सकता है साथ ही पांच नौकरशाहों के नाम भी संदिग्ध बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदा पक्का कराने के लिए कुछ लोगों को घूस दी थी. इनमें भारतीय राजनेता, रक्षा मंत्रालय के अफसर एवं दूसरे नौकरशाह शामिल थे. इस सौदे में जिन लोगों को घूस मिली थी, मिशेल ने उनके नाम एक सादे कागज पर कोड वर्ड में लिख रखे थे।
मिशेल की तबीयत को देखते हुए जांच एजेंसी उससे लगातार पूछताछ नहीं कर रही है, इसलिए संभव है कि शनिवार को कोड वर्ड वाले दूसरे लोगों का नाम सामने आ जाए. मिशेल से पूछताछ खत्म होने के बाद कोड वर्ड में जिन नेताओं व अफसरों का नाम सामने आया है, उन्हें समन भेजा ।
आपको बता दें कि यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने फरवरी 2017 में जब मिशेल को गिरफ्तार किया तो उसके पास यह कागज बरामद हुआ था. उसके बाद मामले की जांच-पड़ताल के लिए केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) व ईडी की टीम कई बार दुबई गई लेकिन केस में कुछ खास हासिल नहीं हो पाया।
उलटे, मिशेल के वकील ने भारतीय एजेंसियों पर ही यह आरोप जड़ दिया कि वे जानबूझकर मेरे मुव्वकिल से भारत के एक टॉप राजनेता का नाम उगलवाना चाहती हैं. ईडी और सीबीआई ने यूएई के जांच अधिकारियों एवं न्यायालय के सामने हेलिकॉप्टर सौदे से जुड़े तमाम साक्ष्य, आरोप पत्र, गवाहों के बयान और अन्य कई अहम दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ. चूंकि मिशेल अब सीबीआई की हिरासत में है, इसलिए अफसर उसके सामने कई साक्ष्य रखकर पूछताछ कर रहे ।
दरअसल वो कोडवर्ड हैं जो मिशेल ने लिखे थे. कोड वर्ड में घूस की राशि भारतीय करेंसी यानी रुपये और यूके करंसी (पौंड) के साइन से अंकित की गई थी. पेज में 10 लाख, 50 लाख, दो करोड़, 250 यूएस व 70 यूरो आदि शब्द लिखे हैं. इसके अलावा जिन लोगों को घूस की राशि मिली है, उनके नाम भी कोड वर्ड में हैं।
आरोप है कि 2010 में यूपीए सरकार के दौरान इस डील को कराने के लिए मिशेल का नाम सामने आया था. एंग्लो-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने भारतीय राजनेताओं, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, नौकरशाहों समेत वायुसेना के दूसरे अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मिशेल को करीब 350 करोड़ रुपए दिए थे।
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