अंबाला एयरबेस पर पांचों राफेल विमान हुए लैंड, “हैप्पी लैंडिंग राफेल”- INS कोलकाता का संदेश

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की शक्ति आज कई गुना मजबूत हाेने वाली है। बता दें कि कई सालों से जिस लड़ाकू विभान का इंतजार था, वो राफेल विमान आज भारत पहुंच रहा है। भारत और फ्रांस के बीच हुए सौदे के तहत राफेल लड़ाकू विमान की पहली खेप आज भारत के अंबाला में पहुंचेगी। पहली खेप में कुल पांच लड़ाकू विमान होंगे, जिन्हें रिसीव करने के लिए खुद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद रहेंगे।

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भारतीय राफेल ने पश्चिमी अरब सागर में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS कोलकाता से संपर्क किया।

हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर 5 राफेल लड़ाकू विमानों का पहला बैच आज दोपहर 2 बजे आने की उम्मीद है, वायुसेना प्रमुख इस दौरान अंबाला एयरबेस पर मौजूद रहेंगे।

जब राफेल विमान अंबाला पहुंचेंगे, तो उन्हें वाटर सैल्यूट दिया जाएगा।

राफेल विमानों की फोटोग्राफी पर प्रतिबंध

हरियाणा के अंबाला शहर में एक हवाई अड्डे पर पांच राफेल विमानों के उतरने से कुछ घंटे पहले स्थानीय प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया। इसमें वायुसेना संपत्ति और राफेल हवाई जहाजों की फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगा दिया गया, साथ ही सुरक्षा को भी बढ़ाया गया। ये निषेधात्मक आदेश पूरे दिन लागू रहेंगे। यहां तक कि मीडियाकर्मियों के लिए राफेल विमान के वीडियो और तस्वीरें लेने को भी वर्जित किया गया है।

एक आदेश में कहा गया है, वायु सेना स्टेशन के आसपास के इलाकों में असामाजिक तत्वों की आवाजाही और इस इवेंट के दौरान आसपास के गांवों के घरों से तस्वीरें लेने वाले मीडियाकर्मियों से इंकार नहीं किया जा सकता है। यह सुरक्षा को खतरे में डाल देगा। राफेल विमान के यहां आने के दौरान अंबाला वायुसेना स्टेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। आदेश में कहा गया है कि एयर बेस धुलकोट, बलदेव नगर, गरनाला और पंजोखरा और राष्ट्रीय राजमार्ग

1-ए सहित गांवों से घिरा हुआ है।

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षर किए गए आदेश में लिखा है, “दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के आधार पर मुझमें निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं 29 जुलाई को वायुसेना स्टेशन अंबाला की किसी भी संपत्ति की फोटोग्राफी को तत्काल प्रभाव से सुबह से शाम तक के लिए प्रतिबंधित करता हूं।”

रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि राफेल के अधिस्थापन के औपचारिक समारोह की योजना बाद में बनाई जाएगी। बयान में आगे कहा गया, आज (29 जुलाई) की आवश्यकता यह सुनिश्चित करना है पायलट और ग्राउंड क्रू पूरी तत्परता से जल्द से जल्द इस पूरे एयरफोर्स ऑपरेशन के लिए साथ हो जाएं। बयान में कहा गया, यह देश के हित में है। इसमें भारतीय वायुसेना और चालक दल शामिल हैं और फिलहाल इसे मीडिया की चकाचौंध से दूर रखा गया है। उन्होंने कहा, यह जरूरी है कि लड़ाकू विमानों के साथ-साथ सहायता दल भी तेजी से और सुरक्षित तरीके से अपने काम करे, इसके लिए स्टेशन अधिकारियों को अपना पूरा ध्यान मिशन में लगाना आवश्यक है।

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