‘अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस’ पर नया भारत दर्पण महिलाओं को सलाम करता है, अपनों से दूर रहकर भी निभा रहे ड्यूटी की पूरी जिम्मेदारी

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उमाकांत गौतम की रिपोर्ट

निशा कनौजिया एक नर्स होने के नाते बताती हैं की बात चाहे कोरोना जैसे महामारी की हो या उनके इलाज की हो या फिर सड़क पर घायलों की सेवा की हो सभी जगह डॉक्टर के साथ नर्सों की जरूरत होती है नर्स के बिना कोई भी रोगी का इलाज संभव नहीं है इस समय दुनिया में ज्यादातर देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है इसमें सबसे ज्यादा नर्स कोरोना वॉरियर्स बनकर सभी मरीजों की सेवा कर रही हैं तथा उसे स्वस्थ बनाने में अपनी पूरी कोशिश कर रही हैं। तभी कहा जाता है कि,
Doctors are the brain of the hospitals: Nurses are the heart. If brain heart will manage, but heart fails nothing with manage.

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की पुष्पा कुमारी बताती हैं कि जहां आज पूरा विश्व महामारी से परेशान है वही पर मध्यम वर्गीय परिवार को तथा निचले स्तर पर गुजारा कर रहे हैं लोगों को बताती है कि वह स्वस्थ रहने के लिए इस महामारी में खुद को मास्क तथा डिस्टेंस में रखें ताकि वह इस महामारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सके।

स्वाति शर्मा बताती है नर्स होने के बाद मेरा पहला पेशा मरीजों की सेवा करना रहा है ऐसे में कोरोना महामारी के चलते हम लोगों को बेहतर सेवा प्रदान करने में एक दूसरे का साथ चाहते हैं और प्रयास करते हैं कि जहां पर हम नहीं पहुंच पा रहे हैं वहां आप सभी हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर खुद को सुरक्षित रखें।

नित्या मिश्रा लोक बंधु हॉस्पिटल के मरीजों की देखभाल करते हुए उन सभी महिलाओं को इस अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की बधाई देते हुए कहते हैं वो सभी महिलाएं आज के युग की नर्स है जो अपने परिवार को इस कोरोना काल में घर रह कर सेवा कर रही हैं ऐसे में वह भी महिलाएं किसी नर्स से कम नहीं है।

रानी लक्ष्मीबाई हॉस्पिटल की नेहा अपने स्टाफ मेंबर्स की सराहना करते हुए कहते है है की इस महामारी में खुद को स्वस्थ रखना है तो एक दूसरे का ख्याल जरूर रखें और एक दूसरे का साथ दें।

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