Male infertility बुरी तरह प्रभावित करती है सेक्स लाइफ को, जानें लक्षण और बचाव

Male infertility  बुरी तरह प्रभावित करती है सेक्स लाइफ को, जानें लक्षण और बचाव

पिछले कुछ सालों में मेल इन्फर्टिलिटी के ढेरों केस सामने आए हैं। मेल इन्फर्टिलिटी यानी पुरुषों में बांझपन। इसकी वजह से कपल्स कंसीव नहीं कर पाते। इन्फर्टिलिटी की वजह से पुरुषों में हीन भावना आ जाती है और आत्मविश्वास में कमी आ जाती है। यह करीब 7 फीसदी पुरुषों को प्रभावित करती है। पुरुषों में बांझपन के कई कारण हैं, जैसे कि खराब लाइफस्टाइल और खान-पान, कम स्पर्म काउंट, हॉर्मोन असतुंलन, उम्र, टेस्टिकुलर कैंसर, अक्रोसोमल डिफेक्ट, मलेरिया और ममप्स शामिल हैं।

इसके अलावा स्पर्म काउंट घटने और बांझपन के और भी कई कारण हैं, जैसे कि टेस्टिकल्स में दर्द। इस स्थिति को वैरिकोसील (Varicocele) कहा जाता है। इसमें स्क्रॉटम (जहां टेस्टिकल्स मौजूद होते हैं) में नसों में वृद्धि होने लगती है, जो बाद में स्पर्म की क्वॉलिटी और नंबर को बुरी तरह प्रभावित करती है। इंफेक्शन की वजह से भी स्पर्म काउंट पर बुरा असर पड़ता है जो आगे चलकर मेल इन्फर्टिलिटी का रूप ले लेता है। इस इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि गोनोरिया, माइकोप्लाज्मा, यूरिन इंफेक्शन आदि। तंबाकू के सेवन, डीएनए के डैमेज होने और सीलिएक डिजीज की वजह से भी पुरुषों में बांझपन हो सकता है।

मेल इन्फर्टिलिटी का इलाज
पुरुषों में बांझपन की समस्या के इलाज के लिए पहले डॉक्टर द्वारा कुछ टेस्ट किए जाते हैं, जिनमें सीमन का परीक्षण किया जाता है। हॉर्मोन असंतुलन चेक करने के लिए ब्लड टेस्ट भी किया जाता है। स्पर्म काउंट कम होने का कोई अनुवांशिक कारण तो नहीं है, यह भी देखा जाता है। पुरुषों के प्राइवेट पार्ट का परीक्षण किया जाता है, जिसमें पीनिस से लेकर स्क्रॉटम, टेस्टिकल्स, एनस, यूरिनरी ब्लैडर और स्पर्मेटिक कॉर्ड्स तक शामिल हैं।

स्पर्म परीक्षण के लिए स्पर्म का सैंपल लिया जाता है। सैंपल के लिए जरूरी है कि 2 से 7 दिनों तक यौन संबंध न बनाए गए हों। चूंकि स्पर्म का प्रॉडक्शन एक साइक्लिक प्रोसेस है, इसलिए 7 दिन से लेकर 3 महीनों के अंदर स्पर्म के दो अलग-अलग सैंपल पर परीक्षण किया जाता है।

सेक्स लाइफ पर प्रभाव
मेल इन्फर्टिलिटी यानी पुरुषों में बांझपन की समस्या सेक्स लाइफ पर भी बुरा असर डालती है। डॉक्टरों के अनुसार, इस समस्या की वजह से व्यक्ति स्ट्रेस में चला जाता है और जब स्ट्रेस का स्तर पढ़ता है तो बॉडी कॉर्टिसोल नाम का हॉर्मोन रिलीज करती है। यह हॉर्मोन लड़ाई, चिड़चिड़ाहट और फ्लाइट रिस्पॉन्स को बढ़ा देता है जो अंतत: सेक्स ड्राइव को प्रभावित करता है।

मेल इन्फर्टिलिटी से बचाव
1- पुरुष स्मोकिंग न करें और न ही तंबाकू का सेवन करें।

2- शराब और नशे की अन्य चीजों से दूर रहें।

3- अत्यधिक तापमान से दूर रहें क्योंकि इससे स्पर्म डैमेज हो जाते हैं।

4- फुटबॉल, बास्केटबॉल या फिर इसी तरह का गेम खेलते या अन्य गतिविधि करते वक्त प्रटेक्टिव कवरिंग का सहारा लें।

5- मेल इन्फर्टिलिटी और कम स्पर्म काउंट की मुख्य वजह सही खान-पान नहीं होना है। इसलिए हेल्दी डायट लें और सही समय से खाएं। तला-भुना या ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचें।

6- खुद को स्ट्रेस और टेंशन से जितना ज़्यादा दूर रखेंगे, उतना अच्छा रहेगा। स्ट्रेस की वजह से हॉर्मोन्स का लेवल गड़बड़ा जाता है। कोशिश करें कि रोज़ाना एक्सर्साइज़ करें और खुश रहें। लेकिन ध्यान रहे कि एक्सर्साइज़ ज़ोरदार तरीके से न हो।

7- ज्यादातर लोगों को आदत होती है कि वे लैपटॉप जैसी चीजों को गोद में रखकर काम करते हैं। ऐसा बिल्कुल भी न करें। द फर्टिलिटी चार्ल्सटोन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा तापमान की वजह से स्पर्म काउंट घट जाता है। इसीलिए गर्म पानी से नहाने के लिए भी मना किया जाता है क्योंकि इसकी वजह से अंडकोष के तापमान पर असर पड़ता है और स्पर्म काउंट भी घट जाता है।

8- वजन भी कंट्रोल में रखें। अत्यधिक वजन होने से एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हॉर्मोन्स पर बुरा असर पड़ता है।

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