हेयर विग की दुनिया: इतिहास, निर्माण, सुरक्षा और बहुत कुछ

क्या आप जानते हैं कि हेयर विग का इतिहास कितना पुराना है? सदियों से लोग अपने बालों की खूबसूरती और घनत्व को बढ़ाने के लिए विग का इस्तेमाल करते आ रहे हैं! आज हम आपको हेयर विग, पैच और एक्सटेंशन की पूरी कहानी बताएंगे, उनकी बनावट, इस्तेमाल और कीमत से जुड़े सारे सवालों के जवाब देंगे।

हेयर विग: एक ऐतिहासिक सफर

हेयर विग का सफर 3400 ईसा पूर्व प्राचीन मिस्र से शुरू हुआ था। उस समय, लंबे और घने बाल एक प्रतिष्ठा का प्रतीक थे। मिस्र की रानी क्लियोपेट्रा भी हेयर एक्सटेंशन और विग का इस्तेमाल करती थीं। हेयर विग बनाने में इंसानी बाल, भेड़ का ऊन और सेल्यूलोस का इस्तेमाल होता था। 16वीं शताब्दी में महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने भी हेयर विग का उपयोग शुरू किया था, उनके कई विग थे जिनमें से सबसे मशहूर था – रोमन स्टाइल विग।

17वीं और 18वीं शताब्दी में फ्रांस के राजाओं, जैसे लुई तेरहवें और लुई चौदहवें ने भी हेयर विग के चलन को बढ़ावा दिया। 20वीं शताब्दी में हेयर विग के कई रूप सामने आये जैसे – हेयर पैच, हेयर टॉपर और हेयर एक्सटेंशन। अब आपकी पसंद और जरूरत के अनुसार हर तरह के विग उपलब्ध हैं – 100 प्रतिशत इंसानी बालों से बने विग और बहुत सारे अलग अलग स्टाइल।

विग की दुनिया का विस्तार

आज विग सिर्फ गंजेपन को छिपाने तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। यह आपके बालों को एक नया लुक देने, बालों की लंबाई या वॉल्यूम बढ़ाने का भी एक शानदार तरीका है। चाहे आपको बोल्ड लुक चाहिए या फिर नेचुरल लुक, हर तरह का ऑप्शन मौजूद है।

भारत में विग उद्योग का विकास

भारत, दुनिया में हेयर विग का एक प्रमुख निर्यातक बनता जा रहा है। 2022 में, भारत ने लगभग 11.7 अरब रुपये के मानव बाल निर्यात किए, यह दर्शाता है कि हेयर विग की डिमांड कितनी बढ़ रही है। यह बिज़नेस न सिर्फ़ मुनाफ़े का काम है बल्कि लोगों की चाहत को भी पूरा करता है। हेयर विग और एक्सटेंशन की बढ़ती मांग से पता चलता है कि लोगों का बालों के प्रति लगाव कितना गहरा है।

भारतीय विग: गुणवत्ता और विश्वसनीयता

भारत से निर्यात होने वाले बालों की मांग विदेशी देशों में बहुत ज्यादा है। इन बालों की गुणवत्ता उच्च स्तर की होती है और इसलिए यह विश्व बाजार में प्रसिद्ध है।

हेयर पैच बनाने की प्रक्रिया

आइए, हेयर पैच के निर्माण की रोमांचक यात्रा पर चलते हैं। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जेमेरिया हेयर फैक्ट्री के मालिक, शशि कांत त्यागी ने विग निर्माण के सात चरणों का खुलासा किया: बालों की नीलामी, बालों को फैक्ट्री में लाना, हैकलिंग (उलझे बालों को अलग करना), रंग और लंबाई के आधार पर बालों का छंटाई (सेग्रिगेशन), बालों की धुलाई, बालों को एक समान लंबाई में काटना और फिर से बालों की छंटाई। आखिर में इन बालों को इस्तेमाल कर के हेयर वेफ्ट (बालों की लड़ी) बनाए जाते हैं।

हेयर विग और एक्सटेंशन की बनावट

हेयर पैच और हेयर टॉपर में फर्क सिर्फ बालों की लंबाई का होता है। हेयर पैच में बालों की लंबाई 4 से 10 इंच तक होती है, जबकि हेयर टॉपर में बाल 10 से 30 इंच लंबे होते हैं। अच्छे हेयर विग के लिए मोनोफिलामेंट फैब्रिक पर हाथ से नोटिंग की जाती है। एक विग को बनाने में 7-8 दिन का समय लग सकता है।

बालों का स्रोत और कीमत

भारतीय हेयर विग इंडस्ट्री में उपयोग होने वाले बाल मुख्य रूप से दक्षिण भारत के मंदिरों से प्राप्त होते हैं। इन बालों की कीमत, उनकी लंबाई के अनुसार, प्रति किलो 9,000 से 58,000 रुपये तक होती है।

बालों की देखभाल: सौंदर्य की गारंटी

विग की देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपके सौंदर्य के लिए ही नही बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। इसलिए धुलने, सुखाने, स्टोर करने के तरीके को अच्छे से सीख लें।

डॉक्टर्स की राय: सुरक्षा और सावधानियां

डॉक्टर्स मानते हैं कि हेयर पैच सुरक्षित होते हैं बशर्ते वो अच्छे वेंडर से मिले हों और बनाने में सही सामग्री का इस्तेमाल किया गया हो। लम्बे समय तक उपयोग करने की जगह रोजाना निकालकर इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित होता है। समय-समय पर पैच निकाल कर स्किन को साफ करना महत्वपूर्ण है जिससे इन्फेक्शन से बचा जा सके।

स्वास्थ्य और सुरक्षा पहले

कभी-कभी हेयर विग पहनने से स्किन पर कुछ छोटे-मोटे रिएक्शन भी हो सकते हैं, इसलिए कुछ समय के बाद इस्तेमाल जरुर बदलिए ताकि इन बातों से बचा जा सके।

रोचक तथ्य: इतिहास से जुड़े किस्से

भारत में, विग और हेयर एक्सटेंशन का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा है। मुगल साम्राज्य में, पुरुष विग का इस्तेमाल प्रतिष्ठा के प्रतीक के तौर पर करते थे। 1960-70 के दशक में बॉलीवुड ने भी विग की लोकप्रियता में बढ़ोतरी की। चीन में मांचू राजवंश के पतन के बाद, भारतीय बाल इंडस्ट्री का महत्व बढ़ गया।

बॉलीवुड और हेयर विग

कई फिल्मों ने हेयर विग की उपयोगिता को और बढ़ाया और एक खूबसूरत रूप दिया।

टेक अवे पॉइंट्स

  • हेयर विग एक लंबा और दिलचस्प इतिहास रखते हैं।
  • भारत में विग का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।
  • विग बनाने की प्रक्रिया काफी जटिल और मेहनत भरी होती है।
  • विग चुनते समय सुरक्षा और गुणवत्ता का ध्यान रखें।
  • हेयर विग, हर किसी के लिए, हर आयु के लिए और हर अवसर के लिए हैं।

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