मरहम लगाने से पहले जान लें, इमरजेंसी पिल्स के ये 7 खतरनाक नुकसान!
क्या आप जानते हैं कि असुरक्षित यौन संबंध के बाद गर्भधारण से बचने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इमरजेंसी पिल्स आपके स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक हो सकती हैं? जी हाँ, ये गोलियाँ आपको गर्भावस्था से बचा सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही कई गंभीर साइड इफेक्ट्स भी दे सकती हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (Emergency Contraceptive Pills) यानी मॉर्निंग-आफ्टर पिल्स के साइड इफेक्ट्स के बारे में विस्तार से बताएँगे। ये जानकारी आपके लिए जानना बेहद ज़रूरी है, इसलिए ध्यान से पढ़ें।
इमरजेंसी पिल्स क्या हैं और कैसे काम करती हैं?
इमरजेंसी पिल्स एक ऐसी दवा है जो असुरक्षित यौन संबंध के बाद गर्भधारण को रोकने में मदद करती है। ये गोलियाँ गर्भाशय में अंडे के प्रत्यारोपण को रोककर या अंडाशय से अंडे के निकलने को रोककर काम करती हैं। हालाँकि, ये 100% प्रभावी नहीं हैं और इनका उपयोग नियमित गर्भनिरोधक के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। ज़्यादा जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लें, ख़ास तौर पर अगर आपको कोई दूसरी बीमारी या एलर्जी है। आइये जानते हैं कि इन गोलियों के उपयोग से आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।
इमरजेंसी पिल्स के साइड इफेक्ट्स
अनियमित मासिक धर्म: कई महिलाओं ने इमरजेंसी पिल्स लेने के बाद अपने मासिक धर्म चक्र में बदलाव का अनुभव किया है। ये बदलाव कुछ दिनों की देरी से लेकर पूरी तरह से अनियमित मासिक धर्म तक हो सकता है। ये बदलाव अस्थायी हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये लंबे समय तक चल सकते हैं। हर महिला का शरीर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है।
गर्भावस्था: यह भले ही इन पिल्स का मुख्य काम न हो, पर यह पूरी तरह से कारगर नहीं होती हैं। कुछ महिलाओं में, इमरजेंसी पिल्स लेने के बावजूद भी गर्भावस्था हो सकती है। यदि आपको अपनी मासिक धर्म में देरी या कोई अन्य गर्भावस्था का संकेत दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
गर्भाशय से बाहर गर्भावस्था (एक्टोपिक प्रेग्नेंसी): यह एक बेहद गंभीर जटिलता है। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी तब होती है जब गर्भ निषेचन के बाद फैलोपियन ट्यूब में या गर्भाशय के बाहर किसी जगह पर आरोपित हो जाता है। इसमें तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की जरुरत होती है।
गंभीर पेट दर्द: कई बार इमरजेंसी पिल्स लेने से पेट में मरोड़ या दर्द जैसी समस्या हो सकती है। ये दर्द गंभीर हो सकता है और चिकित्सीय ध्यान की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए ध्यान से सोचें।
मतली, उल्टी, और चक्कर आना: इन लक्षणों का अनुभव होना बेहद आम है और आमतौर पर अस्थायी होते हैं। हालाँकि, यदि ये लक्षण बहुत गंभीर हैं तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
थकान और कमजोरी: यह साइड इफेक्ट भी आम है। बहुत ज़्यादा थकान का अहसास होना भी एक संकेत हो सकता है। आराम करें और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह ले।
हार्मोनल असंतुलन: इमरजेंसी पिल्स लेने से शरीर में हार्मोन में असंतुलन हो सकता है जिसका असर आपकी सेहत पर पड़ सकता है।
इमरजेंसी पिल्स कब और कैसे लें?
इमरजेंसी पिल्स को असुरक्षित यौन संबंध के बाद जल्दी से जल्दी लेना चाहिए, आदर्श रूप से 72 घंटों के भीतर। लेकिन याद रखें, यह नियमित गर्भनिरोधक का विकल्प नहीं है और इसका बार-बार उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, यह यौन संचारित रोगों (STIs) से बचाने में असमर्थ है। किसी भी गर्भनिरोधक विधि को लेने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें।
अन्य गर्भनिरोधक विकल्प
यदि आप नियमित रूप से सुरक्षित यौन संबंध रखते हैं, तो इमरजेंसी पिल्स पर निर्भर रहने की जगह और ज़्यादा कारगर गर्भनिरोधक विकल्प चुनना बेहतर है जैसे की कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां, या IUD। इन सभी के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं, इसलिए आपको यह खुद नहीं करना चाहिए। यह एक डॉक्टर से बेहतर समझा जा सकता है।
निष्कर्ष: अपनी सेहत को समझें
हम उम्मीद करते हैं कि ये जानकारी आपको इमरजेंसी पिल्स के संभावित जोखिमों और साइड इफेक्ट्स के बारे में समझने में मदद करेगी। हमेशा याद रखें कि किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है, खासकर यदि आपको अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हैं। अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहें।
Take Away Points
- इमरजेंसी पिल्स गर्भनिरोधक का नियमित तरीका नहीं है।
- इनका बार-बार उपयोग करने से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
- हमेशा डॉक्टर से सलाह लेकर ही कोई भी दवा लें।
- अन्य सुरक्षित और ज़्यादा कारगर गर्भनिरोधक विकल्पों पर विचार करें।

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