Bathing Tips: क्यों निर्वस्त्र होकर स्न्नान करने से रोकते हैं पूर्वज

Bathing Tips:  स्नान हमारी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है। व्यक्ति सुबह उठकर सबसे पहले  स्नान करता है। कुछ लोग  स्नान विधि पूर्वक करते हैं तो कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इसे काम समझ कर सिर्फ निपटाते हैं। लेकिन हमारे धार्मिक ग्रंथो में  स्नान को लेकर कुछ विशेष नियम बताए गये हैं। मान्यता है जो व्यक्ति धर्म शस्त्रों के नियमों के मुताबिक स्न्नान करता है उसके सभी कष्ट दूर होते हैं, घर में सुख समृद्धि आती है। 

जानें शस्त्रों के मुताबिक स्न्नान के नियम :

नग्न अवस्था में न करें स्न्नान :

धर्म ग्रंथो के मुताबिक किसी भी व्यक्ति  अवस्था में स्नान नहीं करना चाहिए। स्न्नान करते समय शरीर पर एक कपड़ा जरूर पड़ा होना चाहिए। यदि आप नग्न अवस्था में स्न्नान करते हैं तो इससे पितृ दोष लगता है क्योंकि हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद के श्राद कर्म में निर्वस्त्र होकर स्नान करने का प्रावधान है। 

देवताओं का अपमान :

यदि कोई निर्वस्त्र होकर नहाता है तो उससे हमारे देवी -देवताओं पर जल के छींटे जाते हैं। धर्म शस्त्रों के मुताबिक निर्वस्त्र स्नान से वरुण देव नाराज होते हैं और घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। 

मानसिक तनाव :

धर्म शस्त्रों के मुताबिक़ स्नान एक परम्परा है जो मन को शुद्ध करती है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति निर्वस्त्र होकर स्न्नान करता है तो उसके मन में कई नकारात्मक विचार आते हैं जिसके चलते वह मानसिक तनाव झेलता है।

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