ऐसी क्या मजबूरी थी की सोनिया गांधी को आना पड़ा राजनीति में

देश– सोनिया गांधी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रही हैं। सोनिया गांधी का विवाह राजीव गांधी के साथ हुआ था। उन्होंने अपने जीवन मे कई उतार चढ़ाव देखे। सोनिया गांधी कभी भी राजनीति में नहीं आना चाहती थी। उनके पति राजीव गांधी ने भी अपनी मां के साथ राजनीति करके की राह न चुनकर पायलट बनना स्वीकार किया था।
लेकिन अचानक से सोनिया गांधी और राजीव गांधी के जीवन मे बड़ा फेरबदल देंखने को मिला। जब इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी का निधन हुआ तो राजीव गांधी की मां टूट गई। उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपनी मां को सहारा देने के लिए राजीव गांधी ने न चाहते हुए राजनीति में कदम रखा।
राजीव गांधी का राजनीति में आना सोनिया गांधी के लिए राजनीति का मार्ग खोलने जैसा था। 1984 में इंदिरा गांधी की मौत हुई। उस समय राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनना था। राजीव गांधी जब प्रधानमंत्री बने तब सोनिया गांधी राजनीति से काफी दूर थी। लेकिन जब राजीव गांधी की मौत हुई तो मानो सोनिया के कंधों पर अपनी विरासत को संभाल कर रखने की जिम्मेदारी आ गई।
राजीव गांधी की मौत के बाद साल 1997 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस की बागडोर अपने हाथ मे ली। उनके नेतृत्व में कांग्रेस में पुनः जान आ गई। साल 2004 में उन्होंने गठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाई और साल 2009 में पुनः केंद्र में यूपीए की सरकार बनी।

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