उत्तर भारत में इन दिनों जबरदस्त ठंड पड़ रही है. हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी इलाकों में तो तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है. आलम ये है कि यहां अब मशीनों को भी ठंड की चपेट में आने से बचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. हिमाचल प्रदेश लाहौल-स्पीति में एटीएम मशीनों को कंबल ओढ़ाए गए हैं ।
आप को क्या लगता है इस भीषण सर्दी में आपकी ही हालत खराब है? बिलकुल नहीं जनाब ऐसा नहीं है, अब तो बैंकों के एटीएम भी सर्दी से परेशान हैं, तभी तो ठीक से चलाए रखने के लिए एटीएम मशीन को भी कंबल पहनाकर रखा जा रहा है, और रूम हीटर जला कर गर्मी दी जा रही है। आजकल कश्घ्मीर से लेकर दिल्घ्ली और कानपुर से लेकर अहमदाबाद तक मिनिमम टेंम्घ्प्रेचर 4 डिग्री तक पहुंच रहा है, ऐसे में जबरदस्घ्त ठंड से लोगों को बुरा हाल है। यूपी और दिल्ली में तो फिर भी बर्दाश्घ्त करने लायक ठंड है, लेकिन हिमाचल के सुदुर इलाकों में तो भीषण सर्दी और बर्फबारी के चलते हालात काफी संगीन हो चुके हैं।
यहां के लाहौल-स्पिती जिले में तो तापमान जीरो से भी काफी नीचे चल रहा है। जिसके चलते ठंड के कारण कई एटीएम में मशीनें ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं और बार बार जाम हो जाती हैं। इस कारण इस जगह पर एटीएम मशीन को मोटा कंबल पहना दिया गया है। इसके बावजूद एटीएम मशीन और उसके पावर बैकअप को मेंटेन रखने के लिए कई एटीएम केबिन में रुम हीटर भी लगाने पड़ रहे हैं, ताकि दिन भर के धंधे के टाइम में एटीएम मशीनें ठीक से काम कर सकें।
यहां के कुछ बैंघ्क मैनेजरों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से वे एटीएम के भीतर कोयला या लकडिघ्यां तो नहीं जला सकते, इसलिए एटीएम केबिन को गर्म रखने के लिए बिजली पर ही निर्भर रहना पड़ता है। अगर बिजली न हो तो मशीन का काम कर पाना बिल्घ्कुल भी संभव नहीं है। हिमाचल में मनाली से करीब 126 किलोमीटर दूर कायलॉग में कभी कभी दिन का तापमान भी माइनस 5 से 10 के बीच रहता है। यहां के बैंक मैनेजर बताते हैं कि इतने कम तापमान में तो एटीएम को चलाना पूरी तरह से मुश्घ्किल हो जाता है। कई बार तो एटीएम के दरवाजे बर्फबारी के कारण बंद हो जाते हैं। इसी हफ्ते इस स्घ्थान का तापमान माइनस 25 डिग्री तक पहुंच गया था। जाहिर है इतने कम तापमान पर तो क्घ्या इंसान और क्घ्या मशीनें सभी जाम हो जाते हैं। ठंड से एटीएम की कन्वेयर बेल्घ्ट जाम हो जाती है और जब तक उसको खोलकर उसे ठीक न किया जाए, पैसे निकाल पाना संभव ही नहीं होता।
गिदड़बाहा(संध्या): लोहड़ी वाले दिन सब्जी मंडी रोड़ पर स्थित एक दुकान पर अचानक बंदर ने मूंगफली-रेवड़ी बेचनी शरू कर दी। बंदर को मूंगफली बेचता देख दुकान पर हनुमान भक्तों की भारी भीड़ लग गई और देखते ही देखते दुकान का पूरा सामान बिक गया।
अग्रवाल पीरखाना के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश काका ने जानकारी देते बताया कि एक बंदर अचानक ही लोहड़ी वाले दिन बाद दोपहर सब्जी मंडी में आया और घूमता फिरता वह एक मूंगफली-रेवड़ी बेचने वाले की दुकान पर आकर गद्दी पर बैठ गया और सब को दुकान का सामान देने लग पड़ा।
उक्त दुकान के मालिक ने खुशी में लोहड़ी वाले दिन पूरा सामान सस्ते भाव बेचा और कोई लाभ भी नहीं कमाया परंतु श्री हनुमान भक्तों ने उसकी दुकान से खूब खरीददारी की। उक्त बंदर ने काफी समय दुकान को संभाला। बंदर ने किसी का कोई नुक्सान नहीं किया।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में जोगीनगर के हर घर में अत्यंत जहरीला सांप पलते हैं. सांपों का लालन-पालन बेटों की तरह किया जाता है. पाले हुए सांप की किसी कारणवश पिटारे में ही मौत हो जाए तो पालक द्वारा पूरे सम्मान के साथ मृत सांप का अंतिम संस्कार किया जाता है. पालक अपनी मूंछ-दाढ़ी मुड़वाता है और पूरे कुनबे को भोज कराता है. महासमुंद नगर के उत्तर में 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जोगी नगर. नगर पंचायत तुमगांव की सीमा में आबाद यह बस्ती लगभग ढाई दशक पूर्व अमात्य गौड़ समुदाय में घुमंतू खानाबदोश सपेरों द्वारा बसाई गई हैै। यहां के लोगों का मुख्य पेशा है, जहरीला सांप पकड़ना और लोगों के बीच उसकी नुमाइश कर (दर्शन कराकर) अपनी आजीविका चलाना. इस काम में बच्चे भी पूरी निर्भीकता से बड़ों का साथ देते हैं. इसलिए हर घर में सांप पाला जाना स्वाभाविक है।
खास बात यह है कि किसी भी सांप को सपेरा केवल दो माह तक ही अपने पास रखता है. फिर उसे कहीं दूर उचित जगह पर खुला छोड़ दिया जाता है. दिव्य औषधीय जड़ी-बूटी के जानकर जनजातीय सपेरे समय-समय पर सांप-बिच्छू से पीड़ित लोगों को लाभप्रद उपचार सुविधा भी उपलब्ध कराते रहते हैं. बहरहाल, सपेरों के सामने अपने पुश्तैनी कार्य को जारी रखने में अब दिक्कतें पेश आने लगी हैं. वन विभाग सांप पालने पर आपत्ति के साथ लगातार दबाव बना रहा है कि सांप को पकड़कर रखना बंद करें।
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Read More : नहीं थम रही दिशा पाटनी की हॉटनैस, शेयर की बोल्ड तस्वीर सात पुत्री और तीन पुत्रों सहित 10 बच्चों का बाप कृष्णा नेताम बताता है कि उनके सामाजिक ताने – बाने में खास दस्तूर यह है कि विवाह संस्कार के दौरान वधू पक्ष की ओर से वर पक्ष को दहेज स्वरूप 21 सांपों का उपहार देना अनिवार्य है. इसके बिना विवाह नहीं होता. अगर वधू पक्ष के यहां इक्कीस सांप न हुए तो वह बस्ती के अन्य सपेरों से उनके पालतू सांप लेता है और उपहार (दहेज) की रस्म पूरी करता है. कृष्णा के अनुसार, उन्हें अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाए रखने की छूट मिलनी चाहिए।
Read More : इन पंडों के पास है ऐसी जानकारी कि आप रह जाएंगे हैरान सपेरे का यह भी कहना है कि वे लोग सांप पकड़ने के लिए कभी जंगलों में नहीं जाते, बल्कि केवल उन्हीं सांपों को पकड़ते हैं, जो रिहाइशी क्षेत्रों में घुस आते हैं और जिनसे अनिष्ट की आशंका होती है।
आप लखपति बनना चाहते हैं लेकिन आपकी कमाई कम है तो चिंता की बात नहीं। कमाई बढ़ने का इंतजार किए बगैर सिर्फ 500 रुपये हर महीने निवेश कर आप लखपति बन सकते हैं। सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिये आप लखपित बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।
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सिर्फ 500 रुपये बन जाएंगे 4.5 लाख आप सिर्फ 500 रुपये हर महीने सिप में निवेश करते हैं तो 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न पर 20 साल में आपका निवेश बढ़कर 4.55 लाख रुपये हो जाएगा। इसमें आप 10 साल में महज 1.20 लाख रुपये जमा करते हैं और 3.35 लाख रुपये रिटर्न या फायदे के रूप में मिलते हैं।
जल्द शुरुआत पर तीन गुना कमाई आप बचत की शुरुआत जितनी जल्द करते हैं उसका उतना ही ज्यादा फायदा मिलता है। आप 500 रुपये सिप में निवेश कर 20 साल में 4.55 लाख रुपये ही जमा कर पाते हैं। जबकि आप सिर्फ 500 रुपये हर महीने सिप में निवेश करते हैं तो 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न पर 30 साल में आपका निवेश बढ़कर 15.26 लाख रुपये हो जाएगा। इसमें आपकी ओर से जमा की गई राशि महज 1.80 लाख रुपये होगी जबकि 13.46 लाख रुपये रिर्टन या लाभ के रूपये होंगे। इस तरह 10 साल पहले निवेश की शुरुआत करने से आपकी कमाई तीन गुना से अधिक बढ़ जाती है।
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इस स्कीम ने निवेशकों को किया मालामाल पिछले साल सिप के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश से शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाकर मालामाल हुए हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा सिप के जरिये 2017 में जुटाई गई राशि 59,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वर्ष 2016 में यह 40,000 करोड़ रुपये थी। इस तरह पिछले साल इसमें निवेश डेढ़ गुना बढ़ा है। पिछले साल शेयर बाजार ने निवेशकों 25 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया है। सिप के जरिये बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों को भी तगड़ा मुनाफा हुआ है।
निवेश पर जोखिम भी घटाता है सिप आप शेयर बाजार में एकमुश्त 10 हजार रुपये सीधे निवेश करते हैं और बाजार में 10 फीसदी की गिरावट आती है तो आपकी रकम घटकर 9,000 रुपये हो जाएगी। लेकिन आप सिप के जरिये शेयर बाजार में एक हजार रुपये हर माह लगाते हैं और पहले माह 10 फीसदी की गिरावट आती है तो निवेश घटकर 900 रुपये हो जाएगा। अगले माह आप एक हजार रुपये और लगाते हैं तो कुल निवेश 1,900 रुपये हो जाएगा। अब दूसरे माह 10 फीसदी की तेजी आती है तो आपका निवेश 190 रुपये बढ़कर 2090 रुपये हो जाएगा। इस तरह आपको निवेश पर 4.5 फीसदा का फायदा हुआ। जबकि नुकसान की स्थिति में केवल एक हजार रुपये पर ही आपको घाटा होता है। इस तरह सिप की वजह से बाजार की तेजी का तो फायदा मिलता ही है। साथ ही गिरावट में औसत नुकसान भी कम हो जाता है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाने में छोटे निवेशक भी पीछे नहीं है वह सिप के जरिये इसमें जमकर पैसा लगा रहे हैं।कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह का कहना है कि सिप खुदरा निवेशकों द्वारा म्यूचुअल फंड में निवेश का पसंदीदा माध्यम है, क्योंकि इससे बाजार जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है। उनका कहना है कि सिप में अधिक रुचि की वजह इक्विटी योजनाओं का बेहतर प्रदर्शन और एम्फी द्वारा निवेशक जागरूकता के लिए चलाया जाने वाला अभियान है। वहीं एम्फी के चेयरमैन ए बालासुब्रमण्यन का कहना है कि सिप म्यूचुअल फंड निवेशकों का निवेश का पसंदीदा माध्यम बन गया है। इससे रुपये की लागत को औसत करने में मदद मिलती है और साथ ही इसमें अनुशासित तरीके से निवेश किया जा सकता है और बाजार उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं रहती।
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी काफी नाम कमाया है। अमिताभ ने जितनी शोहरत कमाई उतनी ही पैसा भी कमाया। 60 से ज्यादा की उम्र में भी अमिताभ लगातार काम कर रहे हैं। करोड़ों के मालिक अमिताभ के परिवार के पास हर सुख सुविधा मौजूद हैं, लेकिन आज हम उनके परिवार के एक ऐसे सदस्य के बारे में बात कर रहे हैं जो पैसे-पैसे को मोहताज है।
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खबरों की मानें तो अमिताभ की सगी बुआ के बेटे अनूप रामचंद्र का बच्चन परिवार से खास रिश्ता है। इसके बावजूद रामचन्द्र आज गरीबी में जीने के लिए मजबुर हैं। अनूप रामचंद्र का परिवार पहले थोड़ा पैसे वाला था, लेकिन वक्त की मार ने उन्हें पैसे पैसे का मोहताज कर दिया।
अमिताभ और अनूप के बीच दूरी की मुख्य वजह एक जमीन को लेकर विवाद है। जिसकी वजह से अमिताभ अनूप और उनके परिवार से दूर ही रहना पसंद करते हैं। अनूप ने अभिषेक बच्चन की शादी में शामिल न होने के पीछे कारण बताया था कि वो पैसों की तंगी कि वजह से नहीं आ सके थे। अनूप और उनकी पत्नी मृदुला अमिताभ बच्चन के कटघर स्थित मकान में रहते हैं।
अनूप के मुताबिक, यह मकान पुश्तैनी है, जिसे लेकर अमिताभ और अनूप में कुछ विवाद है। हालांकि, अमिताभ ने अनूप के परिवार से दूरी क्यों बना रखी है इसका कारण स्पष्ट नहीं है। फिर भी कुछ लोग इसके पीछे अनूप की अमिताभ से मांग है कि उनके पुश्तैनी मकान को एक म्यूजियम बनाकर उसमें हरिवंश राय बच्चन की यादें राखी जाए।
जब दुनियां के सबसे अमीर लोगो की बात की जाती हैं तो अंबानी का नाम सबसे पहले आता हैं. कुछ दिनों पहले जारी हुई एशिया के टॉप 5 अमीर लोगो की लिस्ट में अंबानी का नाम शामिल हो चूका हैं. अंबानी जिस रफ़्तार से अपने बिजनेस और प्रापर्टी को बड़ा रहे हैं उसे देख लग रहा था कि अमीरी के मामले में इनको कोई भी पीछे नहीं छोड़ सकता हैं. लेकिन हाल ही में ये कारनामा चीन की रहने वाली एक महिला ने मात्र 7 दिनों के भीतर कर दिखाया हैं.
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दरअसल चीन की रहने वाली यांग हुइयान एक बिजनेस वुमेन हैं. उनके पास अब तक चीन की सबसे अमीर महिला होने का खिताब तो था ही लेकिन बीते 7 दिनों में उन्होंने 6.1 अरब डॉलर की कमाई कर अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया. अब एशिया के अमीर लोगो की सूचि में यांग हुइयान का नाम मुकेश अंबानी से ऊपर आ चूका हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि वर्तमान में दुनियां के सबसे अमीर आदमी अमेजन डॉट कॉम के जेफ बेजोस हैं. चीन की महिला यांग हुइयान संपत्ति के मामले में बस उन्ही से थोड़ा पीछे हैं.
अब आप सोच रहे होंगे कि ये महिला ऐसा क्या करती हैं जो इसमें अंबानी तक को पैसो के मामले में पीछे छोड़ दिया. वैसे आपको बता दे कि इस महिला ने सिर्फ अंबानी को ही नहीं बल्कि दुनियां के दुसरे सबसे अमीर व्यक्ति बिल गेट्स को भी पीछे छोड़ दिया हैं. दरअसल यांग हुइयान एक रियल स्टेट कंपनी चलाती हैं. उनकी इस कंपनी ने इस साल एक हफ्ते में ही अपनी नेटवर्थ को 39 हजार करोड़ रुपए बढ़ा लिया हैं. जो कि दुनियां के सबसे अमीर व्यक्ति बेजोस की नेटवर्थ 42 हजार करोड़ रुपए से कुछ ही कम हैं. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मुकेश अंबानी ने इस साल अपनी संपत्ति को 2,462.5 करोड़ रुपए तक बढ़ाया हैं.
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36 वर्षीय यांग हुइयान ने मार्केटिंग में बेचलर डीग्री ले रखी हैं. वे चीन की सबे बड़ी रियल स्टेट कम्पनी कंट्री गार्डन होल्डिंग्स की वाइस चेयरपर्सन हैं. यांग ने चीन के अलावा ऑस्ट्रेलिया में भी अपना रियल स्टेट का कारोबार फैला रखा हैं. मुकेश अंबानी की तरह ही यांग को कुछ संपत्ति अपने पिता से साल 2005 में विरासत में मिली थी. इसके बाद यांग अपनी मेहनत के बल पर कंपनी को और भी ऊपर ले गई. आज यांग की गिनती सिर्फ चीन की ही नहीं बल्कि पुरे एशिया की सबसे अमीर महिलाओं में होती हैं.
बताते चले कि यांग की कंपनी के स्टॉक्स में इस साल 10 दिनों के अंदर 23 फीसदी वृद्धि हुई हैं. वहीँ महीने भर के अन्दर इनकी कंपनी के शेयर 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं. यांग अपनी रियल स्टेट कम्पनी के अलावा ब्राइट स्कॉलर एजुकेशन होल्डिंग्स की चेयरपर्सन भी हैं. ये कंपनी चीन में लोगो को इंटरनेशनल लेवल की द्वितीय भाषाएँ सिखाने वाली सबसे बड़ी कम्पनी हैं.
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्सके अनुसार मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 2.60 लाख करोड़ रुपए, जिसके चलते वो दुनियां के सबसे अमीर आदमियों की सूचि में 20वें नंबर पर हैं. वहीँ दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स की संपत्ति 9,555 करोड़ रुपए बढ़ी है. लेकिन यांग ने इन सबको पीछे छोड़ 6.31 लाख करोड़ की नेटवर्थ के साथ दूसरा पायदान हासिल कर लिया हैं.
नई दिल्ली , जियो के बाद इंटरनेट डाटा पैक बाजार में एक भी बड़े धमाके की तैयारी चल रही है। यह धमाका बीएसएनएल और दुनिया के कई देशों में कम कीमत में इंटरनेट पैक और कम कीमत के मोबाइल फोन और टैबलेट उपलब्ध कराने वाली कनाडा की कंपनी डाटाविंड की करेगी। कंपनी हर रोज महज एक रुपया के शुल्क में असीमित इंटनेट डाटा उपलब्ध कराने की योजना है, जो अगले फरवरी के तीसरे सप्ताह में शुरू हो सकती है।
डाटाविंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुनीत सिंह तुली का कहना है कि फरवरी के तीसरे सप्ताह में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत यात्रा पर आ रहे हैं। उसी दौरान सस्ती इंटरनेट पैक सेवा की शुरुआत हो सकती है। इसके लिए बीएसएनएल पहले ही एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुका है। दरअसल, डाटाविंड यह इंटरनेट सेवा मोबाइल फोन के एक ऐप के जरिए उपलब्ध कराएगी, जो एंड्रॉयड और जावा तकनीक से चलने वाले फीचर फोन पर उपलब्ध होगी। यह कंपनी का पेटेंटेड ऐप है। इसके तहत, बीएसएनएल के सिम खरीदने वाले ग्राहक उस ऐप को इंस्टाल करेंगे और उसी से इंटरनेट ब्राउजिंग का लाभ लेंगे। इस सेवा में एक जीबी, दो जीबी जैसी कोई सीमा नहीं होगी, बल्कि असीमित डाटा मिलेगा। यह तो उपयोग करने वाले ग्राहकों पर निर्भर करेगा कि वह एक दिन में कितना डाटा का उपयोग करे।
इंटरनेट पैक में जो डाटा मिलेगा, उसकी स्पीड क्या होगी, इस सवाल पर तुली ने बताया कि यह स्पीड संबंधित टेलीफोन कंपनी द्वारा उपलब्ध कराने वाली स्पीड के बराबर ही होगी। लेकिन ब्राउजिंग स्पीड उससे 30 फीसदी बढ़ जाएगी, क्योंकि इसमें कंप्रेशन एक्सीलरेशन तकनीक के उपयोग से डाटा को 30 गुना कंप्रेस करके भेजा जाता है। इससे ब्राउजिंग के वक्त डाउनलोडिंग का समय घट जाता है। उदाहरण के लिए यदि किसी कंटेंट को डाउनलोड करने में लगने वाला सामान्य समय यदि 30-32 सेकंड है, तो उनके ऐप में यह महज एक या दो सकेंड में ही डाउनलोड हो जाएगा।
सिर्फ बीएसएनएल से ही साझेदारी क्यों, इस सवाल पर उन्होंने बताया फिलहाल समझौता सिर्फ बीएसएनएल से ही हुआ है। इसके अलावा रिलायंस जियो, एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन आदि कंपनियों से बातचीत चल रही है। यदि अन्य कंपनियां भी तैयार होती हैं, तो उनके ग्राहकों को भी सस्ती इंटरनेट सेवा का लाभ मिल सकेगा।
वेनेजुएला, गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे दक्षिण अमरीकी देश वेनेजुएला की आर्थिक हालत खराब होने से आमलोगों का जीना मुहाल हो गया है। खाद्य पदार्थों की लूटपाट की घटनाएं बेहद आम हो चुकी हैं। भूख से त्रस्त लोगों की भीड़ दूध और अनाज को जहां देखते हैं, लूट लेते हैं। यहां लोग जानवरों को भी मार कर खाने लगे हैं। एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लोगों की एक भीड़ ने अपनी भूख मिटाने के लिए एक गाय को पत्थरों से मार-मार कर उसकी जान ले ली।
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वेनेजुएला इन दिनों खाद्य पदार्थों की भारी किल्लत से जूझ रहा है।
यह घटना वेनेजुएला के लोगों की हालत को बयान करता है। इसके बावजूद आमलोगों की परेशानी को दूर करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, यह मामला वेनेजुएला के मेरिडा के हसिएंडा मीराफ्लोर्स का है। भूखे लोगों की भीड़ हम भूखे हैं, हम भूखे हैं चिल्लाते हुए गाय के पीछे भाग रहे थे। लोगों ने गाय को चारों तरफ से घेर कर उस पर पत्थरों से हमला कर दिया। कुछ लोगों को लाठी-डंडों से मारते हुए भी देख जा सकता है।
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वेनेजुएला की पूरी अर्थव्यवस्था तेल पर टिकी है।
गाय के मरने के बाद उसके मांस के लिए बहुत से अन्य लोग भी वहां इकट्ठा हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहएकमात्र घटना नहीं है। देश के कई हिस्सों में भूखी भीड़ द्वारा गायों को मारने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद राष्ट्रपति निकोलस माडुरो पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। सरकार की ओर से लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। भूखे लोगों के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में अब तक कई लोगों के मारे जाने की खबरें आ चुकी हैं।
यह यूरोप में स्थित सबसे साइबेरिया में है। यहां पर रुम के यमल-नेनेट्स में -45 डिग्री के आसपास तापमान रहना आम बात है। कई बार तो यहां का पारा इससे भी कम हो जाता है। जिसमें लोगों के लिए सांस तक लेना मुश्किल हो जाता है। दुनिया में बहुत तरह के लोग रहते हैं। हर किसी का रहन-सहन,खान-पान और रिति-रिवाज अलग-अलग तरह के होते हैं।
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इसी तरह हर जगह का तापमान भी एक जैसा नहीं होता, कहीं तपती गर्मी तो कहीं कड़कती ठंड़ वहां रह रहे लोगों के लिए सहन करना भी मुश्किल हो जाता है। आज हम ऐसी ही एक जगह के बारे में बात कर रहे हैं जहां पर तापमान -50 डिग्री तक भी पहुंच जाता है। इसी कारण शायद यहां पर रह रहे लोग अब तक गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं। इस ठंड़ में आसानी से रहने के लिए लोगों को जानवरों का खून पीना पड़ता है।
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यहां पर लाखों की तादाद में बारहासिंघा भी रहते हैं, जिन्हें ढूढंने में लोगों को कोई परेशानी भी नहीं होती। शायद यही कारण है कि लोग इनका मांस खाते और खून पीते हैं। जिससे इनका शरीर अंदरूनी रूप से गर्म रहता है। यहां की स्थानीय भाषा में इनको यमल-नेनेट्स कहते हैं। इसका मतलब है ‘इज़ ऑफ द वर्ल्ड’ यानी दुनिया का किनारा।
इन दिनों सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के जरिए कमाई करना लोगों का प्रोफेशन बन गया है। इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों के जरिए नकली प्रचार करके पैसा कमाना चाहते हैं। ऐसी ही एक यूट्यूब वीडियो बनाने वाली महिला को नकली प्रचार की मांग करना बेहद भारी पड़ गया।
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दरअसल एली डार्बी नाम की ये 22 वर्षीय महिला सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के जरिए कमाई करती हैं। यूट्यूब पर उनका अपना चैनल है जिसके जरिए वो लाखों लोगों तक अपने वीडियोज बनाकर पहुंचाती हैं। एली ने डब्लिन में ‘Charleville Lodge Hotel’ के मालिक पॉल स्टेनसन को एक ईमेल लिखकर कहा कि वो अपने वीडियोज के जरिए पॉल के होटल का प्रचार कर सकती हैं, जिससे उनका होटल फेमस हो जाएगा। लेकिन एली का कहना था कि वो चाहती हैं कि इस प्रचार के बदले उन्हें हमेशा होटल में मुफ्त में रहने-खाने दिया जाएगा।
होटल मालिक पॉल ये ईमेल पढ़कर नाराज हुए और उन्होंने एली को सोशल मीडिया के जरिए ही जवाब देने का फैसला किया। उन्होंने एली का खत ऑनलाइन पोस्ट कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी और यू-ट्यूब ब्लॉगर एली की पूरी बातचीत ऑनलाइन डाल दी। जब लोगों ने एली को इस हरकत के लिए ट्रोल करने शुरू किया तो उन्होंने अपने आप को इससे अलग कर लिया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर अपनी आलोचना के लिए एली ने होटल मालिक को मानहानि का केस ठोकने की धमकी दे डाली।
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आपको बता दें कि एली डार्बी सोशल मीडिया के जरिए ही अपनी कमाई करती हैं। यूट्यूब पर उनके 87000 सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर 76000 फॉलोवर हैं। वो अपने वीडियो ब्लॉग्स पर फिटनेस और संदरता से जुड़े हुए वीडियोड पोस्ट करती हैं। वहीं डब्लिन होटल के मालिक पॉल शुरू से ही ब्लॉगर्स के खिलाफ हैं। उन्हें अपने होटल में ब्लॉगर को ठहराना बिलकुल पसंद नहीं है और उनका कहना है कि वो न ही किसी ब्लॉग पर अपनी पब्लिसिटी करवाते हैं।