नई दिल्ली . इस शख्स के पास दो चेहरे थे। एक जागता था तो दूसरा सोता था और एक चुप रहता तो दूसरा फुसफुसाता था। सुनकर आपको आश्चर्य होगा लेकिन यह सत्य है। इस रहस्यमयी दुनिया को आप जितना समझने की कोशिश करेंगे दिमाग उतना ही भन्नाने लगेगा। आम बोलचाल में हंसते मुस्कुराते हुए हम दो चेहरे वाले लोगों की बातें केवल आपने सुनी होगी लेकिन कभी आपने वास्तव में इस प्रकार का शख्स नहीं देखा होगा।
ऐसे बोलचाल की भाषा में दो चेहरे वाले इंसान की बात कह दी जाती है जिसका मतलब होता है कि हर इंसान के सामने शख्स का व्यवहार बदला बदला रहता है लेकिन असलियत में जिसके चेहरे होते हैं उसे दूसरे से ज्यादा खुद से दिक्कत होती है। ऐसा दावा किया जाता है कि १८वीं शताब्दी में इंग्लैंड में एक ऐसा व्यक्ति था जिसके दो चेहरे थे। आप विश्वास करें या न करें लेकिन ऐसा कहा जाता है कि वास्तव में इंग्लैंड में एक शख्स रहता था जिसके चेहरे के पीछे भी एक चेहरा था। इस व्यक्ति का नाम था एडर्वड मोरड्राके। यह दुनिया का इकलौता ऐसा शख्स था जिसके एक नहीं बल्कि दो-दो चेहरे थे।
कहते हैं कि एडवर्ड का दूसरा चेहरा सक्रिय अवस्था में नहीं था लेकिन जैसे ही वो सोने की कोशिश करते थे उनका दूसरा चेहरा जाग जाता था। वह रात भर कान में फुसफुसाता था। साल 1985 में बॉस्टन पोस्ट में एक लेख छपा था, जिसमें एडवर्ड का जिक्र किया गया है। एडवर्ड अपने दूसरे चेहरे से बहुत परेशान थे क्योंकि इसकी वजह से वह कई कई दिनों तक सो नहीं पाते थे। अपने इलाज के लिए वह डॉक्टर के पास भी गए थे चूंकि उस वक्त की तकनीक इतनी विकसित नहीं हुई थी इसलिए इलाड संभव नहीं हो पाया।
1896 की मेडिकल इंसाक्लोपीडिया में एडवर्ड की मेडिकल कंडीशन का जिक्र किया गया है लेकिन इस पर कई सवाल हैं, लोग इसे कहानी ही मानते हैं। इसी कहानी के मुताबिक अपने दूसरे चेहरे से परेशान होकर एडवर्ड ने एक दिन आत्महत्या कर ली थी। इस आलेख में कई प्रकार के उदाहरण दिए गए हैं लेकिन आलेख यह साबित करने में सफल नहीं हुआ कि आखिर उस व्यक्ति के पास दो चेहरा क्यों था। फिर यह भी साबित नहीं हो पाया कि वह व्यक्ति कैसे अपने आप को व्यवस्थित करता था।