पडरौना,कुशीनगर। भाजपा जिला मंत्री आनन्द कुशवाहा के अगुवाई में बन्द छितौनी चीनी मिल में स्थित मां दुर्गा मन्दिर व परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ साफ – सफाई की गयी । जिसमें क्षेत्र के व्यापारीगणों के साथ भारी मात्रा में महिलायें भी श्रमदान कर सफाई किये।
1998 में चीनी मिल बन्द हो जाने के बाद 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बहन मायवती ने कौडियों के दाम पर चीनी मिल को बेच दिया। जिस पर विक्रताओं के सुरक्षा अधिकारियों ने अपना अधिपत्य जमाते हुये मन्दिर के गेटो को बन्द कर ग्रामीणों को मन्दिर में पूजा करने से रोकते रहे । जिससे लोगों को मन्दिर में आना बन्द हो गया। इसी क्रम में मन्दिर के पुजारी पुलिन बिहारी शर्मा से सुरक्षा कर्मी ने मन्दिर से चाभी लेकर पुजा की रोक लगा दी। जो विगत 3-4 वर्षों से पुजा नही हो सका था। वही मन्दिर की घण्टी व दान पात्र आदि गायब हो गयी है।
जिस पर भाजपा जिला मंत्री आनन्द कुशवाहा ने सज्ञान में लेकर आस – पास के बीडीगंज, गोड पट्टी , केन यूनियन , जोकहिया , टेगरहा , बाजार आदि टोलों में भ्रमण कर लोगों मन्दिर में सफाई करने के लिये अह्वावन किया। जो रविवार को सुबह बच्चे , महिलायें, युवक , व्यापारी आदि ने बन्द चीनी मिल छितौनी के मां दुर्गा के मन्दिर में पहुच कर सफाई में लग गये। जो दोपहर 2 बजे तक सफाई की।
इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश गुप्त, छितौनी इण्टर कालेज के अध्यापक सत्येन्द्र सिंह, यूवा नेता सुमित गुप्ता , रविकान्त गुप्ता उर्फ सोनू , व्यापारी जगदीश गर्ग, शंकर जायसवाल , मनीष शर्मा , राम बेलाश गोंड , श्रवण कुशवाहा , महातम कुशवाहा , अलगू साहनी, दीना साहनी , हरिकेश रौनियार , अमरजीत जायसवाल , महेश कुमार , पप्पू गौड , फिरोज लारी , सोमेश जायसवाल , प्रदीप गोंड , रविन्द्र कुमार , विरेन्द्र शर्मा , ईश्वर एंव महिलायें रुमाली , सुभावती , देवन्ती , सुनीता देवी , सुन्दरी देवी , कुसमावती देवी आदि लोग उपस्थित रहे।
पडरौना,कुशीनगर : स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को स्वतंत्रा दिवस मनाया गया । इस दौरान देश की आजादी दिलाने वाले वीर सपूतों को नमन किया गया । इसी दौरान कुशीनगर के पडरौना नगरपालिका परिषद के एक जनप्रतिनिधि का एक बड़ी लापरवाही सामने आई है ? जिसके बाद चेयरमैन के थोड़ी सी चूक व लापरवाही के दौरान खींची गई फोटो वायरल हो गया है।
बताया जा रहा है स्वतंत्रा दिवस के पर चेयरमैन पडरौना द्वारा ध्वजारोहण के दौरान जूते पहनकर तिरंगा फहरा दिए है । चेयरमैन के द्वारा जूता पहनकर तिरंगा फहराने के मामले खींची जा चुकी फोटो को लेकर यूजर्स सोशल मीडिया पर जमकर अपनी भड़ास निकाल रहे है ? वही पडरौना चेयरमैन के द्वारा जूता पहनकर ध्वजारोहण किए जाने की बाद फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ।
उपेन्द्र कुशवाहा पडरौना,कुशीनगर । आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शीतल प्रसाद ने यही सोचा होगा कि स्वराज मिलने के बाद मरने पर उनके परिवार के लोगो में खुशहाली आएगी।
लेकिन आजादी के इतने वर्ष बीतने बाद भी सेनानी के परिवार का बेटा के पास खुशहाली आना तो दूर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। ऐसे में इस सेनानी परिवार का एक मात्र 65 वर्षीय बेटा ओम प्रकाश आज भी पडरौना शहर के सरकारी रेलवे की जमीन मे फुटपात पर चाय बेचकर जीवन काट रहा है ।
आजादी के दीवाने के इस परिवार को एक अदद मिलने वाला घर भी अब बांसफोरो ने कब्जा कर लिया है। पडरौना शहर के साहबगंज उत्तरी मुहल्ले के निवासी स्व. शीतल प्रसाद स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार लड़ाई को अंजाम देते रहे थे। 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शीतल ने अपने सहयोगियांे के साथ शामिल होकर रेल लाईन व कई सड़क व पुल को ध्वस्त कर अंग्रेजों का संपर्क बाधित कर दिया था।
जबकी इसी पडरौना के गुदरी बाजार से अग्रेजों ने सन् 1932 मे स्वतंत्रा सग्रांम सेनानी शीतल प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था । आज आजादी मिलने के बाद भी सरकारी सिस्टम की उपेक्षा का शिकार हो रह गया है उनका बेटा। आजादी मिलने के बाद से आज तक सेनानी का परिवार बदहाली झेल रहा है।
सेनानी का 65 वर्षिय बेटा ओमप्रकाश ने कहा कि ‘अगर बुनियादी सुविधाओं से वंचित किसी को देखना है तो मंै उसका जीता जगता नमूना हूं’। आजादी के पूर्व अंग्रेजों के निशाने पर मेरे पिता थे तो आज आजादी मिलने के बाद वर्तमान की सरकारें व प्रशासन की उपेक्षा के शिकार अब हम है। आज भी सरकारी रेलवे की जमीन के फुटपात पर चाय बेचकर अपना जीवन यापन कर रहा हू। लेकिन सरकार की ओर से आज तक हमको जरूरी सुविधाएं मिली ही नहीं हैं।
लखनऊ। यूपी पुलिस की ट्विटर सेवा ने हाल के दिनों में अपनी सक्रियता और लोगों की शिकायतें सुलझाने के चलते काफी सुर्खियां बटोरी हैं। यूपी पुलिस का ट्विटर हैंडल शिकायतों को सुनने के प्लैटफॉर्म के साथ ही एक ऐसे हैंडल के तौर पर भी उभरा है, जहां दिनभर में आपको एक ऐसा ट्वीट मजाकिया या हल्का-फुल्का ट्वीट जरूर मिल जाएगा जिसके जरिए कोई गंभीर बात कही गई होगी।
यूपी पुलिस फिल्मी डायलॉग्स और कैरक्टर्स के जरिए इन दिनों संदेश देने की कोशिश कर रही है। ऐसा ही एक ट्वीट रविवार को भी देखने को मिला। जिसमें पुलिस ने अपने ई-चालान सिस्टम और कैमरों की तुलना मशहूर फिल्म शोले के किरदार ‘हरिराम नाई’ से की है। देखें ट्वीट-
बता दें कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की मदद से अब ई-चालान किए जा रहे हैं। प्रतिदिन ऐसे 100 ई-चालान कटेंगे और घर पर नोटिस भेजे जाएंगे। इस ट्वीट में ऐसे ही पहले ई-चालान को दिखाया गया है। अगर आपने शोले फिल्म देखी है तो आपको पता होगा कि ‘हरिराम नाई’ इसका एक फनी किरदार था जो जेलर को जेल और कैदियों से जुड़ी सारी जानकारियां गुपचुप जाकर देता था।
लखनऊ। योगी सरकार अंग्रेजों के समय और कई आजादी के बाद के, वर्तमान समय में अप्रासंगिक हो चुके 95 और कानून खत्म करने जा रही है। इन कानूनों की समीक्षा के बाद सरकार ने पाया है कि अब इनकी कोई जरूरत नहीं रह गई है। इसके लिए जल्द ही विधेयक लाया जाएगा जिसे उत्तर प्रदेश रिपीलिंग एक्ट-2018 कहा जाएगा।
[object Promise]
court_Laws
गौरतलब है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद ही विधि मंत्री बृजेश पाठक ने अपनी अहमियत खो चुके कानूनों को खत्म करने का फैसला लिया था। इस कड़ी में अंग्रेजों के समय से चल रहे लगभग साढ़े तीन सौ कानूनों को खत्म किया जा चुका है। इसमें जमींदारी एक्ट भी था। इस कड़ी को आगे बढ़ते हुए 95 और कानूनों को खत्म करने की तैयारी की जा रही है।
इसमें उत्तर प्रदेश प्राइमरी एजुकेशन एक्ट-1919 (यूपी एक्ट नं. 7 ऑफ 1919 है) भी है। आजादी के बाद से प्राइमरी एजुकेशन के कानून में इतने परिवर्तन हो चुके हैं कि अब यह औचित्यहीन है। इसी प्रकार 1947 का मोटर व्हीकिल एक्ट, दि यूनाइटेड प्राविंस टाउन एरिया एक्ट-1948, दि युनाइडेट प्राविंस सेल्स टैक्स एक्ट-1948 आदि हैं।
विधि मंत्री बृजेश पाठक के अनुसार पहले गणतंत्र दिवस के 69 साल पूरे हो चुके हैं और इन कानूनों का अब कोई अर्थ न हीं रह गया है। ये बेवजह ही दस्तावेजों पर बोझ बन चुके हैं। इसी वजह से इन्हें खत्म करने का निर्णय किया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में विधि विभाग ने न्यायिक सेवा परीक्षा से जमींदारी उन्मूलन का पाठ्यक्रम भी बाहर कर दिया है। देश में जमींदारी न रह जाने से यह पाठ्यक्रम औचित्यहीन हो गया था।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद 72 कैदी रिहा किए जाएंगे। ये कैदी जुर्माना अदा न कर पाने के कारण जेल में अतिरिक्त सजा काट रहे थे। इनके अवशेष अर्थदंड की राशि को विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं व क्लबों ने जमा कर दी है।
कारागार विभाग ने इन कैदियों के रिहा करने की तैयारी कर ली है। ये कैदी प्रदेश के 27 जेलों में बंद हैं। इनमें नैनी जेल से आठ, झांसी जेल से पांच, बाराबंकी से चार, कानपुर नगर से आठ, आगरा से आठ, गोरखपुर से तीन, जौनपुर से दो, वाराणसी से तीन, देवरिया से एक, शाहजहांपुर से दो, मुरादाबाद से तीन, खीरी से एक, हमीरपुर से एक, लखनऊ से छह, पीलीभीत से एक, अलीगढ़ से तीन, रायबरेली से एक, मेरठ से दो, बुलंदशहर से एक, बस्ती से एक, कन्नौज से एक, उन्नाव से एक, इटावा से दो, रामपुर से दो, मथुरा से एक व मीरजापुर से एक कैदी रिहा होंगे।
लखनऊ । समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में राज्य की 80 में से ‘73 से ज्यादा’ सीटें जीतने के भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दावे पर तंज कसते हुए आज कहा कि महागठबंधन की तैयारी मात्र से घबराए भगवा दल को यह मंसूबा भूल जाना चाहिये। अखिलेश ने मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि समाजवादी लोग लोकसभा चुनाव के लिये तैयार हैं और वह अपनी रणनीति अभी नहीं बताएंगे।
उन्होंने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा वे कहते हैं कि 73 से ज्यादा सीटें जीतेंगे लेकिन उन्हें यह भूल जाना चाहिए और बात 70 प्लस की करनी चाहिए क्योंकि उपचुनाव में तीन सीटें तो वह हार ही चुके हैं। महागठबंधन के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा ‘‘इस महागठबंधन के बारे में मीडिया में चर्चाएं जोरों पर है तो महागठबंधन होना लगभग तय है। जहां तक यूपी की बात है, तो गठबंधन यहां भी होगा। जो भाजपा ने बनाया था, वही हमने चोरी कर लिया और अब वही हम उस पर आजमा रहे हैं।’’
गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हाल में चंदौली में आयोजित रैली में कहा था कि भाजपा अगले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 से भी ज्यादा सीटें जीतेगी। यह आंकड़ा 73 से कम कतई नहीं होगा। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी अपना दल को कुल 73 सीटें मिली थीं। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश के लोगों ने देख लिया है कि भाजपा ने उन्हें कैसे धोखा दिया, राजनीतिक लाभ के लिए कैसे जातियों में उलझा दिया गया, कैसे धर्म के नाम पर नफरत फैलायी गयी।
यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव नजदीक आने पर भाजपा नोटबंदी जैसी पुरानी बातें भूलकर रक्षा गलियारे जैसी नयी बातें कर रही है। आज जब आम सड़कें नहीं बन पा रही हैं और पुलों के लिये अनुमति नहीं मिल रही है तो आखिर यह गलियारा कब और कैसे बनेगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि वह मेधावी छात्रों को लैपटॉप देकर प्रदेश की भाजपा सरकार को उसका वह वादा याद दिलाना चाहते हैं, जो उसने अपने चुनाव घोषणापत्र में किया था। हम जो लैपटॉप दे रहे हैं, यह कोई राजनीतिक स्टंट नहीं है। आज लैपटॉप हर बच्चे की जरूरत है, इसीलिए सपा सरकार ने अपने शासनकाल में लैपटॉप बांटा था।
कानपुर । औरैया के बिधूना थाना क्षेत्र के कुदर कोट चैकी क्षेत्र स्थित मंदिर में मंगलवार रात दो साधुओं की धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी गयी, जबकि तीसरे साधु की हालत गंभीर होने पर सैफई अस्पताल भेजा गया है। घटना से आक्रोशित लोगों ने बिधूना रोड जाम कर दिया और दुकानों में तोड़फोड़ के साथ ही आग लगा दी। पुलिस के पहुंचने पर गलियों से पथराव शुरू कर दिया और फाय¨रग की। बचाव में पुलिस ने भी हवाई फाय¨रग कर भीड़ को तितर बितर किया। मौके पर पीएसी के पहुंचने के बाद स्थिति नियंत्रण में हो सकी और जाम खुला
बवाल को देखते हुये पुलिस ने स्कूल व कॉलेज बंद करा दिए हैं। बाजार भी बंद कराया गया है। फोरेंसिक टीम एवं जांच विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन में जुट गए हैं। कुदरकोट का इलाका छावनी में तब्दील हो गया। कानपुर से कई थानों की फोर्स औरैया पहुंच गई है। आइजी आलोक सिंह घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। उनका कहना कि साधुओं की हत्या को लेकर आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। उन्हें शांत कराकर जाम खुलवाया दिया गया है। हत्या के पीछे लूटपाट, जमीनी विवाद और गोकशी के विरोध को लेकर सामने आए बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। हत्यारोपितों की धरपकड़ के लिए आठ पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
कुदरकोट में भयानक नाथ मंदिर में साधु लज्जा राम (65), हल्के राम (50) निवासी धीनोरा थाना बकेवर जिला इटावा व राम शरण (55) निवासी बीबी पुर बिधूना एक साल से कुदरकोट मंदिर में रहकर देखभाल कर रहे थे। मंगलवार की शाम तीनों मंदिर में आरती-पूजन करने के बाद बरामदे में सो गए।
बुधवार सुबह लोग मंदिर पहुंचे तो तीनों खून से लथपथ पड़े थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहा दो को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि रामशरण को सैफई अस्पताल भेज दिया गया। हमलावरों ने तीनों के गले रेतने के अलावा शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए थे। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया और विधूना कुदरकोट मार्ग को जाम कर दिया। दुकानों में तोड़फोड़ के साथ ही आग लगा दी। सूचना पर पुलिस पहुंची तो पथराव कर दिया।
लोगों ने फायरिंग की तो पुलिस ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर बितर किया। एसपी, सीओ कई थानों की पुलिस लेकर पहुंचे और पीएसी बुलाई। पीएसी के पहुंचने के बाद हालात नियंत्रण में हो सके। फिलहाल जाम खुल गया है। क्षेत्र में तनाव का माहौल है और दहशतजदा लोग परिवार के साथ घरों में कैद हो गए है।
पडरौना ,कुशीनगर : पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नाजुक है। वह पिछले दो महीने से एम्स में भर्ती थे। देशभर में अटल जी के स्वस्थ्य होने की दुआएं मांगी जा रही थी। वहीं बीजेपी युवा मोर्चा कुशीनगर के जिलाध्यक्ष हिमांशु शेखरन गोपाल व वयोवृद्ध नेता रामचंद्र पांडेय से बातचीत में अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में बताते हुए कहा कि अटल जी को हमेशा मेरे पिता जनसंघ के जिलाध्यक्ष बनारसी गोपाल से एक खास भोजन के लिए कहते रहे। वह खास भोजन था खड्डा क्षेत्र के एक दरिद्रनारायण के घर का भोजन। जिस भोजन को खाने की इच्छा अटल जी जताते रहे पर अफसोस की वह दिन अब शायद ही आएगा।
बात जनसंघ के शुरूआती दिनों की है। जब कांग्रेस का एकछत्र राज हुआ करता था। जनसंघ को खड़ा करने के लिए तमाम मनीषी लगे हुए थे। 62 का चुनाव चल रहा था। मेरे पिता जनसंघ के जिलाध्यक्ष बनारसी गोपाल ( तत्कालीन देवरिया जिला) थे। चुनाव का समय था। दीनदयाल उपाध्याय क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। दोपहर का समय हो रहा था, सुबह से सब बिना खाये पिये प्रचार में लगे थे। खड्डा क्षेत्र के एक गांव में खाने की व्यवस्था थी लेकिन कांग्रेस के डर से ऐन वक्त पर वह बहाना बना गये थे इसकी सूचना क्षेत्र में ही एक कार्यकर्ता ने जिलाध्यक्ष को दे दी। वापस पड़रौना घर ले जाना संभव नहीं था क्योंकि तबतक शाम हो जाती।
अभी वह लोग कुछ सोच ही रहे थे तभी दीनदयाल जी ने खाने की इच्छा जता दी। सब पशोपेश में पड़ गए। एक जनसभा और निपटाने का आग्रह कर पिता जी एक दो कार्यकर्ताओं को लेकर जल्दी से कुछ इंतजाम को निकले। कुछ दूर जाने पर एक झोपड़ी के बाहर एक व्यक्ति मिला। वह व्यक्ति जिलाध्यक्ष जी को पहचान गया। क्योंकि वह जिलाध्यक्ष के साथ प्रत्याशी भी रहे थे। उसने रोककर पानी पीने का आग्रह किया। गुड़ व पानी पीने के बाद उन्होंने अपनी समस्या बताई। उस व्यक्ति ने कहा कि करीब एक सेर भुजिया चावल है और छान ( झोपडी की छत) पर नेनुआ थोड़ा है। एक दो लोगों की व्यवस्था एक घंटे में कर सकता हूं।
अब इनलोगों की जान में जान आई। ये लोग खाना बनवाये तबतक दीनदयाल जी भी पहुंच गए। खाना बन चुका था। सबने खाने का आग्रह किया। वह खाना खाने झोपड़ी में दाखिल हुए तो छोटी कद काठी वाले पंडित दीनदयाल जी को भी झुक कर अंदर जाना पड़ा। अंदर जमीन पर उनको उस व्यक्ति ने बड़े सम्मान से बिठाया। बड़ी सी थाली में भात, नेनुआ की सब्जी और दाल परोस कर लाया। खाना देखते ही दीनदयाल जी जोर से हंसे और खाने लगे। बड़े इत्मीनान से खाया। लोटा में पानी पीया। इस आवभगत से वह बहुत प्रभावित हुए। जब वह दिल्ली गए तो यह बात अटल जी समेत सभी अन्य नेताओं को बताया कि अगर पूरे हिंदुस्तान में दरिद्र नारायण के घर किसी ने भोजन कराया है तो वह गोपाल जी ने कराया है। इसके बाद अटल जी से जब भी पिताजी की मुलाकात होती तो हालचाल के बाद यह शिकायत करना नहीं भूलते कि आपने मेरे साथ नाइंसाफी की। केवल दीनदयाल जी को दरिद्र नारायण के घर भोजन कराया, मुझे कब कराएंगे। अब शायद ही यह संभव हो। जनसंघ की वह पीढ़ी अब बची ही नहीं। वह संघर्षों का दिन था।
प्रतापगढ़ । पुलिस अधीक्षक का तबादला होने के बाद भी प्रतापगढ़ में अपराध नियंत्रण में नहीं हैं। ताबड़तोड़ दो डबल मर्डर के बाद आज समाजवादी पार्टी के सेक्टर प्रभारी की हत्या को अंजाम दिया गया। इसके विरोध में लोग सड़क पर उतर आए हैं। दुकानों को बंद कराने के साथ ही लोगों ने इस हत्या के विरोध में हाइ-वे पर जाम लगा दिया है।
[object Promise]
Pratapgarh
प्रतापगढ़ में अंतू थाना क्षेत्र के पूरे अंती लोहंगपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र सिंह (58) की आज सुबह हत्या कर दी गई। वह समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मुन्ना यादव के चचेरे भाई को सरिया, सीमेंट का पैसा चुकाकर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान घर के पास ही अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं। इसके बाद आसपास के लोगों ने उनको जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
समाजवादी पार्टी के सेक्टर प्रभारी हरिश्चंद्र सिंह की हत्या से आक्रोशित परिवार के लोगों के साथ ग्रामीणों ने घटनास्थल पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। इसके बाद वहां से पुलिस ने समझा-बुझाकर हटाया। इसके बाद भारी भीड़ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गई।
पडरौना,कुशीनगर : जिले के सेवरही क्षेत्र में रविवार की रात दो अलग-अलग घटनाओं में तीन व्यापारियों के साथ लूट और एक व्यापारी को गोली मारे जाने से व्यापारियों में उबाल है। रविवार की रात सेवरही पुलिस चौकी पर धरने पर बैठे तमकुहीराज विधायक अजय कुमार लल्लू ने मौके पर पहुंचे एसपी अशोक कुमार पांडेय द्वारा 24 घंटे का समय मांगे जाने पर धरना समाप्त कर दिया था,
लेकिन रात में सेवरही के ही इंदिरा नगर के एक घर में भीषण चोरी होने से नाराज व्यापारी सोमवार की सुबह विधायक के नेतृत्व में सड़क पर उतर गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सेवरही बाजार बंद कराया जा रहा है। लोगों में पुलिस के प्रति गहरा आक्रोश है। एहतियात के तौर पर पुलिस भी चौकस हो गई है।
यह है मामला
रविवार की रात तमकुहीराज से आभूषण की दुकान बंद कर लौट रहे सेवरही निवासी सर्राफ संजय वर्मा को मेंहदिया के पास तीन बदमाशों ने गोली मार दी थी। गंभीर हालत में व्यवसायी मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती है। इसी दौरान सेवरही के ही रहने वाले दो स्वर्ण व्यवसायियों को बदमाशों ने सेवरही क्षेत्र के सुमही संतपट्टी में असलहे के बल पर तब लूट लिया था जब वे भुलिया बाजार से दुकान बंद कर सेवरही वापस लौट रहे थे।
इन दो घटनाओं के बाद नाराज लोगों का एसपी ने धरना समाप्त ही कराया था कि रात में सेवरही के इंदिरा नगर मोहल्ले में स्थित एक घर में भीषण चोरी होने से लोगों का गुस्सा भड़क गया।