पडरौना,कुशीनगर : जिले के पनियहवा में अपने ससुराल आए एक युवक की लाश घर के पीछे आम के पेड़ से लटकती मिली। खड्डा के भेड़ियारी निवासी इस युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं।
खड्डा के मदनपुर भेडियारी निवासी चन्नर के बेटे सुरेन्द्र की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व हनुमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पनियहवा निवासी शिवनाथ की पुत्री पन्ना से हुई थी। लोगों के अनुसार पन्ना के ससुराल आने के बाद कुछ वर्षो तक पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन ठीक चला, लेकिन बाद में विवाद होने लगा।
पत्नी पन्ना अपने बच्चों के साथ मायके आकर रहने लगी, तो सुरेन्द्र भी कुछ दिन बाद अपने ससुराल में आकर रहने लगा। शनिवार की सुबह सुरेन्द्र का शव घर के पीछे आम के पेड़ में फंदे से लटकता देख कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे सुरेन्द्र के परिवारीजन उसके ससुरालियों पर हत्या कर आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगाने लगे। एसओ दिलीप कुमार पांडेय का कहना रहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
मेरठ: बसपा के पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक के छोटे भाई की मीट प्रोसेसिंग कंपनी में गैस लीक होने से 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 1 मजदूर व 2 कर्मचारी बाल-बाल बच गए। कंपनी के लोग शवों को एक निजी अस्पताल के बाहर फेंककर फरार हो गए। बाद में लोगों ने शवों को हापुड़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया।
पुलिस के अनुसार खरखौदा थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड स्थित अल्लीपुर जिजमाना में पूर्व सांसद के भाई हाजी राशिद अखलाक की अल यासिर द्वितीय प्रोसेसिंग मीट कंपनी है, जहां मीट पैकेजिंग व मुर्गी दाना बनाया जाता है। यहां लगे खून एकत्र होने वाले करीब 20 फुट गहरे ईटीपी प्लांट की सफाई की जा रही थी। सुबह गुड्डू (18) पुत्र सुभाष, योगेंद्र (22) पुत्र भीमसैन, सतवीर पुत्र मसीहा निवासीगण बिजौली व गाजियाबाद के झंडापुर गांव निवासी अजय (26) पुत्र मुकेश सफाई कर रहे थे।
सतवीर ने बताया कि टैंक के अंदर सीढ़ी से उतरा गुड्डू अचानक बेहोश होकर सिल्ट में जा धंसा। उसे बचाने के लिए योगेंद्र और फिर अजय गए तो वे भी बेहोश होकर गिर गए। मीट की तीव्र गैस के कारण तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे सतवीर और कंपनी के कर्मचारी रिफाकत व जलीफ निवासीगण गाजियाबाद को भी चक्कर आने लगे तो वह किसी तरह बाहर निकल गए।
सतवीर का आरोप है, कर्मचारियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और कई घंटे बाद प्लांट मैनेजर सलाउद्दीन और पलटू शवों को छोटा हाथी में डालकर एल-ब्लॉक शास्त्रीनगर स्थित जगदंबा अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद सतवीर ने किसी तरह गांव में सूचना दी तो सैकड़ों लोग एल-ब्लॉक चौकी पहुंचे और हापुड़ रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया।
प्लांट मालिक ने मृतक आश्रितों को ढाई-ढाई लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही है। मौके पर एसपी देहात राजेश कुमार, एडीएम (ई) रामचंद्र, सीओ जितेंद्र सरगम आदि ने लोगों को समझाया-बुझाया। डीएमके अनिल ढींगरा ने कहा कि मामले की जांच एडीएम (ई) और एसपी देहात को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पडरौना,कुशीनगर : नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बलुही गांव मे एक नबालिग लडकी को अपहरण कर छ दिन बंधक बना चाकू के नोक पर दुष्कर्म करने के मामलेे मे पुलिस ने एक नामजद सहित दो अज्ञात के खिलाफ पास्को व एसी एक्ट सहित अन्य धाराओं मेे मुकदमा दर्ज कर एक युवक को पुलिस जेल भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के मामला बलुही गांव का है। बीते 25 जून को दोपहर के समय करीब बारह बजे लडकी अपने खेत मे धान की रोपाई करने जा रही थी।
जबरन गांव के ही एक युवक के साथ एक अनजान युवक बाइक से आ पहुचा और लडकी कुछ समझ पाती तब तक उसे मोटर साइकिल पर बैठाने लगे। लडकी द्वारा शोर माचने की कोशिश की गई लेकिन युवकों ने लडकी की मुह मे कपडा ठुसकर बाइक से पडोसी जिला महाराजगंज के एक चौराहे पर स्थित एक कमरे मे ले गए। जहां बंद कमरे मे गांव के युवक द्वारा चाकू दिखाकर लगातार छ दिनो तक दुष्कर्म किया गया।
लडकी किसी तरह से सातवें दिन अपनी जान बचाकर वहां से भागकर घर पहुची। घटना के बाद पीडिता के परिजनो ने स्थानीय पुलिस को तहरीर सौप दिया था। लेकिन पुलिस द्वारा पीडिता के आबरू को मजाक बना कर दो सप्ताह तक मुकदमा पंजीकृत नही किया जा रहा था। स्थानीय पुलिस से न्याय न मिलते देख निराश बनकर। पीडिता सहित उसके परिजनों ने पुलिस अधिक्षक को शिकायत पत्र सौपकर कार्रवाई की मांग किया था।जिसे पुलिस प्रशासन ने गम्भीरता से लेते हुए लडकी के भाई रमांन्द के तहरीर पर एक नामजद सहित दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त गौरव यादव को जेल भेज दिया है। इस सम्बंध में थानाध्यक्ष निर्भय कुमार सिंह का कहना है तहरीर के अनुसार एक नामजद सहित दो अज्ञात के खिलाफ पास्को व एसी एक्ट सहित अन्य धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर एक युवक को जेल भेज दिया गया है।
पडरौना,कुशीनगर : पडरौना विकास खंड के जंगल बनवीरपुर स्थित सिधुआ बाजार में पांच दिन लगे ट्रांसफार्मर आज
शुक्रवार को बारिस होने के कारण फिर से ट्रांसफार्मर जल गई।
जानकारी के अनुसार पडरौना विकास खंड के ग्राम जंगल बनवीरपुर स्थित सिधुआ बाजार में ट्रांसफार्मर लगा हुआ है।
शुक्रवार की रात 12.30 बजे अचानक ट्रांसफार्मर बारिस होने के कारण जल गई । उधर अभी हाल ही में यहां के स्थानीय प्राइवेट लाइनमैन द्वारा सिधुआ बाजार मे लगे ट्रांसफार्मर को अपने जांच के दौरान लोगो को गलत फहमी मे डालकर ट्रांसफार्मर जल जाने के बात कहकर लगभग 1 हफ्ते तक अंधेरे में लोगों को रखे रहा ।
जबकि दूसरा लाइनमैन द्वारा जांच करने से पता चला कि ट्रांसफार्मर जला ही नहीं था । केवल उसका फ्यूज ही उड़ा था दुसरे लाइनमैन द्वारा मरम्मत करने के बाद दूसरे दिन ट्रांसफार्मर मे लगी आग की लपटों से आज जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गया था
।
ऐसे में ट्रांसफार्मर कब लगेगा यह तो विद्युत विभाग के लोग ही बताएंगे ।
जबकि यहां के ग्रामीण एक बार फिर पुनः दुबारा अंधेरे में रहने को विवश होंगे ?
देवरिया। देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र में एक परिषदीय विद्यालय के एक संप्रदाय विशेष के प्रधानाध्यापक ने कथित तौर पर मनमानी करते हुए शुक्रवार को स्कूल बंद रखने की परंपरा शुरू कर दी है। यह विद्यालय रविवार को खुलता है। इसका खुलासा शुक्रवार को हुआ तो बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से जांच पत्रावली तलब करते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया है। सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानचंद मिश्र को गुरुवार को जानकारी मिली कि प्राथमिक विद्यालय नवलपुर में तैनात प्रधानाध्यापक शुक्रवार को स्कूल बंद रखते हैं। इसकी जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी देवी शरण सिंह और हरेंद्र द्विवेदी को विद्यालय भेजा। दोनों लोग 9:45 बजे स्कूल पर पहुंचे तो वह बंद मिला। यही नहीं स्कूल की बिल्डिंग पर प्राथमिक विद्यालय नवलपुर की जगह इस्लामिया प्राइमरी स्कूल नवलपुर लिखा हुआ पाया गया।
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इस्लामिया प्राइमरी स्कूल नवलपुर
बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय ने सोमवार को ऐसे स्कूलों का दौरा किया और निर्देश दिया कि स्कूलों को नियम कायदे के अनुसार चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन-जिन सरकारी स्कूलों के नाम बदले गए थे, उन्हें पेंट कर वास्तविक नाम लिखवा दिए गए हैं। हालांकि इन स्कूलों के प्राचार्यों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी और केवल उन्हें चेतावनी दी गई है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार ये स्कूल काफी समय से रविवार के स्थान पर शुक्रवार को छुट्टी करते थे और किसी ने इस पर कभी आपत्ति भी नहीं की।
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पांडेय ने कहा, नवलपुर स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी की सूचना और नाम बदले जाने की जानकारी मिलने के बाद पूरे जिले के स्कूलों की जांच के आदेश दिए गए थे, जांच में चार और स्कूल मिले हैं जिनमें रविवार के बजाए शुक्रवार को छुट्टी होती थी। ऐसे सभी स्कूलों के प्राचार्यों को चेतावनी दी गई कि वे नियम कायदों के अनुसार स्कूल चलाएं और शुक्रवार की जगह रविवार को साप्ताहिक अवकाश दें। जिले के रामपुर कारखाना ब्लॉक के तीन स्कूल रविवार के बजाय शुक्रवार को छुट्टी करते थे जबकि हरैया के देशी ब्लॉक में भी एक स्कूल शुक्रवार को छुट्टी करता पाया गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार, पोखरभिन्डा प्रसाद स्कूल में सात छात्र हैं और यहां के प्राचार्य समीउद्दीन हैं। उनके साथ एक सहायक अध्यापक है। स्वामी पट्टी प्राइमरी स्कूल में 70 बच्चे हैं, जहां प्राचार्य के रूप में शौकत अली और एक सहायक अध्यापक तैनात है। हरैया प्राथमिक स्कूल में 80 बच्चे हैं, जहां प्राचार्य जहांगीर आलम सिद्दीकी के अलावा दो सहायक अध्यापक तैनात हैं। वहीं, रामपुर कारखाना ब्लॉक के करमहा प्राथमिक स्कूल में 156 बच्चे हैं। इस स्कूल के प्राचार्य यासिर अफजाल हैं। उनके अलावा तीन और अध्यापक तैनात हैं। इस स्कूल को आदर्श प्राथमिक स्कूल का इनाम भी मिल चुका है ।
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इस्लामिया प्राइमरी स्कूल नवलपुर
बता दें कि देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र में एक परिषदीय विद्यालय के एक संप्रदाय विशेष के प्रधानाध्यापक ने मनमानी करते हुए शुक्रवार को स्कूल बंद रखने की परंपरा शुरू कर दी थी। यह विद्यालय रविवार को खुलता था। इसका खुलासा होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्कूल का नाम बिना किसी इजाजत के बदल दिया गया था, जिसे सही कर दिया गया है। साथ ही साप्ताहिक छुट्टी का दिन भी रविवार को कर दिया गया है। उन्होंने कहा, मामले की जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से जांच पत्रावली तलब करते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया था। सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानचंद मिश्र को गुरुवार को जानकारी मिली कि प्राथमिक विद्यालय नवलपुर में तैनात प्रधानाध्यापक शुक्रवार को स्कूल बंद रखते हैं। इसकी जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी देवी शरण सिंह और हरेंद्र द्विवेदी को विद्यालय भेजा। दोनों लोग 9.45 बजे स्कूल पहुंचे तो वह बंद मिला। यही नहीं स्कूल की बिल्डिंग पर प्राथमिक विद्यालय नवलपुर की जगह इस्लामिया प्राइमरी स्कूल नवलपुर लिखा हुआ पाया गया।
जांच अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक खुर्शेद अहमद को सभी पत्रावलियों के साथ कार्यालय बुलाया। पत्रावलियों की जांच में पाया गया कि काफी समय से स्कुल शुक्रवार को बंद रहता है और रविवार को खोला जाता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में पंजीकृत 91 छात्रों में से करीब 95 फीसदी मुस्लिम समुदाय के हैं, इसलिए जुमे को विद्यालय बंद कर रविवार को खोला जाता है। प्रधानाध्यापक ने यह भी दावा किया कि वह 2008 में इस विद्यालय में आए थे तो उसके पहले से ही यहां यह परंपरा चली आ रही थी।
बहराइच। च्ड आवास योजना ग्रामीण में अजीबोगरीब धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मिहींपुरवा बीडीओ कार्यालय ने आवास के 95 लाभार्थियों का तकरीबन 54 लाख रुपये भारतीय स्टेट बैंक के कई शाखाओं में स्थानांतरित कराए। लाभार्थियों की यह रकम खातों में न जाकर झारखंड के गड़वा जिले के भारतीय स्टेट बैंक में पहुंच गई। जानकारी होने पर अफसर सकते में आ गए। उच्चाधिकारियों को बैंक की लापरवाही से अवगत कराया गया।
प्रदेश के आयुक्त ग्राम्य विकास के निर्देश पर बीडीओ मिहींपुरवा ने मोतीपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट में केस दर्ज कराया है। इस घटना से पीएम आवास लाभार्थियों के चयन व धनराशि ट्रांसफर को लेकर विभागीय कर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
बीडीओ मिहींपुरवा चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2016-17 व 17-18 में पीएम आवास के 95 लाभार्थियों को आवास की प्रथम, द्वितीय व तृतीय किश्त जारी की गई। केंद्र सरकार की गई व्यवस्था के अनुसार ऑनलाइन एफटीओ करने के बाद धनराशि वास्तविक लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर न होकर जिले के अन्य शाखाओं और राज्य के अन्य बैंक शाखाओं में जा रहे हैं। बैंक खाते की पड़ताल में यह बात सामने आई कघ् िपीएम आवास योजना के पैसे भारतीय स्टेट बैंक जनपद गड़वा झारखंड में ट्रांसफर हो गए। इनमें से कई ने ट्रांसफर हुई धनराशि को निकाल भी लघ्एि।
इस मामले की जानकारी आयुक्त ग्राम्य विकास नागेंद्र प्रसाद सिंह को दी गई। नागेंद्र सघ्ंिह ने बताया कि आयुक्त ग्राम्य विकास के निर्देश पर मोतीपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी गई। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रकरण साइबर क्राइम का लग रहा है। मोतीपुर थानाध्यक्ष हेमंत कुमार गौड़ ने बताया कि बीडीओ मिहींपुरवा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
पडरौना,कुशीनगर : जिले के सेवरही कस्बे के जानकी नगर मोहल्ले में बुधवार की सुबह एक 18 वर्षीय युवक की लाश उसके कमरे में फंदे से लटकती मिली। इस युवक के पिता ने दो दिन पूर्व पुलिस ने अपने लड़के के गायब होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
जानकी नगर निवासी मुन्ना सोनी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका लड़का रंजन सोनी घर से गायब है। इस सूचना पर पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच बुधवार की सुबह घरवालों ने रंजन के कमरे में उसकी फंदे से लटकती लाश देख पुलिस को सूचित किया।
कथित रूप से गायब लड़का घर में कब आया? इसकी जानकारी कोई नहीं दे पा रहा है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पडरौना,कुशीनगर : जिले के पटहेरवा क्षेत्र के पिपरा बघेल में सोमवार की सुबह बिहार के कटेया क्षेत्र में स्थित एक निजी विद्यालय की स्कूली वैन धान के खेत में पलट गई। हादसे के समय वैन में एक दर्जन बच्चे बैठे थे, जिनमें से आधा दर्जन बच्चों को मामूली चोटें आई हैं।
आनन-फानन में पहुंचे विद्यालय प्रबंधन के लोगों ने दूसरे वाहन से बच्चों को लेकर बिहार के भागीपट्टी स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराकर स्कूल ले गए। इस हादसे की सूचना पाकर पहुंचे दो अभिभावक अपने बच्चों को साथ लेकर घर चले गए। मामूली रूप से घायल 9 वर्षीय नितिन नरायन के पिता शंकर नरायन ने बताया कि स्कूल वैन की जर्जर हालत होने एवं स्टेयरिंग अचानक जाम होने की शिकायत कई बार की गई थी।
घटना सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब की बताई जा रही है। आक्रोशित भीड़ का कहना था कि करीब 6 किमी दूर से आकर स्कूल के लोग घायल बच्चों को जल्दबाजी में बिहार उठा ले गए लेकिन दो किमी की दूरी पर स्थित समउर बाजार चौकी पुलिस घटना के करीब एक घंटे बाद पहुंची व निगरानी कर वापस लौट गई।
गोरखपुर। बेरोजगारों को सरकारी नौकरी में फर्जी नियुक्ति का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के सात आरोपियों को गोरखपुर यूनिट की एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने गोरखपुर, लखनऊ, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया, बस्ती समते कई जिलों में बेरोजगार युवकों को अपना शिकार बनाया है। गिरोह के सात सदस्यों के पास से एसटीएफ ने रेलवे, सचिवालय और नगर निगम आदि का फर्जी नियुक्ति पत्र के अलावा दो लग्जरी वाहन और 11 मोबाइल फोन बरामद किया है। एसटीएफ ने देर शाम को उनके खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज करा दिया है।
सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने की शिकायत मिल रही थी। एसटीएफ की टीम जालसाजों की धर-पकड़ के लिए लगी हुई थी। इसी बीच टीम को यह जानकारी मिली कि सरकारी नौकरी देने के नाम पर एक गैंग सक्रिय है। वह गोरखपुर में इकट्ठा होने वाले है। वह लोग वाणिज्य कर, रेलवे, सचिवालय एवं अन्य विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी कर रहे है। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने बुधवार की शाम करीब 3.30 बजे रेलवे स्टेशन के गेट नंबर के पास से सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
बेरोजगार युवकों से सरकारी नौकरी दिलाने के लिए 3 से 5 लाख रुपये की डील करते थे। इसके लिए वह पहले अपने शिकार से उसके मूल प्रमाण पत्र ले लेते थे। इसके बाद युवकों की मुलाकात गिरोह के फर्जी अधिकारियों से उसी सरकारी कार्यालय के परिसर में कराई जाती थी, जहां उन्हें नियुक्ति कराने का दावा करते थे। यहीं सरकारी कार्यालयों में उसका इंटरव्यू भी संपन्न कराया जाता था। गोरखपुर के कुछ युवकों का मेडिकल गिरोह के सदस्य विजय कुमार तिवारी द्वारा फर्जी तरीके से एनईआर हॉस्पिटल में किया गया था। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य इन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज देते थे।
गिरोह का सरगना मनोज कुमार सिंह नाम का व्यक्ति है, । तलाशी में उनके पास से वन विभाग का एक, रेलवे का आठ, सचिवालय का 10, लखनऊ नगर निगम का दो फर्जी नियुक्ति पत्र के अलावा चार आधार कार्ड एक लाइसेंसी पिस्टल व चार कारतूस बरामद किया। उनकी निशानदेही पर दो लग्जरी वाहन और 11 मोबाइल भी जब्त किया गया। पूछताछ में उनकी पहचान धुरियापार चीनी मिल के पास लक्ष्मीपुर गांव निवासी मनोज कुमार सिंह, गोला क्षेत्र के पड़री गांव निवासी नरेन्द्र शुक्ल, मऊ जिले के हल्थरपुर क्षेत्र के इसहाकपुर गांव निवासी दयानिधि, उसी क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी विशाल कुमार, सिकरीगंज क्षेत्र के सतोरा गांव निवासी विजय कुमार तिवारी, खजनी क्षेत्र के भीटी खोरिया गांव निवासी बेदान्ती मिश्रा और झंगहा क्षेत्र के सिलहटा गांव निवासी अखिलेश सिंह के रूप में हुई।
पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कोतवाली के ग्राम दांदोपुर निवासी फार्मासिस्ट माधव मुरारी सिंह जो पडरौना नगर से सटे भरवलिया गांव के बावली चौक के पास निजी मकान बना रखी थी,वहीं परिवार सहित रहते थे। फर्मासिस्ट ने रविवार की रात सनकी बन अपने दो मासूम बेटों व पत्नी की चाकू से घोपकर हत्या करने के बाद खुद जहर खाकर अपनी जान दे दी। जबकि उसकी 12 वर्ष की बड़ी बेटी ने छत पर छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस हादसे के बाद शहर में सनसनी फैल गई है। माधव कप्तानगंज में चीफ फार्मासिस्ट था। कुछ महीने पहले उसका कहीं तबादला हो गया था। आसपास के लोगों के अनुसार वह एक सप्ताह से वह भी यहीं रहता था। कुछ वर्षों से उसका उसकी पत्नी से विवाद चल रहा था, जिसको लेकर कोर्ट में मुकदमा भी लम्बित होना बताया जा रहा है । इस वारदात के पिछे पति पत्नी का एक दूसरे से अबैध सम्बन्ध होना बताया जा रहा है। घटना की खबर मिलते ही एसपी,एएसपी सहित कई थाने की पुलिस व पीएसी के जवान घटनास्थल पर पहुंच गये।
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पुलिस चारों शवों को कब्जे में लेकर अन्त्य परीक्षण के लिए भेज दिया है। मौके से पुलिस ने आलाकत्ल चाकू व सल्फास भी बरामद किया है। मुश्किल से अपनी जान बचाने वाली फार्मासिस्ट की बड़ी बेटी माधुरी सिंह के अनुसार रात एक बजे के आसपास उसका पिता उसके दोनों भाई 8 वर्ष विक्रम सिंह, 3 वर्ष कन्नू सिंह, चाकू लेकर मारने दौड़ा वह अपनी मां सुमन सिंह उम्र 45 बर्ष के साथ भागी तो वह उसकी मां की चोटी पकड़कर खींच लिया और उस पर चाकू से वार करने लगा और उसे मौत की नींद सुला दी। इस दौरान माधुरी किसी तरह छत पर चढ़कर बगल के छत पर कूदकर अपनी जान बचाई। इसी बीच माधव की हालत भी बिगड़ने लगी। लोग आशंका जता रहे हैं कि उसने पहले ही कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। सोमवार की भोर में माधुरी ने इस घटना के बारे में लोगों को बताया तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर एसपी अशोक पांडेय, एएसपी हरिगोविन्द मिश्र, सीओ नीतेश सिंह , कोतवाल विजय राज सिंह ,तुर्कपट्टी थाने के उमेश कुमार, रामकोला एस आई संदीप सिंह, कसया शैलेश सिंह के अलावे फारेंसिक टीम ,डाग स्क्वाड सहित पीएसी के जवान मौजूद रहे।पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के भेज अगली कार्यवाही में जुटी हुई है।इस बावत पुछे जाने पर एसपी अशोक कुमार पान्डेय ने बताया कि आशनाई के चक्कर में यह वारदात हुई है।
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तो पति पत्नी के बीच चल रहे कश्मकश में बे वजह चली गयी दो मासूमों की जान ? ….….
उन दो मासूम लड़कों को तो पता भी नहीं होगा कि उसके साथ क्या होने वाला है। उसे भला क्या पता था कि दुनिया में मम्मी पापा के बीच चल रहे विवाद एक दिन हमारी ही जान ले लेगी ? मगर कुशीनगर में पति पत्नी के बीच चल रहे रिश्तों की कश्मकश में दोनों मासूमों बेवजह जान चली गई।
पडरौना कोतवाली के बावली चौक के पास में एक साथ चार मौतों की खबर ने पडरौना शहर के लोगों का झकझोर दिया। घटना की खबर कानों कान पूरे शहर में फैल गई। यहां तक कि सोशल मीडिया में भी खबर को वायरल होने में देर नहीं लगी। लोगों की जुबां पर सवाल घूम रहे थे। मामला अवैध संबंध का था या परिवार में खर्चा ना मिलने का वजह ? इन सबसे के बीच एक सवाल परेशान करने वाला भी है कि आखिर उन दो मासूमों ने क्या बिगाड़ा था कि इन दोनों मासूमों आखिर क्यों चाकू से वार कर एक पिता ने अपने ही दोनों बेटा की जान ले ली ?
बहरहाल मामला जिले के पुलिस कप्तान अब तक के जांच में इसे अवैध संबंध ही मान रहे हैं ?
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और जब छत पर कूद कर बचा ली माधुरी ने अपनी जान
जिले के कप्तानगंज में तैनात चीफ फार्मासिस्ट के पद पर रहने वाले कोतवाली पडरौना के ही गांव दांदोपुर निवासी माधव मुरारी सिंह की बिटिया माधुरी सिंह ने बताया कि रात दो बजे के आसपास उसका पिता उसके दोनों भाई 8 वर्ष के विक्रम सिंह व 3 वर्ष के कन्नू सिंह की गला रेतने लगा। वह अपनी मां सुमन सिंह के साथ भागी तो वह उसकी मां की चोटी पकड़कर खींच लिया और उस पर चाकू से वार करने लगा। इस दौरान माधुरी किसी तरह छत पर चढ़कर बगल के छत पर कूदकर अपनी जान बचाई। इसी बीच माधव की हालत भी बिगड़ने लगी। लोग आशंका जता ही रहे थे कि उसने पहले ही कोई जहरीला पदार्थ खा लिया होगा इस दौरा कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। सोमवार की भोर में माधुरी ने इस घटना के बारे में लोगों को बताया तो पुलिस को सूचना दी गई |