पडरौना कुशीनगर । जर्जर हो चुके मकानो को ध्वस्त कराने मे लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारो के लापरवाही पर भी प्रशासन नही चेत रहा है ! एसे मे जिले मे कई एसे जर्जर भवन है जो कही गिरा तो कईयो की जान ले सकता है ? हालाकी पडरौना शहर के तिलक चौक का एक जर्जर मकान है जो कभी भी धवस्त हो सकता है ? बताया जाता है की इस पुरानी मकान पर कोर्ट मे मुकदमा चल रहा है ।
मालमु हो की गत 24 अप्रैल 2015 को नेपाल देश के 7:00 भारत मे आयी भूकंप मे कुशीनगर जिले के कई जर्जर मकान गिर गये थे । इतना ही नही कई जगह तो एसे जर्जर हो चुके मकान के हिलने के बाद भी पुरी नही गिर पाया था । जबकी जर्जर मकान के नीचे कई वर्षो से रहकर जीवन यापन कर रहे लोगो की तो सासे अटक गई थी ।
भुकंप के दौरान पडरौना शहर के तिलक चौक पर वर्षो पुरानी मकान भी हिला था जिसमे मकान का उपरी हिस्सा दरकने के बाद दो चार ईट नीचे गिरा था।
हालाकी खुद उस समय रहे वर्तमान जिलाघिकारी लोकेश एम .व एसपी .ललीत कुमार ने .जर्जर मकान को धवस्त कराने के लिए फायर सर्बिस के लोगो को लगवाकर पानी के बलबुते गिराने की कोशिस की लेकिन जर्जर मकान हिला तक नही ? अगर एेसा ही आलम रहा तो पडरौना नगर के अति ब्यवस्तम तिलक चौक का ये जर्जर मकान का दिवाल कभी भी गिर सकता है ? हालाकी यहा के कई नेताओ ने जिला प्रशासन से इस जर्जर मकान को गिराने मांग कर चुके है ! उधर तिलक चौक निवासी आप आदमी प्रार्टी के नेता निर्मल साहा कहते हमने कई बार इस मकान को गिराने के लिए डीएम को प्रार्थाना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई !
पडरौना,कुशीनगर : क्षेत्र के जंगल जगदीशपुर में बुधवार 11 बजे के करीब प्रजापति समाज के जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य माटी कला बोर्ड के गठन को मंजूरी देने के उत्तर प्रदेश सरकारकी घोषणा पर समाज ने सरकार एवं योगी मंत्री मण्डल को धन्यबाद ज्ञापित किया |
कुशीनगर प्रजापति सभा के जिलाध्यक्ष हरिलाल प्रजापति के नेतृत्व में विकास खण्ड पडरौना के जंगल जगदीशपुर में आयोजित बैठक में उपस्थित लोगों ने प्रदेश सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए योगी मंत्री मण्डल को धन्यबाद दिया बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि मिट्टी से विभिन्न प्रकार की कला कृतियां व अन्य उपयोगी सामान बना प्रजापति समाज अपनी आजीविका चलाने के साथ ही स्वच्छ पर्यावरण का ध्यान रखता था प्लास्टिक के उपयोग से पर्यावरण के क्षति के साथ ही हस्त कला को जबरदस्त नुकसान पहुचा था योगी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेने के साथ ही जता दिया है कि सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेन्डे पर चल रही है इस सभा को महामन्त्री अवधेश प्रजापति सहित रामबली प्रजापति डॉ महेश प्रजापति आदि ने भी संबोधित किया इस दौरान शैलेश सागर मुन्नालाल पापिन्द्र सुभाष चंद्रभान सतेंद्र सहित सैकड़ों की संख्या में प्रजापति सहित अन्य समाज के लोग उपस्थित रहे |
पडरौना,कुशीनगर: गुरुवार की सुबह भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच का सर्वर फेल होने के कारण शाम तक बैंक कार्य ठप रहा। इसको लेकर उपभोक्ता खासे नाराज दिखे। बताया जाता है कि सुबह बैंक खुलने पर पता चला कि बैंक का सर्वर फेल है। भुगतान लेने व पैसा जमा करने आए लोग बेबस नजर आए। लगातार प्रयास के बाद सर्वर ठीक नहीं हुआ, तो खाताधारकों को इसका दंश झेलना पड़ा, जो देर शाम तक चलता रहा। स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक आरके पांडेय ने कहा कि लगभग सुबह से शाम तक सरवर फेल होने के कारण बैंकिंग कार्य प्रभावित रहा। सिस्टम सही होने के बाद सभी को भुगतान किया जाएगा।
साथ नहीं दे रहे थे शहर के एटीएम
– पडरौना शहर में लगे एटीएम भी उपभोक्ताओं का साथ नहीं दे पा रहे हैं। जनपद के प्रमुख स्थानों पर लगे एटीएम अक्सर कभी धन तो कभी खराब होने के कारण नहीं खुल रहे हैं। इसको लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो पा रही है। भारतीय स्टेट बैंक, सिटी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पूर्वांचल ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैँक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद समेत अन्य बैंकों के एटीएम पर मंगलवार को भीड़ लगी रही।
बुंदेलखंड में सूखे की समस्या सबसे बड़ी है, यहां के युवा इसी के चलते राज्यों में पलायन कर जाते हैं. अगर यहां का कोई नल या ट्यूबवेल खराब हो जाए तो उसे सही कराने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है. सरकारी ऑफिसों के कई चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई नहीं होती थी. इस समस्या का समाधान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की कुछ महिलाओं ने खुद से नल और ट्यूबवेल की मरम्मत करके निकाल लिया है.
ये महिलाएं खुद ही हैंडपंप की मरम्मत कर लेती हैं. इन्हें ‘हैंडपंप वाली चाचियों’ के नाम से भी जाना जाता है. वैसे तो गाँवों में ये काम पुरुषों के लिए माना जाता है, वही हैंडपंप व ट्यूबवेल की मरम्मत आदि का काम देखते हैं. लेकिन इन महिलाओं ने लीक से हटकर हाथों में औजार उठा लिए और पेश की महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल.
ये हैंडपंप वाली चाचियां न सिर्फ अपने जिले में काम करती हैं बल्कि अलग-अलग गाँवों व जिलों में भी काम करने जाती हैं.
इस ग्रुप में कुल 15 महिलाएं हैं और इनके पास मरम्मत का पूरा सामान हथोड़े, नट, बोल्ट, रिंच हैं. बुंदेलखंड के ज्यादातर गाँव के लोग अब इन्हें पहचानते हैं और नल खराब होने पर वो इन्हें ही बुलाते हैं मरम्मत के लिए क्योंकि ये अपना काम पूरी लगन से करती हैं. जैसे ही कहीं नल खराब होने की सूचना मिलती हैं अनके ग्रुप की एक या दो महिला वहां पहुंच जाती हैं. इन महिलाओं के पास कहीं जाने के लिए अभी अपना कोई साधन नहीं है. इसलिए इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या पास का कोई गाँव हुआ तो पैदल ही जाना पड़ता है. इन महिलाओं में किसी ने भी कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली है न ही स्कूल गई हैं. इसके बावजूद ये अपना काम बखूबी कर रही हैं.
ये महिलाएं पंप रिपेयर करने के लिए राजस्थान और दिल्ली तक जा चुकी हैं. इस ग्रुप को अभी तक किसी सरकारी विभाग, संगठन या एनजीओ से कोई मदद नहीं मिली है. इसके बावजूद इनका हौसला कम नहीं हुआ है ये अपने काम के साथ दूसरी महिलाओं को भी काम सिखाती हैं.
उत्तर प्रदेश के आगरा में एक 24 वर्षीय युवक ने फेसबुक LIVE करके खुदकुशी कर ली. यह घटना बुधवार सुबह की है. इस घटना को फेसबुक लाइव पर 2750 लोग देख भी रहे थे, लेकिन किसी ने इसकी जानकारी पुलिस तक को नहीं दी. मृतक की पहचान मुन्ना कुमार के रूप में हुई है.
बताया जा रहा है कि भारतीय सेना में भर्ती होने में विफल होने के चलते मुन्ना कुमार ने आत्महत्या की है. उसनेफेसबुकलाइव में इस बात को स्वीकार किया कि वह भारतीय सेना में भर्ती होने में बार-बार विफल होने की वजह से इस घातक कदम को उठा रहा है. इस दौरान जैसे ही कैमरा लुढ़का, उसने फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया.
इसके अवावा मुन्ना कुमार दो पेज का सुसाइड नोट भी छोड़कर गया है, जिसमें उसने अपने संघर्ष के बारे में लिखा है. साथ ही अपने माता-पिता से माफी मांगी है. इस घटना को फेसबुक लाइव पर 2750 से ज्यादा लोग देख रहे थे, लेकिन किसी ने भी इसको लेकर पुलिस या उसके परिवार को अलर्ट नहीं किया. पुलिस ने मुन्ना कुमार के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
फेसबुक लाइवपर मौत की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले पिछले साल थाइलैंड में एक पिता ने अपनी 11 महीने की बेटी को मार डाला और इसे फेसबुक पर लाइव स्ट्रीम किया था. इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली थी. इसके अलावा साल 74 वर्षीय बुजुर्ग रॉबर्ट गॉडविन को फेसबुक लाइव पर गोलियों से भून दिया गया था.
देवरिया । छेड़खानी के आरोप में एक निजी डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के सदस्यों ने कल से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए।
धरना सभा को सम्बोधित करते हुए संगठन महामंत्री नित्यानंद पांडेय ने कहा कि आरोपी चिकित्सक का कृत्य निंदनीय है।पुलिस तो शहीद की पत्नी से छेड़छाड़ के
आरोपी चिकित्सक को बचाने की कोशिश करती रही।जब इसकी भनक पुलिस अधिक्षक को लगी तो उन्होंने तत्काल केस दर्ज करने का निर्देश दिया तब कहि जाकर
केस दर्ज हो सका।
इसके बाद चिकित्सक जेल जाने के डर से बीमार होने का बहाना कर पुलिस कस्टडी में आराम फरमा रहा है।जिसकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।उहोंने कहा कि जब डॉक्टर की गिरफ्तारी नही हो जाती तब तक यह धरना जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन के दौरान हरिओम जायसवाल,वेद,अमित पांडेय,विजय शुक्ला,शुधांशु ,कार्तिकेय मिश्रा,अंगद यादव,जय सिंह,अभिषेक मिश्रा,रामनाथ, आदि मौजूद रहे।
पडरौना,कुशीनगर : पडरौना विकासखंड के जंगल बनवीरपुर स्थित सिधुआ बाजार में लगे ट्रांसफार्मर आज
दोपहर को अज्ञात कारणों से ट्रांसफार्मर में आग लग गई। आग की लपटें और धुआं काफी ऊंचा उठता नजर आया। आग ने पास के अगल बगल तक के हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि नजदीक के दुकान तक उसके पहुंचने का खतरा बढ़ने लगा। ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।
जानकारी के अनुसार पडरौना विकास खंड के ग्राम जंगल बनवीरपुर स्थित सिधुआ बाजार में ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। दोपहर 11.30 बजे अचानक ट्रांसफार्मर में आग लग गई सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आ गए। तभी देखा कि ट्रांसफार्मर में से धूं-धूं कर आग निकल रही है। उसमें से तेज धुआं उठ रहा है। आग भीषण होते ही नजदीक स्थित एक रिचार्ज के दुकानदार दौड़कर बाहर आ गए। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई।
उधर अभी हाल ही में यहां के स्थानीय प्राइवेट लाइनमैन द्वारा सिधुआ बाजार मे लगे ट्रांसफार्मर को अपने जांच के दौरान लोगो को गलत फहमी मे डालकर ट्रांसफार्मर जल जाने के बात कहकर लगभग 1 हफ्ते तक अंधेरे में लोगों को रखे रहा ।
जबकि दूसरा लाइनमैन द्वारा जांच करने से पता चला कि ट्रांसफार्मर जला ही नहीं था |केवल उसका फ्यूज ही उड़ा था दुसरे लाइनमैन द्वारा मरम्मत करने के बाद दूसरे दिन ट्रांसफार्मर मे लगी आग की लपटों से आज जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गया है |
ऐसे में ट्रांसफार्मर कब लगेगा यह तो विद्युत विभाग के लोग ही बताएंगे |
जबकि यहां के ग्रामीण एक बार फिर पुनः अंधेरे में रहने को विवश होंगे ?
लखनऊ। योगी सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के बाद अब संवेदनहीन अफसरों को भी बख्शने के मूड में नहीं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्भल और प्रतापगढ़ के एसपी को निलंबित कर इसकी शुरुआत कर दी। दोनों अफसरों को महिलाओं के साथ हुए अत्याचार में पीड़ितों की मदद न करने के आरोप में सस्पेंड किया गया। अब सरकार उन सभी अफसरों की सूची बनवा रही है, जो काम में लापरवाही बरत रहे हैं। इन पर जल्द ऐक्शन शुरू होगा।
सीएम योगी को अब जिलों से सीधे शिकायतें मिल रही हैं। उन्हें सोमवार को सूचना मिली कि सम्भल में सामूहिक बलात्कार के बाद महिला को जिंदा जला दिए जाने के मामले में जिले के एसपी राधे मोहन भारद्वाज कोई ऐक्शन ही नहीं ले रहे हैं। यही शिकायत प्रतापगढ़ के कुंडा में एक किशोरी के छेड़खानी से परेशान होकर फांसी लगा लेने के मामले में भी सामने आई। पता चला कि यहां के एसपी संतोष कुमार भी कुछ नहीं कर रहे हैं। इसके बाद योगी ने सीधे दोनों को निलंबित कर दिया।
इससे पहले जून में फतेहपुर के डीएम प्रशांत कुमार और गोंडा के डीएम जेबी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं। आरोप है कि दोनों डीएम अवैध खनन माफिया से मघ्लिे हुए थे। जिले में अवैध खनन और अनाज वितरण में भी लापरवाही सामने आई थी। सीएम योगी को पता चला तो उन्होंने दोनों डीएम को सस्पेंड कर दिया। गेहूं खरीद में भी धांधली मिलने के बाद 100 से ज्यादा लोगों को सरकार ने सस्पेंड कर दिया और इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी।
सीएम दफ्तर को जिलों में शिक्षा विभाग में गलत भुगतान और फर्जी नियुक्तियों की शिकायत मिल रही थी। सीएम को सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल अलग-अलग जिलों में 20 डीआईओएस और बीएसए को सस्पेंड कर दिया। मथुरा फर्जी भर्ती के मामले में भी डीआईओएस पर ऐक्शन लिया गया। मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई। कई बाबुओं की मिलीभगत सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज करवा दी गई।
सरकार इससे पहले वन निगम के एमडी एसके शर्मा को बिना अनुमति के वन क्षेत्र में खनन के टेंडर का विज्ञापन करने पर उनको पद से हटा चुकी है। इसी मामले में एएमडी मनोज सिन्हा और लॉगिन मैनेजर जीसी सिन्हा को सस्पेंड कर दिया गया था। इन तीनों पर यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई। वहीं, कन्नौज में गंगा से बालू के अवैध खनन की शिकायत पर सीएम दफ्तर ने भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक डॉ रोशन जैकब को जांच करवाने के निर्देश दिए। जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही मिलने पर निदेशक ने कन्नौज के खान निरीक्षक मोहम्मद एजाज को सस्पेंड कर दिया।
अब सरकार जिलों में जनता की शिकायतें दूर न कर पाने वाले लापरवाह अफसरों की सूची तैयार कर रही है। इन पर जल्द ही ऐक्शन लिया जाएगा। इससे पहले सरकार ने जिलों और विभागों में लापरवाह और भ्रष्ट अफसरों की सूची तैयार करवाई थी। सरकार ने ऐसे 450 अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। यूपी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया, श्अब अफसरों को वक्घ्त नहीं दघ्यिा जा सकता। अब अगर डीएम और एसपी की लापरवाही भी सामने आएगी तो उन्घ्हें भी बख्घ्शा नहीं जाएगा। ऐक्घ्शन शुरू हो चुका है।
फैजाबाद । शासन के मंशानुरूप नुकसान देय पाॅलीथीन पर पूरी तरह पाबन्दी लगाने के लिये जिलाधिकारी डा. अनिल कुमार ने सभी उप जिलाधिकारी, वीडीओ, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत के अधिकारियों एवं व्यपारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े हुये लोगो के साथ बैठक कर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं उद्यमियों को स्वयं पाॅलीथीन का प्रयोग न करने एवं सभी लोगो को जागरूक करने व प्रतिबन्ध का कड़ाई से पालन के करने के निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि अब प्रदेश में 50 माइक्रोन से पतली पाॅलीथीन का इस्तेमाल एवं निर्माण पूरी तरह से प्रतिबन्धित है।
उन्होनंे कहा कि 50 माइक्रोन से कम किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के प्रयोग, बेचने, आयात-निर्यात, भण्डारण एवं परिवहन आदि पूरी तरह से प्रतिबन्धित है तथा 15 अगस्त से थर्माकोल तथा प्लास्टिक से बने गिलास, प्लेट, चम्मच, कटोरी, पत्तल आदि सभी उत्पादो के प्रयोग, बेचने, आयात-निर्यात, भण्डारण एवं परिवहन आदि पूरी तरह से प्रतिबन्धित होगा। उन्होनंे कहा कि ऐसे प्लास्टिक पाॅलीथीन जो 50 माइक्रोन ऊपर है और उसके ऊपर मेनीफैक्चर के डिटीयल जैसे नाम, रजिस्ट्रेशन नम्बर आदि नही लिखा है तो किसी भी दशा मंे ऐसे उत्पादो का भी प्रयोग, बेचने, आयात-निर्यात, भण्डारण एवं परिवहन आदि पूरी तरह से प्रतिबन्धित है।
उन्होनंे पाॅलीथीन या प्लास्टिक की सामग्री के प्रयोग पर प्रतिबन्ध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि उल्लघंन करने का दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है। पहली बार उल्लघन करने पर 1 माह की सजा या 10 हजार रू0 का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार के उल्लघंन पर 6 माह की जेल या 20 हजार रू0 तक का जुर्माना देना होगा। इसी तरह प्लास्टिक के केरीबैग के विक्रय, वितरण, उत्पादन, भण्डारण और परिवहन पर लगे प्रतिबन्ध का पहली बार उल्लघंन करने पर 6 माह की जेल या 50 हजार तक का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार उल्लघंन पर 1 वर्ष तक की सजा एवं 1 लाख रू0 तक का जुर्माना देना होगा।
जिलाधिकारी ने उद्यमियों से अनुरोध किया कि आप लोग प्लास्टिक व थर्माकोल से भिन्न ऐसे झोले/केरीबैग, पत्तल, दोना, गिलास, चम्मच, कटोरी आदि का उत्पादन करें जो इकोफ्रेन्डली हो। जिससे पर्यावरण के बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सके। उन्होनें कहा कि सभी एस0डी0एम0, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर आयुक्त, सीएमओ एवं अन्य चिकित्साधिकारी सभी अधिशाषी अभियन्ता व अन्य अधिकारीगण प्लास्टिक पर लगे प्रतिबन्ध का कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करें। किसी भी दशा में निर्देशो का उल्लघंन करने वालो को बक्शा नही जायेगा।
जिलाधिकारी ने आम जनता से आवाहन किया कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिये प्लास्टिक व थर्माकोल से निर्मित उत्पादो का प्रयोग छोड़कर कागज व जूट से बने हुये सामानो का प्रयोग करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अक्षय त्रिपाठी, नगर आयुक्त, एसपी सिटी, डीएफओ, सभी एसडीएम, तहसीलदार व अन्य विभागो से जुड़े हुये अधिकारी उपस्थित थे।
लखनऊ. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद रविवार से प्रदेश में 50 माइक्रॉन से पतलीc लग गया। लेकिन शनिवार देर रात तक जिलों के पास पॉलिथिन प्रतिबंध पर स्पष्ट गाइडलाइन नहीं पहुंची थी। ऐसे में विभागों और अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही कि बैन पर अमल किन निर्देशों के तहत हो।
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आखिरकार अधिकारी दस जुलाई को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सीएम योगी से मिले निर्देशों को ही मौखिक गाइडलाइन मानकर बैन प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। जिलों में अधिकारियों से बातचीत में सामने आया कि मौखिक आदेश के आधार पर ही जिलों में टीमें बना ली गई हैं। ये टीमें रविवार सुबह से छापेमारी और पॉलिथिन इस्तेमाल पर धरपकड़ शुरू करेंगी।
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लोगों को जागरूक करने की कवायद शहरों में जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शहरी निकाय मिलकर कार्रवाई करेंगे। शहरी निकायों ने जोन स्तर पर नोडल अधिकारी इसके लिए तैनात कर रखे हैं। जिलों में केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2016 में जारी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट ऐक्ट लागू किया जा रहा है। फिलहाल जिलों में तैयारी है कि नए सिरे से आदेश न आने तक केवल पॉलिथिन के जब्तीकरण और लोगों को जागरूक करने की कवायद की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो जुलाई को पॉलिथिन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश शहरी निकाय निदेशालय के उद्घाटन कार्यक्रम में दिया था। नए सिरे से गाइडलाइन और आदेश आने चाहिए थे, लेकिन रविवार तक आदेश जारी नहीं हो सके।
शहरी निकायों के स्तर पर: पांच जून की कैबिनेट में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी को मंजूरी मिली। इसमें गंदगी फैलाने पर 1000 रुपये और प्रतिबंधित पॉलिथिन के इस्तेमाल पर 50 हजार रुपये तक के जुर्माने की व्यवस्था करने को कहा गया था। शहरी निकायों को इसे अपनी बाईलॉज में शामिल करना था। छह महीने का समय इसके लिए दिया गया है। हालांकि, जब मुख्यमंत्री ने पॉलिथिन पर प्रतिबंध लगाने की मियाद तय कर दी तो भी शहरी निकायों ने इतना परिवर्तन तय समय में करने के लिए कोई उत्साह नहीं दिखाया।