Category: uttar-pradesh

  • जमीनी विवाद को लेकर एक पक्ष ने मकतब लगा दी ताला, कैसे हो होगी तालीम हासिल

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर :  जिले के पडरौना विकास खंड के ग्राम बसहिया के टोला बडई टोला में गत वर्षो से चले आ रहे मकतब के जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई तू-तू मैं-मैं के साथ में नोकझोंक के आलावे  वर्तमान में दो प पक्षों के बीच तनाव होने के कारण एक पक्ष की ओर से मकतब मे ताला लगा दिया है |

    जानकारी के अनुसार बसहिया बनवीरपुर के बडई टोला स्थित उक्त मकतब के जमीन को लेकर जुड़ा मामला दो पक्षों के बीच वर्षों से चला आ रहा था |  बताया जाता है कि दोनों पक्षों के बीच गत दिन हुए आपसी रंजिश को लेकर तू तू मैं मैं व नोक झोंक होने के बाद आई तनाव से अब एक पक्ष ने उक्त मकतब के मेन गेट का ताला जड़ दिया  है | ऐसे में सवाल उठता है कि नए सत्र को लेकर चालू हो चुके  उक्त मकतब में
    पढ़ाई के दौरान  तालीम हासिल करने वाले छात्र कैसे पढ़ाई करेंगे ?

  • छह वर्षीय बच्चे को किडनैप करने की कोशिश

    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर :  जिले के अहिरौली बाजार क्षेत्र के ग्राम असना से सोमवार को बाइक सवार दो युवकों ने एक बच्चे का अपहरण करने की कोशिश की। हालांकि साथ रहे बच्चों के शोर मचाने पर दोनों युवक बच्चे को कुछ दूरी पर उतारकर भाग निकले। दिनदहाड़े बच्चे के अपहरण की कोशिश की सूचना पर घंटों पुलिस हलकान रही।

    अहिरौली बाजार क्षेत्र के ग्राम असना निवासी गोपाल सिंह का छह वर्षीय पुत्र प्रियाशु सोमवार को गांव के पूरब जूनियर के मैदान में कुछ बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक आए और प्रियांशु को बाइक पर बिठाकर भागने लगे। यह देख साथ रहे बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों के शोर मचाने पर हड़बड़ाए दोनों युवक प्रियांशु को कुछ दूरी पर बाइक से उतारकर भाग निकले।

    तब तक जानकारी पाकर प्रियांशु के परिवारीजन भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर एसआई परमात्मा चौहान मयफोर्स गांव में पहुंच गए और गांव वालों के साथ ही बच्चों से पूछताछ की। लेकिन पुलिस को दोनों युवकों के बारे में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका। इस संबंध में एसआई परमात्मा चौहान का कहना रहा कि छानबीन की जा रही है। जल्द ही दोनों बाइक सवार युवक पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

  • कश्मीर में पत्थरबाजों की कैद में रहे यूपी के दर्जनों युवक , नौकरी के नाम पर दी जाती थी ट्रेनिंग

    बागपत. जनवरी महीने से कश्मीर में पत्थरबाजों की कैद में रहे बागपत और सहारनपुर जनपद के दर्जनों युवक आखिरकार छूटकर भाग निकलने में सफल रहे. कश्मीर से छूटकर घर पहुंचे पीड़ित युवकों ने बताया कि वे कश्मीर में सिलाई की फैक्ट्री में नौकरी करने गए थे, लेकिन फैक्ट्री मालिक ने कश्मीरियों की मदद से उन्हें बंधक बना लिया और उन्हें पत्थरबाजी करने की ट्रेनिंग देकर सेना के जवानों पर पत्थरबाजी करने को मजबूर किया. पीड़ितों का कहना है कि जब इन लोगों ने सेना के जवानों पर पत्थरबाजी से इंकार कर दिया तो इन्हें मारा-पीटा जाता था.

    इंडस्ट्रियल फर्म में नौकरी करते थे सभी युवक

    बड़ौत कोतवाली थाना क्षेत्र के गुराना रोड पर रहने वाले युवक नसीम ने बताया कि वह इसी साल जनवरी महीने के आखिर में बालैनी थाना क्षेत्र के डोलचा गांव निवासी शमीम, ढिकाना गांव निवासी अंकित, सहारनपुर जनपद के नानौता निवासी मोहम्मद अजीम राव, नकुड़ निवासी बबलू और पंकज और अन्य युवकों के साथ कश्मीर के पुलवामा में लस्तीपुरा गए थे. वहां उन्हें डिवाइन इंडस्ट्रियल फर्म में सिलाई की नौकरी मिल गई थी. उसी फैक्ट्री में कश्मीर के भी कई युवक काम करते थे. फैक्ट्री मालिक एजाज वाणी उन पर पत्थरबाजी करने का दवाब बनाने लगा.

    जबरन पत्थरबाजी करवाया जाता था

    कश्मीर में जब भी सेना के जवान किसी आतंकवादी का एनकाउंटर करते थे, तो आतंकवादी गांव में घुस जाते थे और किसी भी मकान में शरण ले लेते थे. उसके बाद स्थानीय लोग सेना के ध्यान को भटकाने के लिए उन पर पत्थरबाजी शुरू कर देते थे. युवकों ने बताया कि उनके साथ वहां पर मारपीट भी की जाती थी.

    एक स्थानीय की मदद से भागने में हुए कामयाब

    सेना पर जबरदस्ती पत्थरबाजी से तंग आकर ये लोग वहां से किसी तरह भाग निकलना चाहते थे. वहां से भागने के लिए इनलोगों ने वहां के ही एक स्थानीय शख्स से संपर्क किया. उसने कश्मीर से बाहर निकालने के लिए 10 हजार रुपए मांगे. इन्होंने 10 हजार दिए और किसी तरह कश्मीर से भागकर दिल्ली पहुंचे. दिल्ली पहुंचने के बाद ये लोग अपने-अपने घर चले गए.

    कश्मीरी  वेशभूषा में पत्थरबाजी 

    बड़ौत कोतवाली पहुंचे पीड़ित युवक नसीम ने बताया कि फैक्ट्री मालिक और उनके साथ काम करने वाले कश्मीरी युवक उन पर दवाब बनाते थे कि एनकाउंटर शुरू हो गया है, सेना ने गांव को घेर लिया है. इसलिए, सेना का ध्यान भटकाने के लिए पथराव शुरू कर दो ओर देखते ही देखते चारों ओर से सेना के जवानों पर झुंडों में पत्थरबाजी शुरू हो जाती थी. पीड़ितों की माने तो उन्हें जबरन पत्थरबाजों के साथ भेजा जाता था और पथरबाजी करने के लिए उन्हें कश्मीरी वेशभूषा का कुर्ता पायजामा भी पहनाया जाता था, ताकि वे भी कश्मीरी लगे.

    पीड़ितों से पूछताछ कर रही है पुलिस

    पीड़ित नसीम ने बताया कि घर पहुंचने के बाद फैक्ट्री मालिक एजाज वाणी ने उसे फोन करके धमकाया भी. उसने फोन पर कहा कि तुमलोग मुझे नहीं जानते हो, अगर मैं चाहूं तो तुम लोगों को दिल्ली से ही उठवा सकता हूं. पीड़ित बागपत कोतवाली पहुंच कर पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. जी मीडिया पर यह खबर प्रमुखता से दिखाने के बाद यूपी पुलिस हरकत में आई. मेरठ जोन के ADG प्रशांत कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बागपत और सहारनपुर पुलिस को मामले की जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस फिलहाल पीड़ितों से पूछताछ कर रही है.

  • योग ने योगी और राजनाथ का छुड़ाया कुर्ता, टी-शर्ट पहनकर किया योग

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लोगों को संबोधित करते हुए उनके लिए स्वस्थ व निरोगी काया की कामना की। गुरुवार को राजधानी के राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण ही दुनिया में योग को मान्यता प्राप्त हुई है। इसे अपने जीवन में उतारकर आम जनमानस बीमारियों पर खर्च होने वाले धन को बचा सकता है। योगी ने कहा, जीवन में अलग-अलग चुनौतियों के बीच संतुलन साधना ही योग है।

    अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव

    लखनऊ के राजभवन में आयोजित किए गए अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में राज्यपाल रामनाईक, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया शामिल हुईं। इसके अलावा शहर के 10 पार्कों में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव

    गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि योग आज इन्टरनेशनल फेस्टिवल के रूप में मनाया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ये संभव हो पाया है। आज दुनिया के 191 देशों में योग किया जाएगा। इसे अमेरिका जैसे धनी देशों में एक लाइफस्टाइल के रूप में अपनाया गया है।

    गृहमंत्री ने कहा कि कुछ लोग योग को मजहब से जोड़ते हैं। पर सच तो ये है कि दुनिया के 46 इस्लामिक देशों ने योग को संयुक्त राष्ट्र संघ में समर्थन दिया है। इसलिए योग पर कभी मजहबी आरोप नहीं लगाए जा सकते। गृहमंत्री ने कहा कि एक पॉलिटिकल डिप्लोमेसी होती है, दूसरी इकनॉमिक डिप्लोमेसी होती है और एक कल्चरल डिप्लोमेसी होती है। मैं ये मानता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी को कल्चरल डिप्लोमेसी में बड़ी सफलता हासिल हुई है।

    अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव

    पहली बार भगवा कुर्ते की बजाए टी-शर्ट में दिखे, सीएम योगी ने टी-शर्ट पहनकर किया योग, गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी टी-शर्ट में दिखे, इस बार राजनाथ सिंह भगवा कुर्ते से रहे दूर, पिछली बार पीएम के साथ कुर्ते में किया था योग, बारिश में भीगते हुए भगवा कुर्ते में किया था योग। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक नए लिबास की चर्चा हो रही है। राजनाथ सिंह ने भी किए चैंकाने वाले आसन, राजनाथ ने हाथों के बल उठा लिया पूरा शरीर।

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    अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव

    राजभवन में आयोजित योग के सामूहिक कार्यक्रम में पतंजलि योग पीठ के 150, यूपी नैचुरोपैथी एंड योग टीचर्स एसोसिएशन के 200, भारतीय योग संस्थान के 50, तत्वसामी योग संस्थान के 54, ब्रह्म कुमारी संस्था के 73 प्रतिभागी योगाभ्यास में शामिल हुए। इसके लिए आयुष विभाग द्वारा सभी को एक टीशर्ट दी गई। जिस पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस व कुंभ 2019 का प्रतीक चिन्ह बना हुआ था।

    आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धर्म सिंह सैनी ने बुधवार को राज्यपाल राम नाईक को योगा किट भेंट की। इस किट में एक टीशर्ट, कैप और दरी भी है। किट का बैग खादी का है। सामान्य योगाभ्यास से संबंधित साहित्य भी राज्यपाल को दिया गया।

    राजभवन के अलावा लखनऊ के इन पार्कों में किया गया योगाभ्यास

    ओमेगा ग्रीन पार्क टाउनशिप (फैजाबाद रोड) में अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के अनगिनत रंग सुबह की किरणों के बीच चटख हुए। महिलाएं-युवा-बुजुर्ग और बच्चे भी निकले और सभी भारतीय योग पद्धति की ताकत का एहसास बटोरने के लिए ओमेगा ग्रीन पार्क टाउनशिप के परिसर में ध्यान, प्राणायाम और आसन की विविध मुद्राओं में लीन नजर आए। आगे की कुछ तस्वीरें देखें…..

    अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव
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    अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव
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    अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव

     

     

    डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क गोमती नगर

    अरविंदो पार्क इंदिरा नगर

    अर्जुन पार्क जानकीपुरम

    शास्त्री पार्क निराला नगर

    जनेश्वर मिश्रा पार्क गोमती नगर

    प्रियदर्शनी पार्क केशव नगर

    सीतापुर रोड मंडी के सामने वाला पार्क

    गुलाब वाटिका संगम चैराहा अलीगंज

    ग्रीन पार्क विपुल खंड

     

  • एक परिवार ने मांगी सामूहिक इच्छामृत्यु की अनुमति

    सुलतानपुर। दोस्तपुर क्षेत्र स्थित बभनगवां निवासी चंडी प्रसाद उपाध्याय ने परिवार समेत इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। उनका गांव के एक दलित व्यक्ति से विवाद है। थाना से लेकर बड़े अफसरों से शिकायत के बाद भी कार्यवाही न होने से वह और उनका परिवार टूट चुका है।

    पीड़ित चंडी प्रसाद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपने सभी सात परिवारी सदस्यों के लिए इच्छा मृत्यु की मांग की है। उनका कहना है कि वह कई बार अपनी समस्या को उठा चुके। थाने पर बुलाने पर विपक्षी नहीं आता। कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं की जाती। गांव में विपक्षी उनका और उनके परिवार का उत्पीड़न कर रहा है। पूरी तरह से परेशान होकर अब वह सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग करने को मजबूर हो गए हैं।

  • भगवान राम और सीता दोनों से मिलना सौभाग्य – शिवम शुक्ल

    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर :  क्षेत्र के ग्राम सिधुआ. स्थान के शुक्ला टोला मे  में आयोजत चल रहे  रामकथा के दौरान  प्रयाग से आए मानस कथावाचक शिवम शुक्ल ने कहा रामजन्म से लेकर भरत मिलाप तक के प्रसंगों को सुनाया। उन्होंने श्रीराम का राजतिलक के कथा प्रसंगों का ऐसा चित्रण किया कि जब राम-भरत मिलाप का मार्मिक प्रसंग आया तो लोगोें की आंखें छलक आई, वहीं केवट प्रसंग में केवटराज के भक्ति चातुर्य ने श्रद्धालुओं को गुदगुदाया।

    प्रयाग से प्रधारे कथावाचक श्री शुक्ल ने कहा कि कलयुग में रामनाम की बड़ी महिमा है कथा वाचन, कथा श्रवण और रामनाम के जपने से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने विभीषण की कुटिया को भवन जबकि रावण की लंका को मंदिर कहा। इसकी वजह यह है कि सीताजी की खोज में हनुमानजी ने लंका को छान मारा और हनुमानजी के चरण जहां पड़ जाएं वह मंदिर से कम नहीं। हनुमान और सुरसा के प्रसंग पर उन्होंने कहा कि छोटे बनकर रहने में भी बड़ाई है। सुरसा ने जैसे शत जोजन का मुख बढ़ाया तो हनुमानजी ने छोटा रूप धरकर निपुणता दिखाई।

    आज के दौर में लोग परस्पर प्रतिस्पर्धा में भटक जाते हैं हमारे कर्म और विचार हमें उचित स्थान दिलाते हैं। शबरी के समर्पण भाव से मुग्ध होकर उनके कुटिया पहुंचकर भगवान ने बेर खाए व उनकी बहुत बड़ाई की। भगवान सबके लिए बराबर का भाव रखते है यह इस भाव से सिद्ध हो जाता है। द्वापर में भी भगवान कृष्ण ने दुर्योधन के घर बनाए छप्पन भोग को त्यागकर विदुर के घर पहुंचकर साग खाते हैं यह प्रसंग भी भगवान भाव के भूखे है उनकी प्रमाणिकता बताती है। भगवान राम के राजतिलक के साथ कथा का रसपान कराया गया। उपस्थित ग्राम सभा सहित कार्यक्रम के सफलता में समस्त ग्रामीणों व क्षेत्रवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

    इस अवसर पर रौशन शुक्ला ,अमरदीप, सम्मी ,जीवन सिंटू, दिव्यम ,सत्यम, नारायण ,प्रांजल ,बिष्नू, अंकित शुक्ला ,प्रधान प्रतिनिधि आलोक शुक्ला ,सत्येन्द्र मिश्रा ,हरीराम कुशवाहा आदि लोग शामिल रहे |

  • जानिये आयकर विभाग के ‘झूठे मुखबिर’ बने 30 हजार दामाद

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    कानपुर। जिस आयकर विभाग के पास सरकार का राजस्व बढ़ाने का अहम जिम्मा है, उस पर पारिवारिक विवाद के फिजूल मामलों का भी अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। वधू पक्ष अगर पुलिस से मोटे दहेज की शिकायत कर रहा है तो टैक्स चोरी में ससुर की गर्दन फंसाने को दामाद आयकर विभाग के ‘झूठे मुखबिर’ बन रहे हैं। दहेज संबंधी ऐसी शिकायतों की तीस हजार फाइलें खंगालने में आयकर अधिकारियों को सिर खपाना पड़ रहा है। आयकर विभाग के निदेशक जांच के दफ्तर का दृश्य ही इन दिनों बदला हुआ है।

    जिस ऑफिस में छापे के दौरान मिले कागजातों की फाइलों की जांच होनी चाहिए, वहां अधिकारी यह गुणा-भाग लगाने को मजबूर हैं कि वधू पक्ष ने दहेज में कितनी नकदी दी और कितने जेवर दिए। साथ ही वर पक्ष की तरफ से वधू पक्ष पर क्या आरोप लगाए गए हैं। खुद अधिकारी भी परेशान हैं लेकिन, प्रधानमंत्री कार्यालय से शिकायतें आने की वजह से हर फाइल की जांच कर रिपोर्ट लगाना उनकी मजबूरी है।

    यह है शिकायतों के पीछे की कहानी :

    विवाह के बाद पति-पत्नी में हुए झगड़े की वजह से कई मामले थाने तक पहुंच जाते हैं। वधू पक्ष के लोग वर पक्ष को फंसाने के चक्कर में भारी मात्र में जेवर और नकदी देने की बात रिपोर्ट में लिखाते हैं। साथ ही और दहेज मांगने की बात भी लिखी जाती है। इसमें कई शिकायतें तो 25 से 30 लाख रुपये का दहेज देने तक की हैं। ऐसे में वर पक्ष आयकर विभाग को शिकायत दे रहा है, ताकि वधू पक्ष भी दबाव में आए और उनके खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट वापस ले ले। इन शिकायतों में एफआइआर की कॉपी लगाई जा रही है। साथ ही कहा जा रहा कि जिस वित्तीय वर्ष में इतना दहेज दिया गया, उस वर्ष आयकर रिटर्न में इसका जिक्र किया गया क्या? हालांकि तमाम शिकायतों में दामाद ससुराल की तमाम संपत्तियां भी गिना रहे हैं।

    हर शिकायत की जांच कर भेजी जा रही रिपोर्ट :

    पीएमओ से सभी फाइलें जांच के लिए आयकर कार्यालय भेजी जा रही हैं, ताकि संपत्तियों की जांच करा ली जाए। हर शिकायत के लिए जांच अधिकारी तैनात होते हैं। जांच में बुलाए गए वधू के परिजन में ज्यादातर कह रहे हैं कि दामाद पर दबाव बनाने के लिए ज्यादा दहेज लेने की बात लिखी। सभी तथ्यों को शामिल कर जांच रिपोर्ट पीएमओ भेज दी जाती है।

    वैवाहिक विज्ञापनों पर भी शिकायत :

    आयकर विभाग के पास दहेज के अलावा वैवाहिक विज्ञापन में बताए गए वेतन पर रिटर्न दाखिल न करने की भी शिकायत की जा रही है। किसी के मकान खरीदने पर भी शिकायत की जा रही है। ऐसी करीब 70 हजार शिकायतें विभाग के पास आई हैं।‘

  • शटरिंग के दौरान 11 हजार वोल्ट से सटा छड़,कुशीनगर मे युवक की मौत

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    उपेन्द्र कुशवाहा
    पडरौना,कुशीनगर :  जिलो के तुर्कपट्टी क्षेत्र के ग्राम सोहंग में बुधवार की शाम शटरिंग कर रहा एक युवक 11 हजार वोल्ट की करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे युवक को लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फाजिलनगर ले गए, लेकिन वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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    सोहंग ग्राम निवासी 20 वर्षीय युवक अब्दुल जब्बार बुधवार को अपने ही गांव में एक व्यक्ति के यहां शटरिंग का काम कर रहा था। देर शाम छड़ लगाने के दौरान छत के उपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के तार में छड़ छू जाने से वह करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया।

  • अध्यापक बनने की अर्हता में किया संशोधन, अब प्राइमरी टीचर बन सकेंगे बीएड डिग्रीधारी

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    लखनऊ । बीएड डिग्रीधारी फिर से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बन सकेंगे। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने इसके लिए अधिसूचना में संशोधन कर अध्यापक बनने की अर्हता में बीएड को भी शामिल कर दिया है। इस फैसले के बाद से उत्तर प्रदेश के लाखों बीएड पास अभ्यर्थियों में जश्न का माहौल है। बता दें कि यूपी में बीएड की करीब 2 लाख सीटे हैं।

    करीब तीन साल पहले एनसीटीई ने प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती के लिए अर्हता दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम तक सीमित कर दिया था और बीएड डिग्रीधारी को उच्च प्राथमिक विद्यालयों तक सीमित कर दिया था। संशोधित अधिसूचना के अनुसार, बीएड डिग्रीधारी भी प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ा सकेंगे। उसके लिए ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी होगा। ऐसे अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक नियुक्त होने के भीतर 6 महीने का ब्रिज कोर्स पास करना होगा।

    साल 2010 में जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने अध्यापक बनने की अर्हता में बीएड को भी शामिल कर दिया है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए बीएड के साथ-साथ टीईटी को भी अर्हता में शामिल किया गया है। बता दें कि यूपी में बीएड की करीब 2 लाख सीटे हैं। इस फैसले ने लाखों बीएड पास अभ्यर्थियों के लिए आगे प्रस्तावित भर्तियों में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है।

  • कुशीनगर मे मनमानी 23 हजार गरीब मनरेगा मजदूरों की मजूदरी नहीं दे रहे अफसर

    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना, कुशीनगर : महात्मा गांधी रोजगार गारण्टी एक्ट के तहत 15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान करना है, देरी होने पर जिम्मेदारी फिक्स कर कार्रवाई करने की बात कही गई है। मगर कुशीनगर जिले में 23 हजार मजदूरों को 25 दिनों से मजदूरी नहीं मिली है। मजदूरों का प्रशासन पर 2.35 करोड़ मजदूरी बकाया हो गया है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है ? मजदूर अपनी मजदूरी पाने के लिए गांव से लेकर ब्लाक के जिम्मेदारों के यहां चक्कर लगा रहे हैं।

    मनरेगा एक्ट के तहत मजदूरों के हाथ में एक साल में सौ दिन रोजगार देना है। इसके साथ ही मजदूरी की रकम का भुगतान 15 दिन के भीतर करना है। काम नहीं देने पर मजदूरी का भत्ता तथा समय से मजदूरी नहीं देने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करते हुए रिकवरी करने का एक्ट में प्राविधान है। मगर कुशीनगर जिले के 23 हजार मजदूरों को 25 दिनों से मजदूरी नहीं मिली है। यानी निर्धारित अवधि 15 दिन से 10 दिन अधिक हो गए अभी तक इनके खातों में रकम नहीं पहुंची है।
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    मजदूर मजदूरी मिलने की आस में किराना की दुकानों से उधार लेकर काम चला रहे हैं। दुकानदार अब चेतावनी देना शुरू कर दिए हैं कि दो दिन के अंदर भुगतान नहीं मिला तो सामान देना बंद कर देंगे, ऐसे में मजदूरों के सामने परेशानी आ खड़ी हुई है। वहीं इन मजदूरों को राहत देने वाले जिम्मेदार कह रहे हैं कि हम लोग अपना काम कर दिए हैं। ऐसे में मजदूर किस दर पर जाएं कि इनको मजदूरी मिलने का कोई भरोसा दिला दे।

    मनरेगा मजदूरों का करीब 2.35 करोड़ रुपए बकाया है। भुगतान की प्रक्रिया कर दी गई है। मनरेगा मेन एकाउंट से धनराशि सीधे मजदूरों के खातों में आनी है। शीघ्र मजदूरी दिलाने की दिशा में उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ला दिया गया है। मनरेगा का पूरा विवरण ऑनलाइन है, उम्मीद है कि जल्द ही मजदूरी भुगतान हो जाएगा।