Category: uttar-pradesh

  • चंद दिनो की मेहमान होती है लीची

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : चंद दिनो की मेहमान कहे जाने वाली यह लीची एक फल है जैसे माने अपने घरो पर आने वाला मेहमान जिस तरह आता है बहुत जल्दी ही वह चला भी जाता है |

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    एसे मे ठीक उसी प्रकार का यह लीची भी आती है और कम समय मे मेहमान की तरह लोगो के बीच से बिदा हो जाती है | उधर बर्तमान इस फल को खरीदने के लिए पडरौना शहर मे लोगो की भीड उमड रही है | हालाकी शहर व देहात मे 50 रुपया किलो लीची बीक रही है |

  • यूपी में आंधी-पानी में अब तक 15 लोगों की मौत, भारी तूफान की चेतावनी

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को आंधी-पानी ने भारी तबाही मचाई। सरकार के आंकड़ों के अनुसार इसमें अब तक 15 लोगों की मौत हुई है जबकि 13 घायल हुए हैं। छह मवेशियों की भी जान गई है। अवध के गोंडा जिले में तो ओलावृष्टि इतनी ज्यादा हुई कि कई स्थानों पर सड़कें सफेद चादर की तरफ ढंक गईं। आंचलिक विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 36 घंटों के बीच गरज-चमक के साथ तेज आंधी-पानी के आसार हैं।गोंडा में मंगलवार तड़के पांच बजे के करीब आए तूफान में कई लोगों के आशियाने ढह गए तो कई के छप्पर और टिनशेड उड़ गए।

    आंधी-पानी के बीच वजीरगंज के गनेशपुर ग्रंट गांव में अमरेश पाल (15) और जानी (50) की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई। वहीं, रायबरेली में तीन, कानपुर नगर में दो, उन्नाव में छह और पीलीभीत में भी दो लोगों की जान चली गई, जबकि कुल 13 लोग घायल हुए हैं।तूफान में सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए जबकि बिजली के कई खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लगभग 50 गांवों की बिजली गुल हो गई है। नवाबगंज के कटरा-बस्ती राजमार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन पूरी से ठप हो गया है।

    वन विभाग की टीम पेड़ों को हटाकर रास्ता खाली कराने मे जुटी है। ओलों की बारिश से गन्ना, तंबाकू व सब्जी की फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। नवाबगंज इलाके के जफरापुर, काजीपुर, बालापुर, कनकपुर, खड़ौआ, इस्माइलपुर, लोलपुर, बल्लीपुर, सानी सहित करीब 15 गांवों में आधी-पानी से करीब-करीब 20 लाख की सब्जी और गन्ने की फसल बर्बाद होने का अनुमान है।जफरापुर में पेड़ के नीचे दबने से एक अधेड़ रामकिशुन घायल हो गया, जबकि पेड़ के नीचे ही दबकर गांव के सुशील की एक गाय तथा रामगोपाल की भैंस पेड़ की मौत हो गई।

    बल्लीपुर सानी गांव में ओलों की चपेट में आकर अनामिका और अमन घायल हुए हैं। बर्फ के ओलो से घायल हुयी है। गोंडा-बस्ती से सटे गांवों में भी ओलावृष्टि व आधी से भारी नुकसान हुआ है। अभी तक वन विभाग के अलावा किसी भी विभाग की टीमें राहतकार्य मे नहीं जुटी है न ही पीड़ितों को किसी तरह की मदद मिली है। आंधी-पानी से करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित हुई है।उधर, पृथ्वीनाथ मंदिर परिसर में पेड़ गिरने से तीन लोगों के दुकानों को नुकसान हुआ है। पेड़ों के गिरने से गोंडा-फैजाबाद मार्ग पर कई घंटे वाहनों की कतार लगी रही। कटरा-किशुनदासपुर मार्ग पर भी घंटों जाम लगा रहा।

  • बिहार मे पैदल ले जा रहे दो बछडे सहित पशु तस्करों को सिधुआ चौकी पुलिस ने किया गिरफ्तार ,भेजा जेल

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना, कुशीनगर कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के सिधुआ पुलिस चौकी द्वारा बीती रात गश्त के दौरान पैदल बिहार ले जा रहे हैं दो पशु सहित दो तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है |

    मिली जानकारी के अनुसार बीती रात कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के सिधुआ बाजार पुलिस चौकी इंचार्ज सजनू यादव अपने हमराही अवनीश मौर्या के साथ बीती रात जंगल बनवीरपुर गांव स्थित बड़ी गंडक नहर पुलिया पर रात्रि गश्त कर रहे थे |  तभी मुखबिर से मिली सुचना के अनुसार बिहार में वध करने के लिए बसहिया से दो युवक दो बछडो  को लेकर पैदल  लेकर बिहार मे बध करने के लिए ले जा रहे थे |

    इस दौरान दो लोगो को बछडे के साथ आते देख पुलिस ने तस्करों को रुकने का इशारा किया तो पुलिस को देखते ही पशु तस्कर भागने का प्रयास करने लगे |

    इस दौरान चौकी पुलिस ने दौड़ा कर पकड़ तस्करो के पकड लिया |  पुछ ताछ के बाद तस्करो ने बध वाली बात कबूल ली | पुलिस ने आज दोनो तस्करो को पशु क्रूरता के अधनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनो को जेल भेज दिया है |

  • लखनऊ चारबाग स्टेशन को स्वच्छता रैकिंग में 6 वां स्थान

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    लखनऊ। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के तहत कराए गए स्वच्छता रैकिंग में चारबाग रेलवे स्टेशन को छठवां स्थान दिया है। वहीं, स्वच्छता रैकिंग में विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन प्रथम स्थान पर रहा है। नई रैकिंग के तहत पिछले साल की अपेक्षा चारबाग रेलवे स्टेशन ने स्वच्छता के मामले में कई पायदान की छलांग लगाई है।

    रेल मंत्रालय के पर्यावरण और हाउसकीपिंग प्रबंधन निदेशालय ने देश के ए-1 व ए क्लास रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता सर्वेक्षण आयोजित कराया जाता है। इस बार सर्वेक्षण क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई.) ने रेलवे के 407 प्रमुख रेलवे स्टेशनों इसमें ए-1 श्रेणी के 75 व ए श्रेणी के 332 रेलवे स्टेशन शामिल थे। उनकी जांच की गई। काउंसिल ने अपने सर्वेक्षण के दौरान स्टेशनों के प्रमुख प्लेटफार्म की साफ-सफाई, वेटिंग हाल, मुख्य प्रवेश हाल, शौचालय, वेंडर एरिया, फुट ओवरब्रिज समेत यात्रियों से साफ-सफाई को लेकर सवाल जवाब किए थे। सर्वेक्षण के दौरान काउंसिल ने चैबीसों घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया था और साफ सफाई की निगरानी के लिए लिए साफ-सफाई से जुड़ी तस्वीरों को जिओ-टैग किया था।

    इसके बाद स्टेशनों को रैकिंग दी गई। वहीं, उत्तर रेलवे के कई स्टेशनों में सफाई को लेकर किए गए प्रयासों ने बेहतर परिणाम हासिल किया है। टॉप टेन में चार स्टेशन उत्तर रेलवे के हैं। सीनियर डीसीएम जगतोष शुक्ला ने बताया कि स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य खत्म पर है। इसके बाद सभी प्लेटफार्मों पर बेहतर सफाई नजर आएगी। स्वच्छता रैकिंग में चारबाग रेलवे स्टेशन को प्रथम रैंक पर लाने का लक्ष्य है। इससे जल्द पूरा किया जाएगा।

    पूर्व तट रेलवे के विशाखापटनम रेलवे स्टेशन ने स्वच्छता रैकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है जबकि दक्षिण मध्य रेलवे का सिकन्दराबाद द्वितीय स्थान पर, उत्तर रेलवे जम्मूतवी तीसरे, दक्षिण मध्य रेलवे का विजयवाड़ा चैथे, उत्तर रेलवे का आनंदविहार पांचवें और लखनऊ को छठा स्थान मिला है जबकि पश्चिम रेलवे अहमदाबाद सातवें, उत्तर पश्चिम रेलवे का जयपुर आठवें, मध्य रेलवे पुणे नौवें और दक्षिण पश्चिम रेलवे का बैंगलरु रेलवे स्टेशन 10 स्थान पर रहा। क्यूआईसी जल्द ही ट्रेनों में सफाई व्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश करने वाला है।

  • सरकारी बैंकों में पड़े ताले, एक हजार करोड़ की क्लियरेंस फंसी

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    लखनऊ। शहर के सभी सरकारी बैंकों के 734 शाखाओं में ताले लटके रहे। भारतीय बैंक संघ के दो फीसदी वेतन बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव से बिफरे बैंक संगठनों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी। हड़ताली बैंककर्मियों की वजह से शहर में लगभग एक हजार करोड़ रुपये के ड्राफ्ट की क्लियरेंस फंस गई। यही नहीं ऑनलाइन बैंकिंग भी नेटवर्क की समस्या के कारण ग्राहकों को पूरे दिन रूलाता रहा।

    भारतीय बैंक संघ के प्रस्ताव से नाराज बैंक कर्मियों ने अपनी-अपनी शाखाओं पर सुबह से ही कार्यालय में ताला जड़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बैंक कर्मचारियों ने प्रबंधन और केन्द्र सरकार के रवैये से नाराजगी जताई तथा इनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इसमें गोमतीनगर स्थित बैंक आफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, वहीं डालीगंज में इंडियन ओवरसीज बैंक, आलमबाग के भारतीय स्टेट बैंक शाखा समेत अन्य बैंकों में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।

    हजरतगंज स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय और अशोक मार्ग व चन्द्रभानु स्मारक में स्थित मुख्य कार्यालय खुले होने की सूचना पर एनसीबीई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीके सेंगर और आल इंडिया ओवरसीज बैंक एम्पलाईज यूनियन के उपाध्यक्ष यूपी दुबे के नेतृत्व में पहुंचे कर्मचारियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। काफी संख्या में बैंककर्मियों के पहुंचने से प्रबंधन ने दबाव में दोनों कार्यालय बंद करा दिया। इसके बाद इन दोनों कार्यालयों पर कर्मचारियों ने प्रबंधन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हजरतगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्यालय के परिसर में हड़ताली बैंककर्मियों के प्रदर्शन पर प्रबंधन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए परिसर के अन्दर कोई भी गतिविधियां करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद एनसीबीई के प्रदेश महामंत्री केके सिंह ने मुख्यालय के मेन गेट पर ताला डालकर हड़ताल का बैनर टंगवा दिया। ऐसे में बैंक के आला अधिकारी बैंक के परिसर में प्रवेश नहीं कर पाए। कर्मचारियों की काफी मानमनौव्वल के बाद संगठन नेता केके सिंह ने शर्त के साथ केवल छह डीजीएम को बिना गाड़ी के अन्दर प्रवेश करने में सहमति जताई। इससे काफी संख्या में कर्मचारी व अधिकारी बैंक के अन्दर नहीं पहुंच पाए।

    मुख्यालय के सामने सड़क पर ही बैंक हड़ताली कर्मचारियों ने दोपहर 12 बजे के आसपास धरना देना शुरू कर दिया। आनन-फानन मंच बनाकर कर्मचारी नेताओं ने भाषणबाजी भीशुरू कर दी। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स के प्रांतीय संयोजक वाईके अरोड़ा ने कहा कि इस हड़ताल और लोगों की परेशानी के लिए कर्मचारी नहीं बल्कि बैंकों का उच्च प्रबंधन और केन्द्र सरकार जिम्मेदार है। एसबीआईएसए के मंडल महामंत्री केके सिंह ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर के लगभग 10 लाख कर्मचारी पांच वर्ष बाद अपने वेतन में सम्मानजनक बढ़ोत्तरी की आस लगाए हुए थे। लेकिन भारतीय बैंक संघ ने दो फीसदी वेतनवृद्धि का प्रस्ताव देकर मजाक किया है।

    सभा को एसके संगतानी, वीके सेंगर, यूपी दुबे, दीप बाजपेई, दिलीप चैहान, अखिलेश मोहन समेत अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया। बैंक हड़ताली कर्मचारियों के निशाने पर प्राइवेट बैंकों की शाखाएं रहीं। क्योंकि प्राइवेट बैंकों ने इस हड़ताल का समर्थन नहीं किया है। ऐसे में हजरतगंज में एकत्र हो रहे हड़ताली कर्मचारियों ने वहां की एचडीएफसी और आईडीबीआई की शाखाओं पर धावा बोलकर बंद कराने की कोशिश की। इसके बाद एहतियातन दोनों बैंकों के प्रबंधन ने शाखाओं के शटर गिरा दिए। वहीं बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन (यूपी उत्तराखण्ड) महामंत्री वीके सेंगर ने कहा कि गुरुवार को प्राइवेट के सभी शाखाओं को बंद कराने की अपील करने के लिए शहरभर में कई टोलियां घूमेंगी। बैंक हड़ताल का एटीएम पर कोई असर नहीं पड़ा। शहर के ज्यादातर एटीएम से सामान्य दिनों की तरह पैसा निकलता रहा। हड़ताल के दूसरे दिन यानि गुरुवार को भी एटीएम में कैश की कोई कमी न रहे प्रबंधन ने इसकी चाकचैबंद व्यवस्था की है। बैंक प्रबंधन ने एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसियों से विशेष अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

  • 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देंगे : राजनाथ सिंह

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    लखनऊ। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के चार वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में मीडिया को संबोधित किया। लखनऊ के लोकभवन में उनके साथ प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय भी थे।

    केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मोदी सरकार की चार वर्षों की उपलब्धियां गिनाई लेकिन अटल बिहारी वाजपेई को याद करना नहीं भूले । उन्होंने कहा अटल बिहारी ने देश को अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में मजबूती दी और मोदी जी ने टॉप 7 में लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने कश्मीर सीमा पर सीजफायर के सवाल पर कहा कि हमने जवानों के हाथ नहीं बांध रखे हैं, अगर कोई आतंकी हमला होगा तो मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। अभी पांच आतंकी मारे गए।

    उन्होंने मोदी सरकार की ढेर सारी उपलब्धियां गिनाई और विधायकों के धमकी के मामले में कहा कि पता चल गया है। पाकिस्तान से यह धमकी मिल रही थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक ताकत पहले से बहुत बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह मैं स्वीकार करता हूँ कि क्रूड ऑयल और डॉलर के रेट बढने से दिक्कते आई हैं पर हमें इससे कोई दिक्कत नही आएगी क्योकि हमारे पास विदेशी मुद्रा का स्टॉक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आर्थिक क्षेत्र में काफी बेहतर काम कर रही है। हमको भरोसा है कि 2022 आते आते हम देश के किसानों की आमदनी दुगनी कर देंगे। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए दुनिया में अगर सबसे अट्रैक्टिव देश कोई बना है तो वह भारत है।

    अब तो दुनिया के अर्थशास्त्रियों ने भी माना है कि जिस रफ्तार से भारत की अर्थव्यवस्था तेजी के साथ आगे बढ़ रही है, यदि ऐसे ही बढ़ती रही तो इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता कि आगामी कुछ वर्षों के अंदर भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की टॉप तीन इकोनॉमी में आकर खड़ी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देश को टॉप 10 अर्थव्यवस्थाओं में लाने का काम अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने किया था। अब दुनिया की टॉप सात अर्थव्यवस्थाओं में देश को पहुंचाने का काम केंद्र सरकार की नरेंद्र मोदी सरकार ने चार साल में किया है।

    उन्होंने कहा कि आपने पहले भी सरकारों को काम करते हुए देखा है और चार वर्ष से आप नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को भी देख रहे हैं। हमने हर साल अपने कामकाज का ब्योरा जनता के सामने पेश किया है। इस बार भी हम 48 महीनों के दौरान हमारी सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा आपके सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपने पहले भी सरकारों को काम करते हुए देखा है और चार वर्ष से आप नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को भी देख रहे हैं। हमने हर साल अपने कामकाज का ब्योरा जनता के सामने पेश किया है। इस बार भी हम 48 महीनों के दौरान हमारी सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा आपके सामने रख रहे हैं।

    गृह मंत्री ने कहा कि दुनिया के शीर्ष अर्थशास्त्रियों ने भी माना है कि जिस रफ्तार से भारत की अर्थव्यवस्था तेजी के साथ आगे बढ़ रही है, यदि ऐसे ही बढ़ती रही तो इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता कि आगामी कुछ वर्षों के अंदर भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की टॉप तीन इकोनॉमी में आकर खड़ी हो जाएगी। भारत की आर्थिक ताकत पहले की तुलना में अब काफी तेजी से बढ़ी है। करंट अकाउंट डेफिसिट व फिसिकल डेफिसिट दोनों पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। यहां तक कि अब करंट अकाउंट डेफिसिट अब समाप्त हो चुका है और भारत अब करंट अकाउंट सरप्लस में आ चुका है। हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं क्योंकि इस वक्त हमारे पास विदेशी मुद्रा का भंडार करीब 400 मिलियन डॉलर से अधिक है। उन्होंने कहा कि आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 156 बिलियन डॉलर की एफडीआई भारत में हुई है। यह कोई छोटी बात नहीं, बल्कि बहुत बड़ी उपलब्धि है।

    राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में मोबाइल रेवोल्यूशन का जनक अगर कोई रहा है तो वह  अटल बिहारी वाजपेयी जी हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (जेएएम) जन धन योजना, आधार और मोबाइल के जरिए एक नई व्यवस्था भारत में बनाई है जिसका भरपूर लाभ भारतवासियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी सब्सिडी अब सीधे लोगों के अकाउंट में पहुंच रही है। 20 करोड़ उपभोक्ताओं को 69815 करोड़ रुपये का कैश ट्रांसफर डीबीटी के माध्यम से किया जा चुका है।

    431 दूसरी योजनाओं का भी करीब 3.66 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे हैं। लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि अब लीकेज की संभावनाएं खत्म हो चुकी हैं, अब सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ लोगों को सीधे मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के मामले में एक तथ्य यह है कि यूपीए-2 सरकार के आखिरी चार वर्ष में औसतन 12 किमी हाईवे रोज बनती थी, लेकिन हमारी सरकार के चार साल में औसतन 27 किमी रोजना के हिसाब से काम हो रहा है। इस बार आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 में कहा गया है कि जिनता जोर इस सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर दिया है। उस हिसाब से 2040 तक अकेले इंफ्रास्ट्रक्चर में ही 4-5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश होगा। आज की तारीख में हमारी अर्थव्यवस्था के आकार से करीब दो गुना होगा। उन्होंने कहा कि रूरल रोड कनेक्टिविटी के मामले में भी हमारी सरकार ने शानदार काम किया है।

    हमारी सरकार से पहले 56श् गांवों में रोड कनेक्टिविटी नहीं थी। पीएम मोदी ने चार वर्ष में देश में रूरल रोड कनेक्टिविटी को 82श् तक पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री ने बहुत स्पष्ट रूप से अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए यह 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का फैसला किया है। नीम कोटेड यूरिया आने के बाद किसानों को काफी राहत मिली है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पहली बार भारत के इतिहास में ऐसा हुआ है कि रूरल इकॉनमी को मजबूत करने के लिए 14 लाख करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है।

    आप भी यह मानेंगे कि चार वर्ष में हमारी सरकार के एक भी मंत्री के दामन पर भ्रष्टाचार के कोई दाग नहीं लगे हैं। हमारे प्रधानमंत्री जी स्वावलंबी, सशक्त, स्वाभिमानी भारत बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। हमारी सरकार की संवेदनशीलता का इससे बड़ा नमूना क्या हो सकता है कि झोपड़ी में रहने वाला पहले दम तोड़ देता था, लेकिन 50-100 रुपये का इलाज नहीं करा पाता है, लेकिन हमारी सरकार ने ऐसा हेल्थ कवर दिया जिसके जरिए झोपड़ी वाले गरीब व्यक्ति को अस्पताल में इलाज मिलेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के बारे में मैं जरूर कहना चाहूंगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां पूरी ईमानदारी और साफ नीयत के साथ काम किया और विकास और सुशासन की जमीन तैयार करने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के बारे में इस बात पर बहस नहीं हो सकती कि योगीजी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद गुंडे-बदमाशों के दिल में दहशत पनपी है।

  • इम्मोब्लाइजेशन गन, चलाने वाला कोई नहीं, कैसे पकड़ेंगे तेंदुआ

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना कुशीनगर : जिले के आबादी में घुसे जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए कुशीनगर में पर्याप्त संसाधन नहीं है। हालत यहा एक इम्मोब्लाइजेशन गन यानी जंगली जानवरों को बेहोश करने वाली गन को चलाने के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर भी नहीं है। हाल ही में  कुशीनगर मे खड्डा के आबादी में घुसे तेंदुए ने कई लोगों को जख्मी कर दिया था।

    असल में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए वन विभाग तैयार नहीं है। न ही प्रशिक्षित स्टाफ हैं और न ही आवश्यक संसाधन है। गोरखपुर जनपद में महज एक इम्मोब्लाइजेशन गन हैं जबकि  कुशीनगर में एक भी नहीं है। पिजड़ों की भी बात करें तो कुशीनगर मे  हाथ खाली हैं। ऐसे में आबादी में तेंदुआ घुस आने की घटना सामने आने पर लखनऊ से प्रशिक्षित चिकित्सक बुलाना पड़ता है। हालाकी इन डॉक्टरों के आने में काफी वक्त लग जाता है।

    …….

    बोले माइक

    हरिगोविंद पाण्डेय वन्य जीवों के प्रति संवेदनशील होना होगा

    प्रदेश सरकार के इको टूरिज्म के ब्रांड एम्बेसडर व वाइल्डलाइफ फिल्ममेकर माइक हरिगोविंद पांडेय कहते हैं कि वन्य जीवों के प्रति सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ आम नागरिक को भी संवेदनशील होना होगा। केवल सरकार के भरोसे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका नहीं जा सकता है।
    ……………

    माइक ने दिए सुझाव

    रात में घर में खिड़की दरवाजे खोलकर न सोएं
    शाम 7 बजे के बाद शौच आदि के लिए बाहर न जाएं
    संवेदनशील क्षेत्रों में 15 से 20 लोगों का समूह बना कर ढोल और लुकारा लेकर शोर मचाएं
    पालतू कुत्ते, बत्तख और मुर्गियां पिंजड़े में घर के अंदर ही रखें, वे अलार्म का काम भी करेंगे
    माइक कहते हैं कि वन्य क्षेत्रों में भोजन, पानी की कमी और बढ़ती आबादी के कारण सुअर, तेंदुआ, बंदर, हाथी आदि आबादी का रुख करते हैं। तेंदुए अक्सर कुत्तों की तलाश में आबादी के निकट आ जाते हैं। इन्हें रोकने के लिए जंगल में भोजन और पानी का इंतजाम करना होगा।

  • तेंदुआ के हमले से अब तक 8  लोग हो चुके है जख्मी

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : जिले के खड्डा तहसील क्षेत्र में कई दिनों से आतंक मचा रखे तेंदुए ने रविवार की रात दो अलग-अलग गांवों में हमला कर दो लोगों को जख्मी कर दिया। हनुमानगंज थाना क्षेत्र के गंगवा छापर निवासी बुन्ना का दरवाजे पर सो रहा था। भोर में करीब 2 बजे पहुंचे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुए ने बुन्ना के कमर में कई बार हमला किया |

    उसके चिल्लाने पर लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंचे तब जाकर तेंदुआ वहां से भागा। ग्रामीण मशाल लेकर तेंदुए की तलाश कर रहे थे तभी उसने लक्ष्मीपुर पड़रहवा में ब्रह्म स्थान पर झाड़ू लगा रहे साधु लालजी पर हमला कर दिया। तेंदुए ने लालजी के दो अंगुलियों को चबा लिया। संयोग से ब्रह्म स्थान से गुजर रहे एक दूध वाले ने बांस का डंडा लेकर तेंदुए को वहां भगाया, जिससे लालजी का जान बच सकी। उसका इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है। एक सप्ताह के भीतर तेंदुए ने हमला कर अब तक 8 लोगों को जख्मी किया है।

    दो जून को धुमधाम से मनाया जायेगा बाबा सिद्धनाथ का वार्षिकोत्सव, तैयारियां जोरो पर

    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर। बाबा सिद्धनाथ मंन्दिर मे सिद्धनाथ सेवा समिति की  बैठक सम्पन्न हुई।
    इस दौरान आगामी दो जून को आयोजित होने वाले वार्षिकोत्सव को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए मंन्दिर से जुडे लोगो को जिम्मेदारी सौपी गयी।

    बैठक को सम्बोधित करते हुए मन्दिर के महन्थ योगेश्वर नाथ ने कहा कि बाबा सिद्धनाथ मंन्दिर मे क्षेत्र के अलावा कुशीनगर व पडोसी जिले के लोग आते बाबा का दर्शन करने आयेगे । मंन्दिर की महत्ता सर्वविदित है हर वर्ष की भाति इस वर्ष दो जून को बाबा सिद्धनाथ का वार्षिकोत्सव मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां जोरो पर है। बैठक मे आयोजन की सफलता के लिए जिम्मदारियां भी बांटी गयी है। महंत  ने कहा कि वार्षिकोत्सव के अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया जायेगा। बैठक मे शैलेश मिश्रा, भीम, राजन कुमार, अजय कुमार, अजय कुशवाहा, राकेश कुशवाहा, ज्योति गोड, विवेक यादव पत्रकार उपेन्द्र कुशवाहा आदि कई लोग शामिल रहे।

    कुशीनगर मे समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन पडरौना से मई माह के अंत तक हो जायेगा ठप

    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर :  कप्तानगंज-थावे रेल खण्ड पर चल रही समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन मई माह के अंत तक ठप हो जायेगा। इस रूट पर तीन साप्ताहिक ट्रेनों का फेरा पूरा होने जा रहा है। इससे एक्सप्रेस ट्रेनों की कमी के कारण अब कुशीनगर के पडरौना से महानगरों की ओर यात्रा करना यात्रियों के लिये मुश्किल होगा।

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    आमान परिवर्तन के बाद भी इस रूट की दशा नहीं सुधर सकी एवं सवारी गाड़ियां ही आवागमन के लिये मुख्य साधन बनी हुई है। यात्रियों की मांग पर चलायी गई डेमू की हालत भी खस्ता है और आये दिन दो स्टेशनों के बीच डेमू का इंजन खराब हो जाता है या फिर इस ट्रेन को अचानक निरस्त कर दिया जाता है। इससे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस रूट पर साप्ताहिक ट्रेनें ही चलती हैं, लेकिन उन ट्रेनों का निर्धारित फेरा पूरा होने के उन्हें बंद कर दिया जाता है। दिल्ली की ओर जाने वाली आंनद विहार-छपरा, रामनगर-हावड़ा, कटिहार-अमृतसर साप्ताहिक ट्रेनों का फेरा 30 मई तक पूरा हो रहा है, जिसके बाद इन साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन भी ठप कर दिया जायेगा। इस स्थिति में दिल्ली, पंजाब सहित अन्य स्टेशनों की ओर जाने वाले यात्रियों को देवरिया या गोरखपुर स्टेशन पर पहुंचकर यात्रा करनी पड़ेगी। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक हरिलाल प्रसाद ने कहा कि साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेनों का फेरा हो गया है। इसे रेलवे उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही बढ़ाया जा सकता है।

  • चारबाग के जाम आगे राजधानी प्रशासन बेबस

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    लखनऊ। वैसे तो पूरी राजधानी मेट्रो निर्माण के चलते बेबस हो चला है। यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। खासतौर से चारबाग में तो अवैध वेण्डरों और रोडवेज बसों के चलते चरमराई यातायात व्यवस्था केा बहाल करने में राजधानी प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।
    चारबाग में रोडवेज बसों की लंबी-लंबी कतारों से राहगीर ही नहीं यात्री भी परेशान है। मुख्य मार्ग पर खड़ी बसें रोजाना जाम की वजह बन गई है। वहीं रोडवेज बस पकड़ने वाले यात्री दोहरी समस्या से जूझ रहे है।

    पहला बसों से लगने वाले जाम तो दूसरी जाम में फंसने से यात्रियों की बसें छूट रही है। इस बावत कई शिकायतें की गई। बावजूद आज भी चारबाग में बसों से लगने वाले जाम के झाम से लोग परेशान है।बीती रात ग्यारह बजे चारबाग बस अड्डे से वाराणसी जाने वाली बस जाम में फंस गई। यात्रियों ने बस कंडक्टर को फोन किया तो आधे घंटे में बस प्लेटफार्म पर पहुंचने की सूचना दी गई। बस प्लेटफार्म पर पहुंच गई पर जाम में फंसे यात्री बस अड्डे नहीं पहुंच सके। इस दौरान जो यात्री प्लेटफार्म पर पहुंच गए थे वे बस में सवार हो गए। और बस चारबाग बस अड्डे से वाराणसी के लिए रवाना हो गई। इस बीच काफी संख्या में यात्री छूट गए।

    आनन-फानन में बस कंडक्टर को फोन करके बस को तेलीबाग में रूकवाया गया। जहां चारबाग बस अड्डे से ऑटो में सवार होकर यात्री तेलीबाग पहुंचे। वहां से बस में सवार होकर यात्री वाराणसी के लए रवाना हुए। क्षेत्रीय अधिकारी बतातें है कि चारबाग में बसों से लगने वाले जाम को लेकर कई समाजसेवी संस्थाओं ने शिकायत की है। पर मजबूरी है कि बसों को चारबाग आने से रोका नहीं जा सकता। आलमबाग बस टर्मिनल इसी माह से शुरू हो रहा है। वहां बसें शिफ्ट होंगी तभी बसों से लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

  • सरदार सेना कई संगठनों के साथ मिलकर निकालेगा मोदी की शवयात्रा

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    लखनऊ। केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के स्थापित होने के बाद से ही लगातार महगाई ,बेरोजगारी का दंश झेल रहे नागरिक अब सरकार के जन विरोधी नीतियों व बेलगाम बढ़ रही महगाई का पुरजोर विरोध करने हेतु सड़क पर उतरने को आतुर है। कृषि प्रधान देश में कृषि कार्यो हेतु प्रयोग होने वाले यंत्रो पर महगाई की मार पड़ने के बाद अब डीजल के दामों में भी बेतहासा वृद्धि हुई है। बढ़ रही महगाई व घट रहे रोजगार को लेकर किसान व मूलनिवासी समाज के हक व हकूक की लड़ाई लड़ रहे संघठन सरदार सेना ने 31 मई को पुरे प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शवयात्रा निकालने की घोषणा किया है।

    सोमवार को संगठन के कोर कमेटी की हुई बैठक में पुरे प्रदेश सहित अन्य राज्यों में एक समय पर शव यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है ताकि पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी होने के बाद देश में हाहाकार की स्थिति पर सरकार की निगाह पहुच सके। सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. आर. एस. पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश से यह वादा किया था कि हमारी सरकार बनी तो उस वक्त की सरकार में जो महगाई डायन का स्वरूप ले चुकी है इस डायन को मै समाप्त कर दूंगा किन्तु वर्तमान सरकार के आज 4 साल हो गए किन्तु महंगाई घटने के बजाय और बढ़ गई है।

    आज महंगाई अपने चरम सीमा को पार कर गयी है कितु युवाओं को रोजगार न मिलने से बेरोजगारी बढ़ी है। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है.हमारा देश 70 सालों में अब तक की सबसे दूरदिन दौर का दंश झेल रहा है। पूर्व की सरकार में महंगाई को डायन बोलने वाले लोग अब कहाँ चले गए। उन्होंने कहा कि युवा, किसान, मजदूर चारों तरफ मौत को गले लगाने को विवश है। देश में लगभग ज्यादातर व्यवस्थाएं पेट्रोल-डीजल पर निर्भर हैं, पिछले सालों से अब तक पेट्रोल-डीजल के दाम की बढ़ोत्तरी आसमान छू रही है, आखिर इस सरकार में महंगाई पूरी तरह डायन क्यों बन गयी है। सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. आर. एस. पटेल ने सोमवार को संगठन के प्रमुख साथियों के बीच एलान किया कि देश में बढ़ रही महगाई एवं पेट्रोल-डीजल के दाम के बढ़ोत्तरी के विरोध में 31 मई 2018 को दोपहर 3 बजे प्रदेश के तमाम जिलों में शव यात्रा निकाल कर सरकार का विरोध करते हुए निम्न मांग किया जायेगा।