Category: uttar-pradesh

  • 13 दिवसीय कराटे समर कैंप का कुशीनगर मे चल रहे कार्यक्रम संपन्न

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : पडरौना नगर से  बेलवा रोड जाने वाले मार्ग स्थित स्थित केएल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित रही  कराटे एसोसिएशन ऑफ कुशीनगर द्वारा फ्री कराटे समर कैंप का कार्यक्रम संपन्न हो गया | इस दौरान कराटे एसोसिएशन कुशीनगर के प्रबंधक रेडियंट हॉस्पिटल  , नवोदय विद्यालय की खेल अध्यापक  चेतन मिश्रा, समाज सेवी राजेश जायसवाल, केएल इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधक संजय जायसवाल, प्रधानाचार्य संजय गुप्ता द्वारा संयुक्त रुप से मां सरस्वती के चित्र  पर दीपू पुष्पांजलि अर्पित करके शुभारंभ किया |

    इस अवसर पर केएल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित रही फ़्रि कराटे समर कैंप के  समापन के दौरान  170 बच्चों ने अपना प्रतिभाग किया |  इस मौके पर कुशीनगर के  वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. बी के सिंह ने कहा बच्चों को कराटे  तथा खेल से आत्मरक्षा बल मिलता है | उन्होने कहा की  खिलाड़ियों को आज के समय में कराटे से  अपने आत्मरक्षा के लिए गुण सीखना सभी को बहुत जरूरी है |

    एेसे मे बच्चो को भविष्य में किसी प्रकार का कोई अनहोनी से सिखा हुआ गुण बचा सकता है | वही चेतन मिश्रा द्वारा बच्चों को व्यायाम के बारे इसका महत्व बताते हुए कहा की  रोजाना नियमानुसार ब्यायाम करने से शारीरिक तथा मानसिक विकास होता है |
    विद्यालय के प्रबंधक संजय जयसवाल ने स्कूल के कराटे प्रशिक्षक पीयूष साहू को इस तरह के भव्य आयोजन करने  के लिए धन्यवाद देते हुए कहां की स्कूल में सेल्फ डिफेंस की कक्षाएं नियमित रूप से चलाई जाएंगी जिसमें स्कूल के सभी बच्चों में इस कला का विकास हो सके जिससे बच्चों में  पढ़ाई के साथ-साथ खेल जगत में भी स्कूल तथा जनपद व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें |
    पडरौना शहर के समाजसेवी राजीव जायसवाल द्वारा बच्चों को इस कला को सीखने की उत्सुकता को देखते हुए प्रोत्साहित करते हुए आगे उम्मीद जताई कि केएल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के बच्चों में इतनी क्षमता है कि जल्द ही वह स्कूल का नाम जनपद व प्रदेश में रोशन करेंगे |

    नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी सुधीर जायसवाल ने कराटे के खिलाडी व भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज के होनहार छात्र अजय कुमार  कुशवाहा सहित उपस्थित 170 बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया  |

    इस दौरान कैंप के समापन के अंत में अतिथिगण द्वारा सभी बच्चों को खेल प्रमाण पत्र देकर  खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया | इस मौके पर  केएल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य संजय गुप्ता,शिक्षक श्वेताभ गुप्ता, विनय पांडे, आफताब आलम, अरुण कुमार, मानस केसरी,आशुतोष पाठक,रमेश यादव, अख्तर अंसारी, हैदर अली, साजिद अंसारी, संदीप तिवारी, एवं शिक्षिका सरिता राय, रीता गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे  |

  • एटीएस के एएसपी राजेश साहनी ने खुद को मारी गोली

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    लखनऊ। लखनऊ में आज दोपहर एक अत्यंत दुखद खबर से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। गोमतीनगर थाना क्षेत्र स्थित एटीएस कार्यालय में सरल स्वभाव और साफ सुथरी छवि के लिए पहचाने जाने वाले पीपीएस अफसर राजेश साहनी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर कर्मचारी मौके पर दौड़े। वहां उन्होंने खून से लथपथ अधिकारी को तड़पते देख फौरन अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी मौत हो गई। फिलहाल आत्महत्या करने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सरकारी पिस्टल कब्जे में ले ली है।

    पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। एटीएस में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात राजेश साहनी ने मंगलवार सुबह अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सर में गोली सटाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। एटीएस के कार्यालय के अंदर हुई हैरान करने वाली दुखद घटना की सूचना के बाद एसएसपी समेत पुलिस के तमाम आला अफसर मौके पर पहुचे और मामले की जांच शुरू कर दी।

    खुद को गोली मार कर आत्मा हत्या करने वाले ये वही अधिकारी है जिन्हें क्षेत्राधिकारी कैसरबाग के पद पर तैनाती के दौरान दबंगो ने जीप के बोनट पर लटका कर शहर में काफी दूर तक घुमाने के बाद सप्रू मार्ग पर स्थित एसएसपी आवास के अंदर ले जा कर छोड़ा था। स्वर्गीय राजेश साहनी पुराने लखनऊ में सीओ चैक भी रह चुके है। उनकी इस तरह की मौत से न सिर्फ पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई बल्कि उनके रिश्तेदारों और करीबियों को भी गहरा आघात पहुचा है। पुलिस उनकी मौत की जांच कर रही है।

  • कुशीनगर मे योगी सरकार को दी खुली चुनौती करोडो रुपये के नगरपालिका पडरौना के सरकारी जमीन पर धनपशु ने किया अवैध कब्जा

    उपेन्द्र कुशवाहा :

    पडरौना,कुशीनगर। एक तरफ सूबे के मुखिया एंटी-भू- माफिया के तहत भू-माफियाओ पर नकेल कसने का दावा कर रहे है वही दुसरी तरफ नगर का एक धनबली दबंग नगर पालिका व पीडब्लूडी की करोडो रूपये की सरकारी जमीन को अबैध तरीके से कब्जा कर खुलेआम योगी सरकार को चुनौती दे रहा है। मजे की बात यह है कि शहर के इस धनबली भूमाफिया के आगे सरकारी तंत्र और जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह नतमस्तक है। चर्चा -ए-सरेआम है कि करोडो के इस जमीन पर अबैध कब्जा करने के लिए दबंग धनपशु द्वारा सरकारी मशीनरी को मैनेज करने के लिए लाखो रूपये खर्च किए गए है। अब देखना यह है एंटी भूमाफिया   का दंम भरने वाली योगी सरकार धनबली भू माफिया की चुनौती को किस अंदाज मे लेती है।

    गौरतलब है कि नगर का सुभाष चौक पडरौना की धडकन के रूप मे जाना जाता है मौजुदा हालात पर गौर करे तो दो हजार रूपये प्रति फीट जमीन इस चौक- चौराहे के अगल-बगल मिलना  मुश्किल है। कहना न होगा कि नगर के सुभाष चौक से तकरीबन सौ मीटर आगे कसया जाने वाली मार्ग एनएच 28 से सटे व नगर पालिका नाले के पीछे शहर के रईशजादे अशोक केडिया का पुश्तैनी जमीन है जहा भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा स्थित है। बैंक के सामने श्री केडिया की तकरीबन दो हजार फीट जमीन वर्षों से खाली पडी थी जिसका उपयोग बैंक अपने सहन और ग्राहकों के वाहन पार्किंग के रूप मे करता था। बीते माह भूमि स्वामी अशोक केडिया ने स्टेट बैंक के आगे व नगर पालिका के नाली के समीप तक खाली पडी अपनी जमीन पर काम्पलैक्स बनवाने की गरज से निर्माण कार्य शुरु करवाया था ।

    इस दौरान सब कुछ ठीक ठीक चल रहा था कि एकाएक श्री केडिया ने नगर पालिका के वर्षों पूर्व निर्माण कराये गए नाले का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म कर लागभग आठ फीट आगे नाला निमार्ण कराकर औसतन आठ गुणे तीन सौ फीट सरकारी जमीन को एक ही झटके मे  कब्जा कर लिया। श्री केडिया के इस अवैध कृत का नगर की जनता-जनार्दन और कुछ सभासदों ने खुला विरोध करते हुए जब धरना प्रर्दशन किया तो योगी सरकार के कानून के रखवालो ने प्रर्दशनकारियो पर लाठी बरसाकर उनके खिलाफ बलबा व अपराधिक धाराओ मे मुकदमा दर्ज करके भेज दिया। चर्चा जोरो पर है कि कोतवाली पुलिस के इस अमानवीय व अन्याय पूर्ण कार्रवाई के पीछे रईशजादे की कीमती उपहारों की पेशकश सबसे बडी वजह है।

    कहना न होगा कि एनएच28 से सटे तकरीन ढाई हजार फीट सरकारी जमीन पर श्री केडिया की गिद्ध दृष्टि वर्षों से थी। इस सरकारी जमीन को हथियाने के लिए रईशजादे द्वारा काफी दिनो से प्रयास किया जा रहा था। हर अस्त्र अपनाने बाद भी जब रईशजादे अपने मकसद मे सफल नही हुए तो अपनी राह मे रोडा बन रहे नगरपालिका के खिलाफ न्यायालय मे पहुच गए किन्तु अफसोस वहा भी अन्याय पर न्याय भारी पडा और धनबली को मुंहखानी पडी।

    बताया जाता है कि हर जतन करने के बावजूद हजारो फीट सरकारी जमीन कब्जा करने मे नाकाम रहे शहर के इस रईशजादे ने नगरपालिका के खिलाफ याचिका दाखिल किया था। ऐसी चर्चा है कि काफी दिनो तक चले मुकदमे मे साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने नगरपालिका परिषद पडरौना के पक्ष मे फैसला सुनाया और श्री केडिया का यह आखिरी अस्त्र भी  असफल हो गया।

    विश्वस्त सूत्रो की माने तो सरकारी जमीन को हथियाने की गरज से नगर पालिका के खिलाफ मुकदमा करने वाले श्री केडिया जब नगर पालिका से मुकदमा हार गए तो तत्कालिन नगर पालिका अध्यक्ष शिवकुमारी देवी से संपर्क साधे और मामलें को किसी भी स्तर से मैनेज करने की गुहार लगाई। सूत्र बताते है कि इस मामले को मैनेज कराने के लिए इस धनबली के साथ शहर के कुछ  अन्य धनबलियो ने भी  तत्कालिन नगर पालिका अध्यक्ष पर दबाब बनाकर मामले को मैनेज कराने का प्रयास किया था। सूत्र तो यहा तक कहते है कि उस समय इस मामले को मैनेज करने के लिए रईशजादे की तरफ से पच्चीस लाख रुपये का आफर दिया गया था किन्तु पूर्व अध्यक्ष शिवकुमारी देवी ने दोटूक मे इस आफर को ठुकराते हुए अनलिगल कार्य करने से मना कर दिया था।

    सरकारी जमीन को रईशजादे भू-माफिया के चंगुल से छुड़ाने की गरज से नगर के गाधी पार्क के बगल मे धरना- प्रदर्शन कर रही जनता-जनार्दन और सभासदो पर भू माफिया की रईशी भारी पडा।  सूत्रो की माने तो सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे भू माफिया के धनबल के प्रभाव का ही नतीजा है कि जनहित के मद्दे को लेकर शान्ति पूर्ण ढंग धरना प्रर्दशन कर रहे सभासदों और आम जनमानस पर कोतवाली पुलिस ने लाठी चार्ज कर न सिर्फ उनके आन्दोलन को कुचलने का प्रयास की बल्कि आन्दोलनकारियों पर बलवा और अपराधिक धाराओ मे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजकर उनके हौसले दबाने की भरपूर कोशिश भी  कोतवाली पुलिस द्वारा किया गया।

    ऐसी चर्चा है कि नगर पालिका की तकरीबन  आठ गुणे तीन सौ फीट जमीन अवैध तरीके से कब्जा करने के पीछे श्री केडिया की दूरगामी सोच है जिससे उन्हें पाच करोड़ रूपये से अधिक का मुनाफा होगा। चर्चाओं और सुनी-सुनायी बातों पर यकीन किया जाए तो श्री केडिया के भविष्य का प्लानिंग यह है कि अवैध कब्जा किए गये  जमीन पर  लागभग डेड दर्जन दूकान बनवाकर जरूरतमंद व्यापारियो के हाथों प्रति दूकान पैतीस से चालीस लाख रूपये मे बेचकर सरकारी जमीन से पाच करोड़ रूपये से अधिक कमाने की योजना है।

    एंटी भू-माफिया के तहत सूबे की योगी सरकार प्रदेश के सभी  जनपदो से सरकारी व गैर सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने वाले भू-माफियाओ को चिन्हित कर कार्रवाई करने मे जुटी है। बावजूद इसके कुशीनगर का जिला प्रशासन धृतराष्ट्र बना बैठा है। आश्चर्य इस बात की है कि आन्दोलनकारियों पर लाठी चार्ज के बाद मौके पर पहुचे जिला प्रशासन के जिम्मेदार लोगों  ने मौके का निरीक्षण कर नाला निर्माण का कार्य रोकने का आदेश दिया । इस दौरान मौके पर मीडया द्वारा पूछे जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने तमाम तरह की कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। बावजूद इसके अब कोई कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया  जाता है कि  मामला धनबली का है इस लिए मैनेज होते देर नही लगी।

    चर्चाओं की बाजार मे इस बात की चर्चा जोरों  पर है कि नगर पालिका के करोडो की जमीन पर शहर के एक रईशजादे भू-माफिया द्वारा अवैध तरीके  से कब्जा करने के मामले मे नगर पालिका प्रशासन खमोश क्यों है ?  इतना नहीं सवाल तो यह भी  उठता है कि जब नगर पालिका के खिलाफ याचिका दाखिल कर मुकदमा हारने के बाद भू-माफिया द्वारा नगर पालिका की वर्षों पुरानी नाली का अस्तित्व समाप्त कर नगर पालिका के भूमि पर अवैध कब्जा किया  गया तो नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई क्यों  नहीं किया ? नगर पालिका के खामोशी के पीछे उसकी मंशा क्या  है? कही इस खामोशी के पीछे मामला मैनेज तो नहीं हो गया है ?

    नगर पालिका के जमीन पर शहर के रईशजादे द्वारा अवैध कब्जा  करने के विरोध बीते दिनो नगरवासियों के साथ मिलकर सभासदों ने धरना-प्रर्दशन किया था। इस दौरान कोतवाली पुलिस द्वारा प्रर्दशनकारियो पर लाठी चटकाने के बाद मौके पर पहुचे जिला प्रशासन के जिम्मेदार लोगों  ने अवैध तरीके  से निर्माण कराये  जा रहे नाले निमार्ण का कार्य रोकवा दिया था। सूत्रो की माने तो इधर सभासदों की गिरफ्तारी के बाद श्री केडिया ने उसी दिन देर रात को दर्जनों मजदूर रखकर अवैध नाले का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया और जिला प्रशासन व नगर पालिका सूरदास बने रहे।

  • बहुप्रतीक्षित टैलेंट हंट के सीजन 4 प्रतियोगिता का फॉर्म किया लांच

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      ब्यूरो – कामेश्वर पाण्डेय
     देवरिया,  सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था पैराडाइजियल एकेडमी के कार्यसमिति की बैठक कैम्प कार्यालय पुराना आलोक इनफोसिस पर दिन के 11 बजे संस्था अध्यक्ष अमिताभ रावत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संस्था के द्वारा गत वर्ष में किये गए कार्यों का लेखा-जोखा समिति के समक्ष रखते हुए संस्था के बहुप्रतीक्षित टैलेंट हंट के सीजन 4 प्रतियोगिता कराने पर चर्चा की गई। अध्यक्ष अमिताभ रावत एवं महासचिव रविकान्त मणि ने संयुक्त रूप से टैलेंट हंट सीजन 4 के फॉर्म को लांच करते हुए उसके बारे में विस्तार से बताया।
    बैठक को संबोधित करते हुए महासचिव रविकान्त मणि ने बताया कि प्रतियोगिता अपने पिछले तीनों सीजन से भव्य होगी। इस बार की प्रतियोगिता 4 चरणों में सम्पन्न होगी। पहले चरण से क्वालीफाई करने वाले दूसरे चरण में, दूसरे चरण से क्वालीफाई करने वाले तीसरे चरण (सेमीफाइनल) में और तीसरे चरण से क्वालीफाई कर चैथे चरण यानी ग्रांड फिनाले में जाएंगे। इस बार की प्रतियोगिता का ऑडिशन जिले के पांचों तहसील देवरिया सदर, रुद्रपुर, सलेमपुर, भाटपार रानी एवं बहरज में होगा जिससे कि ग्रामीण अंचलों की वे प्रतिभाएं जो जानकारी के अभाव में शहर तक नहीं आ पाती थी हम उन्हें भी ढूढ़ने का काम करेंगे। इस तरह से संस्था अपने मूल लक्ष्य देवरिया की दबी प्रतिभाओं को आगे लाने के सतत प्रयासरत को भी प्राप्त करेगा।
    इसी क्रम अध्यक्ष अमिताभ रावत ने बताया कि टैलेंट हंट सीजन 4 का फॉर्म प्रतियोगियों के लिए उपलब्ध हो गया है। जो भी प्रतिभायें गायन एवं नृत्य के विधा में अपने कौशल का प्रदर्शन करना चाहते है वे संस्था द्वारा चिह्नित स्थानों से फॉर्म प्राप्त कर ले क्योंकि फॉर्म की संख्या सीमित है। टैलेन्ट हण्ट सीजन 4 का पहला ऑडिशन जून के तीसरे सप्ताह में होना है। बताते चलें कि ऑडिशन प्रत्येक 30 प्रतियोगियों पर होगा। जो आगे के महीनों में निरन्तर चलता रहेगा। ऑडिशन पूरा होने के बाद आगे के सभी चरण आयोजित होते रहेेंगे।
    अध्यक्ष ने 2 मोबाइल नंबर भी जारी किए जिस पर टैलेंट हंट सीजन 4 से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। पहला नंबर 9794426119 और दूसरा 8052296000 है।
    बैठक में मनीष दूबे, विवेकानन्द शर्मा, शिवप्रकाश मिश्र, रोहित राॅय, ज्ञानेन्द्र गुप्ता, वतन मिश्रा, विवके शुक्ला, राहुल सिंह आदि सदस्य उपस्थित रहे।

  • वरिष्ठ अधिकारी कार्यों को मूर्त देने के लिए ठोस कदम उठायें

    सोनभद्र : शासन की मंशा के अनुरूप विकास परक कार्यक्रमों, जन कल्याणकारी योजनाओं व लाभार्थीपरक कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरी पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाय। कार्यदायी संस्थाओं पर शिथिल नियंत्रण रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी कार्यों को मूर्त देने के लिए ठोस कदम उठायें। विभागों के निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था पूरी जिम्मेदारी के साथ हर हाल में पूरा करायें। शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु सम्बन्धित अधिकारी पूरी संसाधन से लगकर अपने कार्यों को पूर्ण करने में लग जायें।

    उक्त निर्देश जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान सम्बन्धितों को दिये। बैठक में जिलाधिकारी ने विकास कार्यों, लाभार्थीपरक व जन कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ें विभागों की सम्बन्धित अधिकारियों से बारी-बारी से गहनता पूर्वक समीक्षा की। जिलाधिकारी ने जिले में रिक्त पड़ी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दूकानों का चयन वर्तमान दिक्कतों को देखते हुए आवश्यकतानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें, के निर्देश सम्बन्धितों को दिये। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के फीडिंग के कार्यों को समयान्तर्गत पूरा किया जाय, जिससे खाद्यान्न वितरण के कार्यों को तेजी से करने में सहूलियत मिल सके। उन्होेंने जिला स्तरीय अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं को दायित्वबोध कराते हुए कहाकि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य को हर हाल में पूरा करने के लिए पुरजोर कोशिश करें साथ ही कार्य में पारदर्शिता व गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान दिया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सौभाग्य योजना के तहत दिये जा रहे निःशुल्क बिजली कनेक्शन के तहत ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को बिजली के कनेक्शन निःशुल्क दिये जायें।

    अभियान चलाकर जिले के ग्राम पंचायतों को ‘‘खुले में शौचमुक्त/ओडीएफ‘‘ कराने के लिए कार्य में तेजी लायी जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्यालयाध्यक्ष अपने-अपने विभागों से जुड़े कार्यों का अभिनव प्रयोग करने की कोशिशि करें, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर कार्य जो अभिनव प्रयोग के रूप में मिलें, उन्हें योजनाओं में शामिल किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में अधिकाधिक वर्षा के जल को संरक्षित करने के उद्देश्य से ‘‘मिशन सोन जलाग्रह‘‘ योजना को बीडीओ व सम्बन्धितगण पूरी क्षमता व संसाधन के साथ लगकर कार्य को मूर्त रूप दें, ताकि आने वाले आगामी दिनों में पानी की विकट समस्या से आसानी से निपटा जा सके। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में अधिकाधिक शौचालय का निर्माण कराकर उपयोग के लिए नागरिकों को जागरूक किया जाय।

    इस कार्य हेतु ग्राम प्रधान के साथ ही कोटेदार भी राशन कार्डधारकों को ओडीएफ के लिए प्रेरित करें। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग का कार्य करने में सम्बन्धित विभाग की वजह से कार्य बाधित हो रहा हों, तो आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य को पूरा किया जाय और मामला अनसुझले की स्थिति हो, तो इसके निराकरण के लिए लगकर मामले को सुलझाया जाय। जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा बीएसए को निर्देशित किया कि छात्रवृत्ति, यूनिफार्म वितरण में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाय अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की जायेगी। बैठक में जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह के अलावा मुख्य विकास अधिकारी सुनील वर्मा, सीएमओ डाॅ0 एस0पी0 सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा0 गोरखनाथ पटेल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी हरिशंकर गुप्ता, डीपीआरओ आर0के0 भारती, खण्ड विकास अधिकारीगण, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह जिला स्तरीय अधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहें।

  • SP-BSP गठबंधन में रोड़ा बनेगा सीटों का बंटवारा

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    लखनऊ। बसपा किस पार्टी से गठबंधन करेगी इसकी गारन्टी बसपा के पदाधिकारी भी नही ले सकते। ऐसे में अगर बसपा से किसी राजनैतिक दल का गठबंधन होगा यह मुश्किल ही लगता है। इसलिए जो भी दल इस बाॅत को लेकर अभी से उत्साहित है कि वह बसपा से गठबंधन कर 2019 में फतह करेगा तो शायद यह उसकी भूल होगी। वैसे भी राजनीति में इतना लम्बा सफर तय कर चुकी बसपा सुप्रीमों को गठबंधन के काफी कडुवें अनुभव है।

    बसपा प्रमुख मायावती के हालिया बयान ने एक बात साफ कर दिया है कि गठबंधन में सीट बंटवारे के मुद्दे पर वह झुकने को तैयार नहीं हैं। वह वोट बैंक व जनाधार के हिसाब से सीटों का बंटवारा चाहती हैं। पूर्व में जो फार्मूला सामने आया था इस बयान के बाद उसमें बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बसपा चाहती है कि जनाधार के हिसाब से उसे सीट बटवारे में बड़ा हिस्सा चाहती है। पार्टी इसे ही सम्मानजनक स्थिति बता रही है।

    मायावती की कार्यशैली और राजनीति हनक किसी से छिपी नहीं है। वह अपनी शर्तों पर राजनीति करती हैं यह सभी जानते हैं। शायद ही कारण था कि जब राजद प्रमुख लालू यादव ने भाजपा के खिलाफ विपक्षियों को एकजुट करने के लिए पटना में रैली बुलाई तो वह नहीं गई। इतना ही नहीं पत्रकार वार्ता में यह साफ किया कि किसी भी गठबंधन से पहले सीटों का बंटवारा होना चाहिए और पार्टियों को उसकी हैसियत के हिसाब से सीटें मिलनी चाहिए। वरना, गठबंधन सफल नहीं होगा और भाजपा इसका सीधा फायदा उठाने में कामयाब होगी।

    मायावती वैसे तो पहले भी कई पार्टियों से गठबंधन कर चुकी हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव 2019 से पहले गठबंधन की हुई शुरुआत काफी मायने रखता है। बसपा प्रमुख ने लोकसभा चुनाव में यूपी में सपा के साथ गठबंधन के साफ संकेत दे दिए हैं। गठबंधन में किसके हिस्से में कितनी सीटें जाएंगी यह तय करने की कवायद चल रही है। इस बीच राष्ट्रीय अधिवेशन में मायावती द्वारा पदाधिकारियों के सामने यह कहना कि सम्मानजनक स्थिति पर ही वह गठबंधन करेंगी, वरना अकेले चुनाव लड़ेंगी। पार्टी पदाधिकारी हर परिस्थितियों के लिए तैयार रहें।मायावती का यह बयान काफी मायने रखता है। अब देखना होगा कि लोकसभा चुनाव के लिए होने वाले गठबंधन में कौन-कौन पार्टियां होंगी और किसके खाते में कितनी सीटें जाएंगी। पर, इतना तो साफ है कि बसपा गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर किसी कीमत पर झुकने वाली नहीं है। अब ऐसे में बसपा का किसी दल से गठबंधन लगभग न के बराबर लगता है।

  • जानिये अखिलेश यादव कैराना में क्यों नहीं कर रहे है चुनाव प्रचार ?

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    लखनऊ.  समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को कैराना में हो रहे लोकसभा उपचुनाव में हिंदू वोट बैंक के भाजपा में चले जाने का डर सता रहा है. जिसके कारण उन्होंने अभी तक चुनाव प्रचार से दूरी बनायी हुई है. चुनाव प्रचार सिर्फ रालोद की तरफ से ही की जा रहा है. जबकि भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता रैलियां कर चुके हैं और अखिलेश के प्रचार न करने को बड़ा राजनैतिक मुद्दा बना रहे हैं.

    गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में बीजेपी को पटखनी देने के बाद अब विपक्ष की कैराना और नूरपुर उपचुनाव पर निगाह टिकी है. इस बीच यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैराना में चुनाव प्रचार नहीं करने का फैसला किया है. जबकि अखिलेश यादव को आरएलडी और एसपी के स्टार प्रचारक की लिस्ट में रखा था. एसपी और आरएलडी का मत है कि बड़ी रैलियों से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण हो सकता है और यह बीजेपी को फायदा पहुंचा सकता है.

    महागठबंधन की नजरें जाट और गुर्जर वोट पर है. कैराना और नूरपुर में दलितों और मुस्लिमों की कुल आबादी 40 फीसदी के करीब है. कैराना में चुनाव प्रचार और बड़ी रैलियों का दांव उल्टा पड़ सकता है और इससे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का मौका मिल जाएगा. रालोद की तरफ से चुनाव में तबस्सुम हसन हैं जबकि भाजपा ने स्वर्गीय हुमुम सिंह की बेटी मृंगाका सिंह को टिकट दिया है. पिछले लोकसभा चुनाव में यहां से हुकुम सिंह को पचास फीसदी वोट मिले थे.

    अखिलेश के बारे में कहा जा रहा है कि मुस्लिम प्रत्याशी होने के कारण के कारण हिंदू वोट बैंक नाराज हो सकता है. आरएलडी के प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि पार्टी ने बड़ी रैलियों की जगह छोटी-छोटी बैठकें करने का फैसला लिया है. आरएलडी के अध्यक्ष अजित सिंह और उपाध्यक्ष जयंत चौधरी गांव-गांव जाकर बैठकें कर रहे हैं. उन लोगों को बीजेपी की तरह बड़ी रैली करने की कोई आवश्यकता नहीं है.

    असल में आरएलडी ने अखिलेश यादव को स्टार प्रचारक बनाया था, इसके बावजूद वह प्रचार से खुद को दूर रखे हैं. एसपी और आरएलडी का कहना है कि उनके गठबंधन से बीजेपी में डर है और इसलिए बीजेपी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए बड़ी रैलियां कर रही है. बीजेपी की नजर जाट और गुर्जर वोट पर है.

    इतना ही नहीं कांग्रेस और बीएसपी ने भी अपने समर्थकों से एसपी और आरएलडी के उम्मीदवारों को चुपचाप सपॉर्ट करने को कहा है. अखिलेश के चुनाव प्रचार न करने के मुद्दे को भाजपा ने चुनावी हथियार बनाया हुआ है. भाजपा का कहना है कि अखिलेश ने कैराना में दंगे कराए थे और जिसके कारण हिंदूओं का यहां से पलायन हुआ है. इसके लिए अखिलेश यहां पर नहीं आ रहे हैं.

  • किसानें की ऋण सम्बंधी शिकायते 15 जून तक पोर्टल पर दर्ज हो सकेंगी: अनूप चंद्र पांडेय

    लखनऊ। कर्ज माफी योजना के संबंध में किसान अपनी कोई भी समस्या 15 जून तक पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे। संबंधित जिलाधिकारियों को शिकायती मामलों में खुद मौके पर जाकर परीक्षण करना होगा।औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने सोमवार को यह जानकारी दी।

    उन्होंने बताया कि पोर्टल पर आधार कार्ड न होने तथा आधार कार्ड का ब्यौरा रिकार्ड से मेल न खाने संबंधी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। शिकायतें दर्ज कराने के लिए तय वक्त में शिकायतों का निपटारा कर किसानों का लाभ दिलाया जाएगा।

    अनूप पांडेय ने कहा कि डीएम यह देख ले कि उनके जिले में पात्र किसान कर्ज माफी योजना का लाभ लेने से वंचित न रह जाए और उसे कोई समस्या आने पर उसका निपटारा करायें। उन्होंने बताया कि अपने मूल जिले से अलग दूसरे जिले से कर्ज पाने वाले किसानों के मामले की स्थलीय जांच कर मूल जिले को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाएगी।

    लंबित शिकायतों का निपटारा तीन दिन के भीतर किया जाएगा और यदि शिकायतकर्ता पात्रता की श्रेणी में आता है तो मामले में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

  • अलिखेश यादव ने मेधावियों को लैपटॉप वितरित कर निभाया अपना वादा

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    Lucknow. अपने वादे के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में टॉप 11 में स्थान पाने वाले छात्रों को लैपटॉप देकर सम्मानित किया। रविवार को अपने सरकारी आवास में इन छात्रों को आमंत्रित कर अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने अपने हाथों से लैपटॉप वितरित किए।

    अपने ट्वीटर अकाउंट पर इस कार्यक्रम की तस्वीर साझा करते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि हम तो यूपी के टॉपर्स को लैपटॉप बांटने का अपना वादा पूरा कर रहे हैं, लेकिन रोज नये-नये झूठे वादे करने वाली ये सरकार किसानों, नौजवानों और आम जनता से वादे करके भूल गयी है। इस बार जनता इनको हमेशा के लिए भुलाने को तैयार बैठी है क्योंकि जनता धोखा देने वालों को कभी नहीं भूलती।