लखनऊ। लगता है भाजपा सरकार जनता को बड़े बड़े ख्वाब दिखाकर लूटने पर अमादा है। अब उसने गुपचुप तरीके से बिजली की कई सेवाओं में जीएसटी लगाकर जनता को चुना लगाने का काम किया है। प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा अनेकों सेवाओं में गुपचुप तरीके से 18 प्रतिशत जीएसटी वसूलने की भनक लगते ही उपभोक्ता परिषद ने घेराबन्दी शुरू कर दी। जब उपभोक्ता परिषद ने निचले स्तर पर तहकीकात की तो पता चला कि उपभोक्ताओं के नये कनेक्शन के स्टीमेट पर 18 प्रतिशत, बकाया पर कनेक्शन कटने व जोड़ने पर 18 प्रतिशत एवं नया कनेक्शन लेते वक्त प्रोसेसिंग फीस पर भी 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली जा रही है। पूरे मामले को लेकर उ.प्र.राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने सचिवालय में ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से मुलाकात कर उनके सामने मुद्दा उठाया।
उपभोक्ता परिषद द्वारा ऊर्जा मंत्री को भारत सरकार वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन सं.-12/2017 की प्रति सौंपते हुए कहा कि बिजली के ट्रांसमिशन व वितरण की सेवाओं पर जीएसटी शून्य है, ऐसे में किस आधार पर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की अनेकों सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल की जा रही है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने पूरे मामले पर गम्भीरता से चर्चा करते हुए उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया गया कि जिन सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगनी चाहिए, उन सेवाओं पर किस आधार व किस नियम पर जीएसटी लगायी गयी है। पूरे मामले का परीक्षण कराकर प्रदेश के उपभोक्ताओं के हित में सरकार द्वारा जल्द उचित निर्णय लिया जायेगा। उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली पर सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के रूप में अलग-अलग विद्युत उपभोक्ताओं से घरेलू में 5 प्रतिशत व अन्य श्रेणी में 7.5 प्रतिशत व 20 प्रतिशत तक की इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी वसूल की जाती है, जो विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानानुसार स्टेट कान्क्रेन्स यानि की राज्य सरकारों के अधिकार बिजली कर लगाने की व्यवस्था में शामिल है।
ऐसे में कानूनन जीएसटी लागू ही नहीं किया जा सकता और शायद इसी के मद्देनजर केन्द्र सरकार द्वारा बिजली व ट्रांसमिशन सेवाओं को जीएसटी की परिधि में नहीं रखा गया था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी भी बिजली की सेवा में जीएसटी वसूल हो रही है, तो उसका आदेश बिजली कम्पनियां सार्वजनिक करें। विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानानुसार नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ जिसका नोटिफिकेशन भी सरकार द्वारा जारी किया जाता है। बकाये पर कनेक्शन जोड़ना व काटना टैरिफ आदेश की श्रेणी में आता है, ऐसे में यह वसूली आयोग के आदेशों का उल्लंघन है।
लखनऊ। प्रदेश पुलिस अब विदेश में बसे यूपी वालों की भी मदद करेगी। ऐसे हर मुल्क जहां उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी तादाद में निवास करते हैं वहां एक स्थानीय कोआर्डिनेटर तैनात किया जाएगा। इसी के साथ ही यूपी पुलिस अप्रवासी भारतीयों के लिए एक पृथक ट्विटर हैण्डल की भी शुरुआत करेगी। प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने यह जानकारी मंगलवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता में दी। इस मौके पर उनके साथ ट्विटर की प्रतिनिधि महिमा कौल भी मौजूद थीं। डीजीपी ने बताया कि सभी अप्रवासी भारतीय नागरिकों के लिए एक पृथक ट्विटर हैंडल /UPPOINRI शुरू करने का निर्णय लिया गया है। विश्व के किसी भी देश से अप्रवासी भारतीय उत्तर प्रदेश पुलिस से संबंधित अपनी किसी भी समस्या के लिए इस ट्विटर हैंडल पर ट्विट कर सकते हैं।
विदेश और देश में समय के अन्तर के मद्देनजर यह ट्विटर हैंडल 24 घंटे कार्यरत रहेगा।डीजीपी ने बताया कि ऐसे हर देश जहां उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी तादाद में रहते हैं, वहां उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक स्थानीय कोआर्डिटनेटर नियुक्त किया जाएगा। कुछ दिनों पूर्व यूनाइटेड किंगडम के लिए सुश्री सुप्रिया की कोआर्डिनेटर के रूप में नियुक्त की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस का कोआर्डिटनेटर बनने के इच्छुक एनआरआई /UPPOINRI पर ट्विट का सकते हैं। साथ ही uppolicenri@gmail-com पर मेल भी कर सकते हैं।
कोआर्डिनेटर के अलावा विदेशों में डिजिटल वालंटियर भी नियुक्त किए जाएंगे। यह कोआर्डिनेटर और डिजिटल वांलटियर अपने संबंधित देश में प्रवासी भारतीयों का डाटाबेस बनाएंगे। सामाजिक रूप से सक्रिय प्रवासी भारतीयों की एक सूची बनाएंगे और उनका व्हाटस एप ग्रुप भी बनाएंगे। इन प्रवासी भारतीयों की उत्तर प्रदेश पुलिस से संबंधित कोई भी समस्या यह कोआर्डिनेटर /UPPOINRI हैण्डल पर ट्विट करने के लिए अवगत करवाएंगे। इस हैण्डल पर सिर्फ अपराध ही नहीं बल्कि आपदा प्रबंधन और पारिवारिक विवाद के मामलों में भी मदद की जाएगी। ट्विटर की प्रतिनिधि महिमा कौल ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। इसी नाते ट्विटर ने यूपी पुलिस के साथ अप्रवासी भारतीयों के बारे में यह सेवा शुरू की है। उन्होंने बताया कि देश में यूपी पुलिस पहली ऐसी राज्य पुलिस है जिसने अप्रवासी भारतीयों के लिए ऐसी सेवा शुरू की है।
वाराणसी । फ्लाईओवर हादसे के बाद विकास कार्यों व कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर रविवार को तल्ख थे। उन्होंने अफसरों को दो टूक आदेश दिया कि भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों व कर्मियों को सीधे बर्खास्त करें। पुलिसकर्मियों और राजस्वकर्मियों द्वारा की जा रही वसूली की शिकायतों पर सीएम ने नाराजगी जताई। बोले, ऐसे दागी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
कमिश्नरी सभागार में समीक्षा बैठक में सीएम ने अधिकारियों को समय से काम पूरा करने के लिए चेतावनी दी। उन्होंने शनिवार रात्रि प्रवास के दौरान आधी रात को विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया था। फ्लाईओवर निर्माण के दौरान हुए हादसे को लेकर योगी ने सीधे चेतावनी दी कि यदि किसी विभाग ने कार्यस्थल पर लापरवाही बरती तो फिर खुद को नौकरी से बाहर समझे। जनता की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी है और लापरवाह अफसरों की प्रदेश में कोई जगह नहीं है। कहा कि 10 दिन बाद फिर आएंगे और काम की रफ्तार देखेंगे। बैठक में राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सीएम ने कहा, विश्वनाथ मंदिर कॉरीडोर को लेकर अभी भी काशी के लोगों के मन में संशय है। कॉरीडोर से संबंधित प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी लोगों को नहीं है। विश्वनाथ कॉरीडोर के काम में तेजी लाने के साथ ही लोगों का भ्रम दूर करिए कि वास्तव में यहां क्या बन रहा है, कौन लोग प्रभावित हो रहे हैं, प्रभावित लोगों को सरकार की तरफ से क्या सुविधाएं मिलेंगी।
अवैध धन उगाही को लेकर मुख्यमंत्री काफी सख्त दिखे। कहा कि शहर के चौराहों पर पुलिस अवैध वसूली कर रही है तो गांव में लेखपाल से लेकर अन्य राजस्वकर्मी। पुलिस और लेखपालों की वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही है। काशी की गरिमा का ध्यान रखें और हर हाल में वसूली बंद कराएं। वसूली की शिकायतें बंद नहीं हुई तो कार्रवाई तय है। थानों में फरियादियों की सुविधा को लेकर योगी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाने पर फरियादियों के लिए पीने का पानी और बैठने की व्यवस्था हो।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सुबह सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने आजाद को याद करने के साथ उनके कदमों पर चलने का आह्वान किया।
बनारस के बाद गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधा दर्जन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। नुमाइश मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां और आगामी योजनाएं गिनाईं तो पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि केवल योजना बनाने से विकास कार्य नहीं होता, इसके लिए मंशा और ईमानदारी भी होनी चाहिए। पूर्ववर्ती सरकारों में मंशा और ईमानदारी का नितांत अभाव रहा, जिसका खामियाजा देश और प्रदेश की जनता को झेलना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन अगले महीने होगा। इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आएंगे। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से वाराणसी, इलाहाबाद के साथ-साथ गोरखपुर को भी जोड़ा जाएगा।
बुलंदशहर । डिबाई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. अनिता लोधी से 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई है। विदेशी नंबर से वाट्सएप मैसेज के जरिये मांगी गई रंगदारी में तीन दिन के भीतर न देने पर परिवार के तीन लोगों की हत्या की धमकी दी गई है। 19 मई की रात से 21 मई तक मिली धमकियों के बाद विधायक व उनका परिवार दहशत में हैं। एडीजी ने जांच एसटीएफ व साइबर सेल को सौंपी है।
विधायक डॉ. अनिता लोधी ने बताया कि शनिवार रात उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से वाट्सएप मैसेज आया, जिसमें 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। मैसेज भेजने वाले ने अपना नाम अली बुदेश भाई लिखा है। इतना ही नहीं रंगदारी के लिए वाट्सएप कॉल और ऑडियो रिकार्डिंग भी भेजी गई। रंगदारी न देने पर तीन दिन में एक-एक कर परिवार के तीन सदस्यों की हत्या करने की धमकी दी है।
उन्होंने सोमवार को एसएसपी बुलंदशहर केबी सिंह व एसएसपी गाजियाबाद वैभव कृष्ण से पूरे मामले की लिखित में शिकायत की। डॉ. अनिता लोधी का आवास गाजियाबाद के वैशाली में है। उन्होंने बताया कि एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने भी संज्ञान लिया है और जांच एसटीएफ व साइबर सेल को सौंप दी है। एसएसपी बुलंदशहर ने बताया कि भाजपा विधायक अनिता लोधी ने पूरे प्रकरण की शिकायत की है, जिसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
मेरठ के ब्रह्मपुरी निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी एवं पार्षद राजीव गुप्ता काले से 50 लाख की रंगदारी मांगी गई है। आरोप है कि मुरादाबाद जेल में बंद सतीश गिरी नाम के बदमाश ने चिट्ठी भेजकर रंगदारी मांगी। कहा गया है कि यदि पैसा नहीं दिया तो वह राजीव और उसके पूरे परिवार को खत्म कर देगा। राजीव संयुक्त व्यापार संघ में पदाधिकारी भी हैं।
उनके भाई पंकज कुमार मंगल ने बताया कि 15 नवंबर 2016 को राजीव गुप्ता को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी थी। इस संबंध में ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने सतीश गिरी नाम के बदमाश का नाम उजागर कर जेल भेजा था। एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि चिट्ठी कहां से भेजी गई। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल वह मुकदमा दर्ज करा रहे हैं। रंगदारी सतीश गिरी के नाम पर मांगी गई है।
नई दिल्ली . कर्नाटक चुनाव के बाद अब बीजेपी की नजरें कैराना उपचुनाव पर हैं। 33 फीसदी मुस्लिम, 10 फीसदी जाट और 15 फीसदी दलित वोटर्स के साथ कैराना का चुनाव राष्ट्रीय लोक दल (RLD)- समाजवादी पार्टी (SP)- बहुजन समाज पार्टी (BSP) के लिए सम्मिलित रूप से काफी आसान दिख रहा है। हालांकि बीजेपी का कहना है कि उसने गोरखपुर और फूलपुर से सबक सीख लिया है और इस बार वह 28 मई को होनेवाले चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने की कोशिश करेगी।
आगामी उपचुनाव में जाटों का वोट पलट सकता है। पश्चिमी यूपी में जाटों ने 2014 और 2017 के चुनावों में बीजेपी का समर्थन किया था लेकिन क्षेत्र में गन्ने का भारी बकाया है और RJD के अजित सिंह इस मुद्दे पर बीजेपी की समस्या बढ़ा सकते हैं। इसे भांपते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को क्षेत्र में अपनी पहली रैली में ही लोगों को यह भरोसा दिया कि अगर चीनी मिलें बकाए का भुगतान नहीं कर पाती हैं तो राज्य सरकार गन्ना किसानों के लिए पैकेज लेकर आएगी।
उधर, एसपी के समर्थन वाली RLD उम्मीदवार बेगम तबस्सुम हसन ने कहा है कि जाट बीजेपी से नाराज हैं। उन्होंने ET से कहा, ‘यह पहली बार होगा जब जाट, मुस्लिम और दलित मिलकर हमें वोट करेंगे। यहां कोई मुकाबला नहीं है। यह पहले हुए दंगे की कड़वाहट को समाप्त कर देगा।’
हालांकि बीजेपी के नेताओं ने कहा है कि एसपी और RLD साथ हैं इसलिए जाट मुसलमानों के साथ मिलकर वोट नहीं करेंगे, खासतौर से 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के खूनी इतिहास को देखकर वह साथ नहीं जाएगा। सीएम आदित्यनाथ ने रविवार को भी यह पॉइंट रखा। उन्होंने कहा, ‘SP उम्मीदवार को लोन पर आरएलडी को दे सकती है लेकिन अखिलेश यादव के पास यहां आकर प्रचार करने का साहस नहीं है क्योंकि उनके हाथ में मुजफ्फरनगर दंगों का काला दाग लगा है। वह RLD के कंधे पर रखकर फायरिंग कर रहे हैं। इन दंगाइयों के झांसे में मत आइएगा।’
Sitapur. उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आदमखोर कुत्तों का आतंक जारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत तौर पर सीतापुर का दौरा करने और अधिकारियों को सख्त निर्देश देने का भी कोई असर नहीं दिख रहा है. रविवार को इलाके के हिंसक हो चुके कुत्तों ने फिर से चार लोगों को जख्मी कर दिया.
बताया जा रहा है कि रविवार को आदमखोर कुत्तों के हमले में शिकार हुए लोगों में एक बच्चे की हालत गंभीर है. घायल बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है. उधर खूंखार कुत्तों के आंतक से आजिज ग्रामीणों ने हमलावर कुत्तों में से एक को पीट-पीट कर मार डाला.
रविवार को कुत्तों के हमले की पहली घटना लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शेखटोला में घटी. रविवार को तड़के 22 वर्षीय छोटू शौच क्रिया के लिए बाहर निकला था, तभी खूंखार कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया.
छोटू की चीख सुनकर उसके 60 वर्षीय पिता लोकई और 18 साल का छोटा भाई घनश्याम दौड़ कर बाहर आए और कुत्तों को भगाना चाहा. लेकिन कुत्तों ने उन पर भी हमला कर दिया. तीनों की चीख पुकार सुनकर आए ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से किसी तरह उन्हें कुत्तों से छुड़ाया और सभी को इलाज के लिए ले गए.
उधर घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कुत्तों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया और एक कुत्ते को मार डाला. ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों के शरीर से तेज दुर्गंध आ रही थी. सूचना पर पहुंची पुलिस मौके का मुआयना कर रही है.
वहीं कुत्तों के हमले की दूसरी घटना तालगांव कोतवाली के रमपुरवा हरायपुर गांव में हुई. यहां रविवार सुबह करीब 9 बजे सुरेश अपने भाई के साथ खेत की सिंचाई कर रहा था. जहां सुरेश के आठ साल के बेटे सुशील पर अचानक चार-पांच आदमखोर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया.
जब तक सुरेश व उसके भाई नरेश ने फावड़ा-लाठी लेकर कुत्तों को दौड़ाया, तब तक आदमखोरों ने सुशील को नोच-नोच कर बुरी तरह घायल कर दिया. घायल बच्चे को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
कैराना. कर्नाटक की चुनावी जंग खत्म होने के बाद अब सभी की नज़रें उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव पर हैं. बीजेपी को घेरने के लिए यहां पूरा विपक्ष एकजुट है. 28 मई को होने वाले मतदान से पहले राजनीतिक दलों के बड़े चेहरे भी मैदान में उतर गए हैं.
गन्ना बनाम जिन्ना की जंग
किसान बहुल इस क्षेत्र में एकजुट विपक्ष ने बीजेपी को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. इस सीट पर रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसन को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का समर्थन प्राप्त है. विपक्ष इस चुनाव में गन्ना बनाम जिन्ना के नारे के साथ बीजेपी को घेरने का काम कर रहा है.
रालोद नेता जयंत चौधरी का कहना है कि एक तरफ हम लोग यहां गन्ना किसानों की समस्या की बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी जिन्ना का राग अलाप कर ध्यान भटका रही है. जयंत बोले कि आज किसान परेशान है, राज्य सरकार ने बिजली के दाम पिछले 5 महीने में दो बार बढ़ा दिए हैं.
उन्होंने कहा कि मैंने करीब 140 गांव का दौरा किया है, हर जगह किसान की हालत खस्ता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को सबक सिखाने के लिए सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट हैं. जयंत ने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करने के दिन अब लद गए हैं, इस चुनाव के बाद बीजेपी हिंदू-मुस्लिम कार्ड नहीं चल पाएगी.
क्या है लोगों की राय?
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली का दाम बढ़ने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, हम बस ये चाहते हैं कि जो भी पार्टी जीते वह इस समस्या का समाधान करे. लोगों ने कहा कि आज सीएम साहब हमारे यहां आ रहे हैं, उम्मीद है कि वो कुछ फैसला लेंगे. वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बातचीत के दौरान कहा कि बीजेपी की वजह से सांप्रदायिक तनाव बढ़ता है, इसलिए हम उसे वोट नहीं करेंगे.
आपको बता दें कि कैराना में करीब 15 लाख वोटर हैं. जिसमें करीब 5 लाख वोट मुस्लिमों के हैं. अगर हिंदू वोटरों की बात करें तो करीब 2 लाख दलित, जिसके बाद कश्यप, ब्राह्मण, राजपूत और गुर्जर वोटर काफी संख्या में मौजूद हैं.
गौरतलब है कि कैराना लोकसभा सीट बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद से खाली है, बीजेपी ने उनकी बेटी मृंगाका सिंह को ही अपना उम्मीदवार बनाया है. 2014 के लोकसभा चुनाव में हुकुम सिंह ने यहां करीब 3 लाख वोटों के अंतर से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को हराया था.
उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : भोजपुरी के मसहूर अभिनेता पवन सिंह के साथ जलवा बटोर चुकी अक्षरा सिंह शनिवार की रात बिहार के समस्तीपुर जिले मे आयोजित रही सांस्कृतिक प्रोग्राम मे अपनी गीतो से जलवा बीखेर दिया | इस दौरान इनके साथ शरीक हुए महुआ टी.बी. के नहले पे दहले प्रोग्राम के बिजेता रहे आकाश मिश्रा ने भी अपनी मधुर गीतो से दर्शको का मन मोह लिया |
हालाकी गायक आकाश मिश्रा ने अक्षरा सिंह से अपने मुलाकात के दौरान गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया | एसे मे शनिवार की रात चल रहे उक्त सांस्कृतिक प्रोग्राम मे आकाश मिश्रा के गाए गए गीत पर आकाश मिश्रा के साथ उनके सहयोगी व खुद अक्षरा सिंह भी ठुमके लगाने से अपने आप को रोक नही पाई |
यूपी के कानपुर में सचेंडी के दूल गांव में सरकारी देशी शराब ठेके की जहरीली शराब पीने से बीमार पड़े एक ग्रामीण की हैलट में मौत हो गई। इस ठेके की जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। हालांकि इन लोगों ने शराब सरकारी ठेके से ही ख़रीदी थी लेकिन सरकारी शराब भी ज़हरीली निकल सकती है, शायद इसका अंदाज़ा इन्हें नहीं था.
जहरीली शराब पीकर पांच लोगों की मौत हुई थी। वहीं, दो भाइयों समेत तीन और लोगों को उर्सला में भर्ती कराया गया। इन तीनों को भी आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं, फोरेंसिक टीम ने ठेके और पीड़ितों से जुटाए सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेज दिए हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शराब में कौन से घातक रसायनिक तत्व थे।
कई लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और उनमें से ज़्यादातर को कानपुर के हैलट अस्पताल में दाख़िल कराया गया है. पुलिस ने फ़िलहाल चार लोगों को गिरफ़्तार किया है जिनमें मुख्य अभियुक्त विनय सिंह भी शामिल हैं.
सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और बीमार लोगों को पचास हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है. रविवार को हैलट अस्पताल पहुंचे उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा.
कानपुर नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार का कहना था कि मामले की कई स्तर पर जांच की जा रही है और दोषियों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर ऐक्ट जैसी धाराओं में भी कार्रवाई हो सकती है.
बताया जा रहा है कि मुख्य अभियुक्त की लोकल ब्रैंड की शराब का नेटवर्क कानपुर और पड़ोसी ज़िलों में फैला हुआ है. एसएसपी कुमार का कहना था कि इसमें आबकारी विभाग के कर्मचारियों और पुलिस की मिलीभगत के एंगल से भी जांच की जा रही है.
कानपुर नगर में सचेंडी इलाक़े के हेतपुर गांव के रहने वाले दिवाकर का कहना था, “मैं शनिवार की सुबह ऑफ़िस जा रहा था तब तक देखा कि मेरे एक पड़ोसी अचानक बीमार हो गए हैं. उन्हें जब तक अस्पताल पहुंचाया जाता तब तक कई लोगों के उसी तरह से बीमार होने की बात पता चली. बाद में मालूम हुआ कि सभी लोगों ने एक ही दुकान से शराब लेकर पी थी.”
स्थानीय लोगों की मानें तो रुरा थाना क्षेत्र के मंडौली गांव में देसी शराब की दुकान से पिछले दो-तीन दिनों से ‘गड़बड़’ शराब बेचने की शिकायतें मिल रही थीं.शुक्रवार रात शराब पीने के बाद कई लोगों को पेट में जलन और दर्द के बाद मुंह से खून आने लगा. कुछ लोगों ने तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया जबकि कुछ की मौत अस्पताल में हो गई.
कानपुर के ज़िलाधिकारी सुरेंद्र सिंह के मुताबिक ये घटनाएं जहां हुई हैं वो दो अलग-अलग ज़िलों में भले ही आते हों लेकिन दोनों गांवों की दूरी सिर्फ सात किमी. है. उन्होंने बताया कि इस लोकल ब्रैंड की शराब न सिर्फ़ कानपुर नगर और कानपुर देहात, बल्कि और भी कई ज़िलों में ख़रीदी जाती है.लापरवाही के आरोप में कानपुर क्षेत्रीय आबकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है जबकि दुकानदार के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है.बताया जा रहा है कि दुकानदार एक पूर्व विधायक के क़रीबी हैं और लंबे समय से इस दुकान का ठेका उन्हीं के पास है. कानपुर के मंडलायुक्त ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.
सूत्रों की माने तो पुलिस ने पूर्व मंत्री के दोनों पौत्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि एसएसपी अखिलेश कुमार ने पूर्व मंत्री के पौत्र विनय और नीरज सिंह गौर की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। उनके मुताबिक दोनों भाइयों की इस मामले में तलाश की जा रही है। वहीं, इस प्रकरण अब तक जिन लोगों के नाम सामने आए हैं। उनमें से फरार लोगों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।
इसी साल जनवरी महीने में बाराबंकी के देवा क्षेत्र में भी जहरीली स्प्रिट पीने से 12 लोगों की मौत हो गई थी.