Category: uttar-pradesh

  • UP सरकार का पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस, सरकारी बंगला 15 दिन में करना होगा खाली

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    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्य संपत्ति विभाग ने उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस जारी किया है। राज्य संपत्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बातचीत में बताया कि नोटिस जारी किए जा रहे हैं और सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को ये पहुंच जाएंगे। इस समय 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, मायावती, राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव के पास सरकारी बंगले हैं जो वीवीआईपी जोन में पड़ते हैं।

    उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने इस महीने की शुरूआत में कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगले में नहीं रह सकते। शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर किसी मुख्यमंत्री का कार्यकाल समाप्त होता है तो वह आम आदमी की ही तरह है। अदालत ने लोक प्रहरी नामक एनजीओ की ओर से दायर ​याचिका पर सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया था। याचिका में उत्तर प्रदेश मंत्री (वेतन भत्ते एवं अन्य प्रावधान) कानून 1981 में अखिलेश यादव की सरकार की ओर से किए गए संशोधनों को चुनौती दी गई थी ।

    गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके 5 कालिदास मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की थी जिसके बारे में बताया जाता है कि वह उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनके सरकारी बंगले खाली करने के निर्देश से उत्पन्न हालात पर चर्चा करने गए थे।

    सरकारी अधिकारियों ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया था जबकि मुलायम के करीबी मानते हैं कि उन्होंने अपने बंगले से जुड़े मुद्दे पर बात की थी। मुलायम 5 विक्रमादित्य मार्ग पर रहते हैं जबकि उनके पुत्र अखिलेश यादव बगल में ही 4 विक्रमादित्य मार्ग पर रहते हैं। शीर्ष अदालत ने इस महीने की शुरूआत में ही उत्तर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को अपने सरकारी बंगले खाली करने के निर्देश दिए थे।

  • स्कूल बस बिजली के पोल से टकराई, 3 बच्चे चोटिल, बड़ा हादसा बचा

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : जिले के पटहेरवा क्षेत्र के ग्राम नदवा विशुनपुर के पास मंगलवार को स्कूली बच्चों से भरी एक बस बिजली के पोल से भिड़ गई। इस हादसे में तीन बच्चों को हल्की चोटें आईं। संयोग अच्छा रहा कि बस सड़क के किनारे गड्ढे में पलटने से बाल-बाल बची और बिजली का तार टूट कर बस पर नहीं गिरा। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं इस हादसे के बाद बस में सवार बच्चों की चीख-पुकार से अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने बच्चों को बस से बाहर निकाला और मौके पर पहुंचे अभिभावक बच्चों को अपने घर ले गए।

    मंगलवार को जौरा बाजार में संचालित आरआरके मेमोरियल पब्लिक स्कूल की बस 20 बच्चों को लेकर नदवा से विशुनपुरा की ओर और बच्चों को लेने जा रही थी। गांव से बाहर निकलते ही अचानक बस के पहिया से हवा निकलने लगा और बस अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे विद्युत पोल से भिड़ गई। इस हादसे में दो-तीन बच्चो को हल्की चोंट लग गई। वहीं बस की ठोकर लगने से विद्युत तार भी टूट गया, लेकिन संयोग से वह बस पर नहीं गिरा।

    घटना के समय बिजली भी थी। संयोग अच्छा रहा कि घटना के दौरान बस गड्ढे में नहीं पलटी और एक बड़ा हादसा होने से बच गया और बस में सवार सभी बच्चे बाल-बाल बच गए। घटना होते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सभी बच्चों को बस से बाहर निकाला। इस घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावक भी मौके पर बदहवास दौड़ पड़े और अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर उन्हें घर ले गए।

    पहिया पंचर होने से हुई अनियंत्रित

    इस संबंध में विद्यालय के प्रबंधक रमेश कुशवाहा का कहना रहा कि बस का पहिया पंक्चर होने से बस विद्युत पोल से भिड़ गई। सभी बच्चें सुरक्षित हैं। कोई घायल नहीं हुआ है।

  • मुख्यमंत्री योगी ने 27 लाख राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का दिया आदेश

    लखनऊ । सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान की अरसे से बाट जोह रहे प्रदेश के 27 लाख राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने उन्हें एक जनवरी से 31 दिसंबर 2016 तक सातवें वेतनमान (पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स में वेतन) और जुलाई से दिसंबर 2016 तक दो प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) के एरियर के 50 प्रतिशत अंश का भुगतान करने का फैसला किया है। इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग ने शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है।

    इसका लाभ प्रदेश के 16.5 लाख राज्य कर्मचारियों, राजकीय व सहायताप्राप्त शिक्षण/प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, नगरीय स्थानीय निकायों के कर्मचारियों और 10.5 लाख पेंशनर्स/पारिवारिक पेंशनर्स को मिलेगा। राज्य कर्मचारी, शिक्षक व पेंशनर्स पिछले लगभग डेढ़ साल से सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। एरियर का भुगतान वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2019-20 में दो समान वार्षिक किस्तों में किया जाना था।  

    यह शासनादेश चालू वित्तीय वर्ष में दी जाने वाली पहली किस्त के भुगतान के बारे में किया गया है। दोनों ही वित्तीय वर्षों में भुगतान की जाने वाली एरियर की धनराशि का 80 फीसद हिस्सा जीपीएफ/पीपीएफ/एनएससी के रूप में दिया जाएगा। बची हुई 20 फीसद राशि का आयकर कटौती के बाद नकद भुगतान किया जाएगा। पेंशनरों/पारिवारि पेंशनरों को एरियर का भुगतान राज्य कर्मचारियों की तरह दो समान किस्तों में नकद किया जाएगा। शासनादेश में कहा गया है कि एरियर का भुगतान यथासंभव 30 जून 2018 तक कर दिया जाएगा। राज्य सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर तकरीबन 8500 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा।

    अखिलेश सरकार ने दिसंबर 2016 में राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को पहली जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ देने का फैसला किया था। सातवें वेतनमान का नकद भुगतान पहली जनवरी 2017 से लागू हुआ था। सरकार ने जनवरी से दिसंबर 2016 तक के सातवें वेतनमान और जुलाई से दिसंबर 2016 तक दो फीसद डीए के एरियर का भुगतान अगले दो वित्तीय वर्षों में दो समान किस्तों में करने का फैसला किया था। पहली किस्त का भुगतान 2017-18 और दूसरी का 2018-19 में करने का निर्णय हुआ था। यह भी कहा गया था कि दोनों वित्तीय वर्षों में एरियर का भुगतान अक्टूबर के बाद होगा।

    संसाधनों की तंगी के कारण योगी सरकार 2017-18 में एरियर का भुगतान नहीं कर पाई थी। इस पर सरकार ने एरियर की दो समान किस्तों का भुगतान 2018-19 और 2019-20 में करने का फैसला किया था। सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान के लिए सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 5172 करोड़ रुपये की रकम आवंटित की है।

  • प्रदेश का समुचित विकास करना ही सरकार की पहली प्राथमिकता केशव प्रसाद मौर्य

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना, कुशीनगर : कुशीनगर में आज शनिवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तमकुही राज के रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि प्रदेश में विकास करने का कार्य किया जा रहा है, मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं को सार्थक बनाने के लिए जनता से सीधे जोड़ने का काम किया जा रहा है जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए तमाम तरह के कदम उठाए जा रहे हैं ।और दोषियों के बिरूद्व कड़ी कार्यवाही भी सुनिश्चित की जा रही है।प्रदेश में पिछली सरकारों ने जनता से वोट लेकर उन्हें छलने का काम किया वही प्रदेश को विकास के मामले में बहुत ही बहुत ही पीछे धकेल दिया था, जनता से अपील किया कि 5 वर्ष में प्रदेश को विकास के कार्यों से जोड़कर उत्तम प्रदेश बनाने का पूर्ण प्रयास जारी है जिसे पूरा भी कर लिया जाएगा। श्री मौर्य अपने 15 मिनट के कार्यक्रम में साढ़े तीन अरब रुपये की 48 परियोजनाओ का लोकार्पण व शिलान्यास किया।

    मौर्य ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगे कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास का संकल्प लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में चारों तरफ विकास हो रहा है पिछली सरकारों ने प्रदेश को विकास के मामले में बहुत पीछे धकेल दिया था आज जो कार्य हो रहा है वह गुणवत्तापूर्ण है लूट-खसोट भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगा हुआ है।

    प्रदेश में तमाम महत्वाकांक्षी योजनाओं को चलाकर जनता को लाभ देने का कार्य किया जा रहा है । प्रदेश का विकास देख विपक्षी पार्टियां घबरा गई है और अनर्गल वार्तालाप कर जनता को मूर्ख बनाने का काम कर रही है। जबकि जो काम आजादी के इतने वर्ष बीतने के बावजूद पिछली सरकारों ने नहीं किया था उसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने  कुशीनगर संसदीय क्षेत्र और देवरिया सहित प्रदेश के सभी जिलों का समग्र विकास करना प्राथमिकता बताया। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कार्यकर्ताओं के हितों को सर्वोपरि बताते हुए खुले रूप से अधिकारियों व कर्मचारियों को हिदायत दी कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।और उन्होंने कार्यकर्ताओं की बातें प्रमुखता से सुनने व समाधान कराने का निर्देश दिया।

    इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र, सांसद रविन्द्र सिह कुशवाहा, विधायक फाजिलनगर गंगा सिंह कुशवाहा , कुशीनगर ,रजनीकांत मणि, हाटा, पवन केडिया, खड्डा ,जटाशंकर त्रिपाठी, रामकोला ,रामानंद बौद्ध, कमलेश शुक्ल, जनमेजय सिह, जिलाध्यक्ष कुशीनगर जेपी शाही, देवरिया महेंद्र सिंह यादव सहित आयोजक मंडल के विजय राय, वशिष्ठ राय, जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा, डा पीके राय, अजय तिवारी, प्रेमचन्द मिश्र, प्रदीप श्रीवास्तव, अखिलेश दास, संदीप तिवारी ,मारकन्डेय शाही,धन्नजय तिवारी आदि मौजूद रहे।

  • इन गांव, कस्बों की बैंक शाखाओं में फिर नकदी संकट, एटीएम सूने ,

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    Lucknow, ग्रामीण इलाकों में नकदी की किल्लत दूर करने की सरकार की तमाम कोशिशों से जनता को फायदा नहीं मिल पा रहा है। स्थिति तो यह है कि नोएडा-गाजियाबाद को छोड़ दें तो मेरठ मंडल के शामली, बड़ौत, बागपत तथा आसपास के गांव-कस्बों में अभी भी नकदी की किल्लत है। सिर्फ यहीं नहीं, गोरखपुर, गाजीपुर, गोंडा आदि जैसे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में तो स्थिति ज्यादा ही खराब है।

     इन इलाकों में एटीएम सूने हैं या उनके शटर डाउन हैं, जबकि बैंकों में पर्याप्त नकदी नहीं है। नकदी की आस में ग्राहक दिन-दिन भर बैंक की शाखा में बैठे रहते हैं कि कोई ग्राहक जमा करने आए तो उन्हें नकदी मिल जाए।
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    आपको याद होगा कि बीते अप्रैल में भी उत्तर भारत के कई राज्यों में नकदी के लिए नोटबंदी के दिनों का नजारा दिखने लगा था। इसके बाद प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप करके नोटों की छपाई बढ़ाने का आदेश दिया था। इसके बाद केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा था कि कुछ ही दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी उत्तर प्रदेश के अधिकतर इलाकों में नकदी की आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ है।

    गोरखपुर, गोंडा, गाजीपुर, सब जगह एक से हालात
    गोरखपुर के पास एसबीआई की एक ग्रामीण शाखा में तैनात एक अधिकारी का कहना है कि उनके यहां दस दिन पर दस लाख रुपये की आपूर्ति आती है और कहा जाता है कि इसे लंबा चलाना है।

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    मतलब कि अगले दस दिनों तक नहीं होगी नकदी की आपूर्ति। ऐसे में ग्राहकों को दस-बीस हजार रुपये देकर काम चलाना पड़ता है। कोई ग्राहक अड़ जाता है कि उन्हें पैसे चाहिए ही चाहिए तो उन्हें शाखा में ही बैठा लेते हैं ताकि यदि कोई ग्राहक पैसे जमा करने आए तो वह नकदी उन्हें दे दी जाए। जहां तक ग्रामीण इलाकों के एटीएम की बात है तो वे शो-पीस बने हुए हैं। गोंडा और गाजीपुर के ग्रामीण इलाकों में भी यही हालात हैं।

    एक सरकारी बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए नोटों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से एटीएम सूने हैं। उनके मुताबिक शाखा में तो 100 रुपये के पुराने, गंदे नोटों से काम चल जाता है लेकिन ऐसे नोट एटीएम में नहीं चल पाते।

    एटीएम में दो हजार रुपये के नोट के लिए कैसेट लगाया गया है, लेकिन दो हजार रुपये के नोट आ ही नहीं रहे हैं। पांच सौ रुपये के नोट भी नहीं ही आ रहे हैं। बचे 200 रुपये के नोट, जिसके हिसाब से एटीएम का कैलिबरेशन नहीं हो पाया है।

    12 मई तक है लगन
    इस साल 16 मई से मलमास शुरू हो रहा है, मतलब उस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं होगा। इसलिए 12 मई तक ही शादी-ब्याह के लिए लगन है। तभी तक शादियां होंगी। इसलिए लोग जल्दी में हैं क्योंकि मलमास खत्म होने के बाद बरसात का मौसम शुरू हो जाएगा। इसलिए ग्रामीण इलाके में लोग शादी की तिथि नहीं रखते क्योंकि बरसात में काफी असुविधा होगी।

  • एक मां ने अपने कोशिशों से बदल दी 28 अनाथ बच्चों की जिन्दगी

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना, कुशीनगर । बस नाम ले लीजिए। दोनों पैरों व दोनों हाथों से दिव्यांग मासूम डेविड इस कदर घिसटकर दौड़ता चला आएगा कि यकीन नहीं होगा। सामने थाली में भोजन रख दीजिए, क्या मजाल चावल का एक दाना नीचे गिर जाय। यह मासूम डेविड पडरौना से सटे परसौनी कला स्थित अनाथालय की आंखों का तारा है। डेविड जैसे 28 अनाथ बच्चे यहां पल रहे हैं और इन बच्चों को मिल रहा है अनाथालय की संचालिका बुजुर्ग महिला वसुमता सीरिन की ममता। वर्ष 2011 में सीरिन को एक अनाथ बच्ची मिली।

    नाम रखा महिमा और खोल दिया महिमा बाल आश्रम। धीरे-धीरे परिवार बढ़ता गया। पुलिस भी लावारिस मिलने वाले बच्चों को यहां पहुंचाती रही और बिना किसी सरकारी अनुदान के लोगों के सहयोग से इस जीवट महिला ने आज अपने परिवार की संख्या 28 कर ली है। लगभग सभी बच्चों को इस आश्रम में ही नाम मिला है। महिमा जहां हाईस्कूल की छात्रा है। वहीं पलक, लिली, डेविड, परी, मिट्ठी, डैरिन, विनोद, गुड्डी व डैनी छोटे होने के कारण स्कूल नहीं जाते। सुबह से रात कब होती है वसुमता सीरिन को पता ही नहीं चलता। आपस में जुड़े तीन कमरों में बिस्तर लगता है और सब साथ सोते हैं।

    पूर्व डीएम ने की थी मदद कुशीनगर के पूर्व डीएम रहे रिग्जियान सैंफिल ने सीरिन वसुमता के प्रयासों को खूब सराहा था। अनाथ बच्चों के लिए डीएम ने मदद करानी शुरू की थी। शहर के कुछ समाजसेवियों के हाथ भी मदद को बढ़ते रहते हैं। 10 से 12 बच्चों को इंग्लिश मीडियम और सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का जिम्मा भी कुछ लोगों ने लिया है। रेलवे स्टेशन के पास मिला था डेविड इस अनाथ आश्रम की आंखों का तारा डेविड डेढ़ साल पहले पड़रौना रेलवे स्टेशन के पास पुलिस को मिला था। दोनों हाथ और दोनों पैर नहीं थे। आज डेविड कमर के बल दौड़ता है, ऊंचाई पर रख दिए थाल से खाना भी खाता है। दूसरे बच्चों से किसी मामले में कम नहीं है डेविड।

  • अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के संकल्प के साथ पूरा हुआ महायज्ञ

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    लखनऊ। अयोध्या को भारत की राजधानी बनाने और स्वर्ण निर्मित राम मंदिर निर्माण के साथ ही आरक्षण व्यवस्था की पूर्ण समाप्ति जैसे उद्देश्यों को लेकर सत्य शिखर पार्टी 2019 में देश की जनता के बीच जायेगी । बुधवार को सीतापुर रोड पर स्थित त्रिवेणी नगर में पीली कोठी परिसर में अनेेक राम भक्तों के बीच आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम श्रीवास्तव और राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. बी. तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    पत्रकार वार्ता में बात करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम ने जानकारी दी कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के लिए एक राजनीतिक पार्टी गठित करने की प्रेरणा उन्हें परम राम भक्त हनुमान जी ने दी है । उन्हीं की प्रेरणा से पूरे भारत में संगठन का विस्तार कार्य तेजी से चल रहा है और इस समय पूरे भारत में एक लाख से अधिक लोग पार्टी के संकल्पों से प्रभावित होकर जुड़ चुके हैं। पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए राधेश्याम ने कहा कि भाजपा की राज्य व केन्द्र में सरकारें होते हुए भी रामलला अयोध्या में एक मंदिर के लिए तरस रहे हैं जो भारत के विशाल हिन्दू समाज का अपमान है।
    उन्होंने नोटबंदी को मोदी सरकार का असफल प्रयास बताते हुए कहा कि नोटबंदी के समय कोई काले पैसे वाला परेशान नहीं हुआ। इससे केवल मध्य वर्ग एवं गरीब जनता ही प्रभावित हुई है। आरक्षण के मुद्दे पर सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि योग्यता के प्रश्न पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए अन्यथा देश के युवा वर्ग में असंतोष और असुरक्षा बढ़ सकती है । इस प्रेसवार्ता में मौजूद राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. तिवारी ने कहा कि सभी प्राणियों में सद्भावना लाने के उद्देश्य से जिस शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया है, उसमें श्री सीताराम जी के भव्य मंदिर निर्माण की कल्पना भी निहित है । इस अवसर पर पार्टी के कुशीनगर संसदीय क्षेत्र से होने वाले प्रत्याशी अशोक यादव, संतोष सिंह, पवन त्रिपाठी , लल्ली सिंह, अशोक शुक्ला सहित अनेक पार्टी कार्यकर्ता तथा शांति महायज्ञ में सम्मिलित होने के लिए आए भक्तजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • छः महीने तक विद्युत चोरी रोकने चलेगा सघन अभियान

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    लखनऊ। प्रदेश में छः माह तक चलेगा विद्युत चोरी अभियान। इस अभियान का नेतृत्व जिलाधिकारी करेंगे। अभियान के दौरान विद्युत वितरण निगमों के अधिकारी एवं कर्मचारी को सुरक्षा हेतु पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाये। इस अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस और पर्वतन दल की संयुक्त टीमें हिस्सा लेंगी। यह निर्देश प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने प्रदेष के सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को दिये है। मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को भेजे गये निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदेश सरकार की उच्च प्राथमिकता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहाॅ एक ओर प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के घण्टों में वृद्धि की गयी है वहीं सभी अवशेष घरों को ‘सौभाग्य’ योजना के अन्तर्गत विद्युत संयोजन प्रदान किये जाने की कार्यवाही मिशन मोड में की जा रही है।

    प्रदेश के ऊर्जा सेक्टर की फाइनेन्षियल वायबिलिटी सुनिश्चित करना इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपरिहार्य है। इस दिशा में भारत सरकार के साथ ‘उदय’ योजना के अन्तर्गत किये गये समझोैते में वर्षवार विद्युत वितरण हानियों को कम करने का लक्ष्य निश्चित किया गया है। ‘उदय’ योजना के अन्तर्गत विद्युत वितरण निगमों पर ऋण लिये जाने की सीमाएॅॅ प्रतिबंधित कर दी गयीं हैं। जिससे विद्युत वितरण निगमों द्वारा अधिक ऋण नहीं लिया जा सकता है। इसके साथ ही भारत सरकार ने यह भी संसूचित किया है कि विद्युत वितरण हानियों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कमी न आने की स्थिति में विद्युत वितरण निगमों को भारत सरकार के उपक्रमों से प्राप्त होने वाली वित्तीय सुविधाओं पर भी रोक लग सकती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में विद्युत वितरण हानियों का लक्ष्य 23 प्रतिशत था जिसके सापेक्ष हानियों को 32 प्रतिषत से घटाकर लगभग 27 प्रतिषत ही लाया जा सका है।

    कुल मिलाकर विद्युत वितरण हानियों को तेजी से कम करना अत्यन्त आवश्यक हो गया है। मुख्य सचिव ने जारी दिशा निर्देश में कहा है कि विद्युत वितरण निगमों द्वारा इनर्जी आडिट के आधार पर चिन्हित अधिक लाइन हानि वाले क्षेत्रों में विद्युत चोरी के मामलों को पकड़ने के लिए मास रेड आयोजित कियें जायें जिसके लिए जनपद के जिलाधिकारी के स्तर पर नामित नोडल अधिकारी (अधीक्षण अभियन्ता) के साथ माह के प्रारम्भ होने से पूर्व ही बैठक कर आगामी माह के अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली जाय और उसका क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से कराया जाय। मास रेड तथा इनर्जी आॅडिट के आधार पर चिन्हित अधिक ऊर्जा खपत वाले औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा अन्य बड़े विद्युत भार वाले संयोजनों पर रेड्स की कार्यवाई को सफलतापूर्वक सम्पादित करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी तथा अपर पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी के रूप में उत्तरदायी बनाया जाय।

    इस क्रम में यदि कोई क्षेत्र अति संवेदनशील प्रकृति का है तो वहाॅ रेड्स के दौरान मजिस्ट्रेट की तैनाती भी सुनिश्चित की जाये। यह जानकारी देते हुये प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ0प्र0 पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया है कि जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि अभियान के दौरान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समय से आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराया जाय ताकि रेड दलों द्वारा अधिकाधिक कार्यवाही की जा सके। विघुत चोरी पाये जाने पर थानों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया जाना सुनिष्चित किया जाय।

  • बिल्डरों को ‘‘रेरा’’ ने भेजी रिकबरी नोटिस

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    लखनऊ। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी(रेरा) ने जनता के हित में बड़ा फैसला लिया है। आवंटियों को मकान व पैसा न देने वाले कुछ बिल्डरों को उसने शुक्रवार को वसूली की नोटिस (आरसी) जारी कर दी। रेरा सचिव अबरार अहमद ने गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद के डीएम को पत्र लिखकर बिल्डरों राजस्व बकाए की भांति आवंटियों का पैसा वसूलने का आदेश दिया है।

    रेरा ने सोमवार को कुल पांच मामलों में बिल्डर के खिलाफ आरसी जारी की। चार मामलों में नोएडा के मेसर्स आईवीआर प्राइम आईटी एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर 67 नोएडा को आरसी जारी हुई है। इस बिल्डर के खिलाफ गुड़गांव के रितु गर्ग व प्रवीन कुमार गर्ग, गीता कालोनी दिल्ली के सुदेश सुनेजा, राजनगर गाजियाबाद के गौरव अग्रवाल तथा फाइनेंशियल कैफे वेल्थ एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली ने शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायतकर्ताओं ने रेरा ने बयान दिया था कि बिल्डर न तो उन्हें उनके मकान दे रहा है और न पैसा वापस कर रहा है।

    सुनवायी के बाद रेरा ने चारों मामलों में बिल्डर को मय ब्याज आवंटी का पैसा वापस करने का आदेश पारित किया था। इसके बावजूद बिल्डर ने आवंटियों का पैसा वापस नहीं किया। इसी तरह संजयनगर गाजियाबाद के अरुणेश चन्द्रा के साथ बिल्डर केडीपी बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर छह नोएडा ने धोखाधड़ी की। इसने भी न मकान दिया और न पैसा वापस किया। रेरा ने इसके खिलाफ भी आरसी जारी की है।जारी नोटिस के अनुसार शिकायतकर्ता-रितु गर्ग, प्रवीन कुमार गर्ग, गुड़गांव बिल्डर का नाम-मेसर्स आईवीआर प्राइम आईटी एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर 67 नोएडा आरसी की रकम-1392328 और ब्याज की रकम-592126 रूपये, शिकायतकर्ता-फाइनेंशियल कैफे वेल्थ एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली,

    बिल्डर का नाम-मेसर्स आईवीआर प्राइम आईटी एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर 67 नोएडा, आरसी की रकम-1025230 और ब्याज की रकम-409492 रूपये, शिकायतकर्ता-सुदेश सुनेजा, गीता कालोनी दिल्ली, बिल्डर का नाम-मेसर्स आईवीआर प्राइम आईटी एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर 67 नोएडा, आरसी की रकम-1542579 रूपये और ब्याज की रकम-591720, शिकायतकर्ता-गौरव अग्रवाल, बिल्डर का नाम-मेसर्स आईवीआर प्राइम आईटी एसईजेड प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर 67 नोएडा, आरसी की रकम-276900
    और ब्याज की रकम-923626 रूपये, शिकायतकर्ता-अरुणेश चन्द्रा, बिल्डर का नाम-केडीपी बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर छह नोएडा, आरसी की रकम-1687034 और ब्याज की रकम-668817रूपये है। एनएन सिंह, संयुक्त सचिव, रेरा के मुताबिकजनता का पैसा दबाने वाले बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी की गयी है। रेरा सचिव ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया गया। गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर के डीएम को इन बिल्डरों से राजस्व बकाए की भांति रिकवरी करने का आदेश किया गया है। रेरा एक्ट के 40 क की धारा के अधीन बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी की गयी है।

  • आईएएस बनकर समाज सेवा करना चाहती है कुशीनगर की संस्कृति

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर। पडरौना नगर के मुन्ना कॉलोनी निवासी वेद प्रकाश श्रीवास्तव की पुत्री संस्कृति श्रीवास्तव ने आज सोमवार को निकले आईसीएसई बोर्ड के परीक्षा परिणाम में 92% अंक पाकर अपना नाम रोशन किया है। उसने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापकों सहित अपने माता-पिता को दी है ।

    पडरौना नगर के सेंट थ्रेसेस स्कूल  में संस्कृति श्रीवास्तव कक्षा 10वीं की छात्रा थी। वह कड़ी मेहनत वह लगन से पढ़ाई करती थी आज आई सी एस ई का परिणाम निकला जिसमें वह 500 में 460 अंक पाकर अपने परिवार का मान बढ़ाया है। संस्कृति ने बातचीत में बताया कि वह विद्यालय से घर आने के बाद अपनी पढ़ाई का कार्य करने के पश्चात ही भोजन करती थी। आगे  बताया कि मैं पढ़ाई कर आईएएस बनकर समाज की सेवा करना चाहती हूं। आज उसकी कड़ी मेहनत और लगन सफलता के मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है जिससे उसके अंदर खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

    वह इस सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापक अध्यापिकाओं सहित माता पिता व अपने चाचा हर्षवर्धन श्रीवास्तव को दी है जो समय समय पर उचित मार्गदर्शन देने का काम करते थे। संस्कृति को बधाई देने वाले में उसके दादा अवधेश लाल श्रीवास्तव, रमेाश लाल श्रीवास्तव, दिनेश प्रसाद श्रीवास्तव ,रामप्रसाद लाल श्रीवास्तव डा. रविरंजन श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव, प्रतीमा श्रीवास्तव, द्रौपदी श्रीवास्तव,रमन श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव ,बबलू श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव रजनीश श्रीवास्तव आदि ने उसे इस सफलता पर खुशी का इजहार किया है।