Category: uttar-pradesh

  • अलीगढ़ प्रशासन सर्तक इंटरनेट सेवा कल तक बंद

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    अलीगढ़ । तालानगरी अलीगढ़ में मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो के प्रकरण पर मामला गरमाता देख जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने जिले में आज दोपहर दो बजे से इंटरनेट सेवा को बंद करने का आदेश दिया है। उनका यह आदेश कल रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। अलीगढ़ में आज दिन में दो बजे से कल रात 12 बज तक इंटरनेट सेवा बंद रहेगा। माना जा रहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना प्रकरण को सोशल मीडिया पर अधिक तूल दिया जा रहा है। जिसके कारण ही जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने आज यह आदेश जारी किया है। अलीगढ़ में दोपहर 2 बजे से कल रात 12 बजे तक इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है ताकि सोशल मीडिया पर अफवाहें ना फैले। अलीगढ़ शहर में धारा 144 लागू है, जगह-जगह कड़े सुरक्षा बंदोबस्त हैं।

    अलीगढ़ में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनियन हाल में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद से तनाव बना हुआ है। एएमयू के गेट पर छात्र धरना दे रहे हैं, वहीं एसडी कॉलेज से ङ्क्षहदूवादी छात्र जुलूस के रूप में एएमयू जाने की तैयारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए समर्थन व विरोध में मैसेज, फोटो व वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इसके चलते प्रशासन ने आज दिन में दो बजे से जिले में इंटरनेट सेवा बंद करने रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में डीएम चन्द्रभूषण सिंह ने आदेश जारी किए हैं।वहीं, एएमयू और एसडी कॉलेज में पुलिस की कड़ी सुरक्षा की गई है। वहां पर हिंदू वादी नेताओं को जाने से रोका जा रहा है।

    एएमयू में लगी जिन्ना की तस्वीर का विरोध चार दिनों से हो रहा है। यह विवाद भाजपा सांसद व एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम के सोमवार को एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को लिखे पत्र से शुरू हुआ। सांसद ने पूछा था कि किन कारणों से जिन्ना की तस्वीर लगी है और कहां-कहां? जिन्ना भारत व पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे। आज भी पाकिस्तान गैरजरूरी हरकतें कर रहा है। ऐसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है। एएमयू के यूनियन हॉल में जिन्ना समेत 30 हस्तियों की तस्वीर लगी है।

    जिन्ना 1938 में एएमयू आए थे। तभी उन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई थी। एएमयू गठन (1920) के साथ ही पहले मानद सदस्य महात्मा गांधी थे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर हटाने आए हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। छात्र क्लास न जाने की जिद पर अड़े हैं, जिसे देखते हुए अगले पांच दिन के लिए क्लासेज सस्पेंड कर दी गई हैं।

  • ग्राम प्रधान पर महिला ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सोैंप घर के बगल के रास्ते पर अतिक्रमण करने का लगाया आरोप

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    पडरौना,कुशीनगर :  कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव में एक असहाय महिला के घर के निकट आने जाने वाले रास्ते को गांव के ही कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है | जिससे महिला को घर आने जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है | इस सिलसिले में पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है |

    जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में मिश्रौली गांव निवासिनी नूरहसीना ने जिक्र किया है कि गांव के ही प्रधान व उनके लोगों द्वारा घर के बगल से आने जाने वाले रास्ते के बीच नाला का निर्माण कराया गया था | जहा गांव के सभी लोगों का आना जाना लगा रहता है |
    पीड़ित महिला का आरोप है कि उक्त नाले व रास्ते पर प्रधान के गुंडों द्वारा जबरन अतिक्रमण कर लिए जाने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है |  जबकि पीड़ित महिला अपने प्रार्थना पत्र में आगे जिक्र किया है कि प्रधान द्वारा किए गए अतिक्रमण रास्ते व नाले की भूमि को डीएम के आदेश पर संबंधित राज्य व पुलिस की टीम ने जांच कर खाली करने का आदेश दिया था लेकिन लेखपाल के द्वारा पैमाइश ना होने के कारण ग्राम प्रधान के द्वारा पुन : दोबारा अतिक्रमण किया गया है |

    महिला ने आरोप लगाया है कि नाली के रास्ते को खाली कराने के लिए प्रार्थना पत्र देने के बाद प्रधान के गुंडों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है |  ऐसी स्थिति में पीड़िता ने डीएम से बताया है कि भविष्य में मेरे साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना प्रधान के द्वारा किया जा सकता है | उसने प्रार्थना पत्र के माध्यम से अपनी जान माल सुरक्षा के लिए गुहार डीएम से गुहार लगाई है |

  • चीनी मिल बिक्री घोटाले की जांच करेगी CBI, कई आईएएस और नेता जांच के घेरे में

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    लखनऊः बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ा झटका लगा है। दरअसल उनके शासन काल में बेची गई 21 चीनी मिलों की जांच अब सीबीआई करेगी। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को मायावती इस मामले में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस भी कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव से पहले चीनी मिलों की सीबीआई जांच ने मायावती को सकते में डाल दिया है।

    बता दें कि, 21 चीनी मिलों की बिक्री का मामला योगी सरकार में फिर उछला है। सीबीआई ने पूरे मामले को टेकओवर कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने बिक्री के दस्तावेजों की समीक्षा करनी शुरू कर दी है। इस मामले में कई आईएएस अफसर और नेता भी जांच के घेरे में हैं।

    गौरतलब है कि, मायावती सरकार में हुए 1180 करोड़ रुपए के चीनी मिल बिक्री घोटाले की जांच पिछली अखिलेश यादव सरकार ने नवंबर 2012 में लोकायुक्त को सौंपी थी। तत्कालीन लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने डेढ़ साल से ज्यादा समय तक जांच भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला था।

  • कुशीनगर के दुदही स्कूल बैन हादसे के बाद पडरौना मे चला पुलिस का स्कूली बैन के खिलाफ जांच अभियान

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : जिले के दुदही स्टेशन के निकट 26 अप्रैल को हुए स्कूली बैन से ट्रेन के टक्कर के दौरान हुई 13 बच्चों की मौत के बाद से ही जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चल रहे  स्कूली बैन के जांच अभियान के तहत आज पडरौना नगर के सुभाष चौक पर भी सीओ सदर नितिश प्रताप सिंह के नेतृत्व में अभियान चलाया गया |

    इस दौरान विभिन्न स्कूली बैंन के चालकों के बारे में यहां की कोतवाली पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन संबंधित कागजात के बारे में जानकारी ली गई |
    इस जांच अभियान  से स्कूल के बैंन चालकों में हड़कंप मचा रहा |  हालांकि सीओ सदर नितिश प्रताप ने खुद इसकी कमान संभाली हुई थी जिसमें कई स्कूल वाहन बिना कागजात व चालक बिना ड्राइवर लाइसेंस के पाए गए | इस अभियान में कोतवाल पडरौना बिजय राज सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक उमेश कुमार, एसआई राकेश कुमार यादव, इंचार्ज सिधुआ चौकी सजनू यादव, मिश्रौली चौकी प्रभारी  रामचंद्र यादव के आलावे अन्य कास्टेबल मौदूद रहे |

  • बीएड टीईटी पास अभ्यर्थियों ने बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पर बोल दिया हल्ला

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    लखनऊ । यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में रविवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत सैकड़ो को संख्या में बीएड टीईटी पास अभ्यर्थियों ने बीजेपी के प्रदेश कार्यलय पर पंहुचकर मुख्यमन्त्री के खिलाफ हल्ला बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने घंटो नारेबाजी की इस दौरान उनकी पुलिस से भी झड़प हुई।

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    आखिरकार काफी देर बाद पुलिस ने नोकझोंक के बाद प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान बीजेपी सरकार का हवाला देते हुए प्रदर्शकारियों ने कहा कि सरकार बनने से पहले बीजेपी लगातार कहती चली आ रही थी कि उनकी सरकार बनने के बाद टीईटी पास अभ्यर्थियों को वह रोजगार उपलब्ध कराएगी। किन्तु बीजेपी सरकार के एक साल से अधिक बीत जाने के बावजूद भी आज तक हमारी मांगे मानी नहीं गयी हैं।

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    उल्टा हमारे सवाल उठाने पर हमें नौकरी की जगह लाठियां मिली है। बता दें कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से लखनऊ के आशियाना स्थित स्मृति उपवन में लगातार धरने पर बैठे हुए थे। जिसके बाद भी जब वहां पहुंचकर किसी ने उनकी सुध न ली तो आज यह लोग सैकड़ो की संख्या में बीजेपी कार्यलय पहुंच गए।

    जहां इन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री के खिलाफ वादा खिलाफी की बात करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी झड़पे भी हुई। किन्तु अंत मे पुलिस ने सबको बस में भरवाकर वापस स्मृति उपवन धरना स्थल पर भिजवा दिया। पूरे प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शकारी तपती धूप में बेहोश भी हो गए।

    जिन्हें आनन-फानन में पुलिस ने सिविल अस्पताल में भी भर्ती कराया। वहीं प्रदर्शन कर रही मीरा, अन्जू का कहना है कि हम सभी ने बीजेपी को यह सोंच कर वोंट दिया था कि वो हमारे घावों पर सरकार बनने के बाद मरहम लगायेगी पर बीजेपी सरकार की कथनी और करनी दोनो में फर्क निकला।

    जो बीजेपी नेता पूर्ववर्ती सरकार में हमारे हक की बात करते थे आज वहीं सत्ता मिलने के बाद उसी के मद में होश खो बैठे है तथा हमारी लगातार उपेक्षा कर रहे है। टीईटी अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बदले योगी सरकार लाठियां दें रही है। लेकिन हम सरकार को यह बता देना चाहते है कि हम किसी भी तरह से डरने और दबने वाले नहीं हैं।

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    नियुक्ति हमारा हक है जिसे हम किसी भी कीमत पर हासिल करके ही रहेंगे। चाहे इसमे हमारी जान ही क्यो न चली जाए। इतना ही नहीं पिछले कई दिनों से हम स्मृति उपवन में धरने पर बैठे हैं। यहां कभी कोई और कभी कोई अधिकारी हमसे मिलने आता है और अपनी अलग अलग पहचान बताता है। हमे मुख्यमंत्री से मिलवाने की झूठी बाते बोलते हुए धरना खत्म करने के लिए बोलता है। इसके अलावा कई बार हमें गुमराह करते हुए बताया जाता है कि आज मुख्यमंत्री मौजूद नहीं हैं।

    जबकि हम लोग न्यूज के माध्यम से सब कुछ देखा करते है कि मुख्यमंत्री कहां हैं। इसके अलावा पिछले कई दिनों से कुछ कथित अधिकारी हमें गवर्नर से भी मिलवाने के लिए बोल रहे है। लेकिन न तो अभी तक सीएम से मिलवाया गया है और न ही गवर्नर से मिलवाया गया। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं की जाएंगी तक हमलोग इसी तरह से अनशन जारी रखेंगे।

    इसके अलावा हमारे कई साथी आमरण अनशन पर भी बैठे हुए हैं। हम सरकार को यह बता देना चाहते है पहले भी हम शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे आगे भी इसी तरह से करते रहेंगे। लेकिन सरकार हमारी खामोशी को हमारी कमजोरी न समझे। अगर आप हमें नियुक्ति पत्र नहीं दे सकते हो तो कफन की व्यवस्था जरूर कर लें, क्योकि अब यहाँ से सिर्फ लाशें ही लाशें उठेगी।

    वहीं एक प्रदर्शकारी महिला ने कहा कि यदि सरकार अब भी हमें नियुक्ति पत्र नहीं दे पाई तो हम सब लोग सार्वजनिक रूप से आत्मदाह कर लेंगे। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। एक साल से ऊपर हो गया बीजेपी सरकार को फिर भी हमें हमारा हक अभी तक नहीं मिल पाया है। इसका अंजाम इन्हें दो हजार उन्नीस के चुनावों में भुगतना पड़ेगा।

  • इस विधायक से राहुल गांधी की हो रहे हैं शादी के चर्चे , पढ़ें पूरी खबर

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    रायबरेली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की शादी को लेकर लगातार कयास लगते हैं. उनकी शादी को लेकर तरह-तरह की अफवाहें भी फैलती रहती हैं. ऐसा ही एक बार फिर देखने को मिला. रायबरेली की सदर सीट से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के साथ पिछले दिनों राहुल गांधी की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था. साथ ही कहा जा रहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विधायक अदिति सिंह जल्द ही शादी कर सकते हैं.

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    कई दिनों तक ये बातें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आखिरकार रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने मामले में सफाई दी है. सफाई देने के साथ ही इस कर्नाटक चुनाव का प्रोपेगेंडा बताया. उनका कहना है कि राहुल गांधी की उनसे शादी की अफवाह फैलाकर कर्नाटक चुनाव में जी जान से जुटे हुए कांग्रेसियों को तोड़ने की साजिश रची जा रही है.

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    अदिति सिंह ने रविवार को ट्वीट करके कहा कि राहुल गांधी उनके राखी वाले भाई हैं. मामले पर उन्होंने लिखा ‘मैं कल से बहुत परेशान हूं. सोशल मीडिया पर मेरी और राहुल गांधी जी की शादी को लेकर लगातार झूठ फैलाया जा रहा है. राहुल गांधी जी मेरे राखी वाले भाई हैं. यह अफवाह मात्र है’. उन्होंने अपील की कि अफवाह फैलाने वाले बाज आ जाएं. रायबरेली से विधायक अदिति सिंह ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के साथ वायरल हो रहीं उनकी तस्वीरों पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके बीच काफी पुराने पारिवारिक संबंध हैं. ये जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वारयल हो रही हैं, ये पारिवारिक मुलाकातों का हिस्सा मात्र हैं.

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    गौरतलब है कि अदिति सिंह रायबरेली सदर सीट से पांच बार विधायक रहे अखिलेश सिंह की बेटी हैं. अदिति सिंह ने अपना राजनीति सफर 2017 में कांग्रेस के टिकट पर शुरू किया था. उनके पिता काफी पहले पार्टी छोड़ चुके हैं. माना जाता है कि वह प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी हैं. अदिति ने अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. उन्होंने 2017 में अपने पहले ही चुनाव में अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी को 90 हजार वोटों से हराया था.

  • आदमखोर कुत्तों का आतंक : दो और बच्चों को मार डाला, अब तक 20 की मौत,100 से ज्यादा घायल

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    सीतापुर में आदमखोर कुत्तों का आतंक बरकरार है। शुक्रवार को फिर कुत्तों ने दो बच्चों को निवाला बना लिया, जबकि दो लोगों को नोच कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीते छह महीने में कुत्तों के हमले में जान गंवाने वालों की संख्या 11 पहुंच गई है लेकिन प्रशासन इसे रोक पाने में असफल साबित हो रहा है। वहीं, मथुरा से आई टीम जहां सर्च ऑपरेशन जारी है। लेकिन, टीम जहां कांबिंग कर रही है, उससे ठीक विपरीत दिशाओं में आज कुत्तों ने हमला बोला है।

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    फिर कुत्तों ने दो बच्चों को निवाला बना लिया

    जिसमें रिंकी (16) पुत्री तेजपाल निवासी चैबेपुर थाना खैराबाद व रिकंल (8) पुत्र राम खेलावन निवासी पीरपुर थाना खैराबाद शामिल हैं। बताया जा रहा कि अब तक 20 बच्चों की कुत्तों के हमले से मौत हो चुकी है। जबकि 100 से अधिक में बच्चे और बडे़ घायल हो गये हैं। बताया जा रहा है कि कुत्तों को लगातार पकड़ने और मारने के लिये पूरे जिले का प्रशासनिक अमला लगा हुआ है। सिटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में चार टीमें बनाई गई हैं।

    क्षेत्र के टिकरिया, गुरपलिया व कोलिया पहाड़पुर में एक ही दिन में आदमखोर कुत्तों का शिकार हुए तीन बच्चों की मौत के बाद आदमखोर कुत्तों का सफाया शुरू हो गया है। गुरुवार को लाठी-डंडों और गोलियों सेहै। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक मथुरा की एक्सपर्ट टीम ने 22 और अफसरों की टीम ने 10 कुत्तों को पकड़ा है। इन कुत्तों को जंगल में छोडने की तैयारी है।

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    तड़के करीब साढ़े चार बजे ही सिटी मजिस्ट्रेट हर्ष देव पांडेय, एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी, सीओ सिटी योगेंद्र सिंह सहित प्रशासन-पुलिस के अन्य अधिकारी व कर्मचारी इलाके में आदमखोर कुत्तों की खोज में निकल पड़े। इसके अलावा आक्रोशित ग्रामीणों ने भी कुत्तों को निशाना बनाए रखा। इस दौरान कुत्तों पर फायरिंग भी की गई। ग्रामीणों को जहां भी कुत्ते नजर आए, वहां पर वे लाठी-डंडे और असलहे लेकर उन पर कूद पड़े।

    दिन भर में करीब 10 कुत्तों को मारे जाने की खबर है। गुरुवार को टीमों का रुख गुरपलिया से रहीमाबाद और थाना कार्यालय से टिकरिया तक रहा। उधर, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा विधायक, एमएलसी सीतापुर व पूर्व विधायकों का प्रतिनिधि मंडल भी गांव गया। वहां पर लोगों से मिलकर पूछताछ की। अब प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष को रिपोर्ट भेजेगा। मथुरा की डॉग कैचर टीम के सदस्य शकील ने बताया कि उनके साथी खैराबाद कस्बे में 10 दिन तक रहेंगे।

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    कुत्तों पर फायरिंग की खबर भी गुरुवार को सुर्खियों में रही। इस दौरान एक पुलिसकर्मी का गोली चलाते वीडियो भी वायरल हुआ। हालांकि पुलिस अफसर इसे नकार रहे हैं। सीओ सिटी का कहना है कि ग्रामीणों ने ही कुत्तों को अपने लाइसेंसी असलहों से मारा है। पुलिस कर्मियों के गोली चलाने की खबर गलत है।

  • कुशीनगर मे गैर मान्यता वाले विद्यालयों पर कसे जा रहे शिकंजा से मान्यता वाले हो रहे मालामाल : मनोज मोदनवाल

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष व वरिष्ठ समाजसेवी मनोज मोदनवाल ने मुख्यमंत्री को शिकायती प्रार्थना पत्र भेजा है, जिसमें जिक्र किया है कि बिशनपुरा थाना क्षेत्र के  दुदही में गत  26  अप्रैल को स्कूली वैन हादसे के बाद शिक्षा विभाग अपनी नींद से जाग चुका है और बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों को चिन्हित कर बंद करने के आदेशों को कड़ाई से पालन कराने में लगा हुआ है, लेकिन मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर कोई अंकुश नहीं लगा रहा है जहां शिक्षा के नाम पर लूट मची हुई है, ऐसे में गरीब परिवार जो अपने बच्चों को छोटे-छोटे विद्यालयों में कम पैसे में शिक्षित करने में लगे हुए हैं वह बच्चे अब कहां जाएंगे एक बहुत बड़ा सवाल बन चुका है।

    शिक्षा के नाम पर लूट

    श्री मोदनवाल ने सीएम को भेजे पत्र मे कहा है  कि पिछले दिनों कुशीनगर जिले के बिशुनपुरा थाना क्षेत्र के  दुदही में बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय की एक वैन व ट्रेन में टक्कर होने के बाद 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी और लगभग आधे दर्जन घायल हो गए। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग अपने कुंभकर्णी नींद से जागा और बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद कराने में लगा हुआ है। उन्हें चिन्हित करके नोटिस जारी किया जा रहा है। ऐसे में इन विद्यालयों के बंद होने के बाद यहाँ पढ़ने वाले बच्चे अब कहां जाएंगे बहुत बड़ा सवाल बन चुका है। वहीं शिक्षा विभाग मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर कोई अंकुश नहीं लगा पाया और यह मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षा के नाम पर लूट मचाए हुए हैं।

    दिशा-निर्देश जारी किया गया

    कमीशनखोरी की किताबें यहां चलाई जा रही हैं, जूते-मोजे, ड्रेस सब कुछ इनके वहां बिकते हैं ऐसे में गरीब परिवार जो अपने बच्चों को कम पैसे में छोटे-छोटे खुले विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कराने के सपने को साकार करने के लिए नामांकन कराए थे। इन विद्यालयों के बंद होने के बाद कहां जाएंगे,शिक्षा विभाग की मानें तो बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों के बंद होने पर यहां के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में या फिर मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नामांकन कराने का दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

    लेकिन दूसरी तरफ देखे तो शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालय खुद ही शिक्षा के नाम पर बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं तो दूसरी तरफ मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षा के नाम पर लूट मचाए हुए हैं ऐसे में एक गरीब परिवार अपने बच्चों को कहां शिक्षा दे यह एक बहुत बड़ा सवाल है, ऐसे में या तो गरीब परिवार शिक्षा माफियाओं के हाथों लूटने को तैयार हो जाए या फिर बच्चों को शिक्षा से ही वंचित कर दे।

  • पडरौना कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी पुलिस कप्तान रहे मौजूद …….

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     उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना,कुशीनगर : कुशीनगर पडरौना कोतवाली थाना परिसर में शनिवार को आयोजित रहे समाधान दिवस के अध्यक्षता जिला अधिकारी अनिल कुमार शिव ने किया इस दौरान पुलिस कप्तान अशोक कुमार पांडे के अलावा SDM पडरौना भी मौजूद रहे इस दौरान निर्धारित अवध में राजस्व पुलिस के कुल इस मामले प्रस्तुत की जिसमें राजस्व विभाग का एक ही मामले का निस्तारण हो सका .

    बाकी फरियादियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा इस बावत कोतवाली थाना परिसर में माह के प्रथम शनिवार को आयोजित समाधान दिवस के मौके पर पहुंचे कॉल फरियादियों ने एक किस मामले प्रस्तुत किए जिसमें राजस्व विभाग का 17 वह पुलिस का चार राजस्व विभाग संबंधित एक ही मामले का निस्तारण कोतवाली क्षेत्र के काटी अहिरौली में एक पट्टे की जमीन को पैमाइश कर एक व्यक्ति को कब्जा दिलाने के लिए एसडीएम सहित पुलिस टीम को रवाना कर दिया गया.

    इस दौरान जिला अधिकारी वह पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कहां थी फरियादियों के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी उनको हर हाल में न्याय दिलाने का काम किया जाएगा इस मौके पर कोतवाल विजय राज सिंह वरिष्ठ उप निरीक्षक उमेश कुमार उपनिरीक्षक में राकेश कुमार सचिन यादव धनंजय राय नागेंद्र सिंह रामचंद्र यादव यशवंत कुमार सिंह केरला में राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार कानूनगो लेखपाल भी इस मौके पर मौजूद रहे

  • 12 बच्चों को मौत की नींद सुला चुके कुत्ते इस वजह से बन रहे आदमखोर !

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    लखनऊ: इन दिनों  मानवभक्षी कुत्तों को लेकर सीतापुर में कुछ ऐसी ही दहशत है। शासन प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद लोगों को हर पल जान का खतरा सता रहा है। यह कुत्ते बागों, खेतों, सुनसान इलाकों और यहां तक कि आबादी के अंदर भी लोगों खासकर बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं। अब तक 12 बच्चे इन कुत्तों का शिकार बनकर मौत की नींद सो चुके हैं।

    पशु विज्ञानियों के मुताबिक, कुत्तों के व्यवहार में आई इस अप्रत्याशित आक्रामकता का मुख्य कारण उन्हें उनका वह भोजन ना मिल पाना है, जिसके वे फितरतन आदी हैं। उनकी खाने सम्बन्धी आदत बदलना इतना आसान भी नहीं है। भारतीय पशु विज्ञान संस्थान (आईवीआरआई) के निदेशक डॉक्टर आर. के. सिंह ने सीतापुर में कुत्तों के आदमखोर होने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर बताया कि पहले बूचड़खाने चलते थे, तो कुत्तों को जानवरों के बचे-खुचे अवशेष खाने को मिल जाया करते थे। बूचड़खाने बंद हो गए। जो लोग मांसाहार का सेवन करते हैं वे पशुओं की हड्डियां खुले में फेंकने से परहेज करते हैं। इन कारणों के चलते धीरे-धीरे कुत्तों के भोजन में कमी आ गई,इसलिए यह दिक्कत हो रही है।

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    उन्होंने कहा कि मांस और हड्डियां खाना कुत्तों की आदत हो चुकी है। इसे बदलने में वक्त लगेगा। कुत्ते जब घर का बचा खाना पाने लगेंगे तो चीजें धीरे-धीरे ठीक हो जाएंगी। कुत्तों के अचानक इतने हिंसक हो जाने के कारण के बारे में सिंह ने बताया कि यह इसलिए हुआ है क्योंकि कुत्तों की जो खाने की आदत थी, उस हिसाब से उन्हें खाना नहीं मिल पा रहा है। मैंने अभी तक जितना अध्ययन किया है, तो कुत्तों में पहले इस तरह के व्यवहार सम्बन्धी बदलाव पहले नहीं देखे। उन्होंने कहा कि इससे पहले कुत्तों के इस कदर आक्रामक होने की बात सामने नहीं आई थी। हालांकि सीतापुर में हमलावर कुत्तों को आदमखोर कहना सही नहीं होगा। यह मुख्यत: ‘ह्यूमन एनीमल कॉन्फ्लिक्ट‘ का मामला है।

    पशु चिकित्सक अनूप गौतम ने बताया कि मुख्यत: भोजन की कमी की वजह से ही कुत्तों में शिकार की प्रवृत्ति बढ़ी है। दूसरी बात यह भी कि खानाबदोश लोग आमतौर पर कुत्तों को जानवरों के शिकार के लिए पालते हैं। वह खुद भी मांसाहार खाते हैं और कुत्तों को भी मांस खिलाते हैं। अब उनके लिए भोजन की कमी हो गई है। प्रबल आशंका है कि घुमंतू लोगों ने ही उन कुत्तों को छोड़ा हो। बहरहाल, सीतापुर में कुत्तों का आतंक चरम पर है। कल ही तालगांव थाना क्षेत्र में बकरियां चराने गए 10 साल के कासिम पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया और उसे नोंच डाला, जिससे उसकी मौत हो गई। पिछले एक हफ्ते के दौरान आदमखोर कुत्तों के हमलों में यह छठी मौत है।

    जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि पिछले नवम्बर से अब तक जिले में कुल 12 बच्चों को आदमखोर कुत्ते अपना शिकार बना चुके हैं। साथ ही 6 अन्य बच्चों को गम्भीर रूप से घायल कर चुके हैं। आतंक का पर्याय बने इन कुत्तों को पकड़ने के लिए लखनऊ और दिल्ली नगर निगमों से मदद मांगी गई है। उन्होंने बताया कि आदमखोर कुत्ते ग्रामीण क्षेत्रों और सुदूर इलाकों में बच्चों को अकेला पाकर उन पर हमला कर रहे हैं। कुत्तों की संख्या काफी अधिक होने और उनका कोई निश्चित ठिकाना न होने के कारण रोकथाम में कठिनाई महसूस की जा रही है।