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  • SP MLA RAFIQ ANSARI ARRESTED : 26 साल से फरार सपा विधायक रफीक अंसारी बाराबंकी से गिरफ्तार

    SP MLA RAFIQ ANSARI ARRESTED : 26 साल से फरार सपा विधायक रफीक अंसारी बाराबंकी से गिरफ्तार

    SP MLA RAFIQ ANSARI ARRESTED : मेरठ शहर से सपा विधायक रफीक अंसारी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट से गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी होने के बाद पुलिस ने रफीक अंसारी को बाराबंकी से गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें कार में बैठाकर मेरठ के लिए पुलिस की टीम रवाना हो गई है। सपा विधायक रफीक अंसारी पर 101 वारंट जारी होने के बाद भी 26 साल से कोर्ट में पेश नहीं होने पर हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस और विधानसभा को एक्शन लेने के लिए कहा, जिसके बाद पुलिस हड़कत में आई और गैर जमानती वारंट की तामील में जुट गई, और विधायक के संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद उनको बाराबंकी से गिरफ्तार किया गया।

    सपा विधायक के खिलाफ 101 गैर जमानती वारंट थे. 26 साल पुराने केस में फरार चल रहे विधायक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार जगह-जगह दबिश दे रही थी। वारंट के बावजूद सपा विधायक इसे लेकर गंभीर नहीं थे। हाईकोर्ट ने इस मामले में बीते दिनों सपा विधायक के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए, प्रदेश के उच्च अधिकारियों और विधानसभा अध्यक्ष को भी गंभीर मामला बताते हुए चिट्ठी लिखी थी।

  • Bijnor News Today : शराब भरा मिनी ट्रक पलटा, सड़क पर बिखरी शराब की बोतलों पर टूट पड़े पियक्कड़, तड़पता रहा घायल ड्राइवर

    Bijnor News Today : शराब भरा मिनी ट्रक पलटा, सड़क पर बिखरी शराब की बोतलों पर टूट पड़े पियक्कड़, तड़पता रहा घायल ड्राइवर

    Bijnor News Today : बिजनौर जिले के गांव जटपुरा बौंडा के निकट मार्ग दुर्घटना में सड़क पर एक शराब भरी मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। डीसीएम में शराब की पेटियां सड़क पर बिखर गई। हादसे में ड्राइवर सुनील भी घायल हो गया।

    हादसे के दौरान मार्ग पर बिखरी शराब की बोतलों पर वहां से गुजर रहे राहगीरों का मन ललचा गया। बड़ी तादाद में पियक्कड़ ट्रक पर टूट पड़े लोग जेबों में भर-भरकर शराब की बोतलें ले जाने लगे। लेकिन वहीं पास में घायल पड़े ड्राइवर मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने मदद नहीं की और लोग शराब की बोतलें लूटने में लगे रहे। यहां तक वहां गुजर रहे लग्जरी वाहन सवार लोगों ने भी बोतलें लूटनी शुरू कर दी।

    दरअसल यह पूरा मामला जनपद बिजनौर के मंडावली क्षेत्र का है। काशीपुर फैक्ट्री से अंग्रेजी शराब लेकर उत्तराखंड चंबा जा रहा था। गांव जटपुरा बौंडा के पास रात्रि में एक डंपर ने डीसीएम को टक्कर मार दी। हादसे में डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में जा गिरी। डीसीएम में शराब की पेटियां सड़क पर बिखर गई। हादसे में ड्राइवर सुनील भी घायल हो गया।

    इसी दौरान मौके से गुजर रहे राहगीरों ने घायल ट्रक ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने की जगह शराब की बोतलें लूटनी शुरू कर दी।. लोगों ने जमकर शराब की बोतलें लूटीं. वहीं घायल ट्रक चालक मदद मांगता रहा लेकिन किसी ने मदद नहीं की. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किसी तरह घायल ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शराबियों को खदेड़ा. इसके बाद घायल चालक को अस्पताल में भर्ती कराया. अस्पताल में घायल ट्रक चालक का इलाज चल रहा है. चालक की ओर से हादसे की रिपोर्ट मंडावली थाने में दर्ज कराई गई। इस घटना की सूचना आबकारी विभाग की दे दी गई है।

  • Angry Wife Beating Husband : पति ने पत्नी से छीना मोबाइल, भड़की पत्नी ने पति का किया ऐसा हाल !!

    Angry Wife Beating Husband : पति ने पत्नी से छीना मोबाइल, भड़की पत्नी ने पति का किया ऐसा हाल !!

    Angry Wife Beating Husband : मैनपुरी । रोंगटे खड़े कर देनी वाली ये घटना उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार पति ने पत्नी का मोबाइल छीन लिया। गुस्साई पत्नी ने पति को नशीला पदार्थ खिला कर बेहोश किया फिर उसको इलेक्ट्रिक शाॅक दिया। जमकर पिटाई भी की। घायल पति इलाज के लिए सैफई के अस्पताल में भर्ती है। पति ने पत्नी के खिलाफ थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।

    मामला किशनी थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम पदमपुर का है। पीड़ित प्रदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी औरैया के बिधूना निवासी दीवान सिंह की पुत्री बेबी के साथ हुई है। पत्नी मोबाइल से किसी से व्यक्ति से बात करती है। मुझे शक होने पर मैंने मोबाइल अपने पास रख लिया। इसी बात पर पत्नी आपा खो बैठी। और रात के खाने में खाने में नशीली दवा मिलाकर बेहोश कर दिया।

    अगले दिन सुबह जब उसे होश आया तो बिजली का करंट लगाया। करंट लगने के बाद वह बिस्तर से नीचे गिर गया.। प्रदीप की चीख पुकार सुनकर परिजन आ गए, जिन्होंने बीच बचाव किया। इतने पर भी पत्नी का गुस्सा शांत नहीं हुआ और क्रिकेट खेलने वाले बैट से उसके सिर पर वार कर लहूलुहान कर दिया। प्रदीप बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर वहां से भागा। उसका इलाज मेडिकल कॉलेज सैफई में चल रहा है। युवक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है।

  • Gutka Pan Masala Banned : यूपी सरकार का बड़ा फैसला, तंबाकू, गुटखा खाने वालों के लिए बुरी खबर!

    Gutka Pan Masala Banned : यूपी सरकार का बड़ा फैसला, तंबाकू, गुटखा खाने वालों के लिए बुरी खबर!

    Gutka Pan Masala Banned : पान मसाला या फिर तंबाकू का सेवन करने वालों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। आपको बता दें कि सूबे में अब एक ही दुकान पर पान मसाला और तंबाकू नहीं बेचा जा सकेगा। एक ही दुकान पर पान मसाला और तंबाकू की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। 1 जून 2024 से इस नियम को लागू भी कर दिया जाएगा।

    मालूम हो कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने अधिसूचना जारी कर एक जून से इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह जानकारी एक अधिसूचना में दी गई। इसके अलावा, सभी जिलाधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए भी कहा गया है. यह आदेश एक जून 2024 से लागू हो जाएगा। दरअसल, हर साल मई की 31 तारीख को पूरी दुनिया ”वर्ल्ड नो टोबैको डे” यानी विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाती है।

    ऐसे में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब पान मसाला और तंबाकू की एक ही दुकान से बिक्री पर रोक लगा दी गई है। वहीं, इस सरकारी आदेश को न मानने की हिमाकत करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इस आदेश को 1 जून से लागू कर दिया जाएगा।

  • Kawad Yatra News : अखिलेश यादव ने धार्मिक ‘Kawad Yatra’ कार्यक्रम को राजनीति का अखाड़ा बना दिया : मौलाना शहाबुद्दीन

    Kawad Yatra News : अखिलेश यादव ने धार्मिक ‘Kawad Yatra’ कार्यक्रम को राजनीति का अखाड़ा बना दिया : मौलाना शहाबुद्दीन

    Kawad Yatra News :  मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सीएम योगी आदित्यनाथ और मुजफ्फरनगर पुलिस के द्वारा कावड़ यात्रा के रास्तों पर ढाबे, दुकानों और ठेले के मालिकों के नाम प्रदर्शित करने के फैसले का बरेली के मौलाना ने स्वागत किया है। साथ ही सपा मुखिया अखिलेश यादव को धार्मिक मामले में राजनीति ना करने की नसीहत दी है।

    मौलाना ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस धार्मिक कार्यक्रम को भी राजनीति का अखाड़ा बना दिया, वो प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर हिंदू व मुस्लिमों में टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं. मैं उनसे गुजारिश करुंगा कि धार्मिक मामलात में हस्तक्षेप करना बंद कर दें, राजनीति करने के बहुत अवसर मिलेंगे, उस मौके का फायदा उठाकर खुब राजनीति करें, हमे कोई आपत्ती नहीं होगी। इस आदेश का बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने स्वागत किया है।

    ये आदेश सम्प्रदायिक सौहार्द को बनाये रखने के लिए है, ताकि कहीं भी और किसी जगह कोई भी हिंदू मुस्लिम में टकराव की स्थिति पैदा न हो और शांति से यात्रा सम्पन्न हो जाए. ये आदेश सम्प्रदायिक सौहार्द को बनाये रखने के लिए है, ताकि कहीं भी और किसी जगह कोई भी हिंदू मुस्लिम में टकराव की स्थिति पैदा न हो और शांति से यात्रा सम्पन्न हो जाए।

    मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अपनी प्रतिक्रिया में आगे कहा है कि मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिला हमेशा से संवेदनशील रहें है, इसलिए इन क्षेत्रों में अच्छी और कड़ी व्यवस्था करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी बन जाती है। इसीलिए जिन रास्तों से कावड़ यात्रा निकलेगी उन इलाकों के दुकानदारों से कहा गया है कि वो अपने नाम का बोर्ड लगाएं।

    सीएम योगी का आदेश
    मुजफ्फरनगर की पुलिस द्वारा कांवड़ मार्गों पर पड़ने वाले ढाबे, दुकानें और खोखे सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर मालिकों के नाम लिखने का आदेश जारी किया था। इसके बादसीएम योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानदारों के नाम को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है।

    सीएम योगी ने आदेश दिया है कि पूरे यूपी में कांवड़ मार्गों पर खाने पीने की दुकानों पर संचालक, मालिक का नाम और पहचान लिखना अनिवार्य होगा। सीएम योगी की ओर से जारी आदेश के बारे में कहा गया है कि कांवड़ यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा कांवड़ यात्रा मार्ग पर हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचनेवालों पर भी कार्रवाई होगी। सीएम योगी की ओर से जारी आदेश के संबंध में सभी जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है।

  • Pitbull Dog Attack : Pitbull Dog ने नोच डाला अधिवक्ता का Private Part,  दीवार के पास कर रहे थे टॉयलेट!

    Pitbull Dog Attack : Pitbull Dog ने नोच डाला अधिवक्ता का Private Part, दीवार के पास कर रहे थे टॉयलेट!

    Pitbull Dog Attack : हाल के दिनों में, पिटबुल नस्ल के कुत्तों के बारे में कई विवाद और चर्चाएँ सामने आई हैं। इनमें से एक बेहद चौंकाने वाला घटना इस नस्ल के कुत्ते द्वारा एक अधिवक्ता पर किए गए हमले से संबंधित है। इस गंभीर विषय पर चर्चा करना न केवल आवश्यक है, बल्कि यह समाज में पिटबुल डॉग की प्रवृत्ति और उनके प्रति धारणा को भी समझने में मदद करेगा।

    पिटबुल कुत्ते का व्यवहार अक्सर उनके मालिकों की देखभाल, प्रशिक्षण और सामाजिककरण पर निर्भर करता है। इस नस्ल के कुत्ते आमतौर पर ऊर्जा से भरे होते हैं और यदि उन्हें सही तरीके से प्रशिक्षित नहीं किया गया, तो वे आक्रामकता दिखा सकते हैं। हाल की घटना में, एक पिटबुल ने अधिवक्ता के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया, जिससे न केवल अधिवक्ता को गंभीर चोटें आईं, बल्कि यह घटना समाज में कुत्तों के प्रति नकारात्मक धारणाओं को और मजबूत करती है।

    इस प्रकार की घटनाएँ, विशेष रूप से जब वे समाज के प्रतिष्ठित वर्ग के सदस्यों के साथ होती हैं, तब ये अधिक ध्यान आकर्षित करती हैं। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है बल्कि यह सुरक्षा, कानून और पशु पालन से जुड़ी बड़ी समस्याओं को उजागर करती है। सवाल यह है कि क्या पिटबुल जैसी नस्लों को पालने की अनुमति देनी चाहिए या नहीं। कुछ लोग तर्क करते हैं कि सही प्रशिक्षण और सामाजिककरण के माध्यम से पिटबुल एक सुरक्षित पालतू जानवर हो सकते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि उनकी आक्रामकता और बलशाली स्वभाव के कारण इस नस्ल पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए।

    इस घटना के संदर्भ में, यह भी महत्वपूर्ण है कि हम पालतू जानवरों के नियमों और कानूनों पर पुनर्विचार करें। क्या मौजूदा कानून कुत्तों के मालिकों की जिम्मेदारी को स्पष्ट रूप से निर्धारित करते हैं? क्या पिटबुल या अन्य संभावित आक्रामक नस्लों के मालिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण और सामाजिककरण कार्यक्रम अनिवार्य किए जाने चाहिए? समाज को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना चाहिए जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिल सके।

    अंततः, पिटबुल डॉग के इस उजागर मामले ने हमें एक महत्वपूर्ण सवाल के सामने खड़ा कर दिया है: क्या हम एक सुरक्षित समाज के लिए पालतू जानवरों की नस्लों के प्रति अपनी धारणाओं और नियमों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है? हमारी कानून व्यवस्था और समाज दोनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पालतू जानवरों का पालन सही तरीके से किया जाए, ताकि ऐसी क्रूर घटनाएं दोबारा न हों।

  • Crime News : आतंकी कनेक्शन से खुला रायबरेली में जन्म प्रमाण पत्र का फर्जीवाड़ा, वीडीयो ने 5 हजार में बना दिये गांव की आबादी से ज्यादा फर्जी प्रमाणपत्र

    Crime News : आतंकी कनेक्शन से खुला रायबरेली में जन्म प्रमाण पत्र का फर्जीवाड़ा, वीडीयो ने 5 हजार में बना दिये गांव की आबादी से ज्यादा फर्जी प्रमाणपत्र

    Crime News :  रायबरेली में हाल ही में एक बड़ा प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने न केवल स्थानीय प्रशासन को चिंता में डाल दिया है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में सीडीओ अर्पित उपाध्याय की जांच में छतोह में बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने सरकारी प्रमाणपत्रों की अप्रमाणिक प्रतियाँ तैयार कराकर लोगों को धोखे में रखा और उन्हें गलत तरीके से लाभ पहुँचाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह जालसाजी एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से संचालित हो रही थी, जिसमें कुछ सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है।

    यहां के नुरुद्दीनपुर गांव में जालसाजों ने आबादी से 7500 से ज्यादा 10,151 जन्म प्रमाणपत्र बना दिए। उन नाम के लोग गांव में रहते ही नहीं हैं। इससे पहले सलोन में 20 हजार से अधिक फर्जी प्रमाणपत्र पकड़ में आ चुके हैं। सीडीओ ने जांच शुरू की तो ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड से करीब 20 हजार फर्जी प्रमाणपत्र जारी मिले। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी वीडीओ, सलोन निवासी मो. जीशान, रियाज और सुहेल खान को जेल भेज दिया।

    एटीएस की आईजी नीलाब्जा चैधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने सलोन पहुंचकर जांच की थी। जांच में सामने आया कि वीडीओ विजय यादव के सलोन ब्लॉक के तैनाती वाली ग्राम पंचायतों पाल्हीपुर, दुबहन, पृथ्वीपुर, अवनानीश, माधवपुर निनौया, सांडा सैदन, लहुरेपुर, गोपालपुर उर्फ अनंतपुर, नूरुद्दीनपुर, गढ़ी इस्लामनगर, कालू जलालपुर, सिरसिरा गांवो में जन्म 19,184 फर्जी प्रमाणपत्र पकड़ में आए हैं। जांच में यह संख्या बढ़ने की आशंका है। टीमों को एक फरवरी 2020 से अब तक बनाए गए जन्म प्रमाणपत्रों की जांच करके रिपोर्ट देनी है।

    छतोह ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतों में एक फरवरी 2020 से बनाए गए जन्म प्रमाणपत्रों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। इसके साथ ही आरोपी वीडीओ की तैनाती के सलोन के 12 गांवों की भी जांच शुरू कराई गई है। उसके बाद स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी यूजर आईडी और पासवर्ड से कितने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार करीब 6 महीने पहले केरल में आतंकवादी संगठन पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया ( पीएफआई ) के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसका पहचान पत्र रायबरेली के दौरान ब्लॉक के पाल्हीपुर गांव में बना मिला। इसके बाद जांच एजेंसी की जांच की दिशा बदल गई। केरल पुलिस और सुरक्षा एजेंसी ने यूपी पुलिस से संपर्क किया। जांच टीम एक हफ्ते पहले केरल से रायबरेली पहुंची। यहां के स्थानीय प्रशासन संपर्क कर पालहीपुर गांव पहुंचे।

    यहां ग्राम विकास अधिकारी नित्यानंद राय से मुलाकात कर जानकारी ली तब मालूम पड़ा के नित्यानंद राय को इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने दस्तावेज चेक किया तो होश उड़ गए। जांच में सामने आया पहचान पत्र एक महीने पहले तक उस गांव में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी विजय यादव ने जारी किया था। इसके बाद पुलिस विजय यादव तक पहुंची। जांच में सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी विजय यादव की आईडी से 19184 फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए।

    सुरक्षा एजेंसियों ने सबसे पहले आईपी एड्रेस का पता किया, जहां से प्रमाण पत्र बना। यह एक जन सेवा केंद्र का निकला जो कि सालोन में मौजूद है। पुलिस ने उसके संचालक को उठा लिया। दस्तावेज खंगाला गया तो उसके पास ग्राम विकास अधिकारी विजय यादव का सीयूजी नंबर और उनके डिजिटल साइन का आईडी पासवर्ड मिला। इसके बाद पुलिस ने विजय यादव को हिरासत में ले लिया।

    यह अभूतपूर्व स्थिति न केवल शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता को चुनौती देती है, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य को भी खतरे में डालती है। प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया है, जो इस फर्जीवाड़े में संलिप्त सभी व्यक्तियों और संस्थानों को सख्त दंड देने का प्रयास करेगा, ताकि समाज में निष्पक्षता और प्रामाणिकता की भावना को पुनर्स्थापित किया जा सके।

  • Sant kabir Nagar News : यूपी के संतकबीर नगर जिले में दो सगी बहनों समेत पांच लड़कियों की डूबने से मौत

    Sant kabir Nagar News : यूपी के संतकबीर नगर जिले में दो सगी बहनों समेत पांच लड़कियों की डूबने से मौत

    Sant kabir Nagar News : उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर जिले में हाल ही में एक दुःखद घटना घटी, जिसमें दो सगी बहनों समेत कुल पांच लड़कियों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

    जानकारी के अनुसार, ये लड़कियाँ एक तालाब के पास खेलते समय असावधानी से पानी में गिर गईं। युवाओं और बच्चों के लिए जल सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, और इस घटना ने इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से सामने रखा है।

    स्थानीय प्रशासन ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने समाज में इस बात की आवश्यकता को भी उजागर किया है कि बच्चों को जल स्रोतों के आसपास ध्यान और सतर्कता बरतने की शिक्षा दी जाए।

    इस घटना में लड़की के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जानी चाहिए। ऐसे में सामुदायिक स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की न दुखद घटनाओं से बचा जा सके। संतकबीर नगर की इस घटना ने हमें यह सिखाया है कि सुरक्षा और सावधानी हमेशा सर्वोपरि रहनी चाहिए।

  • Lucknow Heavy Rainfall : भारी बारिश से UP विधानसभा में घुसा पानी….सीएम को दूसरे गेट से निकाला, कारें-बाइकें डूबीं

    Lucknow Heavy Rainfall : भारी बारिश से UP विधानसभा में घुसा पानी….सीएम को दूसरे गेट से निकाला, कारें-बाइकें डूबीं

    Lucknow Heavy Rainfall : लखनऊ में उमस भरी गर्मी के बीच जोरदार हो रही भारी बारिश ने न केवल शहर की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया है, बल्कि यह स्थानीय जनजीवन के लिए भी चुनौतियाँ पेश कर रही है। लखनऊ में बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया है, जिससे यातायात धीमा हो गया है और कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बारिश के कारण सड़कों पर बढ़ते जलभराव से न केवल वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित मार्गों की तलाश करना मुश्किल हो गया है।

    यूपी की राजधानी लखनऊ में जारी भारी बारिश की वजह से यूपी विधानसभा में पानी घुस गया है। जानकारी के अनुसार विधानसभा में पानी घुस जाने की वजह से सीएम योगी अक्सर गेट नंबर सात से निकलते थे. लेकिन उस गेट के पास भी पानी भर जाने की वजह से उन्हें दूसरे गेट से निकलाना पड़ा। इस बीच विधानसभा में पानी घुस जाने का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जहां कर्मचारी पानी के बीच ही अन्दर बाहर आ जा रहे हैं. वहीं अंदर घुसे पानी को बाल्टी के सहारे बाहर निकाला जा रहा है. बताया जा रहा है कि तेज बारिश की वजह से विधानसभा के अंदर तो पाने घुसा ही है. इसके साथ ही बाहर की सड़कों पर भी पानी जमा हो गया है।

    लखनऊ में जारी बारिश को लेकर भारतीय मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट किया है. मौसम विभाग की तरफ से जारी अलर्ट में कहा गया है कि जरूरत ना हो तो लोग पाने घरों से बाहर ना निकले। ताकि वे किसी हादसे का शिकार होने से बच सके. दरअसल लखनऊ में जारी बारिश के बीच तेज हवा चल रही हैं. जिसकी वजह से खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए आवश्यक कदम उठाने की कोशिश की है।

    नाले और नालों की नियमित सफाई के बावजूद, भारी बारिश ने जल निकासी प्रणालियों को चुनौती दी है। इस कारण, कई बस्तियों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कुछ हिस्सों में बिजली की सप्लाई भी बाधित हुई है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो चुकी है।
    इस बारिश ने हमें यह याद दिलाया है कि मौसम की अनिश्चितता का सामना करने के लिए हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। लखनऊ के निवासियों को इस समय धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है, और हमें उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से उचित कदम उठाए जाएंगे ताकि शहर की स्थिति शीघ्रता से सामान्य हो सके।

  • सपा सांसद Avdhesh Prasad के बेटे Ajit Prasad पर अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज

    सपा सांसद Avdhesh Prasad के बेटे Ajit Prasad पर अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज

    अयोध्या । हाल ही में भारतीय राजनीति में एक नई विवादास्पद घटना सामने आई है, जिसमें सांसद Avdhesh Prasad के बेटे Ajit Prasad के खिलाफ अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उस समय चर्चा का विषय बना, जब स्थानीय पुलिस द्वारा इसकी जानकारी मीडिया में दी गई।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, सांसद के बेटे Ajit Prasad पर आरोप है कि उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक स्थानीय व्यवसायी रोहित तिवारी का अपहरण किया और उसके साथ मारपीट की। यह घटना एक व्यस्त बाजार में हुई, जहां व्यवसायी से पैसे की मांग की गई थी। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

    रोहित ने अपनी तहरीर में बताया कि Ajit Prasad ने उन्हें तमंचा दिखाया और अपने साथियों के साथ गाड़ी में बुरी तरह पीटा। यह भी आरोप है कि उन्हें तहसील के पास गाड़ी रोककर एक लाख रुपये वापस लेने का वीडियो भी बनाया गया। इस घटना में Ajit Prasad के साथ राजू यादव, श्रीकांत राय और 10-15 अन्य अज्ञात व्यक्तियों का नाम शामिल है। पीड़ित रोहित तिवारी पूराकलंदर के पलिया रिसाली गांव का रहने वाला है।

    इस मामले ने सपा (समाजवादी पार्टी) की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोपों का खंडन किया है और अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम हो सकता है, और वे न्यायालय के प्रति पूर्ण विश्वास रखते हैं।

    इस घटना ने समाज में भी काफी चर्चा उत्पन्न की है। कई लोगों का मानना है कि सांसद के परिवार से जुड़े इस प्रकार के मामलों की जांच निष्पक्षता से होनी चाहिए, ताकि सच का खुलासा हो सके और अपराधियों को सजा मिल सके। आपको बता दें कि अवधेश प्रसाद 2024 लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतकर सांसद बने हैं. इससे पहले वह 2022 में मिल्कीपुर विधानसभा से विधायक बने थे. उनके सांसद बनने के बाद यह सीट रिक्त हो गई. सपा इस सीट से उनके बेटे को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में है।

    बहरहाल, इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायपालिका और कानून व्यवस्था को सभी के लिए समान रूप से लागू किया जाना चाहिए, चाहे आरोपी किसी भी राजनीतिक परिवार से क्यों न हो। समाज को इस प्रकार की घटनाअ