Category: uttar-pradesh

  • प्रधानमंत्री को लिखा सुसाइड से पहले लड़की ने खत

    प्रधानमंत्री को लिखा सुसाइड से पहले लड़की ने खत

    संभल। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले संभल में एक 16-साल की किशोरी ने खुदकुशी कर ली। खुदकुशी करने से पहले उसने 18 पन्नों का एक पत्र लिखा, जिसे पढ़ कर सभी हैरान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे इस पत्र में किशोरी ने प्रदूषण, भ्रष्टाचार और पेड़ों को धराधर काटने जैसे मुद्दों को उठाया है।
    सुसाइड नोट मंगलवार को बरामद हुआ, जिसमें किशोरी ने इन मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा जताई थी। उसने प्रधानमंत्री से बढ़ती आबादी पर अंकुश लगाने, दीवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध को लागू करने और होली पर केमिलकल वाले रंगों पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया।
    नोट के अनुसार, वह बुजुर्ग लोगों को होने वाली समस्याओं से भी परेशान थी।
    उसने सुसाइड नोट में लिखा, “मैं उस जगह पर नहीं रहना चाहती हूं जहां बच्चे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम भेजते हैं।”
    परिवार के सदस्यों ने कहा कि उनकी बेटी की अंतिम इच्छा के रूप में वे यह सुनिश्चित करेंगे कि यह पत्र प्रधानमंत्री तक पहुंच जाए। इसे लेकर उन्होंने प्रशासन से संज्ञान लेने की अपील की है।
    लड़की के पिता एक किसान हैं, उन्होंने कहा, “सुसाइड नोट में लिखी बातें मेरी बेटी की आखिरी इच्छाएं हैं। हम चाहते हैं कि यह पत्र प्रधानमंत्री तक पहुंचना चाहिए।”
    गुन्नौर के एसएचओ देवेंद्र कुमार ने कहा, “लड़की ने 14 अगस्त की रात को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। रिवाल्वर को पुलिस ने बरामद कर लिया था और उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और मामले की जांच जारी है। मंगलवार को उसके घर में एक नोटबुक में 18 पेज का सुसाइड नोट मिला। उसके माता-पिता ने हमें बताया है कि मनावैज्ञानिक समस्याओं को लेकर उसका इलाज चल रहा था।”
    लड़की बबराला के एक निजी स्कूल की छात्रा थी।

  • वायरस को खींचकर मारता है ये मास्क, 100 बार धो सकेंगे और फेंकने पर स्वत: नष्ट हो जाएगा

    कानपुर कोरोना संक्रमण का प्रसार होने के बाद मास्क अब लोगों की दैनिक जरूरत बन गया है, ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया को मारने वाले मास्क की अधिक खोज रहती है। कई मास्क पानी पड़ने से खराब होने का खतरा बना रहता है तो किसी को बार बार सैनिटाइज करना पड़ता रहता है। सबसे बड़ी समस्या शहर से निकलने वाले यूज्ड मास्क के कचरे के निस्तारण की बन गई है। अब इन सबका हल लोहिया ग्रुप ने आइआइटी के सहयोग से मास्क बनाकर निकाला है।

    वायरस को खींचकर मारता है ये मास्क, 100 बार धो सकेंगे और फेंकने पर स्वत: नष्ट हो जाएगा
    लोहिया हेल्थ ने आइआइटी कानपुर के टेक्नोपार्क के सहयोग से सिल्वर नैनो पार्टिकल्स वाला मास्क बनाया है जिसकी एनएबीएल की रिपोर्ट भी बेहतर आई है।

    चेहरे पर ठीक तरह से होता है फिट

    लोहिया ग्रुप की कंपनी लोहिया हेल्थ ने आइआइटी कानपुर के टेक्नोपार्क के सहयोग से खास तरह का मास्क तैयार किया है। यह मास्क खुद सैनिटाइज होगा और इसे 100 बार तक धुल भी सकेंगे। मास्क के सिल्वर नैनो पार्टिकल्स वायरस और बैक्टीरिया को बेअसर करेंगे, जिससे कोरोना संक्रमण के खतरे को रोकने में भी प्रभावी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, सिल्वर केमिकल सॉल्यूशन पर आधारित चार लेयर का यह मास्क कई खूबियों से भरा है। इसकी सिल्वर तकनीक और दूसरे कंपोनेंट किसी भी वायरस और बैक्टीरिया को अपनी ओर आकर्षित कर उन्हें समाप्त कर देंगे। कंपनी का दावा है कि यह सांस लेने में दिक्कत नहीं देगा। साथ ही चेहरे पर भी ठीक ढंग से फिट होगा।

    प्रदूषण की भी समस्या नहीं

    लोहिया हेल्थ की सीईओ श्रद्धा लोहिया ने बताया कि कंपनी ने यूरोप में इस सिल्वर केमिकल सॉल्यूशन को तैयार कराया है। उस पर वायरस और बैक्टीरिया को लेकर परीक्षण के बाद अब सॉल्यूशन को मास्क के ऊपर लगाया गया है, जो विभिन्न तरह की प्रक्रिया व जांच के बाद ही लगता है। यह शरीर के लिए भी नुकसानदायक नहीं होगा। पुणे की नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलीब्रेशन लेबोरेट्रीज (एनएबीएल) से मास्क की जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट बहुत ही बेहतर आई है। यह बायोडिग्रेडेबल (जमीन या पानी के संपर्क में आकर स्वत: नष्ट होने वाला) है, जिससे प्रदूषण की समस्या भी नहीं होगी।

    यह हैं खूबियां

    आइआइटी कानपुर के टेक्नोपार्क के इंचार्ज प्रो.अविनाश अग्रवाल के मुताबिक, यह मास्क पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे सांस लेने में आसानी रहती है। मास्क में चार परत लगी हुई है। एक परत मेल्ट ब्लोन फैब्रिक की है। यह पूरी तरह कॉटन से बना है। कंपनी कोरोना योद्धाओं को मास्क दान में दे रही है। नामी ऑनलाइन कंपनियों के माध्यम से इसे खरीदा भी जा सकेगा।

  • कनपुरिया कलम से कोरोना को हराने की कोशिश, दावा- पैंडेमिक 2020 है विश्व का पहला उपन्यास

    कानपुर देश-दुनिया में फैला कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता की मुहिम चल रही है, इन सभी के बीच भारत में एक लेखन ने अपनी कलम से कोरोना को हराने की कोशिश की है। कानपुर के लेखक ने कोरोना महामारी पर उपन्यास लिखकर न सिर्फ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है बल्कि दावा है कि उनका पैंडेमिक-2020 कोरोना महामारी पर आधारित विश्व का पहला उपन्यास है। उनकी इस उपलब्धि से शहर का मान बढ़ा है।

    कनपुरिया कलम से कोरोना को हराने की कोशिश, दावा- पैंडेमिक 2020 है विश्व का पहला उपन्यास
    कानपुर के यश तिवारी ने कोरोना महामारी पर पहला उपन्यास लिखकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराकर शहर का नाम नोशन किया है।

    चार देशों पर कोरोना के असर को शब्दों में पिरोया

    कोरोना महामारी पर आधारित पहला उपन्यास लिखकर चर्चित होने वाले यश के खाते में एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। 30 दिन में चार देशों पर कोरोना के असर को कनपुरिया कलम से शब्दों में पिरोकर उपन्यास का रूप देने वाले यश तिवारी को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान मिला है। हर्ष नगर निवासी सुनील कुमार तिवारी के बेटे यश ने कोरोना से संघर्ष की गाथा पैंडेमिक-2020 महज 30 दिन में लिखकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। 18 वर्षीय यश दो साल पहले ए सेलिब्रेशन इन ट्रिब्यूलेशन किताब लिखकर चर्चित हुए थे। इसके लिए उन्हें कर्मवीर चक्र अवॉर्ड मिल चुका है।

  • वर्चुअल शामिल होंगे सदन की कार्यवाही में 65 से ज्यादा उम्र वाले विधायक

    वर्चुअल शामिल होंगे सदन की कार्यवाही में 65 से ज्यादा उम्र वाले विधायक

    लखनऊ। कोरोना महामारी के खौफ के बीच उत्तर प्रदेश में विधानमंडल का मॉनसून सत्र गुरुवार से आरंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अस्वस्थ और 65 वर्ष से अधिक आयु वाले विधायक सदन की कार्यवाही में वर्चुअल शामिल हों और उनकी उपस्थिति को मान लिया जाए, ऐसा आग्रह विधानसभा अध्यक्ष से किया जाएगा। मंगलवार को भाजपा विधान मंडल दल की वर्चुअल बैठक में सीएम योगी ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए यह रास्ता सुझाया। करीब आधे घंटे चली बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उपायों का सख्ती से पालन करने पर ही जोर रहा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस संक्रमण से दो कैबिनेट मंत्रियों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते सभी को बचाव की सलाह दी। उन्होंने सभी विधायकों को कोरोना वायरस का टेस्ट कराने को भी कहा। उनका कहना था कि जो सदस्य अस्वस्थ है या 65 वर्ष से अधिक आयु वाले हैं, वह सदन की कार्यवाही में वर्चुअल शामिल हों। वे यदि ऐसा लिखकर देंगे तो उनकी उपस्थिति को मान लिया जाएगा। इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को अपने क्षेत्र में भी बचाव की जागरूकता बढ़ाने का काम करना चाहिए।

    इस अवसर पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने तीन दिन चलने वाली सदन की कार्यवाही के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर सुरक्षित दूरी के नियमों का पालन करें। मास्क लगाएं और जांच आदि कार्यों में कर्मचारियों का सहयोग करें। विधानभवन में अपने साथ अन्य लोगों अथवा सहयोगियों को न लेकर जाएं।

    पॉजीटिव मिले विधायकों को उनकी इच्छानुसार इलाज मिलेगा : संसदीय कार्य मंत्री खन्ना ने बताया कि कोरोना जांच में पॉजिटिव मिलने वाले विधायकों को उनकी इच्छानुसार उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। जो विधायक अपने क्षेत्र के अस्पताल में भर्ती होना चाहेंगे, उनको वहीं भेजने की व्यवस्था की जाएगी। सदन के भीतर एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था की गयी है। इसके लिए खाली सीट पर रिबन बांधा जाएगा ताकि सुरक्षित दूरी का पालन हो सकें।

    वर्चुअल उपस्थिति पर फैसला आज : विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि विशिष्ट कारणों से सदन में कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाने की इच्छा जताने वाले सदस्यों की वर्चुअल उपस्थिति मान लेने पर विचार किया जा रहा है। बुधवार को इस बारे में अंतिम फैसला होगा। प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि इच्छुक सदस्यों को लैपटॉप पर कार्यवाही देखने की सुविधा होगी। उनको अपने मुद्दे लिखकर भेजने की छूट भी होगी।

  • अयोध्या में जमीन पर मिला मस्जिद के लिए कब्जा

    अयोध्या में जमीन पर मिला मस्जिद के लिए कब्जा

    अयोध्या। अयोध्या में पांच एकड़ रकबे में मस्जिद बनने जा रही है। अयोध्या जिला प्रशासन ने सोमवार को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए जमीन का मौके पर कब्जा दे दिया। अयोध्या के सोहावल के धन्नीपुर में कृषि फार्म की पांच एकड़ भूमि का मस्जिद निर्माण के लिए सीमांकन कराने के बाद प्रशासन ने उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को कब्जा सौंप दिया। यहां नायब तहसीलदार सोहावल विनय कुमार बर्नवाल की अगुवाई में पैमाइश की गई।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिला प्रशासन ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को सोहावल ब्लॉक की ग्राम पंचायत धन्नीपुर में कृषि विभाग के फार्म की भूमि उपलब्ध कराई है। यहां पर वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि फरहान हबीब की मौजूदगी में पैमाइश कराई गई।

    नायब तहसीलदार के अनुसार, मस्जिद के लिए जमीन की पैमाइश करा कब्जा दे दिया गया। भूमि की मेड़बंदी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड कराएगा। मस्जिद के लिए प्रस्तावित भूमि की सहमति के बाद बोर्ड को अधिकार पत्र सौंपा गया। सोहावल तहसील के अभिलेखों में उसी के बाद राजस्व अभिलेखों में वह भूमि सुन्नी सेंट्रलवक्फ बोर्ड की मस्जिद के नाम दर्ज कर दी गई। अब यहां राजस्व अभिलेखों में वक्फ बोर्ड के नाम भूमि दर्ज होने के बाद तहसीलदार ने नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में पैमाइश के लिए कमेटी गठित की थी।

    पैमाइश के लिए सात लेखपाल कमेटी में शामिल किए गए थे। यह पांच एकड़ भूमि लखनऊ-अयोध्या हाईवे व रौनाही थाना की बाउंड्री से लगी है। मस्जिद के लिए पैमाइश की गई भूमि पर मौजूदा समय में कृषि विभाग की धान की फसल उगी है।

    ज्ञात हो कि अयोध्या में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने धन्नीपुर गांव में मस्जिद के लिए मिली जमीन पर मस्जिद, अस्पताल और इंडो इस्लामिक कल्चरल सेंटर के लिए ट्रस्ट बनाया है। यह ट्रस्ट यहां पर मस्जिद, अस्पताल तथा इस्लामिक कल्चरल सेंटर के निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करेगा। इसके लिए ट्रस्ट दो बैंक खाते भी खोलने जा रहा है, जिसमें चंदे की रकम दान की जा सकेगी। इनमें से एक बैंक खाता सिर्फ मस्जिद की तामीर के लिए रकम जुटाने के लिए होगा। दूसरे बैंक खाते में मस्जिद अहाते में बनने वाले अस्पताल और रिसर्च सेंटर के लिए रकम जमा की जाएगी।

  • चांदी की 60 लाख रुपये के पायलों को चुराने के आरोप में मथुरा में 5 गिरफ्तार

    चांदी की 60 लाख रुपये के पायलों को चुराने के आरोप में मथुरा में 5 गिरफ्तार

    मथुरा । मथुरा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच लुटेरों को गिरफ्तार किया है। कथित तौर पर पकड़े गए बदमाश 60 लाख रुपये की कीमत की 91 किलोग्राम चांदी के पायलों की चोरी में शामिल थे। चांदी के पायल मथुरा के एक जौहरी के यहां से सोमवार को लूटे गए थे।

    एक विशेष सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मंगलवार शाम को वृंदावन के अनंतम शहर में दो बाइक सवारों को रोकने की कोशिश की। दोनों ने भागने की कोशिश में पुलिस पर गोलियां चलाईं। हालांकि, जवाबी फायरिंग में दोनों घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    बाद में उनके कब्जे से चुराए गए सभी गहने बरामद किए गए।

    एसपी (सिटी) उदय शंकर सिंह ने कहा कि युवकों की पहचान अनिल कुमार जाटव और कृष्ण मुरारी शर्मा के रूप में हुई है।

    उन्होंने आगे कहा, “पूछताछ के दौरान युवकों ने अपने तीन अन्य साथी आश मोहम्मद, पंकज शर्मा और अनुज शर्मा के नामों का खुलासा किया। इन तीनों को भी गिरफ्तार किया गया है। पंकज शर्मा को छोड़कर, सभी का आपराधिक रिकॉर्ड है।”

    अपराधी आश मोहम्मद के खिलाफ मथुरा के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में करीब 18 मामले, अनिल जाटव और कृष्ण मुरारी शर्मा के खिलाफ तीन-तीन मामले और अनुज शर्मा के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।

  • जय के फरार तीनों भाइयों पर 25 हजार का इनाम, गैंगस्टर के मुकदमे में हैं नामजद

    कानपुर गैंगस्टर के मुकदमे में नामजद जय बाजपेयी के तीनों भाइयों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से जय बाजपेयी के तीनों भाई फरार हैं। नजीराबाद पुलिस ने जय के भाइयों की तलाश में सोमवार रात ही उसके आवास में छापा मारा था, लेकिन वह नहीं मिले।

    जय के फरार तीनों भाइयों पर 25 हजार का इनाम, गैंगस्टर के मुकदमे में हैं नामजद
    कानपुर की नजीराबाद थाना पुलिस ने सोमवार की रात में घर पर दबिश दी थी लेकिन तलाशी लेने पर कोई नहीं मिला था।

    नजीराबाद पुलिस ने 30 अगस्त को थाने पर जय बाजपेयी के खिलाफ गैंगस्टर की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जय के गिरोह में उसके भाइयों रजयकांत बाजपेयी, शोभित बाजपेयी और अजयकांत बाजपेयी को भी शामिल करते हुए सह अभियुक्त बनाया था। जय पहले से ही जेल में है, जबकि उसके तीनों भाई मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार हैं। कई बार पुलिस ने इनके ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि तीनों फरार अभियुक्तों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित किया गया है।

    जय के साथियों ने वकील को दी धमकी

    बिकरू कांड में जेल गए कारोबारी जय बाजपेई के ग्वालटोली निवासी साथियों ने वकील को जान से मारने की धमकी दी है। वकील आशीष कुमार पांडेय के मुताबिक ब्रह्मनगर निवासी वकील सौरभ भदौरिया से उनकी दोस्ती है। सौरभ लगातार जय के खिलाफ पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहा है। आरोप है कि दो वर्ष पूर्व जब सौरभ के घर पथराव हुआ था तो जय के साथ ग्वालटोली निवासी उसके तीन दोस्त भी थे। सौरभ को जानकारी हुई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

    आशीष ने बताया कि मंगलवार रात जब वह घर के पास खड़े थे तो अचानक तीनों आरोपित आए और गालीगलौज कर धमकी देने लगे। इसके बाद आशीष की पत्नी ने आरोपितों में से एक की पत्नी को फोन किया। आरोपित ने ही फोन रिसीव किया और गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दे डाली। तब आशीष ने सोशल मीडिया पर जानकारी देने के साथ ही अधिकारियों को ट््वीट कर कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी कौशल किशोर ने घटना की जानकारी से इन्कार किया है।

  • कुशीनगर पुर्व प्रधान-मंत्री भारत रत्न स्व राजीव गांधी की जयंती के पूर्वसंध्या पर युवा कांग्रेस कि ओर से पौधा वितरण कर दी गई श्रद्धांजलि

    कुशीनगर पुर्व प्रधान-मंत्री भारत रत्न स्व राजीव गांधी की जयंती के पूर्वसंध्या पर युवा कांग्रेस कि ओर से पौधा वितरण कर दी गई श्रद्धांजलि
    उपेंद्र कुशवाहा
    कुशीनगर : युवा कांग्रेस कुशीनगर के द्वारा स्वर्गीय राजीव गांधी के जयंती के पूर्व संध्या पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा पौधा वितरण एव रोपण अभियान की शुरुआत की गई। जिसमें पूरे जनपद में पौधा वितरण का कार्यक्रम रखा गया है,जिसकी शुरुआत पडरौना नगर के गायत्री नगर वार्ड में स्वर्गीय राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ग्रामीण वासियों में 200 पौधों का वितरण किया गया। इस मौके पर यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहम्मद जहीरुद्दीन, विधानसभा अध्यक्ष सुनील यादव, जिला महासचिव आर्यन बाबू, दिलीप पांडे,रवि शंकर तिवारी, दिलशेर रहमान, गायत्री नगर के सभासद आशिक अली अब्दुलहमीद,अजीत चौधरी, कृष्णा कुमार,आसिफ, मिट्ठू, गुड्डन, दिवाकर,दिनेश ,शब्बीर आलम,महबूब आदी मौजूद रहे।

    इस दौरान यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जहीरूद्दीन ने कहा स्वर्गीय राजीव गांधी ने जिस युवा भारत का सपना देखा था उस युवा भारत को बचाने के लिए नौजवानों को अपने कंधों पर बेड़ा उठाना पड़ेगा। 20 अगस्त से राजीव गांधी के जयंती पर पेड़ लगाओ और जीवन बचाओ अभियान की शुरुआत हो रही है। उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर ही हम लोग पौधा वितरण कर इसकी शुरुआत कर रहे हैं। पूरे जनपद में सातों विधानसभा में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा लाखों पौधों का वितरण किया जाएगा,जगह-जगह हर विधानसभा मे पौधारोपण भी किया जायेगा।

  • डीएम की अध्यक्षता में कोविड-19 के बचाव हेतु नगर पंचायतों में सर्विलान्स टीम एवं जनपद के नगर पालिका में आर0आर0टी0 की बैठक हुई आयोजित

    डीएम की अध्यक्षता में कोविड-19 के बचाव हेतु नगर पंचायतों में सर्विलान्स टीम एवं जनपद के नगर पालिका में आर0आर0टी0 की बैठक हुई आयोजित
    डीएम की अध्यक्षता में कोविड-19 के बचाव हेतु नगर पंचायतों में सर्विलान्स टीम एवं जनपद के नगर पालिका में आर0आर0टी0 की बैठक हुई आयोजित

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 19 अगस्त/ जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती की अध्यक्षता में आज पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए नगर पंचायत दोस्तपुर, कादीपुर व कोईरीपुर के 31 वार्डों में 31 सर्विलान्स टीम का गठन हुआ। सभी सर्विलान्स टीम को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक घर में जाकर उपलब्ध कराये गये रजिस्टर में सूचना भरेंगे। उस रजिस्टर में को-मॉर्बिड (सुगर, उक्त रक्तचाप, कैंसर, गर्भवती महिलाएं) यह प्रक्रिया अनवरत रूप से चलती रहेगी।जिलाधिकारी ने रैपिड रिस्पान्स टीम (आर0आर0टी0) की गठित 28 टीमों को निर्देशित किया कि नगर पालिका परिषद सुलतानपुर में पाजिटिव केस की सूचना डाक्टर आकर्ष से प्राप्त होने के उपरान्त अपने-अपने क्षेत्रों में एएनएम के साथ भ्रमण करेंगे और बीमारी के अनुसार होम आइसोलेशन, एल-1 एवं एल-2 में इलाज हेतु भेजेंगे। 28 टीमों में 13 टीम ग्रामीण क्षेत्रों में 03 टीम नगर पंचायतों में तथा अवशेष 12 नगर पालिका क्षेत्रों में कार्य करेंगी। प्रत्येक टीम एक दिन के अन्तराल पर पाजिटिव केस के निरीक्षण के लिये एएनएम के साथ जायेगी।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स, अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्षदेव पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी, सम्बन्धित उप जिलाधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत सहित प्रभारी चिकित्साधीक्षक तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • सवारियों से भरी बस उठा ले गए फाइनेंसकर्मी बदमाशों की स्‍टाइल में, Action में याेगी सरकार

    सवारियों से भरी बस उठा ले गए फाइनेंसकर्मी बदमाशों की स्‍टाइल में, Action में याेगी सरकार

    आगरा। उत्‍तर प्रदेश के आगरा शहर में कुछ लोगों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इन लोगों ने एक प्राइवेट बस को अगवा कर लिया और ड्राइवर-कंडक्टर को बंधक बना लिया। बस में 34 सवारी भी थे। बताया जा रहा है यात्रियों को झांसी में उतार दिया गया है। अभी तक बस का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस बस की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    शहर के न्यू दक्षिणी बाइपास पर मंगलवार देर रात जा रही बस पर फाइनेंसकर्मियोंं ने बदमाशों की स्‍टाइल में अवैध तरीके से कब्जा कर लिया। जाइलो गाड़ी से ओवरटेक करके बस रोक ली। इसके बाद बस में सवार हो गए। कुबेरपुर तक उन्हें साथ ले गए। इसके बाद हाईवे पर चालक को उतारकर बस को सवारियों समेत ले गए। तड़के चालक ने मलपुरा थाने में जाकर सूचना दी। बस में 34 सवारी बैठी थीं। गंभीर घटनाक्रम को देखते हुए प्रदेश सरकार में अपर मुख्‍य सचिव गृह अवनीश अवस्‍थी ने इस घटना के बारे में सुबह करीब 10.30 बजे बयान जारी किया है कि इस बस को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने अवैध तरीके से कब्‍जे में लिया है। बस में सवार सभी यात्री सकुशल हैं। लेकिन बस अभी कहां है और यात्री किस जगह पर, इन सवालों का जवाब नहीं मिला है। चर्चा ये भी है कि बस झांसी क्षेत्र में पहुंच चुकी है।

    ग्वालियर के डबरा निवासी रमेश स्लीपर बस में 34 सवारी लेकर मंगलवार शाम को गुरुग्राम से मप्र के पन्ना में अमानगंज को निकले थे। रात 10.30 बजे वे दक्षिणी बाइपास के रायभा टोल प्लाजा के पास पहुंचे। वहां उन्हें दो जाइलो में सवार आठ- नौ युवक मिले। उन्होंने प्लाजा पर ही खुद को फाइनेंसकर्मी बताकर बस को रोक लिया। चालक से बस से नीचे उतरने को कह रहे थे। मगर, जिरह के बाद चालक वहां से बस को लेकर आगे चल दिया। जाइलो गाड़ी सवार बस का पीछा करते रहे।

    मलपुरा क्षेत्र में न्यू दक्षिणी बाइपास पर ही उन्होंने जाइलो गाड़ी से बस को ओवरटेक करके रोक लिया। चालक और परिचालक को जबरन बस से नीचे उतारकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। बस में चार साथी बैठ गए और खुद ही बस को चलाने लगे। चालक के मुताबिक, यहां से वे बस को ग्वालियर रोड पर उतारकर सैंया ले गए। सैंया से फतेहाबाद होते हुए लखनऊ एक्सप्रेस वे पर पहुंचे। यहां एक्सप्रेस वे के नीचे स्थित ढाबे पर खाना खाया। परिचालक से सवारियों के रुपये वापस कराए और सवारियों समेत बस लेकर फिर चल दिए। चालक और परिचालक को दिल्ली-कानपुर हाईवे पर कुबेरपुर के पास छोड़ गए।

    तड़के चार बजे चालक और परिचालक ने मलपुरा थाने पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस को दी। तब पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस बस के बारे में आगे के टोल प्लाजा से संपर्क कर जानकारी करने का प्रयास कर रही है। चालक और परिचालक से पूछताछ की जा रही है। एसएसपी बबलू कुमार भी थाना मलपुरा पहुंच गए।

    चालक से बोले थे जाइलो गाड़ी सवार किस्‍त टूट गई है, बस ले जा रहे हैं

    सवारियों से भरी हाईजेक करने वाले जाइलो गाड़ी सवारों की चालक और परिचालक से खूब जिरह हुई थी। बस ले जाने से पहले उन्होंने यह भी कहा था कि बस की किस्‍त टूट गई है। इसलिए लेकर जा रहे हैं। अभी कुछ और बसें वे खींचकर ले जाएंगे। पूरे घटनाक्रम में उन्होंने सवारियों से अभद्रता नहीं की, बल्कि उनका किराया भी परिचालक से वापस करा दिया। अभी तक सवारियों और बस के बारे में पता नहीं चल सका है। मगर, पुलिस घटनाक्रम को देखते हुए फाइनेंस का मामला मान रही है।

    बुधवार को सुबह चार बजे चालक के मलपुरा थाने पहुंचने के बाद महकमे में खलबली मच गई। बबलू कुमार रायभा टोल प्लाजा पर पहुंच गए। आइजी ए सतीश गणेश ने राजस्थान और मध्यप्रदेश के अधिकारियों से संपर्क साधा। दिल्ली- कानपुर हाईवे और लखनऊ एक्सप्रेस वे के सीसीटीवी फुटेज चेक कराए गए। लखनऊ एक्सप्रेस वे और कानपुर हाईवे पर टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में बस आगे की ओर जाती नहीं दिखी है। इसलिए आशंका है कि बस दिल्ली की ओर ही लौटकर गई है। इसके लिए मथुरा पुलिस को भी अलर्ट किया गया है। बस मंगलवार को गुरुग्राम से शाम पांच बजे चली थी। सात बजे कोसी पार किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बस को कब्जे में करने वाले युवक खुद को फाइनेंसकर्मी बता रहे थे। उनके पास कोई हथियार होने की जानकारी भी नहीं मिली है। बस में केवल तीन युवक ही चढ़े थे। सवारी 34 थीं। अगर वे उन्हें भी साथ ले गए होते तो पुलिस को कहीं सूचना मिलती। आशंका है कि चालक-परिचालक को जाइलो गाड़ी में बैठाकर अलग दिशा में ले गए। सवारियों का किराया वापस कराने के बाद उन्हें भी लखनऊ एक्सप्रेस वे या अन्य स्थान पर छोड़ा गया होगा।

    मंगलवार सुबह बस गई थी गुरुग्राम 

    सैंया टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने चेक की। इसमें बस मंगलवार सुबह छह बजे ग्वालियर से आगरा की तरफ आती हुई दिखी है। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि बस मंगलवार को ही ग्वालियर से गुरुग्राम गई थी।

    बस मालिक की कल हुई है मौत

    बस इटावा नंबर की है और इसका मालिक ग्वालियर का है। बस पर कल्पना ट्रैवल्स लिखा है। इस ट्रैवल्स की करीब 60-70 बसें हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि बस मालिक की मंगलवार को मौत हुई है। वे कोरोना संक्रमित भी थे। इसीलिए परिवार के लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनसे बात होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बस पर फाइनेंस था या नहीं?