Category: uttar-pradesh

  • भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर पडरौना में निकाली भव्य शोभायात्रा

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    पडरौना,कुशीनगर। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के जिला अध्यक्ष राजेश पांडे के नेतृत्व में आज परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के विभिन्न चौक चौराहा होते हुए पुनः जूनियर हाईस्कूल में जाकर समाप्त हुआ। वहां एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान बैठक को संबोधित करते हुए श्री पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम बिष्णु के छठे अवतार थे उन्होंने समाज की भलाई के लिए निरंतर लड़ाई लड़ते रहे ,और समाज को एक नई दिशा देने का काम किया था ।

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    भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर पडरौना में निकाली भव्य शोभायात्रा

    हमें उनके बताए गए रास्ते पर चलने की जरूरत है, जिससे समाज दिशा विहीन ना हो सके । इस मौके पर युवा नेता सोनू तिवारी ने कहा कि परशुराम कोई साधारण मानव नहीं थे उन्होंने समाज में फैली तमाम तरह के कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया और उसे समाप्त कर एक स्वच्छ समाज की आस्थापना के लिए निरंतर अपना उपदेश देते रहें ।

    प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

    इस बावत आज मंगलवार को पडरौना नगर के जूनियर हाई स्कूल परिसर में सुबह से इस जयंती के अवसर को लेकर लोग इकट्ठा होना चालू हो गए थे। जयंती के मौके पर भगवान परशुराम का भव्य झांकी बनाया गया था ।यहां से भारी जुलूस की शक्ल में पैदल बाइकों ,चार पहिया वाहनों से जुलूस निकला जो नगर के तिलक चौक, दरबार रोड, अंबे चौक ,बेलवा चूंगी, धर्मशाला रोड ,शहाबगंज बावली चौक बलोचहां चुंगी ,रामकोला रोड ,सुभाष चौक होते हुए पुनः जूनियर हाईस्कूल में पहुंचा ।

    इस दौरान सभी लोगों ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण किया और संकल्प लिया की उनके बताये गए रास्ते पर चलने का प्रयास करेंगे।इस मौके पर राजा पांडे ,अंकित पांडे ,संजीव मिश्र ,शंभू पांडे राजकिशोर तिवारी घनश्याम पांडे मुरली तिवारी राजेंद्र पांडे अशोक पांडे ने उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

  • संजोग वॉल्टर : महा योद्धा कभी हारते नहीं है !

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    गौरव जायसवाल,लखनऊ
    अच्छे पहलवान की पहचान अखाड़े में नहीं जिंदगी में होवे है।
    मैंने पहलवानी जरूर छोड़ी है पर लड़ना नहीं भूला हूं…मैं जिंदा हूं।
    मैंने जब ”सुल्तान” फिल्म देखी थी तो ये संवाद कानों से होकर दिल में उतर गए थे। सोच रखा था इन संवादों को अपनी किसी विशेष खबर के लिए कभी ना कभी जरूर उपयोग करूँगा। लखनऊ की पत्रकारिता की एक ऐसी ही शख्सियत जिसने इन संवादों को अपने जीवन में चरितार्थ कर लिया है उसका नाम है ”संजोग वॉल्टर”। उन्होने साबित कर दिया है कि महा योद्धा कभी हारते नहीं है।
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    राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की कार्यकारिणी की पहली बैठक में सदस्य संजोग वाल्टर ने अध्यक्ष हेमंत तिवारी को पुष्पगुच्छ देकर किया अभिवादन
    लखनऊ की पत्रकारिता में संजोग वॉल्टर का नाम किसी वीर योद्धा से कम नहीं है उन्होने दो-दो बार कैंसर जैसी घातक बीमारी को मात दी है वही राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त समिति के हाल ही में हुए चुनाव में भी रिकार्ड तोड़ मतों से जीत हासिल कर ये साबित कर दिया है की अगर आपकी विल पॉवर मजबूत है तो आप को जीतने से कोई नहीं रोक सकता। मैं संजोग भाई को तब से जनता हूँ जब मैंने पत्रकारिता की दुनियां में कदम रखा था और वो राजधानी में पत्रकारिता के स्टार थे।
    आज तक जैसे ब्रांड में ताबड़तोड़ ब्रेकिंग खबरे देने में हमेशा आगे रहते थे। लीडिंग अख़बार अपनी सुबह की मीटिंग में यही चर्चा करते की फला ख़बर जो आजतक पर चली थी वो हमसे कैसे छूट गई। एक बार की बात है मैं उनसे फील्ड पर मिला तो उन्होने मुझसे कहा की पत्रकारिता में दूरदर्शिता रखना बहुत जरूरी है वो आज भी मैं बनाये हुए हूँ। उन्होने मुझे हमेशा अपने भाई जैसा प्यार दिया और आज भी उनका  आशीर्वाद मुझ पर बना हुआ है।
    मुझे आज भी वो दिन अच्छे से याद है तारीख थी 11 अगस्त 2017। केजीएमयू के डॉक्टरों ने लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार संजोग वॉल्टर भाई का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया था । सुबह 10 बजे शुरू हुआ मेजर ऑपरेशन शाम 7 बजे तक चला था । डॉ की टीम ने काफी जटिल आपरेशन करके वॉटर भाई के परिवार को राहत दी थी। वे केजीएमयू  के प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में भर्ती हुई थे ।
    नवम्बर 2015 में भी “संजोग वॉल्टर” का ओरल कैंसर का ऑपरेशन केजीएमयू  के शताब्दी में हुआ था। बड़ी जंग जीत गए कैंसर जैसी बीमारी को हराना बड़ी बात है। बहुत से पत्रकार और परिचित लोग हालचाल लेने अस्पताल भी पहुंचे थे। दोनों ऑपरेशन में जो पत्रकार संगठन पत्रकारों के हित का दावा करते हैं, किसी ने भी संजोग वॉल्टर की सुध नहीं ली थी। अब जीत के बाद से विरोधी भी संजोग वॉल्टर का लोहा मान गए। समिति के सदस्य होने के नाते पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से समाधान करने का भी प्रण लिया है।
    “संजोग वॉल्टर ” के लिए क्यों है ऐतिहासिक जीत
    वैसे तो पत्रकारिता का धर्म मानव कल्याण और राष्ट्रिय हित है। “संजोग वॉल्टर ” ईसाई धर्म से आते है उनके बिरादरी के चंद लोग ही राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त पत्रकार है वो भी संख्या में चार लोग ही हैं।
    “संजोग वॉल्टर ” की लोक प्रियता ही है जो उनको राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के चुनाव में 170 मत मिलते है और सदस्य के चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करते है। कुछ पत्रकार अगर इनके साथ थे तो कुछ ने कहा की हम आप को वोट नहीं देंगे उसके बावजूद बड़ी जीत हासिल कर विरोधियों को करारा जवाब भी दे दिया है।  संजोग वॉल्टर के दो बड़े ऑपरेशन हुए इस हालत में इनका साथ किसी ने नहीं दिया था।
    राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के चुनाव में सबने “संजोग वॉल्टर ” के हौसले को सराहा जिस व्यक्ति को बोलने में समस्या होती है और वो ऐसे हालात में चुनाव लड़ रहा है। हौसला देखते हुए राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के सभी सदस्यों ने उनका साथ दिया। वही कई चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी एक वोट अपने लिए तो दूसरा वोट “संजोग वॉल्टर “के लिए मांग रहे थे। जिनकी मान्यता नहीं थी वे भी अपने स्तर से “संजोग वॉल्टर ” की जीत को सुनिश्चित कर रहे थे।
    क्यों कहते है “रातों का राजा” 
    कुछ साल पहले टीवी पत्रकारिता में “संजोग वॉल्टर ” को पत्रकारिता जगत के लोग “रातों का राजा” कहा करते थे , क्योकि ज्यादातर खबरे रात में ही आज तक पर ब्रेक करा देते थे वाल्टर।
    खबर लोगो को तब पता चलती थी जब ” आज तक ” पर ब्रेक होती थी। अख़बारों से भी खबर छूट जाती थी। मीटिंग में जवाब तलब होता था की यह खबर कैसे छूटी ? सभी चैनलों के हेड ऑफिस  से फोन आता था कि देखो आज-तक पर क्या चल रहा है। खबर भेजो। हर दूसरे तीसरे दिन यही हाल होता था।

  • वन विभाग ने वन रेंज की जमीन बताकर 360 ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरु किया गिरफ्तारी का सिलसिला

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    By UPENDRA KUSHWAHA

    पडरौना :  जिले के तमकुही रेंज से सटे दुदही ब्लाक के ग्राम पंचायत दशहवां के टोला पुष्कर नगर में वन विभाग ने वन रेंज की जमीन बताकर 360 ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। इनमें 56 लोगों के वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हो गया है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी लोगों को हिरासत में लेने के लिए दबाव बना रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शनिवार को तमकुहीराज विधायक अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में बैठक कर ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम से मिलकर अपनी पीड़ा बताने का निर्णय लिया है।

    ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1960 में अमवाखास टोला भगवानपुर में नदी की कटान से बेघर हुए 60 परिवारों को पूर्व मंत्री व विधायक रहे गेंदा सिंह ने पुष्करनगर में बसाया था। वर्ष 1963 में 60 लोगों के खिलाफ वन विभाग ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी जानकारी होने पर पूर्व मंत्री गेंदा सिंह ने तत्काल जिलाधिकारी से मिलकर मुकदमा वापसी व इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की बात कही थी। तभी से लोग जहां बसे थे, वह वहीं अपना अस्थाई घर बनाकर रहने लगे।

    वर्ष 1980 में अमवाखास में फिर नदी की कटान शुरू हुई और दर्जनों टोले कैथवलिया, सेमरहा, करवताहि, हसुवहि, किशुनवा, शिहोरवा पट्टी, खुरहुरिया, बरवापट्टी को अपने आगोश में ले लिया। सैकड़ों ग्रामीण बंधे पर रहने को मजबूर हो गए। उस समय पूर्व एसडीएम रहे पुष्कर शर्मा ने दशहवां में वन विभाग के 32 एकड़ की खाली प्लाट पर बेघर हुए ग्रामीणों को वहीं बसा दिये और उसी समय से यह आबादी पुष्कर नगर के नाम से जाने जाना लगा।

    तभी से आज तक लगभग 400 की आबादी में बसे ग्रामीणों को कोई दिक्कत नहीं हुई। न ही कोई वन विभाग की ओर से नोटिस ही आया। ग्रामीण भी मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार को पालन-पोषण करने लगे। लेकिन अचानक इसी बुधवार को गांव में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज देने की बात सुनते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीण घर छोड़कर इधर-उधर रहने को मजबूर हो गए हैं

    शनिवार को पुष्कर नगर पहुंचे कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता व तमकुहीराज विधायक अजय कुमार लल्लू से ग्रामीणों ने आपबीती सुनाई। ग्रामीणों के साथ बैठक कर विधायक ने सोमवार को डीएम से मिलकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराने की बात कही। कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।

  • उप चुनाव: राजनीतिक दलों ने फूंका चुनावी बिगुल

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    उत्तर प्रदेश की कैराना संसदीय सीट पर चुनाव की तैयारियों में सभी राजनीतिक दल जुट गये हैं। समाजवादी पार्टी बूथ स्तर की तैयारियों को अंजाम देकर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। कैराना के चुनाव के लिए पार्टी में उपयुक्त व मजबूत प्रत्याशी की तलाश शुरु कर दी गई है। इसके लिए अपने से दूर हो चुके अति पिछड़ी जाति के मतदाताओं को रिझाने के लिए उसी समुदाय के नेताओं को चुनाव तैयारियों में झोंक दिया है।

    संसदीय क्षेत्र के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर और फूलपुर की तर्ज पर अपना प्रत्याशी उतारने की जुगत में है। इसके लिए जहां बसपा के साथ गठबंधन को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं पार्टी के भीतर प्रत्याशियों के चयन पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। प्रदेश की कुछ चुनिंदा भारी भरकम संसदीय सीटों में से एक कैराना में भाजपा का मुकाबला करने में गठबंधन का मजबूत होना जरूरी है।

    राज्य में भाजपा विरोधी गठबंधन के बैनर तले चुनाव लड़ने की कवायद को अंजाम देने और उसमें शामिल होने के लिए राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजित सिंह के पुत्र और पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने बसपा मुखिया से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात का मुख्य मकसद कैराना से जयंत चौधरी को संयुक्त प्रत्याशी बनाने का आग्रह था।

    सूत्रों का कहना है कि बसपा की ओर से फिलहाल कोई संकेत नहीं दिया गया है। पिछले चुनाव में कैराना में लोकदल प्रत्याशी को बहुत कम मत मिले थे। यहां के मुस्लिम मतदाताओं में राष्ट्रीय लोकदल पर संदेह है। दरअसल पिछले कई बार अजित सिंह भाजपा के साथ रहे हैं, जिससे रालोद प्रत्याशी के साथ मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। राज्यसभा चुनाव में रालोद विधायक ने बसपा का विरोध कर भाजपा के पक्ष में मतदान कर दिया था। रालोद कार्यकर्ताओं व दलित मतदाताओं के बीच तनातनी से भी बसपा नेतृत्व जयंत को समर्थन देने में कई बार सोचेगा।

    दूसरी ओर, बसपा सैद्धांतिक तौर पर उप चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारती है। ऐसे में वह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन कर सकती हैं। विधानसभा परिषद के चुनाव में सपा ने अपने हिस्से की एक सीट बसपा के साथ गठबंधन धर्म को मजबूत बनाने के लिहाज से छोड़ दिया था। इससे बसपा उसका समर्थन सकती है। इन्हीं समीकरणों व तालमेल के मद्देनजर समाजवादी पार्टी की तैयारियां तेज हो गई हैं।

    समाजवादी पार्टी के महासचिव सुरेंद्र नागर का कहना है कि समाजवादी पार्र्टी अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारियां कर रही है, जिसके लिए बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाया जा रहा है। कैराना संसदीय सीट की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो-दो पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। यहां के बूथ स्तर पर संगठन के गठन की प्रक्रिया को पूरा करना है। नियुक्त किये गये पर्यवेक्षकों में ज्यादातर अति पिछड़ी जाति के नेताओं को शामिल किया गया है।

    भाजपा के संभावित प्रत्याशी स्वर्गीय सांसद हुकुम सिंह की बेटी हो सकती हैं। माना जा रहा है कि सपा किसी गूजर नेताओं को यहां से प्रत्याशी नहीं बनाएगी। हालांकि पार्टी के पास एमएलसी बीरेंद्र सिंह हैं। पार्टी किसी मुस्लिम को भी उम्मीदवार बनाने में हिचकेगी, क्यों कि उन्हें डर है कि कहीं चुनाव सांप्रदायिक रंग न पकड़ ले। जबकि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खास डॉक्टर सुधीर पंवार को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। विवादों से परे डॉक्टर पंवार ने क्षेत्र का सघन दौरा भी शुरु कर दिया है।

  • जब अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे सीडीओ और सीएमओ को ग्रामीणों ने रोका

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    By UPENDRA KUSHWAHA

    पडरौना : कुशीनगर नगरपालिका परिषद के संत गाडगे नगर में स्थित सपहा के नाम से नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण कार्य की प्रगति जानने पहुंचे सीडीओ व सीएमओ को ग्रामीणों ने रोक लिया। ग्रामीणों की मांग थी कि जिस जगह अस्पताल बन रहा है उस जगह को अस्पताल के नाम से तत्काल किया जाय। करीब एक घंटे तक लोग अपनी मांग पर अड़े रहे और कुछ लोग अफसरों की गाड़ी के आगे जमीन पर बैठ गए थे। 15 दिनों के अंदर समस्या का समाधान किए जाने के आश्वासन पर जाकर लोग माने।

    शनिवार दोपहर उच्चीकरण कार्य की प्रगति का निरीक्षण करने पहुंचे सीडीओ देवी दास व सीएमओ डा. अखिलेश कुमार सहित पूरी टीम ने निरीक्षण कर ठेकेदार को यथाशीघ्र भवन निर्माण का कार्य पूरा कराकर विभाग को स्थानान्तरित करने का निर्देश दिया। तब तक ग्रामीणों को अधिकारियों के आने की सूचना मिल गयी। धीरे-धीरे दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों की गाड़ियों के आगे जमीन पर बैठ गए।

    लोग मांग करने लगे कि अस्पताल जिस जमीन पर बन रहा है, वह जमीन हास्पीटल के नाम से जब तक नहीं हो जाती वे नहीं उठेंगे। इस पर सीडीओ ने तहसील प्रशासन को जानकारी देकर मौके पर बुला लिया। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रामनाथ, कानूनगो घनश्याम शुक्ल, लेखपाल नेबूलाल, अरविन्द रावत, समशेर, अमरनाथ आदि ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 15 दिनों के अन्दर यह जमीन हास्पीटल के नाम से कर दी जाएगी। इसके बाद जाकर समाजसेवी कामेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में अनशन पर बैठे ग्रामीण माने और अधिकारियों की गाड़ियों के आगे से हटे।

  • केले के खेत में मिली 35 वर्षीय महिला का शव, क्षेत्र में सनसनी

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    By UPENDRA KUSHWAHA

    पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के जंगल बेलवा गांव के टोला कटनवार में शनिवार की सुबह एक 35 वर्षीय महिला की केले के खेत में शव मिलने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है |

    वहीं घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस के आलावे अपर पुलिस अधीक्षक समेत स्क्वायड डाग खोजी कुत्ता द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच में जुटी हुई है | जबकी मृतका के परिजनों ने गांव के ही एक शख्स पर हत्या कर शव को केले के खेत मे फेंक दिए जाने का आरोप लगाया है | इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है |

    घटना के बाबत मिली जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी मृतका मुन्नी पत्नी ओम प्रकाश उम्र 35 की सुबह गांव के लोग ग्रामीण खेत की तरफ भोर मे शौच करने निकले थे | कि केले के खेत में महिला का शव देख सन रह गए |

    इस दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दी सूचना पाकर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अपने बड़े अफसरों से घटना के बारे में जानकारी दी |  इस दौरान घटनास्थल पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक समेत स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बारीकी से घटना की जांच किया है |

    उधर मृतका के परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक शख्स द्वारा घर से बुलाकर महिला की हत्या कर शव को केले के खेत में फेंक दिया गया है | हालांकि गांव में महिला को लेकर हुई घटना से क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है |  जबकि गांव के लोगों में तरह, तरह की अटकले लगाए जा रहे हैं |

  • निर्विरोध चुने गए विजय प्रकाश दिक्षित अध्यक्ष व त्रिलोकी नाथ तिवारी बने उपाध्यक्ष

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    By  UPENDRA KUSHWAHA

    पडरौना कुशीनगर : जिला सहकारी समिति संघ को लेकर बुधवार को हुए चुनाव में वीडियो पडरौना के देख रेख में चुनाव संपन्न कराया गया | इस दौरान इस चुनाव में निर्विरोध में अध्यक्ष विजय प्रकाश दिक्षित वह त्रिलोकी नाथ तिवारी उपाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए |

    बुधवार को 11:30 बजे से वीडियो पडरौना के देखरेख में सहकारी समिति संघ के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई |  इस दौरान 2:00 बजे तक चले मतदान की प्रक्रिया के बाद वीडियो पडरौना ने निर्विरोध निर्वाचित हुए पदाधिकारियों का नाम घोषणा की |

    इस दौरान सहकारी समिति संघ के अध्यक्ष विजय प्रकाश दिक्षित व त्रिलोकीनाथ तिवारी को उपाध्यक्ष निर्विरोध चुना गया | इस अवसर पर संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी के अलावे सहकारी समिति के विभिन्न गांव से आए सदस्य व पदाधिकारी मौजूद रहे |

  • MLC चुनावः बीजेपी के 10, सपा, बसपा, अपना दल ( एस) के एक-एक प्रत्याशी निर्विराेध निर्वाचित

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    लखनऊः उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 13 सीटों के लिए हुए एमएलसी चुनाव में सभी दलाें के कुल 13 प्रत्याशियाें काे निर्विराेध निर्वाचित किया गया है। जिसमें बीजेपी के 10, सपा, बसपा, अपना दल ( एस) के एक-एक प्रत्याशी शामिल हैं।

    इन उम्मीदवाराें ने दर्ज की जीत
    भाजपाः बुक्कल नवाब, सराेजनी अग्रवाल, माेहसिन रजा, विजय बहादुर पाठक, जयवीर सिंह, यशवंत सिंह, अशाेक कटारिया, अशाेक धवन, विद्याशंकर साेनकर, महेंद्र सिंह।
    बसपाः भीमराव अंबेडकर
    सपाः नरेश उत्तम
    अपना दल (एस)- के आशीष सिंह पटेल

    पहले से तय था इन लाेगाें काे निर्विराेध निर्वाचन
    विधान परिषद में 13 सीटों के लिए 13 उम्मीदवारों के ही नामांकन होने की वजह से सभी उम्मीदवाराें का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा था।

    बता दें कि 5 मई को 12 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। एक सीट अम्बिका चौधरी के इस्तीफे से रिक्त चल रही थी। चौधरी समाजवादी पार्टी (सपा) से विधान परिषद के सदस्य थे।

    उन्होंने विधान सभा चुनाव के ऐन मौके पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सदस्यता ग्रहण कर विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी कार्यकाल 5 मई को ही समाप्त हो रहा है, लेकिन उन्होंने विधान परिषद में नहीं जाने का निर्णय लिया। वह 2019 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज सीट से लडऩे की घोषणा कर चुके हैं।

    रिक्त 13 सीटों के लिए 13 उम्मीदवारों के ही नामाकंन होने की वजह से 19 अप्रैल को निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा हो गई। बता दें कि आज यानि 19 अप्रैल को ही नाम वापसी का अंतिम दिन है।

  • कुशीनगर में ट्रेन बैंन टक्कर वाली हादसे के बाद रो पड़ा दुदही क्षेत्र बच्चों के शौक में बंद रखी व्यापारियों ने अपनी दुकानें

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    उपेन्द्र कुशवाहा

    पडरौना, कुशीनगर : कुशीनगर में दुदही रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को मानव रहित क्रॉसिंग पर हुई ट्रेन से बैंन की टक्कर के हादसे के बाद 13 बच्चों की मौत को लेकर पूरा दुदही रो पड़ा बच्चों के मौत के गम पर जहां बाजार बंद रहे वही जिन 13 बच्चों की मौत हुई है उनके परिवार के लोगों  के मातम छाया हुआ है | इस घटना से कुशीनगर जिले का कोई ऐसा इंसान नहीं होगा जो इस हादसे  पर रोया नहीं  होगा ?

    ……
    और जब मृतक के परिजनों से मिल भावुक हो उठे सीएम योगी

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    जब मृतक के परिजनों से मिल भावुक हो उठे सीएम योगी

    कुशीनगर के दुदहीं मानव रहित फाटक पर डिवाइन मिशन स्कूल की बस के दुर्घटना में तो  एक परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। जबकी 3 परिवारों ने अपने दो-दो मासूम बच्चों को खो है। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों को ढ़ाढ़स बधाने दुददी पहुंचे  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी स्वयं पर संयम नहीं रख पाए और भावुक हो गए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को आश्वस्त किया दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ……

    तो इस स्कूल वैन में कुल 17 बच्चे थे सवार

    दुदही मानव रहित समपार पर डिवाइन मिशन स्कूल दुदहीं कुशीनगर स्कूल में पढ़ने वाले 13 बच्चों की मौत हुई है। इस स्कूल के लिए सेवाएं देने वाली स्कूल बस में कुल 17 बच्चे सवार थे |

    …….
    13 बच्चों की हुई मौत में यह है शामिल

    मिश्रौली गांव के ग्राम प्रधान अमरजीत ने इस हादसे में अपने तीन मासूम बच्चों संतोष, रवि और सात वर्षीय बेटी रागीनी को खो दिया। पड़रोन मुडरई गांव निवासी हैदर अली के दो बेटे गोहू उम्र 8 वर्ष और मरूल उम्र 10 वर्ष की मौत हो गई।

    इस हादसे ने बतरौली गांव निवासी हसन की दो बेटियों साजिदा11वर्ष और तम्मना 10 वर्ष को सदा के लिए छीन लिया। मैहिहरवा गांव निवासी मैन्नुद्दीन से उनके एक बेटे मिराज उम्र 8 वर्ष और बेटी मुस्कान 7 वर्ष को इस हादसे ने छीन लिया। इसके अलावा कोकिला पट्टी निवासी नौसाद के 8 वर्षीय बेटे अतिउल्लाह, मैहिहरवा के जहीर के पुत्र 9 वर्षीय पुत्र अरसद और इसी गांव के नजीर के पुत्र 8 वर्षीय पुत्र अनस नरोड़ की मौत हो गई। बतरौली निवासी अम्बर सिंह के 8 वर्षीय बेटा हरिओम भी इस हादसे में सदा के लिए छीन गया। हादसे के बाद इस परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
    …………

    ड्राइवर समेत पांच को किया गया मेडिकल कॉलेज रेफर

    कुशीनगर जिला अस्पताल से चार बच्चों की हालत गंभीर देखते हुए बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर किया गया। पूरे रूट पर पुलिस बल तैनात कर ताकि एम्बुलेंस को वापस लाने में दिक्कत न हो, घायलों को लाया गया। मेडिकल कालेज में उपचार के लिए स्कूली छात्र कृष्णा, तालीम, समीर और रोशनी को लाया गया है। इसके अलावा स्कूल बस को चला रहे चालक को भी मेडिकल कालेज में पुलिस अभिरक्षा में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत काफी गंभीर है।
    …….
    बच्चों ने सोचा नहीं था कि ड्राइवर अंकल हो जाएंगे इतना लापरवाह

    गुरुवार की सुबह भी रोज की तरह ही थी। सुबह साढ़े पांच, छह बजे नींद से जागे। फिर रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घरों में मची भागदौड़। रसोई में जुटकर मम्मी ने टिफिन तैयार की। पापा ने बैग तैयार किया। यूनिफार्म पहनकर तैयार ही हुए थे कि बाहर वैन का हार्न सुनाई पड़ा और भागकर उसमें सवार हो गए बच्चे।

    रोज की तरह सब चहक रहे थे। बीते दिन स्कूल बंद होने से लेकर गुरुवार सुबह वैन में सवार होने तक की हजार बातें एक-दूसरे को बताते, शोर मचाते बच्चे स्कूल की ओर बढ़े चले जा रहे थे। तब किसी ने नहीं सोचा था कि थोड़ी ही देर बाद यह वैन एक ऐसे हादसे का शिकार हो जाएगी जिसमें हंसते-खिलखिलाते इन मासूमों की चहंचहाना हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा
    वैन वाले ड्राइवर अंकल पर बच्चों को बेहद भरोसा था। वे उनकी ड्राइविंग से निश्चिंत थे। कभी सोचा भी न था कि ड्राइवर अंकल इतनी बड़ी लापरवाही कर देंगे कि अपने साथ-साथ उनकी जिन्दगी भी दांव पर लग जाएगी। दुदुही रेलवे स्टेशन के पास जिस मानव रहित क्रासिंग पर यह हादसा हुआ वहां से गुजरना बच्चों के लिए रोज की बात थी।

  • अब्दुल चक में अज्ञात कारणों से लगी आग में आधा दर्जन लोगों की झोपड़िया जलकर राख

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    पडरौना। पडरौना कोतवाली के ग्राम अब्दुल चक में आज बृहस्पतिवार की शाम अज्ञात कारणों से लगी आग में आधा दर्जन लोगों की फूस की झोपड़ी सहित उसमें रखा सभी सामान जलकर खाक हो गए। इस दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया था । घटना की सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ी ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सके।

    घटना के बाद मिली जानकारी के अनुसार आज शाम लगभग 6:00 बजे गांव के सहदेव की झोपड़ी से अचानक आग की लपटें निकलने लगी जिसे देख ग्रामीणों ने शोर मचाना चालू कर दिया शोर सुन पहुंचे अगल बगल के लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण लोगों को पीछे हटना पड़ा । इस आग लगी घटना में सहदेव,जनक राजा ,हरिनंदन, शिवनंदन ,गोरख, हरि आदि लोगों की फूस की झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया ।आग लगने के कुछ देर बाद सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ी आग को बुझाया।