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  • सिंघल की मूर्ति हो अयोध्या में स्थापित, अखाड़ा परिषद ने की मांग

    सिंघल की मूर्ति हो अयोध्या में स्थापित, अखाड़ा परिषद ने की मांग

    प्रयागराज । अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने मांग की है कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता दिवंगत अशोक सिंघल की मूर्ति अयोध्या और प्रयागराज में स्थापित की जानी चाहिए। सिंघल राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी नेता थे। एबीएपी ने यह भी कहा है कि अयोध्या में मंदिर आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों की याद में एक ‘कीर्ति स्तम्भ’ (स्मारक स्तंभ) भी बनाया जाना चाहिए।

    एबीएपी के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, “मंदिर आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के नाम भी स्तंभों पर अंकित किए जाने चाहिए।”

    संतों की योजना है कि एबीएपी में यह प्रस्ताव पारित करने के बाद केन्द्र को इस विषय में एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाए। इसके लिए एबीएपी की अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में नवरात्रि के दौरान होने जा रही बैठक में आगे की कार्रवाई होगी।

    एबीएपी के महासचिव स्वामी हरि गिरी ने कहा, “अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दशकों तक संघर्ष चला और इस दौरान कई लोगों की जान गईं। विहिप के पूर्व प्रमुख अशोक सिंघल ने पूरी जिंदगी इसके लिए संघर्ष किया और कोठारी बंधुओं (कोलकाता के राम कुमार और शरद कोठारी) की 2 नवंबर, 1990 को अयोध्या में पुलिस फायरिंग में मौत हो गई।”

    उन्होंने आगे कहा, “अब, जब राम मंदिर का निर्माण शुरू होने वाला है, तो हम चाहते हैं कि अयोध्या और प्रयागराज में उनके सम्मान में एक ‘कीर्ति स्तम्भ’ का निर्माण किया जाए।”

    गिरि ने कहा कि उन्होंने ‘कीर्ति स्तम्भ’ के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें संगम के पास सिंघल की प्रतिमा स्थापित करने के साथ-साथ उन लोगों के नाम भी बताए गए हैं जिन्होंने इस संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    उन्होंने संघर्ष में शामिल हुए लोगों के खिलाफ दर्ज हुए मामले वापस लेने को लेकर कहा, “अब जब राम मंदिर के लिए संघर्ष खत्म हो गया है, तो इससे जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को भी वापस लिया जाना चाहिए। हम पहले ही राज्य सरकार से इस संबंध में औपचारिक अनुरोध कर चुके हैं।”

    गिरि ने कहा कि संतों ने 5 अगस्त – राम मंदिर ‘भूमिपूजन दिवस’ को हर साल दीवाली के रूप में मनाने का फैसला भी किया है।

  • कुशीनगर: कप्तान साहब,थानों पर नहीं हो रही सुनवाई

    कुशीनगर: कप्तान साहब,थानों पर नहीं हो रही सुनवाई
    उपेंद्र कुशवाहा
    कुशीनगर : थानों पर फरियादियों की सुनवाई हो, किसी के साथ कोई अभद्र व्यवहार न किया जाए। शासन प्रशासन से आदेश आते रहते। एसपी रोजाना कहते हैं, सोमवार को आइजी रेंज ने पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों से सख्त अंदाज में कहा भी था, लेकिन उसके बाद भी कई में सुधार नहीं हो रहा है। खबर में शामिल बीते सप्ताह के आधा दर्जन प्रकरण तो महज समझाने के लिए हैं। रोजाना जिला मुख्यालय पर छोटी छोटी शिकायत लेकर दौड़ रहे फरियादी हकीकत बता रहे हैं। अधिकांश शिकायतें ऐसी होती हैं जिसमें थानाध्यक्ष नहीं अगर हल्का प्रभारी और सिपाही ही ध्यान दे दें तो निपट जाए पर कोई सुनता नहीं।
    हड़काते हैं पहरा और मुंशी जी
    थानों पर पहुंचने में सबसे पहले पहरा, मुंशी या दीवान से ही सामना होता है। देखा जाए तो ज्यादातर फरियादी उनके पास ही जाते, लेकिन सुनवाई कम फटकार ज्यादा मिलती है। लोगों का कहना है कि यही सही से सुनने लगें तो खुद व खुद परेशानी दूर हो जाए। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि थानों पर फरियादियों की सुनवाई के कड़े निर्देश हैं। थानों पर फरियादियों से सही व्यवहार हो, उनकी सुनवाई कर त्वरित निस्तारण किया जाए, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह खुद समीक्षा करेंगे और जिसकी भी मनमानी या लापरवाही आई उस पर कार्रवाई होगी।
    कुछ इस तरह के हैं प्रकरण
    प्रकरण: नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सूरजनगर बाजार मे छोटेलाल वर्मा की जेवरात की दुकान का दीवार तोड़कर लाखो की चोरी बीते सप्ताह के गुरुवार रात्रि को हुई है,लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नही किया गया है दरोगा व सिपाहियों द्वारा तहरीर उठवाने का दबाव बनवाया जा रहा है। उसी बाजार के सब्जी व फल व्यवसायी दो सगे भाईयों के उपर प्राणघातक हमला कर पांच हजार नगदी लूट लिए जाने के मामले मे दरोगा व सिपाही द्वारा तहरीर बदलवाने का दबाव बनवाया जा रहा है।पीड़ित ने एसपी से न्याय की गुहार लगाया है। बरवा पूर्दिल गांव मे घर मे घुसकर दो किशोरियों के साथ दुष्कर्म का प्रयास के मामले हल्का दरोगा व कस्टेबल द्वारा तहरीर बदलवाने का दबाव बनाया जा रहा है। चितहा गांव मे एक किशोरी के साथ दो युवको द्वारा दुष्कर्म का प्रयास किया गया।जिसमे पीडिता अपनी मां संग थाने पहुचकर तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। उल्टे ही दिवान व पहरा द्वारा खदेड दिया जा रहा है। हल्का दरोगा कस्टेबल द्वारा मामला फर्जी बताकर टालमटोल किया जा रहा है।

  • कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद भी अध्यापक बांट रहे राशन पर्ची

    कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद भी अध्यापक बांट रहे राशन पर्ची
    रिपोर्ट ज़ाहिद अली

    पूरनपुर- क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमरैया कलाँ में पूर्व में एक कोरोना पॉजिटिव केश है। ग्राम पंचायत के ग्राम खाता मे बैरिकैटिंग किया हुआ। सहायिका के साथ आज एक और कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि होने पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक अवधेश सहित सभी अध्यापक बच्चों को राशन की पर्ची बाँटते नजर आये।

    लॉकडाउन के दौरान सरकारी विद्यालयों मे मिड डे मिल के तहत बनने बाले भोजन के स्थान पर सरकार द्वारा राशन दिया जा रहा है। विद्यालय द्वारा पर्ची मिलने से बच्चों को राशन प्राप्त हो। पर्ची बाँटने के दौरान सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उडाते नजर आये। अध्यापक व अध्यापिकाओं ने नहीं सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान और भीड में बाँटते रहे राशन पर्ची ।

  • कृष्णा जन्माष्टमी 2020: 12 साल से कान्हा अकेले मना रहे जन्मदिन, थाने से नहीं हो सकी राधारानी की रिहाई

    कानपुर प्रेम का सही अर्थ बोध कराने वाले कान्हा काे कलियुग में राधारानी से मिलन का इंतजार है क्योंकि राधारानी पुलिस के पहरे में फंसी हैं। द्वापरयुग में कंस का वध करके माता देवकी और पिता वासुदेव को कैद से रिहा कराने वाले श्रीकृष्ण की राधारानी आज कोतवाली में कैद हैं। बारह बरस से कान्हा का जन्मदिन राधारानी के बगैर ही मनाया जा रहा है।

    कानपुर के घाटमपुर के गांव भदरस स्थित ठाकुरद्वारा में कान्हाजी इस बार भी अकेले ही अपना जन्मदिन मनाएंगी, बुधवार रात जन्माष्टमी पर राधारानी के बगैर ही उनकी पूजा होगी। दरअसल, 11 फरवरी, 2008 को प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर का ताला तोड़कर चोर अष्टधातु की करीब 80 किग्रा वजन की राधाजी समेत कई मूर्तियां चोरी कर ले गए थे। मंदिर के सर्वराकर प्रकाश चंद्र खरे ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

    कृष्णा जन्माष्टमी  2020: 12 साल से कान्हा अकेले मना रहे जन्मदिन, थाने से नहीं हो सकी राधारानी की रिहाई
    घाटमपुर के भदरस गांव में ठाकुरद्वारा गांव में भगवान श्रीकृष्ण बिना राधारानी अकेले ही अपना जन्मदिन मना रहे हैं।

    तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक डोरी लाल गौतम ने पंद्रह दिन के अंदर नौबस्ता श्याम बिहार दामोदरनगर निवासी श्यामंजी गुप्ता, सोनू चिकना उर्फ विनोद मिश्र, गांव बलहापारा निवासी अंकुर सिहं उर्फ राजे, कल्याणपुर गांव धानीखेड़ा निवासी अमित कुशवाहा, बिधनू इमलीपुर निवासी दिनेश प्रजापति तथा चमनगंज के मोहल्ला प्रेमनगर निवासी सर्राफ मोहम्मद हसीन को गिरफ्तार करके राधारानी समेत अन्य मूर्तियां बरामद कर ली थीं। मूर्तियों को मालखाने में रखे जाने के साथ ही आरोपितों को जेल भेज दिया गया था।

    कुछ दिन बाद आरोपित कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए थे लेकिन राधारानी को आज तक मालखाने की कैद से रिहाई नहीं मिल सकी है। मंदिर में बारह साल से श्रीकृष्ण अकेले ही जन्मदिन मना रहे हैं और राधारानी की रिहाई का इंतजार कर रहे हैं। राधारानी की मूर्ति कोतवाली से रिलीज न होने पाने के पीछे ग्रामीण मंदिर प्रबंधन की भी लापरवाही को मानते हैं।

    पूर्व ग्राम प्रधान जय नारायण यादव बताते हैं कि कई बार सर्वराकार प्रकाश चंद्र खरे से राधाजी की मूर्ति रिलीज कराने के लिए प्रस्ताव किया। मूर्ति अष्टधातु की होने के चलते सुरक्षा को लेकर चिंतित सर्वराकार ने कोतवाली से रिलीज नहीं कराया है। इसके चलते मंदिर में श्रीकृष्ण व लड्डू गोपाल की ही मूर्तियां हैं, जिनकी पूजा की जाती है। इस बार भी जन्माष्टमी पर बुधवार को मंदिर में कान्हा जी की पूजा बगैर राधारानी के की जाएगी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्यदेव शर्मा ने बताया कि कोतवाली के अभिलेखों में राधाजी की अष्टधातु की मूर्ति बरामदगी एवं मुल्जिमों की गिरफ्तारी का उल्लेख है। हेड मुहर्रिर माल का तबादले व चार्ज हैंडओवर न होने के चलते मालखाना में मूर्ति होने के बाबत स्पष्ट नहीं बता सकते हैं।

  • मथुरा में 4 की सड़क दुर्घटना में मौत, 8 घायल

    मथुरा में 4 की सड़क दुर्घटना में मौत, 8 घायल

    मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बुधवार की सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक निजी बस और एक अज्ञात वाहन की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस ने दी। घायलों में से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें मथुरा के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    बस यात्रियों में मृतक की पहचान मोहम्मद रमजानी, मोहम्मद शमशेर और गोपाल सिंह के तौर पर हुई है, ये सभी बिहार के कटिहार के मूल निवासी हैं, वहीं वाहन चालक की पहचान प्रयागराज के नरेंद्र मिश्रा के रूप में हुई।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

  • कानपुर के ठग : शादी के लिए दिया था विज्ञापन, रिश्ता लेकर आए और ठग ले गए लाखों की रकम

    कानपुर धोखाधड़ी और ठगी के कई मामले देखे और सुने होंगे लेकिर यह मामला एकदम शातिराना है। शादी के लिए विज्ञापन देने के बाद रिश्ता लेकर आए लोगों ने युवती व उसकी सहेली से लाखों की रकम ठग ली। सहारनपुर से रिश्ता देखने के आए शातिर ने खुद को सचिवालय में चीफ ऑडीटर बताकर टेंडर दिलाने का झांसा दिया था, ठगी की शिकार हुईं निजी कंपनी की पूर्व शाखा प्रबंधक व उनकी सहेली ने हरबंशमोहाल थाने में मुकदमा लिखाया है।

    हरबंशमोहाल के गड़रिया मोहाल निवासी रजनी मोदी की तहरीर के मुताबिक अगस्त 2019 से वह कंपनी में शाखा प्रबंधक थीं और नई नौकरी ढूंढ रही थीं। इसी दौरान पिता मुरारीलाल ने उनकी शादी के लिए जीवनसाथी डॉट कॉम पर विज्ञापन दिया। कुछ समय बाद सहारनपुर निवासी पंकज राव, अपनी मां रामेश्वरी और बहन-बहनोई को लेकर घर आए।

    उसने खुद को सचिवालय में चीफ ऑडीटर बताते हुए उन्हें सरकार में डाटा फीडिंग का काम सीधे सचिवालय से दिलवाने और घर बैठे कमाई कराने का झांसा दिया। आरोपित के बहन-बहनोई उसकी बात का समर्थन करते रहे। इसके बाद पंकज ने रजनी, उनके

    कानपुर के ठग : शादी के लिए दिया था विज्ञापन, रिश्ता लेकर आए और ठग ले गए लाखों की रकम
    सचिवालय में चीफ ऑडीटर बताकर निजी कंपनी की पूर्व शाखा प्रबंधक व उनकी सहयोगी को टेंडर दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी की।

    माता-पिता और उन्नाव निवासी एक सहेली अनुप्रीत कौर से केवाईसी व एक प्रार्थना पत्र लेकर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद एक्सिस बैंक व एसबीआइ सहारनपुर के दो खाता नंबर देकर 6.35 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

    जून 2020 में आरोपित ने घर आकर सरकारी प्रिंट के लिफाफे में मौजूद दस्तावेज दिए और बोला कि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुछ प्रपत्रों को तैयार करने के नाम पर एक-एक लाख रुपये और ले लिए। इसके बाद जब उसने 12 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर तैयार रखने की बात कही तो रजनी को संदेह हुआ। लखनऊ जाकर पूछताछ की तो पता लगा कि पंकज राव नाम से कोई कर्मचारी नहीं है, दस्तावेज भी जाली हैं। रजनी ने आरोपित को फोन कर रकम वापस मांगी तो उसने गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। थाना प्रभारी वीर सिंह ने बताया कि दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है। जल्द आरोपित को पकड़ लिया जाएगा।

  • दोना-पत्तल फैक्ट्री में लगी आग, तीन दमकल गाडिय़ों ने तकरीबन एक घंटे में पाया काबू

    कानपुर सचेंडी थाना क्षेत्र की एक दोना पत्तल फैक्ट्री में शनिवार तड़के अचानक आग लग गई। सुबह उधर से निकल रहे ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पहुंचीं दमकल की गाडिय़ों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    दोना-पत्तल फैक्ट्री में लगी आग, तीन दमकल गाडिय़ों ने तकरीबन एक घंटे में पाया काबू
    तड़के ग्रामीणों ने फैक्ट्री से धुआं उठते देख पुलिस व दमकल को दी सूचना।

    आग लगने के कारण का नहीं चल सका पता

    सचेंडी के प्रतापपुर भौंती स्थित एक दोना पत्तल की फैक्ट्री के बाहर पूर्व विधायक राकेश सोनकर का बोर्ड लगा हुआ है। सुबह फैक्ट्री के अंदर से अचानक धुआं उठता देख आसपास रहने वालों में हड़कंप मच गया और धीरे-धीरे ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। इस दौरान किसी ने डायल 112 पर आग लगने की सूचना दी। सूचना पर पंहुची पुलिस ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान आधे घंटे में एक के बाद एक तीन दमकल की भी गाडिय़ां आ गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। वहीं, आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। फैक्ट्री में लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। दमकल के अधिकारी अब फैक्ट्री में लगे अग्निशमन यंत्रों की जांच करेंगे अगर वह खराब पाएगा तो फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई की जाएगी।

    छुट्टी होने से फैक्ट्री नहीं था कोई

    स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी होने के चलते फैक्ट्री खाली थी। अगर छुट्टी न होती तो आग से कोई भी बड़ी घटना भी हो सकती थी।

  • कुशीनगर में जश्न-ए-आजादी को लेकर मनेगा स्वतंत्रता दिवस 

    कुशीनगर में  जश्न-ए-आजादी  को लेकर मनेगा स्वतंत्रता दिवस 
    पडरौना,कुशीनगर : देश की आजादी का जश्न मनाने पडरौना बाजार में तिरंगे की दुकानें सज उठी थी। पडरौना शहर के कोतवाली चौक पर सजी दुकान पर स्माल फ्लैग से लेकर विभिन्न साइज में तिरंगा उपलब्ध   रहा। तिरंगा पट़्टी,तिरंगा हैंड बैंड,बैज तिरंगा,तिरंगा टोपी आदि की जबरस्त युवा और बच्चों में मांग रही। बच्चों पर देश प्रेम छाया हुआ था। आजादी का जश्न मनाने को युवा और बच्चे तिरंगा खरीद रहे थे। वहीं विभिन्न राजनैतिक दलों के लोगों द्वारा भी तिरंगे की खरीदारी की जा रही थी। हर किसी पर देश भक्ति का रंग चढ़ा हुआ था।
    पंद्रह अगस्त को देश की आजादी का स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया  जा रहा है। देश को आजादी दिलाने वाले शहीदों को याद किया जा रहा है। शहीदों की याद में स्कूल, कालेजों में देश भक्ति पर आधारित कार्यक्रम इस कोरोनावायरस के चलते नही होंगे। शान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।
    स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम इस बार स्कूल, कालेजों में बंद हैं । पडरौना शहर के तिलक चौक से लेकर कोतवाली चौक व सुभाष चौक के आलावा कसया मोड़ पर सजी तिरंगे की दुकानों में विभिन्न साइज में तिरंगा उपलब्ध रहा। बच्चों को सबसे अधिक स्माल फ्लैग पसंद आ रहा था । हैंड बैंड तिरंगे की मांग रही। युवाओं में तिरंगा पट्टी और तिरंगा टोपी पसंद की जा रही थी। बैज तिरंगे भी पसंद किया जा रहा था। पंद्रह रुपये से लेकर सौ रुपये में राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध बिका।

  • कार्यदाई संस्था निर्माण कार्य में गुणवत्ता का दें विशेष ध्यान…डीएम।

    कार्यदाई संस्था निर्माण कार्य में गुणवत्ता का दें विशेष ध्यान…डीएम।

    मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं से संबंधित व 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा गुणवत्तापूर्ण व ससमय कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश।

    कार्यदाई संस्था निर्माण कार्य में गुणवत्ता का दें विशेष ध्यान…डीएम।

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने कैंप कार्यालय में अधिकारियों एवं कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जनपद में माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं से संबंधित व 50 लाख के ऊपर लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा किया। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं के निर्माण कार्य हेतु धनराशि प्राप्त हो गई है उन परियोजनाओं का कार्य निश्चित समय अवधि के अंतर्गत कार्यदाई संस्थाएं पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने तथा गुणवत्तापूर्ण एवं समय के अंदर कार्य पूर्ण किए जाएं उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा की तथा समय से काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा मानक विहीन व अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता जांच के बाद ही निर्माण कार्य में प्रयुक्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को पूर्ण कराने में बजट की आवश्यकता हो उसके लिए शीघ्र अतिशीघ्र प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे जिससे कि कार्य में बाधा न उत्पन्न हो व निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कराया जा सके। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डा. अंकुर लाठर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग राकेश चैधरी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी व कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • कोरोनाकाल में उग रहा इम्यूिनटी बूस्टर किसान की बगिया के अन्दर

    कोरोनाकाल में उग रहा इम्यूिनटी बूस्टर किसान की बगिया के अन्दर

    गोंडा। उत्तर प्रदेश गोंडा जिले के रायपुर गांव निवासी वंशराज मौर्य अपनी बगिया में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इम्यूनिटी बूस्टर वाले औषधीय पौधे उगा रहे हैं। वह इन पौधों के मिश्रण से तैयार काढ़ा आसपास के गरीबों को नि:शुल्क देते हैं। उनकी इस मुहिम को काफी सराहना मिल रही है।
    वंशराज ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में बताया कि कोरोना संकट के दौरान औषधीय पौधों से काढ़ा और अर्क बनाकर गरीबों को नि:शुल्क दे रहे हैं। इसके अलावा गिलोय या अन्य औषधियों के डंठल और पत्तियां दे रहे हैं। कोरोना के समय से यहां पर करीब 100 से अधिक लोग हमारे काढ़ा और औषधियों को नि:षुल्क ले गये हैं। गिलोय तुलसी से बना काढ़ा कोरोना से लड़ने में बेहद कारगर हो रहा है। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है। इसलिए गरीबों को नि:शुल्क दिया जा रहा है।
    वंशराज के पुत्र शिवकुमार मौर्य ने बताया कि कोरोना संकट को देखते हुए लोगों को गिलोय, नीम-तुलसी का काढ़ा जरूरतमंदों को नि:शुल्क दे रहे हैं। अब तक तकरीबन 100 से अधिक लोग इसे ले जा चुके हैं। इसके अलावा एलोविरा जूस, पपीता का अर्क, नींबू द्वारा तैयार अम्लबेल की बहुत ज्यादा मांग रहती है। इसे हम लोग बनाकर एक बोतल में तैयार करते है। कुछ निर्धन लोग हमारे यहां से पत्तियां और डंठल भी ले जाते हैं। इसके अलावा जो पौधा ले जाते है उन्हें भी दिया जाता है।
    उन्होंने बताया कि पिता वंशराज मौर्य ने आपातकाल के समय नसबंदी के लिए जबरिया दबाव बनाने पर नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वर्ष 1980 में एक एकड़ खेत अपने खाते की बागवानी के लिए आरक्षित कर देश के कई प्रांतों से फल-फूल व वनस्पतियों का संग्रह करना शुरू कर दिया। इसके लिए शहरों में लगने वाली पौधशालाओं — नागपुर, पंतनगर व कुमार गंज स्थिति कृषि विश्वविद्यालयों का भ्रमण कर जानकारी हासिल की। चार दशक में देश-प्रदेश के पौधे यहां फल-फूल रहे हैं।
    बकौल वंशराज, बागवानी के लिए आरक्षित एक एकड़ भूमि के अतिरिक्त दो एकड़ भूमि और है। उन्में सब्जी, गन्ना, धान, गेहूं की खेती के साथ बागवानी से लगभग दो से 3 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है। उनके इस अभियान में उनका परिवार भी सहयोग करता है।
    इन्होंने अपने बगीचे में दो सौ से भी ज्यादा पेंड़-पौधों की प्रजातियां संजो रखी है। इनके अलावा पांच तरह की तुलसी, वेलपत्र, लैमन ग्रास, काला वांसा, जलजमनी, स्तावर, वोगनबेलिया, हरड़, बहेड़ा, अंजीर और आंवला के अलावा हर तरह की परंपरागत और उपयोगी वनस्पति की प्रजाति यहां मौजूद है। इन्होंने यहां नर्सरी भी विकसित की है, जिसमें हर साल हजारों पौधे तैयार होते हैं।
    इसके अलावा तेजपत्ता, इलायची, इरानी खजूर, बिना बीज का अमरुद, नींबू की दस प्रजातियां, चकोतरा की दो प्रजातियां, छोटा- बड़ा तीन प्रकार के नारियल, लीची, सेब, नाशपाती, वालम खीरा, चीकू, आंवला की दो प्रजातियां हाथी झूल, रुद्राक्ष, चंदन सफेद व लाल, अमरुद 15 प्रजातियों के, पान का पौधा दो तरह के , हींग, बेर, लौंग, धूप का पेड़, अनानास व मुसम्मी इनकी वाटिका की शोभा बढ़ा रहे हैं।