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  • अब तक 5000 से ज्यादा मामले आ चुके हैं सामने संक्रमण के UP के इन जिलों में

    अब तक 5000 से ज्यादा मामले आ चुके हैं सामने संक्रमण के UP के इन जिलों में

    गौतमबुद्धनगर। यूपी में कोरोना संक्रमण का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि कुल 44,563 सक्रिय संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, कानपुर नगर, गाजियाबाद ये वो जिले है जहां अब तक कुल 5000 से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में आज कोरोना के 61 नए संक्रमित मरीज के मामले सामने आए। जिला सूचना अधिकारी राकेश चौहान द्वारा राज्य रिपोर्ट साझा की गई, जिसके अनुसार पिछले 24 घंटों में 61 नए संक्रमित मरीज के मामले सामने आए तो वहीं आज 71 मरीज स्वस्थ भी हुये। जिसके बाद अब तक जिले में अब तक कुल 4857 मरीज डिस्चार्ज किये गए हैं। 906 मरीजों का इलाज जिले के अलग अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

    नोएडा से सटे गाजियाबाद जिले की बात करें तो आज 97 नये संक्रमित मरीज के मामले सामने आए हैं। वहीं आज 89 मरीज स्वस्थ भी हुये। जिसके बाद अब तक जिले में कुल 4564 मरीज डिस्चार्ज किये गए। 1038 मरीजों का इलाज जिले के कोविड अस्पतालों में चल रहा है।

    लखनऊ में कोरोना वायरस ने अपना सबसे ज्यादा असर किया है। लखनऊ में आज 707 नये कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले सामने आए हैं। वहीं आज 216 मरीज स्वस्थ भी हुये। जिसके बाद अब तक जिले में कुल 6090 मरीज डिस्चार्ज किये गए हैं। साथ ही आज कोरोना संक्रमण से 13 मृत्यु हुई। जिसके बाद लखनऊ में अब तक कुल 138 मरीजों की मृत्यु कोरोना संक्रमण से हो चुकीं है। 5284 मरीजों का इलाज जिले के कोविड अस्पतालों में चल रहा है।

    इसके बाद कानपुर नगर में आज 393 नये कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले सामने आए हैं। वहीं आज 250 मरीज स्वस्थ भी हुये। जिसके बाद अब तक जिले में कुल 2898 मरीज डिस्चार्ज किये गए हैं। साथ ही आज कोरोना संक्रमण से 9 मृत्यु हुई। जिसके बाद कानपुर में अब तक कुल 253 मरीजों की मृत्यु कोरोना संक्रमण से हो चुकीं है। 4584 मरीजों का इलाज जिले के कोविड अस्पतालों में चल रहा है।

    लखनऊ में 11525 मामले, कानपुर नगर में 7744 , गौतमबुद्धनगर में 5806, गाजियाबाद में 5666 मामले है। उत्तप्रदेश के ये वो जिले है जहां अब तक 5000 से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुकें हैं।

  • सीएम योगी ने कहा- नए भारत की आधारशिला रखने का अवसर है पांच अगस्त को…

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    अयोध्या । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के साथ-साथ देश और दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जब प्रधानमंत्री अयोध्या में लगभग 500 वर्षो की परीक्षा के परिणाम के साथ भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण है। एक नए भारत की आधारशिला भी रखने का अवसर है।”

    मुख्यमंत्री योगी सोमवार को अयोध्या में पांच अगस्त को होने वाले राममंदिर भूमि पूजन की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “पांच अगस्त का दिन हमारे लिए गौरवशाली व ऐतिहासिक है। इसके महत्व को समझते हुए, यहां अयोध्या में कार्यो का अवलोकन करने के लिए मैं स्वयं आया हूं। कार्यक्रम रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का है। उसमें बाहर की व्यवस्था और सुरक्षा देखने आया हूं।”

    योगी ने कहा, “यहां पर हम आज बाहर की व्यवस्था आदि देखने तथा निरीक्षण करने के लिए हम यहां आए हैं। यहां पर कहीं भी कोई कोताही न बरती जाए, हम लोगों ने इसके लिए पूरी तत्परता के साथ तैयारी की है। प्रशासन का मुख्य फोकस कोविड-19 के प्रोटोकॉल को मजबूती से लागू करने पर है। प्रशासन ने इस बात का पूरा ख्याल रखा है।”

    उन्होंने कहा, “अयोध्यापुरी में हो रहे आयोजन में केवल आमंत्रित ही आएं। वैसे, हर भारतीय चाहता होगा कि वह इस क्षण का साक्षी बने। 135 करोड़ लोगों की आकांक्षा के प्रतीक प्रधानमंत्री स्वयं हैं। ट्रस्ट ने जो व्यवस्था बनाई है, उसका पालन किया जाएगा। जो अमंत्रित हैं, उनके लिए व्यवस्था की जा रही है। शेष सभी लोग घर और आश्रमों में रहें। सभी लोग इस दिन मंदिरों में दीप जलाएं। रामायण का अखंड पाठ करें। उन लोगों का स्मरण करें, जिन्होंने मंदिर के लिए बलिदान दिया है। उन सभी को श्रद्धांजलि दें। इससे बढ़कर कोई दूसरा कार्य नहींे। कोविड-19 के बाद देश-प्रदेश के लिए एक व्यवस्थित कार्यक्रम करेंगे। मार्यादा का पालन करते हुए इस कार्यक्रम से जुडें़।”

    इससे पहले, उन्होंने अयोध्या का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के बाद वह साकेत डिग्री कॉलेज में बने हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर से उतरे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोंडा में बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए दोपहर में धर्मनगरी अयोध्या पहुंचे। इससे पहले उनको रविवार को ही अयोध्या जाना था, लेकिन मंत्री कमलरानी वरुण के निधन के कारण उनका दौरा रद्द हो गया था।

  • जिलाधिकारी ने मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण कर दिये आवश्यक निर्देश

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर। जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने कोविड-19 के संक्रमण में हो रही उत्तरोत्तर वृद्धि के दृष्टिगत जिला चिकित्सालय सुलतानपुर के समीप गणपति एवं वैशाली मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण कर कोविड-19 प्रोटोकाल के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि किसी भी व्यक्ति को मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सा पर्ची के पैरासीटामाल, लीवोसेट्राजिन, डीहाईड्रोक्लोराइड आदि दवायें न दी जाय और यदि किसी भी व्यक्ति को ऐसी दवायें बेची जाती है, तो पंजिका में प्रतिदिन चिकित्सा पर्ची का सम्पूर्ण विवरण अंकित किया जाय।उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं ड्रग इंस्पेक्टर्स को निर्देशित किया है कि प्रतिदिन मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर अनुपालन सुनिश्चित करायें। उन्होंने अवगत कराया है कि जिला प्रशासन द्वारा इसके पूर्व भी इस प्रकार के निर्देश दिये जा चुके हैं अतः अब उल्लंघन की दशा में सम्बन्धित के प्रति विधिक कार्यवाही भी की जायेगी। निरीक्षण के समय उप जिलाधिकारी सदर रामजीलाल आदि उपस्थित रहे।

  • पिता ने पुत्र को कुल्हाड़ी से काटकर उतार दिया मौत के घाट, किस बात पर आया इतना गुस्सा

    बांदा, जेएनएन। तिंदवारी के भैरमपुरवा गांव में बुधवार की दोपहर अचानक उस समय सनसनी फैल गई है जब शांत माहौल में अचानक गुस्साए एक पिता ने कुल्हाड़ी से छोटे बेटे काे काटकर मौत के घाट उतार दिया। घटना की जानकारी होते ही गांव वालों में सनसनी फैल गई। वहीं दादी ने पुलिस को सूचना देकर बुलाया और बेटो को पौत्री की हत्या करने में कुल्हाड़ी समेत गिरफ्तार करा दिया। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।पिता ने पुत्र को कुल्हाड़ी से काटकर उतार दिया मौत के घाट, किस बात पर आया इतना गुस्सा

    तिंदवारी थाना क्षेत्र के ग्राम बेंदा घाट के मजरा भैरमपुरवा में बुधवार दोपहर गोपाल सिंह घर के बाहर बैठे थे और अंदर छोटा बेटा अनिल अपने कपड़े धुल रहा था। अचानक घरेलू बातों को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद शुरू हो गया। कुछ देर बाद दोनों एक दूसरे को गाली देने के साथ हाथापाई करने लगे। गोपाल ने घर के बाहर से अनिल को लाठी फेंक कर मारी, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गुस्से में आए गोपाल ने कुल्हाड़ी से अनिल के सिर व गर्दन समेत शरीर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात की जानकारी होते ही ग्रामीणों की भीड़ लग गई।

    सूचना पर सीओ सदर राघवेंद्र सिंह, तिंदवारी थाना प्रभारी नीरज सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और वृद्ध दादी सोनाबाई से पूछताछ की। उनके कथन के बाद पुलिस ने गाेपाल सिंह को गिरफ्तार करके कुल्हाड़ी बरामद कर ली। पुलिस ने सोनाबाई की तहरीर के आधार पर गोपाल सिंह के विरुद्ध हत्या का मुकदमा थाने में दर्ज किया है। अनिल दो भाइयों में सबसे छोटा था और गांव में रहकर कृषि कार्य करता रहा है। उसका बड़ा भाई विजय सिंह जयपुर में रहता है। सीओ ने बताया कि बड़े भाई को घटना की सूचना फोन पर दी गई है, फारेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल की जांच कराई गई है।

  • कारोबारी के घर से लाखों की चोरी, अलमारी से निकाल ले गए नकदी व जेवरात

    कानपुर शहर में चोरों का गिरोह फिर सक्रिय हो गया है, जो बड़े घरों को निशाना बनाकर माल पार कर रहा है। एक दिन पहले कल्याणपुर में आर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारी के घर से 22 लाख की चोरी के दूसरे दिन शातिरों ने गोविंद नगर के रतनलाल नगर में कारोबारी के घर से लाखों रुपये के जेवरात पार कर दिए। चोरों ने घटना को अंजाम देने के बाद हर कमरे और मेन गेट में बाहर से कुंडी लगा दी। सुबह स्वजन जागे तो मामले की जानकारी हुई और पुलिस को मामले की सूचना दी। रत्नलालनगर चौकी पुलिस ने पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो चोर कैद हुए हैं। परिवार ने गुरुवार को निकाले गए नौबस्ता के कर्मचारी पर शक जताया है।

     

     

     

    कारोबारी के घर से लाखों की चोरी, अलमारी से निकाल ले गए नकदी व जेवरात
    बेटे का ऑपरेशन होने से घर में केवल थीं महिलाए सीसीटीवी में कैद हुए दो चोर।

    बेडरूम की खिड़की के रास्ते दाखिल हुए चोर

    रतनलाल नगर निवासी श्याम नारायण तिवारी के परिवार में पत्नी स्नेहलता, चार बेटे शोभित, सचिन, सौरभ और गौरव हैं। श्यामनारायण के अनुसार दादानगर में लक्ष्मी इंडस्ट्रियल के नाम से फैक्ट्री है, जिसे सचिन देखता है। घर पर स्वीट हाउस है, जिसे शोभित और सौरभ देखते हैं, जबकि दूध डेयरी को वह खुद संभालते हैं। शोभित का गुरुवार रात पथरी का ऑपरेशन हुआ है। रात में श्याम नारायण अन्य बेटों के साथ हॉस्पिटल में थे। घर पर स्नेहलता और शोभित की पत्नी प्रियंका थीं। प्रियंका ने बताया कि बगल के मकान की छत के रास्ते चोर बेडरूम की खिड़की के रास्ते कमरे में दाखिल हुए।कारोबारी के घर से लाखों की चोरी, अलमारी से निकाल ले गए नकदी व जेवरात

    शातिरों ने अलमारी से तीन सौ ग्राम सोने के जेवरात व करीब चार लाख की चांदी पार कर दी। प्रियंका ने बताया कि सुबह जब वह उठीं तो कमरे का दरवाजा बंद था। उन्होंने सास स्नेहलता और घर पर रहने वाले कर्मचारी सतेंद्र उर्फ बड़कऊ को आवाज लगाई। प्रियंका ने दरवाजे के बगल की खिड़की से झांककर देखा तो अलमारी खुली मिली। इस पर वह शोर मचाते हुए दूसरी खिड़की से बाहर आईं। सीसीटीवी में शातिरों की फुटेज मिली है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

  • लखनऊ पहुंचे संघप्रमुख अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम के लिये

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    लखनऊ । अयोध्या में पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन तथा कार्यारम्भ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को लखनऊ पहुंच गए हैं। संघ सूत्रों ने बताया कि वह सुबह राजधानी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पहुंचे। यहां वह संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे और दोपहर तक सड़क मार्ग से अयोध्या के लिए रवाना हो जाएंगे।

    लखनऊ से अयोध्या संघ के कौन-कौन प्रमुख पदाधिकारी जाएंगे, इसे लेकर सोमवार देर शाम संघ कार्यालय भारती भवन में बैठक हुई।

    कोरोनावायरस के चलते पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह भी अयोध्या नहीं जाएंगे।

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण और स्वास्थ्य कारणों से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भूमि पूजन के कार्यक्रम में नहीं शामिल होंगे।

    वहीं, संघ प्रमुख मोहन भागवत सरकार्यवाहक भइया जी जोशी समेत संघ के प्रचारक अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती को पांच अगस्त को रामनगरी अयोध्या में भूमि पूजन में शामिल होने का निमंत्रण मिल गया है। इसके बाद भी मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भूमि पूजन में शामिल नहीं होंगी।

    उमा भारती भूमि पूजन के समय अयोध्या में सरयू नदी के तट पर रहेंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ट्विटर पर अपनी योजना साझा की। वह भूमि पूजन के दौरान सरयू तट पर रहेंगी। उन्होंने कहा इसकी सूचना उन्होंने अयोध्या में रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ अधिकारी और पीएमओ को दे दी है कि नरेंद्र मोदी के शिलान्यास कार्यक्रम के समय उपस्थित समूह के सूची में से मेरा नाम अलग कर दें।

  • कुशीनगर में गुंडई की हद:पडरौना में हरका चौराहे पर मोबाइल दुकानदार से हो रही मारपीट में बीच-बचाव करने गए शख्स पर मनबढ़ों ने कड़ाही का खौलता तेल फेंका

    कुशीनगर में गुंडई की हद:पडरौना में हरका चौराहे पर मोबाइल दुकानदार से हो रही मारपीट में बीच-बचाव करने गए शख्स पर मनबढ़ों ने कड़ाही का खौलता तेल फेंका
    उपेंद्र कुशवाहा
    कुशीनगर : जिले के कोतवाली पडरौना के हरका चौराहे पर मोबाइल दुकानदार से हो रही मारपीट में बीच-बचाव करने गए चाट दुकानदार पर मनबढ़ों ने कड़ाही का खौलता तेल फेंक दिया। तेल फेंकने के बाद दुकानदार और उसके भाई को जमकर पीटा भी। दोनों गम्‍भीर रूप से घायल हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। गम्‍भीर रूप से घायल चाट दुकानदार को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां से डॉक्‍टरों ने उसे गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
    कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के कठकुइयां बाजार निवासी दीनानाथ चौहान का बेटा कृष्णा चौहान पडरौना कोतवाली क्षेत्र के पडरौना-कुबेर स्थान रोड पर स्थित हरका चौराहे पर मोबाइल की दुकान चलाता है। उसी दुकान के सामने कृष्णा के चाचा मोहन चौहान के पुत्र विशाल और धीरज ठेले पर चाट-बर्गर की दुकान चलाते हैं। गुरुवार की देर शाम चौराहे के बगल के गांव के रहने वाले कुछ मनबढ़ कृष्णा के मोबाइल की दुकान पर पहुंचे और डाटा केबल का दाम पूछने लगे। कृष्णा ने डाटा केबल का दाम सौ रुपये बताया तो मनबढ़ जबरिया उससे 60 रुपये में देने की बात कहने लगे। इस पर मनबढ़ों से मोबाइल दुकानदार का विवाद होने लगा।
    मामला हाथापाई तक पहुंचा तो सामने ठेले पर दुकान चलाने वाले सगे भाई विशाल और धीरज बीच बचाव करने लगे। इस पर मनबढ़ उग्र हो गए और मोबाइल दुकान के साथ ही इन दोनों सगे भाइयों पर भी टूट पड़े। मारपीट के दौरान ही मनबढ़ों ने चॉट की दुकान में कड़ाही में खौलता तेल विशाल के उपर फेंक दिया। घटना की जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच मोर्चा संभाला तब जाकर मनबढ़ वहां से फरार हुए।

  • विकास दुबे बोला था…पुलिस के भेष में बदमाश आ रहे, तैयार हो जाओ, मनु और गोपाल ने सुनाई उस रात की कहानी

    कानपुर के बिकरू गांव में मनु पांडेय और गोपाल सैनी ने एक बार फिर कत्ल की रात कहानी फिर दोहराई। मनु ने डीआईजी के सामने सीओ देवेंद्र मिश्रा की निर्मम हत्या से लेकर अन्य पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने और साजिश रचे जाने तक का पूरा घटनाक्रम बताया।

    उधर जेल में बंद गोपाल सैनी ने पुलिस को बयान दर्ज कराए जिसमें उसने पूरी वारदात कबूली। कहा कि वारदात वाली रात विकास ने कहा था कि पुलिस के भेष में बदमाश गांव में हमला करने आ रहे हैं, तैयार हो जाओ। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह कानपुर एसएसपी पद की जिम्मेदारी संभालने के नौ दिन बाद बिकरू गांव पहुंचे।
    उन्होंने विकास के घर का निरीक्षण किया और फिर उस जगह पर पहुंचे जहां पर चार पुलिसकर्मियों के शव पड़े मिले थे। इसके बाद वह एनकाउंटर में मारे गए प्रेम प्रकाश पांडेय के घर पहुंचे। यहीं पर सीओ देवेंद्र मिश्र मारे गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रेम प्रकाश की बहू मनु पांडेय से विस्तार से पूछताछ की।

    दरवाजे पर भी दो पुलिसकर्मियों को मार दिया था। वायरल कॉल रिकॉर्डिंग के बारे में मनु ने बताया कि वो उसी की हैं। उस रात विकास के कहने पर ही उसने ससुर को फोन कर बुलाया था। वारदात के बाद उसने रिश्तेदारों को कॉल की थी। उधर, बिकरू कांड में गांव निवासी गोपाल सैनी नामजद आरोपी है। पांच दिन पहले वो माती कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया था।

    डीआईजी ने बताया कि जेल में विवेचक ने उसके बयान दर्ज किए। उसने बताया कि दो जुलाई की रात विकास ने कहा था कि पुलिस के भेष में बदमाश गांव में हमला करने वाले हैं। सभी तैयार हो जाएं। इसके बाद गोपाल ने विकास के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों पर गोलियां दागी थीं। डीआईजी ने बताया कि गोपाल को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी जा चुकी है। मंजूरी मिलते ही उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।
    बिकरु गांव में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में सोमवार को एसएसपी कानपुर नगर प्रीतिंदर सिंह पहुंचे। उन्होंने कुख्यात विकास दुबे की कोठी और वारदात स्थल का बारीकी से मुआयना किया। चौबेपुर एसओ से पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने वारदात में शामिल फरार अन्य अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की बात कही।

     

  • शुरू से अयोध्या बनी रही सियासत की नींव…

    शुरू से अयोध्या बनी रही सियासत की नींव…

    लखनऊ। राम मंदिर के लिए पांच अगस्त को भूमि पूजन के दौरान प्रधानमंत्री ने मंच से भले ही राजनीतिक बातें नहीं कीं, लेकिन राम के बहाने उन्होंने बड़ा संदेश दिया। वैसे भी राम नगरी अयोध्या पहले से ही सियासत की नींव रही है। अब जब नींव पूजन के बाद वहां मंदिर निर्माण शुरू होने जा रहा है तो उसका सियासी असर उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में पड़ना स्वाभाविक है।

    भाजपा के चुनावी एजेंडे में कई दशकों तक मंदिर मुद्दा रहा है। इसे लेकर गाहे-बगाहे विपक्ष से उसको तगड़े कटाक्ष भी झेलने पड़े हैं। इस तरह अयोध्या का राम मंदिर आस्था और श्रद्घा के अलावा वोटों की राजनीति के लिए भी खूब जाना गया।

    भाजपा ने जब-जब इस मुद्दे को उठाया तब-तब उसका ग्राफ बढ़ता रहा है। भले ही भाजपा आज यह कहे कि उसके लिए मंदिर मुद्दा देश के करोड़ों लोगों की आस्था और अस्मिता से जुड़ा है, लेकिन सच यही है कि भाजपा ने इसका चुनावी लाभ लिया और आगे भी लेना चाहेगी।

    उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव 2022 में हैं। तब तक मंदिर का निर्माण कार्य काफी प्रगति पर रहेगा। ऐसे में भाजपा एक बार फिर इसके सहारे चुनावी वैतरिणी पार करने का प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री मोदी भी भूमि पूजन के मंच से बहुत सारे इशारे दे गए हैं। कोरोना संकट में भी जिस प्रकार से यह इवेंट अच्छी तरह से आयोजित किया गया और राम उत्सव के बहाने लोगों से घरों और देवालयों में दीपदान कराये गए, वे निश्चित ही आने वाले चुनावों के संदेश थे।

    वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि अयोध्या सियासत में शुरू से रही है। आजादी के बाद आचार्य नरेन्द्र देव समेत कई समाजवादी विचारधारा के लोग कांग्रेस से अलग हो गये थे। आचार्य नरेन्द्र देव ने फैजाबाद की विधानसभा सीट से इस्तीफा भी दे दिया था। वर्ष 1948 में जब उपचुनाव हुआ तो वह सोशलिस्ट पार्टी से चुनाव मैदान में उतरे और कांग्रेस ने उनके खिलाफ पूवार्ंचल के संत बाबा राघव दास को उतारा। इस उपचुनाव में कांग्रेस ने जमकर हिन्दू कार्ड खेला और उस समय लगे पोस्टरों में बाबा राघव दास को राम और अचार्य नरेन्द्र देव को रावण की भूमिका में दिखाया गया। राम के नाम पर बाबा राघव दास यह चुनाव जीत गये थे।

    उनका कहना है कि इस जीत के बाद 1949 में विवादित ढांचे में रामलला प्रकट हुए। महंत रामचन्द्र दास, निर्वाणी आखाड़ा के बाबा अभिरामदास और हनुमान प्रसाद पोद्यार सहित कई लोगों ने कहा कि प्रकाश के साथ भगवान प्रकट हो गए हैं। प्रधानमंत्री नेहरू ने जिला प्रशासन से मूर्ति हटाने को कहा, लेकिन तत्कालीन डीएम केके नैय्यर ने मूर्ति नहीं हटायी बल्कि इस्तीफा दे दिया।

    इसके बाद नैय्यर चुनाव लड़े और जीते। उनकी पत्नी चार बार सांसद बनी। वर्ष 1986 में राजीव गांधी ने ताला खुलवा दिया। जब कांग्रेस बहुत आगे जाने लगी तो भाजपा इस मुद्दे की तरफ बड़ी तेजी से आगे बढ़ी। तभी से राम मंदिर भाजपा के ऐजेंडे में छाया रहा है। अब विपक्ष की देखें तो सपा और बसपा शांत है, लेकिन कांग्रेस इसे लेकर धड़े में बंटी है। ऐसे में अब यह अमृत भाजपा के हिस्से में आएगा। बाकी विष कोई नहीं पीना चाहेगा।

    वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि अयोध्या का राम मंदिर मुद्दा शुरू से ही सियासत का हिस्सा रहा है। वर्ष 1992 में जब विवादित ढांचा गिराया गया था। उस दौरान प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। हलांकि, 1993 के चुनाव में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था और प्रदेश में माया और मुलायम की सरकार आ गयी थी। फिर भी भाजपा ने यह मुद्दा छोड़ा नहीं। उसने शुरू से इसे अपने कोर एजेंडे में शामिल रखा। वर्तमान में पांच अगस्त को मोदी ने मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करके एक बड़ी लकीर खींच दी है। अब इसे मिटा पाना विपक्ष के लिए बड़ी टेढ़ी खीर होगी।

  • विकास दुबे केस की जांच अब 30 अगस्त को होगी, एसएसपी-सीओ के वायरल ऑडियो से हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

    अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी की अध्यक्षता में कानपुर कांड की जांच कर रही एसआईटी शहीद सीओ देवेन्द्र मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (देहात) के बीच कथित बातचीत के ऑडियो की भी जांच कराएगी। यह ऑडियो हाल ही में वायरल हुआ था। इसमें शहीद सीओ कहते सुने गए हैं कि थानाध्यक्ष चौबेपुर ने एक पूर्व एसएसपी को पांच लाख रुपये दे दिए।  यह एसएसपी डीआईजी होने के बाद कानपुर से हटा दिए गएविकास दुबे केस की जांच अब 30 अगस्त को होगी, एसएसपी-सीओ के वायरल ऑडियो से हो सकते हैं कई बड़े खुलासे थे।

    ऑडियो में हो रही बातचीत में भ्रष्टाचार का विषय होने के कारण एसआईटी ने इसका संज्ञान लिया है। अब पहले इसकी सत्यता की जांच कराई जाएगी। सही पाने पर इसमें सामने आए तथ्यों की जांच की जाएगी। आडियो में शहीद सीओ एसपी ग्रामीण से बातचीत कर रहे हैं। इसमें वह चौबेपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष विनय तिवारी का जिक्र कर रहे हैं। वह यह आरोप भी लगा रहे हैं कि एसओ ने पूर्व कप्तान को पांच लाख रुपये दिए गए थे। इसके अलावा वह यह अंदेशा भी जता रहे हैं कि एसओ ने विकास दुबे को दबिश की जानकारी दे दी होगी।

    जांच की समय सीमा 30 अगस्त तक बढ़ाई गई
    शासन ने एसआईटी को 31 जुलाई तक अपनी जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था, लेकिन जांच में समय लगने के कारण यह समय सीमा 30 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। एसआईटी ने पिछले दिनों कानपुर, लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से विकास दुबे के अलावा उसके परिवार, करीबी रिश्तेदारों और गैंग के सदस्यों को मिला कर कुल 57 लोगों के नाम खरीदे गए मकान, फ्लैट या भूखंडों के संबंध में जानकारी मांगी थी। यह जानकारी भी अभी तक नहीं मिल पाई है।