Category: uttar-pradesh

  • योगी पर साधा प्रियंका ने निशाना, कहा, यूपी में जंगलराज

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    नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि अपहरण राज्य में एक फलता-फूलता उद्योग बन गया है और लोग भय के साये में जी रहे हैं। उन्होंने लिखा, “मैंने आपको इससे पहले राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पत्र लिखा था। और अब दिनदहाड़े अपराध की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।”

    उन्होंने आगे कहा कि लोगों के अनुसार राज्य में अपहरण अब उद्योग बन गया है और हत्या रोज का काम। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में दुष्कर्म की घटनाओं पर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।

    उन्होंने कहा, “इस तरह की चीजें सामने आ रही हैं क्योंकि अपराधियों में कानून-प्रशासन के प्रति भय नहीं रहा।”

    प्रियंका गांधी ने इसके साथ ही संभल जिले में राम अवतार शर्मा की हत्या की घटना पर प्रकाश डाला। शर्मा की घर वापस आते वक्त बाइक पर सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और उनके एक लाख रुपये लेकर भाग गए थे।

    उन्होंने कहा, “मैं राम अवतार शर्मा की हत्या में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार करने और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग करती हूं। व्यापारी अब भय के माहौल में रहने के लिए मजबूर हैं।”

    इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “यूपी में जंगलराज। अपराध और कोरोना दोनों राज्य में बेलगाम हो गए हैं।”

    उन्होंने कहा, “धर्मेद्र चौधरी का आठ दिन पहले बुलंदशहर से अपहरण किया गया था और शुक्रवार को उनका शव बरामद हुआ।”

    प्रियंका ने कहा, “कानपुर, गोरखपुर, बुलंदशहर-सभी मामलों में कानून-व्यवस्था फेल हो गई है। कितने समय तक यह सरकार सोती रहेगी?”

  • नहीं रहेगा रक्षाबंधन के कारण आज लॉकडाउन

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    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार रक्षाबंधन के पर्व के दृष्टिगत प्रदेश में रविवार 02 अगस्त को राखी तथा मिठाई की दुकानें खुली रहेंगी। रक्षा बन्धन के पर्व पर उ0प्र0 परिवहन निगम की समस्त श्रेणी की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी।

    गौरतलब है की उत्तर प्रदेश में अब तक पूरी तरह ठीक होकर डिस्चार्ज लोगों की संख्या 51,354 हो गई है। प्रदेश में संक्रमित लोगों में से कुल 1,677 लोगों की मृत्यु हुई है।

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  • बहनें बाधेंगी राखी संक्रमित भाइयों को भी

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    गौतमबुद्धनगर (नोएडा) । देशभर में भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन 3 अगस्त को मनाया जाएगा। लेकिन इस बार रक्षाबंधन का त्योहार कोरोना के कारण बिल्कुल अलग रहेगा। फिर भी भाई-बहन दूर नहीं रहेंगे। यहां के शारदा अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रक्षाबंधन पर एक खास इंतजाम किया गया है। अस्पताल में करीब 95 कोरोना संक्रमित मरीज हैं, जिनमें करीब 30 महिला मरीज और 60 पुरुष मरीज हैं।

    शारदा अस्पताल के प्रशासन ने रक्षाबंधन के दिन इन सभी मरीजों को हर साल की तरह इस साल भी अपने भाई बहनों के साथ त्योहार मनाने का मौका दिलाएगा। अस्पताल प्रशासन बहनों द्वारा भेजी जाने वाली राखियों को संक्रमितों तक पहुंचाएंगे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए बात भी कराई जाएगी।

    शारदा अस्पताल की किचन में डाइटीशियन की देखरेख में मिठाइयां बनवाई जा रही हैं। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए एक कमरा भी तैयार किया गया है। इसमें एक स्क्रीन लगाई गई है, जिसके जरिये मरीज अपने भाई-बहनों से बात भी कर सकेंगे। अस्पताल प्रशासन ने 80 राखियों का इंतजाम किया है।

    हालांकि अस्पताल प्रशासन की तरफ से सभी डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ भी संक्रमित मरीजों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाएंगे, वहीं महिला मरीजों से राखी बन्धवाएंगे और फिर स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा महिला मरीज को गिफ्ट भी दिया जाएगा।

    अगर किसी की बहन या भाई अपनी तरफ से राखी बांधना या बंधवाना चाहते हैं तो अस्पताल प्रशासन उनसे राखी लेकर उनके भाई-बहनों को दे देगा।

    शारदा अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. अजीत कुमार ने बताया, “रक्षाबंधन पर राखी संक्रमितों तक पहुंचाने का इंतजाम किया गया है। अगर कोई राखी भेजेगा तो उसे मरीज तक पहुंचाया जाएगा। संक्रमित के चाहने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बहन से बात भी कराई जाएगी।”

  • CM योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे देवीपाटन मंदिर से मिट्टी लेकर

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    अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन के साथ आधारशिला रखने की उलटी गिनती शुरु हो गई है। इसका पूजन कार्यक्रम आज यानी सोमवार से शुरु हो गया है। भूमि पूजन कार्यक्रम को वाराणसी के साथ प्रयागराज व अयोध्या के पंडित करा रहे हैं। यह पूजन कार्यक्रम पांच अगस्त तक चलेगा। मंदिर के भूमि पूजन का काम शुरू हो गया है। इससे पहले पंडित कल्किराम ने रामलला के अर्चक को पोशाक के चार सेट के साथ ध्वजा भी सौंपे हैं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिन में श्रावस्ती का हवाई निरीक्षण करते हुए बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर पहुंचेंगे। वहां से वह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर कर नींव में डालने के लिए मिट्टी लेंगे। वहां से गोंडा में बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए दोपहर धर्म नगरी अयोध्या पहुचेंगे। उनका करीब डेढ़ बजे तक अयोध्या पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ करीब पांच बजे तक आयोध्या में रहेंगे। वह करीब तीन बजे श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। अयोध्या में पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन को लेकर वहां पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। इससे पहले उनको रविवार को ही अयोध्या जाना था, लेकिन मंत्री कमल रानी वरुण के निधन के कारण उनका दौरा रद हो गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज एक बार फिर समारोह की तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां पर करीब चार घंटे रहेंगे। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई को अयोध्या का दौरा किया था।

    21 पुरोहितों ने अनुष्ठान की शुरुआत की

    श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या की पांच अगस्त को राम मंदिर की आधारशिला रखी जानी है। इस क्षण को उत्सव के रूप में मनाने के लिए अयोध्या में भव्य तैयारी की गई है। तीन दिन तक चलने वाला श्रीराम मंदिर भूमि पूजन का अनुष्ठान आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है। गौरी गणेश पूजन के साथ श्री राम जन्मभूमि में अनुष्ठान आज से शुरू हो गया है। सोमवार से 21 पुरोहितों ने यहां पर गौरी गणेश का आह्वान कर राम मंदिर भूमि पूजन के अनुष्ठान की शुरुआत कर दी है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को जब राम मंदिर की आधारशिला रख रहे होंगे, तब रामलला पंडित कल्किराम की ओर से भेंट की गयी पोशाक धारण किये होंगे। पंडित कल्किराम ने रामलला के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास को रामलला के लिए चार सेट पोशाक सौंपी। रामलला इसमें से सफेद पोशाक सोमवार को, लाल पोशाक मंगलवार को तथा नव रत्नों से युक्त हरी पोशाक बुधवार को ऐन भूमिपूजन के दिन तथा पीली पोशाक गुरुवार को धारण करेंगे। पोशाक के प्रत्येक सेट के साथ रामलला सहित भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, हनुमान जी एवं लड्डूगोपाल के विग्रह की पोशाक, आगे एवं पीछे का पर्दा तथा बिछावन शामिल है। पोशाक के साथ धर्मध्वज एवं विजय पताका के भी सात सेट दिये।

    कल्किराम दो वर्ष से रामलला को पोशाक अर्पित कर रहे हैं। पंडित कल्किराम, रामलला, प्रधानमंत्री और मुख्य अर्चक के बीच रोचक समीकरण है। जनवरी 2014 में नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री भी नहीं हुए थे, तब पं. कल्किराम ने उनकी सफलता के लिए सतत अनुष्ठान किया। प्रत्येक अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर रामलला के लिए मुख्य अर्चक को ध्वज सौंपते रहे हैं। रामादल के अध्यक्ष पं. कल्किराम पीएम मोदी के लिए छह वर्षों से अनुष्ठान करते आ रहे हैं। कल्किराम ने भूमिपूजन और प्रधानमंत्री के आगमन के ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए अयोध्या के सभी शिवालयों और सरयू के घाटों को देशी घी के दीपों से सज्जित करने की तैयारी भी कर रखी है।

    प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए तैयार है राम की नगरी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या दौरे का काउंटडाउन शुरू हो गया है। एसपीजी की टीम शुक्रवार की शाम अयोध्या पहुंच गई थी। एसएसपी और आईजी ने कार्यक्रम स्थल राम जन्मभूमि परिसर का निरीक्षण किया। सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए एसपीजी और लोकल पुलिस के बीच समन्वय बनाने के लिए अधिकारियों की बैठक हो रही है। सुरक्षा को लेकर मंगलवार से अयोध्या को सील कर दिया जाएगा।

    दीपावली की भी तैयारी

    राममंदिर के भूमि पूजन के मद्देनजर अयोध्या में दीपावली मनाने के लिए रामनगरी में चार व पांच अगस्त को दीप प्रज्वलन कार्यक्रम प्रस्तावित है। पांच अगस्त को राममंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिरकत करेंगे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव के अनुसार दीप प्रज्वलन व लाइङ्क्षटग की तैयारी पूरी हो चुकी है। दीपावली मनाने के लिए पर्यटन विभाग की तरफ से मिट्टी की दीये, सरसो का तेल आदि की आपूर्ति शुरू है। लाइटिंग कार्य शुरू हो गया है।

    हाईवे पुल, रेल पुल व नयाघाट पुल रंग-बिरंगी लाइटिंग से सजाया जा रहा है। ट्रेन व हाईव से गुजरने वालों को भूमि पूजन के उपलक्ष्य में रामनगरी के दीपावली मनाने का अहसास कराना है। दीप प्रज्वलन के लिए रामनगरी में करीब 30 स्थानों को चिह्नित किए गए है। करीब 135 टीन सरसों का तेल, करीब दो लाख रुई की बत्ती, एक लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये के अलावा सात हजार से ज्यादा मोमबत्ती के पैकट का वितरण शुरू है। रामनगरी में राममंदिर निर्माण के भूमि पूजन के उल्लास में दीपावली जैसे माहौल की तैयारी है।

    आज चार घंटा गहन समीक्षा करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ

    सीएम योगी आदित्यनाथ आज दिन में करीब एक बजे अयोध्या पहुंचेंगे। वह शाम पांच बजे तक यहां पर पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन तथा शिलान्यास की हर तैयारी परखेंगे। वह भूमि पूजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लेंगे। इसके साथ ही वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास से भी मिलेंगे।

  • कुशीनगर के पडरौना में अब सशर्त खुलेंगी सभी दुकानें,गाइडलाइन का पूर्णत: पालन करना होगा – एडीएम

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    उपेंद्र कुशवाहा

    कुशीनगर। शहर में 14 दिनों का लॉकडाउन समाप्त हो चुका है। सोमवार से सभी दुकानें खुलेंगी, लेकिन कोविड-19 से बचाव के लिए शासन की तरफ से निर्धारित गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। शनिवार व रविवार को प्रदेश सरकार की तरफ से जारी लॉकडाउन यथावत रहेगा।

    इसकी जानकारी एडीएम विंध्यवासिनी राय ने दी। उन्होंने बताया कि पडरौना शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए 14 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया गया था। उसकी समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है। जिस प्रकार पूरे प्रदेश में सप्ताह में शनिवार और रविवार को छोड़कर बाकी दिनों में दुकानें और बाजार खुल रहा है, उसी तरह पडरौना शहर में भी खुलेगा।

    हालांकि इस दरम्यान मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। शासन की तरफ से अनलॉक-3 के लिए निर्धारित गाइडलाइन का पडरौना शहर में भी पूर्णत: पालन करना होगा। जिन मोहल्लों में कोरोना के संक्रमित मरीज मिलते हैं तो वह क्षेत्र बंद रहेगा।

  • सीएम योगी आज जाएंगे अयोध्या भूमि पूजन की तैयारियां परखने

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांच अगस्त को श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अब सोमवार को अयोध्या का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन से पूर्व सीएम योगी तीन अगस्त की सुबह तैयारियों का जायजा और स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचेंगे। बता दें कि रविवार को ही सीएम योगी का अयोध्या जाने का कार्यक्रम था, लेकिन प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी वरुण के निधन की सूचना के बाद उन्होंने अपना दौरा स्थगित कर दिया था।

    श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को अयोध्या पहुंच रहे हैं। उनके साथ सरसंघचालक मोहन भागवत सहित देश के कई दिग्गज होंगे। इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन की तैयारियों में कई दिन से प्रदेश सरकार जुटी हुई है। अधिकारियों का लगातार दौरा चल रहा है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां समीक्षा बैठकें करने के साथ ही पिछले दिनों अयोध्या जाकर व्यवस्थाओं के संबंध में दिशा-निर्देश दे चुके हैं। रविवार को मुख्यमंत्री के अयोध्या जाने का कार्यक्रम था, लेकिन प्रदेश की प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी वरुण के निधन की सूचना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना दौरा स्थगित कर दिया था।

    मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार सीएम योगी सुबह टीम-11 के साथ कोरोना महामारी की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे। उसके बाद करीब एक बजे अयोध्या के लिए रवाना होंगे। वहां वह भूमि पूजन की तैयारियों के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लेंगे। वह व्यवस्थाओं को फाइनल टच देने जा रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी सहित वरिष्ठ अधिकारी वहां जाकर व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं।

    सीएम योगी अयोध्या में एक से शाम पांच बजे तक रहेंगे : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अयोध्या पहुंचेंगे। दोपहर एक से शाम पांच बजे तक वहां का दौरा कर पांच अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहे भूमिपूजन की तैयारियों को अंतिम रूप से परखेंगे। दोपहर तीन बजे राम जन्मभूमि का निरीक्षण कर राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लेंगे।

  • हनुमान गढ़ी मंदिर में भूमिपूजन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूजा-अर्चना करेंगे

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    अयोध्या| भगवान हनुमान को अयोध्या और राम भक्तों का रक्षक कहा जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब बुधवार को ‘भूमिपूजन’ के लिए अयोध्या आएंगे, तो सबसे पहले हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। हनुमान गढ़ी मंदिर के मुख्य पुजारी महंत राजू दास के अनुसार, ” ‘भूमिपूजन’ के लिए जाने से पहले प्रधानमंत्री हनुमान गढ़ी मंदिर में लगभग सात मिनट तक पूजा-अर्चना करेंगे। उनके लिए यहां एक विशेष पूजा की व्यवस्था की गई है। ‘भूमिपूजन’ अनुष्ठान वास्तव में 4 अगस्त से हनुमान गढ़ी में शुरू होगा। ऐसा माना जाता है कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले, भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करनी चाहिए और रक्षा का आशीर्वाद मांगना चाहिए।”

    बुधवार को ‘भूमिपूजन’ होने के साथ लगभग 166 साल पुराना विवाद खत्म हो जाएगा।

    मंदिर पर विवाद 1853 में शुरू हुआ था। मस्जिद के निर्माण के बाद, हिंदुओं ने आरोप लगाया कि मस्जिद का निर्माण जिस स्थान पर हुआ है, वह पहले भगवान राम का मंदिर था, जिसे मस्जिद के निर्माण के लिए ढहा दिया गया था।

    1885 में, यह मामला पहली बार अदालत में पहुंचा जब महंत रघुबर दास ने बाबरी मस्जिद से सटे राम मंदिर बनाने की अनुमति के लिए फैजाबाद अदालत में अपील दायर की।

    ब्रिटिश सरकार ने 1859 में विवादित भूमि के अंदरूनी और बाहरी परिसर में मुसलमानों और हिंदुओं को अलग-अलग प्रार्थनाओं की अनुमति देने के लिए एक तार की बाड़ लगाई।

    23 दिसंबर, 1949 को इस केंद्रीय स्थल पर भगवान राम की एक मूर्ति रखी गई थी। इसके बाद, हिंदुओं ने नियमित रूप से उस स्थान पर पूजा करना शुरू कर दिया, जबकि मुसलमानों ने वहां नमाज अदा करना बंद कर दिया।

    16 जनवरी 1950 को गोपाल सिंह विशारद ने फैजाबाद अदालत में अपील दायर की, जिसमें राम लला की पूजा करने की विशेष अनुमति मांगी गई।

    कुछ महीने बाद, 5 दिसंबर 1950 को, महंत परमहंस राम चंद्र दास ने भी हिंदू प्रार्थनाओं को जारी रखने और विवादित ढांचे में भगवान राम की मूर्ति रखे जाने के लिए मुकदमा दायर किया।

    नौ साल बाद, 17 दिसंबर 1959 को, निर्मोही अखाड़ा ने विवादित स्थल को ट्रांसफर करने के लिए मुकदमा दायर किया और 18 दिसंबर, 1961 को, उत्तर प्रदेश के सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी मुकदमा दायर कर बाबरी मस्जिद के स्वामित्व को मांगा और मूर्तियों को मस्जिद परिसर से हटाने की मांग की।

    1984 में, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने विवादित ढांचे के ताले खोलने के लिए एक अभियान शुरू किया। इसके लिए एक समिति भी बनाई गई थी।

    फैजाबाद के जिला न्यायाधीश के.एम. पांडे ने 1 फरवरी, 1986 को हिंदुओं को विवादित स्थल पर पूजा करने की अनुमति दी।

    ताले फिर से खोल दिए गए, लेकिन इसने कुछ मुस्लिम संगठनों को नाराज कर दिया और उन्होंने विरोध करने के लिए बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।

    1989 में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) को औपचारिक समर्थन देने की घोषणा की, जिससे मंदिर आंदोलन को एक नया जीवन मिला।

    यह वह पड़ाव था जब राम मंदिर के लिए एक बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू हुआ, जिसने आने वाले वर्षो में राष्ट्रीय राजनीति की रूपरेखा बदल कर रख दी।

    1 जुलाई 1989 को भगवान रामलला विराजमान के नाम पर पांचवा मुकदमा दायर किया गया।

    तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 9 नवंबर, 1989 को विवादित ढांचे के पास ‘शिलान्यास’ (शिलान्यास करने) की अनुमति दी।

    जैसे ही मंदिर आंदोलन को गति मिली, सितंबर 1990 में, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष, लाल कृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक रथ यात्रा शुरू की।

    लालू यादव सरकार द्वारा आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया गया।

    अक्टूबर 1991 में, उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह सरकार ने विवादित ढांचे के पास 2.77 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया और इसे राम जन्मभूमि न्यास को पट्टे पर दे दिया।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हालांकि आदेश दिया कि कोई भी स्थायी ढांचा वहां नहीं बनाया जाएगा।

    मंदिर आंदोलन 6 दिसंबर, 1992 को उस समय चरम पर पहुंच गया जब एक साथ आए हजारों ‘कारसेवकों’ ने विवादित ढांचे को ध्वस्त कर दिया, जिससे देश भर में सांप्रदायिक दंगे हुए।

    मस्जिद के विध्वंस के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच के लिए कुछ दिनों बाद लिब्रहान आयोग का गठन किया गया।

    जनवरी 2002 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यालय में एक अयोध्या विभाग शुरू किया। इस विभाग का काम हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद को हल करना था।

    उसी वर्ष अप्रैल में, तीन-न्यायाधीशों वाली पीठ ने अयोध्या में विवादित स्थल के स्वामित्व पर सुनवाई शुरू की।
    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत 2003 में अयोध्या में खुदाई शुरू की। एएसआई ने दावा किया कि विवादित ढांचे के नीचे मंदिर के अवशेष होने के प्रमाण थे, लेकिन मुसलमानों में इसके बारे में अलग-अलग राय थी।

    सितंबर 2010 में, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया और विवादित भूमि को तीन भागों में विभाजित किया – एक हिस्सा राम मंदिर को दिया गया, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड को और तीसरा निर्मोही अखाड़ा को मिला।

    हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और विवाद को सुलझाने के सौहार्दपूर्ण प्रयासों के बाद शीर्ष अदालत ने 9 नवंबर, 2019 को अपना फैसला दिया कि विवादित भूमि हिंदुओं को मंदिर निर्माण के लिए दी जाएगी। और मस्जिद के निर्माण के लिए अलग से अयोध्या में मुसलमानों को 5 एकड़ जमीन दी जाएगी।

    अदालत ने मंदिर निर्माण की देखरेख के लिए सरकार को एक ट्रस्ट स्थापित करने के लिए कहा।

    मंदिर निर्माण शुरू करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना इस वर्ष फरवरी में की गई।

    अगर कोरोना महामारी और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन नहीं होता, तो अप्रैल में राम नवमी पर मंदिर का निर्माण शुरू हो जाता।

    इस बीच, राज्य सरकार ने अयोध्या में धन्नीपुर में मुसलमानों को पांच एकड़ जमीन दी है।

  • चार अगस्त की रात 12 बजे से अयोध्या हाईवे हो जाएगा बंद

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    लखनऊ। राममंदिर के भूमि पूजन में अयाेध्‍या जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए चार अगस्त की मध्य रात्रि से हाईवे पर यातायात प्रतिबंधित हो जाएगा। इससे पहले तीन अगस्त को शाम पांच बजे से अयोध्‍या नगर की सीमा में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया जाएगा। सिर्फ अयोध्या वासियों को ही नगर में प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन उनके स्थानीय नागरिक होने की पुष्टि के बाद। पहली बार नगर क्षेत्र में ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा। इसका इस्तेमाल इमरजेंसी मरीजों के लिए किया जाएगा। डीआइजी दीपक कुमार ने क्षेत्राधिकारी यातायात अरङ्क्षवद चौरसिया व सुरक्षा एजेंसियों से विचार-विमर्श के बाद ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है।

    अयोध्‍या जिले की सीमा पर ये रहेगा प्रतिबंध 

    • चार अगस्त की मध्य रात्रि से हाईवे पर डायवर्जन शुरू होगा। लखनऊ से गोरखपुर, बस्ती की ओर जाने वाले वाहन बाराबंकी चौपला तिराहे से जरवल रोड-करनैलगंज-वजीरगंज-नवाबगंज होते हुए बस्ती गोरखपुर जाएंगे।
    • गोरखपुर से लखनऊ व अंबेडकरनगर जाने वाले वाहन घघउआ चौकी से नवाबगंज-जरवल रोड-बाराबंकी होकर लखनऊ को एवं कलवारी पुल होकर अंबेडकरनगर जाएंगे।
    • गोंडा, बलरामपुर की ओर से अयोध्या होकर लखनऊ, बाराबंकी की ओर जाने वाले वाहनों को गोंडा अथवा मनकापुर से ही रोककर कर्नलगंज, जरवल रोड, रामनगर चौराहा होते हुए बाराबंकी व लखनऊ जाएंगे।
    • प्रयागराज व सुल्तानपुर की ओर से अयोध्या होकर बस्ती, गोरखपुर, जाने वाले वाहन टेढ़ीबाजार कूरेभार से महरूआ होते हुए टांडा कलवारी पुल होकर गोरखपुर, बस्ती, गोंडा जाएंगे।
    • अंबेडकरनगर से अयोध्या होकर गोरखपुर बस्ती, गोंडा जाने वाले वाहन तहसील तिराहा अंबेडकरनगर से टांडा, कलवारी पुल, घघउआ चौकी होकर अपने गंतव्य को जाएंगे एवं लखनऊ जाने वाले वाहन थाना अहिरौली यादव नगर चौराहा से भीटी से सुल्तानपुर होकर लखनऊ को जाएंगे।
    • रायबरेली व अमेठी की ओर से अयोध्या होकर बस्ती गोरखपुर जाने वाले वाहन अमेठी-अंबेडकरनगर तिराहा से सुल्तानपुर से महरुआ-टांडा होकर कलवारी पुल से गंतव्य को जाएंगे।

    वहीं बाराबंकी जिले के 55 किमी क्षेत्र को छह जोन, 11 सेक्टर और 22 उप सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा घेरा बनाने के लिए जिले के साथ गैरजनपद से पुलिस बल बुलाई गई है। कार्यक्रम की पूर्व संध्या से अयोध्या की ओर कोई भी वाहन नहीं जा सकेगा। इस दौरान मार्ग परिवर्तित कर दूसरे रास्तों से भारी व हल्के वाहन भेजे जाएंगे। गौरतलब है कि पांच अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी सहित देश की जानी-मानी हस्तियां अयोध्या में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। सुरक्षा के दृष्टिगत जिले में पुलिस अधिकारी भी नामित करके भेजे गए हैं।

    आईजी विजय भूषण की देखरेख में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जिसके तहत चार अगस्त की रात 12 बजे से अयोध्या की ओर जाने वाले सभी वाहनों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। भारी वाहनों को चौपुला से मार्ग परिवर्तित कर रामनगर तिराहा से बहराइच रोड पर और हल्के वाहनों को सफदरगंज तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा। छोटे वाहन सफदरगंज थाने से होते हुए वाया मरकामऊ चौकाघाट होते हुए बहराइच व आगे अपने गंतव्य को जा सकेंगे। एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया केवल इमरजेंसी और अनुमन्य वाहन ही चल सकेंगे। यदि कोई ऐसा वाहन जिसको अयोध्या ही जाना है, ऐसे वाहनों को सफदरगंज सब्जी मंडी में बनाए गए होल्डिंग एरिया में रखा जाएगा। यह वाहन पांच अगस्त की शाम कार्यक्रम समाप्त होने और यातायात सामान्य होने के बाद ही छोड़े जाएंगे।

    खाली रहेगी सर्विस लेन

    एसएसपी आरएस गौतम ने बताया कि लखनऊ से अयोध्या सीमा तक 55 किमी क्षेत्र में हाईवे के दोनों ओर कोई भी वाहन खड़ा नहीं होगा। यदि कोई वाहन हाईवे खड़ा पाया जाता है तो वाहन को सीज कर जुर्माना किया जाएगा।

  • आमंत्रण भेजा गया भूमि पूजन समारोह का बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी को

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    अयोध्या । बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को अयोध्या में रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से पांच अगस्त को अयोध्या में होने वाले भूमि पूजन समारोह का आमंत्रण मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान वह प्रधानमंत्री को रामनामी और मानस भी भेट करेंगे।

    इकबाल असांरी को आज सुबह श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से अयोध्या में होंने वाले कार्यक्रम का आमंत्रण प्राप्त हुआ है। इसे लेकर वह बहुत खुश है। उन्होंने कहा कि यह अयोध्या है यहां के मठ मंदिरों में हमेशा से एकता की फुहार निकलती रही है। मैं हमेशा वहां जाता रहा हूं। इसलिए यह बहुत बड़ा कार्यक्रम होंने जा रहा इसे लेकर मैं बहुत खुष हूं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए उन्होंने रामचरितमानस और रामनामी खरीद कर लाए हैं। यह अयोध्या की अनमोल धरोहर है।

    इकबाल अंसारी ने कहा, “यह धार्मिक नगरी है। यहां गंगा-जमुनी तहजीब कायम है। यहां कण-कण में देवता वास करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से सभी विवाद खत्म हो गए। देश के संविधान पर सभी मुस्लिमों को भरोसा है। मैं जरूर जाऊंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रामचरित मानस भेंट करूंगा।”

    ज्ञात हो कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तरफ से भेजे गए इस आमंत्रण पत्र में लिखा है श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन और कार्यारम्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर कमलों के द्वारा होगा। विशिष्ट अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत मौजूद रहेंगे। राम जन्मभूमि मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद होंगे।

  • राम मंदिर के ‘भूमिपूजन’ के लिए 151 नदियों और 3 सागरों का जल लेकर आए 70 वर्ष के दो भाई…

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    अयोध्या| राम मंदिर के ‘भूमिपूजन’ के लिए दो भाइयों ने देश भर से 151 नदियों और तीन समुद्रों से जल एकत्र किया है और अब इस जल को अयोध्या लाया गया है। इन दोनों भाईयों की उम्र 70 वर्ष के आसपास है। जौनपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले राधेश्याम पांडे और पंडित त्रिफला साल 1968 से इस काम में लगे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय नदियों-सागरों से जल इकठ्ठा करने के अलावा श्रीलंका की 16 जगहों से मिट्टी भी एकत्रित की है।

    राधेश्याम पांडे ने कहा, “हमेशा से हमारा सपना रहा है कि जब भी राम मंदिर का निर्माण होगा, हम भारत भर की नदियों-सागरों के पवित्र जल और श्रीलंका से लाई गई मिट्टी का उपहार देंगे। हमने श्रीलंका में 16 स्थानों से मिट्टी और देश में 151 नदियों और तीन समुद्रों से जल एकत्र किया है।”

    1968 से 2019 तक इन तत्वों को इकट्ठा करने के लिए दोनों भाई कभी पैदल चले तो कभी साइकिल, मोटरसाइकिल, ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा की।

    बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन करने वाले हैं।

    अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण इस समारोह के बाद शुरू होगा। इस कार्यक्रम में संतों, सरकार, आरएसएस और हिंदू संगठनों के शीर्ष नेताओं के भाग लेने की संभावना है।

    सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर, 2019 को केंद्र सरकार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जगह सौंपने का निर्देश दिया था।