Category: uttar-pradesh

  • लगा गैंगस्टर ऐक्ट विकास दुबे के फायनेंसर पर

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    कानपुर । मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के फायनेंसर और व्यवसायी जय वाजपेई पर गैंगस्टर ऐक्ट लगा दिया गया है। जय को 20 जुलाई को कानपुर में गिरफ्तार किया गया था। उस पर विकास को हथियार और धन मुहैया कराने का आरोप है।

    कानपुर पुलिस के मुताबिक जय के तीन भाइयों-रजत कांत वाजपेई, अजय कांत वाजपेई और शोभित वाजपेई को भी गैंगस्टर ऐक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।

    इससे पहले जय को आर्म्स ऐक्ट और क्रिमिनल कांस्पीरेसी के तहत गिरफ्तार किया गया था।

    जय के घर से 20 गोलिया नहीं मिली थीं और जय यह नहीं बता सका था कि वे गोलियां कहां हैं।

  • 14 नाबालिग भागे मथुरा बाल सुधार गृह से , 9 वापस लाए गए

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    मथुरा । यूपी सरकार द्वारा संचालित एक बाल सुधार गृह से खिड़की के ग्रिल को तोड़कर 14 नाबालिग भाग निकले। यह घटना गुरुवार देर रात की है। पुलिस ने कहा है कि 14 में से 9 बच्चों को फिर से पकड़ लिया गया है लेकिन पांच अभी भी फरार हैं। यह इस साल अपने तरह की दूसरी घटना है।

    भागे 14 नाबालिगों पर हत्या, यौन उत्पीड़न और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप था। ये मथुरा के अलावा अलीगढ़ और हाथरस के हैं।

    मथुरा के एसपी गौरव ग्रोवर ने बच्चों के भागने और फिर इनमें से नौ के पकड़े जाने की पुष्टि की है।

    इस मामले में सुधार गृह में काम करने वाले छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें तीन सुधार गृह के स्टाफ हैं और तीन होम गार्ड्स हैं।

  • अयोध्या के और संतों को किया जाएगा भूमिपूजन में आमंत्रित

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    अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर के ‘भूमिपूजन’ कार्यक्रम के लिए मुश्किल से पांच दिन बाकी रह गए हैं, ऐसे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने इस आयोजन के लिए अयोध्या के और अधिक संतों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा, “अयोध्या में कुछ वरिष्ठ संतों को आमंत्रित नहीं किया गया है और वे इस बात से नाराज हैं। महंत धर्मदास उनमें से एक हैं। इसलिए, हमने उन्हें आमंत्रित करने का निर्णय लिया है, क्योंकि ये संत मंदिर को लेकर किए गए पूरे आंदोलन का हिस्सा रहे हैं।”

    उन्होंने आगे कहा, अयोध्या में संतों के बीच भूमिपूजन का निमंत्रण न मिलने को लेकर बहुत आक्रोश था। कोविड-19 महामारी के कारण ट्रस्ट ने शुरू में इस समारोह के लिए सिर्फ 200 लोगों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब राम जन्मभूमि में भगवान राम की जीवन यात्रा संबंधी प्रदर्शनी लगाने का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है और उस प्रदर्शनी के स्थान पर ही 600 और संतों के बैठने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर कुर्सियां रखी जाएंगी। अयोध्या के विभिन्न अखाड़ों और मठों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के समक्ष इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।

    महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा, “राम मंदिर के लिए भूमिपूजन एक ऐतिहासिक क्षण है। संतों ने समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया है। ऐसी संभावना है कि अधिक संतों को समारोह में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।”

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंच सकते हैं और उनके तीन घंटे तक वहां रहने की संभावना है। मोदी सबसे पहले हनुमान गढ़ी में पूजा करेंगे और उसके बाद मानस भवन में पूर्व-निर्मित मंदिर जाएंगे, जहां भगवान राम की मूर्ति रखी गई है।

    इसके बाद वह भूमि पूजन के लिए राम जन्मभूमि की ओर जाएंगे। कार्यक्रम स्थल पर एक छोटा मंच बनाया जा रहा है, जहां से प्रधानमंत्री संतों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करेंगे।

  • मुफ्त में कर सकेंगी रक्षा बंधन पर महिलाएं बस यात्रा- CM योगी

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश में रक्षा बंधन के मौके पर महिलाओं को विशेष उपहार के रूप में सभी श्रेणियों की बसों में मुफ्त में यात्रा करने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) रक्षा बंधन के दिन सभी श्रेणियों की बसों में महिलाओं को मुफ्त सेवा प्रदान करेगा।

    मुफ्त बस यात्रा की सुविधा 2 अगस्त मध्यरात्रि से 3 अगस्त मध्यरात्रि 24 घंटे के लिए रहेगी।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उप्र पुलिस को सघन गश्त करने का भी आदेश दिया है।

    सरकार ने पुलिस से यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग मानदंड का पालन करें और कोरोना महामारी के मद्देनजर जारी सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।

    दिशानिर्देश के मुताबिक रक्षा बंधन पर कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए और लोगों को अपने घरों में ही त्यौहार मनाना चाहिए।

    राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि सभी मिठाई की दुकानों और राखी विक्रेताओं को रक्षा बंधन के मद्देनजर इस सप्ताह के अंत में खुले रहने की अनुमति दी जाएगी।

  • राममंदिर की नींव में पड़ेगी सिधुआं मंदिर की भी मिट्टी, कुशीनगर के नौ मंदिरों से भेजे गए कलश

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    रिपोर्ट उपेन्द्र कुशवाहा

    कुशीनगर : अयोध्या में पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राममंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। मंदिर की नींव में कुशीनगर के भी नौ मठ, मंदिरों की पवित्र मिट्टी शामिल होगी। बुधवार को कसया के राम जानकी मंदिर में पूजन के बाद तांबे और पीतल के कलशों में कुल नौ जगहों की मिट्टी अयोध्या भेजी गई। इसमें कुशीनगर के भगवान बुद्ध और जैन मंदिर की मिट्टी भी शामिल है।

    जिले के नौ मंदिर और मठों की पवित्र मिट्टी अलग-अलग कलशों में रखकर कसया नगर के श्रीराम जानकी मठ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजन हुआ। भगवान बुद्ध व महावीर के निर्वाण स्थल की पवित्र मिट्टी भी इसमें शामिल है। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष सीबी सिंह ने बताया कि नौ धर्मस्थलों की पवित्र मिट्टी श्रीराम मंदिर अयोध्या के शिलान्यास में शामिल होगी।

    इससे पूर्व धर्मस्थलों की पवित्र मिट्टी मंदिर अथवा मठ से वैदिक रीति रिवाज से वहां के धर्माचार्यों की देखरेख में विहिप के पदाधिकारी लेकर श्रीराम जानकी मठ कसया कुशीनगर लेकर पहुंचे। मठ के मुख्य मंदिर में भगवान श्रीराम दरबार के सामने रखकर पुजारी देवनारायण शरण दास व अन्य लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया। तत्पश्चात मिट्टी से भरे तांबे व पीतल के कलशों को विहिप के प्रांतीय मिलन प्रमुख दुर्गेश प्रताप राव को सौंपा गया। जिन्हें लेकर वह शाम को अयोध्या को रवाना हो गए। कलश पर प्रत्येक मंदिर व मठ का नाम भी अंकित है। सभी कलश को भगवा रंग के कपड़े में रक्षा सूत्र से बंधे हुए थे।

  • कुशीनगर में चोरी की बाइक सहित शातिर चोर चढ़ा कोतवाली पडरौना पुलिस के हत्थे

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    कुशीनगर : जनपद के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में अपराध एंव अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में शुक्रवार को बाइक लिफ्टर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
    मिली जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली पडरौना प्रभारी पवन सिंह की पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान अम्बे चौक कस्बा के पास से शातिर वाहन चोर पन्नेलाल यादव पुत्र स्व0 भृगुराशन साकिन बेलवा चुंगी थाना कोतवाली पडरौना जनपद कुशीनगर को वाहन संख्या  यूपी-57-ए-9140 जो कि फर्जी नंबर प्लेट के साथ  गिरफ्तार किया गया।
    अभियुक्त के निशानदेही पर चोरी की अन्य दो मोटरसाइकिल बिना नंबर के बरामद किया गया है।  बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर मु0अ0सं0 253/2020 धारा 41/411/419/420/468 भादवि में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। पन्नेलाल यादव पुत्र स्व0 भृगुराशन साकिन बेलवा चुंगी थाना कोतवाली पडरौना जनपद कुशीनगर से सीडी डीलक्स,यामाहा सलूलो बिना नम्बर की,यामाहा एसजेड बरामद हुई।
    गिरफ्तार करने वाली टीम
    प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार सिंह थाना कोतवाली पडरौना की टीम में उ0नि0 अवनीश कुमार सिंह,का0 अनिल कुमार सिंह,का0 विकास यादव शामिल रहे।

  • दागे गए थे पुलिसकर्मियों पर अमेरिकन विंचेस्टर कारतूस, बड़ा खुलासा हुआ बिकरू कांड में

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    कानपुर। बिकरू में दो जुलाई की रात सीओ समेत आठ पुलिस वालों की हत्या के मामले में एक के बाद एक नए तथ्य सामने आ रहे हैं। फॉरेंसिक जांच में अब यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि विकास दुबे गिरोह के पास मौजूद हथियारों के जखीरे में खतरनाक .30-06 विंचेस्टर कारतूस भी थे। दो जुलाई को पुलिसकर्मियों पर गिरोह ने इन कारतूसों का इस्तेमाल किया था। विंचेस्टर कारतूस का प्रयोग भारत में नहीं किया जाता है। यह अमेरिकन सेना का हथियार रहा है। पुलिस जांच में जुटी है कि आखिर यह खतरनाक कारतूस गैंगस्टर विकास दुबे तक कैसे पहुंचा।

    .30-06 विंचेस्टर कारतूस का इतिहास

    अमेरिकन सेना ने वर्ष 1906 में ईजाद किया था।

    वर्ष 1970 तक अमेरिकन सेना प्रयोग करती रही।

    अभी भी अमेरिकन और नाटो की सेनाएं इसके उच्चीकृत कारतूस का प्रयोग करती हैं।

    इन रायफलों में होता है प्रयोग

    स्प्रिंग फील्ड रायफल, इनफील्ड रायफल, सेमी ऑटोमेटिक एम-1 ग्रारनेड रायफल, सेमी आटोमेटिक जानसन रायफल, फैमेज माउजर और विभिन्न प्रकार की मशीनगन में इन कारतूसों का प्रयोग किया जा सकता है।

    स्टील की नोक बनाती खतरनाक

    रायफल में प्रयोग में आने वाले अन्य कारतूस आमतौर पर पीतल व तांबे के बने होते हैं। .30-06 विंचेस्टर कारतूस की बॉडी व नोक स्टील की होती है। नोक बेहद सख्त होती है। बिकरू में गोपाल सैनी के भाई के लोहे के दरवाजे में जो कारतूस आरपार हुआ वह .30-06 विंचेस्टर कारतूस बताया जा रहा है।

    भारतीय सेना और पुलिस भी नहीं करती विंचेस्टर कारतूस का इस्तेमाल

    पुलिसकर्मियों की हत्या के दूसरे दिन फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने दूसरे दिन बिकरू गांव पहुंचकर मौके से 72 जिंदा व खाली कारतूस बरामद किए थे। इनमें से एक जिंदा कारतूस और दस खाली खोखे .30-06 विंचेस्टर कारतूस के थे। भारत में सेना, किसी भी राज्य की पुलिस या शस्त्र लाइसेंस धारक इसका प्रयोग नहीं करते हैं। इसका प्रयोग पहले अमेरिकन सेना करती थी। बाद में यूरोप और अमेरिका में निशानेबाजी के लिए किया जाने लगा। आइजी मोहित अग्रवाल का कहना है कि विंचेस्टर कारतूस मिलने की जानकारी फॉरेंसिक टीम ने दी है। ये कारतूस भारत में प्रयोग नहीं किए जाते हैं। ये विकास दुबे तक कैसे पहुंचे, इसकी जांच कराई जाएगी।

    बिकरू कांड में इनका भी हुआ प्रयोग

    बिकरू कांड में बरामद कारतूसों में एके-47 के नौ, नाइन एमएम के एक कारतूस के अलावा, .30-06 एसपीआरजी के 11 खोखे बरामद हुए हैं। 12 खोखे भरे गए थे।

  • शिवरतनगंज पुलिस ने दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के अभियुक्त को किया गिरफ्तार

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों की धर पकड़ हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में रविवार को प्र0नि0 धीरेन्द्र सिंह थाना शिवरतनगंज मय हमराह द्वारा मुखबिर की सूचना पर मु0अ0स0 237/20 धारा 376,323,452 भादवि व 3/4 पाक्सो एक्ट में वांछित अभियुक्त संतोष कुमार पुत्र हरिप्रसाद पासी नि0 अंगुरी थाना शिवरतनगंज  को अंगुरी मोड़ के पास से समय करीब 07:00 बजे प्रातः गिरफ्तार किया गया ।श्री सिंह ने बताया कि दिनांक 01/02.08.2020 की रात्रि वादी  गुरुशरण पासी पुत्र बद्रीप्रसाद पासी नि0 अंगुरी थाना शिवरतनगंज द्वारा लिखित सूचना दी गयी कि मेरी पुत्री उम्र 16 वर्ष दिनांक 01.08.2020 को समय 05:00 बजे दिन में अकेली थी कि संतोष कुमार पुत्र हरिप्रसाद पासी नि0 अंगुरी थाना शिवरतनगंज ने घर में घुसकर दरवाजा बन्द कर मेरी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया तथा मेरा छोटा पुत्र जब अन्दर आया तो उसको मारा पीटा । मोहल्ले के लोग जमा होने पर वह फरार हो गया । जिस संबन्ध में थाना शिवरतनगंज पर मु0अ0स0 237/20 धारा 376,323,452 भादवि व 3/4 पाक्सो एक्ट पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गयी। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त संतोष कुमार पुत्र हरिप्रसाद पासी नि0 अंगुरी थाना शिवरतनगंज का रहने वाला हैजिसे मु0अ0स0 237/20 धारा 376, 323, 452 भादवि व 3/4 पाक्सो एक्ट थाना शिवरतनगंज  के तहत जेल भेज दिया गया। एस पी के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम ,प्र0नि0 धीरेन्द्र सिंह   का0 वीरेन्द्र सिंह ,का0 अजीत कुमार सिंह थाना शिवरतनगंज जनपद अमेठी शामिल थे।

  • J&K : फिर की LOC पर PAK ने भारी गोलीबारी, एक जवान शहीद

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    जम्मू। जम्मू एवं कश्मीर के राजौरी जिले में शनिवार को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए गए संघर्षविराम उल्लंघन में एक भारतीय सैनिक शहीद हो गया।

    रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने राजौरी सेक्टर में बगैर किसी उकसावे के संघर्षविराम उल्लंघन किया। उन्होंने कहा, “हमारे जवानों ने शत्रु की गोलीबारी का जोरदार जवाब दिया। इस घटना में सेपॉय रोबिन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।”

    उन्होंने कहा, “सेपॉय रोबिन कुमार एक बहादुर, उच्च प्रेरित और समझदार सैनिक थे। कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए राष्ट्र उनका हमेशा ऋणी रहेगा।”

    वह हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले थे।

    पाकिस्तान इस साल अबतक 2,700 बार संघर्षविराम उल्लंघन कर चुका है, जिसमें 21 नागरिक मारे जा चुके हैं और 94 अन्य घायल हुए हैं।

  • 500 वर्षो तक प्रार्थना की करोड़ों भक्तों ने 5 अगस्त की शुभ घड़ी के लिए

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    अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पांच अगस्त 2020 को मध्याह्न् बाद 12.30 से 12.40 के बीच शुभ मुहूर्त में श्री रामलला के चिरअभिलाषित भव्य-दिव्य मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। यह भक्तों के लिए एक श्रद्धा का क्षण होगा, जो लंबे समय से अयोध्या के अपने जन्म स्थान पर भगवान राम का एक भव्य मंदिर देखने के लिए इंतजार कर रहे थे।

    वास्तव में यह सनातन हिंदुओं और लाखों लोगों के लिए खुशी, उत्साह और आध्यात्मिकता का विषय है, जो पांच अगस्त 2020 को इस तरह के एक पल का गवाह होंगे।

    यह खुशी की बात है कि भगवान राम ने हमारी पीढ़ी को अपने जीवनकाल में इसे संजोने का अवसर दिया है। यह उन हजारों भक्तों के बलिदान को याद करने की भी घटना होगी, जो इस स्मारकीय घटना के गवाह बनने के लिए हमारे साथ नहीं हैं। हम कामना करते हैं और जानते हैं कि कृपालु श्री राम उन्हें हमेशा अपने चरणों में स्थान देंगे। कोई आश्चर्य नहीं कि जो पहले कहा गया है कि ईश्वर में विश्वास आपको वह शक्ति प्रदान करता है, जिसे ग्रह (प्लेनट) पर किसी भी बल द्वारा नकारा नहीं जा सकता।

    श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण हेतु भूमिपूजन के बहुप्रतीक्षित अवसर पर आज सहज ही दादागुरू ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्री दिग्विजयनाथ जी महाराज और पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्री अवैद्यनाथ जी महाराज का पुण्य स्मरण हो रहा है। मैं अत्यंत भावुक हूं कि हुतात्माद्वय भौतिक शरीर से इस अलौकिक सुख देने वाले अवसर के साक्षी नहीं बन पा रहे, किंतु आत्मिक दृष्टि से आज उन्हें असीम संतोष और हर्षातिरेक की अनुभूति अवश्य हो रही होगी।

    श्रीराम मंदिर के मुद्दे को स्वर देने का कार्य महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने किया था। वर्ष 1934 से 1949 के दौरान उन्होंने राम मंदिर निर्माण हेतु सतत संघर्ष किया। 22-23 दिसम्बर 1949 को जब कथित विवादित ढांचे में श्रीरामलला का प्रकटीकरण हुआ, उस दौरान वहां तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर, गोरक्षपीठ महंत श्री दिग्विजयनाथ जी महाराज कुछ साधु-संतों के साथ संकीर्तन कर रहे थे।

    28 सितंबर 1969 को उनके ब्रह्मलीन होने के उपरांत अपने गुरुदेव के संकल्प को महंत श्री अवैद्यनाथ जी महाराज ने अपना बना लिया, जिसके बाद श्री राम मंदिर निर्माण आंदोलन के निर्णायक संघर्ष की नवयात्रा का सूत्रपात हुआ।

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मार्गदर्शन, पूज्य संतों का नेतृत्व एवं विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में आजादी के बाद चले सबसे बड़े सांस्कृतिक आंदोलन ने न केवल प्रत्येक भारतीय के मन में संस्कृति एवं सभ्यता के प्रति आस्था का भाव जागृत किया, अपितु भारत की राजनीति की धारा को भी परिवर्तित किया।

    21 जुलाई, 1984 को जब अयोध्या के वाल्मीकि भवन में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ था तो सर्वसम्मति से पूज्य गुरुदेव गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्री अवैद्यनाथ जी महाराज को अध्यक्ष चुना गया। तब से आजीवन श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के महंत श्री अवैद्यनाथ जी महाराज अध्यक्ष रहे। पूज्य संतों की तपस्या के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय वैचारिक चेतना में विकृत, पक्षपाती एवं छद्म धर्मनिरपेक्षता तथा साम्प्रदायिक तुष्टीकरण की विभाजक राजनीति का काला चेहरा बेनकाब हो गया।

    वर्ष 1989 में जब मंदिर निर्माण हेतु प्रतीकात्मक भूमिपूजन हुआ तो भूमि की खुदाई के लिए पहला फावड़ा स्वयं अवैद्यनाथ महाराज एवं पूज्य संत परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज ने चलाया था। इन पूज्य संतों की पहल, श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के कारण पहली शिला रखने का अवसर श्री कामेश्वर चौपाल जी को मिला। आज श्री कामेश्वर जी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य होने का सौभाग्य धारण कर रहे हैं।

    जन्मभूमि की मुक्ति के लिए बड़ा और कड़ा संघर्ष हुआ है। न्याय और सत्य के संयुक्त विजय का यह उल्लास अतीत की कटु स्मृतियों को विस्मृत कर, नए कथानक रचने और समाज में समरसता की सुधा सरिता के प्रवाह की नवप्रेरणा दे रहा है।

    सनातन संस्कृति के प्राण प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली हमारे शास्त्रों में मोक्षदायिनी कही गई है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश प्रदेश सरकार इस पावन नगरी को पुन: इसी गौरव से आभूषित करने हेतु संकल्पबद्ध हैं। श्री अयोध्या जी वैश्विक मानचित्र पर महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अंकित हो और इस धर्मधरा में राम राज्य की संकल्पना मूर्त भाव से अवतरित हो, इस हेतु हम नियोजित नीति के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। वर्षो तक राजनीतिक उपेक्षा के भंवर जाल में उलझी रही अवधपुरी, आध्यात्मिक और आधुनिक संस्कृति का नया प्रमिमान बनकर उभरेगी।

    यहां रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। विगत तीन वर्षो में विश्व ने अयोध्या की भव्य दीपावली देखी है। अब यहां धर्म और विकास के समन्वय से हर्ष की सरिता और समृद्धि की बयार बहेगी।

    निश्चित रूप से पांच अगस्त को श्री अयोध्या जी में आयोजित भूमिपूजन/शिलान्यास कार्यक्रम में सहभागिता हेतु प्रभु श्रीराम के असंख्य अनन्य भक्तगण परम इच्छुक होंगे। किंतु वर्तमान वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा। इसे प्रभु इच्छा मानकर सहर्ष स्वीकार करना चाहिए।

    आदरणीय प्रधानमंत्री जी 125 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रतिबिंब हैं, वह स्वयं भूमिपूजन/शिलान्यास करेंगे। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का क्षण होगा। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के कारण ही देश और दुनिया लगभग पांच शताब्दी बाद इस शुभ मुहूर्त का अहसास कर पा रहा है।

    पांच अगस्त 2020 को भूमिपूजन/शिलान्यास न केवल मंदिर का है, बल्कि एक नए युग का भी है। यह नया युग प्रभु श्रीराम के आदर्शो के अनुरूप नए भारत के निर्माण का है। यह युग मानव कल्याण का है। यह युग लोक कल्याण हेतु तपोमयी सेवा का है। यह युग रामराज्य का है।

    भाव-विभोर करने वाले इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रत्येक देशवासी का मन प्रफुल्लित होगा, हर्षित-मुदित होगा। किंतु स्मरण रहे, प्रभु श्रीराम का जीवन हमें संयम की शिक्षा देता है। इस उत्साह के बीच भी हमें संयम रखते हुए वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत शारीरिक दूरी बनाये रखना है, क्योंकि यह भी हमारे लिए परीक्षा का क्षण है।

    मेरी अपील है कि विश्व के किसी भी भाग में मौजूद समस्त श्रद्धालुजन चार एवं पांच अगस्त 2020 को अपने-अपने निवास स्थान पर दीपक जलाएं, पूज्य संत एवं धमार्चार्यगण देवमंदिरों में अखंड रामायण का पाठ एवं दीप जलाएं। निर्माण का स्वप्न पालकर पवित्र तप करने वाले तथा ऐसे ऐतिहासिक क्षण का प्रत्यक्ष किए बिना गोलोक पधार चुके अपने पूर्वजों का स्मरण करें और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें। पूर्ण श्रद्धाभाव से प्रभु श्रीराम का स्तवन करें। प्रभु श्रीराम का आशीष हम सभी पर बना रहेगा।