Category: uttar-pradesh

  • अपर मुख्य सचिव राजस्व एवं बेसिक शिक्षा/नोडल अधिकारी कोविड-19 ने प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड-19 के सम्बन्ध में गहन समीक्षा की और प्रभावी नियंत्रण हेतु दिये आवश्यक निर्देश

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 29 जुलाई/कोविड-19 की जनपद नोडल प्रभारी/अपर मुख्य सचिव राजस्व एवं बेसिक शिक्षा उ0प्र0 ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ जनपद में कोविड-19 के नियंत्रण हेतु किये गये प्रयासों की गहन समीक्षा की। उन्होंने पी0पी0टी0 के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदर्शित किये जा रहे ऑकड़ों की गहन एवं विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सर्विलांस टीम की संख्या बढ़ायी जाय। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन संकलित सूचना 05 बजे के पूर्व व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्हांने विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ0 वरूण को एन0आई0सी0 के सहयोग से सूचना संकलन हेतु साफ्टवेयर तैयार कराने के निर्देश दिये। उन्हांने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की मुहल्लावार, गलीवार एवं ग्राम पंचायतवार कान्टैक्ट ट्रैसिंग, लाक्षणिक, गैर लाक्षणिक, सैम्पलिंग, पॉजिटिव तथा निगेटिव की सूचना अलग-अलग तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण से मृत्यु को प्राप्त हुए एक-एक व्यक्ति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा संक्रमण से प्रभावित एवं मृत्यु को प्राप्त होने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। अपर मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सर्विलांस टीमें बार-बार आबंटित घरों की निगरानी एवं जॉच करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्लाज्मा बैंक भी तैयार करने के निर्देश दिये। अपर मुख्य सचिव ने अपर जिलाधिकारी (प्रशा0) को नगरीय तथा मुख्य विकास अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्र की विस्तृत जानकारी अद्यतन रखने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसील मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय, बाजार, मण्डी, बस स्टाप, रेलवे स्टेशन आदि को भी नगरीय क्षेत्र में योजित कर कान्टैक्ट ट्रैसिंग, सैम्पलिंग एवं एन्टीजेन टेस्ट कराये जाने हेतु निर्देशित किया। जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती द्वारा कोविड-19 के नियंत्रण हेतु अद्यतन किये गये प्रयासों की रूप-रेखा प्रस्तुत की गयी, जिससे अपर मुख्य सचिव महोदया ने आश्वस्त होते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्य हेतु एक-एक व्यक्ति का अलग-अलग उत्तदायित्व निर्धारित करें तथा प्रतिदिन 05 बजे के पूर्व उनके द्वारा किये गये कार्यों की समीक्षा करें। प्राइवेट एम्बुलेन्स भी अधिग्रहीत करें। कान्टैक्ट ट्रैसिंग में पुलिस बल का अधिकाधिक उपयोग करें। उन्होंने कहा कि अब तक कोविड नियंत्रण हेतु जनपद ने अच्छा कार्य किया है, किन्तु संक्रमण में हो रही वृद्धि के ऑकड़ों का भय मन से निकाल दें तथा स्वतंत्र मन से एक निर्धारित रणनीति के तहत पूर्ण मनोयोग से कार्य करें हम सब कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने में सफल होंगे।इस अवसर पर नोडल अधिकारी राज कमल यादव, मुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्षदेव पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) उमाकान्त त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी सदर रामजीलाल, समस्त डिप्टी सीएमओ उपस्थित रहे।

  • जनपद में स्थित भू-सम्पत्तियों की दरें वर्तमान में प्रचलित मूल्य दर 01 अगस्त, 2020 से प्रभावी मूल्यांकन सूची में रहेगा यथावत


    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 30 जुलाई/जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने अवगत कराया है कि (सम्पत्ति का मूल्यांकन) नियमावली, 1997 एवं (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2013 के नियम-4(1) के अन्तर्गत जनपद सुलतानपुर में स्थित भू-सम्पत्तियों से सम्बन्धित न्यूनतम मूल्य दर सूची के पुनरीक्षण की कार्यवाही की गयी। जन सामान्य से प्राप्त जानकारी एवं अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) तथा सहायक महानिरीक्षक निबन्धन एवं उप जिलाधिकारी तथा उप निबन्धक सदर, कादीपुर, लम्भुआ व जयसिंहपुर की बैठक कर प्रचलित दर सूची का पुनरीक्षण कर विचार-विमर्श किया गया।उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श करने के उपरान्त भू-सम्पत्तियों के क्रय-विक्रय की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करने पर यह पाया गया कि जनपद में स्थित भू-सम्पत्तियों की दरें वर्तमान में लागू मूल्य दर सूची में दी गयी दरों के समतुल्य है और वर्तमान में प्रभावी मूल्यांकन सूची में निर्धारित की गयी दरों को यथावत रखने की संस्तुति की गयी। अतः वर्तमान में प्रचलित मूल्यांकन सूची (प्रभावी दिनांक 01 अगस्त, 2019) में निर्धारित की गयी सभी दरों को दिनांक 01.08.2020 से प्रभावी मूल्यांकन सूची में भी यथावत रखा जाता है।

  • दलित महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंदन गिरि को आमंत्रित न किये जाए से नाराज हुई मायावती

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    लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रस्तावित कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी कन्हैया प्रभुनंदन गिरि को आमंत्रित न करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर 200 संतों के साथ इन्हें बुला लिया जाता तो बेहतर होता। मायावती ने शुक्रवार को ट्विटर के माध्यम से लिखा कि ‘दलित महामंडलेश्वर स्वामी कन्हैया प्रभुनन्दन गिरि की शिकायत के मद्देनजर यदि अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले भूमिपूजन समारोह में अन्य 200 साधु-सन्तों के साथ इनको भी बुला लिया गया होता तो यह बेहतर होता। इससे देश में जातिविहीन समाज बनाने की संवैधानिक मंशा पर कुछ असर पड़ सकता था।’

    उन्होंने आगे लिखा, “वैसे जातिवादी उपेक्षा, तिरस्कार व अन्याय से पीड़ित दलित समाज को इन चक्करों में पड़ने के बजाए अपने उद्धार हेतु श्रम/कर्म में ही ज्यादा ध्यान देना चाहिए व इस मामले में भी अपने मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बताए रास्ते पर चलना चाहिए, यही बीएसपी की इनको सलाह है।”

    ज्ञात हो कि महामंडलेश्वर स्वामी कन्हैया प्रभु नंदन गिरि ने अयोध्या में प्रस्तावित एक कार्यक्रम पर सवाल उठाने के साथ दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में होने वाले समारोह में जिन 200 खास मेहमानों को बुलाए जाने की संभावना है, उनमें दलित महामंडलेश्वर का नाम नहीं है। स्वामी कन्हैया गिरि को अभी तक कोई न्यौता भी नहीं मिला है। वह इससे न सिर्फ नाराज हैं, बल्कि उन्होंने आयोजन को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए हैं।

    स्वामी कन्हैया प्रभु नंदन गिरि ने कहा है कि पहले मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट में किसी दलित को जगह नहीं दी गई और उसके बाद अब भूमि पूजन समारोह में भी इस समुदाय की उपेक्षा की जा रही है।

  • जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई कामगार/श्रमिक आयोग की जनपद स्तरीय बैठक

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अधिक से अधिक प्रवासी श्रमिकों का सेवामित्र एप्लीकेशन पर पंजीकरण कराने के दिए निर्देश।

    सेवामित्र एप्लीकेशन एप पर पंजीकरण कराये प्रशिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थी…….डीएम।

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में आज कैंप कार्यालय में कामगार/श्रमिक आयोग की जनपद स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक कुशल/अकुशल प्रवासी श्रमिकों का सेवामित्र एप्लीकेशन ऐप पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए साथ ही ग्राम स्तर पर वीडियो के साथ बैठक कर सेवा मित्र एप्लीकेशन एप पर पंजीकरण कराने हेतु प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिए। बैठक में सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि 30 जुलाई को ऑनलाइन रोजगार मेले के माध्यम से 40 प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न कंपनियों में रोजगार से आच्छादित किया गया है इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 45158 प्रवासी श्रमिक में से 7567 कुशल श्रमिकों का चयन किया गया है जिसमें से 2616 प्रवासी श्रमिकों का सेवामित्र एप्लीकेशन पर पंजीकरण कराया जाना है। उन्होंने बताया कि बेरोजगार अभ्यर्थियों को स्वत: रोजगार के क्षेत्र में सेवायोजित करने के उद्देश्य से सेवामित्र एप्लीकेशन को विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से प्रशिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थियों को रोजगार के क्षेत्रों में यथा इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, आया/चाइल्ड केयर टेकर,ए0सी0/वाटर कूलर/प्यूरीफायर टेक्नीशियन, ब्यूटीशियन, फोटोग्राफर, कारपेंटर, वाशिंग मशीन मैकेनिक, कंप्यूटर रिपेयर एंड वर्किंग, घर पर योग शिक्षक, कंस्ट्रक्शन लेबर, घर पर फिटनेस शिक्षक, कुक, आहार विशेषज्ञ, ड्राइवर, पैकर्स मूवर्स, माइक्रोवेव रिपेयर, मोबाइल फोन रिपेयर, माली, कार रिपेयर, टेलर, लैपटॉप सर्विस,  मोटरसाइकिल रिपेयर, मेड/हाउसकीपिंग, गैस चूल्हा रिपेयर, नर्स, जनरेटर रिपेयर, पेंटर, इनवर्टर रिपेयर, फ्रिज रिपेयर, सिक्योरिटी गार्ड, लॉन्ड्री सर्विस, अध्यापक, वित्तीय सलाहकार, संगीत शिक्षक, आयकर सलाहकार, बीमा सलाहकार, ऑटो मैकेनिक, टीवी रिपेयर, आदि में रोजगार की उपलब्धता हो सकेगी तथा नागरिकों को अपने द्वार पर ही लोकल सर्विस/स्थानीय सेवा हेतु प्रशिक्षित अभ्यर्थी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि इच्छुक सेवा प्रदाता सेवायोजन पोर्टल  sewayojan.up.nic.in के होम पेज पर उपलब्ध पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र का प्रारूप डाउनलोड कर सकते हैं, साथ ही यह प्रारूप जिला सेवायोजन कार्यालय, अमेठी में भी निशुल्क उपलब्ध है। सेवा प्रदाता द्वारा आवेदन पत्र पूर्ण रूप से भरकर उसके साथ अपने समस्त शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, पुलिस द्वारा निर्धारित प्रारूप पर प्रदत्त चरित्र प्रमाण पत्र, कौशल प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण पत्र एवं ₹10 के गैर न्यायिक स्टांप पर नोटरी/ओथ कमिश्नर द्वारा अभिप्रमाणित शपथ पत्र को संलग्न कर जिला सेवायोजन कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सेवायोजन कार्यालय द्वारा इन आवेदन पत्रों को ऑनलाइन फीड करने के उपरांत पंजीकरण से स्लिप भी प्रदान की जाएगी।

  • यूपी में बाढ़ से प्रभावित 65 हजार 564 लोग, यहाँ पढ़े कौन से जिले बाढ़ प्रभावित

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि राज्य के 8 जनपदों की 17 तहसीलों के 240 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों के 65 हजार 564 लोग प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि बाराबंकी के 57, अयोध्या के 2, कुशीनगर के 9, गोरखपुर के 80, आजमगढ़ के 14, बस्ती के 7, संत कबीरनगर के 68 व सीतापुर के 3 गांव बाढ़ से ग्रसित हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से 65 हजार 564 लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से अब तक 7 जनपदों बाराबंकी, बस्ती, गोंडा, कुशीनगर, मऊ, संतकबीर नगर, सीतापुर में 8,408़6 हेक्टेयर में बोया गया क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है।

    राहुत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में दो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इनमें शारदा नदी, लखीमपुर खीरी में अपने खतरे के निशान से ़8 सेमी़ ऊपर तथा सरयू नदी, बलिया में अपने खतरे के निशान से 16 सेमी़ ऊपर बह रही है।

    गोयल ने बताया कि कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। प्रदेश के 6 जनपदों में बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, श्रावस्ती, प्रयागराज में एनडीआरएफ व 6 जनपदों कुशीनगर, गोरखपुर, बलरामपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद में एसडीआरएफ तथा 5 जनपदों बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, गोंडा व श्रावस्ती में पी़एसी तैनात है।

    राहत आयुक्त ने बताया कि बाढ़ व अतिवृष्टि की आपदा से निपटने के लिए बचाव व राहत प्रबंधन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 5 किलो लाई, 2 किलो भूना चना, 2 किलो अरहर की दाल, नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया, केरोसिन, मोमबत्ती, माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, रिफाइंड तेल, क्लोरीन एवं नहाने के साबुन बांटे जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों के पशुओं के चारे के लिए प्रतिदिन 5 किलो भूसा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

  • कुशीनगर में जमीन विवाद को लेकर हमले में पत्रकार व परिजन भी हुए थे,घायल के बेटे की मौत,दो आरोपी गिरफ्तार

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    उपेंद्र कुशवाहा

    कुशीनगर : जिले के कोतवाली क्षेत्र के गांव कोहरौली में शनिवार को जमीनी विवाद को लेकर हुए हमले में घायल पत्रकार के बेटे की बुधवार की शाम को इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गयी। हमले में पत्रकार व उनके परिजन भी घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। नामजद अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। कोहरौली में जमीनी विवाद में हुई मारपीट के दौरान पत्रकार बृजेश कुमार शुक्ल के पुत्र सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गये थे। जिसमें गम्भीर रुप से घायल आकाश शुक्ल की स्थित गम्भीर देख डाक्टरों ने मेडिकल कालेज से रेफर कर दिया था। वहां से हालत नाज़ुक होने के बाद उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की शाम उनकी मौत हो गई।

    कोतवाल ज्ञानेंद्र कुमार राय ने बताया कि पत्रकार पुत्र पर हुए प्राणघातक हमले में दर्ज केस के आरोपित दो लोग कहीं भागने की फिराक में जुटे थे। सूचना मिलने के बाद जोल्हिनिया चौराहे के समीप एक ढाबा के आगे एनएच-28 पर किसी वाहन का इंतजार कर रहे दोनों आरोपियों को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रामनिवास सिंह और अभय उर्फ गोलू सिंह को पुलिस ने जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस दौरान एसआई सुरेंद्र बहादुर सिंह, कांस्टेबल देवेंद्र यादव, अमित यादव, देवेंद्र सिंह, चंदन भारती आदि शामिल रहे।

  • सुल्तानपुर कोरोना अपडेट्स


    सुलतानपुर 30 जुलाई/मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि 27 जुलाई, 2020 को वीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोबाटनी लैब लखनऊ को प्रेषित कोविड-19 के 341 सैम्पल्स की रिपोर्ट आज प्राप्त हुई है, जिसमें से 325 निगेटिव तथा 13 व्यक्ति कोविड-19 पाजिटिव पाये गये हैं। विभा तिवारी उम्र 21 वर्ष पत्नी प्रदीप तिवारी निवासी ग्राम धरौली पोस्ट पखरौली दूबेपुर सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है जो 09 माह की गर्भवती महिला हैं। उत्कर्ष उम्र 26 वर्ष पुत्र विजय उपाध्याय निवासी, 1163 सिविल लाइन सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। आलोक कुमार यादव उम्र 38 वर्ष पुत्र कपिल देव यादव निवासी नवाजगढ़ गोपालपुर, कादीपुर सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। संजय सिंह उम्र 30 वर्ष पुत्र बसन्त राज सिंह निवासी ग्राम कटसारी कादीपुर सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है जो पूर्व में कोविड-19 पॉजिटिव आये अभयराज सिंह के परिजन हैं। शिवम् जायसवाल उम्र 27 वर्ष पुत्र प्रमोद कुमार जायसवाल निवासी 75, कृष्णा नगर सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। माया देवी उम्र 60 पत्नी देवी चरन निवासी म0नं0 383/3 खैराबाद सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। दिनेश कुमार सिंह उम्र 52 वर्ष पुत्र समर बहादुर सिंह निवासी म0नं0 1389/18 विवेका नन्द नगर सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। तुषार रंजन शुक्ला उम्र 37 वर्ष पुत्र जे0पी0 शुक्ला निवासी 595/2 सिविल लाइन सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। इरफान खान उम्र 27 वर्ष पुत्र इदरीश खान निवासी रामनगर बनक प्रतापगंज बाजार दूबेपुर सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। मुकेश कुमार जायसवाल उम्र 42 वर्ष पुत्र गौरीशंकर जायसवाल निवासी म0नं0 11मुरारीदास की गली सुलतानपुर में कोविड -19 की पुष्टि हुई है। प्रभाकर पाण्डेय उम्र 34 वर्ष पुत्र लाल बिहारी पाण्डेय निवासी मदनपुर ढेखा पखनपुर कूरेभार सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। दीक्षा जैन उम्र 29 वर्ष पत्नी सुमित जैन निवासी कृष्णा नगर गोविन्द चक्की के पास दरियापुर सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है जो पूर्व में कोविड-19 पॉजिटिव आये शौरभ जैन के परिजन हैं। मेराज अली उम्र 25 वर्ष निवासी गौरया मुस्तफा सुलतानपुर में कोविड-19 की पुष्टि हुई है जो वर्तमान जिला कारागार सुलतानपुर में हैं।कोविड केयर सेन्टर केएनआई पीएसएस फरीदीपुर सुलतानपुर से 13 व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ होने के उपरान्त डिस्चार्ज किये जा चुके है। मास्क लगाये, सामाजिक दूरी बनाये रखें और स्वस्थ रहें।

  • कुशीनगर में पडरौना क्षेत्र के बसहिंया में टुट गई थी जमाली रोड,जिला पंचायत सदस्य व युवा नेता की मेहनत लाया रंग

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    उपेंद्र कुशवाहा

    कुशीनगर : स्थानीय विकास खंड के ग्राम बसहिया बनबीरपुर के जमाली रोड गत दिनों अचानक अज्ञात कारणों की वजह से मेन रोड से होकर पिपरा टोला जाने वाली सड़क के बीचो-बीच रोड टूट गई थी,हालांकि सड़क टूटे जाने को लेकर लोगों में तरह-तरह की अटकलें भी लगाए जा रहे थे, जबकि इस सड़क टूटने से कई दिनों तक आवागमन बाधित था।

    इस सिलसिले में गांव के ग्राम प्रधान ने जैसे तैसे,लोगों को इस रोड से आने जाने के लिए बोरे में मिट्टी भरवा कर पैदल जाने के लिए समुचित व्यवस्था कराया था कि,उधर इस समस्या की जानकारी मिलते ही गांव के ही आगामी ग्राम प्रधान उम्मीदवार निगम उर्फ डब्लु अंसारी समेत वार्ड संख्या 62 से जिला पंचायत सदस्य जनार्दन कुशवाहा ने मौके पर जाकर समस्या जानने के बाद संबंधित लोक निर्माण विभाग के सूचना देने के बाद सड़क बनवाने की मांग की थी ।

    ऐसे में सड़क टूट जाने के वजह से कई दिनों तक लोगों को समस्या का सामना करना पड रहा था कि,इधर जिला पंचायत सदस्य जनार्दन कुशवाहा व निगम उर्फ डब्लु अंसारी के अथक प्रयास से इस रोड को पुर्व की तरह बालू मिट्टी व टुकड़े ईट से व्यवस्था कर आवागमन को सुरक्षित किया है,जिससे अब लोगों को किसी प्रकार की आने जाने में समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • कुशीनगर में पडरौना गंडक विभाग की संपत्ति पर हकदार बना थाना कुबेरस्थान,रकम देने पर मदद,नहीं बनी बात तो वाहन सीज

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    उपेंद्र कुशवाहा

    कुशीनगर : यूं तो कहने के लिए सिर्फ या मुख्य पश्चिमी गंडक विभाग का यह संपत्ति है लेकिन इसका हकदार अब कुछ थाने बन चुके हैं,बने भी क्यों ना जब इस पर नजर जब पुलिस की ही पड़ी हुई है। हालांकि इस संपत्ति पर अवैध कारोबारियों ने जो पुलिस का कमाई का जरिया बना डाला है,ऐसे में गंडक विभाग को जितना तकलीफ नहीं है उतना पुलिस इसे बचाने के नाम पर अपने ओर से संपत्ति बचाने के जगह अड़ियल रवैया अपना रही है। मतलब साफ है कि गंडक विभाग की बड़ी नहर के पटरी को बचाने के लिए गत वर्ष सफाई के लिए जेसीबी मशीन लगवा कर नहर के भीतर से निकलने वाली कूड़ा कबाड़ के साथ मिट्टी बालू को निकालकर नहर की पटरी पर टीला बना दिया था,लेकिन कुछ बालू व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों की नजर बालू-मिट्टी से बने टीले पर पडते ही मानो पैसा कमाने की होड़ मच गई। उधर जिले में मिट्टी खनन हो या बालू खनन हो कि जिला प्रशासन ने एका एक रोक क्या लगा दी थी ।

    एसे में पडरौना शहर से लेकर गांव देहात में जिला पंचायत क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत में होने वाले रोड इंटरलॉकिंग खड़ंजा कार्य में इसी गंडक नहर के किनारे पटी मिट्टी को लोड करके कुछ बालू के नाम पर तो कुछ मिट्टी के नाम पर ट्रैक्टर ट्राली व डीसीएम वाहन से लोगों के जरूरत के हिसाब से घर तक पहुंचाने का काम मोटी रकम लेकर करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि मुख्य पश्चिमी गंडक नहर विभाग की इस संपत्ति की निगरानी के लिए वैसे तो गंडक विभाग ने अपने और से इसे बचाने के लिए अपना कोई कर्मचारी नहीं लगाया है,जबकि टीले को काटकर व्यवसाय करने वाले कुछ व्यवसायियों पर नजर अलग-अलग थाना क्षेत्रों के थानेदारों की हो गई है,और सीधे-सीधे इसके नाम पर ऐसा करने वाले कारोबारियों को पकड़ने के बाद मोटी रकम लेकर छोड़ने के साथ अपना कमाई का जरिया बना लिया है।

    बताते चलें कि पडरौना शहर से होकर गुजरी मुख्य पश्चिमी गंडक नहर तमकुहीरोड के अंतिम छोर यानी बनरहा मोड से भी आगे तक जाती है,ऐसे में कोतवाली पडरौना क्षेत्र के सुखपुरा गांव व पचरुखिया पुल के निकट मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के पटरी पर गंडक विभाग ने बड़ी नहर को गत वर्ष जिस तरह नहर को बचाने के लिए इसके भीतर सफाई कराया था । वही सफाई के दौरान नहर से निकली मिट्टी व बालू की संयुक्त सिल्टी किले की तरह बनकर खड़ी हो गई,जबकि इसी जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र पचरुखिया पुल व सिसवा पुल तक टीला बना हुआ है। उधर इन दिनों बरसात के मौसम में गांव में हो रहे विकास कार्यों में लगने वाले मिट्टी की किल्लत से मिट्टी कारोबारियों ने सीधे-सीधे इस पर अपना निशाना साध इसी मिट्टी को उपयोग करने में माहिर बन गए हैं।

    जबकि चाहे वह बालू कारोबारी हो या मिट्टी के कारोबार जुड़े हो,गंडक विभाग की संपत्ति को जिस तरह से अपने व्यवसाय में लेकर इसका उपयोग करने वाले लोगों से मोटी रकम लेकर जिस तरह से कार्य कर रहे हैं,वही इन कारोबारियों पर जिले की कोतवाली पडरौना व कुबेरस्थान की पुलिस बड़ी नहर गंडक नहर की संपत्ति बचाने के बजाय अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। बेशक यहां सवाल उठाना लाजमी है कि गंडक विभाग अपने ही संपत्ति को आने वाले भविष्य में चाहे नहर में पानी बडने के दौरान नहर टूटने की समस्या हो या और किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो,इसी बालू और मिट्टी को पुन : अपने नहर को बचाने के काम लेगी। लेकिन गंडक विभाग पूर्व में कराए गए नहर के सफाई के दौरान नहर के भीतर से निकली कूड़ा कबाड़ के आलावा मिट्टी के साथ बालू से बनी नहर के पटरी पर सिल्ट को कुछ अवैध कारोबारियों ने अपने उपयोग में लेकर जिस तरह से कमाने का कारोबार कर रहे हैं अब इन्हें चाहे पडरौना कोतवाली की पुलिस हो या कुबेरनाथ की पुलिस हो,ऐसे कारोबारियों पर करवाई तो दूर सिर्फ मोटी रकम लेकर मददगार बन गई है,हालांकि कुछ ऐसे करोबारी हैं जो इन पुलिस वालों को किसी कारण पैसा नहीं दे पा रहे हैं तो उन्हें गिरफ्तार करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मजे की बात यह है कि गंडक विभाग अपनी संपत्ति बचाने के लिए न तो पुलिस से लिखित मदद मांगी है, और ना ही कोई अपनी ओर से खुद का कर्मचारी लगाया है।

    दूसरी ओर लावारिस हालत में पड़ी गंडक विभाग की संपत्ति मिट्टी व बालू की संयुक्त बनकर टीले के रूप मे खड़ी मिट्टी को बचाने के नाम पर इन दिनों कोतवाली पडरौना को छोड़ दिया जाए तो कुबेरस्थान थाना के खुद थानेदार अवैध बालू के नाम पर कमाई का जरिया बन चुके हैं ? विश्वस्त सूत्रों की माने तो कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के निकट पर बने टीले व सिसवा पुल पर बने की मिट्टी के टीले पर मिट्टी काटकर बालू के नाम पर कारोबार करने वाले तमाम लोगों को पकड़ने के दौरान सीधे-सीधे इस थाने की पुलिस ट्रैक्टर ट्राली पर लदी बालू कारोबारियों में जिस तरह से पैसा लेकर मदद कर रही है,वही जिसने ने पैसा नहीं दिया उसे गिरफ्तार कर उसकी गाड़ी ट्रैक्टर ट्राली सीज कर रही है, एसे थानेदार की इस अजीबो गरीब करवाई चर्चा का विषय बना हुआ है। अहम सवाल यह है कि कुबेरस्थान के थाने की पुलिस गंडक विभाग के संपत्ति बचाने के नाम पर लाइन आर्डर के तहत जिस तरह से इस तरह बालु कारोबारियों को चंद पैसा लेकर संरक्षण दे रही है,ऐसे में तो भविष्य में कहीं गंडक नहर के किनारे पटरी पर कोई आफत आई तो इसके भगवान ही मालिक होगा ?

  • आगामी त्यौहारों एवं सरकारी आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था स्थापित करने के सम्बन्ध में बैठक हुई आयोजित

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 30 जुलाई/पुलिस महानिरीक्षक अग्नि-शमन सेवायें लखनऊ विजय प्रकाश ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी त्यौहारों एवं सरकारी आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था स्थापित करने के सम्बन्ध में किये गये प्रयासों का उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस उपाधीक्षकों द्वारा फीडबैक प्राप्त किया तथा शासन की मंशा के अनुरूप उनके क्रियान्वयन के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिये। पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने अवगत कराया कि जनपद में कुल 488 मस्जिदें हैं, जिसमें सर्वाधिक धम्मौर थाना क्षेत्र में स्थित हैं। ईद-उल-अजहा के सम्बन्ध में धर्मगुरूओं एवं पीस कमेटी के साथ बैठक कर वर्तमान परिस्थिति में प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए बकरीद मनाने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श कर शासन की गाइडलाइन्स की जानकारी दी जा चुकी है। जिज्ञासाओं एवं आपत्तियों का समाधान किया जा चुका है सम्प्रति कोई समस्या विद्यमान नहीं है। अन्य जनपदों से जनपद में प्रवेश के सभी 10 स्थानों का चिह्नांकन कर पुलिस बल तैनात कर दिये गये है। पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देशित किया कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिये कुर्बानी के अपशिष्ट का समुचित डिस्पोजल होना चाहिये। 05 या उससे अधिक व्यक्ति एक जगह एकत्र न हों धार्मिक स्थलों की निरन्तर निगरानी करते रहें जिससे शांति व्यवस्था में किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न होने पाये। नगर पालिका द्वारा धार्मिक स्थलों का सेनेटाइजेशन कराया जाय एवं रास्तों की साफ-सफाई तथा चूना आदि का छिड़काव कराया जाय। रक्षाबंधन के अवसर पर यह सुनिश्चित करें कि महिलाओं के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना न होने पाये सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीसीटर एवं गोकशी करने वाले पर कड़ी नजर रखें तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करायें। मा0 प्रधानमंत्री जी भारत सरकार के अयोध्या आगमन के अवसर पर लगाये गये पुलिस बल द्वारा की गयी किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्षदेव पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी, समस्त उप जिलाधिकारी एवं समस्त क्षेत्राधिकारी सहित आदि उपस्थित रहे।