Category: uttar-pradesh

  • विहिप ने की अयोध्या में भूमि पूजन के दिन देश में दीवाली जैसे आयोजन की तैयारी

    [object Promise]

    नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के दिन देश में दीवाली जैसा आयोजन करने की तैयारी है। यह पहल विश्व हिंदू परिषद ने की है। विश्व हिंदू परिषद ने सूर्यास्त के बाद घरों, मुहल्लों, गांव, बाजार, मठ-मंदिरों और आश्रमों को दीयों से जगमग करने की अपील की है। लेकिन, विहिप ने आयोजन के दौरान दो गज की दूरी और मास्क जरूरी भी बताया है। संगठन ने कहा है कि उल्लास से जुड़े आयोजन शारीरिक दूरी और सरकारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करते हुए ही मनाए जाएं।

    विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा है कि कोरोना के वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी लोग, भूमि पूजन के दिन अयोध्या नहीं आ सकते, इसलिए अपने घरों, निकट के मठ-मंदिरों या स्थानीय सार्वजनिक स्थलों पर इस उत्सव को दो गज की दूरी का पालन करते हुए धूमधाम से मनाएं। विहिप महामंत्री ने सूर्यास्त के बाद घरों, मुहल्लों, गांवए बाजार, मठ-मंदिरों, आश्रमों की सजावट कर दीप जलाने की अपील की है।

    दरअसल, विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है। भूमि पूजन के दौरान देशभर की पवित्र नदियों का जल और तीर्थों की पावन माटी का उपयोग होगा। श्रीराम जन्म भूमि के मंदिर को सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकात्मता और हिंदुत्व के भाव जागरण का प्रतीक बनाया जाएगा। विहिप के महामंत्री मिलिंद परांडे का मानना है कि राम मंदिर का निर्माण, हिन्दू समाज की सैकड़ों वर्षों की अनवरत तपस्या पूरा होने जैसा है।

    उन्होंने कहा है कि पांच अगस्त को सभी संत-महात्मा अपने-अपने मठ-मन्दिरों, आश्रमों में और देश-विदेशों में बसे सभी रामभक्त अपने घरों या निकट के मन्दिरों में सामूहिक बैठकर सुबह साढ़े दस बजे से अपने दो आराध्य देव का भजन-पूजन कीर्तन करें। आरती करें और प्रसाद बांटे। किसी बड़े सभागार, हॉल में टेलिविजन या परदे की व्यवस्था कर अयोध्या में भूमि पूजन के कार्यक्रम को लाइव दिखाएं।

    मिलिंद परांडे ने अपील करते हुए कहा है कि अपनी सामथ्र्य के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए यथाशक्ति दान का संकल्प करें। प्रचार के सभी साधनों का उपयोग करते हुए समाज के अधिकाधिक लोगों तक इस भव्य कार्यक्रम को पहुंचाएं।

    विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, “5 अगस्त को भूमि पूजन के दिन बिल्कुल दीवाली जैसा दृश्य होगा। सूर्यास्त होते ही घर, मुहल्ला, मठ-मंदिर, आश्रम सब जगमग हो उठेंगे। लोगों से दीवाली की तरह दीये जलाने का आह्वान विहिप ने किया है।”

  • नोएडा में 93 नए कोरोना के मरीज, 361 हुए बढ़कर कंटेनमेंट जोन

    नोएडा में  93 नए कोरोना के मरीज, 361 हुए बढ़कर कंटेनमेंट जोन

    गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में शुक्रवार को करोना के 93 नए मामले सामने आए। इसके साथ जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 4554 हो गई और कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 361 हो गई है। जिला सूचना अधिकारी राकेश चौहान द्वारा साझा की गई राज्य रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 93 नए संक्रमित मामले सामने आए। जिले में कोरोना के कारण अब तक 40 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

    दूसरी ओर, जिले में शुक्रवार को जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में नोएडा के 5 क्षेत्रों में रैपिड एंटीजन मेडिकल टेस्टिंग की गई। जिले में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैम्पों में कुल 3142 लोगों की रैपिड एंटीजन जांच हुई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया। इसमें राहत की बात यह रही कि 3142 लोगों में से कुल 49 लोग ही कोरोना संक्रमित पाए गए।

    जिले में जैसे-जैसे संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं, उसी तरह कंटेटमेंट जोन की संख्या भी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को चिकित्सा विभाग द्वारा जारी अंतिम आंकड़े के अनुसार, जिले में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 361 हो गई है। श्रेणी 1 में 320 तो वहीं श्रेणी 2 में 41 कंटेनमेंट जोन हो गए हैं। श्रेणी 1 का मतलब जिस आवासीय क्षेत्र में मरीज की संख्या केवल एक है। वहीं श्रेणी 2 का मतलब जिस आवासीय क्षेत्र में मरीज की संख्या एक से ज्यादा है।

    जिले में इस समय 895 संक्रमित मरीजों का इलाज जिले के अलग-अलग कोविड अस्पतालों में चल रहा है। वहीं अब तक 3619 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

  • अब महंगी शराब की बिक्री हो सकेगी UP के शॉपिंग मॉल में भी

    [object Promise]

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शॉपिंग मॉल में भी अब महंगी और ब्रांडेड शराब की बिक्री होगी। इस संबंध में आबकारी विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय भुसरेड्डी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में शॉपिंग मॉल में खरीदारी का प्रचलन तेजी से बढ़ा है जिसे देखते हुए शॉपिंग मॉल में शराब बेचने की अनुमति प्रदान की गई है।

    इस आदेश के बाद शॉपिंग मॉल में इम्पोर्टेड विदेशी शराब, भारत में बनी स्कॉच, ब्रांडी, जिन और वाइन के सभी ब्रांड मिल सकेंगे।

    उन्होंने बताया कि शॉपिंग मॉल्स में 700 रुपये से ऊपर के प्रीमियम और इम्पोर्टेड ब्रांड मिलेंगे। इसके साथ ही 160 रुपये से ऊपर की प्रीमियम और इम्पोर्टेड ब्रांड की बीयर के कैन बेचने की अनुमति भी मिलेगी।

    इन दुकानों की सालाना लाइसेंस फीस बारह लाख रुपये तय की गई है। दुकानों में ग्राहकों को प्रवेश करने और अपनी इच्छानुसार ब्रांड चुनने की सुविधा होगी। दुकान वातानुकूलित होगी पर वहां बैठकर पीने की अनुमति नहीं होगी।

    अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री रोकने और मानक के अनुरूप शराब उपलब्ध कराने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।

  • कुशीनगर में बकरीद पर पडरौना शहर के साथ गांव में बड़े पशुओं की दी कुर्बानी तो होगी कार्रवाई-सीओ

    [object Promise]
    उपेंद्र कुशवाहा
    कुशीनगर : रक्षाबंधन और ईदउल अजहा को लेकर रविवार को कोतवाली पडरौना थाने परिसर में शांति समिति की बैठक में रक्षाबंधन और बकरीद के त्योहार को शांति और शौहार्द से मनाने की अपील की गई। बैठक की अध्यक्षता इंस्पेक्टर पडरौना पवन सिंह ने की। इस मौके पर सीओ सदर फूलचंद कनौजिया ने कहा इस बार के बकरा ईद का त्यौहार पर बड़े पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जाएगी,अगर इसकी आवेलना करने वाले की कोशिश की गई तो पुलिस उसके साथ सख्ती बरतने के साथ पकड़े जाने पर सीधे जेल भेजने का काम करेंगे।

    जबकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इस त्योहार पर लोग सिर्फ पांच लोग ही एक साथ नमाज अदा कर सकेंगे। इतना ही नहीं बिना मास्क के इस त्यौहार के दिन कोई भी युवा बच्चे नौजवान बेवजह चौराहों पर झुंड की शक्ल में दिखाई दिए तो उससे भी पुलिस सख्ती से निपटने कार्य करेगी । इसके अलावा बारी बारी मस्जिद में केवल 5-5 की संख्या में ही नमाज पढ़ सकते हैं। मस्जिद के मस्जिद के इमाम ओ के पास सैनिटाइज व मास्क हर हाल में मौजूद रखेंगे। सिर्फ छोटे पशुओं का ही इस पर्व के दिन कुर्बानी दी जाएगी। घर से निकलने के दौरान मास्क व हेलमेट निकलने पर जोर दिया ।

    ईद उल अजहा का पर्व बलिदान का त्यौहार है। इस पर्व को अमन चैन के साथ मनाएं। इसमें अशांति का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से अपील की सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर किसी तरह का कुछ ऐसा पोस्ट न करें जिससे कोई आहत हो। बैठक में लोगों से कहा गया कि कुछ युवा सोशल मीडिया का उपयोग समाज में अशांति फैलाने के लिए कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि वैसे लोगों को चिन्हित कर लिया गया है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले भी बख्शे नहीं जाएगें।
    बैठक में उपनिरीक्षक चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार,नागेंद्र सिंह आलोक यादव,जैदी खान, सभासद चंदन जयसवाल,लिंकन सिंह,जाहिद अली,आफताब सिद्दीकी,जलालु अंसारी, इसमोहम्मद बाबू खान,हसमुद्दीन, सलाउद्दीन,एबाब्दुल्लाह अहमद, साबिर अली,मौलाना मोहम्मद अनवर,गुलाम मुस्तफा,अहमद राजा,ग्राम प्रधान मोहम्मद सलीम, एजाज अहमद,शाहिद हाफि जी, मुमताज अहमद,सलाउद्दीन सिद्धकी,शाहबाद अंसारी समेत आदि लोग मौजूद रहे।

  • जिले के नये कप्तान ने किया कार्यभार ग्रहण, अपराध व अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का दिया निर्देश

    जिले के नये कप्तान ने किया कार्यभार ग्रहण, अपराध व अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का दिया निर्देश
    जिले के नये कप्तान ने किया कार्यभार ग्रहण, अपराध व अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का दिया निर्देश

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिले के नये कप्तान दिनेश सिंह ने किया कार्यभार ग्रहण कर क्षेत्र में अपराध व अपराधियों पर सख्त कार्यवाही कर अंकुश लगाने का पुलिस आला अधिकारियों को दिया निर्देश। नवागत पुलिस अधीक्षक आईपीएस 2018 व बैच एलाटमेंट 2011 के है। श्री सिंह आईपीएस 1991 बैच के प्रांतीय पुलिस के अधिकारी है पूर्व में प्रदेश के आधा दर्जन जिलों प्रयागराज,झाँसी, बरेली,लखनऊ एसटीडी व पुलिस उपायुक्त लखनऊ के पद पर रह चुके हैं।पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने गौरीगंज में स्थिति पुलिस अधीक्षक सभागार में जनपद के co व so की मीटिंग लेकर अपराध व अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के निर्देशित कर सोशल मीडिया के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस न करते हुए जिले का कार्यभार संभाला।

  • कुशीनगर में बेवजह बाइक से बिना मास्क के निकले लोगों का कटा चालान,पडरौना में पुलिस के पहरे के बीच चौराहे पर सन्नाटा

    [object Promise]
    उपेंद्र कुशवाहा
    कुशीनगर। लॉकडाउन के दूसरे दिन रविवार को पूरे जिले बंदी रही। नाममात्र के लोग आते-जाते दिखे। प्रमुख चौराहे पर आने-जाने वाले लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही थी। हेलमेट और मास्क न लगाने वाले बाइक चालकों का चालान भी काटा। बहुत जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकले।
    पडरौना नगर के ओंकारवाटिका कॉलोनी, तिलक नगर, तुलसी आवासीय कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, अंबेडकरनगर, साहबगंज, कानू टोला, जगदीशपुरम कॉलोनी, छावनी पूर्वी, कन्नौजिया वार्ड सहित कई मोहल्लों में कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। पहले तो प्रशासन ने इन मोहल्लों में जाने वाले मार्गों को सील कराया, लेकिन मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ने के कारण 21 जुलाई को प्रशासन ने पडरौना शहर में 14 दिनों का लॉकडाउन घोषित कर दिया। इसके अलावा शनिवार व रविवार को प्रदेश सरकार की तरफ से लॉक डाउन है। इसके चलते रविवार को पूरे जिले में सन्नाटा रहा।
    लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस और प्रशासन मुस्तैद है। रविवार को पडरौना नगर के छावनी, मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पुल, कठकुइयां रोड, सुभाष चौक, अंबे चौक, बलुचहां चुंगी और बावली चौक पर पुलिस के जवानों ने बैरिकेडिंग कर बाइक चालकों को रोका और आने-जाने का कारण पूछा। हेलमेट और मास्क न लगाने वालों का चालान भी काटा। इसके अलावा कसया, हाटा, कप्तागनंज, रामकोला, खड्डा, दुदही, सेवरही, फाजिलनगर, तमकुहीराज आदि कस्बों में भी सन्नाटा

  • रामलला की पूजा व्यवस्था राम मंदिर आंदोलन के साथ-साथ कई बार बदली…

    रामलला की पूजा व्यवस्था राम मंदिर आंदोलन के साथ-साथ कई बार बदली…

    आखिरकार वह घड़ी नजदीक आ चुकी है जिसका इंतजार दशकों से देश-दुनिया के करोड़ों लोग कर रहे थे. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आधिकारिक शुरुआत होने जा रही है. इसी क्रम में पांच अगस्त को अयोध्या में रामलला के मंदिर का भूमि पूजन होना है. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी शामिल हो रहे हैं. भूमि पूजन के बाद मंदिर निर्माण के कार्यों में तेजी आएगी. राम मंदिर अब और भव्य और विशाल बनने वाला है. मंदिर निर्माण के बाद रामलला अपने गर्भ गृह में चले जाएंगे जहां अलग ही शान-शौकत के साथ उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी. लेकिन क्या आपको पता है कि इससे पहले रामलला की पूजा किस प्रकार की जाती थी?

    यह जानने के लिए आपको राम मंदिर से जुड़े पुराने इतिहास की तह में जाना होगा. ये भी जानना होगा कि इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई थी, जिसने धीरे-धीरे विकराल रूप अख्तियार कर लिया और बहुत कुछ बदल गया. यहां आपको बता दें कि यूं तो राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद काफी पुराना है लेकिन जिस भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया था.

    उस विवाद की शुरुआत 1949 में हुई थी जब 22/23 दिसंबर 1949 की रात मस्जिद के भीतरी हिस्से में रामलला की मूर्तियां रखी गई थीं. इस घटना के बाद अयोध्या का पूरा परिदृश्य ही बदल गया था और वहां पूजा की पुरानी व्यवस्था भी समाप्त हो गई थी. बता दें कि मर्यादा पुरुषोत्तम के बाल रूप यानी रामलला की मूर्ति बाबरी मस्जिद के मुख्य गुंबद के ठीक नीचे वाले कमरे में रखी गयी थी.

    बाबरी मस्जिद में कम ही जाया करते थे मुसलमान

    बाबरी मस्जिद को लेकर यह आम धारणा थी कि इसे मुगल काल में भगवान राम के प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाया गया था. रख-रखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील होती जा रही वह मस्जिद उन दिनों सिर्फ शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए खुलती थी. बाकी दिन उस ओर कम ही लोगों का आना-जाना होता था. इसकी वजह 1934 के दंगे थे, जिसके बाद मुसलमानों ने डर के मारे उधर जाना लगभग छोड़ दिया था.

    पहले इस तरह हुआ करती थी रामलला की पूजा

    उस वक्त बाबरी मस्जिद की दीवार के बाहरी हिस्से में 21 फुट गुना 17 फुट का एक चबूतरा था, जिसे राम चबूतरा के नाम से जाना जाता था. वहां राम के बाल स्वरूप (रामलला) की एक मूर्ति विराजमान थी. रामलला के दर्शन के लिए तब उतने ही लोग जुटते थे जितने अयोध्या के किसी भी दूसरे मंदिर, मठ या आश्रम में जुटते थे. लेकिन रामलला के प्राकट्य उत्सव ने सब कुछ बदल दिया.

    23 दिसंबर 1949 की सुबह बाबरी मस्जिद के मुख्य गुंबद के ठीक नीचे वाले कमरे में वही मूर्ति मिली थी, जो कई दशकों से राम चबूतरे पर विराजमान थी और जिनके लिए वहीं की सीता रसोई या कौशल्या रसोई में भोग बनता था. राम चबूतरा और सीता रसोई निर्मोही अखाड़ा के नियंत्रण में थे और उसी अखाड़े के साधु-संन्यासी वहां पूजा-पाठ आदि विधान करते थे.

    विवाद बढ़ा तो ताले के भीतर होने लगी भगवान राम की पूजा

    23 दिसंबर को पुलिस ने मस्जिद में मूर्तियां रखने का मुकदमा दर्ज किया था, जिसके आधार पर 29 दिसंबर 1949 को मस्जिद कुर्क कर उस पर ताला लगा दिया गया था. कोर्ट ने उस मामले में तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष प्रिय दत्त राम को इमारत का रिसीवर नियुक्त किया था और उन्हें ही मूर्तियों की पूजा आदि की जिम्मेदारी दे दी थी. उस वक्त रामलला का भोग राम चबूतरे की रसोई में बनाया जाता था. इसके बाद भोग लगाने के लिए संतरी विवादित इमारत का ताला खोल देता था.

    लेकिन 1971 में रिसीवर प्रिय दत्त राम की मृत्यु हो गई. इसके बाद नए रिसीवर और निर्मोही अखाड़े के बीच विवाद खड़ा हो गया. मामला अदालत में था और इस दौरान इस पर पुलिस ने दखल दिया और ताला लगाकर चाबी अपने पास रख ली. मौके पर तैनात संतरी बदल गया और चाबी नए संतरी को सौंप दी गई. वहां दो दरवाजे थे. एक दरवाजा भोग लगाने और प्रार्थनाओं के लिए हमेशा खुला रहता था. लंबे समय तक यही व्यवस्था चलती रही.

    6 दिसंबर 1992 को पूरी तरह बदल गयी व्यवस्था

    6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में हुई घटना के बाद भगवान रामलला की उसी वक्त स्थापना कर दी गयी थी. हालांकि वह एक अस्थायी मंदिर था. एक ऊंचे टीले का निर्माण कर विधि-विधान के साथ वहां रामलला की स्थापना कर दी गयी थी. इसके साथ ही उनके पूजा-पाठ की जिम्मेदारी रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को सौंप दी गयी थी. हालांकि रामलला का वह अस्थायी मंदिर एक टेंट से बनाया गया था और कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था में था. कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था की वजह से एक बार फिर भक्तों का रामलला तक पहुंच पाना दूभर हो गया था. यही व्यवस्था कई सालों तक चलती रही.

    25 मार्च 2020 को एक बार फिर बदली रामलला की पूजा व्यवस्था

    चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यानी 25 मार्च को आखिरकार वह मौका आया जब 27 साल 3 माह 20 दिन बाद रामलला टेंट से निकल कर एक अस्थायी और मेकशिफ्ट मंदिर में स्थापित किए गए. कुछ लोगों ने इस बात का भी दावा किया कि करीब 500 सालों (1528-2020) बाद रामलला चांदी के सिंहासन पर विराजमान हुए जिसे अयोध्या के राजघराने की तरफ से भेंट किया गया था. यहां आपको बता दें कि 25 मार्च को ब्रह्म मूहूर्त में करीब 4 बजे श्रीरामजन्मभूमि परिसर में स्थित गर्भगृह में रामलला को स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अस्थायी मंदिर में शिफ्ट किया गया था. इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.

    गर्भ गृह से कुछ मीटर की दूरी पर मानस भवन के नजदीक बनवाए गए रामलला के अस्थायी मंदिर में विराजमान होने के साथ ही अब श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए ज्यादा दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी. इसके साथ ही अब श्रद्धालु काफी करीब से रामलला के दर्शन कर सकते हैं. अस्थायी मंदिर में 5 फीट की गैलरी श्रद्धालुओं के लिए बनायी गयी है. इसके अलावा सामने से रामलला के दर्शन के लिए रंग मंडप भी बनाया गया है.

  • बडी खबरः सीएम योगी ने किया फिर से दीवाली मनाने का ऐलान, कहा- अयोध्या को त्रेतायुग की तरह सजाएं 

    [object Promise]

    अयोध्या। रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन के अवसर पर अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में दीवाली मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भूमि पूजन की तैयारी के लिए संतों की बैठक में यह आह्वान किया। कारसेवकपुरम में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि पांच सौ वर्षों के बाद वह शुभ घड़ी आई है जिसका हिन्दू समाज को बेसब्री से इंतजार था। उन्होंने कहा कि यह एक अवसर है जब हम हर घर व मंदिर में दीपक जलाकर पूरी दुनिया को गौरवशाली क्षण का एहसास करा सकते हैं।

    [object Promise]
    बडी खबरः सीएम योगी ने किया फिर से दीवाली मनाने का ऐलान, कहा- अयोध्या को त्रेतायुग की तरह सजाएं

    सरयू किनारे राम की पैड़ी पर भी 11 हजार दीए जलाए जाएंगे
    मुख्यमंत्री ने हर घर व मंदिर में कम से कम पांच दीए जलाने का आह्वान करते हुए यह भी जानकारी दी कि इस दौरान राम की पैड़ी पर भी 11 हजार दीए जलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच अगस्त को निर्धारित मुहूर्त में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। इसके साथ संतों से अपेक्षा की कि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से आपको जब आमन्त्रण दिया जाए तो वही लोग कार्यक्रम में शामिल हों जिन्हें आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपने साथ अतिरिक्त लोगों को न लाएं क्योंकि सोशल डिस्टेसिंग के लिए सीमित लोगों को ही आमंत्रित करने की मजबूरी है। उन्होंने कहा कि किसी के बहकावे में आने और भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। सम्पूर्ण अयोध्या को भव्यता देने की हमारी जिम्मेदारी है और विकास कार्य भी चल रहे हैं जिन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाएगा।

    रामनगरी में संत और नागरिक शुरू करें सामूहिक स्वच्छता अभियान
    उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण शुरू होने के साथ रामजन्मभूमि न्यास के पूर्व अध्यक्ष महंत रामचंद्र दास परमहंस और विहिप सुप्रीमो अशोक सिंहल की आत्मा को शांति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मंदिर आन्दोलन को संघ का नेतृत्व मिला और संतों का मार्गदर्शन मिला जिसके कारण साधना की सिद्धि हुई है। मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि इसीलिए इस अवसर को पूरी दुनिया के लिए यादगार बनाना है। इस कार्य में सभी संतों एवं समाज का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने सभी से पूरी अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने की अपील करते हुए कहा कि हर मंदिर, मठ, घर, सड़क और हर गली साफ-सुधरी और सुंदर बने, इसके लिए रविवार से सामूहिक प्रयास शुरू कर दें।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्यतम स्वागत होगा: महंत नृत्यगोपाल दास
    बैठक के अंत में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष व मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास ने मुख्यमंत्री को संत समाज की ओर से आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्यतम स्वागत होगा। उन्होंने कहा कि यह पूरे हिन्दू समाज के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। इससे पूर्व कौशलेश सदन पीठाधीश्वर जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य ने पांच अगस्त के मुहूर्त पर सवाल उठाने वालों को खारिज करते हुए चुनौती दी। बैठक का संचालन करते ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सभी संतों का स्वागत किया।

  • पत्र लिखकर प्रियंका ने योगी को कहा : ठीक करें यूपी की कानून व्यवस्था…

    पत्र लिखकर प्रियंका ने योगी को कहा : ठीक करें यूपी की कानून व्यवस्था…

    लखनऊ। कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में हो रही अपहरण की घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ठीक करें, जनता परेशान हैं। मुख्यमंत्री के नाम इस पत्र में महासचिव प्रियंका गांधी ने लिखा, “कानपुर, गोंडा, गोरखपुर की घटनाएं आपके संज्ञान में होंगी। मैं गाजियाबाद के एक परिवार की पीड़ा की तरफ आपका ध्यान खींचना चाहती हूं। मेरी इस परिवार से बात हुई है।”

    उन्होंने आगे लिखा, “गाजियाबाद के व्यवसायी विक्रम त्यागी लगभग एक माह से गुमशुदा हैं। परिवार की आशंका है कि उनका अपहरण हो गया है। बार-बार आग्रह के बाद भी पुलिस-प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। दो दिन पहले हमारी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल उनके परिजनों से भी मिला था। वे बहुत ही चिंतित और परेशान हैं।”

    उन्होंने पत्र में आगे लिखा है, “कृपया उनकी मदद करें और पुलिस अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित करें कि पूरी तरह से उनकी सहायता की जाए।”

    महासचिव ने पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश में अपहरण की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। इस समय इन मामलों के प्रति पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पूरी मुस्तैदी और दक्षता से कार्यवाही करें।

  • जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र सुलतानपुर का भ्रमण कर लॉकडाउन के अनुपालन एवं सर्वे कार्य की धरातलीय सत्यता परखी

    जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र सुलतानपुर का भ्रमण कर लॉकडाउन के अनुपालन एवं सर्वे कार्य की धरातलीय सत्यता परखी
    जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र सुलतानपुर का भ्रमण कर लॉकडाउन के अनुपालन एवं सर्वे कार्य की धरातलीय सत्यता परखी

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 27 जुलाई/जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती एवं पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने संयुक्त रूप से नगर क्षेत्र सुलतानपुर का भ्रमण कर लॉकडाउन के अनुपालन एवं सर्वे टीम द्वारा किये जा रहे सर्वे की हकीकत जानी। जिलाधिकारी ने शहर स्थित डाकखाने चौराहे का निरीक्षण किया और जी0एन0 रोड पर खड़े होकर अपनी उपस्थिति में वैरीकेटिंग करवाई। तत्पश्चात करौंदिया मुहल्ले के वार्ड-1 में स्वच्छता, साफ-सफाई, सेनेटाइजेशन आदि का अवलोकन किया। उन्होंने सर्वे टीम द्वारा डोर-टू-डोर किये जा रहे सर्वे कार्य का अवलोकन कर हकीकत जानी। तत्पश्चात मुहल्ला निरालानगर के वार्ड-22 का अवलोकन जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उन्होंने मुहल्लेवासियों से लॉकडाउन के नियमों के अनुपालन तथा घरों में सुरक्षित रहने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति में यदि सॉस फूलने, खॉसी, दमा, जुखाम, बुखार आदि के लक्षण प्रतीत होते हों, तो ऐेसे व्यक्ति स्वयं को कदापि न छिपायें, बल्कि कन्ट्रोल रूम को सूचित कर अपना एन्टीजेन टेस्ट करायें। उन्होंने टीम के सदस्यों द्वारा किये जा रहे सर्वे कार्य तथा कठिनाईयों के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने मुहल्लेवासियों से सर्वे टीम को सहयोग प्रदान करने की अपील की।निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर रामजीलाल, सीओ सिटी सतीश चन्द्र शुक्ला उपस्थित रहे।