Category: uttar-pradesh

  • राहुल गांधी पत्रकार की हत्या पर बोले- ‘राम राज का वादा था, दे दिया गुंडाराज’

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    दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भांजी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने वाले पत्रकार को सोमवार रात बदमाशों ने गोली मारी दी थी, ज़िन्दगी और मौत  से जंग लड़ रहे पत्रकार विक्रम जोशी की बुधवार सुबह मौत हो गई. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस घटना पर दुखना प्रकट करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Adityanath Government) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वादा था राम राज का, दे दिया गुंडाराज।

    राहुल गांधी ने बुधवार को अपने ट्वीट में लिखा-“अपनी भांजी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या कर दी गयी। शोकग्रस्त परिवार को मेरी सांत्वना। वादा था राम राज का, दे दिया गुंडाराज।”

    इससे पहले, कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, ” गाजियाबाद NCR में है। यहाँ कानून व्यवस्था का ये आलम है तो आप पूरे यूपी में कानून व्यवस्था के हाल का अंदाजा लगा लीजिए. एक पत्रकार को इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उन्होंने भांजी के साथ छेड़छाड़ की तहरीर पुलिस में दी थी। इस जंगलराज में कोई भी आमजन ख़ुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा? दरअसल, गाज़ियाबाद में पत्रकार ने अपनी भांजी के छेड़ने की तहरीर पुलिस को दी थी। पुलिस ने ना उसमें कार्यवाही की और ना ही किसी की गिरफ्तारी की। इसके बाद तहरीर देने से नाराज़ बदमाशों ने सोमवार की देर रात पत्रकार को गोली मार दी।

    घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि पांच-छह बदमाश जोशी को घेरकर मार रहे हैं, तभी एक दूसरा अपराधी आता है और उनके सिर में बिल्कुल करीब से गोली मार देता है। गोली लगने के बाद जोशी ज़मीन पर गिर जाते हैं और बदमाश भाग जाते हैं। जिसके तुरंत बाद उनकी बेटी पास में आती है और घबराई हुई मदद के लिए चिल्लाती है। इस मामले में मंगलवार तक पुलिस ने नौ आरोपी किए गए थे। वहीं, चौकी इंचार्ज को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड भी कर दिया गया।

  • न्याय होगा मेरे पति के साथ, जिसे पुलिस ने इस्तेमाल किया और खत्म कर दिया: विकास दुबे की पत्नी

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के 12 दिनों बाद उसकी पत्नी रिचा दुबे ने न्याय प्रणाली में भरोसा जताया है और कहा है कि उसे भरोसा है कि उसके पति के साथ न्याय होगा, जिसे पुलिस ने इस्तेमाल किया और खत्म कर दिया।

    रिचा दुबे ने कहा कि महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान पुलिसकर्मी बिकरू गांव में लंच और डिनर करते थे और उनमें से कई रात को रुकते भी थे। उसने कहा है, “पुलिस ने उनका इस्तेमाल किया और उसके बाद उन्हें खत्म कर दिया। मुझे संविधान में पूरा भरोसा है और न्याय की जीत होगी।”

    एक स्थानीय दैनिक को दिए साक्षात्कार में रिचा ने कहा कि बिकरू गांव में जिस रात यह घटना घटी, जिसमें आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे, उसे तीन जुलाई को तड़के लगभग दो बजे अपने पति (विकास दुबे) की तरफ से एक फोन काल आया था।

    रिचा ने कहा, “उन्होंने मुझसे कहा कि अपने लखनऊ वाले घर से तत्काल भाग जाओ, क्योंकि बिकरू में कई पुलिसकर्मी मारे गए हैं। मैं भाग गई और एक मित्र के यहां मुझे शरण मिला। उन्होंने मुझसे वह अंतिम बार बात की थी और उसके बाद मुझे मीडिया रपटों से ही सारी जानकारी मिली।”

    हालांकि उन्होंने यह बताने से इंकार कर दिया कि उन्होंने कहां शरण ली थी।

    रिचा ने कहा कि उसके पति उतने क्रूर नहीं थे, जितना उन्हें पेश किया गया है।

    उसने कहा, “वह अपराधी हो सकते हैं, लेकिन वह ख्याल रखने वाले एक पति और पिता थे। वह अपने दोनों बच्चों से प्यार करते थे। हर महीने मुझे खर्च के रूप में 40 हजार रुपये मिलते थे। मेरा बड़ा बेटा शांतनु रूस में चिकित्सा की पढ़ाई पढ़ रहा है और मेरे छोटे बेटे आकाश ने अपनी 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।”

    रिचा ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उस रात बिकरू में क्या कुछ हुआ। मेरे पति मर चुके हैं, लेकिन मेरी उम्मीद जिंदा है।”

    रिचा ने कहा कि विकास दुबे उनके भाई राजू निगम के एक अच्छे मित्र थे। उन्होंने कहा, “मेरी उनसे मुलाकात 1990 में हुई और मेरे भाई ने ही हमारी शादी कराई।”

    उसने कहा कि विकास अपने गांव में विवादों को सुलझाने में लोगों की मदद करते थे और लोग अपनी समस्याओं को लेकर उनके पास आते थे। “बिकरू में जो वह कहते थे, वही अंतिम शब्द होता था।”

    रिचा ने आगे कहा कि अपनी आपराधिक प्रोफाइल के कारण दुबे ने 2004 में लखनऊ में एक घर बनाने का निर्णय लिया, ताकि बच्चे स्थानीय राजनीति से दूर रह सकें।

    उसने कहा, “वह चाहते थे कि बच्चे पढ़ाई करें और बेहतर जिंदगी जीएं।”

    रिचा ने अपनी सास सरला देवी के साथ असहज संबंधों की भी बात की, लेकिन कहा कि विकास दुबे हमेशा अपने माता-पिता की इच्छा का सम्मान करते थे। यदि कोई व्यक्ति मेरी सांस या ससुर के सामने जाकर विनती कर लेता था, विकास उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते थे।

  • योगी सरकार की कोरोना की वजह से बकरीद पर गाइडलाइन जारी…

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    लखनऊ। साल 2020 में ईद उल अजहा का त्योहार 1 अगस्त को मनाया जा रहा है। ईद मुसलमानों के प्रमुख त्योहारों मे से एक है। कोरोना संकट की वजह से योगी सरकार ने बकरीद और जानवरों की कुर्बानी के लिए गाइडलाइन जारी की है। योगी सरकार ने कोरोना के संक्रमण के डर से सभी धार्मिक स्थलों के लिए भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, किसी भी धार्मिक स्थल में सामूहिक रूप से भीड़ एकत्रित न की जाए।

  • अब ड्रोन कैमरे से होगी कंटेनमेंट जोन की निगरानी…जिलाधिकारी

    अब ड्रोन कैमरे से होगी कंटेनमेंट जोन की निगरानी…जिलाधिकारी

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण हेतु जनपद में कंटेनमेंट जोन की अब ड्रोन कैमरा के माध्यम से निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन के अंदर लॉकडाउन से संबंधित जो गाइडलाइन जारी की गई है उसका लोगों द्वारा पालन किया जा रहा है या नहीं किया जा रहा है इसकी जानकारी ड्रोन कैमरे के माध्यम से ली जाएगी साथ ही जो लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। आज अमेठी में बने कंटेनमेंट जोन की ड्रोन कैमरा के माध्यम से निगरानी की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में कोविड-19 का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है जिसके दृष्टिगत कंटेनमेंट जोन के अंदर ड्रोन कैमरे के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

  • 2187.78 लाख की लागत से अमेठी-ककवा रेलवे क्रॉसिंग पर उपरिगामी सेतु का होगा निर्माण

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    जिलाधिकारी ने आज मौके पर जाकर किया स्थलीय निरीक्षण एवं दिए आवश्यक निर्देश।

    एक वर्ष में पूरा होगा उपरिगामी सेतु का निर्माण कार्य।

    अमेठी।जनपद अमेठी में अमेठी-ककवा मार्ग पर उत्तर रेलवे के लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल सेक्शन के रेल सम्पार संख्या 102 बी पर दो लेन रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण कराया जाना है, उक्त सेतु का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम सुल्तानपुर द्वारा कराया जाएगा। जिसके क्रम में आज जिलाधिकारी श्री अरुण कुमार ने उप जिलाधिकारी अमेठी योगेंद्र सिंह व कार्यदायी संस्था के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मुकेश कुमार, सहायक अभियंता लोकेश खरे के साथ मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया एवं आवश्यक निर्देश दिए। कार्यदायी संस्था के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि 2187.78 लाख की लागत से उपरिगामी सेतु का निर्माण किया जाएगा, सेतु की कुल लंबाई 641 मीटर है, जिसमें 37.28 मीटर रेलवे लाइन के ऊपर रेलवे विभाग द्वारा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक वर्ष में सेतु के निर्माण का कार्य पूर्ण किया जाना है जिसको लेकर टेंडर आदि की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, 15 दिनों के अंदर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने सेतु के निर्माण के दौरान जाम की समस्या व आमजन की सुरक्षा को लेकर रेलवे फाटक बंद कर डायवर्जन रूट तैयार करने के निर्देश उप जिलाधिकारी अमेठी को दिए। जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था को स्पष्ट निर्देश दिया कि जन सामान्य की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेतु का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूर्ण किया जाए।

  • मुख्यमंत्री खफा यूपी में बढ़ते अपराध से, निलंबित हुए कानपुर की एएसपी, सीओ

    मुख्यमंत्री खफा यूपी में बढ़ते अपराध से, निलंबित हुए कानपुर की एएसपी, सीओ

    लखनऊ । कानपुर के बिकरू कांड के बाद लैब टेक्नीशियन की अपरहण के बाद हत्या और गाजियाबाद में पत्रकार की हत्या जैसे मामलों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद खफा हैं। उनकी नाराजगी का असर कानपुर की एएसपी व सीओ के निलंबन के रूप में हुआ है। कानपुर बर्रा कांड में हुई शुरुआती कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक (कानपुर दक्षिणी) एएसपी अपर्णा गुप्ता और तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। एडीजी (पुलिस मुख्यालय) बी.पी. जोगदंड को पूरे मामले की जांच सौंपी गई। मुख्यमंत्री योगी की पुलिस अफसरों पर यह बड़ी कार्रवाई है।

    सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञाप्ति के अनुसार, जनपद कानपुर के थाना बर्रा में दर्ज मुकदमे की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कानपुर नगर) द्वारा विवेचना में लापरवाही बरते जाने के आरोप में थाना बार्रा के पूर्व निरीक्षक रणजीत राय व चौकी प्रभारी राजेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है।

    शासन द्वारा विचार किए जाने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी कानपुर नगर) अर्पणा गुप्ता और क्षेत्राधिकारी मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना में फिरौती के लिए पैसे दिए गए या नहीं, इस मामले की जांच के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (पीएचक्यू लखनऊ ) को तत्काल कानपुर पहुंचकर जांच करने का निर्देश दिया गया है।

    प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर शुक्रवार को कोरोना वायरस के प्रकोप की समीक्षा बैठक के दौरान दिखे। पुलिस तथा अपराधियों के बीच सांठ-गांठ के कई मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी बेहद खफा हुए। इसे देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रदेश के पुलिस महकमे में जल्द ही बड़ा फेरबदल हो सकता है।

  • कोरोना पॉजिटिव हुए योगी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, खुद को किया होम क्वारनटीन

    कोरोना पॉजिटिव हुए योगी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, खुद को किया होम क्वारनटीन

    लखनऊ। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप ने योगी सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह को भी अपनी चपेट में ले लिया है। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने खुद ही इस बात की जानकारी दी है। अस्पतालों का निरीक्षण करने में व्यस्त रहने वाले मंत्री जय प्रताप सिंह की कोरोना वायरस संक्रमण रिपोर्ट पॉजिटिव है। मंत्री ने बताया कि वह फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह की तबीयत गुरुवार को खराब हुई थी, जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट कराया गया था। उन्होंने बताया है कि ट्र नेट मशीन में उनके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है और अब लैब टेस्ट के लिए सैंपल भेजा गया है।

    उन्होंने खुद ही बताया है कि वे इस वक्त अपने लखनऊ के गोमती नगर स्थित घर में ही आइसोलेट हैं। उन्हें डॉक्टर्स ने अगले 10 दिन के लिए आइसोलेशन में रहने के लिए कहा है। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि वे कोरोना पॉजिटिव भले हैं लेकिन उन्हें किसी तरह के कोई लक्षण नहीं है और वे खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि घबराने की बात नहीं है, जल्द ठीक हो जाऊंगा। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में ही हैं और अपने आवास में होम क्वारंटीन हो गए हैं। कोरोना वायरस संक्रमित बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर के साथ लखनऊ में एक पार्टी में शिरकत करने के बाद पहले भी जय प्रताप को होम क्वॉरंटीन होना पड़ा था।

    प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के पहले योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान, आयुष मंत्री डां धर्म सिंह सैनी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी, मंत्री रघुराज सिंह, प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण के कोरोना वायरस संक्रमित हुए थे। सभी को संजय गांधी पीजी मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेस में आइसोलेट किया गया है। हालांकि मोती सिंह ने अपने स्वस्थ होंने की खबर ट्वीट की थी।

    ज्ञात हो कि कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार उत्तर प्रदेश में चरम पर है। जुलाई में संक्रमितों की संख्या का रोज रिकॉर्ड बन रहा है। प्रदेश में गुरुवार को भी अब तक के सर्वाधिक 2,529 नए पॉजिटिव केस मिले हैं।

  • प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर कसा तंज, कहा- मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने में नहीं छिपाने में रूचि

    लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रुचि इन हालातों को सुधारने में नहीं, इन्हें छिपाने में है।

    प्रियंका गांधी ने गुरूवार को ट्वीटर पर एक अस्पताल में भरे पानी में काम कर रहे लोगों का एक वीडियो अपलोड किया और लिखा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाएं चाकचौबंद होनी चाहिए। मगर महोबा के महिला अस्पताल का ये हाल है। आपने बरेली, गोरखपुर के अस्पतालों में भी अव्यवस्थाएं देखीं। लखनऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के ऊपर बयान देने वाले सीएम की रुचि इन हालातों को सुधारने में नहीं, इन्हें छिपाने में है।

    इससे पहले उन्होंने लिखा था कि यूपी के दो प्रमुख नगरों लखनऊ और गोरखपुर के सरकारी अस्पतालों में बेड फुल हो जाने की खबरे हैं। कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और अस्पतालों की ये स्थिति चिंताजनक है। तीन महीने पहले सरकार के समक्ष उठाई गई चिंताएं आज हकीकत के रूप में सामने आ रही हैं।

  • विपक्ष ने उठाए सवाल कानपुर के अपहृत पैथोलॉजी कर्मी संजीत यादव की हत्या पर

    विपक्ष ने उठाए सवाल कानपुर के अपहृत पैथोलॉजी कर्मी संजीत यादव की हत्या पर

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक महीने पहले लैब टेक्नीशियन का अपहरण और हत्या को लेकर विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्विटर के माध्यम से लिखा, “उप्र में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है। घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता। विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या। खबरों के मुताबिक।”

    उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि “पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और अब उनकी हत्या कर दी गई। एक नया गुंडाराज आया है। इस जंगलराज में कानून-व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है।”

    समाजवादी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा, “कानपुर से 22 जून को अपहृत युवक संजीत यादव की हत्या समूची कानून व्यवस्था की हत्या है! 1 महीने से निष्क्रिय सरकार का भ्रष्ट तंत्र सिर्फ विपक्षियों को फंसाने के लिए? अपराधियों को पकड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने क्या रणनीति बनायी? एकलौते पुत्र को खोने वाले पीड़ित परिवार को मिले मुआवजा।”

    ज्ञात हो कि कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

    लैब टेक्नीशियन के रिश्तेदार का दावा है कि उन्होंने अपहरणकतार्ओं को 30 लाख रुपये की फिरौती दी है। लेकिन आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल का कहना है कि अब तक की जांच के अनुसार हमने पाया कि कोई फिरौती की राशि नहीं दी गई है, फिर भी हम सभी एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं।

    एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि बर्रा से अपहरण किए गए युवक की 23 जून को गुमशुदगी लिखी गई थी। इसके बाद 26 जून को उसे एफआईआर में तब्दील किया गया था। परिजनों के पास 29 जून को फिरौती के लिए कॉल आया था। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीमों को लगाया गया था।

    पुलिस टीम के द्वारा कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। संजीत के दो खास दोस्त थे, ये दोस्त संजीत के साथ अन्य पैथोलॉजी में काम कर चुके हैं। उनके द्वारा कबूला गया है कि 26 या 27 जून को ही मर्डर किया है, इसके बाद पांडू नदी में शव को फेंक दिया गया है। शव की तलाश की जा रही है।

  • एन्टी भू माफिया पोर्टल जनपद में निष्क्रिय , अनुसूचित जाति के पट्टा धारको की जमीनों को जबरन दवाब बनाकर भू माफिया कर रहे जबर्दस्ती कब्जा

    भू-माफियाओं द्वारा सरकारी एवं निजी सम्पत्तियों पर अवैध कब्जा करने की शिकायतें शासन एवं प्रशासन स्तर पर प्राप्त होती रहती हैं। ऐसे भूमाफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के लिए एन्टी भू माफिया पोर्टल का गठन किया गया। ताकि जनमानस में सुरक्षा की भावना उत्पन्न हो। सार्वजनिक एवं निजी भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे के प्रकरणों में जनसामान्य को अपनी शिकायत सुगमतापूर्वक दर्ज कराने, शिकायत पर कृत कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करने, के लिए एन्टी भू माफिया पोर्टल बढ़िया माध्यम है ।

    लेकिन इसके विपरीत जनपद उन्नाव में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां पर वीरेंद्र शुक्ला नामक एक बहुचर्चित भूमाफिया का नाम एंटी भू माफिया पोर्टल पर दर्ज था लेकिन इसके बावजूद वह जिला प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए अनुसूचित जाति के पट्टा धारकों की जमीनों को जबरदस्ती कब्जा कर रखा है यह भू पट्टा दार अनुसूचित जाति के लोग शिकायतें करते रहे लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और उन्होंने इसकी शिकायत जनपद के जिला अधिकारी रवींद्र कुमार से किया है।

    जिसमें जिला अधिकारी रवींद्र कुमार ने उप जिलाधिकारी सदर को जांच करने के आदेश दिए है । भू -माफिया वीरेन्द्र शुक्ला अपने आप को समाजवादी पार्टी का जिला उपाध्यक्ष बताता है। इसकी कई तस्वीरें सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ,पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा के बड़े नेता बेनी प्रसाद वर्मा के साथ देखी जा सकती है l

    उक्त मामला जनपद उन्नाव के ग्राम कुशाल खेड़ा मजरा फत्तेपुर परगना हड़हा तहसील व जिला उन्नाव का है। शिकायतकर्ता माधुरी ने बताया कि वर्ष 2011 में उसको सरकार द्वारा पट्टा आवंटित हुआ था और उसके गांव के कई लोगों को पट्टा दिया गया था । इस दौरान उसके पति की मौत हो गईं। जिसके बाद वह अपना भरण-पोषण के लिए उक्त पट्टे की जमीन पर खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण करती है। शिकायतकर्ता माधुरी ने बताया कि उसके पट्टे की जमीन के बगल में बहुचर्चित भू माफिया वीरेंद्र शुक्ला का आवा कॉन्टिनेंटल नामक एक प्रतिष्ठान है जिसका मालिक खुद भू माफिया वीरेंद्र शुक्ला है। शिकायतकर्ता माधुरी ने बताया कि एक ही गांव के निवासी होने के कारण सभी ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके आवंटित वाली जमीन पर एक बाउंड्री वाल का निर्माण करा लिया था जिससे भूमाफिया वीरेंद्र शुक्ला उक्त जमीन पर कब्जा ना कर सके क्योंकि आवंटित वाली जमीन पर जाने का मार्ग भूमाफिया वीरेन्द्र शुक्ला की जमीन की तरफ से था तो सभी ग्रामीणों ने मिलकर मिट्टी खेत में डालकर खेत में आने जाने का एक रास्ता बना लिया। जिसके बाद आवा कॉन्टिनेंटल का मालिक बहुचर्चित भू माफिया वीरेंद्र शुक्ला ने मेरी और अन्य ग्रामीणों के पट्टे की जमीन को जबरन अपने साथियों वीरेंद्र यादव और अंशु पांडे के साथ जातिसूचक गालिया देकर जबरदस्ती कब्जा कर लिया ।

    शिकायतकर्ता महिला माधुरी ने बताया कि दिनांक 3-7-2020 जब अपनी बेटी के साथ पट्टे वाली जमीन पर एक कमरे का निर्माण करा रहे थी तब भूमाफिया वीरेंद्र शुक्ला उसका साथी वीरेन्द्र यादव और अंशु पांडे एक बंदूकधारी पुलिसकर्मी के साथ आकर वीरेंद्र यादव और अंशु पांडेय उसको जाति सूचक गंदी -गंदी गालियां दी और कहा कि वीरेंद्र शुक्ला ताकतवर व्यक्ति हैं उन्होंने तुम्हारी जमीन के बगल में बिना उन्नाव शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यू डी ए) से नक्शा पास कराए इतना बड़ा होटल बनवा रखा है उनका भाजपा सरकार ने क्या कर लिया और यह समाजवादी पार्टी के मजबूत जिला उपाध्यक्ष हैं हम उनके निजी पत्रकार हैं तेरी जमीन के पट्टे निरस्त करा देंगे जब महिला ने बताया कि उसने और उसकी बेटी ने विरोध किया तो उसकी बेटी को भू माफिया वीरेंद्र शुक्ला ने बेटी को धक्का देकर कीचड़ में गिरा दिया।

    महिला ने यह भी बताया कि भूमि संख्या 90 ग्राम फत्तेपुर उन्नाव शुक्लागंज राजमार्ग पर स्थित है , जिस पर भू माफिया वीरेंद्र शुक्ला ने कब्जा कर रखा है और इसी जमीन पर आवा कॉन्टिनेंटल नामक होटल बना रखा है वीरेंद्र शुक्ला पर कई मामले दर्ज हैं यह तीन से चार असलहाधारियों साथ चलता है और अपने आप को समाजवादी पार्टी का जिला उपाध्यक्ष भी बताता है इसने पूर्व में पट्टे निरस्तीकरण का मुकदमा अपने लोगों से कलेक्ट्रेट उन्नाव के न्यायालय में लिखवाया था तब तत्कालीन जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने गुण दोष के आधार पर मुकदमे का निस्तारण दिनांक 30-12-2013 को मेरे पक्ष में किया था जिसके समस्त अभिलेख उसके पास है। भूमाफिया वीरेंद्र शुक्ला ने भूमि संख्या 91 का बैनामा स्वयं अपने नाम व अपनी पत्नी अनीता शुक्ला के नाम पर करवाया है और कब्जा भूमि संख्या 90 के पट्टाधारकों की जमीन पर जबरन कर रखा है।

    महिला ने जिलाधिकारी को दिनांक 20/7/2020 को दिए शिकायती पत्र में जिला अधिकारी महोदय से अपील किया कि उसकी और उसके परिवारी जनो को जान का खतरा है उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है तो उसके जिम्मेदार भूमाफिया वीरेंद्र शुक्ला उसके साथी वीरेंद्र यादव और अंशु पांडेय होंगे। इस मामले में जिला अधिकारी रवींद्र कुमार ने शिकायत करने वाली महिला की शिकायत पर सदर एसडीएम को आदेशित किया है कि उक्त मामले में अभिलेखों की जांच करके कारवाही सुनिश्चित करें अब तो वक्त बताएगा कि महिला को शिकायत करने का जिलाधिकारी से कितना फायदा होता है । शिकायतकर्ता महिला और अन्य ग्रामवासीयो की जमीन भू माफिया और उसके गुर्गों से जिला प्रशासन कैसे मुक्त कराता है यह तो आने वाला समय बताएगा।

    लेकिन एक बात तो इस मामले से साफ हो गई है कि भू माफिया सत्ता के रसूख और अपने गुर्गों के दम पर किस तरह से अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन हड़प कर एंटी भू माफिया पोर्टल को निष्क्रिय बना दिया है जो सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है और इस कदर भू माफियाओं को नहीं है क्योंकि रुपया और रसूख के दम पर वह किसी की भी जमीन हड़प सकते हैं और किसी की भी जान ले सकते हैं।।कुछ भू-माफिया तो अधिकारियों से केवल इसीलिए संबंध बनाए रखें हैं कि उनकी जमीन की काली करतूत कोई समझ न सके।