Category: uttar-pradesh

  • चिंतित हुई BSP मुखिया मायावती UP में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से, कहा…

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से काफी चिंतित हैं। सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव मायावती ने अनी चिंता जाहिर करते हुए एक ट्वीट किया है। मायावती ने केंद्र की नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को इस महामारी पर नियंत्रण के उपाय बताने के साथ आगाह किया है।

    मायावती ने लिखा है कि आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य तथा गरीब व पिछड़े उत्तर प्रदेश में कोरोना की वायरस संक्रमण महामारी विकराल रूप धारण कर रही है। यह जिस प्रकार से विकराल रूप धारण कर रही है वह गंभीर चिन्ता की बात है। यह जुगाड़ से नहीं बल्कि उचित व्यवस्था से नियंत्रित हो सकता है। राज्य के साथ केन्द्र सरकार को भी इस बारे में विशेष सचेत होने की जरूरत है।

    गौरतलब है कि प्रदेश में जुलाई में हर दिन नया रिकार्ड बन रहा है। रविवार को रिकार्ड 2250 नए संक्रमित मिले। यह अब तक एक दिन में मिले संक्रमितों की सर्वाधिक संख्या है। इससे पहले 16 जुलाई को 2083 मरीज मिले थे। अब कुल संक्रमितों का आंकड़ा 49399 पहुंच गया है। प्रदेश में छह मार्च से लेकर 30 जून तक 23070 मरीज मिले थे और जुलाई में सिर्फ 19 दिनों में इससे कहीं ज्यादा 26294 रोगी मिल चुके हैं। बीते 24 घंटे में 38 और लोगों की कोरोना से मौत हुई। अब तक यह खतरनाक वायरस कुल 1146 लोगों की जान ले चुका है।

  • नोएडा : प्लाज्मा की तलाश थी परिजनों को, सिपाही ने किया प्लाज्मा डोनेट

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    गौतमबुद्धनगर। नोएडा सेक्टर 49 थाने में तैनात एक सिपाही ने कोरोना मरीज को प्लाज्मा डोनेट किया है। कोरोना मरीज के परिजन पिछले कई दिनों से प्लाज्मा की तलाश में थे। इसके बाद अस्पताल प्रबंधक ने पुलिस से प्लाज्मा के लिए संम्पर्क किया। नोएडा जोन 2 पुलिस उपायुक्त रजनीश कुमार ने इस पर कोरोना से ठीक हुए सिपाही से संपर्क किया। इसके बाद सिपाही अमित कुमार ने प्लाज्मा डोनेट करने की इच्छा दिखाई और कोरोना पीड़ित की मदद की । नोएडा पुलिस और अस्पताल प्रबंधक ने सिपाही अमित कुमार की प्रशंसा की है।

    एडीसीपी अंकुर अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, “हमारे 10 पुलिस जवान प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार हैं। हम उनका शिड्यूल बना रहे हैं कि कब कब उन्हें जाना होगा। ग्रेटर नोएडा जिम्स और चाइल्ड पीजीआई अस्पताल से इस मसले पर बात हुई है। साथ ही अन्य पुलिस जवानों से भी बात की जा रही है।”

    जिले में 1011 मरीजों का कोविड अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। अब तक इस संक्रमण से 40 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं 3200 मरीज स्वस्थ हो कर अपने घरों को जा चुके हैं।

  • 35 साल बाद आज बहुचर्चित राजा मान सिंह हत्याकांड पर आने वाले फैसले पर लगीं निगाहें

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    आगरा। राजस्थान के बहुचर्चित और भरतपुर रियासत के राजा मानसिंह हत्याकांड में फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। राजा मानसिंह व दो अन्य लोगों की 21 फरवरी, 1985 को पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो गई थी। इससे एक दिन पहले राजा ने 20 फरवरी,1985 को राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की डीग में सभा मंच व उनके हेलीकॉप्टर को जोगा की टक्कर से क्षतिग्रस्त कर दिया था। 35 साल पुराने इस मुकदमे में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंगलवार को फैसला सुना सकती हैै। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुकदमे की सुनवाई मथुरा न्यायालय में की जा रही है। मुकदमे में 14 पुलिसकर्मी ट्रायल पर हैं।

    घटना 20 फरवरी 1985 की है। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर डीग में राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए जनसभा करने आए थे। राजा मान सिंह डीग विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। जबकि उनके सामने कांग्रेस के ब्रजेंद्र सिंह प्रत्याशी थे। आरोप है कि कांग्रेस समर्थकों ने राजा मान सिंह के डीग स्थित किले पर लगा उनका झंडा उतारकर कांग्रेस का झंडा लगा दिया था। ये बात राजा मान सिंह को नागवार गुजरी। पुलिस एफआइआर के मुताबिक, राजा ने चौड़ा सभा मंच को जोगा जीप की टक्कर से तोड़ दिया था, इसके बाद सीएम के हेलीकॉप्टर को जोगा से टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था।

    अगले दिन 21 फरवरी को दोपहर में राजा मान सिंह और डीग के तत्कालीन डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी का अनाज मंडी में आमना-सामना हो गया था। यहां हुई फायरिंग में राजा मान सिंह, उनके साथी सुमेर सिंह और हरी सिंह की मौत हो गई थी। जिस वक्त राजा की मौत हुई, उनकी उम्र 64 वर्ष थी। घटना की रिपोर्ट राजा मान सिंह के दामाद विजय सिंह ने डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी और एसएचओ वीरेंद्र सिंह समेत अन्य के खिलाफ हत्या की धाराओं में दर्ज कराई थी। जबकि पुलिस ने इसे एनकाउंटर करार दिया था। एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने राजा मान सिंह, विजय सिंह, सुमेर सिंह, हरी सिंह समेत उनके कई समर्थकों के खिलाफ डीग थाने में लिखाई रिपोर्ट थी। 22 फरवरी को राजा की अंत्येष्टि में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस मामले से सियासी बवाल हुआ, तो राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी। जयपुर सीबीआइ कोर्ट में 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। वादी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण लेकर मुकदमे को राजस्थान से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। एक जनवरी, 1990 को सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश मथुरा स्थानांतरित कर दिया। इस मामले की पिछली सुनवाई मथुरा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश साधना रानी ठाकुर की अदालत में 9 जुलाई को हुई थी, तब 21 जुलाई फैसले पर सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई थी।

    आज फैसले की तारीख

    वादी पक्ष के अधिवक्ता नारायण सिंह व प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता नंदकिशोर उपमन्यु के मुताबिक राजा मान सिंह हत्याकांड को लेकर अदालत में बहस पूरी हो गई। अब अदालत ने भी 21 जुलाई को निर्णय देने की तारीख तय की है।

    तो होगा खास संयोग

    -21 फरवरी, 1985 को राजा मान सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हुई थी। यदि मंगलवार को फैसला सुनाया जाता है तो यह भी 21 तारीख होगी। अंतर सिर्फ इतना होगा, वह फरवरी माह था, जबकि यह जुलाई माह है।

    नंबर गेम

    -20 फरवरी, 1985 को राजा मान सिंह ने जोगा से टक्कर मार सीएम के सभा मंच व हेलीकाप्टर को क्षतिग्रस्त कर दिया।

    -21 फरवरी, 1985 को पुलिस मुठभेड़ में राजा मान सिंह व दो अन्य की मृत्यु हो गई।

    -22 फरवरी, राजा मान सिंह के अंतिम संस्कार के वक्त आगजनी व तोडफ़ोड़ हुई। इसमें भी पुलिस फायङ्क्षरग में तीन लोगों की मृत्यु हुई।

    -28 फरवरी 1985 को सीबीआइ जांच के लिए नोटीफिकेशन हो गया।

    -17 जुलाई, 1985 को सीबीआइ ने जयपुर सीबीआइ कोर्ट में चार्जशीट पेश की।

    -61 गवाह अब तक अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए, जबकि 17 गवाह बचाव पक्ष ने अपनी ओर से अदालत में प्रस्तुत किए।

    -1700 से अधिक तारीखें अब तक मुकदमे में पड़ चुकी हैैं।

    ये बनाए गए आरोपित

    डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी, एसएचओ डीग वीरेंद्र सिंह, चालक महेंद्र सिंह, कांस्टेबल नेकीराम, सुखराम, कुलदीप सिंह, आरएसी के हेड कांस्टेबल जीवाराम, भंवर सिंह, कांस्टेबल हरी सिंह, शेर सिंह, छत्तर सिंह, पदमाराम, जगमोहन, पुलिस लाइन के हेड कांस्टेबल हरी किशन, इंस्पेक्टर श्रीकांत, एसआइ रवि शेखर, कांस्टेबल गोविन्द प्रसाद, एएसआइ सीताराम।

    इन आरोपितों का हो गया निधन

    कांस्टेबल नेकीराम, कुलदीप और सीताराम। चालक महेंद्र सिंह हो चुके हैं आरोप मुक्त।

    एक परिचय: राजा मान सिंह

    भरतपुर रियासत के महाराज किशन सिंह के घर राजा मान सिंह का जन्म पांच दिसंबर, 1921 को हुआ था। इंग्लैंड में वर्ष 1928 से 1942 तक इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। दीपा उर्फ कृष्णेंद्र कौर उनकी तीन बेटियों में सबसे बड़ी हैं। 1946-1947 भरतपुर रियासत के मंत्री रहे थे। वर्ष 1947 में उन्होंने रियासत का झंडा उतारने का विरोध किया। 1952 में विधान सभा का पहला निर्दलीय चुनाव जीता। इसके बाद लगातार वह सात बार निर्दलीय विधायक चुने गए।

  • दीप प्रकाश है 20 हजार का इनामी, पुलिस के हाथ नहीं लगा पा रहा सुराग

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    लखनऊ। कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पांच लाख के इनामिया विकास दुबे के भाई दीप प्रकाश का पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा सकी है। दीप प्रकाश के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में जालसाजी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज है। आरोपी के लगातार फरार होने के कारण राजधानी पुलिस ने उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की टीमें आरोपित की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक दीप प्रकाश राजधानी में कहीं छुपा हुआ है। सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश की जा रही है। आरोपित की लोकेशन लगातार बदल रही है। सोमवार को कृष्णानगर पुलिस ने दीप प्रकाश के घरवालों से नए सिरे से पूछताछ की। इस दौरान आरोपित की लोकेशन के बारे में जानकारी ली गई। हालांकि पुलिस को परिवारजन ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। पुलिस की एक टीम सादे वर्दी में दीप प्रकाश के घर के बाहर भी मौजूद रही, जो हर आने जाने वाले लोगों पर नजर रख रही थी। उधर, विकास की पत्नी रिचा बेटे के साथ दो दिन पहले अधिकारियों से मिलने कृष्णानगर कोतवाली पहुँची थी। रिचा अपना पक्ष रखने आई थी। हालांकि अधिकारियों के बाहर होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो पाई।

    गौरतलब है कि दो जुलाई की रात में विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर दबिश पर गए आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इस मामले में उज्जैन से विकास को गिरफ्तार किया गया था, जिसकी कानपुर में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी। वहीं दो जुलाई को पुलिसकर्मियों पर हमले की जानकारी मिलने के बाद दीप प्रकाश घर से फरार हो गया था।

  • मौत हुई लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाली मां-बेटी में से मां की

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पांच दिन पहले 17 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन के बाहर आत्मदाह का प्रयास करने वाली मां-बेटी में से मां की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया, “आत्मदाह करने वाली मां-बेटी में मां की हालत पहले से ही बहुत खराब थी। यहां डाक्टरों की देखरेख में इलाज हो रहा था। लेकिन आज उनका निधन हो गया है। शव को पोस्टामॉर्टम के लिए भेजा गया है। इसके बाद उनका शव उनके पैतृक स्थान पर भेजा जाएगा।”

    सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डी एस नेगी के अनुसार महिला में इंफेक्शन फैल गया था। सेप्टीसीमिया की वजह से उसकी मौत हो गयी।

    गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित जामों कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी सोफिया व अलगू के बीच नाली के विवाद को लेकर बीते नौ मई को मारपीट हो गई थी। जिसके बाद सोफिया की बेटी गुड़िया की ओर से अलगू के बेटे अर्जुन सहित चार लोगों पर छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया गया था। वहीं, अर्जुन की तहरीर पर सोफिया, गुड़िया सहित तीन लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया था। बीते 17 जुलाई को सोफिया व गुड़िया ने लखनऊ में लोकभवन के बाहर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया। जिसमें सोफिया गंभीर रूप से जल गई थी। पुलिस ने सोफिया व उसकी बेटी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था।

    इस मामले अमेठी में तीन व लखनऊ में चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी हुई। मां-बेटी को आत्मदाह के लिए प्रेरित करने वाले एक नेता सहित तीन को पुलिस ने जेल भेजा। बाकी की तलाश की जा रही है।

  • संगम की मिट्टी और जल लाया जाएगा राम मंदिर के ‘भूमि पूजन’ के लिए

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    प्रयागराज। 5 अगस्त को प्रस्तावित राम मंदिर के ‘भूमि पूजन’ के लिए गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम से मिट्टी और पानी अयोध्या लाई जाएगी। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता अश्वनी मिश्रा के अनुसार, “विहिप के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल ने कहा था कि संगम से मिले पवित्र जल और मिट्टी का उपयोग अयोध्या में मंदिर के ‘भूमिपूजन’ में किया जाना चाहिए। हमारे नेता मिट्टी और पानी लेने संगम जाएंगे। जिन लोगों को यह कार्य सौंपा जाना है उनके नामों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।”

    उन्होंने कहा कि चूंकि प्रयागराज के कई साधु-संतों ने राम मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई है इसलिए अयोध्या में ‘भूमि पूजन’ के दिन विभिन्न ‘मठों’ और मंदिरों में उत्सव आयोजित किए जाएंगे।

    इसके अलावा विहिप सभी हिंदुओं से अपील करेगा कि वे इस अवसर का जश्न मनाने के लिए 5 अगस्त को शाम को अपने घरों में ‘दिये’ जलाएं और संत शंख बजाएं।

    वीएचपी के प्रवक्ता ने कहा, “हम इस दिन को दिवाली की तरह मनाएंगे।”

    महामारी के कारण श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट मौजूदा आमंत्रितों की सूची सीमित ही रखेगा। हालांकि इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा ताकि लाखों भक्त इस कार्यक्रम को लाइव देख सकें।

  • गाज़ियाबाद पत्रकार हत्या मामला:10 लाख आर्थिक सहायता, पत्नी को नौकरी व बच्चों को शिक्षा का CM योगी ने किया वादा

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    लखनऊ। बदमाशों की गोली का शिकार हुए पत्रकार विक्रम जोशी की बुधवार सुबह इलाज के दौरान गाजियाबाद के अस्पताल में निधन हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी मृत्यु पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने पत्रकार के परिवारीजन को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद, पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का वादा भी किया है। गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी को 20 जुलाई को विजय नगर इलाके में बदमाशों ने उस समय गोली मार दी थी जब अपनी दो बेटियों के साथ घर लौट रहे थे। पत्रकार के साथ मारपीट हुई और उनके सिर पर गोली मारी गई। पत्रकार गंभीर हालात में गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।

    गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र के बाइपास स्थित रोज वैली स्कूल के पास रहने वाले एक अखबार के पत्रकार विक्रम जोशी की माता कॉलोनी कॉलोनी निवासी बहन का सोमवार को जन्मदिन था। विक्रम जोशी अपनी दोनों बेटियों के साथ जन्मदिन में गए थे। यहां से जब वह लौट रहे थे तो माता कॉलोनी में ही गली से बाहर निकलने पर आठ से नौ लोग ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली और उनके साथ मारपीट करते हुए उनके सिर में गोली मार दी। उन्हें एक निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया था, लेकिन बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।  इस मामले में विक्रम के भाई अनिकेत ने तीन आरोपितों को नामजद करते हुए कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस घटना के कारणों की जांच पड़ताल कर रही है।

    गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र की माता कॉलोनी में सोमवार देर रात एक अखबार के पत्रकार विक्रम जोशी को गोली मारने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित समेत आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अवैध असलहा भी बरामद कर लिया है। लापरवाही बरतने में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने प्रताप विहार चौकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और सीओ सिटी प्रथम राकेश मिश्रा को विभागीय जांच सौंपी है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि विक्रम जोशी पर हुए हमले में विजयनगर पुलिस ने उनके भाई अनिकेत जोशी की तहरीर पर छोटू, रवि और आकाश बिहारी समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मुख्य आरोपित रवि समेत नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

    बेटियों के सामने मारी गोली : पत्रकार विक्रम जोशी पर हुए हमले के बाद घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने खंगाली है। इसमें दिखाई दे रहा है कि आरोपितों ने विक्रम जोशी की मोटरसाइकिल को रोका और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपितों ने उनकी दोनों बेटियों के सामने ही उनके कनपटी से तमंचा सटाकर गोली मार दी। इसके बाद बेटी विक्रम जोशी के पास पहुंची और उन्हें हिलाने का प्रयास कर रही है। इसके बाद बेटी शोर मचा रही है। इस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी पुलिस जांच में जुटी हुई है।

  • उप्र पुलिस से सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अब एनकाउंटर न करें खूंखार बदमाशों के सफाए के लिए

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    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को बुधवार को आगाह किया कि वह खूंखार बदमाशों के खात्मे के लिए अब एनकाउंटर का सहारा न ले। इस दौरान, उप्र सरकार ने दुबे मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी.एस. चौहान का नाम तीन सदस्यीय समिति की अगुवाई करने के लिए प्रस्तावित किया।

    प्रदेश सरकार ने जब कहा कि जांच समिति का मुख्यालय कानपुर में होना चाहिए, तब सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे ने पूछा कि यह लखनऊ में क्यों नहीं होना चाहिए।

  • कुशीनगर में पडरौना क्षेत्र के बसहिया में जमाली रोड अचानक टूटा,हादसे के साथ लोगो में सड़क को जानबुझ कर तोड़े जाने कि आशंका

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    उपेंद्र कुशवाह

    कुशीनगर : पडरौना विकास खंड के गांव बसहिया बनबीरपुर पिपरा टोला में जाने वाली संपर्क मार्ग जमाली रोड सोमवार की रात अचानक टूट गई। इससे कई टोले की मार्ग पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के टूटने से दर्जनों गांवों के लोग बड़ी दुर्घटना के आशंका से भयभीत हैं। उधर गांव के ही प्रधान प्रत्याशी व समाजसेवी निगम उर्फ डब्लु अंसारी की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय वार्ड संख्या 62 के जिला पंचायत सदस्य कुशवाहा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर इस सड़क को मरम्मत कराने के लिए अवगत कराया। जबकि ग्राम प्रधान सलीम भी टूटी सड़क मार्ग को ठीक करने में जुटे हुए हैं।

    पडरौना क्षेत्र के बसहिया बनबीरपुर पिपरा टोला जाने वाले जमाली रोड मार्ग लागातार बारिश के कारण सड़क के भीतर कई दिनों से रिसाव शुरू हो रहा था । इस पर किसी की नजर नहीं पड़ने के चलते सोमवार की रात यकायक भारी वाहन के गुजरने से सड़क पर बने दबाव से टूट गई। संयोग अच्छा रहा कि सड़क टूटने के दौरान इस सड़क से गुजरने वाले लोगों को किसी प्रकार की हादसे का शिकार नहीं होना पड़ा।

    हालांकि इस संपर्क मार्ग टूटने के बाद गांव के लोगों व राहगीर में किसी अज्ञात लोगों के द्वारा जानबूझकर सड़क को तोड़े जाने को तरह-तरह की अटकलें लगाने के साथ आशंका जाहिर कर रहे थे।

  • छोटे बेटे से समर्पण करने को कहा विकास दुबे की मां ने

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    लखनऊ। गैंगस्टर विकास दुबे की मां सरला दुबे ने अपने छोटे बेटे दीप प्रकाश दुबे से पुलिस के सामने समर्पण करने की अपील की है। सरला दुबे ने मीडियाकर्मियों के माध्यम से एक संदेश में कहा कि अगर दीप प्रकाश ने समर्पण नहीं किया, तो शायद उसे भी उसके बड़े भाई की तरह मार दिया जाएगा। गैंगस्टर विकास दुबे 10 जुलाई को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

    दीप प्रकाश दुबे तीन जुलाई को बिकरू गांव में आठ पुलिसकमियों की हत्या की घटना के बाद से ही फरार है। अब उसके सिर पर 20 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।

    विकास दुबे पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर किए गए हमले का मुख्य आरोपी था। बाद में उसके पांच साथी भी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं।

    सरला दुबे ने मीडियाकर्मियों के जरिए कहा, “दीप प्रकाश, कृपया सामने आओ और समर्पण कर दो, वरना पुलिस तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को मार डालेगी। तुम्हें पुलिस की सुरक्षा मिलेगी। तुमने कुछ भी नहीं किया है। केवल अपने भाई से संबंध के कारण मत छिपो।”

    विकास दुबे को पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से एक दिन पहले ही उसकी मां सरला दुबे ने कहा था कि अगर उनके बेटे को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए गोली भी मार दी गई तो उन्हें कोई पछतावा नहीं होगा।