Category: uttar-pradesh

  • गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत आम नागरिको को किया जा रहा जागरूक

    [object Promise]

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी । जिलाधिकारी अरुण कुमार के निर्देशन में गरीब कल्याण रोजगार अभियान चलाया जा रहा है। जिसमे आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और सम्प्रेषण (आईईसी) की विभिन्न गतिविधियां चलाई गई। जिसमे मनरेगा मे नामांकन कराने हेतु लोगों को मुनादी /लोक उद्घोषण कराकर जागरूक किया गया। प्रवासियों के स्किल मैपिंग के कार्यक्रम औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), रोजगार कार्यालय (इम्प्लोयमेंट एक्स्चेंज आफिस), श्रम कार्यालय (लेबर आफिस) द्वारा चलाए गए। जनपद के मुख्यालय गौरीगंज तथा सभी 13 ब्लाकों पर सहायता डेस्क और परामर्श (काउन्सलिन्ग) केन्द्रों की स्थापना हुई है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट के उचित प्रबंधन हेतु लोगों मे जागरूकता फैलाने के लिए सामुदायिक प्रसाधन, पंचायत भवन और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) से संबंधित वाल पेंटिंग, पोस्टर, पम्फ्लेट्स, नुक्कड़ सभा, प्रशिक्षण आदि प्रचार माध्यमों को प्रयोग किया गया साथ ही विभिन्न स्थानों पर किसानों को प्रशिक्षित करने का भी कार्य किया गया है। इस अभियान की सफलता स्वरूप मनरेगा के अकुशल श्रमिक काम की तलाश मे आगे आ रहे हैं। जनपद मे साफ-सफाई के विशेष अभियान के तहत सभी 682 ग्राम पंचायतों मे विभिन्न गतिविधियां जैसे झाड काटना, नालियों की सफाई, फागिंग, एंटी लार्वा छिडकाव, आदि चल रहा है। आम जनता ने भी इसमे बढ़-चढ़ कर भाग लिया है। जिला मुख्यालय गौरीगंज पर गरीब कल्याण रोजगार अभियान के लिए एक अलग सेल बनाया गया है। जिलाधिकारी द्वारा प्रतिदिन इसकी समीक्षा बैठक (रिव्यू मीटिंग) की जाती है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली वीडियो कान्फ्रेंसिंग मे अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रहती है जिससे इससे मिलने वाले लाभों को उचित पात्रों तक पहुंचाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माइक्रो प्लान तैयार किए जा चुके हैं। अमेठी जनपद मे इन योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल रहा है। इन सभी प्रयासों से लोग नौकरी, प्रशिक्षण जैसे विभिन्न अवसरों को प्राप्त करने के लिए आगे आ रहे हैं। सफाई अभियान के दौरान बहुत से लोग पर्यावरण सुरक्षा तथा संरक्षण के लिए श्रमदान करने हेतु आगे आ रहे हैं। स्थानीय स्तर की जरूरतों के मुताबिक प्रवासी रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं। कुल निर्धारित 20,67,720 श्रम दिवस के लक्ष्य के सापेक्ष 4,09,249 श्रम दिवस सृजित हो चुके हैं। विभिन्न योजनाओं मे व्यय हेतु निर्धारित लक्ष्य 149.96 करोड़ के सापेक्ष 33.28 करोड़ खर्च किया जा चुका है। कुल प्रवासियों की संख्या 47,589 है। जिसमे से अकुशल श्रम के इच्छुक 14,080 प्रवासियों को मनरेगा मे रोजगार दिया गया है और जिसमे से 9,411 नए जाब कार्ड सृजित हुए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है की सभी लक्ष्य निर्धारित समय सीमा मे प्राप्त कर लिए जाएंगे।

  • शिवराज सरकार ढिंढोरा पिटती है दलितों को बसाने का: मायावती

    [object Promise]

    लखनऊ। मध्य प्रदेश के गुना में अनुसूचित जाति वर्ग के एक किसान परिवार पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर बसपा सुप्रिमों मायावती ने निशाना साधा है। मायावती ने कहा है कि एक तरफ भाजपा सरकार दलितों को बसाने का ढिंढोरा पीटती है वहीं, दूसरी तरफ उनको उजाड़ने की घटनाएं उसी तरह से आम हैं।

    मायावती ने गुरूवार को ट्वीटर के माध्यम से लिखा कि “मध्य प्रदेश के गुना पुलिस व प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर दलित परिवार को कर्ज लेकर तैयार की गई फसल को जेसीबी मशीन से बबार्द करके उस दम्पत्ति को आत्महत्या का प्रयास करने को मजबूर कर देना अतिक्रूर व अति-शर्मनाक है। इस घटना की देशव्यापी निन्दा स्वाभाविक। सरकार सख्त कार्रवाई करे। एक तरफ भाजपा व इनकी सरकार दलितों को बसाने का ढिंढोरा पीटती है जबकि दूसरी तरफ उनको उजाड़ने की घटनाएं उसी तरह से आम हैं। जिस प्रकार से पहले कांग्रेस पार्टी के शासन में हुआ करती थी, तो फिर दोनों सरकारों में क्या अन्तर है? खासकर दलितों को इस बारे में भी जरूर सोचना चाहिए।”

    ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश गुना में प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था, इस दौरान एक किसान दंपति की बुरी तरह से पिटाई कर दी गई। विरोध में दंपति ने कीटनाशक दवाई पी ली और खुदकुशी की कोशिश की। इसी घटना के बाद काफी बवाल हुआ, वीडियो भी वायरल हो गया।

    बवाल के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना के कलेक्टर और एसपी को तुरंत हटा दिया है। इसके अलावा मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावार हैं।

  • पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण के संबंध में जिलाधिकारी ने की बैठक

    [object Promise]

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने आज कैंप कार्यालय में पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण के संबंध में समीक्षा बैठक किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ ने बताया कि जनपद में 682 ग्राम पंचायतों में से 172 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है तथा 116 पंचायत भवन जर्जर अवस्था में है। उन्होंने बताया कि पंचायत भवन निर्माण के लिए 50% धनराशि ग्राम पंचायत तथा 50% धनराशि मनरेगा द्वारा किया जाएगा। ग्राम पंचायत भवन के निर्माण हेतु धनराशि आवंटन के लिए जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए तथा जो जर्जर अवस्था में भवन हैं उनकी पीडब्ल्यूडी से जांच कराने के उपरांत उनका ग्राम पंचायत से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने बताया कि 682 ग्राम पंचायतों में से 232 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के निर्माण का कार्य प्रगति पर है तथा 2 सामुदायिक शौचालयों का कार्य पूर्ण हो गया है, शेष 448 सामुदायिक शौचालय हेतु जमीन के चिन्हाकंन की कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को 448 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण हेतु भूमि का चिन्हांकन कर कल शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी सामुदायिक शौचालयों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण व निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूरा किया जाए। बैठक के दौरान उक्त के अतिरिक्त डीसी मनरेगा मीनाक्षी देवी मौजूद रहीं

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान की बैठक हुई आयोजित

    [object Promise]

    पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौंचालय के निर्माण में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर जिलाधिकारी हुई सख्त

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 16 जुलाई/जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान की प्रगति समीक्षा बैठक आज पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अन्तर्गत निर्धारित 25 में से 23 बिन्दुओं पर जनपद में कार्य कराया जाना है, जिसके अन्तर्गत प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। समस्त कुशल एवं अकुशल श्रमिकों का सर्वे कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार शासन के मार्गदर्शी सिद्धान्तों के क्रम में प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है।उन्होंने अवगत कराया कि जनपद में 389 पंचायत भवन, प्रत्येक ग्राम पंचायत में 02 सामुदायिक शौंचालय एवं प्रत्येक विकास क्षेत्र में 03 वृहद सार्वजनिक शौंचालय का निर्माण कराया जाना है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण एवं विद्यालयों का कायाकल्प मौलिक चीजें हैं, जो शासन की शीर्ष प्राथमिकता भी हैं अतः उक्त चारों कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर सम्पन्न कराते हुए ही ग्राम पंचायत में अन्य विकास कार्य सम्पादित कराये जाय। उन्होंने 92 पंचायत भवनों तथा 126 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौंचालयों के निर्माण हेतु भूमि का चिह्नांकन न होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए खण्ड विकास अधिकारियों एवं समस्त सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देशित किया कि 02 दिन के अन्दर भूमि के चिह्नांकन का कार्य अनिवार्य रूप से करा लिया जाय। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में भूमि चिह्नांकन का कार्य नहीं हो पाया है कारण सहित उसकी सूची 02 घण्टे के अन्दर उन्हें उपलब्ध करायी जाय तथा प्रतिदिन 03ः30 बजे प्रगति समीक्षा कर स्थिति से उन्हें अवगत कराया जाय। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उनसे मिलकर सम्बन्धित अधिकारी तुरन्त समस्या का समाधान करायें। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि भूमि की अनुपलब्धता की वजह से किसी आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण अवरूद्ध न हो। उन्होंने समस्त सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि सम्बन्धी मामलों में उप जिलाधिकारी से तुरन्त सम्पर्क करें तथा परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए एक-दूसरे से वार्तालाप करते रहें।
    जिलाधिकारी ने महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान तथा उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी उ0प्र0 की बैठक दिनांक 12 जुलाई, 2020 में सभासदों द्वारा पाइप लाइन स्थापित करने के सम्बन्ध में की गयी शिकायत के प्रति अधिशासी अभियन्ता जल निगम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।
    कोविड-19 के संक्रमण में वृद्धि के दृष्टिगत उन्होंने निर्देशित किया कि पब्लिक एड्रेसल सिस्टम के माध्यम से लोगों को निरन्तर जागरूक करते रहें तथा स्वयं भी शारीरिक दूरी बनाते हुए ही विभागीय कार्यों का निस्तारण करें। उन्होंने अवगत कराया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कार्य करने वाले व्यक्तियों के कारण ही जनपद में पाजिटिव प्रकरणों में अचानक वृद्धि हुई है। कोविड-19 एक खतरनाक महामारी है अतः इसके प्रति सतर्क रहने की नितान्त आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे स्थानीय एवं प्रवासी श्रमिकों का विवरण अलग-अलग उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
    इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) उमाकान्त त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल, डीसी मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम जितेन्द्र मिश्र, उप प्रभागीय वनाधिकारी अतुलकान्त शुक्ला, अधिशासी अभियन्ता जल निगम, सिंचाई, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत सहित अन्य उपस्थित रहे।

  • कुशीनगर में थमने का नाम नहीं ले रहा है गंडक का बाढ़ का कहर,डूबने से चली गई एक शख्स की जान

    [object Promise]
    उपेंद्र कुशवाहा

    कुशीनगर : जिले के गंडक नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए मवेशी समेत सुरक्षित स्थान पर निकलने के प्रयास में खड्डा क्षेत्र के बसंतपुर गांव का 50 वर्षीय व्यक्ति बाढ़ के पानी में डूब गया। गांव वालों के प्रयास से करीब दो घंटे बाद उसका शव मिला।

    जानकारी के मुताबिक, बसंतपुर गांव भी गंडक की बाढ़ से डूब रहा है। बसंतपुर-सोहगीबरवा संपर्क मार्ग कट गया है। मंगलवार की दोपहर में बसंतपुर गांव निवासी अम्बाला कुशवाहा (50) अपने मवेशियों को बाढ़ से सुरक्षित निकालने के प्रयास में लगा था। इसी दौरान बसंतपुर-सोहगी बरवा मार्ग के कटे हिस्से को पार करते वक्त वह पानी की धारा में बहकर डूब गया।
    उसे बहता देख गांव के अन्य लोगों ने शोर मचाया और पानी में उसे खोजने लगे। करीब दो घंटे बाद कुछ दूरी पर उसका शव मिला। शव को परिजन व गांव के लोग सोहगीबरवा के पास लेकर गए। खड्डा थाने के शिवपुर पुलिस चौकी को खबर देने की बात ग्रामीणों ने बताई।

  • यूपी में लालजी टंडन के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक

    [object Promise]

    लखनऊ । मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मंगलवार को 85 वर्ष की आयु में लखनऊ में अंतिम सांस ली है। टंडन कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और उनके पुत्र आशुतोष टंडन ने ट्विटर पर एक पोस्ट के माध्यम से साझा की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- “बाबूजी नहीं रहे।”

    वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

    उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनके पुत्र आशुतोष टंडन से वार्ता कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “लाल जी टंडन जी के निधन से देश ने एक लोकप्रिय जननेता, योग्य प्रशासक एवं प्रखर समाज सेवी को खोया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।”

    उधर, टंडन के निधन पर राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

    प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने टंडन के निधन पर अपना अयोध्या दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने उनके निधन पर दु:ख व्यक्त किया है।

    उन्होंने ट्वीट कर कहा कि “भाजपा के वरिष्ठ नेता, प्रदेश सरकार में कई मंत्रालयों के मंत्री एवं पूर्व सांसद रहे, तीन पीढ़ी के लाखों कार्यकर्ताओं के प्रेरणा स्रोत व वर्तमान में मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है।”

    उन्होंने आगे लिखा कि “आदरणीय बाबूजी का निधन हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए व्यक्तिगत क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है। समय-समय पर बाबूजी मार्गदर्शन एवं नेतृत्व ने हम सभी को अभिभूत किया है। पार्टी ने अपने समर्पित सिपाही को खोया है। मैं पुण्यात्मा को अपनी विनम्र श्रद्घांजलि अर्पित करता हूँ और ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दे तथा परिजनों व समर्थकों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

  • बलिया के लोगो ने उठाया मंगल पांडेय की जयंती पर सवाल,कहा …

    [object Promise]

    बलिया । आजादी के महानायक मंगल पांडेय की जन्म तारीख विकिपीडिया पर दो दर्ज हैं, इससे देश भर के लोग भ्रमित हो रहे हैं। बलिया के नगवां गांव में जन्मे 1857 आजादी की पहली क्रांति के महानायक मंगल पांडेय की जन्म तारीख अंग्रेजी भाषा की विकिपीडिया में 19 जुलाई 1827 दी गई है, वहीं हिंदी भाषा की विकिपीडिया में 30 जनवरी 1831 दर्ज है। इसके अलावा और भी कई सोशल साइट्स हैं, जहां उनकी जयंती 19 जुलाई 1927 बताई गई है। ऐसे में जाहिर है इस महानायक की जयंती साल में दो बार मनाई जाएगी। इस भ्रम को दूर करने के लिए जब बलिया के जानकारों से बात की गई तो उन्होंने मंगल पांडेय की जन्म तारीख 30 जनवरी 1831 के कई साक्ष्य प्रस्तुत किए।

    19 जुलाई 1827 नहीं है मंगल पांडेय की जन्म तारीख

    नगर के निवासी साहित्यकार शिवकमार कौशिकेय कहते मंगल पांडेय पर एक पुस्तक लिखे हैं, क्रांति के प्रथम नायक मंगल पांडेय, उसमें साक्ष्यों के आधार पर ही उनकी जन्म तारीख 30 जनवरी दर्ज किए है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा परिषद के कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक महान व्यक्तित्व में भी मंगल पांडेय की जयंती 30 जनवरी 1831 है। सूचना विभाग की पुस्तक बलिया दर्शन में भी 30 जनवरी ही जन्मतिथि दर्ज है। 30 जनवरी को ही बलिया में वर्षों से आयोजन होते आ रहे हैं, फिर गूगल सहित विभिन्न वेबसाइट््स पर गलत जयंती देना कहीं से भी उचित नहीं है।

    विक्रमादित्य पांडेय ने 1987 में उठाए थे सवाल

    नगर में ही स्थापित शहीद मंगल पांडेय स्मारक समिति कदम चौराहा के अध्यक्ष शशिकांत चतुर्वेदी कहते हैं कि 1987 में विधायक रहे स्व. विक्रमादित्य पांडेय ने विधान सभा में भी इस सवाल को उठाया था। 1990 में कदम चौराहा व उनके नगवां गांव पर मंगल पांडेय की प्रतिमा स्थापित हुई। महानायक के गांव नगवां में भी स्मारक का निर्माण सरकार की ओर से कराया गया है, उनके नाम इंटर कालेज भी है, दोनों स्थानों पर जन्म तारीख 30 जुलाई 1831 ही दर्ज है। ऐसे में उनकी जयंती को 19 जुलाई 1827 बताना इतिहास से छेड़छाड़ है।

    महानायक के जीवन चरित्र से हो रहा खिलवाड़

    मंगल पांडेय के गांव नगवां में स्थापित मंगल पांडेय विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकांत पाठक कहते हैं कि देश के इतने बड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के जीवन चरित्र के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत गूगल को नहीं होनी चाहिए। इसके लिए भारत सरकार को पहल कर उनकी जयंती में सुधार करवा कर सही अंकित करवाना चाहिए। इस त्रुटि को सुधारने के लिए गूगल और विकिपीडिया को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन आज तक उसे नहीं सुधारा गया। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

    शिलापट्ट पर अंकित मंगल पांडेय का विवरण

    पिता का नाम-– श्री सुदिष्ट पांडेय

    माता का नाम– श्रीमति जानकी देवी

    जन्मस्थान–    नगवां, बलिया

    जन्मतिथि–    30 जनवरी 1831

    शहादत दिवस- 8 अप्रैल 1897

    19वीं रेजीमेंट, 5 वीं कंपनी सैनिक क्रमांक 1446

    ऐतिहासिक विद्रोह की तिथि– 29 मार्च 1957

  • डेढ़ माह IIT Kanpur के छात्रावास में ‘लॉक’ रहा छात्र , रातें काटी बेड के नीचे मोबाइल की रोशनी में

    [object Promise]

    कानपुर। पढ़ाई का जुनून ऐसा कि हॉस्टल बंद होने के बाद एक छात्र डेढ़ माह तक वहीं अपने कमरे में छिपकर रहता रहा। मामला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) का है। संस्थान प्रशासन को भ्रमित करने के लिए उसने बाकायदा दरवाजे पर ताला भी डाला। डेढ़ माह तक उसने न पंखा चलाया और न ही लाइट जलाई। बेड के नीचे मोबाइल की टॉर्च जलाकर पढ़ाई करता रहा और दाल-चावल, बिस्किट व स्नैक्स के सहारे भूख मिटाता रहा। दरवाजे की कुंडी टूटी थी, इसके सहारे दो तीन दिन में चुपचाप कमरे से बाहर निकलता था और किसी को भनक लगने से पहले ही वापस आ जाता था। पोल खुली तो आइआइटी प्रशासन ने उसे बाहर निकाला। स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उसे गुजरात स्थित घर भेज दिया गया है।

    कोविड-19 की शुरुआत में संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए एहतियातन लॉकडाउन लिया गया था। अन्य शैक्षणिक संस्थानों की तरह आइआइटी ने भी सभी छात्रावास खाली कराकर छात्रों को घर जाने के निर्देश दे दिए, लेकिन गुजरात का रहने वाला एमटेक प्रथम वर्ष का छात्र घर नहीं गया। उसने कमरे के दरवाजे पर ताला लगाकर उसकी एक चाबी जमा कर दी और दूसरी अपने पास रखी। छात्र रातभर मोबाइल की रोशनी में बेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करता था। इंडक्शन पर खाना बनाता था।

    दरवाजे की टूटी कुंडी के सहारे तब बाहर निकलता था, जब कोई देख न सके। हाल ही में वह दरवाजा बंद करना भूल गया। सुरक्षाकर्मी ने जब हल्का दरवाजा खुला देखा तो जांच की। छात्र को कमरे के अंदर देखकर अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद वार्डन ने छात्र का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। छात्र ने बताया कि पढ़ाई के लिए उसने यह कदम उठाया था। उसे लगा था कि कुछ ही दिन में लॉकडाउन समाप्त हो जाएगा, लेकिन ये बढ़ता ही गया। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि छात्र स्वस्थ है, उसे सुरक्षित घर भेज दिया गया है।

  • CM योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश, जनता को रोकें अनावश्यक बाहर निकलने से

    [object Promise]

    लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बाद भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी टीम के साथ संघर्ष में लगे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के साथ कोरोना वायरस की समीक्षा के दौरान सभी जिलों में हर अधिकारी को इस महामारी पर नियंत्रण के लिए सकारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा जनता को यह बताया जाए कि बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही वह घर के बाहर निकलें। अपने घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/मुख्य चिकित्सा अधिकारी/मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल/नगर आयुक्त नियमित बैठक करें और कोविड-19 की रोकथाम के सम्बन्ध में सकारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें। यह माना जाता है कि अच्छी कार्ययोजना बनाकर लागू करने से कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सकता है। डोर-टु-डोर सर्वे, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, सक्षम सर्विलांस, अधिक से अधिक रैपिड एन्टीजन टेस्टिंग के माध्यम से मृत्यु दर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है

    उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराने के साथ ही, टेस्टिंग की क्षमता को लगातार बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने टीम 11 के साथ बैठक में लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सभी जनपदों में कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ डॉक्टरों तथा दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हर जगह अस्पतालों की साफ-सफाई के साथ-साथ समय-समय पर सैनिटाइजेशन भी कराया जाए।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि रैपिड एंटीजन जांच की संख्या बढ़ाई जाए। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का पता लगाने के लिए रैपिड एंटीजन जांच की संख्या बढ़ाने से सभी को लाभ होगा। वह  अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने कोविड-19 से संक्रमित हुए बच्चों से लेकर बुजुर्गों का राज्य में सफल उपचार किया है। गंभीर हालत वाले रोगियों का भी सफलतापूर्वक इलाज हुआ है।

    उन्होंने अधिकारिपों को निर्देश दिया कि घर-घर की जाने वाली चिकित्सकीय जांच में जो लोग संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध मिलें, उनकी रैपिड एन्टीजन जांच की जाए और संक्रमण की पुष्टि होने पर उन्हेंं उपचार के लिए चिकित्सालयों में भर्ती कराया जाए। सीएम ने सभी जिलों में एंबुलेंस की संख्या में वृद्धि के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर समेकित कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित करते हुए इसके माध्यम से एंबुलेंस सेवाओं के संचालन, चिकित्सकीय जांच और सर्वेक्षण कार्य सहित कोविड-19 की रोकथाम संबंधी समस्त गतिविधियों की निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के उपचार के लिए कोई कारगर दवा अथवा टीका अभी तक विकसित नहीं हुआ है। अब इस रोग से बचने के लिए निरन्तर सावधानी और सतर्कता बरतना जरूरी है।

  • 430 सैम्पल्स की रिपोर्ट में 410 निगेटिव तथा 20 व्यक्ति मिले कोविड-19 पाजिटिव

    [object Promise]

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 20 जुलाई/ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि 16 जुलाई, 2020 को वीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोबाटनी लैब लखनऊ को प्रेषित कोविड-19 के 430 सैम्पल्स की रिपोर्ट आज प्राप्त हुई है, जिसमें से 410 निगेटिव तथा 20 व्यक्ति कोविड-19 पाजिटिव पाये गये हैं। कोरोना पाजिटिव पाये गये व्यक्तियों में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कैम्प-1 में ग्राम अरवल कीरी करवत कूरेभार सुलतानपुर में कार्यरत 09 कर्मी में कोविड-19 की पुष्टि हुई है जो पूर्व में कोविड-19 पाजिटिव आये व्यक्ति के सम्पर्क में आये थे। बाटागली मेजरगंज सुलतानपुर की एक 22 वर्षीय महिला की डिलीवरी 16 जुलाई, 2020 को जिला महिला चिकित्सालय में हुई थी, जिसका सैम्पल 16 जुलाई को लिया गया था। उक्त महिला में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। बघराजपुर कैलाश मैरिज हाल के पास ओम नगर सुलतानपुर की एक 25 वर्षीय महिला कोविड-19 की पुष्टि हुई है। ग्राम बहेलिया दूबेपुर सुलतानपुर की एक गर्भवती महिला में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। रूहट्टा गली सुलतानपुर की एक 45 वर्षीय महिला में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। पुलिस चौकी के पास गभडि़या सुलतानपुर के एक 50 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। मेजरगंज सुलतानपुर के 35 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। चुनहा, साकेत हास्पिटल की गली करौदिया सुलतानपुर के एक 45 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। शास्त्री नगर सुलतानपुर के एक 51 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। ग्राम कछावन पोस्ट धम्मौर दूबेपुर में एक 35 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। चौक कोतवाली नगर सुलतानपुर के एक 35 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है, जो पूर्व में कोविड-19 पाजिटिव आये व्यक्ति के सम्पर्क में आये थे। ग्राम शिवगढ़ लम्भुआ सुलतानपुर के एक 35 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है, जो पूर्व में लम्भुआ में आये कोविड-19 पाजिटिव आये व्यक्ति के सम्पर्क में आये थे।कोविड केयर सेन्टर केएनआईटी सुलतानपुर से 02 व्यक्ति को पूर्ण स्वस्थ होने के उपरान्त डिस्चार्ज किया जा रहा है। मास्क लगायें, सामाजिक दूरी बनाये रखें और स्वस्थ रहें।