Category: uttar-pradesh

  • पुलिस आज कोर्ट में देगी अमर दुबे की पत्नी के बेगुनाही के सुबूत, जेल से मिलेगी मुक्ति

    पुलिस आज कोर्ट में देगी अमर दुबे की पत्नी के बेगुनाही के सुबूत, जेल से मिलेगी मुक्ति

    कानपुर। बिकरू कांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके अमर दुबे की नवविवाहिता खुशी जेल से रिहा होगी। पुलिस मंगलवार को उसकी बेगुनाही के सुबूत अदालत में पेश करेगी। मामले में अदालत उसे मंगलवार को ही रिहा करने का आदेश दे सकती है।

    बिकरू में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में नामजद विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे को एसटीएफ ने आठ जुलाई को हमीरपुर में मार गिराया था। अमर की शादी 29 जून को पनकी क्षेत्र के गांव भरुआ निवासी खुशी के साथ हुई थी। शादी का सारा इंतजाम विकास दुबे ने अपने घर पर ही किया था। पुलिस के मुताबिक शादी विकास ने लड़की वालों के विरोध के बावजूद जबरन कराई थी। पुलिस ने अमर को एनकाउंटर में मार गिराने के बाद उसके हिस्ट्रीशीटर पिता संजू दुबे के साथ नवविवाहिता खुशी को भी जेल भेज दिया था।

    आरोप था कि उसने हमले के दौरान हमलावरों को उकसाया था। पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना शुरू हो गई थी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि गलत सूचना पर जल्दबाजी में सबकुछ हुआ। विकास के स्वजन ने उसका नाम लिया था। मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराने पर खुशी की कोई संलिप्तता नहीं मिली है। धारा 169 की अर्जी मंगलवार को पुलिस अदालत में दायर करेगी। सोमवार को सभी कार्रवाई पूरी कर ली गई है।

    इंतजार में बीता दिन, नहीं आया रिहाई का आदेश

    सोमवार को अमर दुबे की पत्नी खुशी जेल स्टाफ से बार-बार रिहाई आदेश की जानकारी लेती रही। खाना देने वाले कर्मियों से भी पूछा कि कोर्ट से उसके संबंध में कोई कागज तो नहीं आया, लेकिन पूरा दिन इंतजार में ही गुजर गया। सोमवार को कानपुर पुलिस की ओर से जेल में रिपोर्ट भेजी जानी थी। इसलिए वह सोमवार सुबह से ही बेचैन थी। जेलर कुश कुमार ने बताया कि देर शाम तक न्यायालय से रिहाई आदेश नहीं मिला।

  • CM योगी करेंगे नोएडा में बने 400 बेड के Covid-19 अस्पताल का जल्द उद्घाटन .

    CM योगी करेंगे नोएडा में बने 400 बेड के Covid-19 अस्पताल का जल्द उद्घाटन .

    नोएडा । नोएडा सेक्टर-39 स्थित नए जिला अस्पताल में 400 बेड के कोविड अस्पताल का निरीक्षण करने मंगलवार सुबह अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद पहुंचे। अस्पताल का निर्माण टाटा कंपनी की ओर से निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत किया गया है। अस्पताल लेवल-1, 2 व 3 श्रेणी का है। यहां सामान्य और गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार की सुविधा मिलेगी। अपर मुख्य सचिव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि निरीक्षण के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिये अस्पताल का उद्घाटन करेंगे।

    कई खूबियों से लैस होगा अस्पताल

    अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मंगलवार सुबह 10 बजे अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उनका जिलाधिकारी सुहास एल वाई, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, प्रभारी सीएमओ डॉ.  नेपाल सिंह, सीएमएस डॉ वीबी ढाका ने उनका स्वागत किया। इसके बाद व सीधे 5वें व 6वें फ्लोर पर बने लेवल 3 के कोविड वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के बाद उन्होंने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर बैठक की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।

    अस्पताल का निर्माण नोएडा प्राधिकरण की ओर से किया गया है, जबकि कोविड की सभी सुविधाएं टाटा समूह व बिलगेट फाउंडेशन की प्रदान की गई है। अस्पताल कोविड की सभी सुविधाओं से लैस होगा। गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री के नोएडा आकर अस्पताल का उद्घाटन करने की योजना थी, लेकिन समय नहीं मिलने से यह कार्यक्रम सफल नहीं हो सका। इसलिए शासन स्तर से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को कोविड अस्पताल के निरीक्षण के लिए नोएडा भेजा गया है।

    15 जून को होना था शुरू

    कोविड अस्पताल पहले 15 जून को शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन नोएडा प्राधिकरण की ओर से सौंपे न जाने के कारण देर से काम शुरू हुआ। टाटा समूह व बिलगेड फाउंडेशन की ओर से करीब 17 करोड़ की लागत से अस्पताल में संसाधन जुटाए गए हैं। जहां वेंटिलेटर से लेकर ऑक्सीजन सुविधा मिलेगी। यह जिले का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल होगा। वर्तमान में चाइल्ड पीजीआइ में 50, ग्रेनो राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में 150 बेड की सुविधा है। यहां करीब 100 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की लिस्ट तैयार कर ली है। सभी डॉक्टर जिले की विभिन्न सीएचसी-पीएचसी से संबंध हैं।

  • सांसद महोदया ने ई-चौपाल के माध्यम से ऑनलाइन सुनी जन समस्याएं, निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश

    सांसद महोदया ने ई-चौपाल के माध्यम से ऑनलाइन सुनी जन समस्याएं, निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश
    सांसद महोदया ने ई-चौपाल के माध्यम से ऑनलाइन सुनी जन समस्याएं, निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश

    मा. सांसद महोदया की अध्यक्षता में ई-चौपाल का किया गया आयोजन।

    एक सप्ताह तक प्रत्येक दिन 4 ग्राम पंचायतों में होगा ई-चौपाल का आयोजन।

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    अमेठी। मा. केंद्रीय मंत्री/सांसद श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने ई-चौपाल के माध्यम से आज जनपद अमेठी के विकासखंड गौरीगंज अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय शहबाजपुर, विकासखंड जामो अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बलभद्रपुर, विकासखंड शाहगढ़ अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय दुलापुर खुर्द तथा विकासखंड मुसाफिरखाना अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय भीखीपुर में ऑनलाइन संवाद कर जन समस्याएं सुनी तथा उनके निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। ई-चौपाल में शिकायतकर्ताओं ने पीने के पानी की समस्या, नाली/खड़ंजा मरम्मत, रोजगार हेतु ऋण दिलाने, आवास सहित अन्य समस्याएं मा. सांसद महोदया के समक्ष रखा, जिस पर मा. सांसद महोदया ने शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निस्तारण हेतु निर्देश दिया। ई-चौपाल के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय शहबाजपुर में लगभग 50 से अधिक लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। मा. सांसद महोदया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं की शिकायतों के प्रति गंभीर रहें, उनका त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। इसके साथ ही मा. सांसद महोदया ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत जन सामान्य से संवाद स्थापित करने तथा उनकी समस्याओं को सुनकर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ई-चौपाल का आयोजन किया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी श्री अरुण कुमार ने मा. सांसद महोदया को आश्वस्त करते हुए कहा कि आज की ई-चौपाल के दौरान प्राप्त शिकायतों का संबंधित अधिकारियों से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा साथ ही उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक प्रत्येक दिन 4 ग्राम पंचायतों में मा. सांसद महोदया की अध्यक्षता में ई-चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम सरोज, उप जिलाधिकारी गौरीगंज महात्मा सिंह, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं व अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।

  • कल्याण सिंह ने अयोध्या मामले में कहा- निराधार आरोप लगाकर मेरे खिलाफ चलाया गया मुकदमा

    कल्याण सिंह ने अयोध्या मामले में कहा- निराधार आरोप लगाकर मेरे खिलाफ चलाया गया मुकदमा

    लखनऊ। अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने के मामले में  सोमवार को आरोपित पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और धर्म सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दुबे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच कल्याण सिंह को कोर्ट में पेश किया गया।अयोध्‍या  में विवादित ढांचाढांंचा गिराये जाने के मामले में कुल 49 लोगो को आरोपित बनाया गया था। इसमें से 32 लोगों के बयान दर्ज हो रहे हैं।

    अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा कि केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने निराधार आरोप लगाकर मेरे खिलाफ मुकदमा चलाया। कल्याण सिंह लखनऊ में सोमवार को सीबीआई कोर्ट में अयोध्या के विवादित ढांचा ध्वंस मामले में बयान देने के बाद मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के नाते कानून-व्यवस्था को लेकर जो भी मेरी जिम्मेदारी थी मैंने उसका पूरी तरह पालन किया।

    कल्याण सिंह ने कहा कि उस समय ढांचे की सुरक्षा के लिए यूपी सरकार ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की थी। इस संबंध में तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया था और सरकार पूरी तरह सजग थी। इसमें कहीं पर भी सरकार की तरफ से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई । तत्कालीन कांग्रेस की केंद्र सरकार ने इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक विद्वेष के चलते मुझे फंसाया।

    अयोध्या प्रकरण में सीबीआइ कोर्ट के विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से 2 सवाल किए, करीब 4 घंटे तक कल्याण सिंह ने अपने बयान दर्ज कराए।

    कोर्ट पहुंचे धर्म सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दुबे ने कहा कि ढांचा ढहाने में उनका हाथ नहीं है। लेकिन उनकी हमेशा ये चाहत रही की वहांं पर एक भव्य राम मंदिर बने और इसके ल‍िए वह काम करते रहेंगे। संतोष ने राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार द्वारा बनाये गए ट्रस्ट पर भी सवाल उठाये। संतोष ने कहा ट्रस्ट में जो लोग शामिल किये गए है उनका राम मंदिर से कोई लेना-देना नहीं है।

    यह है मामला

    अयोध्‍या ढांचा ध्‍वंस मामले में 6 द‍िसंबर 1992 को थाना राम जन्‍मभूम‍ि में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले में सीबीआइ ने जांच करते हुए 49 आरोप‍ितों के ख‍िलाफ व‍िशेष अदालत में आरोप पत्र दाख‍िल क‍िया था। वहीं, आरोप‍ितों में से 17 की मौत हो चुकी है।

    इनकी हो चुकी है मौत

    अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, मोरेश्वर सावे, महंत अवेद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज, वैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ. सतीश नागर, बालासाहेब ठाकरे, तत्कालीन एसएसपी डीबी राय, रमेश प्रताप सिंह, महात्यागी हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास एवं विनोद कुमार बंसल की मृत्यु हो चुकी है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर विशेष अदालत में प्रतिदिन सुनवाई की जा रही है। आगामी 31 अगस्त को निर्णय सुनाया जाना है।

    अयोध्‍या विवादित ढांचा प्रकरण एक नजर में 

    • 1528: अयोध्या में एक ऐसे स्थल पर मस्जिद का निर्माण किया गया था, जो भगवान राम का जन्मस्थान था। मुगल सम्राट बाबर ने यह मस्जिद बनवाई थी। इसलिए, बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था।
    • 1853: हिंदुओं का आरोप है कि भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण हुआ। इस मुद्दे पर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच पहली हिंसा हुई।
    • 1885: मामला पहली बार अदालत में पहुंचा। महंत रघुवरदास ने फैजाबाद अदालत में बाबरी मस्जिद से लगे राममंदिर के निर्माण की इजाजत के लिए अपील दायर की।
    • 23 दिसंबर 1949: करीब 50 हिंदुओं ने मस्जिद के केंद्रीय स्थल पर कथित तौर पर भगवान राम की मूर्ति रख दी। इसके बाद उस स्थान पर हिंदू नियमित रूप से पूजा करने लगे। मुसलमानों ने नमाज पढ़ना बंद कर दिया।
    • 17 दिसंबर 1959: निर्मोही अखाड़ा ने विवादित स्थल हस्तांतरित करने के लिए मुकदमा दायर किया।
    • 18 दिसंबर 1961: उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित स्थल के मालिकाना हक के लिए मुकदमा।
    • 1984: विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने विवादित स्थल का ताला खोलने और एक विशाल मंदिर के निर्माण के लिए अभियान शुरू किया। एक समिति का गठन किया गया।
    • 01 फरवरी 1986: फैजाबाद जिला न्यायाधीश ने विवादित स्थल पर हिंदुओं को पूजा की इजाजत दी। ताला दोबारा खोला गया। नाराज मुस्लिमों ने विरोध में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।
    • 01 जुलाई 1989: भगवान रामलला विराजमान नाम से पांचवां मुकदमा दाखिल किया गया।
    • 09 नवंबर 1989: तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने विवादित स्थल के नजदीक शिलान्यास की इजाजत दी।
    • 06 दिसंबर 1992: हजारों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या पहुंचकर विवादित ढांचा ढहा दिया, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे हुए। जल्दबाजी में एक अस्थायी राममंदिर बनाया गया। प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने मस्जिद के पुनर्निर्माण का वादा किया।
    • 2002 अप्रैल: अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर उच्च न्यायालय के तीन जजों की पीठ ने सुनवाई शुरू की।
    • 2005 जुलाई: आतंकवादियों ने विस्फोटक से भरी एक जीप का इस्तेमाल करते हुए विवादित स्थल पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने पांच आतंकवादियों को मार गिराया।
    • 28 सितंबर 2010: सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहबाद उच्च न्यायालय को विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली याचिका खारिज करते हुए फैसले का मार्ग प्रशस्त किया।
    • 30 सितंबर 2010: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
    • 30 सितंबर 2010: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटा, जिसमें एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े में जमीन बंटी।
    • 9 मई 2011: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी।
    • जुलाई 2016: बाबरी मामले के सबसे उम्रदराज वादी हाशिम अंसारी का निधन।
    • 21 मार्च 2017: रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की पेशकश की। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि अगर दोनों पक्ष राजी हों तो वह कोर्ट के बाहर मध्यस्थता करने को तैयार हैं।
    • 19 अप्रैल 2017: सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस चलाने का आदेश दिया।

  • जमीनी विवाद के चलते चली लाठियां चार लोग गंभीर रूप से घायल

    जमीनी विवाद के चलते चली लाठियां चार लोग गंभीर रूप से घायल
    जमीनी विवाद के चलते चली लाठियां चार लोग गंभीर रूप से घायल

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुल्तानपुर। कुड़वार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पिपरी के दिला का पुरवा मैं जमीनी विवाद के चलते चली लाठी 4 लोग हुए गंभीर रूप से घायल जानकारी
    के मुताबिक रियाज अहमद व अयाज अहमद सोमवार की सुबह खेत से काम करके घर लौट रहे थे तभी ग्राम के इरशाद अहमद पुत्र इस्लाम उल्लाह दर्जनों लोगों के साथ लाठी-डंडे से लैस होकर मारने लगे मारने के साथ घर के दीवार गिराने लगे मना करने पर बुरी तरीके से लहूलुहान कर दिया जिसमें जहीर शरीफ रियाज अहमद अयाज अहमद मोहसिना बानो रुबीना बानो गंभीर रूप से घायल हो गए थाना कुड़वार में घायल लोगों ने इरशाद अहमद सहित 8 लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर प्राथमिक दर्ज करने के लिए दिया जिस पर पुलिस ने घायल लोगों को जिला चिकित्सालय इलाज कराने के लिए भेजकर पुलिस विधिक कार्रवाई कर रही है

  • पुरानी रंजिश के चलते चाकू मारकर युवक की हत्या

    पुरानी रंजिश के चलते चाकू मारकर युवक की हत्या

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    पुरानी रंजिश के चलते चाकू मारकर युवक की हत्या

    अमेठी। कोतवाली मुसाफिरखाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम औरंगाबाद में बीती रात पुरानी रंजिश के चलते चाकू मारकर युवक की हत्या कर दी गई।
    जानकारी के मुताबिक कंस राज पुत्र रामजी आवन निवासी पासी का पुरवा ग्राम कोटिया का निवासी था जिसकी उम्र लगभग 24 वर्ष थी औरंगाबाद अपने नाना के यहां आया था वही पुरानी रंजिश के चलते गांव में ही लोगों से झगड़ा हो गया जिसमें विपक्षी लोगों ने चाकू से गले पर वार कर दिया जिससे कंस राज बुरी तरीके से जख्मी हो गया जिसको मुसाफिरखाना से लखनऊ के लिए ले जाया जा रहा था जिसकी रास्ते में ही मृत्यु हो गई कंस राज्य के परिवार के लोगों ने 7 लोगों के खिलाफ कोतवाली मुसाफिरखाना सद्दाम पुत्र इस्लाम अब्दुल्ला पुत्र किस्मत उल्लाह संदीप पुत्र राम हेत देव मती पत्नी रामहेम कल्लू पुत्र राम हेतु अमरू पुत्र राम बक्स रामनाथ पुत्र राम बक्स ग्राम औरंगाबाद के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया है घटना की सूचना मिलते ही कोतवाल अवधेश कुमार फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

  • सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हो रही सावन का दूसरा सोमवार में शिव की पूजा

    सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हो रही सावन का दूसरा सोमवार में शिव की पूजा

    लखनऊ। सावन के दूसरे सोमवार में कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी मंदिरों में सोशल डिंस्टेंसिंग का पालन करते हुए भगवान शिव का दर्शन-पूजन किया गया। राज्य के वाराणसी प्रयागराज, लखनऊ और बाराबंकी के साथ अन्य शहरों समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी भक्त भगवान शिव की आराधना में लीन हैं। लखनऊ के डालीगंज के मनकामेशवर मंदिर में लोगों ने मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भोलेनाथ के दर्शन किए। लोगों ने दर्शन करने के साथ-साथ मेगास्टार अमिताभ बच्चन व उनके पूरे परिवार के कोरोना से मुक्त होने की भी कामना की।

    लॉकडाउन खुलने के बाद 5:30 बजे से ही मंदिर के बाहर महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग कतारें लगने लगी थीं। दूसरे सोमवार को भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए दो पाइप अरघा लगाए गए जिससे लोगों ने जलाभिषेक किया। इससे पूर्व महंत देव्या गिरि ने भोलेनाथ की आरती और श्रृंगार किया। इसके बाद दर्शन के लिए पट खोले गए।

    इस बार सावन में कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित होने के बाद भी लोग बड़ी संख्या में प्रदेश के विख्यात शिव मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे हैं।

    वाराणसी में सावन के दूसरे सोमवार पर श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन को भक्त उमड़ पड़े। मंदिर के चारों तरफ लम्बी-लम्बी कतार लग गईं। पुलिस तथा मंदिर प्रशासन की देखरेख में लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भगवान शिव का दर्शन और पूजन की।

    प्रयागराज में भी यही स्थिति रही। यहां भी पूरे नियम-कायदों के साथ लोगों ने भगवान के दर्शन किए।

    कोरोना संक्रमण को देखते हुए शिवालयों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हर मंदिर के गेट पर सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग का प्रबंध किया गया है। मास्क लगाने वाले श्रद्घालु को ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है।

    लखनऊ में मनकामेश्वर, गंगोली शिवालय, शिव कचहरी शिवालय, पंचमुखी, शिवालयों में भक्तों की सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया गया है। बाराबंकी के कैलाश आश्रम मंदिर, नागेश्वर नाथ मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कर श्रद्घालुओं ने भगवान का जलाभिषेक किया।

  • UP सरकार वापस लेगी BJP MLA राधा मोहन व ASP चारू निगम विवाद में दर्ज हुए मुकदमे

    UP सरकार वापस लेगी BJP MLA राधा मोहन व ASP चारू निगम विवाद में दर्ज हुए मुकदमे

    गोरखपुर। देसी शराब की दुकान खुलने का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर चिलुआताल थाने में अपै्रल 2017 में दर्ज मुकदमा सरकार वापस लेगी। इस मामले में तत्कालीन और वर्तमान पार्षद सहित 18 नामजद और सौ अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। ग्रामीणों पर लाठीचार्ज के बाद नगर विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल और तत्कालीन एएसपी/सीओ गोरखनाथ, चारु निगम के बीच हुई झड़प की वजह से मामला कई दिनों तक सुर्खियों में रहा। नगर विधायक ने ग्रामीणों के साथ टाउनहाल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के सामने धरना भी दिया था। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

    प्रदेश सरकार के अनु सचिव ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर मुकदमा वापस लेने के शासन के फैसले की जानकारी दी है। इस पत्र में उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट को लोक अभियोजक के माध्यम से मुकदमा वापसी के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र देने की बात कही है। विधि, न्याय तथा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मंत्री ब्रजेश पाठक ने नगर विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल को फोन कर मुकदमा वापस लेने के प्रदेश सरकार के फैसले की जानकारी दी है।

    ये था मामला

    बता दें कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद चिलुआताल इलाके में कोईलहवा तिराहे पर देसी शराब की दुकान खोली गई थी। बस्ती के बीच दुकान खुलने से स्थानीय लोग काफी खफा थे। दुकान खुलने के विरोध में 22 अपै्रल 2017 को कोइलहवा तिराहे पर स्थानीय लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शमिल थीं। तत्कालीन सीओ गोरखनाथ चारु निगम ग्रामीणों को प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराने का प्रयास कर रही थीं। इसी बीच किसी महिला ने सीओ के हाथ पर डंडा मार दिया था। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था। ग्रामीणों पर लाठीचार्ज की खबर पर नगर विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल मौके पर पहुंच गए थे। मौके पर ही सीओ से उनकी काफी झड़प हुई थी।

    तत्कालीन व वर्तमान पार्षद तथा ग्रामीणों पर दर्ज हुआ है मुकदमा

    बाद में इस मामले में उस समय फर्टिलाइजर चौकी इंचार्ज रहे उप निरीक्षक वीरेंद्र यादव की तहरीर पर वार्ड संख्या 14 के तत्कालीन पार्षद राजकुमार और वर्तमान पार्षद कासिम सहित 18 नामजद और सौ अज्ञात पर बलवा, आवागमन बाधित करने और लोक व्यवस्था भंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।

    सबके सामने ही फफक पड़ी थीं सीओ

    लाठीचार्ज के बाद मौके पर पहुंचे नगर विधायक पुलिस की कार्रवाई पर काफी नाराजगी जताई थी। पुलिसिया कार्रवाई पर उनके आपत्ति जताने पर सीओ चारु निगम उनसे बहस करने लगी। इस दौरान सीओ काफी तेज आवाज में प्रतिक्रिया व्यक्त करने लगीं। इस पर नगर विधायक ने उन्हें फटकार लगा दी थी। उनकी फटकार सुनकर सीओ भीड़ के बीच में ही फफक पड़ी थीं। इस प्रकरण को लेकर फेसबुक पर की गई सीओ की टिप्पणी काफी चर्चा में रही, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट हटा दी थी।

    विधायक ने सीएम का आभार जताया

    नगर विधायक डाक्‍टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा विधि, न्याय एवं ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ब्रजेश पाठक को नागरिकों की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा कि एक विधायक के रूप में यह मेरा दायित्व है कि नागरिकों के साथ जब भी और जिस स्तर पर भी अन्याय और शोषण हो, उसका मजबूती से विरोध करुं। उन्‍होंने कहा कि नागरिकों के अन्‍याय हुआ तो आगे भी मैं इसी प्रकार नागरिकों के पक्ष में खड़ा रहूंगा।

  • निर्माण कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

    निर्माण कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    कार्य की प्रगति में तेजी लाने के दिए निर्देश।

    अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने आज कैम्प कार्यालय में अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं के साथ मा. मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं से संबंधित व 50 लाख से ऊपर जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों के संबंध में समीक्षा बैठक किया। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की विवरणवार समीक्षा की एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओं को कार्य की प्रगति में तेजी लाकर जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्थाओं को कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध कराते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से अब निरंतर निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली जा रही है, इसलिए समस्त कार्यदायी संस्थाएं अपने-अपने निर्माण कार्यों को शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत कार्य पूर्ण करें। जिलाधिकारी ने समस्त कारदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में प्रवासी श्रमिकों को अधिक से अधिक जोड़ा जाए, जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को रोजगार सृजन की सूचना भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, अधिशासी अभियंता लोनिवि राकेश चौधरी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी रामसनेही वर्मा सहित संबंधित अधिकारी व कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • कुशीनगर में बरसात से पहले नगरपालिका पडरौना द्वारा बरती गई लापरवाही ने नगर वासियों को डाला मुसीबत में

    कुशीनगर में बरसात से पहले नगरपालिका पडरौना द्वारा बरती गई लापरवाही ने नगर वासियों को डाला मुसीबत में
    उपेन्द्र कुशवाहा

    कुशीनगर : एक माह पहले से लगातार हो रही बरसात से जल निकासी को लेकर नगरपालिका पडरौना प्रशासन की उदासीनता व लापरवाही बरतने के कारण नगर कि हाल बत्तर हो गई है । बरसात शुरू होने के पूर्व नालों की सफाई के प्रति बरती गई लापरवाही ने इस समय नगरवासियों को चिंतित में डाल दिया है।

    25 वार्डो का विस्तार लिए पडरौना नगर पालिका क्षेत्र की मौजूदा आबादी तकरीबन 75000 है। नगर के मुख्य समेत भीतरी मोहल्लों की नालियां जाम पड़ी है। जल निकासी इनके भरोसे संभव नहीं है। कूड़ों कचरों से अटी पड़ी नालियां लोगों को मुंह चिढ़ा रही हैं। जाम पड़े नालों से कचरे कब निकाले जाएगे कोई बताने वाला नहीं है। इनकी सफाई बरसात के पूर्व हर हाल में हो जानी चाहिए थी,लेकिन नगर पालिका प्रशासन नालियों की साफ-सफाई को लेकर बरती गई उदासीनता के कारण आज समस्या बना हुआ है। एक माह पहले से बरसात का आगाज होने से यहां के बाशिंदों के चेहरे पर चिंता की लकीर साफ दिख रही थी। हालांकि इस नगर में चारो तरफ जल जमाव से चिंतित लोग कहने लगे हैं कि बरसात से पहले जिम्मेदारों की लापरवाही ने बर्तमान में बडी समस्या ला दी है। एसे में लो लैंड वाले हिस्सों के बाशिंदों की भी चिंता सबसे अधिक बना हुआ है। कई दिनों से रात में लागातार हुई बारिश से ही पडरौना नगर में जल निकासी की पोल खोल दी है।
    नालियों पर कब्जा

    पडरौना नगर क्षेत्र के आधे से अधिक नालों पर दुकानदारों स्थाई व अस्थाई कब्जा है। नगर पालिका प्रशासन को नालों की सफाई कराते समय तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जहां पर स्थाई कब्जा है वहां की नालियां ज्यों की त्यों पड़ी रहने से बाकी सफाई बेमतलब साबित होने लगती है। नालों पर स्थाई स्लैब डाल दिए जाने से इसे हटा पाना आसान नहीं होता। बगैर हटाए सफाई मुश्किल भरा होता है।

    यहां की जाम हैं नालियां
    पडरौना नगर के कटकुईया मोड से छावनी,रामकोला रोड,कोतवाली रोड,साहबगंज,ओंकार वाटिका,नौकाटोला से चुंगी,नौकाटोला से साहबगंज रोड़ के नाले,बेलवा चुंगी बाईपास,जटहां रोड़,कोतवाली से सुभाष चौक आदि क्षेत्रों के नाले जाम हैं। इनकी सफाई बरसात पूर्व नहीं हुई तो निश्चित ही बरसात में नागरिकों को संकट की स्थिति से निपटना पड़ता रहा है।