Category: uttar-pradesh

  • महानिदेशक ने मलिन बस्ती वार्ड करौदियां का किया निरीक्षण

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुल्तानपुर। महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान तथा उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी उ0प्र0 श्री एल0 वेंकटेश्वर लू ने आज नगर पालिका सुलतानपुर के अन्तर्गत मलिन बस्ती वार्ड करौदियां का निरीक्षण किया एवं मुहल्ले की गलियों में भ्रमण कर साफ-सफाई, संचारी रोगों के नियंत्रण, स्वच्छता अभियान की प्रगति, शुद्ध पेयजल, जल निकासी तथा फागिंग आदि व्यवस्था की धरातलीय जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान कवर्ड नाली टूटी पाये जाने पर प्रभारी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/उप जिलाधिकारी सदर को अविलम्ब मरम्मत एवं कवर्ड कराये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित किया। उन्होंने प्रभारी अधिशासी अधिकारी से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना की प्रगति जानी तथा सक्रियता लाने के निर्देश दिये। उन्होंने एम0आर0एफ0 सेन्टर के संचालन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की तथा शीघ्र ही सेन्टर संचालित करवाये जाने के निर्देश दिये। महानिदेशक महोदय ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा नामित कोविड-19 से सम्बन्धित निगरानी समितियों द्वारा डोर-टू-डोर किये जा रहे लाक्षणिक व्यक्तियों के चिन्ह्नांकन एवं उनकी सैम्पलिंग के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रभारी अधिशासी अधिकारी/उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि मलिन बस्तियों में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता जल निकासी समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मलिन बस्तियों का अधिक ध्यान देकर सेनेटाइजेशन एवं फागिंग व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये। तत्पश्चात महानिदेशक महोदय ने शहर में लाकडाउन एवं साफ-सफाई आदि व्यवस्था का जायजा लेने हेतु करौंदिया, कुड़वार नाका, चौक घण्टा घर, शाहगंज चौराहा, बाधमण्डी चौराहा, राहुल टाकीज, पल्टन बाजार, सिरवारा रोड, डाकखाना रोड, तिकोनिया पार्क, दीवानी चौराहा आदि का निरीक्षण किया एवं अन्त में उद्योग विभाग परिसर स्थित पर्यटन स्थल पारिजात वृक्ष का दर्शन किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी कोविड-19 राज कमल यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल, सहायक राशनिंग आफिसर अखिलेश कुमार, सफाई निरीक्षक नगर पालिका भानू प्रताप सिंह, सभासद करौंदिया वार्ड पवन कुमार सोनकर सहित अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे।

  • कुशीनगर में वरिष्ठ पत्रकार की बेटी पर्णिका को आइसीएससी परीक्षा में मिला 97 प्रतिशत

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    उपेंद्र कुशवाहा

    कुशीनगर : वरिष्ठ पत्रकार सूर्य प्रकाश राय की सुपुत्री पर्णिका राय ने आईसीएससी बोर्ड के इंटर की परीक्षा में नगर के सेंट थ्रेसेस स्कूल में 97 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा पास कर विद्यालय ही नहीं बल्कि कुशीनगर जनपद का नाम रौशन किया है ।

    परिक्षा पास करने वाली पर्णिका राय ने बताया कि आगे की पहली तैयारी नीट की परीक्षा में बैठना है। साथ ही चिकित्सक बनकर जरूरतमंद लोगों के लिए बहुत कुछ करने की उसके मन में इच्छा है । पर्णिका ने अपने सभी गुरुजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए बताया कि वह 11वीं और 12 वीं के परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी ट्यूटर का सहयोग नही लिया,घर पर ही एक निश्चित समय के साथ पढ़ाई की और पूरी तैयारी किया । बता दें कि उक्त विद्यालय में अभी तक 95 प्रतिशत अंक से कम ही परिक्षार्थी ला सके थे,कोई भी परिक्षार्थी 97 अंक नहीं ला पाया था ।

    यहां यह भी बता दें कि हाइस्कूल में उसने 95.8 प्रतिशत अंक हासिल किया था । परिणाम आने के बाद पर्णिका के बाबा मार्कण्डेय राय, पिता सूर्य प्रकाश राय, माता अनीता राय और भाई आदर्श पराशर ने मिठाई खिलाया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की ।

  • Yogi सरकार पर अखिलेश का तो RLD उपाध्यक्ष जयंत का न्यायपालिका पर हमला

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    लखनऊ। कानपुर में दुर्दांत विकास दुबे की उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मौत पर विपक्षी दल सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहां विकास दुबे को लेकर आ रही कार के पलटने को सरकार से लेकर जोड़ा है, वहीं राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने न्यायपालिका को कठघरे में खड़ा किया है।

    अखिलेश यादव ने गुरुवार को उज्जैन में विकास दुबे की गिरफतारी पर भी सवाल उठाया है। शुक्रवार को कानपुर में मुठभेड़ में विकास दुबे के मारे जाने के बाद अखिलेश यादव ने एक ट्वीट किया है।

    अखिलेश यादव ने लिखा है कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है।

    प्रियंका गांधी बोलीं- अपराधी को संरक्षण देने वालों का क्या होगा

    कांग्रेस महासचिव तथा उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल उठाया है। उज्जैन से कानपुर लाते समय एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने विकास दुबे को ढेर कर दिया।

    इस मामले में प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अपराधी का तो अंत हो गया, लेकिन अपराधी को संरक्षण देने वालों का क्या होगा।

    जयंत चौधरी ने ट्वीट किया कि विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद देश के सारे न्यायाधीश को इस्तीफा दे देना चाहिए। अब तो भाजपा के ठोक दो राज में अदालत की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने लिखा कि आठ पुलिसकॢमयों के हत्या के असली अपराधियों को बचाने के लिए यह सब ड्रामा रचा गया है।

    विकास दुबे को हरियाणा पुलिस गिरफतार करने के बाद सौंप देती है, और फिर उत्तर प्रदेश पुलिस उसका एनकाउंटर कर देती है।

    योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भी इस मुठभेड़ को लेकर एक ट्वीट किया है। राजभर ने लिखा है कि जिसका था अंदेशा वही हो गया।कानपुर काण्ड का मुख्य आरोपी विकास दुबे अगर मुंह खोलता तो कई बड़े नेता और अफसर नहीं रहते अपना मुंह खोलने लायक।

    कोई तो बड़ा शख़्स है, इसके पीछे जो नहीं चाहता था कि विकास दुबे मजिस्ट्रेट के सामने सच्चाई बताता उससे पहले बंद कर दी गयी वो ज़ुबान।

  • ED ने भी शुरू की विकास दुबे के खिलाफ जांच, UP एसटीएफ की एक टीम जाएगी उज्जैन

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    लखनऊ। दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के कानपुर में शुक्रवार को मुठभेड़ में ढेर होने के बाद अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ केंद्र सरकार के प्रवर्तन निदेशालय ने उसके काले कारोबार की जांच शुरू कर दी है। उसकी संपत्तियों के साथ ही उसके आकाओं और फाइनेंसर्स को भी अब खंगाला जाएगा।

    प्रवर्तन निदेशालय (इंफोर्समेंट डायक्टरेट) ने विकास दुबे की सभी अघोषित तथा घोषित संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल विकास के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई है। पुलिस महानिरीक्षक कानपुर से ब्योरा मांगा गया है कि विकास दुबे के सहयोगियों से पुलिस को क्या-क्या मिला है। कानपुर में विकास दुबे तथा उसके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद मामले का ईडी ने संज्ञान लिया और कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक से सारी जानकारी मांगी है। ईडी को जानकारी मिली है कि बीते तीन वर्ष में विकास दुबे ने 15 देशों की यात्रा की थी। संयुक्त अरब अमीरात और थाईलैंड में एक-एक पेंटहाउस भी खरीदा था। इसके बाद हाल में ही उसने लखनऊ में लगभग 20 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी थी।

    ईडी ने कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों का आर्थिक ब्यौरा मांगा है। ईडी ने विकास के परिवार के सदस्यों तथा सहयोगियों उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी है। ईडी की एक टीम तीन दिन पहले बुधवार को कानपुर पुलिस और अधिकारियों के साथ संपर्क करके औपचारिक तौर पर विकास दुबे से संबंधित एफआईआर सहित कई दस्तावेजों को लेकर लखनऊ आई थी।

    इस मामले में अब यह जानकारी मिल रही है कि उन दस्तावेजों को आधार बनाकर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज करेगी और उसके बाद विकास दुबे के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर सकती है। विकास दुबे के खिलाफ यूपी में तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें कई ऐसे भी गंभीर केस हैं जिनको आधार बनाकर ईडी की टीम आराम से पीएमएलए का केस बना सकती है। विकास दुबे के खिलाफ अगर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई होती है तो उसकी कई अवैध संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है। इसके साथ ही यूपी, राजस्थान स्थित उसकी कई अवैध चल और अचल संपत्तियों को सीज किया जा सकता है।

    विकास दुबे पर ईडी का शिकंजा कसने के साथ ही उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब एसटीएफ की टीम विकास दुबे के मामले में एक बार फिर उज्जैन जाएगी। वहां पर विकास दुबे के शराब कारोबारी से कनेक्शन की जांच होगी। विकास दुबे के उज्जैन में प्रवास के दौरान शराब कारोबारी ने विकास की मदद की थी। उसको भी मध्य प्रदेश पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके साथ ही एसटीएफ महाकाल मंदिर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरा को खंगालेगी। वहां पर एसटीएफ विकास की मदद करने वालों से भी पूछताछ करेगी।

  • पोस्टमॉर्टम से पहले गैंगस्टर विकास दुबे का हुआ कोरोना टेस्ट, लिए गए सैंपल

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    लखनऊ। कानपुर मुठभेड़ में ढेर गैंगस्टर विकास दुबे का पोस्टमॉर्टम से पहले कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों की एक टीम ने विकास दुबे के शरीर से सैंपल लिए हैं। वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों की एक टीम उसका पोस्टमार्टम करेगी।गौरतलब है कि यूपी पुलिस के आठ जवानों की हत्‍या का मुख्‍य आरोपी विकास दुबे आज सुबह कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यूपी एसटीएफ की गाड़ी विकास को लेकर कानपुर आ रही थी। पुलिस के मुताबिक बर्रा के पास अचानक रास्‍ते में गाड़ी पलट गई। इस हादसे में चार सिपाही घायल हो गए।

    इसके बावजूद विकास पुलिस के चंगुल से बचकर भागने के फिराक में था। उसने मौका पाकर एसटीएफ के एक अधिकारी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इसी के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। एसटीएफ ने विकास से हथियार रखकर आत्मसमर्पण करने को कहा। वह इसके बावजूद नहीं माना तो पुलिस को मजबूरन एनकाउंटर करना पड़ा। एनकाउंटर में गोली लगने के बाद हिस्ट्री शीटर विकास दुबे की मौत हो गई।

    कानपुर के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर देशभर में सुर्खियों में आया उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में मिला था। छह दिन की तलाश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, जिस कुख्यात अपराधी को लेकर कई राज्यों की पुलिस अलर्ट थी, उसकी गिरफ्तारी उतनी ही नाटकीय ढंग से हुई।

    Vikas Dubey Encounter Latest Updates:

    – गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद कांस्टेबल अजय कश्यप जो 3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गाँव में एक मुठभेड़ में घायल हुए थे उन्होंने कहा कि इससे मेरी आत्मा को शांति मिली है। यह पुलिस और सरकार में जनता के विश्वास को बहाल करेगा।

    – कानपुर पुलिस ने बताया है कि चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे के एक साथी दयाशंकर अग्निहोत्री के स्वामित्व वाली सरकारी राशन की दुकान से सात देसी बम बरामद किए गए हैं। इस मामले में केस दर्ज किया गया है।

    – यूपी के ए़डीजी कानून एवं व्यवस्था(लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान 3 सब-इंस्पेक्टर, 1 कांस्टेबल और 2 एसटीएफ कमांडो घायल हुए हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के मुताबिक कानपुर मुठभेड़ में कुल 21 अभियुक्त नामजद थे और 60 से 70 अन्य अभियुक्त थे। इस मामले में अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 6 आरोपी मारे गए, 7 लोगों को जेल भेजा गया, वहीं 12 वांछित अपराधी अभी भी फरार हैं।

    – विकास दुबे का कोरोना टेस्ट कराने के लिए सैम्पल लिया गया है। वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों की एक टीम उसका पोस्टमार्टम करेगी। पोस्टमार्टम रूम के बाहर पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स भी तैनात है।

    – कानपुर के बड़े पुलिस और आला अधिकारी हैलट अस्पताल पहुंचे हैं।कानपुर क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(एडीजी) जय नारायण सिंह, आइजी मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी(डीएम) डॉ.ब्रह्मदेव राम तिवारी हैलट अस्पताल पहुंचे हैं।

    – पुलिस ने विकास दुबे की पत्नी और बेटे को छोड़ दिया है। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि ऋचा(विकास दुबे की पत्नी) की कोई भूमिका नही मिली है। वह घटना के वक्त बिकरू में नहीं थी।

    – लाला लाजपत राय हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ. आरबी कमल ने बताया है कि 3 घायल पुलिस कर्मियों की हालत स्थिर है। उनमें से दो ने गोलियां दागीं। उन्होंने साथ ही बताया कि विकास दुबे को यहां मृत लाया गया था, उसको 4 गोली लगी थी। उसके सीने पर तीन और हाथ में एक गोली लगी थी।

    – गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद अब उसके पोस्टमॉर्टम की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे का पोस्टमॉर्टम से पहले कोरोना टेस्ट किया जाएगा।डॉक्टरों की टीम बॉडी से सैंपल लेगी।

    • कानपुर में विकास दुबे के मुठभेड़ वाले इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, लोग और मीडियाकर्मी पहुंचे। यहां लोगों की काफी भीड़ हो गई। यूपी एसटीएफ के काफिले की एक कार यहां पलट गई थी।

    विकास के साथी की दुकान से मिले हथगोले

    कानपुर के बिकरू गांव में सीओ त्रिपुरारी पांडे और नायब तहसीलदार अतुल हर्ष श्रीवास्तव ने दुर्दांत विकास के ख़ास नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री की घटना के बाद से बंद पड़ी सरकारी गल्ले की दुकान की जांच में सात हथगोले मिले। पुलिस ने उनको निष्क्रिय कराया।

    – कानपुर के बिकरू गांव में 3 जुलाई को मुठभेड़ में जान गंवाने वाले कांस्टेबल सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला वर्मा ने गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने पर कहा कि मैं संतुष्ट हूं। लेकिन अब यह कैसे सामने आएगा कि कौन उसे (विकास दुबे) समर्थन दे रहा था? उससे पूछताछ करके यह खुलासा नहीं किया जा सका।

    – यूपी के एडीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि विकास दुबे ने पुलिस का हथियार छीनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस द्वारा जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें वो घायल हो गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल ले जाने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। हम जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेंगे।

    – कानपुर में गैगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद इस मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी को लाला लाजपत राय अस्पताल लाया गया है। पुलिस के मुताबिक इस मुठभेड़ में कुल 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

    – मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विकास दुबे के मारे जाने पर कहा है कि कानून ने अपना काम कर दिया है। उन्होंने साथ ही कहा कि यह उन लोगों के लिए खेद और निराशा का विषय हो सकता है जिन्होंने आज विकास दुबे की मौत और कल उसकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। एमपी पुलिस ने अपना काम किया, उसे गिरफ्तार किया और यूपी पुलिस को सौंप दिया।

    – 3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में मुठभेड़ में अपनी जान गंवाने वाले कांस्टेबल जितेंद्र पाल सिंह के पिता तीरथ पाल ने विकास दुबे के मारे जाने के बाद कहा है कि मुझे यूपी पुलिस पर बहुत गर्व है। आज उन्होंने जो कुछ भी किया है वह मेरी आत्मा को सांत्वना दे रहा है। मैं प्रशासन और योगी सरकार का धन्यवाद करता हूं।

  • विकास दुबे मरने से पहले खोल गया ये चौंकाने बड़ा राज !

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    उज्जैन। कानपुर कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। उससे पहले विकास ने उज्जैन में अपना बड़ा गुनाह कबूल किया है। उज्जैन में विकास ने कबूला है कि वह शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा से नफरत करता था। पूछताछ में उसने स्वीकारा है कि देवेंद्र मिश्रा की हर गतिविधि के बारे में पुलिस के लोग ही हमें सूचना देते थे। यहां तक कि विकास दुबे के बारे सीओ देवेंद्र मिश्रा कोई व्यक्तिगत कमेंट भी करते थे, तो उसकी भी जानकारी विकास को हो जाती थी। विकास ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कानपुर कांड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

    उसने पूछताछ के दौरान यह कबूला है कि उसने सीओ देवेंद्र मिश्रा की हत्या नहीं की है। उसके लोगों ने देवेंद्र मिश्रा को मार दिया। विकास दुबे ने पुलिस के समक्ष कहा है कि सीओ देवेंद्र मिश्रा अकसर मेरे पैरे पर कमेंट करते थे। मेरा एक पैर खराब है। इसलिए सीओ कहते थे कि मैं उसका दूसरा पैर भी ठीक कर दूंगा।

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास दुबे का सीओ देवेंद्र मिश्रा से कई बार विवाद हुआ था। विवाद के दौरान कहासुनी भी हुई थी। आसपास के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों ने मुझे जानकारी दी थी कि सीओ देवेंद्र मिश्रा मेरे खिलाफ हैं। ये सारी चीजें जानकर सीओ देवेंद्र मिश्रा के खिलाफ मुझे बहुत गुस्सा आता था। उसने पुलिस के सामने कबूला है कि उसने सीओ को नहीं मारा है। विकास दुबे ने पुलिस के सामने स्वीकारा है कि मेरे साथियों ने आहते से मामा के आंगन में जाकर सीओ पर हमला किया। मेरे पैर पर कमेंट को लेकर मेरे साथी भी उससे चिढ़े हुए थे। इसलिए उन लोगों ने उसके पैर पर वार करने के बाद उसके सिर में गोली मार दी थी।

    सूत्रों के मुताबिक विकास ने पूछताछ के दौरान यह कबूला था कि मुझे पहले ही पुलिस की छापेमारी के बारे में खबर मिल गई थी। मुझे जो खबर थी, उसके अनुसार पुलिस भोर में पहुंचने वाली थी। लेकिन पुलिस छापेमारी के लिए रात को ही पहुंच गई। एनकाउंटर में पुलिस के जवान मारे गए। पुलिसकर्मियों के शव को हम लोग जलाने वाले थे। शवों को इकट्ठा भी कर लिया था। लेकिन रात को और पुलिस आने लगी, तो हम लोग भाग निकले।

  • ICSE Board result:बारहवीं में कुशीनगर में प्रथम स्थान पाने वाली पर्णिका बोली डाक्टर बन करुंगी जरूरतमंदों की सेवा

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    उपेंद्र कुशवाहा

    कुशीनगर : काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) की ओर से शुक्रवार को दसवीं और बारहवीं के परिणाम का एलान किया गया। इंटर की परीक्षा में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के सेंट थ्रेसेस स्कूल पडरौना में पर्णिका राय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

    प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली पर्णिका राय ने बताया कि आगे की पहली तैयारी नीट की परीक्षा में बैठना है। डॉक्टर बनकर जरूरतमंद लोगों के लिए बहुत कुछ करने की इच्छा है।
    पर्णिका ने अपने सभी गुरुजनों के प्रति आभार प्रकट करते हुए बताया कि मैंने 11वीं और 12वीं के परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी ट्यूशन का सहयोग नही लिया। घर पर ही एक निश्चित समय के साथ पढ़ाई की और पूरी तैयारी किया। परिणाम आने के बाद पर्णिका के बाबा मार्कण्डेय राय, पिता सूर्य प्रकाश राय, माता अनीता राय और भाई आदर्श पराशर ने मिठाई खिलाया और बधाई दी।

  • विकास दुबे के करीबियों के 11 शस्त्र लाइसेंस जांच के दायरे में, DGP ने तलब की रिपोर्ट

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    लखनऊ। कानपुर के चौबेपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के शुक्रवार को उज्जैन से वापसी के समय कानपुर में मुठभेड़ में ढेर होने के बाद अब उसके आश्रयदाता तथा करीबी भी पुलिस के निशाने पर हैं। प्रदेश सरकार की जांच के दायर में उसके तथा करीबियों के शस्त्र तथा उनके लाइसेंस हैं। पांच लाख का इनामी विकास दुबे अपने साथ 12-14 असलहा रखता था। इनमें से अधिकांश के लाइसेंस दूसरों के नाम पर बने थे। ऐसे असलहों के लाइसेंस की फाइल डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने तलब की है। इसके साथ ही विकास दुबे के बिकरू गांव में भी पुलिस ने हथियारों की तलाशी का बड़ा अभियान शुरू किया है।

    पांच लाख के इनामी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस की नजर उसके हथियारों पर है। उसके घर से बरामद हथियार के साथ ही उसको शरण देने वालों के हथियार तथा उनके लाइसेंस की जांच होगी। डीजीपी मुख्यालय ने इन सभी शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण की कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट मांगी है। विकास दुबे ने कानपुर में राजनीतिक रसूख के बल पर कई लोगों के शस्त्र लाइसेंस बनवाए थे।

    इन सभी का इस्तेमाल भी विकास दुबे ही करता था। उसके पास से मिले इन असलहों में विष्णुपाल पुत्र देवी लाल के नाम रिवाल्वर और डबल बैरल बंदूक (केस में नामजद), जहान यादव पुत्र गेंदालाल यादव के नाम डबल बैरल बंदूक (गिरफ्तार), दयाशंकर पुत्र श्याम नारायण के नाम से सिंगल बैरल बंदूक (गिरफ्तार), आलोक पुत्र मदनलाल के नाम डबल बैरल बंदूक हैं।

    इसके अलावा राम सिंह पुत्र छोटेलाल के नाम डबल बैरल बंदूक (नामजद), श्रीकांत पुत्र बबन शुक्ला के नाम डबल बैरल बंदूक, यादवेंद्र पुत्र गेंदालाल के नाम राइफल, राजन पुत्र जिल्ल्लेदार के नाम डबल बैरल, दीपक पुत्र रामकुमार के नाम राइफल, और अंजली दुबे पत्नी दीपक दुबे के नाम एक रिवाल्वर का लाइसेंस है। इन सभी के शस्त्र लाइसेंस की फाइल तलब की गई है।

    बिकरू गांव में पुलिस वालों के हथियार की तलाश

    विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पुलिस लगातार बिकरू गांव में तलाशी ले रही है। अब पुलिस गांव के सभी लोगों के घर जाकर पुलिस पार्टी के हथियार जमा करवाने को कह रही है। इसके लिए मुनादी हो रही है। पुलिस कह रही है कि जिसके पास पुलिसवालों के हथियार हैं, वो जमा करवा दें, वरना उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

    मुनादी कराई जा रही है कि जिस किसी के पास भी पुलिस वालों के हथियार हैं, वो पुलिस को सूचित करके जमा करवा दें। वरना उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दो-तीन जुलाई की रात बिकरू में दबिश देने गई थी। इसमें विकास दुबे और उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला बोलकर सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसमें पुलिस के गायब हथियारों में तीन पिस्टल तो बरामद कर ली है। अब लूटी गई एके-47 और इंसास रायफल की तलाश हो रही है।

     

  • जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने फ्लैग मार्च कर लाकडाउन के अनुपालन हेतु नागरिकों से किया अपील

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर। जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती तथा पुलिस अधीक्षक शिव हरी मीना ने कोविड-19 लाकडाउन के दृष्टिगत शहर स्थित शाहगंज पुलिस चौकी, बाधमण्डी, दरियापुर, कृष्णानगर, खैराबाद, पंचरस्ता चौराहा आदि मोहल्लों में फ्लैग मार्च कर लाउड हेलर के माध्यम से लाकडाउन से सम्बन्धित नियमों की जानकारी देते हुए आम नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील किया है कि आज राज 10 बजे से 13 जुलाई, 2020 को प्रातः 05 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं आपातकालीन सेवाओं के अतिरिक्त समस्त कार्यालय, समस्त शहरी व ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला मण्डी एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान बन्द रहेंगे। इस दौरान सभी लोग अपने-अपने घरों में रहें। इसके लिये किसी को किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोविड-19 के तहत स्वास्थ्य टीमें थर्मामीटर, अल्टीमीटर एवं सेनेटाइजर के साथ स्वास्थ्य जॉच हेतु डोर-टू-डोर जायेंगी और आपका स्वास्थ्य जॉच करेंगी। प्रशासन द्वारा पूर्व सावधानियाँ बरती जा रहीं हैं। अधिकारी एवं पुलिस प्रशासन सड़कों पर भ्रमण कर लाकडाउन का अनुपालन करायेंगे। फिर भी यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) हर्षदेव पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, सीओ सिटी सतीश चन्द्र शुक्ल सहित पर्याप्त संख्या में पुलिस बल आदि मौजूद रहे।

  • UP में फिर लागू 3 दिन पूर्णबंदी, खुली रहेंगी आवश्यक सामान की दुकानें

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच एक बार फिर से पूर्णबंदी लागू कर दी गई है। प्रदेश में 10 जुलाई की रात 10 बजे से लेकर 13 जुलाई की सुबह पांच बजे तक राज्य में पूर्णबंदी लागू रहेगी। इस दौरान सिर्फ आवश्यक सामान की दुकानें और अस्पताल ही खुले रहेंगे। प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा और संचारी रोगों (इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू और कालाजार) के संक्रमण को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    आदेश के अनुसार, इस दौरान प्रदेश में समस्त कार्यालय, शहरी व ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला मंडी, और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। वहीं आवश्यक सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों, कोरोना वॉरियर, स्वच्छताकर्मी व डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। रेलगाड़ियों का आवागमन भी पूर्व की तरह ही जारी रहेगा। वहीं रेल से आने-जाने वाले व्यक्तियों के लिए बस की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।

    आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवाएं यथावत रहेंगी। ऐसे यात्रियों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

    मालवाहक वाहनों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। राष्ट्रीय व राज्य मार्गों पर परिवहन जारी रहेगा। इनके किनारे स्थित पेट्रोल पंप और ढाबे खुले रहेंगे।

    तीन दिवसीय स्वच्छता और सैनिटाइजेशन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे।

    स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड-19/संचारी रोग सर्विलांस टीम के माध्यम से प्रत्येक घर में रहने वाले सभी सदस्यों की मेडिकल स्क्रीनिंग और सर्विलांस का अभियान यथावत जारी रहेगा। सभी औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे।

    ज्ञात हो कि अनलॉक-1 और 2 में सरकार ने तमाम रियायतें दे दीं, जिसके बाद से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है।