गुरुग्राम. मेदांता के आतंरिक फार्मेसी का लाइसेंस गुरुवार 5 अप्रैल को रद्द कर दिया गया. पिछले साल डेंगू संक्रमण की वजह से मारे गए सात साल के लड़के शौर्य प्रताप के पिता की ओवरचार्जिंग शिकायत पर जांच के दौरान मेडिकल बोर्ड ने पाया कि चार्ज लेने में उल्लंघन हुआ है, जिसके बाद जिला ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने यह कार्रवाई की.
गौरतलब है कि गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ने डेंगू के शिकार एक बच्चे के इलाज के लिए 15 लाख 88 हज़ार रुपये का बिल बना दिया था. इस बिल को चुकाने के लिए इस बच्चे के पिता को अपना घर भी गिरवी रखना पड़ा था, लेकिन इसके बाद भी इस बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी.
गौरतलब है की पिछले साल डेंगू संक्रमण की वजह से मारे गए सात साल के लड़के शौर्य प्रताप के पिता ने अधिक शुल्क वसूलने की शिकायत की थी. शिकायत की पूरी तफ्शीश करने के उपरांत जिला ड्रग कंट्रोल ऑफिसर उक्ताशय का कदम उठाया है.
लखनऊ। सिक्ख गुरुद्वारों द्वारा चलाये जा रहे मुफ्त लंगर पर लगी जीएसटी के विरोध में लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने लखनऊ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की। पूर्व कैबिनेट मंत्री व संरक्षक लखनऊ गुरुद्वारा बलवंत सिंह रामूवालिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लंगर की सामग्री से जीएसटी हटाये जाने की सरकार से मांग की और साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि अगर 14 अप्रैल तक लंगर सामग्री से जीएसटी नहीं हटाई गई तो वैसाखी के दिन 14 अप्रैल को सारे सिक्ख सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लंगर पर जीएसटी लगाने को जज़िया कर लगाने के समान बतातें हुए रामूवालिया ने कहा की सिक्ख समाज भूखों और जरुरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने का शुभ कार्य करता है पर केन्द्र सरकार इसकी प्रशंसा करने के बजाए दण्डित करने का काम कर रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सपा सरकार के पूर्व मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा केंद्रीय सरकार की ओर से स्वर्ण मंदिर अमृत के लंगर पर भी जीएसटी लगा दिया गया है जिससे विश्व भर में फैले सिक्ख समाज, सहजधारी समाज और शिक्षा हमदर्दों में व्यापक आक्रोश फैला हुआ है। 450 साल पहले लंगर प्रथा जारी हुई थी जो आज भी जारी है। स्वर्ण मन्दिर से 31 दिसंबर 2017 तक केंद्र सरकार 2 करोड रुपए वसूल कर चुकी है और निरंतर वसूलती जा रही है।
सपा सरकार के पूर्व मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा शताब्दियों से सिक्खों के द्वारा चलाई जा रही इस लंगर प्रथा की प्रशंसा की जाती रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की अपील पर अमेरिका के सिक्खों ने देश मे आई प्राकृतिक आपदा की बर्बादी में लाखों लोगों को लंगर की व्यवस्था मुफ्त में की थी और साथ में दवाइयां, कपड़ा एवं अन्य सामान की व्यवस्था भी सिक्खों ने की थी जिसको लेकर पार्लियामेंट में बराक ओबामा ने इसकी प्रशंसा की थी। आज ऐसी लंगर प्रथा को समाप्त करने की कोशिश की जा रही जिसे गरीब का मुंह-गुरु की गुल्लक कहा जाता है।
मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा हमारे सिक्ख समाज के द्वारा तमाम आपदाओं पर सार्वजनिक काम किए गए लेकिन उसके बाद भी केंद्र सरकार ने गुरुद्वारा पर जीएसटी लगाकर अनैतिक कार्य कर रही है। 14 अप्रैल को बैसाखी तक लंगर से जीएसटी ना हटाने पर सिक्ख समाज पूरे देश में प्रधानमंत्री से विनम्र आग्रह करते हुए प्रदर्शन करेगा। वार्ता में मुख्य रूप से अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बग्गा, महामंत्री हरपाल सिंह जग्गी, सदस्य गुरुशरण सिंह शान आदि मौजूद रहें।
देवरिया, ब्राइट फ्यूचर आर्गेनाइजेशन के तत्वाधान में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल नगर के महाराणा प्रताप कालोनी स्थित सम्राट पार्क में चल रहे, 4 दिवसीय रात्रि कालीन कैनवास बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला नावेल्टी क्रिकेटर्स और 786 क्रिकेटर्स के बीच खेला गया। खेले गये कड़े मुकाबले में 786 क्रिकेटर्स नें नावेल्टी को 1 विकेट से 10 गेंद शेष रहते ही निर्धारित 31 रन के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।
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क्रिकेट टूर्नामेन्ट के विजेता
पहले बल्लेबाजी करते हुए नावेल्टी की टीम नें 10 ओवर में 30 रन बनाकर कर आलआउट हो गया। जिसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी 786 क्रिकेटर्स नें सम्भल कर बल्लेबाजी करते हुए, शुरूआत के ओवरो में धीमें रन बनाये। एक समय नावेल्टी नें मैच में वापसी करते हुए 2 ओवरो के अन्तराल में 786 के 3 विकेट चटकाकर 786 को बैकफुट पर कर दिया।
लेकिन 786 के बल्लेबाज कैफी नें धैर्य से खेलते हुए, 786 को विजयी बनाया। मैच की औपचारिक शुरूआत अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया गया। टूर्नामेन्ट के मैन ऑ द सीरीज का खिताब नावेल्टी क्रिकेटर्स के शानू को मिला जबकि फाइनल मैच के मैन ऑफ द मैच 786 क्रिकेटर्स के पिक्कल रहे।
विगत माह संस्था द्वारा कराये गये सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कार वितरण किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि ई0 रविकान्त मणि त्रिपाठी (प्रदेश कार्य समिति सदस्य रेडक्रास, संस्थाध्यक्ष पैराडाइजियल एकेडमी अमिताभ रावत, गुलाब यादव सभासद, अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ विवेकानन्द शर्मा, अध्यक्ष स0वि0म0 पुरातन छात्र परिषद नीरज शर्मा, रिपोर्टर आदित्य रॉय, पूर्व सभासद रमेश मल्ल नें जूनियर वर्ग के अभिलाष शुक्ला (प्रथम स्थान), निक्की कुमारी (द्वितीय स्थान), अन्जुमन (तृतीय स्थान) और सीनियर वर्ग के माहिषा (प्रथम स्थान), विश्वजीत (द्वितीय स्थान), फिज़ा अन्जुमन (तृतीय स्थान) को ट्राफी प्रदान कर पुरस्कृत किया।
टूर्नामेन्ट का संचालन आलेक यादव, पवन व अज्जू वारसी नें तथा अम्पायर की भूमिका सूरज चौरसिया व रोहित यादव नें की।
क्रिकेट टूर्नामेन्ट के विजेता 786 क्रिकेटर्स को ट्राफी एवं नगद पुरस्कार 5001 रू0 देकर सम्मानित किया गया वहीं उप विजेता टीम को भी उप-विजेता की ट्राफी एवं नगद पुरस्कार 3001 रू0 देकर पुरस्कृत किया गया।
टूर्नामेन्ट के सफल आयोजन में संस्था के अध्यक्ष रोहित रॉय, राहुल रॉय, वशिष्ट राय, रोहित त्रिपाठी, ज्ञान गुप्ता, रजनीश रॉय, पवन, अतुल, अभय, राजेश, विशाल, दीपक, हैप्पी, शिवम, ऋषिकेश वर्मा आदि लोग रहे।
उन्नाव दुष्कर्म मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कल सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज फैसला सुनाया गया जिसमें हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी की हिरासत काफी नहीं है उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। अदालत ने साथ में राज्य सरकार से दो मई तक मामले की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि 20 जून 2017 में दर्ज एफआइआर के तीनों आरोपियों की जमानत रद्द कर उन्हें भी जेल भेजा जाये। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने अभी विधायक को पूछताछ के लिये बुलाया है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं की है उसे गिरफ्तार किया जाये।
मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ कर रही है। कल पीठ ने कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करते हुये विधायक की गिरफ्तारी को लेकर तल्ख टिप्पणी की थी। इसके पहले कल मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ठीक सवा दस बजे बैठी। जजों के सामने निहारते ही अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी व विनोद कांत बोले, प्रकरण पर महाधिवक्ता बहस करेंगे वह अभी पहुंचे नहीं हैं, कुछ वक्त दीजिए। कोर्ट ने दोपहर 12 बजे सुनवाई का समय मुकर्रर किया। घड़ी की दोनों सूइयां मिलते ही कोर्ट फिर आसीन हो चुकी थी।
घटनाक्रम का सवाल होते ही महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह बोले, 20 जून, 2017 को नाबालिग लड़की की मां ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें 11 जून को तीन लोगों बृजेश यादव, अवधेश तिवारी व शिवम पर लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया। 21 जून, 2017 को लड़की बरामद हुई। धारा 161 में बयान दर्ज किया पीडिघ्ता ने नामजद आरोपितों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया।
महाधिवक्ता ने बताया कि 22 और 25 जून को तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस समय वे जमानत पर हैं जिसके खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। 17 अगस्त, 2017 को पीडिघ्ता ने मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत की, जिसमें उसने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई व अन्य लोगों पर चार जून, 2017 को उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि जब इस मामले में एफआइआर दर्ज हो गई थी, तब पीडिघ्ता को मुख्यमंत्री से मदद की गुहार क्यों लगानी पड़ी? जवाब मिला कि पुलिस मामले की जांच कर रही थी। कोर्ट ने पूछा कि लड़की के पिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई? जवाब आया कि लड़की ने पिता की मौत से पहले मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्महत्या करने का प्रयास किया।
इसके बाद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई। घटनाक्रम मीडिया में छाने के बाद मुख्यमंत्री ने एसआइटी का गठन किया। 24 घंटे में टीम से रिपोर्ट मांगी। एसआइटी की रिपोर्ट पर डाक्टर, सीओ सहित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।यह सुनते ही कोर्ट ने सामने रखी एसआइटी की रिपोर्ट पलटी और कक्ष में मौजूद एसआइटी के एडीजी राजीव कृष्ण की ओर देखा। कोर्ट ने फिर सवाल किया कि जब एसआइटी जांच के बाद एफआइआर हुई तो आरोपित विधायक की गिरफ्तारी के लिए किन साक्ष्यों का इंतजार हो रहा है? महाधिवक्ता बोले, 11 अप्रैल को एसआइटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व अन्य के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेचना शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने घटना की जांच सीबीआइ को सौंपने की संस्तुति केंद्र सरकार से कर दी है।
महाधिवक्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली को संतोषजनक नहीं मानते हुए कहा कि सरकार कार्रवाई करेगी, वहीं आरोपित की गिरफ्तारी के संबंध में उन्होंने साफ कर दिया कि यह विवेचक के विवेक पर ही निर्भर है। इस पर कोर्ट ने तल्ख अंदाज में कहा श्पुलिस की कार्यशैली इतनी लचर है दुष्कर्म मामले के तीनों आरोपी जमानत पर हैं उनकी बेल निरस्त कराने का प्रयास नहीं हुआ। दूसरे मामले में आरोपित विधायक व उनके साथी घूम रहे हैं ऐसे में अब यही कहना पड़ेगा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त है।दोपहर दो बजे से फिर सुनवाई शुरू हुई। महाधिवक्ता इस बात पर अड़े रहे कि वह आरोपित विधायक की गिरफ्तारी के संबंध में कोर्ट को कोई बयान नहीं दे सकते हैं और न ही एसआइटी का कोई अधिकारी बयान दे सकता है।
कोर्ट ने जब यह पूछा कि आरोपित की गिरफ्तारी करेंगे या नहीं इस पर एसआइटी के अधिकारियों ने कहा कि वह गिरफ्तारी करेंगे। गंभीर अपराध के आरोपित की गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया को लेकर मुख्य न्यायाधीश की ओर से पूछे गए सवालों पर सीधा जवाब नहीं मिला।इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि महाधिवक्ता या तो सवाल नहीं समझ रहे हैं या जानबूझकर सवाल को समझना नहीं चाहते हैं। महिला पुलिस की मौजूदगी में लड़की का बयान दर्ज करने पर कोर्ट ने लताड़ लगाई। कहा कि बयान महिला पुलिस को ही लेना चाहिए। बहस के दौरान हो रही नोंकझोंक पर मौजूद वकीलों की भीड़ में कानाफूसी होती रही।
लखनऊः उत्तर प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर हमला बोला है। सपा ने मांग की है कि यूपी में धारा-356 लागू कर सरकार को भंग कर देना चाहिए और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
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सपा उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य किरनमय नंदा ने कहा कि उन्नावघटना को लेकर उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर टिप्पणी की है। इससे साफ हो जाता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। योगी को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। संवैधानिक पद पर बैठे लोग उन्नाव की घटना पर मौन हैं।
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वे पूर्ववर्ती सरकार शासन के दौरान गायत्री प्रजापति के मामले में लोकतंत्र को खतरा बताते हुए उसे बर्खास्त करने की बात करते थे। अब वे चुप क्यों हैं। आज संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
नंदा ने गाजियाबाद में हुए फर्जी एनकाउंटर और पेपर लीक मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी, लेेकिन केंद्र सरकार ने उनकी मांग नहीं सुनी। उन्नाव की घटना को मात्र 5 घटे में सीबीआई की जांच स्वीकार कर आरोपी भाजपा विधायक को गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कह रहे थे कि विधायक के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। कोई सबूत नहीं था तो आरोपी विधायक के भाई को पुलिस ने क्यों गिरफ्तार किया। उन्नाव की घटना के लिए योगी सरकार जिम्मेदार है।
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KIRNMAYNADA
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी मामले दर्ज कर कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार आखिर तक आरोपी विधायक को बचाने में लगी रही। मीडिया ने इस घटना को उठाया तो आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यदि पुलिस अपना काम ईमानदारी से करती तो आज पीड़िता का पिता जिंदा होता।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक पोस्टर लगा है जिसमें लिखा है एक साल बेमिसाल। इस पोस्टर में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी का चित्र भी लगा है। योगी सरकार ने सालभर में एक भी विकास का काम नहीं किया। लचर कानून-व्यवस्था के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया है। सपा सरकार ने 2012-17 तक विकास के इतने काम किए कि उसे 20 परियोजनाओं के लिए अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान मिला।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक और बुरी खबर आई है, जो योगी आदित्यनाथ की सरकार को परेशानी में डाल सकती है. लिहाजा जिले में एक युवती की जली हुई लाश मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है. आशंका है कि रेप के बाद युवती को जलाकर उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस अब इस मामले की छानबीन में जुट गई है.
मामला उन्नाव के असोहा थानाक्षेत्र का है. वीरवार की सुबह पुलिस को ख़बर मिली कि भल्ला फार्म मार्ग के जंगली खेङा के पास जंगल में एक जली हुई लाश पड़ी है. सूचना मिलते पुलिस मौके पर जा पहुंची. पुलिस के अनुसार शव युवती की है, जिसे जलाने के बाद वहां फेंका गया होगा.
पुलिस ने फौरन शव को कब्जे में ले लिया. मामले की सूचना जैसे ही जिले के आला पुलिस अधिकारियों को मिली, वे भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई कर शव को जांच के लिए अस्पताल भेज दिया. मौके पर इलाके के पुलिस उपाधीक्षक समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
आशंका है कि पहले युवती के साथ बलात्कार किया गया और फिर जलाकर उसकी हत्या कर दी गई. युवती की शिनाख्त कराना भी पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है. फिलहाल, पुलिस पूरे इलाके में आरोपियों का सुराग जुटाने के लिए छानबीन कर रही है.
लखनऊ। लखनऊ के प्रसिद्ध ज्वैलर्स लाला जुगल किशोर ने डिवाइन सॉलिटेयर्स के साथ डायमंड एक्जिबिशन का लोकार्पण अपने फ्लैगशिप स्टोर, महानगर में किया। इस एक्जिबिशन का लॉन्च मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह ने किया। इस अवसर पर लाला जुगल किशोर के ओनर अर्पित रस्तोगी, ज्वैलरी डिजाइनर तान्या रस्तोगी व डिवाइन सॉलिटेयर्स के फाउंडर जिग्नेश मेहता भी उपस्थित थे।
डायमंड सॉलिटेयर्स के इस खूबसूरत एक्जिबिशन में लाला जुगल किशोर “बाई वन गेट टू” ऑफर की मनमोहक पेशकश दी है जोकि नवाबों के शहर में एक्जिबिशन के माध्यम से ऐसे आकर्षक डायमंड ऑफर देने वाले पहले ज्वैलर्स है। यह ऑफर 12 अप्रैल से 18 अप्रैल 2018 तक सभी डिवाइन सॉलिटेयर्स डायमंड पर है ।
लाला जुगल किशोर ज्वैलर्स के ओनर अर्पित रस्तोगी ने कहा,डिवाइन सॉलिटेयर्स के साथ साझेदारी करना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है, जो दुनिया के अग्रणी डायमंड ब्रांडों में से एक है। डिवाइन सॉलिटेयर्स अपनी पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के लिए जाना जाता है क्यूंकि उनके उत्पाद बेहतरीन कारीगरी के साथ उच्चतम गुणवत्ता से परिपूर्ण होते है। हम लखनऊ निवासियों के लिए डिवाइन सॉलिटेयर्स के उत्कृष्ट संग्रह का भी प्रदर्शन करना चाहते हैं ।
डिवाइन सॉलिटेयर्स के संस्थापक जिग्नेश मेहता ने कहा, ष्लाला जुगल किशोर ज्वैलर्स के साथ साझेदारी हमारे लिए बहुत खुशी की बात है हम सभी जानते है की यह लखनऊ में एक जाना माना ब्रांड हैं और हमें पूरा यकीन है कि हमारा तालमेल लंबे समय तक चलने के साथ-साथ फायदेमंद भी होगा। लखनऊ मे इस तरह की डायमंड एक्जिबिशन में ऑफर देने वाले लाला जुगल किशोर पहले ज्वैलर्स है।
मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह ने कहा, मैं लाला जुगल किशोर ज्वैलर्स और डिवाइन सॉलिटेयर्स का हिस्सा बन कर बहुत ही गौरान्वित महसूस कर रही हूं।
लोकतंत्र के चैाथे स्तम्भ पत्रकारिता के प्रहरी पत्रकारों ने अपने संगठन के चुनाव मे एक ऐसी परम्परा डाली है जिसने देश भर के करोड़ो मतदाताओ को हैरत मे डाल दिया है । मतदान से जुड़ी ये ऐसी परम्परा है जहां प्रत्याशी को मतदाता को रिझाने के लिए नही बल्कि मतदाता को ही मतदान करने के लिए पैसा देकर चुनाव से पहले रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। जबकि दुनिया मे कोई ऐसा चुनाव नही होता है जहां मतदाता को मतदान करने से पहले बाकायदा उसकी कीमत चुकानी पड़े लेकिन उत्तर प्रदेश के सचिवालय मे वर्षो से हो रहे Utter Pradesh राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति के चुनाव मे यही परम्परा चली आ रही है।
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reporter
हालाकि लिखा पढ़ी मे शायद ऐसा कोई प्रावधान नही है कि चुनाव से पहले मतदाता को मतदान करने के लिए सौ रूपए शुल्क जमा करके रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक हो। लोकतंत्र के चैाथे स्तम्भ से जुड़े चुनाव का मौसम आ गया है जहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष , सचिव, संयुक्त ,सचिव , कोषाध्यक्ष व कार्यकारिणी सदस्य के चुनाव का बिगुल बज चुका है 15 अप्रैल को चुनाव है प्रत्याशियो ने नामांकन भी दाखिल कर दिए है इन सबके बीच सोशल मीडिया के जरिए इस चुनाव मे मतदान करने वाले मतदाताओ तक सूचना पहुॅचाई गई है कि यदि उन्हे मतदान करना है तो वो तय तिथि मे सौ रूपए शुल्क जमा कर मतदान करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा ले अन्यथा उन्हे मतदान से वंिचत रहना पड़ेगा।
इस चुनाव मे मतदान करने वाले मतदाताओ की सख्या की अगर बात करे तो सख्या लगभग सवा सात सौ है इस हिसाब से प्रत्येक मतदाता से वसूली जाने वाली रजिस्ट्रेशन फीस का आकड़ा 70 हजार के पार पहुॅच जाता है इसी तरह इस चुनाव मे जीतने के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियो की सख्ंया भी लगभग सौ के करीब है प्रत्याशाी को चुनाव लड़ने के लिए दो सौ रूपए जमा करने पड़ते है इस हिसाब से लगभग 20 हजार रूपए इस मद से एकत्र हो जाता है कुल मिला कर एक लाख रूपए के करीब चुनाव से पहले रकम एकत्र हो जाती है लेकिन इस धन का खर्च किस मद मे किया जाना है ये किसी पत्रकार समिति ने आज तक सुनिश्चित नही किया हम ये नही कह रहे है कि चुनाव के नाम पर यहा कोई भ्रष्टाचार हो रहा है या धन वसूली हो रही है लेकिन सवाल पूछने का हक सिर्फ पत्रकार को ही नही है बल्कि जनता को भी है ।
सोशल मीडिया पर मतदाता रजिस्ट्रेशन फीस वाला मैसेज वाईरल होने के बाद जनता ये सोंच रही है कि किसी भी चुनाव मे पत्रकार प्रत्याशियो की इस टोह मे लगे रहते है कि कहीं कोई प्रत्याशी किसी मतदाता को रिझाने के लिए पैसा तो नही बाट रहा है और अपने संगठन के चुनाव मे यही पत्रकार अपने ही मतदाताओ से पैसा वसूल रहे है। जनता के अगर मन मे शंका ने घर बना लिया तो हम पत्रकारो का ये फजर््ा बनता है कि हम जनता को ऐसा जवाब दे जिससे जनता संतुष्ट हो जाए । हमे उम्मीद है कि इस बार चुनावी समर मे उतरे सभी प्रत्याशी जनता को ये जरूर बताएंगे कि हर चुनाव से पहले मतदाताओ से लिए गए पैसे किस मद मे कब कब और कितने कितने खर्च किए गए ।
अगस्त 2015 मे इस चुनावी समर मे एक नही बल्कि दो गुट उतरे थे एक गुट के अध्यक्ष थे श्री प्राश्ंाु मिश्रा तो दूसरे गुट के अध्यक्ष थे श्री हेमंत तिवारी दोनो ही गुटो ने तब से लेकर अब तक पत्रकारो के हित के लिए काम करने का दावा भी किया लेकिन उत्तर प्रदेश मे मान्याता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त कितने पत्रकारो का भला इन समितियो ने कराया ये इन समितियों को ही बताना चाहिए हां मुझे याद है कि 2015 मे उत्त्र प्रदेश राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति के चुनाव मे निर्वाचित हुए प्रांशु मिश्रा गुट के काजिम रजा के प्रस्ताव पर मतदाताओ से वसूली गई रकम मे से 55 हजार रूपए एक दिंगत पत्रकार की सहायता के लिए दिए गए थे।
इसके अलावा उत्त्र प्रदेश राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति ने हजारो पत्रकारो के लिए क्या किया ये इन्ही को पता होगा वैसे मुझे तो इनकी समिति द्वारा किया गया कोई ऐसा बड़ा काम याद नही जो कभी किसी गैर मान्यत प्राप्त पत्रकार की सहायता के लिए किया गया हो। अपने लिए तो जानवर भी जीता है इन्सान वही है जो दूसरो के लिए भी जिए पत्रकार एक ऐसी जाति है जो दूसरो के लिए ही अपने जीवन का बहुताय हिस्सा गुजारता है।
फिर मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारो के बीच ये दूरी क्यूं है । हमे आशा है कि इस बार के चुनाव मे निर्वाचित होने वाली कमेटी इस दूरी को समाप्त करने के लिए गौर जरूर करेगी। बदलाव तो प्रकृति का नियम है केन्द्र हो या प्रदेश हमेशा ही एक पार्टी की हमेशा सरकारे नही रहती है अब देखना ये है कि इस बार चुनाव के मैदान मे उतरे पुराने दिग्गज ही जीत का परचम लहरा कर पुरानी परम्पराए जारी रखते है या फिर पैसा देकर मतदान का अधिकार पाने वाले मतदाता अपने मनपसन्द प्रत्याशी को जिता कर यहंा परिवर्तन लाकर सभी पत्रकारो की भलाई के लिए कुछ नया करते है।
सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण समस्या तो ये है कि पत्रकारो की भलाई की बात करने वाले सरकारी मान्यता प्राप्त पत्रकार को ही इस चुनाव मे मतदान करने का अधिकार है वो भी राज्य मुखयालय की मान्यता प्राप्त ही हेना चाहिए। गैर मान्यता प्राप्त तो छोड़ दीजिये जिला स्तर की मान्यता वाले पत्रकार भी इस चुनाव मे हिस्सा नही ले सकते है। चुनाव मे किसी भी तरह की हिस्सेदारी न रखने वाले हजारो पत्रकारो का तो इश्वर ही मालिक है ।
कुल मिला कर पत्रकारो का ये चुनाव ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे ये पत्रकार समिति का चुनाव न होकर राज्य सभा का चुनाव हो। यहां इस चुनाव मे जातीय समीकरण भी बन बिगड़ रहे है। ये भी देखा जा रहा है कि जीतने की क्षमता रखने वाले प्रत्याशी की छवी को धूमिल करने के लिए उसे डमी साबित करने के लिए काना फूसी भी चल रही है। 15 अप्रैल को हो कुछ भी लेकिन सवा सात सौ मतदाताओ को अब ये साबित करना है कि वास्तव मे अब उन्हे राज्य मुख्यालय की मान्यता का इस्तेमाल पत्रकारो की भलाई के लिए करना है । अन्त मे सभी प्रत्याशियो को हमारी शुभ कामनाए !
लखनऊ। लोकसभा ना चलने देने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने देश भर में कांग्रेस के खिलाफ अनशन करते हुए प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में हजरतगंज स्थित पटेल प्रतिमा पर बीजेपी के नेताओं ने प्रदर्शन करके नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ा दी।
जहाँ एक ओर प्रशासन ने हजरतगंज में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाते हुए किसी को भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी वहीँ भाजपा के नेताओं और मंत्रियों ने जम कर जाम लगाया और प्रशासन का मखौल उड़ाते हुए सरेआम प्रदर्शन किया।
‘कांग्रेस की षडयंत्रकारी नीतियों के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाहन पर भारतीय जनता पार्टी का राष्टव्यापी अनशन गुरूवार को हुआ। हजरतगंज स्थित पटेल प्रतिमा पर भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर के कार्यकर्ताओ ने उपवास कार्यक्रम में भाग लेकर राष्ट्रहित की ओर अपना कदम बढ़ाया। सभी वक्ताओं ने कहा की कांग्रेस पार्टी ने अपनी अलोकतांत्रिक हरकतों से बजट सत्र के दौरान लगातार हंगामा कर संसद की कार्यवाही बाधित करने का जो जघन्य अपराध किया है वो लोकतंत्र की मर्यादा के विरूद्ध है।’
उपवास कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, मोहसिन रजा, स्वाती सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर एस. हलवासिया, प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह, प्रदेश मंत्री शंकर गिरी, पूर्व सांसद रामनारायण साहू, क्षेत्रीय संगठन मंत्री बृज बहादुर, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, अमित पुरी, अंजनी श्रीवास्तव, राम औतार कनौजिया, अवधेश गुप्ता छोटू, मान सिंह, राजेश तिवारी, मनोहर सिंह, अनुराग मिश्रा, पी.एन. सिंह, विवेत तोमर, पुष्कर शुक्ला, रमेश तूफानी, श्वेता सिंह, नीलम तिवारी, हेमलता गुप्ता, सीता नेगी, अशोक तिवारी, नरेन्द्र सोनकर, सुदर्शन कटियार, भृगूनाथ शुक्ला, बीरू जसवानी, टिंकू सोनकर, आशीष भटनागर आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
लखनऊ,। संचार मंत्री मनोज सिन्हा देश के सबसे बड़े प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ई-कामर्स पार्सल सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान कहा कि बीते 4 साल में देश में एक बड़ा बदलाव आया है। डाक विभाग की विश्वसनीयता स्थापित हुई है। केंद्रीय मंत्री मनोज सिंह ने राहुल गांधी के उपवास पर कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ संसद में अवरोध पैदा किया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अवरोध पैदा किया है। अब कांग्रेस की देश में उपयोगिता समाप्त हो चुकी है। 1 साल में ये सेंटर स्थापित हो गया।
बीते 4 साल में देश में एक बड़ा बदलाव आया है। डाक विभाग की विश्वसनीयता स्थापित हुई है। ऑनलाइन और ऑफलाइन होना आज के समय में हैसियत का नया पैमाना बन गया है। ई कॉमर्स ने एक नए युग की शुरुआत कर दी है। ई कॉमर्स नई संभावनाओं का केंद्र है। अमेजन और नापतौल ई-कॉमर्स कंपनियों से समझौता हुआ है। डाक विभाग को लोगों के भरोसे को बनाये रखना होगा। सही समय पर उपभोगता को उसकी वस्तु पहुंचे ये ई कॉमर्स सेंटर की जिम्मेवारी है। ई कॉमर्स का व्यवसाय 2 लाख करोड़ पहुंच गया है देश में। डाक और रेल विभाग को इसमें पकड़ बनानी चाहिए।
पोस्ट पेमेंट बैंक खोले जाएंगे। हर ग्रामीण इलाके में डाक विभाग बैंकिंग सेवा प्रदान करेगा। केंद्रीय मंत्री मनोज सिंह ने राहुल गांधी के उपवास पर कहा कांग्रेस ने संसद में अवरोध पैदा किया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अवरोध पैदा किया। कांग्रेस की देश में उपयोगिता अब समाप्त हो चुकी है। सबसे ज्यादा दलितों की भागीदारी हमारी पार्टी में है। सबसे ज्यादा दलित सांसद तो हमारी पार्टी में हैं। इंटरनेट के आविष्कार ने हैसियत का पैमाना बदल दिया है।
उन्हांेंने कहा कि विज्ञान ने इसे बदल दिया है अब कौन ऑनलाइन है कौन ऑफलाइन ये हैसियत का पैमाना हो गया है। पिछले 4 सालों में जबसे नरेंद्र मोदी जी ने देश की कमान संभाली है, उसका परिणाम हर जगह दिखाई दे रहा है। इस सरकार में परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण दोनों हो रहा है। जब किसी का कोई पार्सल नहीं पहुंच पाता है तब दुःख होता है। 99 प्रतिशत लोगों की शिकायतों को डाक विभाग ने दूर किया है लेकिन सिर्फ ये संतोष का विषय नहीं है। देश का बहुत भरोसा है हम लोगों पर जो पुरानी पीढ़ी ने बनाया है। ई कॉर्मस सेंटर की तरह आने वाले समय में और भी केंद्र स्थापित होंगे।
सांसदों के आदर्श गांवों में भी लक्ष्य पूरा किया जाना चाहिए। 115 जिलों में से 8 इंस्पिरेशनल जिले यूपी के नीति आयोग ने चिन्हित किए हैं। हम इसमें कुपोषित बच्चों को ठीक से पोषण देने के लिए जिम्मेदारी ले सकते हैं। यूपी की एक दिक्कत है, हमारे पुराने साथी जिनकी उम्र ज्यादा हो गई वो तकनीक से जुड़े नहीं हैं। जिन्हें नहीं आता है वो अधिकारियों को बताएं उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। इस भरोसे पर आंच न आए इसका कड़ा प्रबन्ध करना चाहिए उपभोक्ता को समय से चीज मिले।
सरकार में 2 ही ऑर्गनाइजेशन हैं जो पार्सल को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं वो हैं रेलवे और भारतीय डाक। एक घण्टे में 1500 पैकेट इस सेंटर के माध्यम से पार्सल किए जा सकते हैं। हमारा लाइफ इंसोरेंस से कम प्रीमियम और ज्यादा बोनस है। पोस्ट पेमेंट बैंक जल्द ही शुरू हो जाएंगे।50 प्रतिशत इनमे अनुसूचित वर्ग के लोग रहते हैं। इन गांवों की सूची जल्द ही मुख्यालय पर होगी भारत सरकार और राज्य सरकार इसमें कार्य करेगी।