Category: uttar-pradesh

  • आज गोरखपुर आएंगे सीएम योगी आदित्‍यनाथ दो दिवसीय दौरे पर

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    गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर रविवार को दोपहर बाद गोरखपुर आएंगे। प्रशासन दौरे की तैयारियों में जुट गया है। गोरखपुर आने के बाद मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे और सोमवार को सुबह 11 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 की रोकथाम और संचारी रोगों के लिए चलाए जा रहे दस्तक अभियान की मंडलीय समीक्षा बैठक कर सकते हैं। बैठक के बाद उनका लखनऊ लौट जाने का कार्यक्रम है। समीक्षा बैठक की तैयारियों को लेकर शनिवार को कमिश्नर जयंत नार्लिकर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और नगर आयुक्त अंजनी कुमार ङ्क्षसह ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार के साथ बैठक की। डीएम ने बताया कि सीएम के रविवार दोपहर बाद गोरखपुर आने की अनौपचारिक सूचना है। सोमवार को होने वाली समीक्षा बैठक के मद्देनजर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।

    पूजा-अर्चना के बाद श्रीनाथजी को लगेगा ‘रोट‘ का भोग

    गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर रविवार को कोरोना संक्रमण के चलते परंपरागत आयोजन तो नहीं होंगे लेकिन आनुष्ठानिक गुरु पूजा पूरे विधि-विधान से होगी। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में यह पूजा मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ के नेतृत्व में संपन्न होगी। पूजा की शुरुआत श्रीनाथजी यानी बाबा गोरखनाथ के चरणवंदन के साथ होगी। इस दौरान उन्हेंं मंदिर के विशेष प्रसाद ‘रोट’ का भोग लगाया जाएगा।

    नाथ पूजा के बाद सभी नाथ योगियों के समाधि स्थल और देव-विग्रहों की पूजा की जाएगी। नाथ पंथ के संत और पुजारी अपने-अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेंगे। अंत में भंडारा लगेगा, जिसका प्रसाद मंदिर में मौजूद सभी लोग ग्रहण करेंगे। कार्यक्रम में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वॢजत रहेगा। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक रविवार को दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ सकते हैं लेकिन तिलक लगाकर गोरक्षपीठाधीश्वर से आशीर्वाद लेने का परंपरागत कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। ऐसा कोरोना संक्रमण के चलते फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि आनुष्ठानिक गुरु पूजा की पूरी तैयारी हो चुकी है।

    कार्ड के जरिए शिष्यों तक पहुंच चुका है पीठाधीश्वर का संदेश

    गुरु पूॢणमा पर अपने गुरु गोरक्षपीठाधीश्वर को तिलक लगाकर आशीर्वाद न पाने का किसी शिष्य मलाल न रह जाए, इसके लिए कार्ड के जरिए पीठाधीश्वर का आशीर्वाद घर-घर पहुंचा दिया गया है। मंदिर प्रबंधन की ओर से भेजे गए कार्ड में पीठाधीश्वर ने अपने शिष्यों से घर में गुरु पूजा करने की अपील की है। ऐसा करने के लिए उन्होंने कोरोना संक्रमण का हवाला दिया है।

  • आज लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे पौधारोपण अभियान का आगाज

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    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांच जुलाई को लखनऊ में वन महोत्सव सप्ताह के तहत 25 करोड़ पौधारोपण अभियान का आगाज करेंगे। मुख्यमंत्री रविवार को कुकरैल में पौधा रोप कर इस वृहद अभियान को शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इससे पहले मेरठ के हस्तिनापुर से इस अभियान का शुभारंभ करना था। इसी बीच शनिवार दोपहर उनका हस्तिनापुर जाने का कार्यक्रम निरस्त हो गया।

    उत्तर प्रदेश में रविवार को 25 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इस पौधारोपण महाभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के कुकरैल से करेंगे, जबकि उसी दिन प्रदेश के सात लाख से अधिक स्थलों पर बाकी पौधे लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने पौधारोपण के इस महाभियान में 27 राजकीय विभागों को लगाया है। जिलों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महाभियान की निगरानी करेंगे। मंत्री व विधायक अपने क्षेत्रों में पौधा रोपकर इस महाभियान का हिस्सा बनेंगे।

    प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष 22.59 करोड़ पौधे लगाए गए थे, जबकि इस बार 25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। वन विभाग ने अपनी 1760 नर्सरियों से 25 करोड़ से अधिक औषधीय, फलदार, पर्यावरणीय, छायादार, चारा प्रजाति व इमारती लकड़ी वाले पौधे मुफ्त दिए हैं। वन विभाग 10 हजार से अधिक स्थलों पर करीब 10 करोड़ पौधे रोपेगा, जबकि 26 विभाग सात लाख स्थलों पर 15 करोड़ से अधिक पौधारोपण कराएंगे। इस महाभियान की खास बात यह है कि इसमें कुपोषण निवारण, जैव विविधता संरक्षण, जीवामृत का उपयोग तथा गंगा व सहायक नदियों के किनारे पौधारोपण को केंद्रित किया गया है।

    रविवार को होने वाले इस आयोजन में वन मंत्री दारा सिंह चौहान लखनऊ में मुख्यमंत्री के साथ पौधा रोपेंगे। महाभियान के दौरान पौधारोपण के सभी स्थलों की जियो टैगिंग भी की जाएगी। पौधारोपण मिशन 2020 के तहत महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए प्रत्येक गांव के आवास परिसर में सहजन का एक पौधा लगाया जाएगा। इसके अलावा 25 से अधिक फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने वाले 36 प्रजातियों के पौधे भी इस महाभियान में रोपे जाएंगे। महाभियान के तहत कुल 201 से अधिक प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

    प्रत्येक जिले में बनेंगी विशिष्ट वाटिकाएं : प्रधान मुख्य वन संरक्षण एवं विभागाध्यक्ष राजीव कुमार गर्ग ने बताया कि पौधारोपण महाभियान के दौरान प्रत्येक जिले में विशिष्ट वाटिकाएं जैसे स्मृति वाटिका, पंचवटी, नवग्रह वाटिका और नक्षत्र वाटिका बनाई जाएंगी। इसी के साथ नदियों को पुनर्जीवित, प्रदूषण मुक्त, अविरल व निर्मल बनाने के लिए गंगा व सहायक नदियों के 10 किलोमीटर क्षेत्र में तीन हजार से अधिक स्थलों पर 2.20 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।

    सुबह छह बजे से चलेगी पौधारोपण की लाइव घड़ी : पौधारोपण की घड़ी रविवार सुबह छह बजे से लाइव चलेगी। जैसे-जैसे पौधारोपण होगा इस घड़ी में संख्या बढ़ती जाएगी। पौधारोपण की इस लाइव घड़ी को pmsupfd.in/plantingprogress.html लिंक के जरिए देखा जा सकता है।

  • औषधीय प्रजातियों की महत्ता याद आई कोरोना काल में : योगी आदित्यनाथ

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    लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रविवार को वन महोत्सव के अंतर्गत 25 करोड़ पौधा लगाने के बड़े अभियान का शुभारंभ किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वन महोत्सव के तहत आज आयोजित वृहद पौधारोपण कार्यक्रम के मिशन पौधारोपण -2020 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के कुकरैल वन क्षेत्र में हरिशंकरी का पौधा रोपा। यूपी में अब तक पांच करोड़ 68 लाख 35742 पौधे लगाए गए हैं। प्रदेश भर में वृक्षारोपण के साथ जियो टैगिंग का कार्य जारी है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए लोग भारत के पारंपरिक ज्ञान आयुर्वेद की शरण में गए। लोगों को औषधीय प्रजातियों की वनस्पतियों की महत्ता का अहसास हुआ। कोरोना महामारी से बचाव के प्रोटोकॉल का पालन कर हम इस महाभियान में भागीदार बन सकते हैं, यह कार्यक्रम उसका साक्षी बना है। भारत के श्रेष्ठ ज्ञान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए आयोजित किए जाने वाले गुरु पूर्णिमा पर्व के साथ वन महोत्सव का यह अद्भुत संगम आज 25 करोड़ पौधे रोपने के लक्ष्य के साथ प्रारंभ हुआ है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान भी हैं हम उसके बचाव के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस महाभियान में भागीदार बन सकते हैं, वृहद पौधारोपण अभियान उसका साक्षी बन रहा है। सभी जिलों में इसके लिए जोश और जुनून दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 5.3 करोड़ पौधे पूरे प्रदेश में रोपित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण के प्रति जागरुकता का सुंदर उदाहरण है। यह कार्यक्रम कोविड-19 से पहले, उसके दौरान और उसके बाद की परिस्थितियों में आने वाले बदलावों का एक चित्र भी प्रस्तुत करेगा।

    योगी आदित्यनाथने कहा कि पिछले वर्ष इस अभियान के तहत प्रदेश में 22 करोड़ पौधे लगाए गए। उनमें से प्रत्येक की जियो टैगिंग की गई। पौधे सुरक्षित रहें, इसकी समीक्षा बराबर होती रही। जो पौधे जीवित नहीं रह पाए, अगले साल उनकी जगह नए पौधे रोपित किए गए। पिछले 3 वर्षों में प्रदेश में पौधारोपण का अभियान लगातार बढ़ता गया। उसी के तहत आज हम 25 करोड़ पौधारोपण के साक्षी बन रहे हैं। कार्यक्रम की सफलता यह बताती है कि पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षक के तौर पर हम अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की उत्तर प्रदेश पर असीम कृपा रही है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सबसे उर्वर भूमि हमारे प्रदेश में है और सबसे बड़ी आबादी भी। इतनी बड़ी आबादी के बाद भी विकास के जो नए प्रतिमान उप्र ने स्थापित किए हैं, यह कार्यक्रम उसी सिलसिले का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में 30 लाख से ज्यादा परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए गए। यह भी प्रयास किया गया कि इनमें से प्रत्येक परिवार अपने घर पर सहजन का एक पौधा लगाए। ज्यादातर लोगों ने सहजन के पौधे लगाए। तीन वर्ष में यह पौधा जब वृक्ष के रूप में फली देने लगेगा तो कई तरह के कुपोषण से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ऋषि परंपरा के ज्ञान आयुर्वेद की शरण में सभी को जाना पड़ा। जो लोग विभिन्न प्रकार के पेय लेते हैं, वे भी अब काढ़ा पी रहे हैं। काढ़ा हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। काढ़ा और औषधीय प्रजातियों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि वृहद पौधारोपण अभियान में वन एवं पर्यावरण सहित सभी सरकारी विभागों के साथ जन समुदाय भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहा है। हम पौधे लगाने के साथ उसे बचाने की भी पूरी तैयारी रखें। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि देर शाम तक हम 25 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त करेंगे।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि हमको प्रकृति के सभी संसाधन को बचाना है। इसी क्रम में हमारा पौधारोपण अभियान आगे बढ़ रहा है। पौधारोपण के इस अभियान से हम सृष्टि को काफी बचा सकते हैं। देश के कोरोना वायरस संक्रमण काल खंड में हमको प्रकृति ही बचा रही है। इस दौर में काढ़ा हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ा रहा है, काढ़ा भी हमको वन तथा वृक्षों से मिल रहा है। जिनको हमारे ऋषि-मुनियों ने तोहफे के रूप में दिया है। हम उनकी परंपरा को आगे बढ़ाकर अपने भविष्य को काफी मजबूत कर सकते हैं।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस पीएम पैकेज की घोषणा की है, उसके तहत कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़ी घोषणा हुई है। इसी घोषणा के तहत हर्बल पौधे रोकने का कार्यक्रम भी बना है। साथ ही गंगा और गोमती नदी के तटवर्ती क्षेत्र में फलदार प्रजातियों के पौधे लगाकर हम इन नदियों की अविरलता और निर्मलता को बनाने के लिए भी संकल्पबद्ध हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सहजन के वृक्ष तथा उसकी फली की उपयोगिता अब साबित हो रही है। हमनेे तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री गरीब आवास योजना में 30 लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराते समय कहा था कि वह लोग अपने-अपने घर के सामने एक-एक सहजन का पौधा जरूर लगाएं। अधिकांश ने लगाया था और हमने उनको इसको सहेजने की सलाह भी दी थी। अगर इनमें से 25 लाख लोगों में भी लगाया होगा तो आज वह उसका लाभ जरूर ले रहे होंगे।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते वर्ष हमने नौ अगस्त को यहीं कुकरैल में पौधा लगाया था और वह विभाग को सलाह दी थी कि इस कार्यक्रम को वन महोत्सव सप्ताह यानी एक से सात जुलाई के बीच आयोजित करें। मुझे बेहद खुशी है कि इसका आयोजन पांच जुलाई को किया गया। आज गुरू पूर्णिमा का भी पर्व है और हम अपने इस अभियान को सफल बनाकर इसको यादगार का रूप देंगे।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत हर जनपद में विशिष्ट वाटिका वृक्षारोपण के अन्तर्गत- स्मृति वाटिका, पंचवटी, नवग्रह वाटिका, नक्षत्र वाटिका, हरिशंकरी का रोपण कराया जाएगा। वन विभाग की पौधशालाओं एवं वृक्षारोपण के लिए निराश्रित गौ वंश आश्रय स्थलों से कम्पोष्ट के क्रय की व्यवस्था की गई है। वृक्षारोपण अभियान कुपोषण निवारण, जैवविविधता संरक्षण, जीवामृत के उपयोग तथा गंगा व सहायक नदियों के किनारे वृक्षारोपण पर केंद्रित है। इसके अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम के आवास के परिसर में सहजन के पौधे का रोपण औषधीय गुणों वाली प्रजातियों के पौधों के रोपण पर बल दिया जा रहा है। इस बार मिशन वृक्षारोपण-2020 के लिए वन विभाग की 1,760 पौधशालाओं लगभग 44.27 करोड़ पौधे, उद्यान विभाग की 142 पौधशालाओं में लगभग 84 लाख से अधिक तथा रेशम विभाग की 76 पौधशालाओं में लगभग 24 लाख से अधिक पौधे उपलब्ध हैं।

    25 करोड़ पौधों में से 10 करोड़ पौधों के रोपण के लिए वन विभाग ने 10,053 तथा अन्य 26 राजकीय विभागों में 15 करोड़ पौधों के रोपण के लिए लगभग सात लाख स्थानों का चयन किया है। वृक्षारोपण वाले सभी स्थलों की जियो टैगिंग भी कराई जाएगी। इस काम को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सहित 26 राजकीय विभागों तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों, विद्याॢथयों, व्यापारियों आदि के योगदान से सम्पन्न किया जाएगा। मिशन के अन्तर्गत व्यापक जनसहभागिता एवं अन्तॢवभागीय समन्वय के माध्यम से प्रदेश में एक दिन में 25 करोड़ से अधिक औषधीय, फलदार, पर्यावरणीय, छायादार, चारा औद्योगिक व प्रकाष्ठ की दृष्टि से महत्वपूर्ण 201 से अधिक प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे।

    इससे पहले वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि आज पहला पौधा प्रतापगढ़ जिले में सुबह 5:56 बजे रोपा गया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जैव विविधता के संदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए 200 से ज्यादा प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। इनमें 36 प्रकार के औषधीय प्रजातियों के पौधे भी शामिल हैं। वहीं कुपोषण से लोगों को बचाने के लिए सहजन सहित 25 फलदार प्रजातियों के पौधे भी। उन्होंने कहा कि गंगा के दोनों ओर 10 किलोमीटर के तटवर्ती क्षेत्र में सवा दो करोड़ पौधे रोकने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यदि फेफड़ा मजबूत रहेगा तो को वायरस उस पर असर नहीं करेगा। फेफड़े मजबूत करने के लिए ही हम इतने बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर रहे हैं। पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले पेड़ लगते थे लेकिन दिखते नहीं थे। अब पेड़ कागज पर नहीं जमीन पर दिख रहे हैं।

     

  • कुशीनगर में चार दशक पहले किसान बोता था,फसल काटते थे डकैत,गंडक नदी के किनारे चलती थी ‘जंगल पार्टी’की सरकार

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    उपेंद्र कुशवाहा
    कुशीनगर : बिहार बार्डर से सटे जिले के उत्तरी छोर पर गंडक नदी के दियारा में चार दशक तक जंगल पार्टी के डकैतों की हुकूमत चलती थी। बंदूक के बल पर दिनदहाड़े अपहरण, फिरौती और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देकर ये अपराधी नेपाल देश में छिप जाते थे।
    खैरा व बेंत की तस्करी और बालू घाटों से अवैध वसूली के चलते जंगल डकैतों के पास रुपये और हथियारों की कमी नहीं होती थी। हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस भी इनसे सीधे मुठभेड़ से बचने लगी थी। वर्ष 1970 के आसपास शुरू हुआ यह तांडव वर्ष 2010 तक चलता रहा।
    गंडक नदी के दोनों तरफ की जमीन बेहद उपजाऊ है। आजादी के काफी पहले से इस क्षेत्र में धान व गन्ने की खेती होती रही है। बाद में वाल्मीकिनगर के जंगल से खैरा की लकड़ी व बेंत काटकर देश के बड़े शहरों में भेजा जाने लगा। इस धंधे से जब कई प्रभावशाली लोग जुड़े तो लकड़ी व बेंत का यह कारोबार अवैध रूप से भी चलने लगा।
    खेत किसान बोता था,फसल डकैत काटते थे
    गंडक नदी की बाढ़ के चलते खेती बर्बाद हो रही थी, लिहाजा दियारा क्षेत्र के बेरोजगार नौजवान भी बेंत व खैरा की लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़ने लगे। इस प्राकृतिक संपदा पर कब्जे की होड़ में दियारा क्षेत्र में खूनी संघर्ष शुरू हो गया और धीरे-धीरे संगठित आपराधिक गिरोह बन गए जिन्हें आसपास के लोग जंगल पार्टी के नाम से पुकारने लगे।
    जंगल डकैतों का यह गिरोह बाद में जातियों के गिरोह के रूप में भी तब्दील हो गया। दियारा की उपजाऊ जमीन पर कब्जा व किसानों से लेवी (गुंडा टेक्स) वसूलने, वन संपदा कि तस्करी के इस काम में जुटे जंगल डकैत आम लोगों को इस क्षेत्र से दूर रखने के लिए खौफनाक वारदातों को अंजाम देने लगे।
    गंडक नदी के दोनों तरफ करीब 100 किलोमीटर की लंबाई व 10 किलोमीटर की चौड़ाई में हजारों किसानों की खेती है। बाढ़ के चलते उपजाऊ हुई इस मिट्टी में धान व गन्ना की खेती होती है। किसान अपने खेत में फसल बोकर तैयार करता था लेकिन जब काटने का वक्त आता था तो जंगल डकैत खेत पर कब्जा कर लेते थे।किसान गन्ना गिराकर एक तिहाई हिस्सा इन जंगल डकैतों को देते थे। कभी-कभी तो पूरी फसल पर ही उनका कब्जा हो जाता था। गन्ने के खेत में छिपे बदमाशों के लिए भोजन का प्रबंध भी किसान को ही करना पड़ता था।
    फिरौती की चिट्ठी पर गोली से लगाते थे मुहर
    लोग बताते हैं कि उस दौर में जंगल डकैत जब किसी को फिरौती के लिए चिट्ठी लिखते थे तो उस पर अपने डकैत गैंग के सरगना के नाम के आगे सरकार शब्द तो जोड़ते ही थे, राइफल की गोली के पिछले हिस्से का निशान भी लगाते थे। फिरौती की रकम या सामान नहीं पहुंचाने पर अपहरण व हत्या की घटनाएं होती थीं।
    डकैतों को नेपाल में मिलती थी शरण
    कुख्यात जंगल डकैत राधा यादव, चुम्मन यादव, रूदल यादव , रामयाशी भगत, मुरारी भगत, रामचन्द्र चौधरी, लोहा मल्लाह आदि तमाम डकैत सरगना नेपाल के नवल परासी जिला के थाना बेलाटाड़ी के सखुअनवा व रानीगंज में घर बनाकर रहते थे। यूपी पुलिस जानकारी के बाद भी इन डकैतों को गिरफ्तार नहीं कर पाती थी।

  • लखनऊ में पूछताछ करेगी STF विकास दुबे के फाइनेंसर जय बाजपेयी से

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    लखनऊ। कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से फरार मुख्य आरोपित विकास दुबे पर पुलिस का शिकंजा अब तेजी से कसता जा रहा है। करीब 60 पुलिस की टीमों के साथ उत्तर प्रदेश एसएटीएफ की टीमें भी विकास दुबे की खोज में लगी हैं। विकास के कई सहयोगियों को हिरासत में लेने के बाद अब उसके फाइनेंसर जय वाजपेयी को एसटीएफ ने शिकंजे में लिया है।

    एसटीएफ विकास के खजांची जय बाजपेयी को कानपुर से लेकर लखनऊ पहुंची हैं। लखनऊ में अब एसटीएफ की टीमें जय बाजपेयी से विकास दुबे के बारे में पड़ताल करेंगी। करीब हजार करोड़ की संपत्ति के मालिक विकास दुबे का सारा काला कारोबार देखने का जिम्मा जय बाजपेयी के पास है। वह विकास दुबे की अघोषित संपत्तियों को ठिकाने लगाने के साथ उसका पैसा रियल एस्टेट तथा शराब के कारोबार में लगाता था। पुलिस टीम ने जय के कानपुर स्थित घर में पत्नी और मां से पूछताछ की और दस्तावेजों को भी खंगाला है।

    कानपुर के बड़े कारोबारी माने जाने वाले जय बाजपेयी को विकास दुबे की फरारी के मामले में एसटीएफ पूछताछ के लिए लखनऊ लाई है। जय बाजपेयी ही विकास दुबे का फाइनेंसर बताया जा रहा है। जय बाजपेयी ने एक हफ्ते पहले विकास दुबे के खाते में 15 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। जय ने इस राशि को विकास से दो प्रतिशत ब्याज पर लिया था। जय ने विकास से 5.50 करोड़ रुपया लेकर किसी और को दिया था। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि जय बाजपेयी ने दुबई में 15 करोड़ में फ्लैट खरीदा है। जय बाजपेयी अभी लखनऊ में एसटीएफ की गिरफ्त में है।

    कानपुर के विजय नगर में रविवार को मिलीं तीन लावारिस लग्जरी कारों से दहशतर्ग विकास दुबे और उसके गुर्गों को जिला पार कराने का शक जय बाजपेयी पर ही है। जय बाजपेयी वहां पर लावारिस मिली कारों का मालिक है। जय बाजपेयी विकास दुबे का बेहद करीबी है। एसटीएफ ने पहले उससे कानपुर में पूछताछ की और मंगलवार को लखनऊ लेकर आई है। जय बाजपेयी के खिलाफ बदमाशों के फरार होने में मदद करने का सुबूत मिलने पर कार्रवाई तय है। विजय नगर चौराहे के पास शनिवार रात बगैर नंबर प्लेट की एक ऑडी, एक वेरना और एक फॅार्च्यूनर कार खड़ी करके कुछ लोग फरार हो गए थे।

    2013-14 में विकास दुबे से हुआ कनेक्शन 

    जय बाजपेयी का कनेक्शन विकास दुबे से 2013-14 में हुआ। उसके बाद जय बाजपेयी अपनी नौकरी से अलग जमीनों की खरीद-फरोख्त का धंधा करने लगा। 2014-15 में विकास के टेरर के बल पर विवादित जमीनों की ख़रीद-फ़रोख़्त में जय बाजपेयी ने मोटा पैसा कमाया। एक पान की दुकान में भी उसकी पार्टनरशिप थी।

    साल दर साल बढ़ती गई जय बाजपेयी की काली कमाई 

    2015-16 में नेहरू नगर- ब्रहमनगर, पी रोड जैसे बाजारों में जय वाजपेयी ने ब्याज पर रुपए बांटने का काम शुरू किया। 2016-17 में जय 15 से अधिक मकान और फ्लैट का मालिक बन गया। 2017-18 से अब तक जय बाजपेयी करोड़ों की चल-अचल सम्पत्ति बना चुका है। इसी बीच लखनऊ-कानपुर रोड पर एक बेनामी पेट्रोल पम्प भी उसने बनाया। 2018-19 में कानपुर के ब्रह्मनगर में एक दर्जन से ज्यादा मकान होने की खबर के बाद जय और उसके भाई रंजय की कई बार जांच हुई। शातिर जय बाजपेयी ने पुलिस से बचे रहने के लिए कई मकानों में दारोगा और सिपाही रखे हैं। पिछले साल से अब तक बाजपेयी की पहचान कानपुर के उभरते हुए समाजसेवी और तथाकथित ब्राह्मण नेता के रूप होने लगी है।

    सात-आठ वर्ष में अकूत संपत्ति 

    विकास दुबे का फाइनेंसर जय बाजपेयी बीते सात-आठ वर्ष में अकूत संपत्ति का मालिक बन गया। प्रिंटिंग प्रेस में काम करने के एवज में महज चार हजार रुपया की पगार पाने वाला जय बाजपेयी अब विकास दुबे के नाम पर विवादित प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त करने के कारण हजार करोड़ का आसामी है। जय बाजपेयी जमीनों की खरीद-फरोख्त करता है। विकास दुबे के बल पर विवादित जमीनें लेकर उनको ऊंचे दाम पर बेचने का काम करने वाला जय बाजपेयी मार्केट में ब्याज पर रुपए बांटने का काम भी करता है। वह अब दर्जनों फ्लैट के साथ 15 से अधिक मकान का मालिक है। उसके कानपुर के ब्रह्म नगर में एक दर्जन से अधिक मकान हैं। इनके कई मकानों में दारोगा व सिपाही रहते हैं। जय बाजपेयी ने कम समय में करोड़ों की संपत्ति बना ली है। इसके साथ ही उसका लखनऊ – कानपुर रोड पर एक पेट्रोल पम्प है। वह अवैध रूप से चल रहे पम्प का मालिक है। संपत्ति के मामले में जय और भाई रजय की कई बार जांच हुई। जांच में दोनों ही भू-माफिया बताए गए थे। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    जय के घर पर पत्नी व मां से की पूछताछ

    हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे से व्यापारिक सम्पर्क रखने के आरोपित कारोबारी जय बाजपेयी के ब्रह्मनगर स्थित घर पर मंगलवार दोपहर पुलिस ने छापा मारा और उसकी पत्नी श्वेता व मां प्रसून देवी से पूछताछ की। अचानक फोर्स पहुंचने से इलाके में खलबली मच गई। बता दें कि एक शादी समारोह में विकास के जय की फोटो देखकर कारोबारी को शनिवार रात पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसी दौरान जय बाजपेयी ने अपनी तीन कारें विजय नगर में लावारिस खड़ी करा दी थीं। पुलिस को शक है कि उन कारों का इस्तेमाल वारदात में हुआ है। सूत्रों के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया है कि जय बाजपेई ने अपने कारोबार में कुख्यात विकास दुबे का पैसा लगाया है। इसी सिलसिले में जांच के लिए मंगलवार दोपहर पुलिस टीम ने कारोबारी जय के जय विला में छापा मारा। पत्नी और मां से पूछताछ कर जय और विकास के कनेक्शन के बारे में पूछा। साथ ही मकान व अन्य प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की जांच की है। मां प्रसून का कहना है कि विकास से जय की मुलाकात केवल शादी समारोह में ही हुई थी। उससे पहले उसका कोई संपर्क नहीं रहा। पुलिस बेवजह बेटे को फंसाने की कोशिश कर रही है।

    बचाव में उतरे कानपुर कॉमेडियन अन्नू अवस्थी

    गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी जय बाजपेयी पर शिंकजा कसता जा रहा है। पुलिस ने कारोबारी जय से पूछताछ के बाद उसके हर्षनगर स्थित घर पर छापा मारा है। माना जा रहा है जय ही वो शख्स है,जो विकास दुबे को लग्जरी गाड़ियां मुहैया कराता था। कानपुर के कॉमेडियन अन्नू अवस्थी ने अपने फेसबुक पोस्ट लिख जय वाजपेयी का समर्थन किया है।

    जय बाजपेयी का बचाव करते हुए अन्नू अवस्थी ने पूछा, ”क्या तीन गाड़ियां केवल जय के पास हैं। क्या तीन गाड़ी रखना अपराध है। अन्नू अवस्थी ने कहा कि जय वाजपेयी के संबंध किसी से भी हो सकते हैं, लेकिन वो अपराधी नहीं हो सकता। जय बाजपेयी का बचाव करते हुए अन्नू अवस्थी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुन्नस निकालने के लिए सम्मानित लोगों की भी फोटो वायरल कर रहे हैं।

    जय बाजपेयी के साथ कानपुर के रहने वाले अन्नू अवस्थी की भी कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। उन्होंने आखिर में अपने पोस्ट में लिखा कि जो लोग अपराध में शामिल हैं उनको सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, दोषी बचे ना और निर्दोष फंसे ना, पुलिस और सरकार पर पूरा भरोसा है।

  • पीलीभीत शिवसैनिकों ने कानपुर में शहीद हुए पुलिस कर्मियों व सीमा पर शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धाजलि अर्पित की

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    रिपोर्ट ज़ाहिद अली पीलीभीत

    कानपुर में हुए पुलिस हत्याकांड को लेकर शिवसेना के पदाधिकारियों ने छतरी चौराहे पर बने शहीद स्तम्भ पर कानपुर में शहीद हुए सभी आठ पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही लखनऊ में सरोजनीनगर स्थित प्रदेश कार्यालय में आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष व पदाधिकारियों ने गहन चिंतन किया।

    शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अनिल सिंह जी ने कहा कि सीमा पर शहीद हुए सैनिकों की चिता अभी ठंडी भी नही हुई थी, कि कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों को शहीद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होने कहा कि शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को पांच-पाँच करोड़ रुपये और सोमवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकारी नौकरी की मांग को लेकर मिलेंगे।

    शिवसेना जिला अध्यक्ष शैली शर्मा के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करने में आज पण्डित अमित शर्मा, हर्षित गंगवार, राजू मौर्या, केशव, निखिल, अखिल भारत हिंदू महासभा प्रदेश महासचिव आकाश सक्सेना, जिला अध्यक्ष गौरव दीक्षित, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आशीष लोधी, जिला अध्यक्ष विनोद शर्मा, विक्रान्त श्रीवास्तव, करन कुमार, शानू मौर्या, अक्षय, निखिल, कपिल गंगवार, हर्ष आदि शिवसैनिक मौजूद रहे।

  • सीएम योगी के ऑपरेशन क्लीन के तहत भदोही में पुलिस मुठभेड़ में शातिर अपराधी दीपक की मौत

    सीएम योगी के ऑपरेशन क्लीन के तहत भदोही में पुलिस मुठभेड़ में शातिर अपराधी दीपक की मौत

    भदोही। कानपुर के चौबेपुर में विकास दुबे के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अपराधियों पर नकेल कस रही है। अपराध व अपराधी पर किसी भी प्रकार के रहम न दिखाने का प्रण कर चुकी प्रदेश की पुलिस अब उनको दूसरी दुनिया का रास्ता दिखा चुकी है।

    कारपेट नगरी भदोही में पुलिस ने बाल सुधार गृह रामनगर, वाराणसी से फरार होने के बाद अपराध जगत में बादशाहत जमाने वाले दीपक गुप्ता उर्फ रवि को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। दीपक उर्फ रवि पर अंबेडकरनगर में 15,000 व वाराणसी पुलिस ने 10000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके साथ भदोही पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के दौरान स्वाट थाना प्रभारी अजय सिंह भी जख्मी हुए हैं।

    भदोही के पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने बताया कि सोमवार की रात करीब 1:30 बजे थानाध्यक्ष सुरियावां व स्वाट प्रभारी चेकिंग में निकले थे। चकिया तिराहे पर दो अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से आते दिखाई दिए। उन्हेंंं रुकने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई जिसमें कांस्टेबल सचिन के बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी। मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय सिंह सेंगर के पैर में गोली है जबकि एक सिपाही सचिन झा की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी। स्वाट प्रभारी अजय सिंह के पैर में गोली लग कर पार हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दीपक उर्फ रवि मारा गया और दूसरा फायर करते हुए भाग गया।

    50 हजार के इनामी बदमाश दीपक को दो गोली लगी। इसके बाद दीपक को अस्पताल भेजा गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मारे गए बदमाश दीपक के विरुद्ध प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में कुल 14 मुकदमा दर्ज है। पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने बताया कि इस मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय सिंह सेंगर के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गए है। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ में मारा गया बदमाश दीपक गुप्ता सुरियावां थाना का निवासी है। दीपक गुप्ता के पास से एक रिवाल्वर और एक देशी तमंचा बरामद हुआ है। दीपक कुछ वर्ष पहले बाल सुधार गृह से फरार हुआ था। इस मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस टीम पर दस फायर झोंके थे। घटना स्थल पर कई खोखे मिले है। बदमाश दीपक वर्ष 2014 में रामनगर वाराणसी के नाबालिग बाल सुधार गृह से फरार हुआ था। इसने 2012 में भदोही के सुरियावां में एक व्यक्ति की हत्या की थी। बाद में इसे 18 वर्ष से कम उम्र होने के कारण रामनगर की जेल में शिफ्ट किया गया था।

  • Kanpur Police Encounter : अब अपराधियों की खैर नहीं, UP में CM योगी का ‘ऑपरेशन क्लीन’

    Kanpur Police Encounter : अब अपराधियों की खैर नहीं, UP में CM योगी का ‘ऑपरेशन क्लीन’

    कानपुर। यूपी पुलिस (UP Police) अब अपराधियों पर कहर बनकर टूट रही है। एक गैंगस्टर को दबोचने में आठ पुलिसवालों की शहादत के बाद अब योगी सरकार फुल एक्शन में आई है। कानून व्यवस्था को लंबे अरसे से ठेंगा दिखाते आ रहे बदमाशों की अब खैर नहीं है। कानपुर मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकार की किरकिरी के बाद अब बदमाशों पर पलटवार की तैयारी है। योगी सरकार ने ऑपरेशन क्लीन शुरू किया है। यूपी के टॉप बदमाशों की अब सरकार अच्छे से खबर लेगी। एनसीआर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तो पुलिस एक्शन में आ गई है और गैंगस्टरों पर शिकंजा कस दिया गया है। भदोही से 50 हजार के इनामी बदमाश को ढ़ेर कर दिया है, वहीं सुंदर भाटी समेत कई अपराधियों की अवैध संपत्ति को भी कुर्क किया जा रहा है।

    भदोही पुलिस अधीक्षक आरबी सिंह के अनुसार सोमवार की रात तक़रीबन 1:30 बजे जब थानाध्यक्ष सुरियावां व स्वाट प्रभारी चकिया तिराहे पर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान दो अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से आते दिखाई दिए। पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बदमाश पुलिस पार्टी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्यवाही में 50 हजार का इनामियां दीपक उर्फ रवि मारा गया। उस पर 50 हजार का ईनाम था।

    नोएडा में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बदमाश दबोचा
    डीसीपी ग्रेटर नोएडा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मिर्जापुर सर्विस रोड़ पर जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लोग मोटरसाइकिल पर आते हुए दिखाई दिये। पुलिस टीम ने जब उन्हे रोकना चाहा तो वे फायरिंग कर भागने लगे। उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। पुलिस द्वारा चलाई गई गोली प्रवीण नामक बदमाश के पैर में लगी। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त बदमाश के ऊपर आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे विभिन्न थानों में दज् हैं।पुलिस ने बदमाश के कब्जे से चोरी की स्पलेंडर मोटरसाइकिल, एक देशी तमंचा 315 बोर, व कारतूस बरामद किया है।

    2 दिन में बदमाशों की 11 करोड़ की संपत्ति जब्त
    कानपुर गोलीकांड के बाद पुलिस ने गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा में बदमाशों के खिलाफ एक्शन लिया है। पुलिस ने कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी पर शिकंजा कसा है। पुलिस ने कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया है। कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय था। बदमाश सुंदर भाटी की पुलिस और नेताओं से भी अच्छी सांठ-गांठ है, लेकिन कानपुर गोलीकांड के बाद से योगी सरकार एक्शन में है और सूबे में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

    सीएम योगी ने पुलिस को दी पूरी छूट
    यूपी के टॉप बदमाशों की लिस्ट तैयार की गई है। माफिया मुख्तार अंसारी का नाम इसमें सबसे ऊपर है। मुख्तार अंसारी की पचास अवैध संपत्तियां जब्त हो चुकी हैं। उसके अवैध कारोबार को नेस्तनाबूद किया गया है। मुख्तार अंसारी के सौ लोगों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। अतीक अहमद भी पुलिस के निशाने पर है। खुद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आला अधिकारियों को माफिया और गैंगस्टरों पर हल्ला बोल के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस को खुली छूट दी गई है। मकसद एक ही है, हर हाल में किसी भी हालत में बड़े अपराधियों पर पूरी तरह से नकेल कसनी है। इसके लिए यूपी पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन शुरू किया है।

    गैंगस्टरों के खिलाफ भी जल्द ही होगी कुर्क की कार्रवाई
    वहीं डीसीपी राजेश सिंह ने बताया कि कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना के गैंग के सक्रिय सदस्य सुमित नागर और चंद्रपाल प्रधान की चल अचल संपत्ति, विदेशी कारें, बस, ट्रैक्टर भी आज गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 के तहत कुर्ग की गई है। यह संपत्ति भी करीब 4 करोड़ रुपए की है। उन्होंने बताया कि इस गैंग के लोग भी लूट, हत्या, चौथ वसूली आदि के कार्य में संलिप्त हैं। उन्होंने कहा कि अपराध से धन अर्जित कर के अकूत संपत्ति बनाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने ये भी बताया कि जनपद के कुछ और गैंगस्टरों खिलाफ जल्द ही धारा 14 के तहत कुर्क की कार्रवाई की जाएगी।

  • दुर्गन भवानी में सामुदायिक शौचालय का भूमि पूजन कर डीएम ने किया शुभारंभ।

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में बनाए जाएंगे सामुदायिक शौचालय।

    आज 151 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य प्रारंभ।

    अमेठी 4 जुलाई 2020, जिलाधिकारी श्री अरुण कुमार ने आज विकासखंड गौरीगंज स्थित दुर्गन भवानी में सामुदायिक शौचालय का विधिवत भूमि पूजन एवं मंत्रोजाप कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके क्रम में आज दुर्गन भवानी सहित 151 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक शौचालयों का निर्माण ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि सामुदायिक शौचालय बनने से जहां एक और ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त होंगी वहीं दूसरी ओर स्वच्छता के प्रति बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने मछलियों को दाना भी खिलाया। शुभारंभ के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा, एडीओ पंचायत ओम प्रकाश दुबे सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।

  • मां ने कहा-अपराधी है विकास, नष्ट करे सरकार उसकी संपत्ति

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    लखनऊ। कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में एक सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपित विकास दुबे भले ही भागता फिर रहा है, लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार उसको लगातार आर्थिक चोट देती जा रही है। गांव की विशाल हवेली को जमींदोज करने के बाद सरकार की निगाह विकास दुबे के लखनऊ के आवास पर है। इस मकान के सारे कागज का परीक्षण चल रहा है। जरा सा भी कमी मिलने पर इस पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है।

    लखनऊ विकास प्राधिकरण की संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने बताया कि जिस चंद्रलोक कॉलोनी में विकास दुबे का मकान है, उस कालोनी का ले आउट 1990 में पास हुआ था। इस कालोनी में एलडीए नक्शे पास करता है। विकास दुबे के मकान पर फिलहाल अवैध निर्माण का अभी कोई नोटिस नहीं दिया गया। पहले इस बात की जांच होगी कि क्या विकास दुबे के घर का नक्शा पास है। अगर नहीं पास है तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। अगर नक्शा पास है तो फिर देखा जाएगा कि निर्माण में कितना विचलन है। उस हिसाब से कार्रवाई होगी। हम इसके हर कागज को देख रहे हैं, इसमें थोड़ा समय लगेगा।

    मां ने कहा-विकास अपराधी, सरकार नष्ट करे उसकी संपत्ति

    लखनऊ में रहने वाली विकास दुबे की मां सरला देवी ने कहा कि पुलिस या एलडीए विकास या किसी का भी घर गिराए हमको कोई परेशानी नहीं है। विकास तो अपराधी है, सरकार उसकी संपत्ति नष्ट करे। हम जिस घर में रह रहे हैं, वह छोटी बहू अंजली के नाम है। इसको न गिराए।

    उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों के बलिदान का हिसाब करने में योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुख्य आरोपित विकास दुबे पर तगड़ा शिकंजा कस दिया है। भले ही विकास दुबे फरार है, लेकिन प्रदेश सरकार उसको बड़ी आर्थिक चोट देने के साथ उसके काले कारोबार को जड़ से खत्म करने में लगी है। इसी क्रम में सरकार लखनऊ में विकास दुबे के आवास पर बुलडोजर चलाने की तैयारी में है। कानपुर के बिठुर में गैंगस्टर विकास दुबे आवास को जेसीबी मशीन से ढहाने के बाद अब लखनऊ में बिकरू कांड के मुख्त आरोपित के लखनऊ के मकानों और अन्य संपत्ति की पड़ताल हो रही है।

    लखनऊ विकास प्राधिकरण विकास दुबे के चंद्रलोक कॉलोनी के घर को ढहाने के लिए कमजोर नस पकड़ रहा है। अब एलडीए कृष्णानगर में विकास दुबे के दोनों घरों को गिराने की कार्रवाई कर सकता है। एलडीए की टीम उसके दोनों मकानों के आवंटन, खरीद व मानचित्र से जुड़े दस्तावेज की तलाश में जुटी है। माना जा रहा है कि विकास दुबे ने लखनऊ में अपनी पत्नी समेत कई रिश्तेदारों के नाम पर जमीनें खरीद कर मकान बनाए हैं। इसकी पड़ताल के लिए एलडीए के सचिव मंगला प्रसाद के अलावा चीफ टाउन प्लानर नितिन मित्तल समेत प्रवर्तन और मानचित्र सेल के कई अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक छानबीन करते रहे। लखनऊ में विकास दुबे के मकान गिराने के लिए एलडीए के प्रवर्तन विभाग के इंजीनियरों की टीम ने मकान का निरीक्षण किया। विकास दुबे के इंद्रलोक कॉलोनी में मकान का नंबर जे -424 तथा उसके भाई दीप प्रकाश दुबे के मकान का नंबर के-528 है। सरकार की तरफ से अब विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी को अटैच करने की तैयारी भी चल रही है। उसके सारे बैंक अकाउंट्स को सीज किया गया है।

    लखनऊ के कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र के चंद्रलोक कॉलोनी में विकास दुबे के दो मकान हैं। एक में उसका छोटा भाई दीप प्रकाश दुबे अपनी मां तथा पत्नी के साथ रहता है। बिकरू कांड के बाद उसी रात से भाई दीप प्रकाश दुबे भी गायब फरार है। उसकी पत्नी गांव की प्रधान है। दीप प्रकाश की पत्नी को भी पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में लिया था।