Category: uttar-pradesh

  • यूपी: देर रात हिस्ट्रीशीटर को दबोचने गई टीम पर बदमाशों ने बरसाईं गोलियां, आठ पुलिसकर्मियों की मौत

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    रिपोर्ट पूजा प्रजापति

    कानपुर में देर रात शातिर बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है। एडीजी जय नारायण सिंह ने घटना की पुष्टि की है। चार पुलिसकर्मी घायल भी हैं। घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। पुलिस शातिर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई थी। मरने वालों में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव भी शामिल हैं। बताया गया है कि विकास और उसके साथियों की फायरिंग में एसओ बिठूर, एक दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी। दो सिपाहियों के पेट में गोली लगी जिन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के आलाधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। कई सिपाहियों को बेहद गंभीर हालत में रीजेंसी भर्ती कराया गया है और कई पुलिसकर्मी लापता हैं।

    गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके 8, 10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं। 
    कई थानों की पुलिस मौके पर एसओ कौशलेंद्र के एक गोली जांघ और दूसरी हाथ पर लगी। इसके अलावा सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, सिपाही शिवमूरत, दरोगा प्रभाकर पांडेय, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत के पेट में गोली लगी। दोनों की हालत गंभीर है। सूचना के बाद कई थानों की फोर्स गांव पहुंची और घायलों को लेकर रीजेंसी अस्पताल लाया गया। 

    सूत्रों ने बताया कि जिस तरीके से हमला हुआ, उससे आशंका है कि  बदमाशों को पुलिस की दबिश की भनक मिल गई थी। जिस कारण उन्होंने तैयारी करके पुलिस पर हमला किया। पुलिस ने बताया कि विकास दुबे खूंखार अपराधी है जिस पर 2003 में शिवली थाने में घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। बाद में वह इस केस से बरी हो गया था। इसके अलावा विकास पर प्रदेश भर में दो दर्जन से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं।

  • कोविड-19 लाक्षणिक व्यक्ति का होगा डोर-टू-डोर सर्वे कर चिह्मांकन…जिलाधिकारी

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर 03 जुलाई/जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती की अध्यक्षता में आज पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में स्वास्थ्य विभाग की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद की समस्त 986 ग्राम पंचायतों में कोविड-19 टीम द्वारा 05 से 15 जुलाई के मध्य कोविड-19 के लाक्षणिक व्यक्तियों के चिह्मांकन हेतु डोर-टू-डोर सर्वे किया जाना है। सर्वेक्षण कार्य हेतु 755 टीमों की तैनाती की गयी है, जो समस्त ग्राम पंचायतों का डोर-टू-डोर वास्तविक सर्वे कर लाक्षणिक व्यक्तियों को चिह्मित करेंगे। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से कोविड-19 सर्वेकर्ता टीम को 05 जुलाई के पूर्व पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर एवं सेनेटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करायें तथा समयान्तर्गत कार्य निष्पादन हेतु सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी से सहयोग प्राप्त करें। टीम हेतु अन्य सुरक्षा उपकरण/सामग्री मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेकर्ता टीम की तहसील स्तर पर बैठक कराकर उन्हें सर्वे से सम्बन्धित स्पष्ट एवं विस्तृत जानकारी प्रदान करें, जिससे कार्य के समय किसी भी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो और वास्तविक रिपोर्ट तैयार हो सके।जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि यदि हमनें यह सर्वे वास्तविक एवं समग्र रूप में समयान्तर्गत पूर्ण कर लिया तो कोविड-19 के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण करने में सफल होंगे। वर्तमान मौसम अन्य रोगों के संक्रमण के अनुकूल है अतः हमें अतिरिक्त सावधानी के साथ अपने कार्य को पूर्णता प्रदान करना होगा।
    इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 सीबीएन त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 प्रभाकर राय, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह, डॉ0 वरून एवं समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • जनपद के प्रतिभावान छात्रा/छात्राओं को जिलाधिकारी ने 5100-5100 रूपये एवं प्रशस्त्रि पत्र देकर किया सम्मानित

    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

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    सुलतानपुर 03 जुलाई/जिलाधिकारी सी० इन्दुमती ने यूपी बोर्ड की इण्टरमीडिएट की परीक्षा में श्री विश्वनाथ इण्टर कालेज कलान की छात्रा आकांक्षा पुत्री नीरज सिंह द्वारा 94 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में 5वां तथा जनपद में प्रथम स्थान व धर्मादेवी बद्री प्रसाद स्मारक इण्टर कालेज कुड़वार की छात्रा पूजा मौर्या पुत्री राम सूरत मौर्या द्वारा 93.60 प्रतिशत अंक प्राप्त करके प्रदेश स्तरीय मेरिट सूची में 7वां स्थान एवं सरस्वती बाल विद्या मन्दिर इण्टर कालेज झारखण्ड कादीपुर के छात्र अंकुश दूबे पुत्र अशोक कुमार दूबे द्वारा हाईस्कूल परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश 9वां तथा जनपद में प्रथम स्थान हासिल करने पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रत्येक छात्र/छात्रा को 5100 रूपये, कलम, बुकें एवं पौध रोपित गमला एवं प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने बच्चों से उनके लक्ष्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। आकांक्षा सिंह ने चिकित्सक तथा अंकुश दूबे एवं पूजा मौर्या ने आई0ए0एस0 बनने की तमन्ना जाहिर की, जिस पर जिलाधिकारी महोदया ने स्नेह भरा प्रोत्साहन एवं मंगल कामना के साथ पथ प्रदर्शन का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने जनपद के अन्य छात्रों को इन प्रतिभावान बच्चों से प्रेरणा लेने की अपील की है।

  • कोरोना वैक्सीन का ट्रायल होगा गोरखपुर में

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    गोरखपुर,| आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) और भारत बायोटेक के सहयोग से विकसित कोरोना की वैक्सीन का ट्रायल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जल्द ही शुरू होगा। यह वैक्सीन जिले के राणा हॉस्पिटल को तीन से चार दिनों के अंदर मिलने की उम्मीद है। नतीजे बेहतर मिलने के बाद 15 अगस्त को इस वैक्सीन को लांच करने की तैयारी भी चल रही है। गोरखपुर में परीक्षण के लिए आईसीएमआर ने राणा हॉस्पिटल को चुना है। राणा हॉस्पिटल में वायरस पर लंबे समय से शोध चल रहा है। आईसीएमआर का पत्र मिलने के बाद राप्ती नगर स्थित राणा हॉस्पिटल ने

    उम्मीद जताई है कि तीन से चार दिनों के अंदर आईसीएमआर और भारत बायोटेक द्वारा विकसित वैक्सीन मिल जाएगी। इसमें कानपुर शहर के चिकित्सकों को भी शामिल किया गया है। ट्रायल का पहला चरण सात जुलाई से शुरू होगा।

    राणा हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. सोना घोष ट्रायल टीम का हिस्सा हैं। उनके साथ शहर के डॉ़ अजीत भी शामिल किए गए हैं। ये लोग कानपुर की डॉ़ निधि सिंह के निर्देशन में ट्रायल करेंगे।

    डॉ. सोना घोष ने बताया कि हॉस्पिटल में पहले से ही वायरस पर शोध होते रहे हैं। इसकी जानकारी आईसीएमआर को है। डॉ. निधि ने बताया कि गोरखपुर में राणा हॉस्पिटल को ट्रायल की जिम्मेदारी दी गई है।

    शोधकर्ता डॉ़ अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि आईसीएमआर से पत्र प्राप्त हुआ है। इस ट्रयल के लिए सैम्पल की संख्या का निर्धारण आईसीएमआर करेगा। सेहतमंद व्यक्तियों पर ट्रायल होगा। ट्रायल में शामिल लोगों की सेहत की निगरानी की जाएगी।

    इसमें दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, गोवा के अलावा सूबे के कानपुर व गोरखपुर के डॉक्टर भी शामिल हैं।

    बताया गया है कि इस वैक्सीन के लिए वायरस के स्टेन को स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। यह वायरस शरीर के अंदर कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित करेगा।

    आईसीएमआर के निदेशक डॉ़ बलराम भार्गव ने ट्रायल के लिए चयनित डॉक्टरों को भी पत्र लिखा है, जिसमें ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशित किया है कि 15 अगस्त तक ट्रयल पूरा कर नतीजे आईसीएमआर को भेजे जाएं। बेहतर रिपोर्ट मिलने के बाद 15 अगस्त को इस वैक्सीन को लांच करने की तैयारी भी चल रही है।

    वैक्सीन के मानव पर परीक्षण प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक विधि से पूरा करने के लिए कहा गया है। यह विधि बेहद सरल है और नतीजे सटीक मिलते हैं। परीक्षण से किसी पर कोई खतरा नहीं आएगा।

  • गाड़ियों का शौकीन था अपराधी विकास दुबे, भाई के घर मिली सरकारी एम्बेसडर कार

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में गुरुवार रात प्रदेश के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद फरार दुर्दात अपराधी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस टीमें लगातार उसे पकड़ने के लिए छापेमारी अभियान चला रही है। वह सरकारी गाड़ियों का काफी शौकीन था। उसके भाई के घर सरकारी एम्बेसडर कार मिली है। लखनऊ में शनिवार को पुलिस को विकास दुबे के भाई दीप प्रकाश के मकान में सरकारी एम्बेसडर कार मिली है। कार का रजिस्ट्रेशन नम्बर सरकारी है। कार विशेष सचिव राज्य संपत्ति विभाग के नाम पर पंजीकृत है।

    लखनऊ में उसके मकान पर छापा मारने के बाद पुलिस की एक टीम ने उसके भाई के लखनऊ के मकान पर शनिवार को फिर छापा मारा। जहां पर पुलिस को एक सरकारी एम्बेसडर कार (यूपी 32-बीजी-0156) मिली है। यह कार सरकारी है और विशेष सचिव राज्य संपत्ति के नाम पंजीकृत है। पुलिस ने दीप प्रकाश के घर मिली इस सरकारी नम्बर की कार को कब्जे में ले लिया है। कार नीलामी में खरीदी गई थी जो अभी तक ट्रांसफर नहीं कराई गई थी।

    पुलिस ने जब जांच की तब पता चला कि दोनों गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। विकास दुबे खुद इन बिना रजिस्ट्रेशन की गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहा था। इस गाड़ी को खरीदे हुए 1 महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया। आम तौर पर किसी भी गाड़ी को खरीदने के एक महीने बाद ही उसका रजिस्ट्रेशन होना होता है।

    एसीपी कृष्णा नगर दीपक सिंह ने बताया कि यह गाड़ी अभी भी उसके भाई के घर पर खड़ी है। यह गाड़ी कैसे आईं। किसकी है, यह अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। सरकारी नम्बर की गाड़ी है। इसकी जानकारी की जा रही है। इस गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। गाड़ी की डिटेल मांगी जा रही और विकास के भाई की तलाश पुलिस टीम कर रही है। उससे पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा यह गाड़ी यहां कैसे आई और किसने खड़ी की हैं।

    आसपास के लोगों ने बताया कि विकास दुबे जब भी लखनऊ आता था, उसी कार से चलता था। सरकारी सीरीज का नंबर होने के चलते लोग उससे प्रभावित हो जाते थे। विकास के घर पर न होने पर इस कार को दीप प्रकाश इस्तेमाल करता था।

    विकास के भाई दीप प्रकाश के घर पर खड़ी सरकारी नम्बर की एम्बेसडर की डिग्गी खोलकर पुलिस ने छानबीन की। पुलिस को आज भी विकास दुबे, उसकी पत्नी तथा बच्चों का पता नहीं चला है। पुलिस ने विकास के छोटे भाई दीप प्रकाश की पत्नी अंजली को हिरासत में लिया था। आज उनको घर पर छोड़ दिया। विकास और दीप प्रकाश के घर पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा लगाई गई है। पुलिस अंजली और विकास की मां सरला से जानकारी जुटा रही है।

    गौरतलब है कि विकास दुबे ने कानपुर के चौबेपुर स्थित बिकरू गांव स्थित घर के अलावा कई साल पहले लखनऊ के कृष्णानगर स्थित इंद्रलोक कलोनी में मकान बनवाया था। वह इसी मकान में परिवार के साथ रह रहा था।

  • पुलिस ने मार गिराए दोबारा मुठभेड़ में दो बदमाश, एडीजी प्रशांत कुमार का बयान-पुलिस की तरफ से चूक

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    कानपुर देहात। शातिर बदमाश विकास दुबे को गुरुवार रात गिरफतार करने गई पुलिस की दबिश के दौरान बदमाशों के पुलिस टीम पर हावी होने को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पुलिस की चूक माना है। लखनऊ से कानपुर देहात पहुंचे प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस की तरफ से चूक हुई। प्रशांत कुमार सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट देंगे।

    प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। अब एसटीएफ के साथ कई टीमें ल लगी हैं। हत्यारे विकास को खोजा जा रहा है। इसके लिए कानपुर शहर के साथ ही देहात तथा पास के जिलों में लगातार छापा मारा जा रहा है। विकास दुबे का एक साथी हिरासत में है। यहां पर तो सभी बॉर्डर सील करने के साथ हर वाहन की चेकिंग की जा रही है।

    कानपुर में हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद

    चौबेपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को गुरुवार की आधी रात पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। घरों की छत से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं, जिसमें सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शहीद हो गए। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें कानपुर नगर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक पुलिस कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है। एडीजी जयनारायण सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएससी दिनेश कुमार पी समेत पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं, वहीं अस्पताल में जाकर घायल पुलिस जवानों का हाल लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में कितने लोग मारे या घायल हुए हैं, इसकी सूचना नहीं है। बदमाशों ने पुलिस टीम से इंसास राइफल और दो पिस्टल भी लूट ली थी।गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    Kanpur Encounter LIVE Update

    -दोबारा पुलिस की मुठभेड़ में बदमाश अतुल दुबे और प्रेम प्रकाश पांडेय मारे गए हैं। अतुल को विकास का रिश्तेदार और प्रेम प्रकाश को मामा बताया जा रहा है। प्रेम प्रकाश पांडेय के घर में ही सीओ को मारे जाने की बात कही जा रही है, वहीं पुलिस से लूटी गई पिस्टल और बदमाशों के पास से एक राइफल भी बरामद की गई है।

    -आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करके फरार बदमाशों से दोबारा पुलिस की मुठभेड़ हुई है। घटनास्थल से करीब चार किमी दूर एक जंगल में मुठभेड़ दो बदमाश मारे गए हैं, वहीं दो पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। उनके कब्जे से हथियार भी बरामद हुए हैं।

    -लखनऊ से टीम के साथ एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, गांव में एसटीएफ की तैनाती कर दी गई है। एडीजी ने पुलिस अफसरों से घटना की पूछताछ करके बदमाशों को पकड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई के बाबत पूछताछ की।

    -कानपुर जिले की सभी सीमाएं सील। चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात। कानपुर देहात जिले में पड़ने वाली चार सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यहां पुलिस हर गाड़ी की सख्ती से चेकिंग कर रही है।

    • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने यूपी के डीजीपी को मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया और मामले की रिपोर्ट मंगाई।

    -डीजीपी यूपी ने बताया कि हमारे करीब 7 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। आईजी, एडीजी, एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) को ऑपरेशन की निगरानी के लिए वहां भेजा गया है। कानपुर की फरेंसिक टीम मौके पर है, लखनऊ से एक विशेषज्ञ टीम भी भेजी गई है।

    • यूपी डीजीपी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज था, पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी। रास्ते में जेसीबी लगा दिया गया जिससे हमारे वाहन बाधित हो गए। जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियां चला दीं। जवाबी गोलीबारी हुई लेकिन अपराधी ऊंचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए।

    वर्ष 2001 में शिवली थाने के बाहर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या में नामजद रह चुके हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू का रहने वाला है। उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वांछित अपराधी है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी।

    हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों के बिकरु गांव में घर पर होने की सूचना मिली थी, इसपर गुरुवार की रात शिवराजपुर, चौबेपुर और बिठूर थाने की फोर्स लेकर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा दबिश देने गए। पुलिस टीम के गांव में पहुंचते ही विकास दुबे और उसके साथियों ने घरों की छत से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। बदमाशों की फायरिंग में गोली लगने से सीओ देवेंद्र मिश्रा शहीद हो गए।

    आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बदमाशों की गोली से तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही भी शहीद हुए हैं और छह से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल हुए बिठूर थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अजय सिंह सेंगर, सिपाही अजय कश्यप, शिव मूरत निषाद थाना चौबेपुर, होमगार्ड जयराम पटेल, एसआई सुधाकर पांडे, एसआई विकास बाबू को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विकास दुबे पर वर्ष 2001 में श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था, जिसमें वह अदालत से बरी हो गया था।

    शहीद पुलिसकर्मी

    • क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा
    • थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव
    • चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह
    • सब इंस्पेक्टर नेबू लाल
    • सिपाही सुल्तान सिंह
    • सिपाही राहुल
    • सिपाही बबलू
    • सिपाही जितेंद्र

  • अब योगी सरकार ने चीन को एक और झटका दिया, कानपुर-आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट का टेंडर कर दिया रद्द

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    लखनऊ। बीते कुछ दिनों में भारत सरकार की तरफ से कई बड़े फैसले लिए गए हैं। अब भारत की ओर से चीन को एक और बड़ा आर्थिक झटका दिया है। कुछ दिनों पहले ही भारत सरकार ने चीन के टिकटॉक समेत 59 ऐप्स बंद कर दिए गए हैं।उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चीन को बड़ा आर्थिक झटका दिया है। दरअसल योगी आदित्यनाथ सरकार ने तकनीकी खामियां पाए जाने के बाद कानपुर-आगरा मेट्रो के लिए चीनी कंपनी के टेंडर के आवेदन को खारिज कर दिया है। दरअसल उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने तकनीकी खामियों की वजह से उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने कानपुर-आगरा मेट्रो के लिए चीनी कंपनी के टेंडर के आवेदन को खारिज कर दिया है।

    बता दें कि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने कानपुर और आगरा मेट्रो रेल परियोजनाओं हेतु मेट्रो ट्रेनों की आपूर्ति, परीक्षा और चालू करने के साथ-साथ ट्रेन कंट्रोल और सिग्नलिंग सिस्टम का टेंडर बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। इसी टेंडर के लिए चीनी कंपनी सीआरआरसी नैनजिंग पुजहेन लिमिटेड ने भी आवेदन किया था। लेकिन तकनीकी खामियां पाए जाने के बाद चीनी कंपनी को परियोजना के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। पूर्वी लद्दाख में स्थित गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत ने जमीन के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी चीन को घेरना शुरू कर दिया है।

    मालूम हो कि कानपुर और आगरा दोनों ही मेट्रो परियोजनाओं के लिए कुल 67 मेट्रो ट्रेनों की सप्लाई होगी. इनमें से प्रत्येक ट्रेनों में 3 कोच होंगे। 67 ट्रेनों में 39 ट्रेनें कानपुर और 28 ट्रेनें आगरा के लिए होंगी. एक ट्रेन की यात्री क्षमता 980 होगी यानी प्रत्येक कोच में लगभग 315-350 यात्री कर सकेंगे।

    उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक लखनऊ की ही तर्ज पर कानपुर और आगरा में भी रोलिंग स्टॉक्स और सिग्नलिंग सिस्टम के लिए सिंगल टेंडर प्रक्रिया अपनाई। देश में पहली बार लखनऊ मेट्रो परियोजना के लिए यह प्रयोग किया गया था। इससे न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि कानपुर और आगरा की जनता का मेट्रो सेवाओं का सपना भी अब जल्द ही पूरा होगा।

  • CM योगी बोले – पुलिसकर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, DGP ने कहा- विकास दुबे की तलाश में लगाए गए हैं 7000 पुलिसकर्मी

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    कानपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कानपुर पहुॅंचे। उन्होंने पुलिस लाइन पहुॅंचकर गुरुवार रात जान गॅंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम के आठ लोगों की कानपुर स्थित चौबेपुर के बिकरू गाँव में हुए हमले में मौत हो गई थी।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीरगति प्राप्त हुए पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिसकर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि कानपुर में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ ही शीर्ष पुलिस अधिकारी तैनात हैं। दोषियों की धर पकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक विकास दुबे पकड़ा या मुठभेड़ में मार गिराया नहीं जाता है तब तक शीर्ष अधिकारी कानपुर से नहीं लौटेंगे।

    सीएम योगी ने मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए सभी पुलिसकर्मी के परिवारों को एक करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की है। साथ ही परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी और पेंशन भी दिए जाने की बात कही है।

    वहीं घटना के बाद यूपी के डीजीपी हितेशचन्द्र अवस्थी ने घटनास्थल का मुआयना किया। डीजीपी ने कहा कि मैं पुलिस परिवार का मुखिया हूँ। यह हमारे परिवार पर हमला है और हमारे परिवार के 8 लोग बलिदान हुए हैं। 24 से 48 घंटे में ऑपरेशन में लगी टीमें अपने अंजाम पर होंगी।

    डीजीपी ने बताया कि प्रदेश के 7000 पुलिसकर्मीयों को इस ऑपरेशन में लगाया गया है। 24 से 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को पकड़कर कानूनी कार्यवाही अमल में लाएँगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि गाँव के लोगों को अपराधियों का साथ नहीं देना चाहिए, यह उनके लिए आगे घातक साबित हो सकता है।

    गाँव के यदि किसी व्यक्ति के अपराधियों से संबंध सामने आते हैं तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऑपरेशन को अंजाम तक पहुँचाने के लिए जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। साथ ही सीमाओं पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।

    गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ कर्मियों की गुरुवार रात कानपुर के बिकरू गाँव में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद से हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे चर्चा में है। पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए आधी रात दबिश दी थी। लेकिन, विकास और उसके गुर्गों ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की।

    विकास पर कम से कम 60 मामले दर्ज हैं। इनमें 53 हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े हैं। उस पर राजनाथ सिह की सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या करने का भी आरोप है। हालॉंकि इस मामले में कोई गवाह नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया था।

    विकास दुबे राजनीति में भी ​सक्रिय रहा है। सपा और बसपा के कई नेताओं से उसकी करीबी रही है। उसकी पत्नी सपा के टिकट पर पंचायत का चुनाव भी लड़ चुकी है।

  • शहीदों को CM योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, एक-एक करोड़ मिलेंगे हर परिवार को

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    कानपुर देहात। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के गांव दबिश देने के दौरान शहीद आठ पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की शाम करीब चार बजे पुलिस लाइन पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने कहा है कि शहीद सभी आठ पुलिस जवान के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही शहीदों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा प्रदान की जाएगी और आश्रित को असाधारण पेंशन का लाभ दिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि पुलिस जवानों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस घटना में दोषी किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। उसे कानून के दायरे में कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी।

    पत्रकार वर्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिनभर की ड्यूटी के बाद अपराधियों और माफिया के खिलाफ जारी पुलिस के अभियान के तहत ही पुलिस टीम छापा मारने गई थी। जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के दायरे में कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। किसी भी कीमत पर अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए टीमें बनाई गईं हैं, जो छापेमारी कररही है। पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए हैं और हमारे जवानों से छीने गए असहलों में कुछ बरामद हो गए हैं।

    इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करा रहे घायल पुलिसकर्मियों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनकी बहादुरी पर सराहा तथा हौसला भी बढ़ाया। उनके साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ ही शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि अब यह अधिकारी तभी कानपुर से वापस जाएंगे जब तक यह टीम विकास दुबे को पकड़ नहीं लेती या फिर मुठभेड़ में धराशाई नहीं कर देती है। उन्होंने पुलिस कर्मियों की हत्या को लेकर सख्त आदेश दिए और कहा कि सभी आला अधिकारियों से कहा है कि जब तक हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे खत्म ना हो जाये तब तक घटनास्थल पर ही कैम्प करें। दरअसल इस घटना से अपराधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेंस नीति को खुली चुनौती दी है। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त तेवर अपनाते हुए बेहद गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुबह जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला उन्होंने पुलिस के आलाधिकारियों को सख्त निर्देश देकर तुरन्त कार्रवाई करने को कहा, आनन-फानन में एडीजी ला एण्ड आर्डर प्रशांत कुमार को घटना स्थल रवाना किया गया।

    कानपुर में डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी चौबेपुर के बिकरु गांव पहुंचे हैं। वहां पर पड़ताल के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस टीम पर कायराना हमला हुआ है। अपराधियों को जल्द ही वहां पहुंच दिया जाएगा जहां उन्हेंं होना चाहिए। उन्होंने जवानों की शहादत पर शोक जताया है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस की टीम इस कायराना हरकत का बदला लेने को तत्पर है। सीएम योगी आदित्यनाथ भी यहां के ऑपरेशन की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ कानपुर करीब 3:30 बजे तक पहुंचेंगे।

    शातिर बदमाश विकास दुबे को गुरुवार रात गिरफतार करने गई पुलिस की दबिश के दौरान बदमाशों के पुलिस टीम पर हावी होने को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पुलिस की चूक माना है। लखनऊ से कानपुर देहात पहुंचे प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस की तरफ से चूक हुई। प्रशांत कुमार सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट देंगे।

    प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। अब एसटीएफ के साथ कई टीमें ल लगी हैं। हत्यारे विकास को खोजा जा रहा है। इसके लिए कानपुर शहर के साथ ही देहात तथा पास के जिलों में लगातार छापा मारा जा रहा है। विकास दुबे का एक साथी हिरासत में है। यहां पर तो सभी बॉर्डर सील करने के साथ हर वाहन की चेकिंग की जा रही है। घटनास्थल से चार किमी दूरी पर पुलिस ने दोबारा मुठभेड़ में दो बदमाशों को मार गिराया है और पुलिस से लूटी गई पिस्टल बरामद की है। वहीं काशीराम निवादा गांव के पास जंगल में तीन बदमाशों के छिपे होने पर मुठभेड़ जारी है।

    कानपुर में हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद

    चौबेपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को गुरुवार की आधी रात पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। घरों की छत से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं, जिसमें सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शहीद हो गए। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें कानपुर नगर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक पुलिस कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है।

     

    एडीजी जयनारायण सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएसपी दिनेश कुमार पी समेत पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं, वहीं अस्पताल में जाकर घायल पुलिस जवानों का हाल लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में कितने लोग मारे या घायल हुए हैं, इसकी सूचना नहीं है। बदमाशों ने पुलिस टीम से इंसास राइफल और दो पिस्टल भी लूट ली थी।गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    Kanpur Encounter LIVE Update

    -रीजेंसी अस्पताल में घायल पुलिस कर्मियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस लाइन पहुंचकर शहीद पुलिस जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं पुलिस अफसरों ने भी पुष्पचक्र अर्पित करके भावभीनी श्रद्धांजलि अपिर्त की। सशस्त्र पुलिस बल ने शहीद जवानों को अंतिम सलामी दी।

    -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर शुक्रवार की दोपहर करीब पौने चार बजे पुलिस लाइन के हेलीपैड पर उतरा है, यहां से मुख्यमंत्री अफसरों के साथ विशेष वाहन में सवार होकर घायल पुलिस कर्मियों से मिलने के लिए रीजेंसी अस्पताल पहुंचें, जहां उनका हालचाल लेने के बाद अफसरों को उपचार की बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए।

    -एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के घटनास्थल पर आने के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी भी पहुंच गए है। उन्होंने अधीनस्थों से घटना की पूरी जानकारी लेकर तहकीकत की और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए की जा रही कार्रवाई का अपडेट लिया। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण है, दोषियों का समय अब पूरा हो चुका है उन्हें जल्द सजा  मिलेगी। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगा दी गई हैं।

    -आईजी  ने बताया है कि घटनास्थल बिकरू गांव से करीब छह किमी दूर काशीराम निवादा गांव के पास जंगल में पुलिस जवानों की तीन बदमाशों से मुठभेड़ जारी है, जंगल को चारों तरफ आरएफ ने घेर लिया है। आसपास के गांवों और हर गली-रास्ते में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।

    -दोबारा पुलिस की मुठभेड़ में बदमाश अतुल दुबे और प्रेम प्रकाश पांडेय मारे गए हैं। अतुल को विकास का रिश्तेदार और प्रेम प्रकाश को मामा बताया जा रहा है। प्रेम प्रकाश पांडेय के घर में ही सीओ को मारे जाने की बात कही जा रही है, वहीं पुलिस से लूटी गई पिस्टल और बदमाशों के पास से एक राइफल भी बरामद की गई है।

    -आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करके फरार बदमाशों से दोबारा पुलिस की मुठभेड़ हुई है। घटनास्थल से करीब चार किमी दूर एक जंगल में मुठभेड़ दो बदमाश मारे गए हैं, वहीं दो पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। उनके कब्जे से हथियार भी बरामद हुए हैं।

    -लखनऊ से टीम के साथ एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, गांव में एसटीएफ की तैनाती कर दी गई है। एडीजी ने पुलिस अफसरों से घटना की पूछताछ करके बदमाशों को पकड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई के बाबत पूछताछ की।

     

    -कानपुर जिले की सभी सीमाएं सील। चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात। कानपुर देहात जिले में पड़ने वाली चार सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यहां पुलिस हर गाड़ी की सख्ती से चेकिंग कर रही है।

    • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने यूपी के डीजीपी को मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया और मामले की रिपोर्ट मंगाई।

    -डीजीपी यूपी ने बताया कि हमारे करीब 7 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। आईजी, एडीजी, एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) को ऑपरेशन की निगरानी के लिए वहां भेजा गया है। कानपुर की फरेंसिक टीम मौके पर है, लखनऊ से एक विशेषज्ञ टीम भी भेजी गई है।

    • यूपी डीजीपी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज था, पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी। रास्ते में जेसीबी लगा दिया गया जिससे हमारे वाहन बाधित हो गए। जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियां चला दीं। जवाबी गोलीबारी हुई लेकिन अपराधी ऊंचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए।

    वर्ष 2001 में शिवली थाने के बाहर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या में नामजद रह चुके हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू का रहने वाला है। उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वांछित अपराधी है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी।

    हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों के बिकरु गांव में घर पर होने की सूचना मिली थी, इसपर गुरुवार की रात शिवराजपुर, चौबेपुर और बिठूर थाने की फोर्स लेकर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा दबिश देने गए। पुलिस टीम के गांव में पहुंचते ही विकास दुबे और उसके साथियों ने घरों की छत से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। बदमाशों की फायरिंग में गोली लगने से सीओ देवेंद्र मिश्रा शहीद हो गए।

    आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बदमाशों की गोली से तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही भी शहीद हुए हैं और छह से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल हुए बिठूर थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अजय सिंह सेंगर, सिपाही अजय कश्यप, शिव मूरत निषाद थाना चौबेपुर, होमगार्ड जयराम पटेल, एसआई सुधाकर पांडे, एसआई विकास बाबू को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विकास दुबे पर वर्ष 2001 में श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था, जिसमें वह अदालत से बरी हो गया था।

  • जिलाधिकारी ने किया जल ग्राम दूबेपुर में जल संरक्षण गोष्ठी की अध्यक्षता और किया ग्रामवासियों को जल संरक्षण हेतु प्रेरित

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    रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

    सुलतानपुर 03 जुलाई/जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने विकास क्षेत्र दूबेपुर की ग्राम पंचायत दूबेपुर में जल की महत्ता एवं जल संरक्षण पर विभिन्न विभागों के समन्वय से आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता कर ग्रामवासियों को जल के संरक्षण एवं उसकी महत्ता पर सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों/विशेषज्ञों तथा वैज्ञानिकों के माध्यम से जनता को प्रेरित किया एवं गोष्ठी में महिलाओं की भागीदारी को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में महिलाओं की मह्ती भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि गॉव का विकास तभी सम्भव है जब प्रत्येक व्यक्ति इसके हेतु कटिबद्ध हों। गोष्ठी में उप कृषि निदेशक शैलेन्द्र कुमार शाही ने जल के संरक्षण हेतु खेत की मेड़ को मजबूत बनाये जाने पर जोर दिया तथा कहा कि मेड़ मजबूत होने से खेत का पानी खेत में तथा गॉव का पानी गॉव में संरक्षित होगा। उप प्रभागीय वनाधिकारी अतुलकान्त शुक्ला ने पौराणिक काल में ही जल संरक्षण के प्रति जन मानस के जागरूक होने का उल्लेख करते हुए पौध रोपण से जल संरक्षित करने पर प्रकाश डाला। जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने अवगत कराया कि नालियों के बजाय ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के माध्यम से खेतों की सिंचाई करने के प्रति प्रेरित करते हुए अवगत कराया कि इससे 80 प्रतिशत पानी की बचत होगी और उत्पादन में भी 40 प्रतिशत की वृद्धि होगी। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक सूर्य प्रकाश मिश्र ने मिट्टी पानी और बयार यह है जीवन का आधार पर केंन्द्रित जल की महत्ता के बारे में प्रकाश डाला। जल विशेषज्ञ/आमंत्रित सदस्य डॉ0 सुधाकर सिंह ने पानी हवा और भोजन जीवन के लिये आवश्यक विषय पर प्रकाश डालते हुए प्राण वायु और जल संरक्षण पर विशेष प्रकाश डाला जिला विकास अधिकारी डॉ0 डी0आर0 विश्वकर्मा ने पौराणिक आख्यानों का हवाला देते हुए तालाब खुदाई, अग्निहोत्र, वृक्षा रोपण से इस लोक और परलोक में श्रीवृद्धि और गोचर भूमि छोड़ने पर गोदान के तुल्य पुण्य प्राप्त होने की जानकारी देते हुए जन मानस को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करते हुए भावनात्मक रूप से योजित किया। जिलाधिकारी ने मौके पर एकत्र गॉव की महिलाओं से उनका कुशल-क्षेम जानने के पश्चात जल संरक्षण, सीड बाल से सहजन का वृक्ष तैयार करने सम्बन्धी जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि यहां पर किसान समेकित कीट प्रबंधन प्रणाली अपनाकर कीटों से बचाव कर रहे हैं। उन्होंने जल संरक्षण से होने वाले लाभों और उसकी महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण से होने वाले लाभों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण ही जल का उत्पादन है और प्रत्येक व्यक्ति को कि वह जल का संरक्षण करे तभी हम वास्तविक सफलता प्राप्त कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने जन मानस से जल संरक्षण हेतु सामुदायिक सहभागिता हेतु अपील की। सीड बाल से सहजन के 2000 पौधे तैयार करने वाली महिलाओं को अवगत कराया कि 17000 रूपये शीघ्र ही खाते में अन्तरित किये जायेंगे। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी दिनों में प्रत्येक जल ग्राम में इसी प्रकार की प्रेरक गोष्ठियाँ सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ आयोजित की जाय तथा महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाय। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी दूबेपुर को निर्देशित किया कि जल ग्राम घोषित होने के पूर्व तथा वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक विवरण उपलब्ध करायें। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने खण्ड विकास कार्यालय दूबेपुर के परिसर में आम के वृक्ष का रोपण किया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी संतोष कुमार, अधिशासी अभियन्ता नलकूप जगदीश रावत सहित सम्बन्धित अधिकारी ग्राम प्रधान अरविन्द वर्मा एवं काफी संख्या में महिलाएँ व पुरूष सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ उपस्थित रहे।