Category: uttar-pradesh

  • 48 घंटे के लिए लखनऊ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बन्द , एडवोकेट कोरोना संक्रमित

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    लखनऊ। एडवोकेट के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद लखनऊ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में हड़कंप मच गया। लखनऊ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (जिला न्यायालय) को अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। 30 जून और 1 जुलाई को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बंद रहेगा। वहीं पुराना हाईकोर्ट, फैमिली कोर्ट, रोशनउद्दौला को भी बंद रखा जाएगा। कोर्ट परिसर बंद करने का आदेश जिला जज ने दिया है। बंद के दौरान कोर्ट परिसर को सैनिटाइज किया जाएगा। सभी कोर्ट, चैंबर, वकीलों के दफ्तर को सैनिटाइज किया जाएगा।

    उधर, कोरोना पॉजिटिव वकील के संपर्क में आए वकीलों की लिस्ट जिला जज ने मांगी है। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने भी ज़िला जज से निवेदन किया था कि कोरोना मामला सामने आने के बाद कोर्ट को बंद किया जाए। इसके बाद जिला जज ने अगले 48 घंटे के लिए कोर्ट बंद करने का आदेश दिया है। अब कोर्ट परिसर को सैनिटाइज करने के बाद ही इसे ओपन किया जाएगा।

  • हर दिन दें रोगी के परिजनों को जानकारी – सीएम योगी

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि 24 घंटे में कम से कम एक बार परिजनों को रोगी के स्वास्थ्य की जानकारी आवश्य दी जाए। मुख्यमंत्री योगी यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। कोरोना संक्रमण तथा वर्षा ऋतु में संचारी रोगों के प्रसार के ²ष्टिगत उन्होंने इस संबंध में प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि डॉक्टर एवं नर्सिग स्टाफ नियमित राउंड लें। पैरामेडिक्स द्वारा रोगियों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। 24 घंटे में कम से कम एक बार मरीज के परिजनों को रोगी के स्वास्थ्य की जानकारी आवश्य दी जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए और बेड बढ़ाए जाएं। उन्होंने प्रत्येक जनपद में ऑक्सीजन की सुचारु आपूर्ति एवं उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। ‘108’, ‘102’ तथा एएलएस एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

    योगी ने कहा कि टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाए। ट्रनैट मशीनों तथा रैपिड एन्टीजेन टेस्ट मशीनों को पूरी क्षमता से संचालित करते हुए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए निजी चिकित्सालयों में ट्रेूनैट मशीनों के प्रयोग के बढ़ावा दिया जाए।

    उन्होंने कहा कि सभी विभागों एवं संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। निजी चिकित्सालयों को हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। ओपीडी संचालित करने वाले अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से स्थापित हो।

    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को सर्विलांस व्यवस्था सु²ढ़ करने के निर्देश दिए और कहा कि इसे सुचारु ढंग से लागू करते हुए इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने सर्विलांस के दौरान सर्विलांस टीम द्वारा घर-घर कोविड-19 से बचाव के संबंध में हैंडबिल भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने 1 से 31 जुलाई, 2020 तक संचालित किए जाने वाले सचांरी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आदि को संचारी रोग के संबंध में सतर्क रखा जाए।

  • हादसे में यूपी पुलिस के सिपाही और बेटे की मौत, कैंटर घुसा हाईवे पर खड़े ट्रक में

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    मुरादाबाद।  हाईवे पर देवापुर गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक में कैंटर घुस जाने से सिपाही अजय कुमार और उनके बेटे की मौत हो गई जबकि पत्नी समेत पांच लोग जख्मी हुए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिपाही शाहजहांपुर के सीओ पुवायां के दफ्तर में तैनात थे। उनका तबादला हापुड़ के लिए हुआ था। वह अपने परिवार के साथ मेरठ आ रहे थे। मेेेेरठ मेें पुलिस कर्मी ने अपना मकान बना रखा है। पुलिस ने पिता-पुत्र के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

    यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत अजय कुमार मूल रूप से जनपद शामली के ग्राम लॉक के रहने वाले थे। उनकी तैनाती शाहजहांपुर जिले के पुवायां तहसील में सीओ कार्यालय में थी। अजय कुमार का हाल ही तबादला हापुड़ जनपद में हुआ था। वह शनिवार की रात शाहजहांपुर से कैंटर में अपना घरेलू सामान भरकर पत्नी अनुमपा, बेटे विशेष, बेटी वाटिका, परी और भांजी सिमरन के साथ साथ मेरठ स्थित अपने आवास के लिए रवाना हुए थेेे। सिपाही और उनका नौ साल का बेटा विशेष कुमार चालक के पास आगे बैठे थे। पत्नी और अन्य परिवार के सदस्य पीछे कैंटर में पड़ी चारपाई पर बैठकर आ रहे थे। कैंटर मुरादाबाद बरेली हाईवे पर सुबह चार बजे मुरादाबाद के थाना कटघर क्षेत्र के देवापुर गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गया। हादसे में चालक के बराबर में बैठे सिपाही अजय कुमार और उनके बेटे विशेष कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कैंटर में पीछे बैठी उनकी पत्नी समेत सभी परिवार के लोग जख्मी हो गए। कैंटर चालक भी कैंटर बुरी तरह से फंस गया। पुलिस ने घायलों को 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में कैंटर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।  सिपाही और बेटे का शव कैंटर के अगले हिस्से को काटकर निकाले गए। कैंटर चालक को भी गंभीर चोटें आई हैं।  हादसे की सूचना से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। प्रभारी निरीक्षक कटघर गजेंद्र सिंह ने बताया कि शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम भिजवाया जा रहा है। ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाएगी।

    मच गई अफरातफरी 

    हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया। सूचना पाकर कुछ की देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों की मदद से हादसे में घायल परिवार के अन्‍य लोगों को अस्‍पताल में भर्ती कराया।

    टूट गया परिवार का सपना 

    तबादले के बाद परिवार के लोग खुशी-खुशी मेरठ जा रहे थे। उन्‍हें नहीं पता था कि आगे आने वाले एक हादसे में उनके सपने टूट जाएंगे। मेरठ जाने से पूर्व पुलिस कर्मी अजय को समारोह पूर्वक विदाई भी दी गई थी। नई जगह नए कार्यालय के लोग भी उनके आने की राह देख रहे थे। लेकिन यह पूरा नहीं हो पाया।

     

  • यूपी के विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों के 48 लाख विद्यार्थी जाएंगे बिना परीक्षा अगली कक्षाओं में

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में स्नातक व परास्नातक की वार्षिक परीक्षाएं नहीं होंगी। राज्य के करीब 48 लाख से अधिक विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने परीक्षाएं न कराने की संस्तुति की है। अब अंतिम फैसला यूपी सरकार को लेना है।

    यूपी के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में कमेटी के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन गई है। हालांकि औपचारिक घोषणा अभी इसलिए नहीं की गई क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा अनलाक-टू को लेकर एक जुलाई तक गाइडलाइन जारी होनी है। गाइडलाइन आने के बाद दो जुलाई को इस बारे में औपचारिक घोषणा की जाएगी। प्रोन्नति का फार्मूला क्या होगा, इस पर भी चर्चा की गई।

    उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सभी संभावनाओं को टटोल जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट पर भी मंथन किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा अनलाक-टू की गाइड लाइन एक-दो दिन में जारी होगी। इसके बाद दो जुलाई को इस पर अंतिम निर्णय लेकर औपचारिक घोषणा की जाएगी।

    उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच परीक्षाएं कराना जोखिम भरा हो सकता है। इसे देखते हुए ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सुझाव पर हरियाणा व राजस्थान सहित कई राज्यों ने अपने यहां विद्यार्थियों को पहले ही अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया है। ऐसे में यूपी जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में परीक्षाएं कराने से मुसीबत खड़ी हो सकती है।

    मालूम हो कि यूपी में कोरोना संक्रमण के कारण मार्च में हुए लॉकडाउन के चलते तमाम विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं शुरू नहीं हो पाईं, कुछ में शुरू हुईं तो आधी परीक्षाएं हो पाईं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जुलाई में विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराने के लिए परीक्षा कार्यक्रम घोषित किए गए तो विरोध शुरू हो गया। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट को देखते हुए अब प्रोन्नति पिछली कक्षा में मिले अंक के आधार पर दी जाए या सभी विषयों में मिले अंक में से जिस विषय में ज्यादा अंक मिले हैं उसे आधार मानकर रिजल्ट तैयार किया जाए ,इन सब पर मंथन किया जा रहा है।

    सवा दो लाख इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट छात्रों को भी मिलेगी राहत : यूपी के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक, बीफार्मा, एमबीए सहित विभिन्न कोर्सेज में पढ़ रहे करीब सवा दो लाख विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। यहां भी परीक्षाएं न कराने का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की ओर से यह प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है।

    चार सदस्यीय कमेटी का किया गया था गठन : बता दें कि कोरोना आपदा के दौरान राज्य विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर शुक्रवार को शासन ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति प्रो.एनके तनेजा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इसमें डॉ.राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित, डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति प्रो.अशोक मित्तल व छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता को सदस्य बनाया गया। इस कमेटी को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी थी।

    विद्यार्थियों और शिक्षकों ने परीक्षा का कर रहे विरोध : स्नातक व परास्नातक की परीक्षाओं के कार्यक्रम घोषित होते ही विद्यार्थी और शिक्षक विरोध पर उतर आए हैं। दूसरी तरफ कई विश्वविद्यालय जुलाई के पहले सप्ताह से लेकर दूसरे सप्ताह के बीच स्नातक व परास्नातक परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसे लेकर कमेटी अब ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित करने, विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने या शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर परीक्षाएं कराने सहित कई विकल्पों पर मंथन किया। चार सदस्यीय कमेटी ने कई विकल्पों पर विचार करने के बाद सोमवार को सरकार को सुझाव दे दिये हैं।

  • हिंदू समाज की सदियों पुरानी चाह पूरी हो रही राममंदिर निर्माण से : ऋतंभरा

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    लखनऊ। अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले अपना बयान दर्ज कराने आरोपित साध्वी ऋतंभरा सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत पहुंची हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी मामले में कुछ नहीं कहना जो पूछा जाएगा वह बता दूंगी। राममंदिर के निर्णय पर उन्होंने कहा हिंदू समाज की सदियों पुरानी चाह पूरी हो रही है। ऋतंभरा यहां अपना बयान दर्ज कराने पहुंची हैं। उन्होंने कहा, “अयोध्या में रामलला विराजमान होंगे और भव्य मंदिर बनेगा। हिन्दू समाज की सदियों पुरानी चाह पूरी हो रही है। वहां रामलला विराजमान होंगे। जन-जन के अंदर प्रभु रामजी के आदर्शो की स्थापान होगी। यह साधन और यही सिद्घी है।”

    उन्होंने कहा, “यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए बहुत कुछ नहीं कह सकती है। लोगों को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। बहुत जल्दी भव्य मंदिर का निर्माण होगा।”

    गौरतलब है कि अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में साध्वी ऋतंभरा सहित कई लोगों की पेशी होनी है। बीते शुक्रवार को आरोपित पवन पांडेय का बयान दर्ज होना था। लेकिन वह नहीं पहुंचे। उनके वकील ने न्यायालय में बीमारी को लेकर प्रार्थना पत्र दिया था। लिहाजा उनके वकील ने बताया कि बुखार आने के चलते पवन पांडेय कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके।

  • मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया पर वायरल किए पांच युवकों ने युवती से दुष्‍कर्म कर उसके फोटो

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    मुजफ्फरनगर। सामुहिक दुष्‍कर्म का एक और मामला प्रकाश में आया है। जहां एक युव‍ती के साथ सामुहिम दुर्ष्‍कम किया गया। मुजफ्फरनगर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती के साथ गांव के ही पांच युवकों ने दुष्कर्म किया। आरोपितों ने पीडि़ता की अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। पुलिस ने पीडि़ता के स्वजनों की तहरीर पर गांव के ही पांच युवकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

    अश्‍लील फोटो खिंच कर वायरल की

    थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती के साथ एक सप्ताह पूर्व पांच युवकों ने दुष्कर्म किया था। आरोपितों ने अश्लील फोटो भी खींच लिए। अब फोटो वायरल होने पर युवती के स्वजनों को पता चला। पीडि़ता के स्वजन द्वारा दी गई तहरीर में गांव के ही पांच युवकों को नामजद किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले को दबाने के लिए गांव मं पंचायत भी हुई लेकिन बात नहीं बनी।

    नल से पानी भरने गई थी युवती

    पीडि़त पक्ष का आरोप है कि युवती नल से पानी लेने के लिए गई थी, जहां से उसे पांचों युवक उठाकर ले गए और दुष्कर्म किया। अश्लील फोटो खींचकर वायरल कर दिए। थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है। घटना लगभग एक सप्ताह पहले की है। एसपी देहात नेपाल ङ्क्षसह ने बताया कि क्राइम ब्रांच से जांच कराई जा रही है।

  • भैस चराने गये युवक की नाले में गिरने से मौत

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    रीपोर्ट:सैय्यद मलसूदुल हसन

    अमेठी। मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के भैदपुर सरैया सबलशाह के समीप नाले में भैस चराने गये युवक की पैर फिसल कर गिरने से मौत हो गई।
    जानकारी के मुताबिक सूरज कुमार सिंह पुत्र अभिमन्यु सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम दादरा मंगलवार की शाम घर से भैस चराने निकले थे घर न लौटने पर लोगो ने खोज बीन की लेकिन पता नही चला दूसरे आज सरैया सबलशाह के नाले में लाश मिली।पुलिस को सूचना मिलने पर कोतवाल अवधेश कुमार मय पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुँच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टर्माटम के लिए भेज दिया

  • 11 दिन से पुलिस को चकमा दे रहा तिरंगा जलाने वाला आरोपी

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    लखनऊ। विगत 21 जून को बड़े तालाब टिकैत राय पर चार लड़कों ने टिक टॉक बनाने के चक्कर में तिरंगे को जलाकर वीडियो बनाने का राष्ट्र विरोधी कृत किया। घटना स्थल पर रविकांत सिंह नाम के युवक ने इन चारों लड़कों को इस कृत्य को करने से रोका और इनके खिलाफ बाजार खाला कोतवाली में में एफआईआर भी करी। जिसके तहत इन चार लड़कों में से तीन लड़के अब तक पकड़े जा चुके हैं पर चौथा लड़का मोहम्मद फैज नाम का है जो अब तक फरार चल रहा है।

    पुलिस चारों लड़कों को नाबालिग बता रही है। इस मामले को लेकर क्षेत्रीय सूत्रों का कहना है कि यह हाईप्रोफाइल मामला होता तो पुलिस दो दिन में ही अपराधियों को पकड़ लेती है क्योंकि आरोपी क्षेत्रीय ही हैं जिन को पकड़ने में देरी क्यों लग रही है।

    वही टिकैत राय चौकी इंचार्ज सुधीर कुमार चौधरी का कहना है कि हम लगातार दबिश दे रहे हैं मगर असफलता अभी तक हमारे हाथ लगी है  आरोपी फैज 11 दिन से लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है कुछ दिनों में हम उसको जरूर गिरफ्तार कर लेंगे।

    गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
    रविकांत सिंह की तहरीर पर गंभीर धाराओं में बाजार खाला थाने में एफआईआर दर्ज हुई है. पुलिस ने आईपीसी की धारा 124(A), 153(A), 504, 505(1)(B)(2), 352, 325, 506 और राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम 2 के तहत केस दर्ज हुआ है.

  • UP में 23 हजार के पार पहुंची कोरोना संक्रमितों की संख्या , अब तक 697 मौतें

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलना जारी है, तभी तो मंगलवार को 672 नए मरीज सामने आए और इसके साथ संक्रमितों की संख्या 23,657 तक जा पहुंची। संक्रमण से अब तक 697 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अब तक 16,084 लोग वायरस से मुक्त भी हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंगलवार को सबसे ज्यादा 151 नए मरीज गाजियाबाद में मिले हैं।

    इसके बाद 97 गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा में और 30 नए मरीज लखनऊ में मिले हैं। इसके अलावा मेरठ में 11, आगरा में 8, कानपुर शहर में 18, कानपुर देहात में 3, सहारनपुर में 14, फिरोजाबाद में 3, मुरादाबाद में 11, वाराणसी में 9, रामपुर में 3, जौनपुर में 10, बस्ती में 3, अलीगढ़ में 24, हापुड़ में 12, बुलंदशहर में 14, सिद्धार्थनगर में 11, अयोध्या में 2, गाजीपुर में 1, अमेठी में 4, प्रयागराज में 20, संभल में 7, बहराइच में 1, संत कबीर नगर में 2, प्रतापगढ़ में 1, मथुरा में 17, सुलतानपुर में 1, गोरखपुर में 19, देवरिया में 1, रायबरेली में 1, लखीमपुर खीरी में 1, गोंडा में 8, बरेली में 11, इटावा में 4, हरदोई में 6, फतेहपुर में 1, कौशांबी में 3, कन्नौज में 1, पीलीभीत में 3, शामली में 4, बलिया में 15, जालौन में 13, बदायूं में 4, बलरामपुर में 3, झांसी में 19, चित्रकूट में 3, मैनपुरी में 1, मिर्जापुर में दो, फरु खाबाद में 7, उन्नाव में 5, बागपत में दो, औरैया में 1, हाथरस में 3, मऊ में एक, चंदौली में 13, शाहजहांपुर में 6, कासगंज में 1, कुशीनगर में 8 और हमीरपुर में 3 नए मरीज मिले हैं।

  • उमा भारती पेश हुई लखनऊ में सीबीआई Special कोर्ट में

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    लखनऊ। अयोध्या में रामलला का बुधवार को दर्शन करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस प्रकरण में आज लखनऊ में सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश हुईं। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकीं उमा भारती ने मीडिया से कहा कि कोर्ट मे सुनवाई से आने के बाद ही वह कोई प्रतिक्रिया देंगी।

    इस मामले में भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती लखनऊ में आज विशेष सीबीआई अदालत में पेश हुईं। वह अयोध्या प्रकरण में कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराने वाली वह 19वीं अभियुक्त हैं। विशेष सीबीआई अदालत छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अभियुक्त 32 लोगों के बयान दर्ज कर रही है।

    अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस के मामले में आरोपित पूर्व मंत्री उमा भारती को लखनऊ में सीबीआई की विशेष कोर्ट में मंगलवार को पेश होना था, वकील के कोरोना संक्रमित होने के कारण कोर्ट दो दिन बंद रहा। इसी बीच उमा भारती ने लखनऊ में हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन करने के बाद बुधवार को अयोध्या का रुख किया। वहां पर उन्होंने रामलला का दर्शन किया।

    अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई की विशेष अदालत को इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त तक पूरी करनी है। इसी कारण कोर्ट रोजाना काम कर रही है। इससे पहले 29 जून को सीबीआई की विशेष अदालत में साध्वी ऋतंभरा गवाही के लिए पेश हुई थीं।