Category: uttar-pradesh

  • यूपी के मदरसों में भी तो नहीं ‘अनामिका’, अब हरेक मौलवी के कागज की होगी जाँच: योगी सरकार ने दिए आदेश

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    लखनऊ। उ0प्र0 के राज्य अनुदानित अरबी फारसी मदरसों के शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कराए जाने के सम्बंध में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्देश जारी कर दिया गया है.उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में ‘अनामिका शुक्ला’ का मामला उजागर होने के बाद अब सरकारी स्कूलों से लेकर मदरसों तक के शिक्षकों के सभी दस्तावेजों की तेजी से जाँच शुरू हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दफ्तर की तरफ से आए नए आदेश में राज्य सरकार द्वारा अनुदानित सभी अरबी-फ़ारसी मदरसों के मौलवियों के प्रमाण-पत्रों की जाँच करने के आदेश दिए गए हैं।

    अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक जेपी सिंह ने मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार आरपी सिंह को पत्र लिखकर प्रदेश के 558 मदरसों की जाँच के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।

    कुल मिलाकर भ्रष्टाचार से लड़ने की अपनी मुहिम के तहत अब योगी सरकार ने ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई का मन बनाया है जिनके तार फर्जीवाड़ा गैंग से जुड़े हैं। वहीं, योगी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रज़ा ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के मदरसों में हुई नियुक्तियों की भी जाँच होगी।

    सरकार ने मदरसा शिक्षा परिषद से प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों के हजारों शिक्षकों के अंक पत्रों की जांच के लिए कार्ययोजना बनाना शुरू कर दिया है ताकि विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके और फर्जी अंकपत्र वाले शिक्षकों की पहचान करके नियमानुसार कार्रवाई की जा सके. हाल के ही दिनों में यूपी में अनामिका शुक्ला फर्जीवाड़ा खूब सुर्खियों का सबब बना था जिस्से सबक लेकर सरकार ने सभी शिक्षकों के साथ मदरसा शिक्षकों के भी अंकपत्रों की जांच के आदेश दिए है। पत्र में कार्ययोजना बनाने कर एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि राज्य के मदरसों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले लोगों के खिलाफ कार्य योजना बनाकर रिपोर्ट भेजी जाएगी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के सामने आने के बाद योगी सरकार उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में मौजूद स्टाफ के दस्तेवाजों की भी जाँच करवा रही है।

    इसके अलावा मोहसिन रज़ा ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा ने वोट बैंक के लिए मदरसों में भारी भ्रष्टाचार किया और अपने करीबियों को अनुचित लाभ पहुँचाया। दस्तावेजों की जाँच में दोषी पाए जाने वालों को सख्त सजा मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मदरसे में नौकरी करने वालों के विरुद्ध काफी शिकायतें मिल रही थीं। अब मदरसों में नियुक्त सभी कर्मचारियों के सेवा संबंधी अभिलेखों की जाँच कराने का फैसला योगी सरकार ने लिया है।

    गौरतलब है कि योगी सरकार ने यूपी में सत्ता सँभालने के बाद से लगातार मदरसों में पढ़ रहे छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए कई कदम उठाएँ। ये कदम भी उसी दिशा में है।इससे पहले योगी सरकार ने मदरसों के आधुनिकरण पर अपना फैसला सुनाया था। वहीं ये भी ऐलान किया था कि योगी सरकार मदरसों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित करेगी और टॉपर्स को 5-5 हजार रुपए का इनाम देगी।

    इसके अतिरिक्त यूपी सरकार ने पिछले दिनों मदरसों में उच्च शिक्षा को लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की थी। इस एडवाइजरी में बताए गए नियम के मुताबिक फैसला किया गया था कि अब मदरसे में में गैर उर्दू भाषी भी अब मदरसे में टीचर बन सकेंगे।

  • राज्य महिला आयोग की प्रियंका वाड्रा को चेतावनी, न करें दोबारा ऐसी टिप्पणी

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    लखनऊ। कानपुर के राजकीय बाल गृह (बालिका) की घटना पर की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा घिर गई हैं। राज्य बाल संरक्षण आयोग के बाद अब यूपी राज्य महिला आयोग ने भी उन्हें नोटिस भेजकर भविष्य में महिलाओं पर ऐसी टिप्पणी न करने के लिए चेताया है। आयोग ने सोशल मीडिया पोस्ट के खंडन की अपेक्षा जताते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस महासचिव ने बालिकाओं के आत्मसम्मान और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का शर्मनाक प्रयास किया है। यह दुख की बात है कि एक महिला होते हुए ऐसा किया।

    महिला आयोग अध्यक्ष विमला बाथम ने कांग्रेस महासचिव को जारी नोटिस में कहा है कि कानपुर स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) में बच्चियों के गर्भवती और एक के एचआइवी पॉजिटिव होने संबंधी पोस्ट सोशल मीडिया पर लिखी। इस घटना को देवरिया और बिहार के मुजफ्फरपुर की घटना से जोड़ा गया। टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की जानकारी भी नहीं ली। महिला आयोग ने घटना का स्वत: संज्ञान लेकर जिला प्रोबेशन अधिकारी कानपुर से रिपोर्ट मांगी। उसमें स्पष्ट बताया गया है कि सात बालिकाएं गर्भवती अवस्था में ही बालगृह में संवासित कराई गई थीं। रिपोर्ट में सारे रिकॉर्ड संलग्न किए गए हैं।

    आयोग अध्यक्ष ने कहा है कि वास्तव में यह अत्यंत दुख का विषय है कि एक महिला होते हुए भी आपने (प्रियंका) यौन हिंसा से पीड़ित बालिकाओं के विषय में बालिका गृह में अमानवीय घटना घटित होने और एक को एड्स पॉजिटिव होने का वक्तव्य जारी किया। अभी तक इन बालिकाओं में से किसी कोई एड्स पॉजिटिव नहीं पाई गई है। देवरिया और मुजफ्फरपुर की घटना से भी इस मामले को जोड़ा जाना उचित नहीं है।

    यूपी राज्य महिला आयोग ने कहा है कि भ्रामक टिप्पणी से समाज में गलत संदेश पहुंचा है। चेतावनी दी है कि भविष्य में तथ्यों की जानकारी किए बिना, खास तौर पर महिलाओं के संबंध में ऐसी टिप्पणी न करें। साथ ही 21 जून को की गई पोस्ट का खंडन भी करने को कहा है।

  • CM योगी आदित्यनाथ का गोंडा में जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद अयोध्या दौरा

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    लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते प्रसार पर अंकुश लगाने के प्रयास में लगे सीएम योगी आदित्यनाथ आपदा में भी अवसर तलाश रहे हैं। प्रदेश में एक करोड़ 25 लाख प्रवासी कामगारों के लिए रोजगार की व्यवस्था करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ अब जिलों का दौरा कर रहे हैं। बाढ़ आने की आशंका के कारण इसके बचाव का इंतजाम अब उनकी प्राथमिकता है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में टीम-11 के साथ बैठक में कोरोना वायरस से बचाव की समीक्षा करने के बाद बाराबंकी व गोंडा में बाढ़ राहत के इंतजाम परखा। इसके बाद वह बलरामपुर पहुंचे। जहां पर उन्होंने समीक्षा बैठक की। वहां पर रात्रि विश्राम करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को गोंडा व अयोध्या का दौरा करेंगे।

    गोंडा में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मुस्तैद हैं। गोंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिला अस्पताल का दौरा करने के साथ ही कोविड वार्ड का भी निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वह अधिकारियों के साथ काम की समीक्षा भी करेंगे। वह यहां सुबह 10.30 बजे हेलीकाप्टर से पुलिस लाइंस के अस्थाई हेलीपैड पर आने के बाद अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर शहर के एलबीएस चौराहे पर पुलिस बल तैनात है। वह अधिकारियों के साथ समीक्षा करने के बाद करीब 12 बजे अयोध्या के लिए  रवाना होंगे।

    इससे पहले शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोंडा और बलरामपुर जिलों का दौरा किया। वहां पर समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को नेपाल सीमा पर कड़ी निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि गोंडा या बलरामपुर जिले में किसी भी माफिया को पनपने न दिया जाए। माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए, उनकी सम्पत्ति जब्त करें। उन्होंने गोंडा और बलरामपुर जिलों का दौरा कर वहां कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय के कार्यों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

    मुख्यमंत्री ने गोंडा के एल्गिन चरसड़ी तटबंध के संवेदनशील स्थल बांसगांव पर हो रहे बाढ़ राहत कार्यों का हवाई एवं स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सम्बन्धित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कराए जा रहे कार्यों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा गुणवत्तापूर्ण ढंग से सभी कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। बाढ़ बचाव के कार्यों के सम्बन्ध में सिंचाई विभाग ने अवगत कराया कि परियोजना के कार्यों को कोविड-19 महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के बावजूद भी तेजी से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घाघरा नदी में कराए जा रहे ड्रेजिंग कार्य (गाद निकालना)के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की।

    इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर में कोविड-19 के सम्बन्ध में कार्यों सहित विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि बलरामपुर जिले से लगती नेपाल सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाए। जिले में किसी भी माफिया को पनपने न दिया जाए। उन्होंने जनपद में एल-2 अस्पताल को कार्यशील करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न वितरण के दौरान सभी को राशन मिले और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। प्रदेश में आए श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही तेजी से की जाए।

  • योगी सरकार पर कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी के बाद प्रियंका का हमला, कहा…

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    लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन की आड़ में परिवर्तन चौराहे पर उपद्रव करने के आरोप में पुलिस ने सोमवार रात यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चेयरमैन शहनवाज आलम के साथ एक अन्य को गिरफ्तार किया। शहनवाज की गिरफ्तारी के बाद पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है। सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय प्रियंका गांधी ने मंगलवार को दो ट्वीट किया और कहा कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार आप लोग दूसरी पार्टियों की आवाज दबा सकते हो, हमारी नहीं।

    कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव तथा उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश पुलिस को दमन का औजार बनाकर भले ही दूसरी पार्टियों को आवाज उठाने से रोक सकती है, हमारी पार्टी की नहीं। उन्होंने सभी विपक्षी दलों को भी आड़े हाथ लिया है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा सरकार यूपी पुलिस को दमन का औजार बनाकर दूसरी पार्टियों को आवाज उठाने से रोक सकती है, हमारी पार्टी की नहीं। ट्वीट के साथ उन्होंने सीसीटीवी की फुटेज भी डाली है और कहा कि आप सभी देखिए किस तरह यूपी पुलिस ने हमारे अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष को रात के अंधेरे में उठाया। आगे प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पहले फर्जी आरोपों को लेकर हमारे प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को चार हफ्तों के लिए जेल में रखा। पुलिसिया कार्रवाई दमनकारी और आलोकतांत्रिक है। अब तो कांग्रेस के सिपाही पुलिस की लाठियों और फर्जी मुकदमों से नहीं डरने वाले।

    लखनऊ में सोमवार रात हजरतगंज पुलिस ने कांग्रेस नेता शहनवाज आलम व एक अन्य को गिरफ्तार किया है। शहनवाज यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चेयरमैन हैं। शहनवाज पर लखनऊ के परिवर्तन चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान लोगों को भड़काने और पुलिस पर हमला करने का आरोप है।

    कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत तमाम पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी हजरतगंज कोतवाली पहुंच गए। कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। इस दौरान कोतवाली में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को बाहर निकाला इसके बाद भी देर रात तक कार्यकर्ता व पदाधिकारी वहां जमे रहे।

    पुलिस के मुताबिक 19 दिसंबर को लखनऊ में विभिन्न संगठनों ने सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान सैकड़ों की भीड़ ने न केवल पुलिस पर हमला किया था बल्कि कई गाडिय़ों में आग लगा दी थी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। राजधानी में उपद्रव के उन आरोपितों पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है, जिन्होंने तय जुर्माना नहीं भरा। प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए हैं। हिंसा में निजी और सरकारी संपत्ति को मिलाकर साढ़े पांच करोड़ का नुकसान हुआ था। पांच थाना क्षेत्रों में उपद्रवियों ने तोडफ़ोड़, हिंसा, वाहनों में आगजनी की थी।

  • हरे भरे होंगे नगर निगम के पार्क,मानसून में अधिक से अधिक लगाये जाएंगे पौधे

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    गाजियाबाद। स्वच्छ भारत अभियान के दौरान जहां नगर निगम पार्कों के सौंदर्यीकरण पर जोर दे रहा है। वहीं मानसून में पार्क को हरा-भरा बनाने की योजना पर नगर निगम काम कर रहा है। इसके लिए नगर आयुक्त डॉ. दिनेश चंद्र द्वारा उद्यान विभाग के अधिकारियों को पूरी तैयारी करने को कहा गया है। उद्यान विभाग द्वारा बागवानी में काम आने वाले औजार की खरीददारी की जा रही है वहीं नगर निगम के नर्सरी में अधिक से अधिक पौधे तैयार किये जा रहे हैं।

    इस बार नगर निगम की योजना है कि इस वर्ष शहरी क्षेत्र में कुछ ऐसे पार्क विकसित किये जाये जहां सघन वृक्षारोपण होगा और फलदार एवं छायादार पौधे लगेंगे। कुछ पार्क इस तरह से विकसित किये जाएंगे जहां पर हरियाली के माध्यम से सौदर्यीकरण भी हो और वह लोगों को आकर्षित भी करें। अपर नगरायुक्त एवं वरिष्ठ उद्यान प्रभारी आरएन पांडे के नेतृत्व में उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, उद्यान निरीक्षक योजना को अमलीजामा पहनाने में जुटे हैं।

    गाजियाबाद शहर में वर्तमान में 1143 पार्क हैं और 50 से अधिक ग्रीन बेल्ट हैं। जिनकी देख रेख गाजियाबाद नगर निगम द्वारा की जाती है।
    इसके लिए नगर निगम द्वारा बागवानी के काम आने वाले उपकरण की खरीददारी की जा रही है। नगर निगम द्वारा पार्कों के लिए कुल्हाड़ी, दरांती, कुदाल, घास काटने का आला, बेलचा, करणी, छोटी एवं बड़ी कैंची इत्यादी की खरीद की जाएगी। पूर्व में जो खरीददारियां हुई है उसमें इन उपकरणों की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। इसलिए इस बार क्वालिटी का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    गाजियाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त डॉ. दिनेश चंद्र, ने बताया कि मानसून ने दस्तक दे दी है। इस बार अधिक से अधिक पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। पार्कों में नींबू, अनार, अमरूद, कदंब, नीम, कटहल, जामुन, मौलश्री, आंवला, पिलखन, शीशम, बेल पत्थर और कैनोपी वर्ग में नीम, आम, पीपल, बरगद जैसे पौधे लगाए जाएंगे। ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो फलदार और छायादार होने के साथ-साथ अधिक ऑक्सीजन उर्त्सजित करने वाला पौधा होगा। उद्यान विभाग द्वारा वागवानी के लिए जो उपकरण खरीदे जाएंगे उनमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। खरीददारी से पहले पार्कों में इन उपकरणों की जांच की जाएगी।

  • ताबड़तोड़ फायरिंग की गई Morning Walk पर निकले अम्बेडकर विवि के एसोसिएट प्रोफेसर पर, हालत गंभीर

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    आगरा। मॉर्निंग वॉक पर निकले आंबेडकर विवि के एसोसिएट प्रोफेसर आरके भारती को हमलावरों ने निशाना बना लिया। ताबड़तोड़ फायरिंग में उनके तीन गोली लगी हैं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस घटना के पीछे रंजिश बता रही है।

    एत्माद्​दौला के टेढ़ी बगिया निवासी आरके भारती डाॅ. बीआर आंबेडकर विवि परिसर में स्थित समाज विज्ञान संस्थान में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। रविवार सुबह पांच बजे वे घर से मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। टेढ़ी बगिया से सौ फीट रोड पर ओम वाटिका के सामने बाइक सवार दो हमलावर उनके सामने से आ गए। वे कुछ समझ पाते तब तक उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में दो गाेली पेट और एक पैर में लग गई। घायल होकर वे रोड पर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज से आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। रोड के दूसरी ओर खड़ा एक युवक हिम्मत करके उनके पास पहुंचा।

    वह ऑटो से उन्हें लेकर पास के निजी अस्पताल में पहुंचा। फायरिंग के बाद हमलावर बाइक से तेज रफ्तार से भाग गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली गेट स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनकी हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है। इंस्पेक्टर एत्माद्​दौला उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि परिवार वाले घटना के पीछे जमीनी रंजिश बता रहे हैं। पोइया निवासाी कुछ लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। मगर, अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। एक फैक्ट्री के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावर नीले रंग की अपाचे से टेढ़ी बगिया की ओर जाते दिख रहे हैं। इसके आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। मौके पर एसएसपी बबलू कुमार भी पहुंच गए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

     

  • पिता बेचते हैं ठेले पर गन्ने का जूस, बेटी बनी टॉपर…

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    गोरखपुर। पिता रोज सुबह से शाम तक ठेले पर गन्ने का जूस बेचते हैं ताकि उनके पांच बच्‍चे पढ़ सकें। ब’चों को भी पिता के संघर्ष की कद्र है और अपनी मेहनत से वे उसे सार्थक भी कर रहे हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में 10वां स्थान पाने वाली रुक्मिणी गुप्ता की सफलता से उनका पूरा परिवार प्रफुल्लित है।

    आगे चलकर बनना चाहती हैं आइएएस अधिकारी

    ज्योति इंटर कॉलेज नाहरपुर की छात्रा रुक्मिणी ने 89.67 फीसद अंकों के साथ हाईस्कूल की परीक्षा में 10वां स्थान प्राप्त किया है। उनके पिता कमलेश गुप्ता अपने सभी ब’चों को पढ़ा-लिखाकर कामयाब बनाना चाहते हैं। कमलेश चार बेटियों और एक बेटे के पिता हैं। उनके लिए आज का दिन काफी गौरवशाली है। रुक्मिणी ने जहां जिले में शीर्ष-10 विद्यार्थियों में अपना नाम दर्ज कराया वहीं बड़ी बेटी चंद्रमणि ने भी 71 फीसद अंकों के साथ हाईस्कूल पास किया। परिवार में इसके पहले किसी ने हाईस्कूल पास नहीं किया था। रुक्मिणी कहती हैं कि वह बड़े होकर आइएएस अधिकारी बनना चाहती हैं ताकि अपने पिता का सपना पूरा कर सकें। कॉलेज के प्रधानाचार्य रवि प्रकाश यादव ने कहा कि छात्रा पढऩे में काफी होनहार है। आर्थिक कमजोरी उसकी पढ़ाई में आड़े नही आने दी जाएगी। कॉलेज के संस्थापक संतराज यादव द्वारा छात्रा को दस हजार रुपए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गयी। रुक्मिणी की माता मीना गुप्ता ने कहा कि वह अपने बच्‍चों को कामयाब देखना चाहती हैं।

    जेल में बंद दहेज हत्या का आरोपित प्रथम श्रेणी हुआ पास

    जिला कारागार में बंद दहेज उत्पीडऩ के आरोपित ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। पिपराइच का रहने वाला शैलेंद्र कुमार सिंह दो साल से गोरखपुर जेल में बंद है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि बंदी ने इंटरमीडिएट की परीक्षा देने के लिए आवेदन किया था। गोरखपुर जेल में परीक्षा कराई गई थी। फैजाबाद जेल के बंदी नजीर खान ने भी गोरखपुर जेल में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। वह भी प्रथम श्रेणी में पास हुआ है।

    परीक्षा देने के बाद भी 24 छात्राएं अनुपस्थित

    यूपी बोर्ड परीक्षा के परिणाम में न्यू पब्लिक कॉलिजिएट इंटर कॉलेज हरदतपुर की 24 छात्राओं को अनुपस्थित दिखाया गया है। इंटर कामर्स, बायोलॉजी व गणित की इन छात्राओं का कहना है कि उन्होंने सभी प्रश्पपत्रों की परीक्षा दी थी। परिणाम देख वे काफी परेशान हैं। प्रधानाचार्य विनय कुमार ओझा ने बताया कि कोई भी छात्रा किसी भी विषय में अनुपस्थित नहीं हुई थी। इसकी शिकायत यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव से की जाएगी।

    पिछले वर्ष की तुलना में सुधरा जिले का परीक्षा परिणाम

    हाईस्कूल व इंटर दोनों के ही परीक्षा परिणामों में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सुधार हुआ है। 2019 में हाईस्कूल की परीक्षा में 79.81 फीसद छात्र-छात्राएं सफल हुए थे। जबकि इस बार सफल होने वाले परीक्षार्थियों का फीसद 82.10 है। इसी तरह इंटर के परीक्षाफल में सुधार हुआ है। गत वर्ष 65.66 फीसद की तुलना में इस वर्ष 71.42 फीसद परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019 में जिले में हाईस्कूल में कुल 81619 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 41588 छात्र व 40031 छात्राएं थीं। 37140 छात्र व 36876 छात्राओं समेत 74016 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें से 28213 छात्र व 30858 छात्राएं उत्तीर्ण रहीं। परीक्षा में जहां 75.76 छात्र सफल रहे। वहीं छात्रों को पीछे छोड़ते हुए 83.68 छात्राएं कामयाब हुईं थीं। इस साल हाईस्कूल में 41232 छात्र व 37697 छात्राओं समेत कुल 78929 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 37430 छात्र व 35270 छात्राओं समेत कुल 72700 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 29378 छात्र व 30311 छात्रा सहित 59689 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए है। यदि फीसद में देखें तो कुल सफल 82.10 परीक्षार्थियों में 78.49 छात्र व 85.94 छात्राएं इस बार परीक्षा में सफल रहीं।

    56.90 छात्र व 74.73 छात्रा सफल रहीं

    इंटरमीडिएट की परीक्षा में इस साल 36284 छात्र व 33674 छात्रा समेत कुल 69958 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 32527 छात्र व 31391 छात्रा सहित 63918 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जबकि 18509 छात्र व 23457 छात्रा समेत 41966 उत्तीर्ण रहे। फीसद में देखें तो उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं में से 56.90 छात्र व 74.73 छात्रा सफल रहीं। जबकि वर्ष-2020 की इंटर की परीक्षा में 37588 छात्र व 31528 छात्रा समेत कुल 69116 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में 36765 छात्र व 31010 छात्रा सहित 67775 शामिल हुए। परीक्षा में सफल 48408 परीक्षार्थी रहे। इनमें 23053 छात्र व 25353 छात्राएं शामिल रहीं। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या फीसद में देखें तो 71.42 फीसद सफल रहे। इनमें 62.71 छात्र व 81.76 छात्राएं रहीं।

     

  • यूपी विश्वविद्यालयों में परीक्षा का फैसला दो जुलाई को

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    लखनऊ । कोरोना वायरस के चलते प्रदेश के विश्वविद्यालयों व डिग्री कालेजों में स्नातक व परास्नातक की परीक्षाओं को लेकर 2 जुलाई को योगी सरकार फैसला लेगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के कुलपति प्रो़ एनके तनेजा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने परीक्षाओं संबंधित अपनी र्पिोट सरकार को सौंप दी है।

    सूत्रो के अनुसार उपमुख्यमंत्री डॉ़ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में कमेटी के प्रस्ताव पर सैद्घांतिक रूप से सहमति बन गई है।

    हालांकि औपचारिक घोषणा दो जुलाई तक ही की जाएगी। प्रदेश के 18 राज्य विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के 48 लाख से अधिक विद्यार्थियों पर इसका असर होगा।

    उपमुख्यमंत्री डा़ दिनेश शर्मा ने कहा कि 2 जुलाई को इस विषय पर फैसला होगा।

    उच्च शिक्षा विभाग ने कोरोना संकट के दौरान विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के आयोजन के लिए चार सदस्यीय समित गठित की थी।

    समिति अपनी र्पिोट डॉ़ दिनेश् शर्मा को सौंपते हुए दूसरे प्रदेशों की तर्ज पर यूपी में भी विवि की परीक्षाएं नहीं कराने और विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के प्रोन्नत करने का सुझाव दिया है।

    इस कमेटी की रिपोर्ट को देखते हुए अब प्रोन्नति पिछली कक्षा में मिले अंक के आधार पर दी जाए या सभी विषयों में मिले अंक में से जिस विषय में ज्यादा अंक मिले हैं उसे आधार मानकर रिजल्ट तैयार किया जाए, इन सब पर मंथन किया जा रहा है। अगर सरकार समिति की सिफारिश को मान लेती है, तो करीब 48 लाख छात्रों को पदोन्नत किया जाएगा।

  • मिशन मोड पर चले ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वच्छता अभियान – सीएम योगी

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    लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस एवं संचारी रोगों को नियंत्रित करने के लिए ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में मिशन मोड पर स्वच्छता अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी यहां मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर अधिकारियों के साथ अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का उपचार, बचाव ही है। इसलिए कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सावधानी व सतर्कता बरतनी आवश्यक है। संचारी रोगों के साथ-साथ कोविड-19 को नियंत्रित करने में स्वच्छता की बड़ी भूमिका है। इसके ²ष्टिगत उन्होंने ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में मिशन मोड पर स्वच्छता अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने अनलॉक-2 व्यवस्था में विभिन्न गतिविधियों को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित कराने के निर्देश दिए और कहा कि केंद्र सरकार के प्राविधानों का अध्ययन करते हुए पूरी तैयारी के साथ अनलॉक-2 व्यवस्था को लागू किया जाए।

    मुख्यमंत्री कोविड-19 महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित प्रचार-प्रसार के कार्य को जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए रेडियो, टीवी के साथ-साथ बैनर, पोस्टर, हैंडबिल आदि के माध्यम से जागरूकता पैदा की जाए।

    उन्होंने कहा कि टिड्डी दल से फसल को कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए कीटनाशक रसायनों के छिड़काव के व्यापक प्रबंध किए जाएं। योगी ने कहा कि खनन से अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त करने के लिए निविदा प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी जाए, जिससे 1 अक्टूबर, 2020 से खनन कार्य शुरू किया जा सके।

  • दूर करेंगे बुंदेलखंड के अभिशाप सूखा को, हर घर को मिलेगा पेयजल- CM योगी आदित्यनाथ

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    झांसी। उत्तर प्रदेश कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार से लड़ रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बुंदेलखंड के हर घर में पानी की व्यवस्था करने के लिए  झांसी के मोठ के ग्राम मुराटा में भूमिपूजन कर मिशन की नींव रखने पहुंचे। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रथम चरण में बुन्देलखंड में  2,185 रुपये करोड़ की 12 ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड में हर घर में नल योजना को हम दो वर्ष के अंदर ही जमीन पर उतार देंगे। हम हर गांव के घर में पाइपलाइन से पेयजल की आपूॢत करा लेंगे। बुंदेलखंड की सबसे बड़ी चुनौती पानी है और अब यहां की मां-बहनों को कहीं दूर पानी लेने नहीं जाना पड़ेगा। हमें जीवन के अन्य प्रयोग के लिए बारिश के पानी का संरक्षण भी करना है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर बुंदेलखंड के साथ प्रदेश के हर खनन माफिया पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश को बर्बाद कर दिया है। ऐतिहासिक धरा बुंदेलखंड में कोई विकास नही हुआ, केवल बातें होती रहीं। विकास अब जमीन पर उतर रहा है।सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के इस बड़े मिशन के शुभारंभ समारोह में सीएम ने कहा कि बुंदेलखंड अब विकास और शुद्ध पेय जल से वंचित नहीं रहेगा। अब बुंदेलखंड की महिलाओं को घर पर ही इस योजना के तहत शुद्ध पेय जल मिल सकेगा। हमें बरसात के पानी के संरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से यहां विकास नहीं हुआ, खनन माफिया लोगों को शोषण करते रहे। पीएम मोदी बुंदेलखंड आए, उन्होंने एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर दिया। अब विकास भी होगा रोजगार भी मिलेगा।

    प्रधानमंत्री की अनुकंपा व आशीर्वाद से आज बुंदेलखंड में पहले चरण में तीन जनपदों में पाइप पेय जल की सभी योजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। आगामी दो वर्ष के अंदर यहां के हर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री की हर घर नल की योजना को साकार करके बुंदेलखंड को प्यास से मुक्त करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि इस धरती पर दुश्मनों के लिए शस्त्र बनेंगे, कोरोना के समाधान में हम लगे हुए हैं, 2 साल के अंदर हर घर में नल देंगे। यहां तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं,  पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हुए।

    पूरी तैयारी के साथ अनलॉक-2 की व्यवस्था होगी लागू 

    वहीं, अनलॉक-2 को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस व्यवस्था में विभिन्न गतिविधियों को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार के प्राविधानों का अध्ययन करते हुए पूरी तैयारी के साथ अनलॉक-2 की व्यवस्था को लागू किया जाए। खनन से अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त करने के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी से प्रारंभ कर दी जाए, जिससे एक अक्टूबर, 2020 से खनन कार्य प्रारंभ किया जा सके। सीएम ने कहा कि एक जुलाई, 2020 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान प्रारंभ हो रहा है। कोविड-19 को नियंत्रित करने में भी स्वच्छता की बड़ी भूमिका है। इसके दृष्टिगत उन्होंने मिशन मोड पर स्वच्छता अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

    पीएम ने की थी जल जीवन मिशन की घोषणा

    बुंदेलखंड में  सूखे के लिए अभिशप्त माने जाते रहे बुंदेलखंड में पेयजल योजनाएं तो बहुत शुरू हुईं, लेकिन तमाम जिले अब भी सूखे की मार झेल रहे हैं। इसी परेशानी को देखते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांदा की रैली से जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी राज्य पेजयल योजना के तहत बुंदेलखंड में काम शुरू कराया।

    67 लाख की आबादी को मिलेगा फायदा 

    तय हुआ कि चार चरणों में परियोजनाएं पूरी होंगी, जिनकी कुल अनुमानित लागत 10131 करोड़ रुपये होगी। मिशन की शुरुआत झांसी, महोबा और ललितपुर से हो रही है। इस योजना का लाभ बुंदेलखंड के झांसी सहित सात जिलों के 3622 राजस्व गांवों की 67 लाख की आबादी को मिलेगा।

    पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बुंदेलखंड का कोई घर प्यासा नहीं रहे और हर घर तक नल का जल पहुंचाया जाए। सर्फेस वॉटर और अंडरग्राउंट वॉटर के माध्यम से घर घर तक पेयजल पहुंचाया जाएगा। पहले चरण में बुंदेलखंड और विंध्याचल में अगले दो साल के भीतर हर घर तक पीने का पानी पहुंचेगा।

    3622 राजस्व गांवों तक पहुंचेगा पानी

    बुंदेलखंड क्षेत्र के जिले झांसी, महोबा, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट के कुल 4513 राजस्व ग्राम हैं, जिनमें से 891 राजस्व ग्राम पहले से ही पेयजल योजनाओं से आच्छादित हैं। शेष 3622 राजस्व गांवों की लगभग 67 लाख आबादी के लिए 479 योजनाओं द्वारा पाइप पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।

    ग्रामीणों से संवाद कर कर फीडबैक भी लेंगे सीएम

    झांसी के जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया कि परियोजना की शिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में रखेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ का गौशाला निरीक्षण और पौधरोपण का भी कार्यक्रम है। मेडिकल कॉलेज के नॉन कोविड अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रामीणों से संवाद कर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में फीडबैक भी लेंगे।

    ऐसे होगी मिशन की शुरुआत

    • झांसी : 1627.94 करोड़ की लागत वाली 10 योजनाएं सतही स्रोत (सरफेस वाटर) पर आधारित होंगी।
    • ललितपुर : 1623.47 करोड़ की लागत वाली 16 सरफेस वाटर रिसोर्स और 12 भूजल (ग्राउंड वाटर) आधारित पाइप पेयजल योजनाएं होंगी।
    • महोबा : 1219.74 करोड़ की लागत से 364 राजस्व गांवों तक पहुंचाया जाएगा पानी।

    यूं पूरे होंगे चार चरण

    • पहला चरण : बुंदेलखंड
    • दूसरा चरण : विंध्याचल
    • तीसरा चरण : इंसेफेलाइटिस व जापानी बुखार से पीड़ित क्षेत्र
    • चौथा चरण : फ्लोराइड और आर्सेनिक ग्रसित गंगा तटीय क्षेत्र।